<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/vegetable-market/tag-19386" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>vegetable market - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/19386/rss</link>
                <description>vegetable market RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>असर खबर का - गर्मी में अब प्यासे कंठों की बुझने लगी प्यास </title>
                                    <description><![CDATA[थोक फलसब्जी मंडी परिसर में वाटर कूलर खराब होने के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-impact-of-the-news---thirst-of-thirsty-throats-is-now-being-quenched-in-the-summer/article-112087"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/rtrer-(3)12.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । भीषण गर्मी के दौर में शहर की सबसे बड़ी थोक फलसब्जी मंडी में प्यासे भटक रहे ग्राहकों, मजूदरों व सब्जी विक्रेताओं को अब राहत मिल गई। मंडी प्रशासन ने यहां खराब पड़े तीन वाटर कूलरों को चालू करवा दिया है। वहीं चार प्याऊ भी शुरू कर दी गई। इसके अलावा ठेलों के माध्यम से भी मंडी परिसर में शीतल जल पिलाया जाने लगा है। इन दिनों भीषण गर्मी का दौर चल रहा है। इसके बाद भी मंडी परिसर में पीने के पानी की समुचित व्यवस्था नहीं थी। इससे मंडी में आने वाले किसान, मजदूर, ग्राहक और व्यापारी ठंडे पानी के लिए तरस रहे थे। अब पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था होने से सभी को काफी राहत मिली है।</p>
<p><strong>मंडी परिसर में घूमकर पिला रहे पानी</strong><br />थोक फलसब्जी मंडी परिसर में वाटर कूलर खराब होने के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चार वाटर कूलर भी शोपीस बने हुए थे और प्याऊ का संचालन भी बंद था। अब मंडी प्रशासन ने चार में से तीन वाटर कूलरों को ठीक करवा दिया है। वहीं चौथे कूलर को भी ठीक करवाया जा रहा है। इसके अलावा परिसर में अलग-अलग स्थानों पर बनी हुई पक्की प्याऊ को भी शुरू कर दिया है। मंडी प्रशासन द्वारा तीन ठेलों द्वारा भी परिसर में घूमकर ग्राहकों और सब्जी विक्रेताओं को पानी पिलाने का कार्य भी शुरू कर दिया है। इसके लिए अलग से बर्फ का इंतजाम किया गया है, ताकि लोगों को शीतल जल उपलब्ध हो सके।  </p>
<p><strong>नवज्योति ने उठाई परेशानी तो हरकत में आया मंडी प्रशासन</strong><br />भीषण गर्मी के दौर में भी थोक फल मंडी परिसर में पेयजल की व्यवस्था नहीं होने के सम्बंध में 19 अप्रैल को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। इसमें बताया था कि मंडी परिसर में किसान, व्यापारी व मजदूर ठंडे पानी के लिए तरस रहे हैं। मंडी में चार वाटर कूलर लगे हुए हैं। काफी समय से इनकी मरम्मत नहीं हो पाई है। इस कारण इनका उपयोग नहीं हो पा रहा है। ऐसे में गर्मी के मौसम में लोगों का हलक तर नहीं हो पा रहा है। मंडी प्रतिदिन काफी संख्या में किसान व व्यापारी दूर दराज क्षेत्रों से आते है। वाटर कूलर खराब होने से उन्हें ठंडा पानी नहीं मिल पा रहा है। </p>
<p>गर्मी के मौसम में मंडी परिसर में पेयजल की उचित व्यवस्था नहीं होने से परेशानी हो रही थी। अब मंडी प्रशासन ने खराब वाटर कूलरों को ठीक करवा कर चालू करवा दिया है। इससे अब राहत मिली है।<br /><strong>- भीमाराम डांगी, श्रमिक</strong></p>
<p>मंडी में दोपहर तक कारोबार चलता है। इसके बावजूद पानी की व्यवस्था नहीं थी। बाहर से पानी लाना पड़ता था। अब सुबह से ठेले पर चलती फिरती प्याऊ चालू हो गई है। जिससे ठंडे पानी के लिए अब भटकना नहीं पड़ता है।<br /><strong>- नितेष सैनी, सब्जी विक्रेता</strong></p>
<p>मंडी परिसर में खराब पड़े वाटर कूलरों को ठीक करवा दिया है और चार प्याऊ भी संचालित कर दी है। इसके अलावा ठेलों में पानी के मटके रखकर परिसर में घुमाया जा रहा है ताकि किसी को पानी की दिक्कत नहीं आए। <br /><strong>- विश्वजीत सिंह, सचिव, थोक फलसब्जी मंडी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-impact-of-the-news---thirst-of-thirsty-throats-is-now-being-quenched-in-the-summer/article-112087</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-impact-of-the-news---thirst-of-thirsty-throats-is-now-being-quenched-in-the-summer/article-112087</guid>
                <pubDate>Sat, 26 Apr 2025 15:33:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-04/rtrer-%283%2912.png"                         length="564892"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कैसे बुझेगी प्यास, वाटर कूलर में नहीं वाटर</title>
                                    <description><![CDATA[ वाटर कूलर खराब होने से उन्हें ठंडा पानी नहीं मिल पा रहा है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/how-will-the-thirst-be-quenched--there-is-no-water-in-the-water-cooler/article-111335"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/rtr2er.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर की सबसे बड़ी थोक फलसब्जी मंडी में मूलभूत सुविधाओं का अभाव लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। इन दिनों भीषण गर्मी का दौर चल रहा है। इसके बाद भी मंडी परिसर में पीने के पानी की समुचित व्यवस्था नहीं है। मंडी में आने वाले किसान, मजदूर, ग्राहक और व्यापारी ठंडे पानी के लिए तरस रहे हैं। मंडी परिसर में चार जगह वाटर कूलर लगाए गए हैं. लेकिन हालात यह हैं कि दो वाटर कूलर पूरी तरह से खराब पड़े है, जबकि बाकी दो से पानी तो आता है लेकिन वह ठंडा नहीं होता है। ऐसे में यह वाटर कूलर भी शोपीस बने हुए हैं। इसके अलावा मंडी परिसर में पेयजल का अन्य कोई स्रोत नहीं है। इस कारण लोगों को पानी के लिए मंडी परिसर के बाहर जाकर अन्य स्थानों से जुगाड़ करना पड़ता है। </p>
<p><strong>पेयजल व्यवस्था के ये हाल</strong><br />भीषण गर्मी के दौर में मंडी समिति में किसान, व्यापारी व मजदूर ठंडे पानी के लिए तरस रहे हैं। मंडी में चार वाटर कूलर लगे हुए हैं। एक चेकपोस्ट के पास, दूसरा शिव मंदिर के पास तथा तीसरा गेट और चौथा मंडी परिसर के कौने में लगा हुआ है। इसमें चेकपोस्ट और फल व सब्जी मंडी में लगे वाटर कूलर खराब पड़े है। काफी समय से इनकी मरम्मत नहीं हो पाई है। इस कारण इनका उपयोग नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा मंदिर के पास लगा वाटर कूलर सही है, लेकिन वह ठंडा पानी नहीं दे रहा है। ऐसे में गर्मी के मौसम में यह भी लोगों का हलक तर नहीं कर पा रहा है। मंडी प्रतिदिन काफी संख्या में किसान व व्यापारी दूर दराज क्षेत्रों से आते है। वाटर कूलर खराब होने से उन्हें ठंडा पानी नहीं मिल पा रहा है। </p>
<p><strong>शीतल प्याऊ शुरू होने का इंतजार</strong><br />मंडी परिसर में करोड़ों का कारोबार होने के बाद भी पेयजल की उचित व्यवस्था नहीं है। अब भीषण गर्मी के दौर में मंडी परिसर में पेयजल संकट बना हुआ है। मंडी परिसर में हर साल विभिन्न स्थानों पर ठंडे पानी के लिए प्याऊ संचालित की जाती है। इन प्याऊ में बर्फ की व्यवस्था करने के लिए टैंडर निकाला जाता है। इसके बाद पूरे गर्मी के सीजन में प्याऊ के माध्यम से सभी को शीतल पेयजल उपलब्ध कराया जाता है, लेकिन इस साल अभी तक भी  मंडी परिसर में प्याऊ शुरू नहीं की गई है। जिससे किसानों, ग्राहकों व सब्जी विक्रेताओं को पेयजज संकट का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p><strong>इन्हें कैम्परों से बुझानी पड़ रही प्यास</strong><br />थोक फल सब्जी मंडी के व्यापारियों और विक्रेताओं को भी पानी की व्यवस्था के लिए कैम्पर मंगाने पड़ रहे हैं। व्यापारियों और विक्रेताओं का कहना है कि  उन्हें तीस रुपए का पानी का कैंपर मंगवाकर काम चलाना पड़ता है। यहां पर काफी समय से पानी की उचित व्यवस्था नहीं है। ऐसे में कैम्परों मंगवा कर रखना पड़ता है। इन्हीं कैम्परों से किसान और ग्राहक अपनी प्यास बुझाते हैं। वहीं मजदूरों का कहना है कि पानी की किल्लत के चलते उनकी रोजमर्रा की जरूरतें भी पूरी नहीं हो पा रही हैं। भीषण गर्मी में पानी की व्यवस्था होनी चाहिए। </p>
<p>आढ़ती अपने निजी खर्च पर रोजाना ठंडे पानी के कैम्पर मंगाते है। इसके बाद आढ़त पर आने वालों को ठंडा पानी मिलता है, लेकिन यह हर कोई आढ़ती नहीं कर रहा है। यहां पर पानी की व्यवस्था होना जरूरी है।<br /><strong>- विपिन कुमार, आढ़तिया</strong></p>
<p>मंडी प्रशासन को चाहिए कि वह सभी के लिए ठंडा पानी उपलब्ध कराए। इसके लिए मंडी में लगे वाटर कूलर को सही कराया जाए। जिससे ऐसी भीषण गर्मी में लोगों को ठंडा पानी मिल सके।<br /><strong>- मुरारीलाल, मजदूर</strong></p>
<p>अभी भीषण गर्मी का दौर चल रहा है। इसके बावजूद मंडी परिसर में कहीं भी ठंडे पानी की व्यवस्था नहीं है। यहां सब्जी खरीदने आने वाले ग्राहक भी पानी के लिए भटकते रहते हैं। मंडी पानी की सुविधा जरूरी है।<br /><strong>- मनोरमा देवी, ग्राहक</strong></p>
<p>अभी मैं अवकाश पर हूं। मंडी में चार में से दो वाटर कूलर चल रहे हैँ। खराब वाटर कूलरों को भी दिखवाया जाएगा। वहीं जल्द ही बर्फ का टैंडर करवा कर मंडी परिसर में प्याऊ संचालित कर दी जाएगी।<br /><strong>- विश्वजीत सिंह, सचिव, थोक फलसब्जी मंडी कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/how-will-the-thirst-be-quenched--there-is-no-water-in-the-water-cooler/article-111335</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/how-will-the-thirst-be-quenched--there-is-no-water-in-the-water-cooler/article-111335</guid>
                <pubDate>Sat, 19 Apr 2025 14:54:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-04/rtr2er.png"                         length="447835"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अब थाली में सजने लगी सब्जियां, भाव आए जमीन पर </title>
                                    <description><![CDATA[हरी सब्जियों के ग्राहक नहीं मिल रहे हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/now-the-prices-of-vegetables-in-the-plate-have-started/article-100167"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/5554-(2)13.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। अब सब्जियों के भाव जमीन पर आ गए हैं। थोक में सब्जियां दो से दस रुपए प्रति किलो बिक रही है। मुहाना मंडी में गोभी, पत्ता गोभी, टमाटर और गाजर दो रुपए से दस रुपए प्रति किलो तक बिक रहे हैं। शादी ब्याह की मांग नहीं है। हरी सब्जियों के भी ग्राहक नहीं मिल रहे हैं। जयपुर फल सब्जी थोक विक्रेता संघ मुहाना मंडी अध्यक्ष योगेश तंवर ने बताया कि आवक भरपूर बनी हुई है। जयपुर के आस पास से सब्जियों की आवक लगातार बढ़ रही है।</p>
<p><strong>मुहाना मंडी में सब्जियों के भाव :</strong></p>
<p>पत्ता गोभी : 2 से 5 रुपए प्रति किलो <br />गोभी : 2 से 5 रुपए प्रति किलो <br />गाजर : दो से दस रुपए प्रति किलो <br />टमाटर : 2 से 10 रुपए प्रति किलो <br />घीया : 5 से 10 रुपए प्रति किलो <br />पालक : 5 से 10 रुपए प्रति किलो <br />मूली : 10 रुपए प्रति किलो <br />बथुआ : 30 से 40 रुपए प्रति किलो <br />शिमला मिर्च : 20 रुपए प्रति किलो <br />खीरा : 20 से 30 रुपए प्रति किलो <br />हरे प्याज : 20 रुपए प्रति किलो <br />आलू : 20 रुपए प्रति किलो <br />प्याज : 20 रुपए प्रति किलो <br />नींबू 50 से 70 रुपए प्रति किलो <br />बैंगन 30 रुपए प्रति किलो <br />कद्दू 30 रुपए प्रति किलो <br />हरा धनिया : 30 रुपए प्रति किलो <br />कच्ची हल्दी : 40 से 50 रुपए प्रति किलो <br />लाल मिर्च : 60 रुपए प्रति किलो <br />चुकंदर : 40 रुपए प्रति किलो <br />अदरक : 50 से 140 रुपए प्रति किलो <br />मटर : 30 से 50 रुपए प्रति किलो</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/now-the-prices-of-vegetables-in-the-plate-have-started/article-100167</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/now-the-prices-of-vegetables-in-the-plate-have-started/article-100167</guid>
                <pubDate>Thu, 09 Jan 2025 15:12:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-01/5554-%282%2913.png"                         length="582445"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जाम से प्रभावित हो रहा कारोबार, व्यापारियों, किसानों और ग्राहकों को करना पड़ता है परेशानी का सामना </title>
                                    <description><![CDATA[शहर के बीच में स्थित थोक फल सब्जी मंडी में सुबह से शाम तक बार-बार जाम लगता रहता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/business-is-getting-affected-by-the-jam/article-99799"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/257rtrer9.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में एरोड्राम के पास स्थित थोक फल सब्जीमंडी में माल की ज्यादा आवक होने के कारण रोजाना जाम की स्थिति बनने लगी है। माल की अधिकता से मंडी परिसर छोटा पड़ने लगा है। शहर के बीच में स्थित थोक फल सब्जी मंडी में सुबह से शाम तक बार-बार जाम लगता रहता है। ऐसे में फल सब्जी व्यापारियों, किसानों और ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस मंडी के विस्तार के लिए वर्ष 2018 में प्रयास किए गए थे, लेकिन वन विभाग से एनओसी प्रमाण पत्र नहीं मिलने के कारण मामला अटक गया है। </p>
<p><strong>विभिन्न राज्यों से आते हैं फल व सब्जियां</strong><br />मंडी के व्यापारियों के अनुसार मंडी में महाराष्टÑ, गुजरात, मध्यप्रदेश, पुणे, उत्तर प्रदेश, जम्मू कश्मीर, बैंगलुरु से विभिन्न तरह के फल बिक्री के लिए आते हैं। इसके अलावा कोटा सहित हाड़ौती के जिलों से काफी मात्रा में सब्जियों की आवक होती है। माल की आवक लगातार बढ़ने के कारण अब मंडी परिसर छोटा पड़ने लगा है। मंडी में माल से भरे ट्रक, मिनी ट्रक और अन्य वाहनों के कारण दिनभर में कई बार जाम लगा रहता है। इससे एरोड्राम चौराहे के आसपास व डीसीएम रोड पर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। बाहर से फलों और सब्जियों से भरे वाहन शाम को ही आना शुरू होते हैं। जो देर रात तक आते रहते हैं। सुबह फल और सब्जी बेचने का काम होता है। इसके बाद वाहन माल बेचकर वापस लौट जाते हैं। </p>
<p><strong>लहसुन का भी हो रहा कारोबार</strong><br />शहर में भामाशाहमंडी के अलावा थोक फलसब्जी मंडी में भी लहसुन की खरीद-फरोख्त की जाती है। ऐसे में यहां पर भी काफी संख्या में किसान लहसुन बेचने के लिए आते हैं। वर्तमान में यहां पर पांच से छह हजार कट्टे लहसुन की आवक हो रही है। किसान अपने माल को बड़े वाहनों में लेकर आते हैं। इस दौरान सब्जी के वाहनों के कारण जाम लगने से किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में कई बार लहसुन की नीलामी में भी देरी हो जाती है। किसानों का कहना है कि मंडी परिसर छोटा पड़ने से आवागमन में दिक्कत आती है। इसका समाधान होना चाहिए। </p>
<p><strong>ठंडे बस्ते में मंडी शिफ़्ंिटग का मामला</strong><br />थोक फल सब्जीमंडी को दूसरी जगह शिफ्ट करने के प्रयास 2018 में हुए थे। उस समय चन्द्रेसल के पास मंडी स्थापित करने के लिए 72 बीघा जमीन चिहिन्त की गई थी, लेकिन जमीन घड़ियाल अभयारण्य क्षेत्र में होना बताकर  वन विभाग ने स्वीकृति जारी नहीं की। इस मामले में यूआईटी ने मंडी समिति से 19 करोड़ की डिमांड राशि मांगी थी, लेकिन मंडी प्रशासन ने इतनी राशि जमा कराने में असमर्थता जताई थी। इसके बाद पूरा मामला ठंडे बस्ते में चला गया। ऐसे में वर्तमान मंडी परिसर छोटा होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।   </p>
<p>थोक फल सब्जीमंडी में माल की आवक बढ़ने लगी है। जिससे मंडी परिसर छोटा पड़ने लगा है। बाहर से माल लेकर आने वाले वाहन जाम में फंस जाते हैं। इससे व्यापारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस मंडी को विस्तार की दरकार है। तभी समस्या का समाधान हो सकेगा।<br /><strong>- शब्बीर वारसी, प्रमुख व्यापारी</strong></p>
<p> थोक फल सब्जीमंडी के आसपास के क्षेत्र को जाम से बचाने के लिए चन्द्रसेल में शिफ्ट करने के लिए पूर्व में प्रयास हुए थे, लेकिन वन विभाग घड़ियाल अभयारण्य क्षेत्र बताकर एनओसी नहीं दी। अभी मंडी को शिफ्ट करने के कोई प्रयास नहीं चल रहे हैं। मंडी शहर के बीच में होने के कारण रोजाना जाम की समस्या होती रहती है।<br /><strong>- विश्वजीत सिंह, सचिव, थोक फल सब्जीमंडी कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/business-is-getting-affected-by-the-jam/article-99799</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/business-is-getting-affected-by-the-jam/article-99799</guid>
                <pubDate>Mon, 06 Jan 2025 14:31:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-01/257rtrer9.png"                         length="709645"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सड़क बन गई सब्जीमंडी, अतिक्रमण से चरमराई व्यवस्था </title>
                                    <description><![CDATA[नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/road-has-become-a-vegetable-market--system-has-collapsed-due-to-encroachment/article-95023"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/6630400-sizee12.png" alt=""></a><br /><p>बारां। जिला मुख्यालय पर स्थित सब्जीमंडी की व्यवस्थाएं बिल्कुल चरमराई हुई है। जिधर देखो, उधर अतिक्रमण की बाढ़ आई हुई है, न सड़क का पता और ना ही पार्किंग की व्यवस्था। नगर परिषद द्वारा निर्धारित किए गए सब्जी मंडी परिसर में तो सब्जी विके्रता दुकान लगाते ही हैं किंतु परिसर के बाहर अच्छी-खासी चौड़ी सड़क को भी सब्जी विके्रताओं ने पाल-पल्ली बांधकर गली का रूप दे दिया है। जिसके चलते वहां पहुंचने वाले नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।</p>
<p><strong>वाहनों का निकलनाहुआ मुश्किल</strong><br />स्थिति यही नहीं रुकती बल्कि थाना कोतवाली परिसर के सामने से लेकर इंदिरा मार्केट की ओर जाने वाली सब्जीमंडी की टेक तथा कुम्हारों के मौहल्ले की ओर जाने वाले रास्ते पर भी थडी होल्डरों, हाथ ठेला व्यवसाईयों और सब्जी विके्रताओं ने बेतरतीब अतिक्रमण किया हुआ है। स्थिति ऐसी बन गई है कि यहां चार पहिया वाहन तो क्या दुपहिया वाहन निकलना भी मुश्किल है।</p>
<p><strong>शहरवासियों की शिकायत पर नहीं हुआ समाधान</strong><br />सब्जीमंडी पहुंचने वाले शहरवासियों ने नगर परिषद तथा जिला प्रशासन और यातायात पुलिस एवं थाना कोतवाली पुलिस को कई बार इस संदर्भ की शिकायत की परंतु कार्रवाई के नाम पर आज तक भी शून्य है। सामाजिक जनतांत्रिक मोर्चा के अध्यक्ष भानु पोरवाल तथा अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि नगर परिषद द्वारा इस अव्यवस्था को तत्काल ही सुधारना चाहिए। उन्होंने बताया कि आश्चर्य की बात है कि सब्जीमंडी परिसर के बाहर इतनी संकरी गली में से निकलना भी शहरवासियों के लिए किसी जंग लड़ने के बराबर है विशेष तौर पर महिलाओं को अधिक परेशानी आती है क्योंकि उस क्षेत्र से होकर गुजरने वाले नागरिक शहर के मंडोला वार्ड,श्रीजी चौक, चौमुखा बाजार तथा गायत्री मंदिर सहित इत्यादि क्षेत्र में पहुंचते हैं। जिन्हें काफी परेशानी होती है। साथ ही सब्जी खरीदने आने वाले महिला, पुरुषों एवं बच्चों को भी बाधा आती है।  </p>
<p>यहां सब्जीमंडी में अतिक्रमण के चलते वाहन फंस जाते है। जिससे सब्जी खरीदने में समस्याओं का सामना करना पड़ता है और दुघर्टना का अंदेशा बना रहता है। <br /><strong>- प्रेम नामा, शहरवासी। </strong></p>
<p>सब्जी और फल विक्रेताओं ने अपने ठेले बेतरतीब तरीके से लगा रखे है। जिससे कई बार सब्जीमंडी में जाम की स्थिति बन जाती है। जिससे महिलाओं को सब्जी खरीदने में समस्याओं का सामना करना पड़ता है। <br /><strong>- सीताबाई, शहरवासी। </strong><br />    <br />सब्जी विके्रताओं को पाबंद करवाया जाएगा ताकि आम रास्ता खुलासा रह सके।<br /><strong>- मानसिह मीणा, नगर परिषद अधिकारी। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/road-has-become-a-vegetable-market--system-has-collapsed-due-to-encroachment/article-95023</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/road-has-become-a-vegetable-market--system-has-collapsed-due-to-encroachment/article-95023</guid>
                <pubDate>Thu, 14 Nov 2024 15:06:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-11/6630400-sizee12.png"                         length="668412"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>करोड़ों का कारोबार, फिर भी अव्यवस्था की मार</title>
                                    <description><![CDATA[इस कारण गंदे पानी का भराव मंडी परिसर में हो जाता है। ऐसे में कई बार सब्जियां खराब तक हो जाती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/business-worth-crores--still-the-effect-of-chaos/article-88084"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/6633-copy15.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में एरोड्राम के पास स्थित थोक फल सब्जी मंडी में अव्यवस्था के बीच कारोबार हो रहा है। सालाना सात करोड़ का राजस्व मिलने के बाद भी मंडी में सुविधाओं का अभाव है। इन दिनों बारिश का दौर चल रहा है। ऐसे में मंडी परिसर में चारों तरफ गंदगी और कीचड़ फैला हुआ है। गंदगी के बीच ही सब्जी विके्रताओं को कारोबार करना पड़ता है। तेज बारिश होने पर मंडी परिसर में पानी बहने लगता है और सब्जियां तक खराब हो जाती है। इससे विक्रेताओं को नुकसान उठाना पड़ता है। गंदगी के कारण ग्राहक भी सब्जियां खरीदने से कतराते हैं। जिससे विक्रेताओं को नुकसान उठाना पड़ता है। बारिश के दिनों में इस तरह की परेशानी ज्यादा आ रही है।</p>
<p><strong>बारिश में जाम हो जाती हैं नालियां</strong><br />सब्जी विक्रेताओं के अनुसार मंडी परिसर में बरसाती पानी की निकासी के पुख्ता इंतजाम नहीं है। इस कारण हल्की बारिश होने के दौरान ही मंडी परिसर में पानी भर जाता है। परिसर में फैले कचरे के कारण नालियां जाम हो जाती है। इस कारण गंदे पानी का भराव मंडी परिसर में हो जाता है। ऐसे में कई बार सब्जियां खराब तक हो जाती है। जिससे उनकों नुकसान उठाना पड़ता है। मंडी परिसर में समय पर सफाई नहीं होने के कारण इस समस्या का सामना करना पड़ता है। विक्रेताओं का कहना है कि मंडी परिसर में सीवरेज सिस्टम सही नहीं है। जिससे बरसाती पानी की निकासी नहीं हो पाती है और परिसर में ही भराव हो जाता है। इसका खामियाजा मंडी के सब्जी विक्रेताओं को उठाना पड़ता है।</p>
<p><strong>मंडी के अन्दर और बाहर अतिक्रमण</strong><br />कोटा की थोक फल सब्जीमंडी संभाग की सबसे बड़ी मंडी है। यहां पर विभिन्न राज्यों से फल और सब्जियों की काफी मात्रा में आवक होती है। यहां से हाड़ौती के फुटकर फल-सब्जी विक्रेता माल खरीदकर ले जाते हैं और अपने-अपने क्षेत्रों में बेचते हैं। ऐसे में यहां फल-सब्जी की आवक काफी मात्रा में होती है। मंडी में सबसे बड़ी परेशानी अतिक्रमण की है। मंडी के अन्दर व्यापारियों ने अपने कार्टन जमा करके अतिक्रमण कर रखा है तो बाहर फल और सब्जी के ठेले लगाकर विक्रेताओं ने कब्जा जमा रखा है। मंडी परिसर में टीनशेड के व्यापारियों का माल जमा होने से ग्राहकों और विक्रेताओं को गर्मी में परेशानी होती है। वहीं बाहर ठेले वालों के कारण रोजाना जाम की स्थिति बनी रहती है।</p>
<p>बरसात के पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण मंडी परिसर में कीचड़ व गंदगी समस्या बनी रहती है। इससे सब्जी विक्रेताओं और ग्राहकों को परेशानी करना पड़ता है। ऐसे में मंडी परिसर में बरसाती पानी के निकासी की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए।<br /><strong>-शब्बीर वारसी, प्रमुख व्यापारी</strong></p>
<p>थोक फलसब्जी मंडी परिसर में नियमित रूप से सफाई करवाई जाती है। इसके लिए अलग से कर्मचारी लगा रखे हैं। मंडी में अतिक्रमण करने वालों को नोटिस देकर हिदायत दी जाती है। मंडी के बाहर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नगर निगम प्रशासन कर सकता है।<br /><strong>-शशिशेखर शर्मा, कार्यवाहक सचिव, थोक फल सब्जी मंडी कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/business-worth-crores--still-the-effect-of-chaos/article-88084</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/business-worth-crores--still-the-effect-of-chaos/article-88084</guid>
                <pubDate>Mon, 19 Aug 2024 16:32:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-08/6633-copy15.jpg"                         length="292814"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्मार्ट सिटी कोटा में आज भी सड़कों पर लग रही सब्जी मंडियां</title>
                                    <description><![CDATA[रोज शाम होते ही सब्जियों के ठेले नुक्कड़ चौराहों पर जमने लग जाते हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/even-today--vegetable-markets-are-being-set-up-on-the-roads-in-smart-city-kota/article-78463"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/smart-city-kota-me-aaj-bhi-sadako-pr-lg-rhi--sbzimandi...kota-news-18-05-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा शहर भारत की स्मार्ट सिटी की सूची में शामिल है, लेकिन कई इलाके आज भी स्मार्ट नहीं बन पाए हैं। शहर के इन इलाकों में आज भी सब्जी मंडी सड़कों पर लग रही है। नतीजन मुख्य सड़कों पर लगने वाली इन मंडियों के कारण लोगों को रोजाना परेशानी उठानी पड़ती है। स्मार्ट सिटी का तमगा लिए कोटा शहर रोजमर्रा की चीजों के बाजार के लिए भी पर्याप्त स्थान नहीं बना पा रहा है। रोज शाम होते ही सब्जियों के ठेले नुक्कड़ चौराहों पर जमने लग जाते हैं। ऐसे में सब्जी विक्रेताओं के लिए व्यवस्थित मंडी बना दी जाए तो लाखों लोगों को परेशानी से निजात मिल सकती है। </p>
<p><strong>कुन्हाड़ी से लेकर केशवपुरा तक सड़क पर सब्जी मंडी</strong><br />शहर के एक कोने से दूसरे कोने तक सड़क पर ही मंडियां लग रही हैं। कुन्हाड़ी में रोज शाम को सब्जी विक्रेता अपने ठेले खड़े कर लेते हैं जिससे कोटा बूंदी मार्ग पर जाने वाले वाहनों को रेंगते हुए चलना पड़ता है। इसी तरह बोरखेड़ा चौराहे पर भी रोज शाम को सब्जी मंडी सज जाती है। जबकि बोरखेड़ा चौराहा शहर के सबसे व्यस्तम चौराहों में से एक है, जहां से बारां के लिए हजारों वाहन निकलते हैं। वहीं नए कोटा के केशवपुरा और संतोषी नगर चौराहे के भी समान हालात हैं। केशवपुरा चौराहे से तीन बत्ती और संतोषी नगर चौराहे की ओर जाने वाले मार्ग पर होनों तरफ सब्जी के ठेले लगे रहते हैं। कोचिंग एरिया में होने के कारण इस इलाके में देर रात तक वाहनों का आवागमन होता है। ऐसे में रोज हजारों वाहनों के गुजरने और सब्जी के ठेलों के कारण यहां हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है।</p>
<p><strong>विज्ञान नगर में मंडी के बाहर लगते ठेले</strong><br />शहर के विज्ञान नगर क्षेत्र में सब्जी मंडी तो मौजूद है लेकिन वो अब छोटी पड़ने लगी है। यहां दुकानें होने के बावजूद भी सब्जी वाले अपने ठेले मंडी के बाहर खड़े कर रहे हैं। जो आने जाने वलों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। वहीं औद्योगिक क्षेत्र में भी समान हालात हैं। औद्योगिक क्षेत्र में एक मात्र सब्जी मंडी डीसीएम में मौजूद है। जिसकी क्षमता क्षेत्र की आबादी के अनुसार बहुत कम है वहीं इस इलाके में नई सब्जी मंडी को लेकर कई सालों से मांग चल रही है। लेकिन प्रशासन जमीन न होने की बात कह कर टाल देता है। इसके अलावा अनंतपुरा में निगम द्वारा सब्जी मंडी तो बना दी लेकिन अभी तक उसमें दूकानों का आवंटन नहीं किया जिससे मंडी की जगह होने के बाद भी सब्जी के ठेले सड़क पर लग रहे हैं।</p>
<p><strong>पूरानी के साथ नई कॉलोनियों में हो मंडी की जगह</strong><br />शहर की लगभग सभी कॉलोनियों में सब्जी मंडी को लेकर अव्यवस्थाएं सामने आती हैं। ऐसे में निगम प्रशासन भविष्य में बनने वाली कॉलोनियों और बस्तियों में मंडियों के लिए अलग से स्थान होना सुनिश्चित करे। क्योंकि सब्जी रोजमर्रा की आवश्यक वस्तु है। मंडियों में घूमने वाले आवारा जानवर कई बार लोगों को गंभीर रूप से घायल भी कर देते हैं। </p>
<p><strong>लोगों का कहना है</strong><br />इलाके में कहीं भी सब्जी मंडी के लिए व्यवस्था नहीं है। सब्जी विक्रेता सड़कों पर ही अपने ठेले जमा लेते हैं। जिसकी वजह से रोज जाम लग जाता है। निगम प्रशासन को मंडी के लिए व्यवस्था करनी चाहिए। <br /><strong>- जितेंद्र नामा, बोरखेड़ा</strong></p>
<p>औद्योगिक क्षेत्र में एकमात्र मंडी डीसीएम चौराहे पर ही है इसके अलावा पूरे क्षेत्र में कहीं भी मंडी नहीं है। जिससे यहां हर रोज शाम को जाम की स्थिति बन जाती है। कई बार मंडी में आवारा पशुओं ने लोगों पर हमले भी किए लेकिन स्थिति कोई बदलाव नहीं आता है।<br /><strong>- संजु जैन, डीसीएम</strong></p>
<p>मंडी के लिए कई बार निगम प्रशासन को बोला हुआ है, हर बार बनाने का खाली आश्वासन देते हैं। आगे कोई प्रक्रिया नहीं होती है। हमें भी सड़क पर अच्छा नहीं लगता लेकिन जगह नहीं होने से मजबूरन सड़क पर ही ठेले लगाने पड़ते हैं।<br /><strong>- संतोष बाई, सब्जी विक्रेता, केशवपुरा</strong></p>
<p>सड़क पर सब्जी बेचने वालों पर निरंतर कारवाई करते हैं, कई जगहों से मंडी बनाने की मांग आती है लेकिन जगह की कमी होने से मंडी का निर्माण नहीं हो पाता। अब कॉलोनियां बनाते समय दुकानें देने लगे हैं ताकि ऐसी समस्या न हो।<br /><strong>- अनुराग भार्गव, आयुक्त, नगर निगम उत्तर</strong></p>
<p>चौराहों और सड़क पर मंडी लगने की शिकायतें आती हैं उन पर कारवाई भी की जाती है। लेकिन ये वापस आ जाते हैं। मंडियों के लिए जमीन होने पर बनाने की पूरी कोशिश की जाएगी।<br /><strong>- सरिता, आयुक्त, नगर निगम दक्षिण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/even-today--vegetable-markets-are-being-set-up-on-the-roads-in-smart-city-kota/article-78463</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/even-today--vegetable-markets-are-being-set-up-on-the-roads-in-smart-city-kota/article-78463</guid>
                <pubDate>Sat, 18 May 2024 15:34:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-05/smart-city-kota-me-aaj-bhi-sadako-pr-lg-rhi--sbzimandi...kota-news-18-05-2024.jpg"                         length="563301"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मंडी में सफाई का नहीं दिखा असर, लगे कचरे के ढेर</title>
                                    <description><![CDATA[एक तरफ तो शहर को स्मार्ट सिटी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ यहां मुख्य बाजारों व मंडी को ही साफ नहीं रखा जा सकता। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/there-was-no-effect-of-cleanliness-in-the-market--there-were-piles-of-garbage/article-75368"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/mandi-mein-saph-saphae-ka-nahi-dikha-asar,-lage-rahe-kachare-ke-dher...kota-news-18.04.2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। नई धानमंडी स्थित थोकफल सब्जीमंडी में जहां रोजाना हजारों लोग खरीदारी के लिए जा रहे हैं। वहां चारों तरफ गंदगी का अम्बार लगा हुआ है। नगर निगम कोटा दक्षिण की ओर से यहां विशेष अभियान के तहत की गई सफाई व समझाइश का असर नहीं दिखाई दे रहा। मंडी में  जहां दूरदराज से व्यापारी तो माल लेकर आ ही रहे हैं साथ ही हजारों लोग भी फल और सब्जी  खरीदारी के लिए जा रहे हैं। उस मंडी में प्रवेश द्वार से लेकर मुख्य सड़क तक, फल और सब्जी के ठेलों और दुकानदारों के आस-पास चारों तरफ कचरे के ढेर लगे हुए हैं। जिनसे होकर ग्राहकों को निकलना पड़ रहा है। </p>
<p><strong>मवेशियों का जमघट</strong><br />फल व सब्जी वालों द्वारा वहां सड़क पर ही फैलाई जा रही गंदगी और सड़े गले फल व सब्जी सड़क पर डालने से वहां  मवेशियों का जमघट लगा रहता है। ऐसे में वहां आने वाले ग्राहकों को एक तो गंदगी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं दूसरी तरफ मवेशियों के खतरे का भी सामना करना पड़ रहा है। हालत यह है कि कई बार लोगों को कभी कचरे से बचने के लिए तो कभी मवेशियों से बचने के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। </p>
<p><strong>अभी तक नहीं रखे डस्टबीन </strong><br />एक तरफ तो शहर को स्मार्ट सिटी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ यहां मुख्य बाजारों व मंडी को ही साफ नहीं रखा जा सकता। हालत यह है कि मंडी  में न तो अधिकतर दुकानदारों ने और न ही सब्जी वालों ने डस्टबीन रखे हैं। जिससे पूरा कचरा सड़क पर ही डाला जा रहा है। </p>
<p><strong>निगम ने चलाया था विशेष अभियान</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण की ओर से स्वच्छता मार्च अभियान के तहत शहर में कई जगह पर विशेष सफाई अभियान चलाया  गया था। सप्ताह भर चले अभियान की शुरुआत थोक फल सब्जी मंडी से की गई थी।  उप महापौर व सफाई समिति के अध्यक्ष पवन मीणा की अगुवाई में व्यापार महासंघ व स्थानीय दुकानदारों के सहयोग से चलाए गए अभियान के तहत बरसों बाद मंडी से की गई सफाई के दौरान बड़ी मात्रा में कचरा निकाला गया था। उस समय सभी दुकानदारों से उनकी दुकानों के आगे डस्टबीन रखने के लिए समझाइश की गई थी। लेकिन इतने दिन बीतने के बाद भी उसमें सुधार नहीं हुआ है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />नगर निगम के माध्यम से लोगों को जोड़ते हुए सफाई का अभियान चलाया था। पहली बार में लोग समझ जाएंगे ऐसी उम्मीद भी नहीं की जा सकती। प्रयास किया था कि लोग स्वत: ही सफाई के प्रति जागरूक रहे। लोकसभा चुनाव के बाद 1 मई से फिर से सफाई के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए अभियान चलाया जाएगा। <br /><strong>- पवन मीणा,  उप महापौर कोटा दक्षिण अध्यक्ष सफाई समिति</strong></p>
<p><strong>सब्जी खरीदने में आती है परेशानी</strong><br />थोक फल सब्जीमंडी में सब्जी सस्ती मिल जाती है। इसलिए यहां आते हैं। लेकिन मंडी में इतनी अधिक गंदगी रहती है कि उसके बीच ही खरीदारी करनी पड़ती है। इससे बीमारियां होने और कई बार सब्जी व खराब फल पर पैर व वाहन फिसलने से भी गिरने की घटनाएं हो चुकी है। जानवरों का भी डर बना हुआ है। मंडी में सफाई तो रहनी ही चाहिए। <br /><strong>- नैना सुमन, कंसुआ</strong></p>
<p><strong>यहां आने का मन नहीं करता</strong><br />थोक फल सब्जीमंडी में सप्ताह में एक-दो बार तो आना होता ही है। यहां हमेशा इतनी अधिक गंदगी रहती है कि कई बार तो आने का मन ही नहीं करता। बरसात के समय तो यहां गंदगी के साथ ही कीचड़ भी खूब रहता है। शहर में नगर निगम द्वारा सफाई अभियान चलाया जाता है लेकिन उसका असर मंडी में तो नजर नहीं आ रहा। जबकि यहां महिलाएं अधिक आती हैं तो सफाई तो रहनी ही चाहिए।  <br /><strong>- अब्दुल रजाक, किशोरपुरा </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/there-was-no-effect-of-cleanliness-in-the-market--there-were-piles-of-garbage/article-75368</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/there-was-no-effect-of-cleanliness-in-the-market--there-were-piles-of-garbage/article-75368</guid>
                <pubDate>Thu, 18 Apr 2024 17:33:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-04/mandi-mein-saph-saphae-ka-nahi-dikha-asar%2C-lage-rahe-kachare-ke-dher...kota-news-18.04.2024.jpg"                         length="493242"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अब भी जारी तरकारी में जहर की सेंधमारी</title>
                                    <description><![CDATA[ बरसाती नालों का पानी जो नदियों को दूषित करता है ही साथ ही फसलों की सिंचाई के दौरान फसलों में भी हानिकारक तत्व छोड़ जाता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/poisoning-in-vegetables-still-going-on/article-68970"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-02/photo-(7).jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। सब्जी मंडी में आप जब सब्जी लेने जाते हैं तो वहां सब्जीवाले के पास हरी भरी व चमकदार सब्जियां देखकर उन्हें खरीद लाते हैं। लेकिन आपने कभी गौर किया कि इन सब्जियों को उगाया कैसे जाता है, कैसे उनकी खेती की जाती है। उनकी फसल करने के दौरान किसान किन किन उवर्रकों का उपयोग करते हैं। अगर नहीं तो ये खबर आपके लिए है क्योंकि कोटा में कई किसान ऐसे हैं जो अप्राकृतिक रुप से सब्जियों की खेती कर रहे हैं। जहां सब्जियों और फसलों में सिंचाई के लिए ये किसान फैक्ट्रियों व घरों से निकले नालों के पानी का उपयोग कर रहे हैं। जो एक हाथ फसल की उत्पादकता तो बढ़ा देता है वहीं दूसरे हाथ हमारी सेहत को बिगाड़ रहा है। क्योंकि नालों के पानी में कई ऐसे हानिकारक तत्व होते हैं जो मानव शरीर में धीरे धीरे एक बड़ी बीमारी को जन्म देते हैं। वहीं इसे लेकर नवज्योति ने प्रशासन को करीब 5 माह पहले भी चेताया था, लेकिन बावजूद इन सब बातों के ऐसी खेती करने वालों पर कारवाई करने वाला कोई नहीं है इस मामले पर कृषि से लेकर प्रदूषण विभाग सब एक दूसरे पर जिम्मेदारी टाल रहे हैं।</p>
<p><strong>कौन कौनसे हानिकारक तत्व होते हैं नाले के पानी में</strong><br />शहर में मौजूद इन बरसाती नालों में शहर के बीच से निकलने के दौरान घरों और फैक्ट्रियों से निकला दूषित पानी मिलता है जहां से बड़े नालों के जरीये ये पानी नदी में गिरता है। जो नदियों को दूषित करता है ही साथ ही फसलों की सिंचाई के दौरान फसलों में भी हानिकारक तत्व छोड़ जाता है। प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड के वैज्ञानिक अधिकारी मनोज मीणा ने बताया कि सीवरेज और फैक्ट्रियों के पानी में लेड, एसलाइट, मर्करी जैसे कई तरह के हानिकारक तत्व होते हैं। जो कई तरह की हानिकारक बीमारियों का कारण हो सकते हैं।</p>
<p><strong>यहां हो रही है नालों से सिंचाई</strong><br />शहर में किन इलाकों में इस तरीके से सिंचाई की जा रही है इसे लेकर नवज्योति ने पड़ताल की जिसमें सामने आया कि किसानों ने नलों के पानी से सिंचाई करने के लिए कई सारे जुगाड़ किए हुए हैं। शहर के थेकड़ा, देवली अरब, धाकड़खेड़ी व राजनगर सहित कई ऐसे इलाके हैं जहां शहर से निकले नाले के पानी से सब्जियों की फसल की सिंचाई की जा रही है। किसानों ने नाले के पानी से सिंचाई करने के अलग अलग हथकंडे अपना रखे हैं। शहर से सटे राजनगर गांव में किसानों ने नाले में मोटर का पाइप डालकर उसे सड़क के नीचे गांव के दूसरी ओर सिंचाई के लिए लगाया हुआ है। वहीं देवली अरब व थेकड़ा में किसानों ने खुल्ले में ही नालों के पानी से सिंचाई कर रहे हैं। इसी तरह धाकड़खेड़ी के नजदीक सीवरेज वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के पास ही सीवरेज लाइन का ढक्कन खोलकर उसके पानी सक सिंचाई कर रहे हैं। इसके अलावा भी शहर के कई ईलाके ऐसे हैं जहां नालों के पानी से सिंचाई की जा रही है।</p>
<p><strong>लोगों का कहना है</strong><br />सब्जी को बाजार में लेते समय पता नहीं चलता कि ये किस पानी से उगाई गई हैं । पता तो है ऐसा होता है पर कौनसी सब्जी नाले के पानी से पकाई गई हैं कौनसी नहीं इसका कोई पता नहीं लग पाता है। प्रशासन को चाहिए कि ऐसे इलाकों का पता लगाए और इसे बंद करवाए। थोड़े से रुपयों के लिए यह आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़ है। <br /><strong>- रोहन राठौर, विज्ञान नगर निवासी </strong></p>
<p>अभी सब्जियों में पहले जैसा स्वाद नहीं आता है, और स्िब्जयां पकने में भी समय लेती हैं। हो सकता है इन नालों के पानी से पकाने के कारण ऐसा हो रहा हो। अगर ऐसा है तो प्रशासन और किसानों दोंनो की जिम्मेदारी है कि वो इसे रोकें। क्योंकि पहली नजर में देखने से इन सब्जियों का पता नहीं लगता। यह सच है कि अब बीमारियां ज्यादा हो रही हैं। सब्जियां भी इसका कारक हो सकती हैं। चंद रुपयों के लिए ऐसा किया जाना पाप है। इसे रोका जाना चाहिए।<br /><strong>- मनोज सुमन, छावनी निवासी </strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />कृषि विभाग किसानों को फसल से जुड़ी तकनीकों व साधनों के बारे में बता सकता है। किसानों को ऐसे तरीकों से फसल नहीं उगाने के लिए विभाग की ओर से समझाया जाता है। किसानों पर कारवाई या उन्हें पाबंद करने का अधिकार विभाग के पास नहीं है। जिला प्रशासन ही कारवाई कर सकता है।<br /><strong>- खेमराज शर्मा, संयुक्त निदेशक, कृषि विस्तार विभाग कोटा</strong></p>
<p>प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड केवल फैक्ट्रियों व घरों से निकलने वाले पानी से होने वाले प्रदूषण पर कारवाई करने के लिए अधिकृत है। नालों के पानी से सिंचाई होना गलत है लेकिन कारवाई करने का अधिकार जिला प्रशासन को ही है।<br /><strong>- मनोज मीणा, वैज्ञानिक अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/poisoning-in-vegetables-still-going-on/article-68970</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/poisoning-in-vegetables-still-going-on/article-68970</guid>
                <pubDate>Fri, 02 Feb 2024 15:10:10 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-02/photo-%287%29.jpg"                         length="308473"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Kota: शहर की सब्जी मंडी में अव्यवस्था की मार, फिर भी कर रहे कारोबार</title>
                                    <description><![CDATA[मंडी प्रशासन को जर्जर दीवार के सम्बंध में बताया भी था, लेकिन ध्यान नहीं दिया गया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/chaos-in-the-city-s-vegetable-market--still-doing-business/article-56526"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/sheher-ki-sbzi-mandi-avyavstha-ki-maar,-fr-bhi-kr-rhe-karobar...kota-news-07-09-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। बेतरतीब खड़े फल सब्जी के ठेले, आवारा मवेशियों का जमावड़ा और जर्जर दीवार के सहारे लगी सब्जी की दुकानें। यह नजारा है शहर की थोक फलसब्जीमंडी क्षेत्र का, जहां पर बुधवार को फल सब्जीमंडी की दीवार गिरने से एक सब्जी विक्रेता की मौत हो गई और दो चोटिल हो गए। इतनी अव्यवस्था होने के बावजूद यहां की स्थिति पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिससे आगामी दिनों में भी हादसा होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। शहर की थोक फलसब्जी मंडी परिसर में हर रोज लाखों रुपए का कारोबार होता है। यह संभाग की सबसे प्रमुख फलसब्जी मंडी भी है। यहां पर ही स्थानीय के साथ देश के अन्य राज्यों से फल व सब्जियां आती है। उसके बाद यहां से कोटा संभाग के अन्य सब्जी विक्रेता सामग्री खरीदकर खुदरा में बेचने के लिए ले जाते हैं। थोक फलसब्जी मंडी में तीन गेट बने हुए हैं। इन गेटों के माध्यम से फल सब्जी से भरे वाहनों को आवागमन होता है। परिसर के अन्दर ही थोक का कारोबार होता है।</p>
<p><strong>जर्जर हो रही दीवारें, मरम्मत की दरकार</strong><br />मंडी के बाहर खुदरा में सब्जी बेचने वाले विक्रेता लोकेश, साबिर व जावेद ने बताया कि उनके लिए मंडी प्रशासन ने कोई स्थान निर्धारित नहीं कर रखा है। जिससे उन्हें मंडी परिसर की दीवार के सहारे ही अपना कारोबार करना पड़ता है। यह दीवारें कई सालों से जर्जर हो रही है। वर्ष 2006 से इन दीवारों की मरम्मत नहीं हो पाई है। इस कारण यह हादसा हुआ है। कुछ दिनों पहले मंडी प्रशासन को जर्जर दीवार के सम्बंध में बताया भी था, लेकिन ध्यान नहीं दिया गया। अगर हम यहां कारोबार नहीं करेंगे तो परिवार का खर्चा कैसे चला पाएंगे। वह पहले मंडी समिति परिसर के सामने खाली मैदान में जहां फूलों की बिक्री होती है वहां बैठकर सब्जियां बेचा करते थे। लेकिन मंडी प्रशासन ने जगह खाली करवा दी। इसके बाद सभी लोग गेट नंबर तीन के पास की दीवार के पास बैठकर अपना सब्जियां बेचकर अपना जीवन यापन कर रहे थे, लेकिन अब हादसा होने से डर लगने लगा है।</p>
<p><strong>परिसर के बाहर अतिक्रमण की भरमार</strong><br />फलसब्जी मंडी परिसर के अन्दर फल और सब्जियों का थोक में कारोबार होता है। किसानों से खरीद फरोख्त भी यहीं पर ही होती है। यहां से थोक की मात्रा में सब्जी खरीदने वाले विक्रेता मंडी परिसर के बाहर ही ठेला लगाकर  बिक्री करना शुरू कर देते हैं। जिन्हें मंडी प्रशासन ने अतिक्रमी घोषित कर रखा है। इसके बावजूद काफी संख्या में फुटकर सब्जी विक्रेता यहां पर अपना जमावड़ा कर कारोबार करते हैं। इन विक्रेताओं ने मंडी के गेटों के आसपास और दीवार के सहारे अपनी दुकानें लगा रखी हैं। बुधवार को हादसे का शिकार हुआ भी वृद्ध भी इसी तरह का विक्रेता था। ऐसे में मंडी प्रशासन ने इसको लेकर गम्भीरता नहीं दिखाई।</p>
<p>फलसब्जी मंडी के बाहर ठेले खड़Þे होने के कारण काफी परेशानी होती हैं। सुबह के समय बाहर से आने वाले बड़े वाहन जाम में फंस जाते हैं। बाहर कारोबार करने वाले सब्जी विक्रेता अधिकृत नहीं हैं। यह अतिक्रमण कर कारोबार कर रहे हैं। इस सम्बंध में प्रशासन को उचित निर्णय लेना चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं नहीं हो।<br /><strong>- शब्बीर वारसी, महासचिव, आदर्श कोटा थोक फू्रट एण्ड वेजीटेबल मर्चेन्ट यूनियन</strong></p>
<p>सुबह जो घटना हुई है वह काफी दुखद है। मंडी परिसर के बाहर कारोबार करने से मना कर रखा है। इसके बावजूद कोई नहीं मानता नहीं हैं। इस सम्बंध में नगर निगम को पत्र लिख कर इनकों को यहां से हटाने के लिए कई बार कह चुके हैं। मंडी परिसर की दीवार जर्जर होने की पहले कभी शिकायत नहीं आई है। इस पर भी ध्यान दिया जाएगा।<br /><strong>- हरिमोहन बैरवा, सचिव, थोक फल सब्जी मंडी कोटा</strong></p>
<p>हम बरसों से सब्जी बेचकर अपना परिवार चला रहे हैं। प्रशासन ने हमारे लिए कोई स्थान निर्धारित नहीं कर रखा है तो हम कहां पर अपना कारोबार करें। मजबूरी में सड़क पर मंडी की दीवारें के सहारा फल सब्जी बेचते हैं। उनकी समस्या पर भी कोई ध्यान नहीं देता है। मंडी प्रशासन को हमारी परेशानी पर ध्यान देना चाहिए।<br /><strong>- मुकेश सेन, सब्जी विक्रेता</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/chaos-in-the-city-s-vegetable-market--still-doing-business/article-56526</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/chaos-in-the-city-s-vegetable-market--still-doing-business/article-56526</guid>
                <pubDate>Thu, 07 Sep 2023 18:48:43 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-09/sheher-ki-sbzi-mandi-avyavstha-ki-maar%2C-fr-bhi-kr-rhe-karobar...kota-news-07-09-2023.jpg"                         length="527548"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>किसान को मिल रहे पांच रुपए, बाजार में प्याज 25 रुपए किलो</title>
                                    <description><![CDATA[प्याज के दाम काफी ऊंचे जाने की संभावना के चलते केन्द्र सरकार ने गत 17 अगस्त को प्याज पर 40 फीसदी एक्सपोर्ट ड्यूटी लगा दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/farmer-is-getting-five-rupees--onion-in-the-market-is-rs-25-per-kg/article-55867"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/kisan-ko-mil-rhe-panch-rupay,-bazaar-me-pyaz-25-rupay-kilo...kota-news-30-08-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। <strong>केस 1 -</strong> झालावाड़ जिले के बकानी निवासी घनश्याम कोटा की थोक सब्जीमंडी में प्याज की उपज लेकर पहुंचा था। यहां जब प्याज की कीमत सुनी तो चौंक गया। मंडी में किसान का प्याज 5 से 8 रुपए किलो तक खरीदा जा रहा था। दाम सुनकर किसान चिंतित हो गया। घनश्याम ने बताया कि मंडी में वर्तमान में जो दाम मिल रहे हैं, उससे तो आधी लागत भी नहीं निकल पा रही है।  कोई चारा नहीं होने के कारण उसे कम दाम में प्याज बेचना पड़ा।</p>
<p><strong>केस 2 -</strong> भवानीमंडी निवासी दूलीचंद मीणा थोक सब्जीमंडी में 10 क्विंटल प्याज लेकर आया था। उसका प्याज अच्छी किस्म का था। इसके बावजूद केवल 8 रुपए किलो के भाव से बोली लग पाई। भाव कम होने से लागत भी नहीं निकल पा रही है। मीणा ने बताया कि एक किलो प्याज को मंडी में लाने तक की लागत 12 से 15 रुपए लग जाती है। इसके बावजूद दाम कम मिल रहे हैं। यहां लाने के बाद माल को वापस नहीं ले जा सकते हैं। इसलिए घाटा उठाना पड़ता है।</p>
<p>प्याज की खेती करने वाले किसानों के यह केस तो बानगी भर हैं। हाड़ौती के ऐसे सैंकड़ों प्याज उत्पादक किसान हैं जो प्याज की खेती करने के बाद नुकसान का दंश झेल रहे हैं। हर साल प्याज की खेती अधिकांश किसानोंं के लिए घाटे का सौदा साबित होती जा रही है। इस साल भी प्याज की खेती करने वाले किसानों को राहत मिलती हुई नजर नहीं आ रही है। पिछले कुछ सालों से लगातार प्याज का किसानों को कम रेट मिल रहा है। किसानों का कहना है कि कुछ दिन पहले प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी हुई थी, लेकिन इसका सभी किसानों को फायदा नहीं हुआ। जिन किसानों के पास ज्यादा स्टॉक था उन्हें ही थोड़ी राहत मिली हैं। </p>
<p><strong>फैक्ट फाइल</strong><br />5000 - क्विंटल कुल प्याज की आवक कोटा थोक सब्जीमंडी में <br />2500 - क्विंटल आवक झालावाड़ से <br />2500 - क्विंटल आवक महाराष्टÑ से<br />5-8 - रुपए किलो खरीद का दाम मिल रहा किसानों को<br />12-15 - रुपए किलो थोक भाव <br />20-25 - रुपए किलो  खुदरा भाव</p>
<p><strong>झालावाड़ जिला प्याज उत्पादन में अग्रणी</strong><br />हाड़ौती में सबसे ज्यादा प्याज की खेती झालावाड़ जिले और उससे सटे क्षेत्रों में होती है। कोटा की थोक सब्जीमंडी में इस समय झालावाड़ जिले के किसान प्याज लेकर आ रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से झालावाड़ जिले के रायपुर, भवानीमंडी, बकानी, अकलेरा सहित अन्य क्षेत्रों से प्रतिदिन काफी संख्या में किसान प्याज बेचने के लिए कोटा आ रहे हैं। कई किसान स्वयं के वाहन तो कई किराए का वाहन कर मंडी में प्याज बेचने आ रहे हैं, लेकिन यहां पर प्याज के कम दाम सुनकर उनकी मुनाफे की उम्मीद टूट जाती है। </p>
<p><strong>मुनाफे के खेल में किसान फेल</strong><br />किसान अपनी कृषि जिंसें मंडियों के माध्यम से ही बेचते हैं। इसके अलावा उनके पास कोई अन्य माध्यम नहीं हैं। मंडियों में थोक व्यापारी माल की क्वालिटी देखकर उसका भाव लगाते हैं। उसके आधार पर किसान का माल खरीदा जाता है। नीलामी में कई बार प्याज की गुणवत्ता कमजोर होने से काफी कम दाम तक लग जाते हैं। जिससे किसानों को मुनाफा तो दूर लागत भी नहीं निकल पाती है। जैसे कि किसान से 5 से 8 रुपए किलो में प्याज खरीदा जाता है। उसके बाद मंडी आढ़तिया अपनी कमीशन जोड़कर प्याज को सब्जी व्यापारियों को बेचता है। इसके बाद सब्जी विक्रेता अपना मुनाफा देखकर बाजार में इसकी बिक्री करता है। जिससे ग्राहक तक पहुंंचते-पहुंचते प्याज के भाव 20 से 25 रुपए किलो तक हो जाते हैं। जिससे ग्राहक को भी महंगाई का सामना करना पड़ता है। </p>
<p><strong>पहले बढ़े फिर टूटे भाव</strong><br />किसान नेता उमाशंकर मालव ने बताया कि विदेशों में प्याज का निर्यात होने से प्याज के दाम में उछाल आ गया था। इससे किसानों को भी फायदा होने लगा था। प्याज के दाम काफी ऊंचे जाने की संभावना के चलते केन्द्र सरकार ने गत 17 अगस्त को प्याज पर 40 फीसदी एक्सपोर्ट ड्यूटी लगा दी। प्याज पर 40 फीसदी एक्सपोर्ट ड्यूटी लगने के बाद किसानों को बड़ा नुकसान झेलना पड़ रहा है। इस फैसले के बाद प्याज के दाम में भारी गिरावट हुई है। इससे पिछले दो साल में हुए घाटे की भरपाई करने की किसानों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। अब जब दाम बढ़ने लगा था तो सरकार ने 17 अगस्त को 40 फीसदी एक्सपोर्ट डयूटी लगाकर उनकी कमाई की उम्मीदें तोड़ दी।</p>
<p><strong>एक्सपर्ट व्यू</strong><br />इस वक्त प्याज की उत्पादन लागत 15 रुपए किलो है। ऐसे में कम से कम 20 से 25 रुपए किलो का दाम मिलेगा तब किसान फायदे में रहेगा। पिछले दो साल से किसानों को लागत से भी कम भाव मिल रहा है। यदि घाटे की वजह से किसान प्याज उत्पादन बंद कर देंगे तो लोगों को महंगा प्याज मिलेगा। प्याज के गिरते दामों से किसान परेशान हैं। इस मामले में सरकार को हस्तक्षेप करना चाहिए और सीधे ही किसानों से प्याज खरीदना चाहिए। ताकि मंडी व बाजार के बीच का मुनाफा भी किसान को मिल सके। <br /><strong>- डॉ. आशुतोष गुप्ता, कृषि विशेषज्ञ</strong></p>
<p>मंडी में आने वाले प्याज की बोली गुणवत्ता हिसाब के लगाई जाती है। झालावाड़ जिले से आने वाला प्याज मध्यम गुणवत्ता वाला होता है। इस कारण भाव बदलते रहते हैं। किसानों से प्याज की क्वालिटी के हिसाब से खरीद की जाती है। इसके बाद आढ़तिया, व्यापारी व सब्जी विक्रेता अपना मुनाफा बनाकर प्याज की बिक्री करते हैं। बीच में प्याज के दाम बढ़े थे, लेकिन सरकार द्वारा प्याज पर 40 फीसदी एक्सपोर्ट ड्यूटी लगाने किसानों को नुकसान हुआ है।<br /><strong>- शब्बीर वारसी, महासचिव, आदर्श थोक फल सब्जीमंडी यूनियन कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/farmer-is-getting-five-rupees--onion-in-the-market-is-rs-25-per-kg/article-55867</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/farmer-is-getting-five-rupees--onion-in-the-market-is-rs-25-per-kg/article-55867</guid>
                <pubDate>Wed, 30 Aug 2023 16:05:44 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-08/kisan-ko-mil-rhe-panch-rupay%2C-bazaar-me-pyaz-25-rupay-kilo...kota-news-30-08-2023.jpg"                         length="431323"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>25 लाख की लागत से होगा सब्जीमंडी का कायाकल्प</title>
                                    <description><![CDATA[सब्जी मंडी की जर्जर व्यवस्था के कारण व्यापारियों के साथ ही सब्जी खरीदने आने वाली महिलाओं एवं नगर वासियों को समस्याओं का सामना करना पड़ता था। आवारा जानवरों की भरमार बारिश के दिनों में पानी भरने से कीचड़ होने के कारण समस्याओं का सामना करना पड़ता था। लेकिन नगर पालिका के द्वारा नवीनीकरण कराने से व्यापारियों को समस्याओं से छुटकारा मिलेगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/vegetable-market-will-be-rejuvenated-at-a-cost-of-25-lakhs/article-41599"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/22.png" alt=""></a><br /><p>सुल्तानपुर।नगर में स्थित सब्जीमंडी की जर्जर अवस्था को देखते हुए नगर पालिका की ओर से सब्जीमंडी को तुड़वाकर दोबारा से विकास कार्य कराया जा रहा है। जानकारी के अनुसार पूरी तरह जर्जर हो चुकी सब्जीमंडी के दोबार नए सिरे से बनने से व्यापारियों को आवारा जानवरों एवं बारिश के दिनों में होने वाली परेशानी से निजात मिलेगी। पूर्व में तेज आंधी और हवा चलने के कारण सब्जी मंडी में एक साइड के थड़ों का टीन शेड टूट जाने के कारण सब्जी मंडी व्यापारियों को टापरी बनाकर दुकानें लगानी पड़ रही थीं। जिससे उन्हें बारिश के दिनों में समस्या का सामना करना पड़ता था। साथ ही मुख्य दरवाजे की स्थिति सही नहीं होने के कारण आवारा जानवर रात्रि में भी सब्जी मंडी में घुस जाते थे और व्यापारियों की सब्जियों को खराब कर देते थे। सब्जीमंडी का कायाकल्प होने से व्यापारियों को परेशानियों से निजात मिलेगी। सब्जीमंडी व्यापारी रघुवीर राठौर , रमजान आजाद,  कमल सुमन, जीतू राठौर ने बताया कि पूर्व में सब्जी मंडी की जर्जर व्यवस्था के कारण व्यापारियों के साथ ही सब्जी खरीदने आने वाली महिलाओं एवं नगर वासियों को समस्याओं का सामना करना पड़ता था। आवारा जानवरों की भरमार बारिश के दिनों में पानी भरने से कीचड़ होने के कारण समस्याओं का सामना करना पड़ता था। लेकिन नगर पालिका के द्वारा नवीनीकरण कराने से व्यापारियों को समस्याओं से छुटकारा मिलेगा। </p>
<p><strong>बारिश में भरता है पानी</strong><br />पालिका चेयरमैन हेमलता शर्मा एवं प्रतिनिधि विनीत शर्मा ने बताया कि  नगर में पंचायत समिति मार्ग पर स्थित सब्जीमंडी में नगर पालिका प्रशासन द्वारा 25 लाख रुपए की लागत से डोम निर्माण का कार्य किया जा रहा है। पुरानी सब्जीमंडी में अव्यवस्थाओं का अंबार था। यहां तक कि बारिश के दिनों में सब्जी मंडी में पानी भर जाया करता था। जिससे सब्जीमंडी व्यापारियों को गंदगी में बैठना पड़ता था। खरीदारों को भी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। </p>
<p><strong>बारिश के पहले हो जाएगा काम पूरा</strong><br />नगर पालिका ईओ जितेंद्र सिंह पारस ने बताया कि सब्जी मंडी व्यापारियों को बढ़िया सुविधा मुहैया कराने के लिए सब्जीमंडी का काम कराया जा रहा है। सब्जीमंडी व्यापारियों को परेशानियों को दूर करने के लिए ही सब्जी मंडी का कार्य शुरू कराया गया था। जिसे बारिश के पूर्व पूर्ण करवा दिया जाएगा। जिससे व्यापारियों को बारिश में समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />25 लाख रुपए से सब्जीमंडी का कायाकल्प करवाया जा रहा है। जिसमें डोम की सुविधा मुहैया करवाने से बारिश के दिनों में व्यापारियों एवं खरीदारों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।<br /><strong>-हेमलता शर्मा, चेयरमैन </strong></p>
<p>सब्जीमंडी में डोम बनाया जा रहा है। जिससे बारिश के दिनों में भी समस्या नहीं होगी। सभी व्यापारियों को लॉटरी के माध्यम से जगह का आवंटन किया जाएगा। जिन व्यापारियों की दुकानें हैं, सब्जीमंडी में पूर्व से उन व्यापारियों को लाटरी के माध्यम से ही जगह का आवंटन किया जाएगा। <br /><strong>-जितेंद्र सिंह पारस, ईओ</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/vegetable-market-will-be-rejuvenated-at-a-cost-of-25-lakhs/article-41599</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/vegetable-market-will-be-rejuvenated-at-a-cost-of-25-lakhs/article-41599</guid>
                <pubDate>Mon, 03 Apr 2023 15:32:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-04/22.png"                         length="220358"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        