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                <title>elderly - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>सीढ़ियों से जंग : पेंशन की राशि लेने में हाफंते 38 सौ बुजुर्ग पेन्शनधारी, जानें पूरा मामला </title>
                                    <description><![CDATA[कोई तीन बार रूकी, सीढ़ियों पर ही पीया पानी, दृष्टिहीन-दो पैरों से विकलांग काट रहा चक्कर।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-battle-of-the-stairs--3-800-elderly-pensioners-panting-to-receive-pension-amount/article-146225"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)-(3)6.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। बुढ़ापे में जब कदम धीमे पड़ जाते हैं और घुटने जवाब देने लगते हैं, तब भी कई बुजुर्गों को अपनी पेंशन पाने के लिए सीढ़ियों की लंबी चढ़ाई तय करनी पड़ रही है। जिन लोगों ने अपनी जवानी के दिनों में नौकरी करते हुए बैंक खाते खुलवाए थे, वही लोग अब उम्र के आखिरी पड़ाव में पेंशन लेने के लिए हर बार कठिनाई का सामना कर रहे हैं। शहर के सिविल लाइंस स्थित राजभवन रोड पर मौजूद स्टेट बैंक आफ इंडिया में वर्तमान में करीब 3800 पेँशन खाते सक्रिय है। यहांं शाखा कार्यालय दूसरी मंजिल पर संचालित हो रहा है। यहां पेंशन लेने आने वाले बुजुर्गों को लगभग 18 सीढ़ियां चढ़कर ऊपर पहुंचना पड़ता है। जिन पैरों ने जिंदगी भर परिवार के लिए मेहनत की, वही पैर अब हर सीढ़ी पर थकान और दर्द का एहसास कराते हैं। कई बुजुर्ग बताते हैं कि पेंशन लेने के लिए उन्हें हर दो से तीन महीने में बैंक आना ही पड़ता है। सीढ़ियां चढ़ते समय उन्हें कई बार रुककर सांस लेना पड़ता है, लेकिन मजबूरी यह है कि बिना ऊपर पहुंचे उनका काम नहीं हो पाता।</p>
<p><strong>यहां भी ऐसा ही हाल</strong><br />गुमानपुरा स्थित एसबीबीजे की शाखा भी बरसों से ही दुसरी मंजिल पर संचालित हो रही है। यहां पर भी 2 हजार के लगभग पेंशनर,बुजुर्गो के खाते है । ऐसे में यहां के खातेदारों को भी सीढ़ियों से ही बैंक में जाना पड़ता है। शहर के अन्य बैंको में भी कमोबेश ऐसे ही हालात है जहां वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगों के लिये कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गयी है।</p>
<p><strong>केस नं. 1-</strong> कोटड़ी क्षेत्र की एक महिला पिछले करीब 12 वर्षों से यहां पेंशन लेने आ रही हैं। उन्होंने बताया कि घुटनों की तकलीफ के कारण अब सीढ़ियां चढ़ना बेहद मुश्किल हो गया है। हर बार ऊपर पहुंचते-पहुंचते सांस फूल जाती है, फिर भी पेंशन लेने के लिए आना पड़ता है।</p>
<p><strong>केस नं. 2-</strong> जवाहर सागर बांध क्षेत्र से आई कांति बाई कहती हैं कि उम्र बढ़ने के साथ अब बैंक तक पहुंचना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया है। सीढ़ियां चढ़ते समय उन्हें कई बार रुककर सांस लेना पड़ता है। गांव से किसी व्यक्ति को साथ लाना पड़ता है और उसके आने-जाने का खर्च भी देना पड़ता है।</p>
<p><strong>केस नं. 3-</strong> सिविल लाइंस निवासी राजू खंगार, जो दोनों पैरों से लाचार हैं और आंखों से भी ठीक से नहीं देख पाते, बताते हैं कि उन्होंने दिवाली के बाद अपनी संस्था के लिए बैंक में खाता खुलवाया था। खाते में करीब सात हजार रुपये जमा हैं, लेकिन कुछ कमियां पूरी करने के लिए उन्हें बार-बार बैंक आना पड़ रहा है। उनका कहना है कि उनके जैसे दिव्यांग व्यक्ति को आने के लिये एक अन्य साथी की जरूरत पड़ती है। इसलिए हर बार बैंक आना बेहद कठिन है।</p>
<p><strong>आखिर क्यूं आना पड़ता है बैंक</strong><br />-बैक आने वाले इन ग्राहकों में ज्यादातर को नये नियमों की जानकारीयां ही नहीं है।<br />-बात यो भी है कि बैक द्वारा ऐसी जरूरी बातें आगे होकर इन बुजुर्गो को बतायी ही नहीं गयी ।<br />-कई लोग अंगुठा निशानी का प्रयोग करते हे, ऐसे में पैसे निकलवाने के लिये मूल बैंक में आना ही पड़ता है।<br />-ग्रामीण क्षेत्रों में ई-मित्र या अन्य सहायक सुविधायें मंहगी होती है या फिर कम होती हे ।<br />-खाता स्थानान्तरण करने में बैंको द्वारा आनाकानी ।<br />-मोबाईल नहीं होना या चलाने की परेशानी भी इस उम्र ओंर दिव्यांगो के लिये सबसे बड़ा कारण है ।</p>
<p><strong>बुजुर्ग और दिव्यांगों के लिए डोरस्टेप बैंकिंग</strong><br />बैंकिंग विशेषज्ञों का मानना है कि आज डिजिटल बैंकिंग और आधार आधारित भुगतान जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिनसे घर के पास ही पैसा निकाला जा सकता है। बैंक परिसर में रैंप, व्हीलचेयर और जरूरत पड़ने पर लिफ्ट जैसी व्यवस्था करना व बैंक शाखाओं में बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए अलग या प्राथमिकता काउंटर की व्यवस्था करना अनिवार्य है। 70 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों को नकद जमा-निकासी व अन्य जरूरी सेवाएं घर पर उपलब्ध कराने की सुविधा।यदि कोई घर से आने में लाचार है तो बैक प्रबंधन घर पर भी पैसे देने के लिये किसी कार्मिक को भेजता है। साथ ही बैंक की जिम्मेदारी है कि वह अपने ग्राहकों को इन सुविधाओं के बारे में बताने के लिये आवश्यक सामग्री या जानकारी उपलब्ध करवायें।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />शाखा की पुरानी इमारत को तोड़कर नई बिल्डिंग बनाने का प्रस्ताव विचाराधीन है,और भविष्य में ऐसी सुविधाएं देने का प्रयास किया जाएगा, जिससे बुजुर्गों और दिव्यांगों को परेशानी न हो।<br /><strong>-शदेन्दु पाण्डेय, ब्रांच मैनेजर एसबीआई राजभवन रोड</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Mar 2026 15:20:39 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - यात्रा की सौगात : 1583 बुजुर्गों की लगी लॉटरी</title>
                                    <description><![CDATA[वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-2025]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/asr-khabar-ka---gift-of-travel--1583-elderly-people-won-the-lottery/article-124775"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws96.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । देवस्थान विभाग की ओर से संचालित वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-2025 के अंतर्गत कोटा जिले की लॉटरी प्रक्रिया सोमवार को जिला कलक्टर पीयूष समारिया की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। कोटा जिले से इस योजना के अंतर्गत कुल 10,375 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से लॉटरी द्वारा 1,583 वरिष्ठ नागरिकों का चयन किया गया। इनमें से 1,413 वरिष्ठजन रेल यात्रा तथा 170 वरिष्ठजन हवाई यात्रा के लिए चयनित हुए हैं। लॉटरी समिति में जिला कलक्टर पीयूष समारिया के साथ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेंद्र नगर, पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक  विकास पंड्या, एडिशनल एसपी नीयति शर्मा, एडिशनल एसपी रामकल्याण उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त  के.के. खंडेलवाल, निरीक्षक बृजेश कुमार एवं डीओआईटी से आरती भी उपस्थित रहीं।</p>
<p><strong>यहां की कराई जाएगी यात्रा :</strong> देवस्थान विभाग के अधिकारियों के अनुसार रेल द्वारा यात्राओं में हरिद्वार - ऋषिकेश - अयोध्या - वाराणसी - सारनाथ, मथुरा-वृंदावन-बरसाना-आगरा-अयोध्या, द्वारिकापुरी-नागेश्वर-सोमनाथ, तिरुपति, गंगासागर, जगन्नाथपुरी, रामेश्वरम, वैष्णोदेवी, महाकालेश्वर उज्जैन-औंकारेश्वर सहित अन्य प्रमुख तीर्थ स्थल सम्मिलित हैं।  वहीं हवाई यात्रा के अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों को नेपाल स्थित पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन कराए जाएंगे। इस दौरान जिला कलक्टर पीयूष समारिया ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश सरकार वरिष्ठ नागरिकों की आस्था और सम्मान के प्रति प्रतिबद्ध है। इस योजना के माध्यम से वरिष्ठ जनों को न केवल धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर मिलेगा बल्कि यह यात्रा उन्हें आध्यात्मिक ऊर्जा और मानसिक शांति भी प्रदान करेगी। </p>
<p><strong>नवज्योति ने उठाया था मामला</strong><br />बजट में घोषणा के बाद भी वरिष्ठ नागरिक तीर्थयात्रा के आवेदन की प्रक्रिया की अभी तक शुरू नहीं होने के सम्बंध में 30 जून को दैनिक नवज्योति में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया गया था। जिसमें बताया था कि यात्रा के लिए लोगों का इंतजार लंबा हो रहा हैं। विभाग की ओर से इस साल अभी तक आवेदन नहीं मांगे गए हैं। पूर्व में राज्य सरकार ने मई माह में आवेदन लिए जाने की बात कही थी, लेकिन आॅनलाइन आवेदन का पोर्टल अभी तक शुरू नहीं हुआ है। यात्रा में इस बार र्त्यंबकेश्वर, दश्मेश्वर, गोवा और आगरा जैसे प्रमुख स्थलों को भी शामिल किया गया है। लोग आवेदन शुरू होने का इंतजार कर रहे है लेकिन अभी तक कोई तैयारी नहीं दिख रही है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 Aug 2025 14:46:27 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>अनूठा बंधन : 70 साल लिव-इन रिलेशनशिप में रहने के बाद बुजुर्ग जोड़े ने रचाई शादी, बेटे-पोते भी जमकर नाचे</title>
                                    <description><![CDATA[संभाग के डूंगरपुर जिले के गलंदर गांव में बुजुर्ग महिला-पुरुष की शादी को देखकर हर कोई अचंभित रह गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/unique-bondage-70-years-after-staying-in-a-relationship-elderly/article-116438"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/news-(5)3.png" alt=""></a><br /><p>उदयपुर। संभाग के डूंगरपुर जिले के गलंदर गांव में बुजुर्ग महिला-पुरुष की शादी को देखकर हर कोई अचंभित रह गया। 70 साल तक लिव इन रिलेशनशिप में रहने के बाद उन्होंने बुधवार को शादी कर ली। दूल्हा 95 साल का तो दुल्हन 90 साल की थी। शादी में डीजे पर गांव वालों के साथ इनके बेटे और पोते भी झूमते नजर आए। दूल्हा-दुल्हन ने एक-दूसरे का हाथ थामकर सात फेरे लिए।</p>
<p><strong>बेटे-बेटियों ने कराई शादी :</strong></p>
<p>गलंदर गांव में 70 साल से साथ रह रहे रामा भाई पुत्र माना अंगारी और जीवली देवी ने शादी नहीं की थी। उनके 8 बच्चों की भी शादी हो गई। नाती-पोते भी हो गए। 70 साल बाद उन्होंने घरवालों के सामने सामाजिक रीति-रिवाज से शादी करने की इच्छा जताई। बेटे-बेटियों ने माता-पिता की इच्छा का सम्मान करते हुए धूमधाम से शादी करवाने का फैसला किया। गांव में डीजे पर बिंदौरी निकाली। इसके बाद दोनों ने रीति-रिवाज के साथ सात फेरे लिए। इस शादी से बुजुर्ग दूल्हा-दुल्हन के साथ ही उनके परिवार वाले बेहद खुश नजर आए। </p>
<p><strong>चार बच्चे सरकारी नौकरी में :</strong></p>
<p>दोनों के चार लड़के और चार लड़कियां हैं। बड़ा लड़का बकू अंगारी खेती बाड़ी करता है। दूसरे नंबर का शिवराम अंगारी और कांतिलाल शिक्षक हैं। चौथे नंबर का लक्ष्मण किसान है। पुत्री सुनीता टीचर और अनिता नर्स है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>डूंगरपुर</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Jun 2025 15:20:42 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>बुजुर्गों को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने का प्रयास : 28 मई को वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण और सशक्तिकरण को जिला मुख्यालयों पर होगी एक दिवसीय कार्यशाला</title>
                                    <description><![CDATA[सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग अपनी तरह के अनूठे नवाचार के साथ प्रदेश के बुजुर्गों के कल्याण और सशक्तिकरण के साथ सामाजिक ताने-बाने को मजबूती देने का प्रयास कर रहा है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/efforts-to-make-the-elderly-self-reliant-and-self-reliant/article-115436"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/news58.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग अपनी तरह के अनूठे नवाचार के साथ प्रदेश के बुजुर्गों के कल्याण और सशक्तिकरण के साथ सामाजिक ताने-बाने को मजबूती देने का प्रयास कर रहा है। इसी कड़ी में विभाग द्वारा 28 मई को इंदिरा गांधी पंचायती राज संस्थान के सभागार में राज्य स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इसी तरह की कार्यशाला प्रदेश के सभी जिलों में आयोजित की जाएगी, ताकि बुजुर्ग स्वयं को हर स्तर पर मजबूत और सशक्त महसूस करें। मंत्री अविनाश गहलोत ने बताया की विभाग की मंशा बुजुर्गों (वरिष्ठ नागरिकों) को मानसिक, शारीरिक, कानूनन हर तरीके से स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने की है। उन्हें किसी पर तरह से दूसरों पर आश्रित नहीं रखने की है। </p>
<p>वे स्वस्थ रहेंगे तो सामाजिक ताना-बाना भी मजबूत रहेगा।  कार्यशालाओं में जिले के नामचीन मनोवैज्ञानिक, श्रेष्ठ योग प्रशिक्षक, बेहतरीन आहार विशेषज्ञ, स्वयं सेवी संस्था, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के जिलाधिकारी, पुलिस, सायबर सेल के अधिकारी एवं जिला प्रशासन के अधिकारी सम्बंधित विभिन्न विषयों पर परामर्श देंगे। लगभग 75 से 300 प्रतिभागियों की भागीदारी के अतिरिक्त जनप्रतिनिधि भी उपस्थिति रहेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 26 May 2025 18:31:35 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>अब मतदान अधिकारी घर बैठे आएंगे बुजुर्गों का वोट लेने</title>
                                    <description><![CDATA[जानकारी के अनुसार कोटा जिले में 35 हजार 251 मतदाताओं को घर बैठे मतदान की सुविधा मिलेगी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/now-polling-officers-will-come-sitting-at-home-to-collect-votes-of-the-elderly/article-59292"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/ab-matdaan-adhikari-ghr-bethe-ayenge-buzurgo-ka-bote-lene...kota-news-11-10-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। भारत निर्वाचन आयोग की ओर से पहली बार विधानसभा चुनाव के दौरान बुजुर्गों व दिव्यांगजनों को होम वोटिंग की सुविधा प्रदान की है। इसके तहत कोटा में इस श्रेणी के करीब 35 हजार से अधिक मतदाता घर बैठे मतदान कर सकेंगे। निर्वाचन आयोग की ओर से एक दिन पहले राज्य में विधानसभा चुनाव की घोषणा की है। 23 नवम्बर को होने वाले विधानसभा चुनाव में इस बार राज्य में करीब 5 करोड़ से अधिक मतदात मतदान करेंगे।  वहीं कोटा जिले की 6 विधानसभा सीटों के लिए 14 लाख 45 हजार 506 मतदाता मतदान कर सकेंगेी। इनमें से 35 हजार 251 मतदाता घर से मतदान कर सकेंगे। </p>
<p><strong>80 से अधिक के बुजुर्ग, 40 प्रतिशत दिव्यांगता वाले </strong><br />जिला निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार कोटा जिले में 35 हजार 251 मतदाताओं को घर बैठे मतदान की सुविधा मिलेगी। इनमें से 23 हजार 803 मतदाता बुजुर्ग हैं और 11 हजार 443 मतदाता दिव्यांग है।  निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देश के अनुसार यह सुविधा 80 साल से अधिक आयु वाले बुजुर्गों और 40 प्रतिशत से अधिक विकलांगता वाले दिव्यांगजनों को मिलेगी। बीएलओ द्वारा किए गए सर्वे में अभी तक इस श्रेणी के जिन लोगों ने अपने नाम जुड़वाएं हैं उन्हें यह सुविधा घर बैठे दी जाएगी। </p>
<p><strong>यह रहेगी व्यवस्था</strong><br />निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देश के अनुसार होम वोडिंग की सुविधा का लाभ लेने के लिए बीएलओ व सुपर वाइजर्स द्वारा फार्म 12 डी भरवाया गया है। साथ ही उनकी सहमति भी ली जा रही है। यदि कोई 80 वर्ष से अधिक आयु का बुजुर्ग और 40 प्रतिशत से अधिक विकलांगता वाला दिव्यांग स्वयं चलकर मतदान केन्द्र पर मतदान करने की इच्छा रखता है तो उसे यह सुविधा नहीं दी जाएगी।  आयोग के अनुसार मतदान से पहले निर्वाचन से जुड़े अधिकारी मत पत्र लेकर संबंधित के घर पर जाएंगे। वहां उनका वोट डलवाएंगे।  पुलिस सुरक्षा व वीडिेयोग्राफी के बीच मतदान कर पोस्टल बैलेट को बंद किया जाएगा। मतदान वाले दिन उन्हें शामिल किया जाएगा। </p>
<p><strong>अब कम नजर आएंगे इस तरह के दृश्य</strong><br />हर बार चुनाव के समय बुजुर्ग व दिव्यांग मतदाताओं को मतदान करवाने के लिए कई तरह से मतदान केन्द्रों पर ले जाया जाता है। कहीं खाट पर बैठाकर व लेटाकर तो कहीं गोदी में उठाकर। कहीं व्ीहल चेयर पर तो कहीं कंधे पर बैठाकर। कई जगह पर तो डोली नुमा साधन बनाकर उसमें बुजुर्गों को मतदान केन्द्र तक ले जाने के दृश्य अक्सर दिखाई देते थे। लेकिन इस बार निर्वान आयोग द्वारा बुजुर्ग व दिव्यांगों को होम वोडिंग की सुविधा से इस बार उस तरह के दृश्य बहुत कम देखने को मिलेंगे। सूत्रों के अनुसार उस  तरह के दृश्यों से समाज में अच्छा संदेश नहीं  जाता। उसे समाप्त करने के लिए ही यह सुविधा प्रदान की गई है। </p>
<p><strong>सम्मान से कर सकें मतदान का उपयोग</strong><br />निर्वाचन आयोग ने पहली बार होम वोटिंग की सुविधा दी है। जिसमें 80 साल से अधिक के बुजुर्ग व 40 फीसदी से अधिक दिव्यांगों को यह सुविधा दी जाएगी। कोटा में इन दोनों ही श्रेणियों में करीब 35 हजार से अधिक मतदाता शामिल हैं। जिनका पूर्व में ही चयन हो गया है। संबंधित अधिकारी मतदान से पहले वैलेट पेपर के माध्यम से उनके वोट डलवाएंगे। <br /><strong>-राजकुमार सिंह,  उप जिला निर्वाचन अधिकारी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Oct 2023 15:48:56 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>वृद्धजन परिवार के बोझ नहीं, आधार हैं</title>
                                    <description><![CDATA[अपनी वृद्धावस्था और अशक्तता के कारण वे इस अन्याय को चुपचाप बर्दाश्त करने को मजबूर जीये जा रहे हैं। इनके लिए आवाज उठाने वाली कोई संस्था वा व्यक्ति क्यों नहीं आगे आ रहे हैं?]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/the-elderly-are-not-the-burden-of-the-family-but/article-48846"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/630-400-size-(8)6.png" alt=""></a><br /><p>लो आ गया एक और वृद्धजन दिवस, हर वर्ष की तरह फिर परंपरागत रूप से समारोह और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और वृद्धजनों को बुलाकर फूलों, मालाओं से लाद दिया जाएगा। उनके लिए बड़ी-बड़ी बातें एवं घोषणाएं की जाएंगी। बस इसके बाद फिर वही ढर्रा चलता रहेगा, लेकिन हकीकत में भारतीय समाज में कम से कम यह तो देखा जा रहा है कि आम परिवारों में वृद्धों को वह सम्मान और सामान्य जीवन की सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं, जो उन्हें मिलना चाहिए, यह उनका अधिकार भी हैं। अपनी वृद्धावस्था और अशक्तता के कारण वे इस अन्याय को चुपचाप बर्दाश्त करने को मजबूर जीये जा रहे हैं। इनके लिए आवाज उठाने वाली कोई संस्था वा व्यक्ति क्यों नहीं आगे आ रहे हैं? यह भी एक ताज्जुब का विषय हैं।आज साधारणत: संयुक्त परिवार बिखरते चले जा रहे हैं, आज की पीढ़ी जहां अपने पैरों में खड़ी होती हैं और विवाह होने के बाद मां-बाप से अलग होने की फिराक में लगे रहते हैं। उनसे अगर कुछ मिलने की उम्मीद रहती हैं या वे कुछ अर्थोपार्जन में लगे हैं, तब तब उनकी पूछ परख ठीक तरह से होती हैं। लेकिन जब वे अपनी वृद्धावस्था या अशक्तता के कारण कार्य (अर्थोपार्जन) से रिटायर्ड हो जाते हैं। तभी से उनकी उपेक्षा घर में शुरु हो जाती हैं। आज सामाजिक, आर्थिक परिस्थितियों में तेजी से बदल रहे प्रतिमानों के कारण परिवार उतनी ही तेजी से विघटन की ओर अग्रसर हो रहे हैं। महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता वही पुरुषों का इगो जब टकराता है तो परिवारों को अस्थिर होने में जरा भी समय नहीं लगता। भारतीय परिवार की इस टूटन भरी त्रासदी के बीच वृद्ध अब दो पाटों में गेंहू के समान पीसे जाने को मजबूर हो गए हैं।<br />आज वृद्धजनों को अब वह सम्मानजनक स्थान नहीं मिल पा रहा, जो उन्हें पहले मिलता था। वृद्धावस्था के मायने हैं शक्तिहीन, जर्जर काया और शिथिल मन। शायद इसी कारण प्राचीन शास्त्रों में कहा गया था कि जब मनुष्य यह देखे कि उसके शरीर के बाल पक गए हैं पुत्र के भी पुत्र या पुत्री हो गए हैं, तब उसे सांसारिक सुखों को  छोड़कर वन का आश्रय ले लेना चाहिए। क्योंकि वहीं वह अपने को मोक्ष प्राप्ति के लिए तैयार कर सकता है। आज के परिवेश में अब वह व्यवस्था लागू नहीं की जा सकती। </p>
<p>इसलिए मजबूरन वृद्धों ने अपने आपको पारिवारिक जीवन में ही खपा लिया है। इसीलिए अब शायद उनके सम्मान में कमी आ गई हैं एकाकीपन, सामाजिक असुरक्षा उन्हें व्यथित कर रही हैं आज समूचा संसार वर्ष 2023 को विश्व वृद्धजन वर्ष के रुप में मना रहा हैं और उनकी संतानें अर्थात युवाजनों द्वारा वृद्धों की उपेक्षा, मानसिक कष्ट दिए जाने की घटनाएं आम हो चली हैं। वृद्धजन जो उम्र भर बैल के समान परिवार की गाड़ी को अपने कंधों पर खींचता है। अपने संतानों को पाल पोसकर उसे शिक्षा दीक्षा देकर बड़ा करता है। और जब उसके थकेहारे उम्रदराज हो चुके शरीर को सहारे की आवश्यकता पड़ती है तो उनकी एहसान फरामोश संताने उन्हें अपना बोझ समझकर ठुकराने पर तुल उठती है। यही कारण है कि अब वृद्धों के लिए वृद्धावस्था अभिशाप बन गई हैं उनकी संतानें ये क्यों भूल जाती हैं कि आज वे, जो वृद्ध हैं कभी वेल अपना बचपन उन्हीं के सहारे गुजारे हैं, अब जब वे अकेले और निशक्त हैं उन्हें जरुरत है सहारे की वैसे भी वृद्धों को उचित सहारे देखभाल की आवश्यकता होती हैं। पर वर्तमान पीढ़ी परिवार के वृद्धों को बोझ मानकर उनके उचित देखभाल के दायित्व को नकार देती हैं। जिससे वृद्धों को कष्टकर जीवन बिताने के लिए विवश होना पड़ता हैं। आज का युवा वर्ग वृद्धों को पिछड़पने की निशानी समझती हैं। और उनकी तथा उनके समस्याओं को अनदेखा करती हैं। गरीब तथा ग्रामीण परिवेश के वृद्धों की हालत तो और भी खराब है। उन्हें तो दो जून की रोटी या सर छिपाने के लिए घर भी नसीब नहीं होता। उनके घर वाले उन्हें मारे-मारे फिरने तथा वृद्धाश्रमों में शरण लेने के लिए मजबूर कर देते हैं।</p>
<p>अब जरूरत है कि समाज, परिवार तथा सरकार वृद्धों के कल्याण के लिए कुछ ठोस कदम उठाए। सभी का नैतिक दायित्व बनता है कि वृद्धजनों के प्रति स्वस्थ्य तथा सकारात्मक दृष्टिकोण रखें। सरकार को भी चाहिए कि वृद्धों को सामाजिक सुरक्षा दिलाने की व्यवस्था बनाएं। उनके स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए निशुल्क चिकित्सा व्यवस्था की शुरुआत करनी चाहिए। सार्वजनिक यातायात में वृद्धों को छूट मिलनी चाहिए। राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना में सुधार करना होगा एवं वृद्धों को समुचित पेंशन दी जानी चाहिए। उनके लिए आजीवन के लिए साधन भी उपलब्ध कराना होगा। यह सामाजिक संगठनों का उत्तरदायित्व हैं। आज की पीढ़ी अगर इसी तरह वृद्धों को अनादर, उपेक्षा और उनके जीवन में रोड़ा बिछायेंगें तो यह उन्हें अच्छी तरह से समझ लेना होगा कि आने वाले भविष्य के दिनों में वे स्वयं भी वृद्ध अवश्य ही होंगे। तब स्वयं उनकी संतानें भी परंपरानुसार उनके ही पद चिन्हों पर ही चलेगी। इसमें कोई दो मत नहीं हैं। तब क्या होगा...? अगर यह सब सोच लो तो वृद्धों की समस्या ही खत्म हो जाएं।  </p>
<p><strong>-सुरेश सिंह बैस शाश्वत</strong><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 15 Jun 2023 10:18:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>दुकान के बाहर सो रहे बुजुर्ग की पत्थर से कुचलकर हत्या</title>
                                    <description><![CDATA[गुमानपुरा थाना क्षेत्र में सोमवार तड़के  एक बुजुर्ग की अज्ञात हमलावरों ने पत्थर मार कर हत्या कर दी। बुजुर्ग रोजाना की तरह दुकान के बाहर सो रहा था। रात को अज्ञात बदमाशों ने सोते समय पत्थर से उसका सिर कुचल दिया।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/elderly-sleeping-outside-the-shop-was-crushed-to-death-by-stone/article-13570"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/so-rahe-bujurg-ki-pathar-se-hatya.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा ।  गुमानपुरा थाना क्षेत्र में सोमवार तड़के  एक बुजुर्ग की अज्ञात हमलावरों ने पत्थर मार कर हत्या कर दी। बुजुर्ग रोजाना की तरह दुकान के बाहर सो रहा था। रात को अज्ञात बदमाशों ने सोते समय पत्थर से उसका सिर कुचल दिया। जिससे उसकी मौत हो गई।  सूचना पर घटना स्थल पर पुलिस उप-अधीक्षक अंकित जैन, थानाधिकारी मुकेश कुमार मीणा पुलिस जवानों के साथ पहुंचे और दुकान के बाहर पड़े बुजुुर्ग के शव को एमबीएस अस्पताल के मोर्चरी में रखवाया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। पुलिस ने मौके पर एफएसएल टीम व डॉग स्क्वार टीम को बुलाया है तथा साक्ष्य जुटाए गए हैं। मृतक के सिर पर गहरा चोट का निशान तथा कान पर भी गहरा घाव है। शव दुकान के बाहर ही खून में लथपथ पड़ा था। <br /><br /> पुलिस निरीक्षक मुकेश कुमार मीणा ने बताया कि सुरेश कुमार धोबी (60)पुत्र पन्नालाल निवासी महावीर नगर रंग विहार  कॉलोनी  पिछले 15 सालों से यहां छावनी में ड्राई क्लीनर की दुकान संचालित करता था। वह रात को दुकान को बंद करने के बाद बाहर ही सो जाता था। वह मानसिक रूप से अस्वस्थ था तथा परिवार के लोगों से दूर ही रहता था। कभी-कभी आवागमन करने वालों से गाली गलोच भी करता था। अभी तक हत्या के कारणों का पता नहीं लगा है। पुलिस का मानना है कि सुरेश की हत्या रात 12 बजे के बाद ही हुई है। संभवत: गाली गलोच करने को लेकर किसी से कहासुनी हुई है और फिर उसने रात को सोते समय उसके सिर पर पत्थर से हमला कर दिया है। <br /><br /> पुलिस उप-अधीक्षक अंकित जैन ने बताया कि मृतक सुरेश अपने परिवार के सदस्यों से  लंबे समय से दूर रहता था। अकेला ही था तथा मोबाइल भी नहीं रखता था और परिवार के किसी सदस्य से कोई संपर्क नहीं रखता था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 Jul 2022 14:37:51 +0530</pubDate>
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                <title>हत्या की रंजिश के चलते मारपीट में बुजुर्ग की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[दयपुर/फलासिया। जिले के पानरवा थाना क्षेत्र में आमड़ा गांव में लंबे समय से चल रही रंजिश का बदला शनिवार रात को दूसरी पीढ़ी के लोगों ने ले लिया। करीब 11 साल पहले मृतक ने एक आरोपी के पिता की हत्या कर दी थी। मामले में पुलिस ने दो भाइयों व उनके दो पुत्रों को हिरासत में लिया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/elderly-dies-in-fight-due-to-murder-rivalry/article-11401"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/ee1.jpg" alt=""></a><br /><p> उदयपुर/फलासिया। जिले के पानरवा थाना क्षेत्र में आमड़ा गांव में लंबे समय से चल रही रंजिश का बदला शनिवार रात को दूसरी पीढ़ी के लोगों ने ले लिया। करीब 11 साल पहले मृतक ने एक आरोपी के पिता की हत्या कर दी थी। मामले में पुलिस ने दो भाइयों व उनके दो पुत्रों को हिरासत में लिया है।</p>
<p><br />थानाधिकारी रामसिंह ने बताया कि शनिवार रात करीब नौ बजे आमड़ा निवासी अर्जुनसिंह (65) पुत्र नानसिंह की लट्ठ एवं लकड़ियों से मारपीट कर हत्या कर दी गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि उसकी मौत तिल्ली व लीवर फटने से शरीर में खून जमा होने से हुई। मामले को लेकर मृतक की पुत्री कमला ने रिपोर्ट दी कि शनिवार रात आठ-साढ़े आठ बजे उसके पिता खेत पर मोटर बंद कर घर लौट रहे थे। रास्ते में नीलेश, रतन सिंह और कल्याण मिले, जिन्होंने उसके पिता से मारपीट की। इससे वे नीचे गिर पड़े। घायलावस्था में अर्जुन सिंह को घर लाए, जहां उसकी मौत हो गई।</p>
<p><br />जांच में सामने आया कि मृतक अर्जुनसिंह ने वर्ष 2011 में एक आरोपी देवीसिंह के पिता की हत्या कर दी थी जिसके बाद वह जेल चला गया था। वर्ष 2017 में जमानत पर छूट कर गांव लौटा था। देवीसिंह ने उसके पिता की हत्या के आरोपी को ठिकाने लगाने की योजना बनाई जिसमें छोटे भाई रतनसिंह, बेटे नीलेश व भतीजे कल्याण को शामिल किया। मारपीट के दौरान देवीसिंह मौके पर नहीं गया और शेष तीन आरोपियों ने अर्जुनसिंह के साथ मारपीट की जिससे उसकी बाद में मौत हो गई। सूचना पर कोटड़ा डीएसपी कुशालराम चोरड़िया व उदयपुर से एफएसएल टीम भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवा उसे परिजनों को सौंप दिया, वहीं चारों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।</p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Jun 2022 12:12:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[udaipur]]></dc:creator>
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                <title>बुजुर्ग  पर  चाकू से हमला करने के मामले में दो गिरफ्तार  </title>
                                    <description><![CDATA[ताबिश की हत्या का बदला लेने की नियत से बुजुर्ग  पर चाकू से हमला करने  के आरोप में  गुमानपुरा पुलिस ने मंगलवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है । ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/two-arrested-for-attacking-elderly-person-with-knife/article-9077"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/bujurg-hamla-kota.jpg" alt=""></a><br /><p> कोटा । ताबिश की हत्या का बदला लेने की नियत से बुजुर्ग  पर चाकू से हमला करने  के आरोप में  गुमानपुरा पुलिस ने मंगलवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है । पुलिस दोनों आरोपियों को बुधवार को कोर्ट में पेश  करेगी । <br /><br />पुलिस इंस्पेक्टर लखन लाल मीणा ने  बताया 30 अप्रैल को घायल के भाई  अब्दुल हनीफ निवासी छत्रपुरा  ने रिपोर्ट दी थी । रिपोर्ट में बताया  कि  उसका भाई अब्दुल फरीद शेख गुमानपुरा स्थित सब्जी मंडी में लोडिंग टेंपो में चारा लेने आया था । इस दौरान बाइक पर सवार होकर आए दो नकाबपोश बदमाशों ने  उस पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया । जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया । पुलिस ने मामले में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ जान से मारने की  नियत से चाकू से हमला करने का मुकदमा दर्ज किया था । अनुसंधान के दौरान सामने आया कि मामला 27 अप्रैल 2022 को ताबिश हत्याकांड से जुड़ा हुआ है । इस पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मृतक के रिश्तेदारों और परिजनों पर निगरानी रखी । उनकी गतिविधियों पर पूरा ध्यान रखते हुए जानकारी मिली कि  घटना वाले दिन अब्दुल अजीज पुत्र मोहम्मद साकिर निवासी गोवर्धनपुरा थाना गुमानपुरा अजीम मोहम्मद पुत्र कादिर मोहम्मद उम्र 38 साल निवासी चुना भट्टा अमन कॉलोनी विज्ञान नगर ने ताबिश की हत्या का बदला लेने के लिए अब्दुल फरीद शेख को जान से मारने की नियत से चाकू से हमला किया है । पुलिस ने दोनों आरोपियों को डिटेन किया और पूछताछ के बाद दोनों को गिरफ्तार किया । आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 May 2022 14:54:12 +0530</pubDate>
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                <title> बुजुर्ग पर चाकू से हमला , सब्जीमंडी में लेने आया था चारा </title>
                                    <description><![CDATA[ गुमानपुरा थाना क्षेत्र में शनिवार को एक बुजुर्ग व्यक्ति को चाकू मारकर घायल करने का मामला सामने आया है । घायल को एमबीएस अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका उपचार जारी है । 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/elderly-attacked-with-a-knife--came-to-the-vegetable-market-to-take-fodder/article-8875"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/65465465411.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । शहर के गुमानपुरा थाना क्षेत्र में शनिवार को एक बुजुर्ग व्यक्ति को चाकू मारकर घायल करने का मामला सामने आया है । घायल को एमबीएस अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका उपचार जारी है । बुजुर्ग की हालत गंभीर बताई जा रही है, हालांकि डॉक्टरों ने आॅपरेशन कर दिया है । इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है । <br /><br />एएसआई धनराज गुर्जर ने बताया कि संजय नगर सब्जी मंडी, विज्ञान नगर निवासी अब्दुल फरीद उम्र 62 साल 11:45 बजे सब्जी मंडी में लोडिंग टेंपो  चारा  लेने आया था। जहां बाइक पर सवार आए तो नकाबपोश बदमाशों ने उस पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया । मंडी में मौजूद लोगों ने उसे तुरंत एमबीएस अस्पताल में भर्ती करवाया जहां उसका उपचार जारी है सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले में पीड़ित के पर्चा बयान पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है, उधर इस मामले को विज्ञान नगर में हुई युवक की हत्या से जोड़कर देखा जा रहा है । एएसआई ने बताया कि विज्ञान नगर ताबिश मर्डर मामले में पीड़ित अब्दुल फरीद के दोनों बेटे जेल में हैं ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 Apr 2022 15:02:08 +0530</pubDate>
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