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                <title>Education Department - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Education Department RSS Feed</description>
                
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                <title>आरटीई की राह में निजी स्कूलों की मनमानी, 5 महीने बाद भी सैकड़ों बच्चों को नहीं मिला प्रवेश</title>
                                    <description><![CDATA[शिक्षा मंत्री के गृह जिले में दांव पर लगा बच्चों का भविष्य, भटक रहे अभिभावक।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/private-schools-flout-rte-norms--hundreds-of-children-denied-admission-even-after-five-months/article-162059"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(3)11.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए आरटीई (शिक्षा का अधिकार) कानून बनाया, लेकिन शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के गृह जिले में हीतई स्कूल कानून की जमकर धज्जियां उड़ा रहे है। आरटीई लॉटरी में चयनित होने के 5 महीने बाद भी जिले में सैंकड़ों बच्चों को स्कूलों में प्रवेश नहीं मिला। कोई फीस मांग रहा तो कोई नॉन आरटीई के एडमिशन नहीं होने का बहाना बनाकर अभिभावकों को टरका रहे हैं। वहीं, जिम्मेदार शिक्षा अफसर भी निजी स्कूलों की मनमानी के आगे लाचार नजर आ रहे हैं। हालात यह हैं, विभाग के माध्यमिक व प्रारंभिक कार्यालय में शिकायतों का ढेर लगा हुआ है। राहत दिलाने की बजाए अफसर स्कूलों को पत्र भेज जवाब मांग रहे हैं लेकिन स्कूल संचालकों द्वारा अधिकतर शिकायतों का जवाब तक नहीं दे रहे। मजबूरन अभिभावकों ने जिला कलक्टर व राजस्थान सरकार के सम्पर्क पोर्टल 181 पर भी शिकायत कर चुके, लेकिन अब तक कोई राहत नहीं मिली। नतीजन, नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए पांच महीने बीत गए लेकिन घर बैठे सैकड़ों बच्चे हर रोज अभिभावकों से सिर्फ एक सवाल पूछ रहे हैं—पापा, मैं कब स्कूल जाऊंगा?</p>
<p><strong>7 दिन बाद भी निदेशालय ने नहीं दिया मार्गदर्शन</strong><br />शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, लगातार मिल रही शिकायतों के बाद शिक्षा विभाग ने कुछ निजी स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी किए, लेकिन स्कूलों ने इनका जवाब तक नहीं दिया। इसके बाद विभाग ने शिक्षा निदेशालय, बीकानेर से मार्गदर्शन मांगा, लेकिन सात दिन बाद भी कोई स्पष्ट निर्देश नहीं मिलने से कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी।</p>
<p><strong>मासूमों का सवाल, मैं कब स्कूल जाऊंगा?</strong><br />आरटीई में चयनित होने के बाद भी महीनों से घर बैठे मासूम बच्चों का यही सवाल अब शिक्षा अफसरों की कार्यशैली पर बड़ा प्रश्नचिह्न बन गया। सरकार की योजना का लाभ पाने के बजाय यह बच्चे विभागीय लापरवाही और निजी स्कूलों की मनमानी के बीच अपना पूरा शैक्षणिक सत्र गंवाने की कगार पर हैं। उनका एक ही सवाल हैं, आखिर, मैं कब स्कूल जाऊंगा?</p>
<p><strong>अभिभावक बोले-सुविधा की जगह दुविधा बना कानून</strong><br />कंसुआ निवासी अब्दुल गफ्फार का आरोप है, वर्ष 2023 में बच्चे का आरटीई केतहत कंसुआ स्थित निजी स्कूल में एचकेजी में एडमिशन हुआ था। बच्चा आज तीसरी क्लास में पहुंच गया। लेकिन, मार्च 2026 से स्कूल संचालक तीन वर्ष पूर्व एचकेजी की फीस मांग रहा है। आरटीई का हवाला देने पर बच्चे को स्कूल में एंट्री देने से रोक दिया। वहीं, गत वर्ष कक्षा-2 की परीक्षा में दो पेपर के बाद आगे के पेपर देने के लिए परीक्षा में भी बैठने नहीं दिया।</p>
<p>बोरखेड़ा निवासी अजय कुश्वाह ने बताया कि दोस्त धर्मेंद्र गोस्वामी के बेटे अर्नव का आरटीई लॉटरी में पहला नंबर है। डॉक्यूमेंट वेरिफाई होे गए और पोर्टल पर चयनित लिखा हुआ भी आ गया है। इसके बावजूद स्कूल संचालक द्वारा जयपुर द्वारा हमें पीपी-4 की सीटें अलॉट नहीं होने का हवाला देते हुए एडमिशन देने से मना कर दिया। अब हम क्या करें, 4 माह से बच्चा घर बैठा है।</p>
<p>मानपुरा निवासी नसरुद्दीन का कहना है, पोर्टल पर प्रवेशित होने के बावजूद एडमिशन नहीं मिला। दस्तावेज जमा करवाने गए तो स्कूल संचालक ने प्री-प्राइमरी कक्षा संचालित नहीं होने की बात कहते हुए एडमिशन देने से इंकार कर दिया। जबकि, फॉर्म भरते समय स्कूल की प्रोफाइल में प्री-प्राइमरी कक्षा का विवरण होने पर ही हमने नर्सरी के लिए आवेदन किया था।</p>
<p>इस तरह की शिकायतें मिल रहीं हैं। संबंधित स्कूलों को पत्र भेज जवाब मांग रहे हैं। फीस मांगने, नॉन आरटीई के एडमिशन नहीं होने सहित अन्य शिकायतों की वास्तविकता भी परखी जा रही है। वहीं, इस संबंध में शिक्षा निदेशालय बीकानेर को पत्र भेज मार्गदर्शन मांगा है, वहां से जो निर्देश प्राप्त होंगे, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।<br /><strong>-रामचरण मीणा, जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक कोटा</strong></p>
<p><strong>आरटीई उप निदेशक ने नहीं दिया जवाब</strong><br />नवज्योति ने इस संबंध में शिक्षा निदेशालय बीकानेर में राजस्थान की आरटीई उपनिदेशक चंद्रकिरण को फोन कर उनका पक्ष जानने की कोशिश की लेकिन फोन अटैंड नहीं किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Aug 2026 15:31:38 +0530</pubDate>
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                <title>शिक्षा विभाग : स्पोर्ट्स कैलेंडर जारी फिर भी खिलाड़ियों के हाथ खाली</title>
                                    <description><![CDATA[दो साल से नहीं मिला खेल मद का बजट और सामग्री।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/education-department--sports-calendar-released--yet-players--hands-remain-empty/article-161095"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/111200-x-600-px)-(2)6.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । राजस्थान माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से सत्र 2026-27 के राज्य स्तरीय विद्यालयी खेलकूद प्रतियोगिता का वार्षिक पंचांग जारी कर दिया है। लेकिन, स्कूलों को पिछले दो साल से स्पोर्ट्स एक्यूपमेंट खरीदने के लिए बजट तक नहीं मिला। बिना बजट व खेल सामग्री के प्रतिभाओं को राज्य स्तरीय टूर्नामेंट के लिए तैयार करना शारीरिक शिक्षकों के लिए मुश्किल हो रहा है। हालांकि, शिक्षकों को भामाशाहों के सहयोग से खेल सामग्री का जुगाड़ करना पड़ता है। इधर, शिक्षाविदें का कहना है, अभी तक स्कूलों को खेल मद की राशि और आवश्यक खेल सामग्री तक उपलब्ध नहीं हुई, जिसके अभाव में विद्यार्थियों को अभ्यास करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।</p>
<p><strong>जिला व राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का शेड्यूल</strong><br />स्कूल स्तर के 17 व 19 वर्ष के छात्र-छात्रा वर्ग के 33 प्रकार के गेम्स निर्धारित किए गए हैं। जिन्हें आयोजित कराने के लिए चार समूहों में विभाजित किया गया है। इस बार स्कूल स्तर की खेल प्रतियोगिताएं 25 अगस्त से पहले सम्पन्न करवानी होंगी। इसके बाद जिला स्तर की सभी प्रतियोगिताएं 29 अगस्त से 17 अक्टूबर तक होंगी। राज्य स्तर की प्रतियोगिताएं 9 सितंबर से 29 अक्टूबर तक करवाई जाएंगी।</p>
<p><strong>भामाशाहों के भरोसे स्कूलों में अभ्यास</strong><br />सरकारी विद्यालयों में फुटबॉल, वॉलीबॉल, क्रिकेट, एथलेटिक्स सहित विभिन्न खेलों की आवश्यक सामग्री का अभाव बना है। कई जगह खिलाड़ी सीमित संसाधनों के साथ अभ्यास कर रहे हैं, जबकि कई विद्यालयों में शारीरिक शिक्षकों को ग्रामीणों, भामाशाहों और स्थानीय सहयोग से खेल सामग्री जुटाकर खिलाड़ियों तैयार करना पड़ रहा है।</p>
<p><strong>गत वर्ष प्रतियोगिताएं खत्म होने के बाद मिला था किट</strong><br />शिक्षाविद् मोहर सिंह का कहना है कि वर्ष 2025 में विद्यालयों को खेल सामग्री की किट मार्च माह के आसपास उपलब्ध कराई गई थी, जबकि तब तक राष्ट्रीय स्तर तक की अधिकांश प्रतियोगिताएं समाप्त हो चुकी थीं। सामग्री की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठे थे। इसके बाद विभाग ने विद्यालयों से सामग्री को संतोषजनक बताते हुए रिपोर्ट तो मंगवा ली, लेकिन उसके बाद से न तो नई खेल सामग्री उपलब्ध कराई गई और न ही खेल मद की राशि जारी हुई।</p>
<p><strong>दो वर्षों से नहीं मिला रहा नियमित बजट</strong><br />शरीरिक शिक्षकों के अनुसार, पिछले दो वर्षों से सरकारी विद्यालयों को न तो नियमित खेल मद की राशि मिल रही है और न ही आवश्यकता के अनुरूप खेल सामग्री उपलब्ध हो रही है। इससे पहले उच्च माध्यमिक विद्यालयों को 25 हजार रुपए, उच्च प्राथमिक विद्यालयों को 10 हजार रुपए तथा प्राथमिक विद्यालयों को 5 हजार रुपए खेल गतिविधियों के लिए दिए जाते थे। वर्तमान में विद्यालयों के पास अन्य मद से भी खेल सामग्री खरीदने के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध नहीं है।</p>
<p><strong>इस बार भामाशाहों से भी सहयोग मांगना मुश्किल</strong><br />नाम न छापने की शर्त पर कुछ स्कूलों के पीटीआई ने बताया कि हॉकी जैसे खेलों की सामग्री काफी महंगी होती है। बजट नहीं मिलने से टीम तैयार करना कठिन हो रहा है। गत वर्ष भी बजट नहीं मिला। अब तक भामाशाहों और व्यक्तिगत परिचितों के सहयोग से काम चलाया जाता था, लेकिन इस बार कमजोर मानसून के कारण उनसे भी सहयोग की उम्मीद कम है। ऐसे में सरकार को जल्द खेल मद का बजट जारी करना चाहिए।</p>
<p><strong>समय पर बजट उपलब्ध कराना शिक्षा परिषद की जिम्मेदारी फोटो है दोनों में</strong><br />राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों को शारीरिक शिक्षक उनकी रुचि के खेलो में तैयार करते है लेकिन दूसरी और इन खिलाड़ियों के खेलों की सामग्री के लिए राज्य स्कूल शिक्षा परिषद की ओर से पिछले दो सत्रों से बजट ही नहीं मिल रहा। ऐसे में खिलाड़ी कैसे तैयार होंगे। शिक्षा मंत्री मामले को संज्ञान में लेते हुए दो सत्रों की बजट राशि इस माह जारी करवाई जाएं ताकि, खेल सामग्री समय पर खरीदी जा सके, जिसका आगामी विद्यालयी खेलकूद प्रतियोगताओं में उपयोग हो सकें।<br /><strong>-मोहर सिंह सलावद, प्रदेशाध्यक्ष, शिक्षक संघ रेसट</strong></p>
<p>राजकीय विद्यालयों को पिछले दो साल से स्पोट्स मद में बजट नहीं दिया जा रहा। जबकि, खेल बजट की आवश्यकता अब पहले से कहीं अधिक है। क्योंकि, नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर जोर देती है, लेकिन कई स्कूलों में खेल सामग्री, मैदान और आवश्यक संसाधनों का अभाव है। प्रत्येक विद्यालय को पर्याप्त और नियमित स्पोर्ट्स बजट उपलब्ध कराया जाए, तो ग्रामीण क्षेत्रों की छिपी हुई खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का अवसर मिलेगा। सरकार को पिछले व वर्तमान सत्र का बजट जल्द जारी करना चाहिए।<br /><strong>-राजेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष शिक्षक संघ रेसटा</strong></p>
<p>पिछले सत्र में बजट दिया है, जिससे खेलकूद उपलब्ध कराई गई है। स्पोर्ट्स एक्यूपमेंट यानी खेल सामग्री की कमी नहीं है। रही बात नए सत्र के बजट की तो वह जल्द ही स्कूलों को मिलेगा।<br /><strong>-सतीश कुमार गुप्ता, विशेषाधिकारी शिक्षा मंत्री</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Jul 2026 14:26:14 +0530</pubDate>
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                <title>'पहले दिन से पढ़ाई' का संकल्प हुआ साकार, समय पर पाठ्यपुस्तकों से छात्रों का बढ़ेगा आत्मविश्वास : मुख्यमंत्री </title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राजस्थान ने इस वर्ष 'सत्रारंभ के साथ ही शिक्षारंभ' का नया संकल्प साकार किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक पहल करते हुए 1 अप्रैल तक प्रदेश के सभी जिलों में पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित की, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई शैक्षणिक सत्र के पहले दिन से ही शुरू। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-resolve-to-study-from-the-first-day-came-true/article-159725"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/bhajan-lal-sharma041.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राजस्थान ने इस वर्ष 'सत्रारंभ के साथ ही शिक्षारंभ' का नया संकल्प साकार किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक पहल करते हुए 1 अप्रैल तक प्रदेश के सभी जिलों में पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित की, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई शैक्षणिक सत्र के पहले दिन से ही शुरू हो सकी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की इस पहल से विद्यार्थियों को समय पर पाठ्य सामग्री उपलब्ध हुई है, जिससे उनकी पढ़ाई में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि 'पहले दिन से पढ़ाई' का यह संकल्प शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है और इससे विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। समय पर पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता से विद्यार्थियों को पूरे सत्र का लाभ मिलेगा, उनकी सीखने की क्षमता में वृद्धि होगी तथा उनका भविष्य अधिक उज्ज्वल बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और प्रभावी व्यवस्थाओं के माध्यम से राजस्थान को अग्रणी राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 17:22:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>हरिपुरा स्कूल में जलभराव समस्या पर शिक्षा विभाग सख्त, जानें पूरा मामला </title>
                                    <description><![CDATA[जलभराव से बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा दोनों प्रभावित होती हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/education-department-takes-a-firm-stand-on-the-waterlogging-issue-at-haripura-school/article-157569"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(6)9.png" alt=""></a><br /><p>नमाना रोड। दैनिक नवज्योति समाचार पत्र में 17-18 जून के अंक में प्रकाशित खबर के बाद राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय हरिपुरा में जलभराव की गंभीर समस्या को लेकर शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (CBEO), समग्र शिक्षा ब्लॉक बूंदी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की है। बूंदी-खटकड़ रोड पर स्थित इस विद्यालय में वर्तमान में लगभग 120 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। </p>
<p>बारिश के दिनों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने से बच्चों की पढ़ाई एवं सुरक्षा पर गंभीर संकट खड़ा हो जाता है। इसी को देखते हुए विभाग ने मानसून से पहले स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाए हैं। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी प्रीति शर्मा ने राजस्थान राज्य सड़क विकास निगम (RSRDC) के सहायक अभियंता, सुरेन्द्र सिंह गुर्जर, बूंदी को आधिकारिक पत्र भेजकर समस्या के शीघ्र समाधान की मांग की गई है। </p>
<p>पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि मानसून शुरू होने से पूर्व जलभराव की समस्या का स्थायी निस्तारण किया जाए। विभाग ने सड़क विकास एजेंसी से आग्रह किया है कि बच्चों की सुरक्षा एवं शिक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकता के आधार पर कार्यवाही की जाए, ताकि आगामी बारिश के मौसम में विद्यार्थियों और विद्यालय स्टाफ को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। शिक्षा विभाग की इस पहल को बच्चों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 15:00:38 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>20 फरवरी को विभिन्न विभागों के कार्मिकों की होगी एनसीडी स्क्रीनिंग: उच्च रक्तचाप, मधुमेह और कैंसर जैसी गैर-संचारी बीमारियों की होगी जाँच</title>
                                    <description><![CDATA[जिला कलक्टर के निर्देशानुसार, जयपुर में 20 फरवरी को 30 वर्ष से अधिक आयु के शिक्षा एवं महिला अधिकारिता विभाग के कर्मियों की एनसीडी स्क्रीनिंग होगी। इसमें कैंसर, मधुमेह और बीपी की जांच की जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/ncd-screening-of-personnel-of-various-departments-will-be-done/article-143551"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/health.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशानुसार आगामी 20 फरवरी को महिला अधिकारिता विभाग, महिला एवं विकास विभाग, बाल अधिकारिता विभाग एवं शिक्षा विभाग में कार्यरत समस्त 30 वर्ष से अधिक कार्मिकों की एनसीडी स्क्रीनिंग की जाएगी। </p>
<p>मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जयपुर प्रथम डॉ. रवि शेखावत और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जयपुर द्वितीय डॉ. मनीष मित्तल ने बताया कि जिला कलक्टर महोदय के निर्देशानुसार जिले के विभिन्न विभागों यथा महिला अधिकारिता विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल अधिकारिता विभाग एवं शिक्षा विभाग में कार्यरत 30 वर्ष से अधिक समस्त कार्मिकों की एनसीडी स्क्रीनिंग की जाएगी। इसमे चिकित्साकर्मियों द्वारा कार्मिकों के रक्तचाप, मधुमेह, ओरल कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, सवाईकल कैंसर जैसी गैर-संचारी बीमारियों (NCD) की स्क्रीनिंग की जाएगी।</p>
<p>उन्होंने बताया कि एनसीडी स्क्रीनिंग के सफल आयोजन हेतु समस्त खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी, समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Feb 2026 17:00:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - कब्जे वाले पुराने विद्यालय भवन की हुई जांच ,आमली गांव पहुंचे शिक्षा विभाग के अधिकारी</title>
                                    <description><![CDATA[उच्चाधिकारियों को भेजी रिपोर्ट।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news--investigation-of-the-occupied-old-school-building/article-128724"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/111-(2)8.png" alt=""></a><br /><p>कुंदनपुर। ग्राम पंचायत मंडाप के अंतर्गत आमली गांव स्थित पुराने सरकारी विद्यालय भवन पर प्रभावशाली लोगों द्वारा कब्जे की शिकायत पर शिक्षा विभाग हरकत में आ गया। मंगलवार को विभागीय टीम गांव पहुंची और मौके का निरीक्षण कर ग्रामीणों व प्रधानाध्यापक से जानकारी ली। गौरतलब है कि 03 अक्टूबर को दैनिक नवज्योति मे आमली में पुराने विद्यालय भवन पर लोगों का कब्जा शीर्षक से खबर प्रकाशित हुई थी। इसके बाद विभाग ने तुरंत जांच शुरू की। उल्लेखनीय है कि बुधवार को आमली में आयोजित ग्रामीण चौपाल व जन संवाद के दौरान ग्रामीणों ने ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर को ज्ञापन सौंपकर 40 साल से चले आ रहे अतिक्रमण को हटाने की मांग की थी। मंत्री ने ग्रामीणों को भवन को कब्जामुक्त कराने का आश्वासन भी दिया था।</p>
<p>विद्यालय के सामने की भूमि आबादी क्षेत्र में आती है। खसरा नंबर 164, रकबा 1.24 हेक्टेयर राजस्व रिकॉर्ड में ग्राम पंचायत मंडाप के नाम दर्ज है। यदि विवाद होता है तो उसकी कार्रवाई ग्राम पंचायत स्तर पर की जाएगी।<br /><strong>-महेन्द्र सैनी, पटवारी</strong></p>
<p><strong>जांच दल की कार्रवाई</strong><br />सांगोद एसीबीईओ पुरुषोत्तम मेघवाल के निर्देश पर उप प्राचार्य महावीर मीणा, वरिष्ठ अध्यापक जमनालाल और कनिष्ठ सहायक सुनीता देवी की टीम आमली पहुंची। टीम ने भवन का अवलोकन कर प्रधानाध्यापक से चर्चा की और ग्रामीणों के बयान भी दर्ज किए। इसके बाद पूरी रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। अधिकारियों ने कहा कि जो भी निर्देश मिलेंगे, उनकी पालना की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Oct 2025 15:50:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>5 सितंबर तक पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें अधिकारी : कृष्ण कुणाल</title>
                                    <description><![CDATA[साथ ही ओरल रीडिंग फ्लूएंसी के परिणाम 1 सितंबर तक जारी करने के भी निर्देश प्रदान किए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/ensure-providing-text-books-by-5-september-officer-krishna-kunal/article-124888"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(8)20.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शासन सचिव शिक्षा विभाग कृष्ण कुणाल ने प्रदेश के प्रत्येक विद्यार्थी तक 5 सितंबर तक अनिवार्य रूप से पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कुणाल मंगलवार को शिक्षा संकुल सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। कुणाल ने स्पष्ट कहा कि पुस्तक वितरण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति में बाधा न आए, इसके लिए समय पर पुस्तक वितरण को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा जाए। उन्होंने बताया कि पुस्तक वितरण की प्रगति की विभागीय स्तर पर नियमित समीक्षा एवं मॉनिटरिंग की जाएगी। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में अध्ययन-अध्यापन की प्रक्रिया सुचारू रहे, इसके लिए अधिकारियों को समय पर पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी। साथ ही ओरल रीडिंग फ्लूएंसी के परिणाम 1 सितंबर तक जारी करने के भी निर्देश प्रदान किए।</p>
<p>बैठक में प्रखर अभियान 2.0, एफएलएन, 8 सितंबर को आयोजित होने वाली मेगा पीटीएम, शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा पठन कौशल संबंधी गतिविधियों के क्रियान्वयन पर भी विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर निदेशक प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा सीताराम जाट, राज्य परियोजना निदेशक एवं आयुक्त अनुपमा जोरवाल सहित आलाधिकारी मौजूद रहे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 Aug 2025 12:59:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिक्षा विभाग की कुंभलगढ़ स्थित द कुंभा रेजीडेंसी में होगी बैठक : सरकारी स्कूलों में हो रहे हादसों और अन्य बिंदुओं पर होगा चिंतन</title>
                                    <description><![CDATA[बैठक के अंत में समापन सत्र आयोजित होगा, जिसमें सभी सत्रों से प्राप्त सुझावों और निष्कर्षो समेटते हुए आगे की रूपरेखा तय की जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/education-department-will-meet-in-the-kumbha-residency-in-kumbhalgarh/article-124358"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/shiksha-sankul.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सरकारी स्कूलों में आए दिन हो रहे हादसाें, ड्रॉप आउट दर कम करने, सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग की दो दिवसीय चिंतन बैठक 22 अगस्त से कुंभलगढ़ स्थित द कुंभा रेजीडेंसी में होगा। चिंतन बैठक में विशेष रूप से शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की उपस्थिति में देश-प्रदेश के ख्यातनाम शिक्षाविद् और विषय विशेषज्ञ शामिल होंगे और शिक्षा की उन्नति से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे। बैठक का शुभारंभ 22 अगस्त की सुबह मंत्री मदन दिलावर की अध्यक्षता में होगा।</p>
<p>पहले दिन छह सत्र होंगे, जिनमें प्रदेश में शिक्षा की वर्तमान स्थिति, विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने और ड्रॉप आउट दर कम करने, राष्ट्रीय शिक्षा नीति का प्रभावी क्रियान्वयन, संस्थागत सुधार, विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता और शिक्षा में संस्कारों के समावेश जैसे विषयों पर मंथन होगा। दूसरे दिन कौशल, व्यावसायिक और रोजगारोन्मुखी शिक्षा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने, खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा संस्थागत सुधार जैसे अहम विषयों पर चर्चा की जाएगी। बैठक के अंत में समापन सत्र आयोजित होगा, जिसमें सभी सत्रों से प्राप्त सुझावों और निष्कर्षो समेटते हुए आगे की रूपरेखा तय की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 Aug 2025 12:20:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रयासों से केन्द्रीय शिक्षा मंत्री से मिली सहमति : शिक्षा के उन्नयन एवं विकास के लिए राजस्थान को मिलेंगे 3 हजार 200 करोड़</title>
                                    <description><![CDATA[मुलाकात के दौरान शर्मा ने समग्र शिक्षा के तहत राज्य में शिक्षा विभाग की प्रगति, नीति एवं भविष्य में किये जाने वाले कार्य के सम्बन्ध में भी केन्द्रीय शिक्षा मंत्री को जानकारी दी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/with-the-efforts-of-chief-minister-bhajan-lal-sharma-rajasthan/article-124321"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/bhajan-lal-sharma.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रयासों से केन्द्र सरकार ने समग्र शिक्षा, राजस्थान के लिए 3 हजार 200 करोड़ रुपए  स्वीकृत किए हैं। शर्मा की ओर से हाल ही में नई दिल्ली में केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान से मुलाकात के दौरान वित्तीय वर्ष 2025-26 में समग्र शिक्षा, राजस्थान के लिए केन्द्रीय अंश की राशि शीघ्र जारी करने का अनुरोध किया गया था। इस संबंध में केन्द्रीय शिक्षा मंत्री ने समग्र शिक्षा अभियान के अन्तर्गत 3 हजार 200 करोड़ राज्य को देने के लिए सहमति प्रदान की है, साथ ही, इस राशि की प्रथम किस्त शीघ्र जारी करने का आश्वासन भी दिया है। मुलाकात के दौरान शर्मा ने समग्र शिक्षा के तहत राज्य में शिक्षा विभाग की प्रगति, नीति एवं भविष्य में किये जाने वाले कार्य के सम्बन्ध में भी केन्द्रीय शिक्षा मंत्री को जानकारी दी। </p>
<p>केन्द्र से प्राप्त इस राशि से कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय विद्यालय में विभिन्न कार्य, विद्यालयों मेंं निर्माण एवं मरम्मत कार्य, व्यावसायिक शिक्षा, आईसीटी एवं डिजीटल लैब, निपुण भारत, सामुदायिक गतिशिलता, नवाचार, समग्र शिक्षा की मॉनिटरिंग से संबंधित विभिन्न कार्य कराए जाएंगे। इससे प्रदेश में शिक्षा के आधारभूत ढ़ांचे को और अधिक सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/with-the-efforts-of-chief-minister-bhajan-lal-sharma-rajasthan/article-124321</link>
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                <pubDate>Thu, 21 Aug 2025 17:00:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिक्षा विभाग ने अब तक लगाए 2.78 करोड़ से अधिक पौधे</title>
                                    <description><![CDATA[विभाग के जारी आंकड़ों के अनुसार अभी तक सर्वाधिक वृक्षारोपण जयपुर जिले में 24.35 लाख हुआ है, जबकि दूसरे स्थान पर भीलवाड़ा जिला है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/education-department-has-planted-more-than-278-crore-plants-so/article-121387"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/789625.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शिक्षा विभाग ने प्रदेश में मंगलवार तक दो करोड़ 78 लाख 75 हजार 154 पौधे लगाने और 22 लाख 37 हजार 260 पौधों की जियो टैगिंग की जाने का दावा किया है।शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने विभाग को बधाई देते हुए कहा कि जिस तेजी से विभाग पौधरोपण के लक्ष्य को हासिल करने के लिए काम कर रहा है वो तारीफ  के काबिल है।</p>
<p>विभाग के जारी आंकड़ों के अनुसार अभी तक सर्वाधिक वृक्षारोपण जयपुर जिले में 24.35 लाख हुआ है, जबकि दूसरे स्थान पर भीलवाड़ा जिला है। जहां  13.60 लाख पौधे लगाए गए है। सबसे कम वृक्षारोपण जैसलमेर जिले में 1.78 लाख हुआ है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/education-department-has-planted-more-than-278-crore-plants-so/article-121387</link>
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                <pubDate>Wed, 23 Jul 2025 13:04:53 +0530</pubDate>
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                <title>शिक्षा विभाग बन रहा भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा अड्डा : जूली ने  भ्रष्टाचार के लगाए आरोप, कहा-  शिक्षा विभाग के अंदर भ्रष्टाचार बहुत अंदर तक पहुंच चुका </title>
                                    <description><![CDATA[जूली ने कहा है कि भाजपा सरकार के शासन में शिक्षा विभाग भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा अड्डा बनता जा रहा है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/education-department-is-becoming-the-biggest-base-of-corruption-julie/article-120659"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/tikaram.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने शिक्षा विभाग में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। जूली ने कहा है कि भाजपा सरकार के शासन में शिक्षा विभाग भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा अड्डा बनता जा रहा है। पहले खेल सामग्री में घोटाला, फिर किताबों में मनमर्जी और अब बच्चों के मिड डे मील में दूध देने के लिए जा रहे मिल्क पाउडर का बाजार में पहुंचना दिखाता है कि शिक्षा विभाग के अंदर भ्रष्टाचार बहुत अंदर तक पहुंच चुका है।</p>
<p>अपने विभाग के कामकाज के अलावा हर विषय पर टिप्पणी करने वाले शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की इस भ्रष्टाचार पर चुप्पी स्वीकारोक्ति है कि उनका विभाग पर उनका कोई नियंत्रण नहीं है। दिखावे के लिए वो एक शिक्षक पर पांच हजार रुपए देने का आरोप लगाकर प्रेस वार्ता तक कर देते हैं, पर करोड़ों के गबन पर चुप्पी साधे बैठे हैं। दिलावर को बताना चाहिए कि घटिया खेल सामग्री से लेकर अभी तक उन्होंने भ्रष्टाचार के विरुद्ध क्या कदम उठाए हैं?</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 16 Jul 2025 15:41:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>शिक्षा विभाग में पांच साल से अटकी पदोन्नतियों पर शिक्षकों ने दी आंदोलन की चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्य सचिव बार-बार प्रसंज्ञान लेते हैं, लेकिन अधिकारियों की शून्यता की वजह से शिक्षकों की पदौन्नति का ग्राफ आगे नहीं बढ़ पा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/teachers-warned-of-agitation-on-promotions-stuck-in-education-department/article-104577"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/shiksha-sankul-(2)1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शिक्षा विभाग में तृतीय श्रेणी शिक्षकों की कई सालों से अटकी पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर शिक्षकों ने नाराजगी जाहिर करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा का कहना है कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों की शिथिलता की वजह से बच्चों को पढ़ाने हेतु विषय अध्यापक नहीं मिल रहें हैं। मुख्य सचिव से बार-बार शिकायत करने के बाद विभाग में थोड़ी बहुत हलचल होती है उसके बाद पुन: यह प्रक्रिया ठंडे बस्ती में चली जाती है। मुख्य सचिव बार-बार प्रसंज्ञान लेते हैं, लेकिन अधिकारियों की शून्यता की वजह से शिक्षकों की पदौन्नति का ग्राफ आगे नहीं बढ़ पा रहा है।</p>
<p>तृतीय श्रेणी से वरिष्ठ अध्यापक की पदोन्नति निदेशक के 28 जुलाई 2022 के विवादास्पद आदेश एवं विभाग की कमजोर पैरवी के कारण सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। शर्मा का कहना है की बोर्ड परीक्षा के बाद अगर विभाग में पदोन्नतियों का ढांचा नहीं सुधरा तों शिक्षक जयपुर में एक बड़े आंदोलन की तैयारी करेंगे। राजस्थान में सभी विभागों में पदोन्नतियां प्रतिवर्ष हो रही है तथा एक वर्ष में दो पदोन्नति करने के भी आदेश हो चुके हैं ऐसे में शिक्षा विभाग ही ऐसा विभाग है जो 5 वर्षों से पदोन्नतियां लंबित चल रही है और शिक्षक पदोन् नति की बांट जोह रहे हैं, ऐसे में उसी पद से सेवानिवृत्त हो रहे हैं ऐसे में शिक्षकों में भारी कुंठा तथा आक्रोश है। विशेष शिक्षा में व्याख्याता के नियम बनने के बाद भी दिव्यांग बच्चों को पढ़ाने के लिए व्याख्याता विशेष शिक्षा पद नहीं दिए जा रहें हैं।              </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Feb 2025 14:17:01 +0530</pubDate>
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