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                <title>surveillance - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>नशीली दवाओं की तस्करी पर लगाम लगाने के लिए RPF की सख्ती तेज: 3 साल में 4328 ड्रग्स तस्करी के मामले पकड़े</title>
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                        <![CDATA[रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, आरपीएफ ने पिछले तीन वर्षों में रिकॉर्ड 4328 एनडीपीएस मामले पकड़े हैं। सीसीटीवी, स्निफर डॉग्स और एक्स-रे स्कैनर्स के जरिए निगरानी सख्त की गई है। हालांकि आरपीएफ को केवल तलाशी और जब्ती का अधिकार है, वे एनसीबी और जीआरपी के साथ समन्वय कर ट्रेनों में नशीली दवाओं के नेटवर्क को ध्वस्त कर रहे हैं।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rpfs-strictness-intensified-to-curb-drug-smuggling-4328-drug-smuggling/article-147441"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/train_03.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। रेलवे में नशीली दवाओं की तस्करी पर लगाम लगाने के लिए रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) ने निगरानी और विशेष अभियानों को तेज किया है। बेहतर मॉनिटरिंग, सीसीटीवी कैमरों और विभिन्न एजेंसियों के समन्वय से पिछले तीन वर्षों में आरपीएफ ने कुल 4328 एनडीपीएस मामलों का पता लगाया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2023 में 1220, 2024 में 1392 और 2025 में 1716 मामले सामने आए।</p>
<p>आरपीएफ को 2019 की अधिसूचना के तहत तलाशी, जब्ती और गिरफ्तारी के अधिकार हैं, लेकिन केस दर्ज करने और जांच का अधिकार नहीं है। इसलिए पकड़े गए आरोपी और जब्त सामग्री को जीआरपी या अन्य एजेंसियों को सौंप दिया जाता है। नशीली दवाओं की तस्करी रोकने के लिए आरपीएफ, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, जीआरपी और स्थानीय पुलिस के साथ लगातार समन्वय कर रही है।</p>
<p>प्रमुख स्टेशनों पर एक्स-रे बैगेज स्कैनर लगाए गए हैं और सीसीटीवी से निगरानी बढ़ाई गई है। संवेदनशील रूट्स पर विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं, वहीं स्निफर डॉग्स की मदद से जांच को और मजबूत किया गया है। साथ ही यात्रियों में जागरूकता बढ़ाने के लिए अभियान भी चलाए जा रहे हैं।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 15:02:18 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>वॉशिंगटन डीसी के सैन्य बेस पर अज्ञात ड्रोन दिखने से हड़कंप: मार्को रूबियो और पीट हेगसेथ की बढ़ाई सुरक्षा, व्हाइट हाउस में उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन</title>
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                        <![CDATA[वॉशिंगटन डीसी स्थित फोर्ट मैकनेयर सैन्य बेस के ऊपर रहस्यमयी ड्रोन दिखने से अमेरिकी सुरक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है। इसी बेस पर विदेश मंत्री और रक्षा मंत्री के आवास भी हैं। ईरान-इजरायल संघर्ष के बीच, पेंटागन ने सुरक्षा उपायों को हाई अलर्ट पर कर दिया है और व्हाइट हाउस में आपात बैठक बुलाई गई है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-sighting-of-an-unidentified-drone-at-the-military-base/article-147065"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/drone.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंटगन। अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी स्थित एक प्रमुख सैन्य बेस 'फोर्ट मैकनेयर के ऊपर कई अज्ञात ड्रोन देखे जाने के बाद अमेरिकी सुरक्षा हलकों में हड़कंप मच गया है। इस घटना के बाद व्हाइट हाउस में एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई और सुरक्षा उपायों को कड़ा कर दिया गया है।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, इसी सैन्य बेस पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ का निवास स्थान भी है। सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि पिछले 10 दिनों के भीतर एक ही रात में कई ड्रोन देखे गए। ये ड्रोन कहां से आए, इसका अभी तक पता नहीं चल पाया है। ड्रोन दिखने के बाद प्रशासन ने रूबियो और हेगसेथ को किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर भेजने पर विचार किया था, हालांकि फिलहाल दोनों अपने वर्तमान आवास पर ही बने हुए हैं।</p>
<p>प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 28 फरवरी से ईरान पर शुरू हुए अमेरिका-इजरायल हमलों के बाद से अमेरिकी सेना हाई अलर्ट पर है। इस घटना के बाद अलर्ट स्तर को और अधिक बढ़ा दिया गया है। पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता सीन पार्नेल ने रक्षा मंत्री हेगसेथ की सुरक्षा और उनकी आवाजाही पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए इसे अत्यंत गैर-जिम्मेदाराना बताया।</p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 18:15:34 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>चुनाव आयोग की बड़ी कार्रवाई: पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के लिए 1,111 केंद्रीय पर्यवेक्षक तैनात, अप्रेल में होंगे चुनाव</title>
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                        <![CDATA[चुनाव आयोग ने निष्पक्ष मतदान हेतु 1,111 पर्यवेक्षकों को तैनात किया है। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल सहित चुनावी राज्यों में ये "आंख और कान" के रूप में हिंसा और प्रलोभन पर नजर रखेंगे। 18 मार्च तक ये अधिकारी अपने क्षेत्रों में पहुंचेंगे, जहां आम जनता और दल सीधे शिकायतें दर्ज करा सकेंगे।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/big-action-of-election-commission-1111-central-observers-deployed-for/article-146867"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/ec.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों के साथ-साथ छह राज्यों में होने वाले उपचुनावों के लिए 1,111 केंद्रीय पर्यवेक्षकों को तैनात किया है। मंगलवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि इन पर्यवेक्षकों में सामान्य, पुलिस और व्यय अधिकारी शामिल हैं। इन्हें चुनाव आयोग के "आंख और कान" के रूप में वर्णित किया गया है, जो चुनावी प्रक्रिया के दौरान जमीनी स्तर पर निगरानी रखेंगे।</p>
<p>आयोग के अनुसार सामान्य पर्यवेक्षक की संख्या 557, पुलिस पर्यवेक्षक 188 तथा व्यय पर्यवेक्षक 366 होगी। इनको 832 विधानसभा क्षेत्रों और उपचुनाव वाली सीटों पर तैनात किया जायेगा। आंकड़ों के अनुसार, चुनावी राज्यों में पश्चिम बंगाल में सबसे अधिक 294 सामान्य पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। इसके बाद तमिलनाडु में 136, असम और केरल में 51-51, और पुडुचेरी में 17 तथा उपचुनाव वाले राज्यों के लिए आठ सामान्य पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। पश्चिम बंगाल में उच्च तैनाती राज्य के चुनावी इतिहास और राजनीतिक संवेदनशीलता को देखते हुए की गई है।</p>
<p>पश्चिम बंगाल में 84 पुलिस पर्यवेक्षकों के साथ -साथ तमिलनाडु में 40, असम में 35, केरल में 17, पुडुचेरी में चार तथा उपचुनाव वाले राज्यों में आठ पुलिस पर्यवेक्षकों की तैनाती की गयी है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि चुनाव पूरी तरह से हिंसा मुक्त और प्रलोभन मुक्त वातावरण में होने चाहिए। आयोग ने सभी पर्यवेक्षकों को 18 मार्च तक अपने संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में पहुँचने का निर्देश दिया है।</p>
<p>ये पर्यवेक्षक अपनी डयूटी पर पहुँचने के बाद, अपने संपर्क विवरण सार्वजनिक करेंगे। वे प्रतिदिन एक निश्चित समय तय करेंगे जिसमें उम्मीदवार, राजनीतिक दल और आम जनता उनसे मिलकर अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति संविधान के अनुच्छेद 324 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 20 ख के तहत की जाती है। ये अधिकारी पारदर्शिता बनाए रखने, चुनावी कदाचार को रोकने और क्षेत्र स्तर पर चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 18:27:37 +0530</pubDate>
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                <title>दिल्ली पुलिस के 79वें स्थापना दिवस के मौके पर अमित शाह ने रखी कई परियोजनाओं की आधारशिला, सी4आई दिल्ली की जनता को किया समर्पित</title>
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                        <![CDATA[गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली पुलिस के 79वें स्थापना दिवस पर ₹857 करोड़ के 'सेफ सिटी प्रोजेक्ट' और नए 'स्पेशल सेल मुख्यालय' की नींव रखी। 2,100 लाइव कैमरे सुरक्षा को अभेद्य बनाएंगे।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/on-the-occasion-of-79th-foundation-day-of-delhi-police/article-143419"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-600-px)-(22).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को दिल्ली पुलिस के 79वें स्थापना दिवस समारोह में भाग लिया और दिल्ली पुलिस की दस नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी। अमित शाह ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सुरक्षित शहर परियोजना के पहले चरण का उद्घाटन कर दिया गया है। लगभग 857 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित आधुनिक इंटीग्रेटेड कमांड, कंट्रोल, कम्युनिकेशन एंड कंप्यूटर सेंटर (सी4आई) दिल्ली की जनता को समर्पित किया गया है। उन्होंने कहा कि ग्यारह जिला-स्तरीय सीदृढ्ढ केंद्र और पचहत्तर थाना-स्तरीय सीदृढ्ढ इकाइयाँ इस प्रणाली के साथ एकीकृत की जाएंगी।</p>
<p>गृह मंत्री ने कहा कि दिल्ली को 10,000 कैमरों से जोडऩे के कार्यक्रम के तहत, पहले चरण में 2,100 कैमरों को लाइव जोड़ा जा चुका है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सुरक्षित शहर परियोजना आने वाले दिनों में दिल्ली की सुरक्षा को काफी हद तक बढ़ाएगी। अमित शाह ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं। संसद द्वारा पारित तीन नए आपराधिक कानूनों को इतिहास याद रखेगा। उन्होंने कहा कि अगले तीन वर्षों के भीतर पूर्ण कार्यान्वयन के बाद देश के किसी भी कोने में दर्ज की गई कोई भी प्राथमिकी उच्चतम न्यायालय तक पहुंचेगी, जिससे अपराधियों को सजा और पीड़ितो को न्याय मिलना सुनिश्चित होगा।</p>
<p>गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि नए कानूनों में बच्चों और महिलाओं के खिलाफ अपराधों के लिए एक अलग अध्याय जोड़ा गया है। ई-एफआईआर और जीरो एफआईआर को कानूनी समर्थन दिया गया है, छोटे अपराधों के लिए सजा के रूप में सामुदायिक सेवा को वैध बनाया गया है और भारत के बाहर स्थित घोषित अपराधियों की संपत्तियों को कुर्क और जब्त करने के प्रावधान किए गए हैं।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 18:29:15 +0530</pubDate>
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                <title>नकल रहित परीक्षा के लिए मध्य प्रदेश कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश, सुरक्षा के कड़े इंतजाम, जल्द शुरू होगी 12वीं कक्षा की प​रीक्षाएं</title>
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                        <![CDATA[एमपी बोर्ड परीक्षाओं से पहले भिंड में कड़े इंतजाम किए गए। 50 केंद्रों पर सख्त निगरानी रहेगी, नकल रोकने को संवेदनशील केंद्रों पर विशेष सुरक्षा होगी।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/madhya-pradesh-collector-gave-strict-instructions-for-cheating-free-examination-strict/article-142451"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(12)6.png" alt=""></a><br /><p>भोपाल। मध्यप्रदेश में कल से शुरु होने जा रहीं माध्यमिक शिक्षा मंडल (एमपी बोर्ड) की परीक्षाओं के पहले भिंड जिला कलेक्टर ने परीक्षाओं को नकलमुक्त, पारदर्शी और अनुशासित ढंग से संपन्न कराने के कड़े इंतजाम किए हैं। कल 12वीं कक्षा की परीक्षाएं शुरु होंगी, इसके पहले नकल के लिए कुख्यात भिंड जिले के कलेक्टर ने परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने के सख्त निर्देश दिए हैं।</p>
<p>जिले के सभी 50 परीक्षा केंद्रों पर सख्त निगरानी व्यवस्था लागू रहेगी, जबकि 46 केंद्रों को संवेदनशील और अतिसंवेदनशील घोषित किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि परीक्षार्थियों को सुबह 8 बजे तक परीक्षा केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य होगा। परीक्षा हॉल में प्रवेश की अंतिम समय-सीमा 8.30 बजे तय की गई है। इसके बाद किसी भी परीक्षार्थी को केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा चाहे कारण कुछ भी हो। परीक्षा प्रारंभ होने से पहले पूरी प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी।</p>
<p>सभी परीक्षा केंद्रों की सामग्री पहले ही संबंधित थानों के स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखवा दी गई है। परीक्षा वाले दिन ही कलेक्टर प्रतिनिधि की मौजूदगी में प्रश्न पत्रों का बॉक्स खोला जाएगा। सुबह 7 बजे स्ट्रांग रूम से प्रश्न पत्र बाहर निकाले जाएंगे और कड़ी सुरक्षा में परीक्षा केंद्र तक पहुंचाए जाएंगे। सुबह 8.30 बजे से पहले सामग्री का केंद्र तक पहुंचना अनिवार्य किया गया है। केंद्र अध्यक्ष द्वारा 8.45 बजे तक पर्यवेक्षकों को प्रश्न पत्रों के सील्ड पैकेट वितरित किए जाएंगे। 8.50 बजे उत्तरपुस्तिकाएं दी जाएंगी और परीक्षा शुरू होने से पांच मिनट पहले यानी 8.55 बजे परीक्षा कक्ष में प्रश्न पत्र खोलकर परीक्षार्थियों को वितरित किए जाएंगे। किसी भी स्तर पर समय में लापरवाही या नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा।</p>
<p>पूरी परीक्षा प्रक्रिया की मॉनिटीरिंग निर्धारित ऐप के माध्यम से की जाएगी। प्रश्न पत्र बॉक्स का छहों दिशाओं से वीडियो बनाकर बोर्ड के तय व्हाट्सएप ग्रुप पर अपलोड करना अनिवार्य रहेगा। केंद्र अध्यक्ष, सहायक केंद्र अध्यक्ष और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के मोबाइल फोन सील किए जाएंगे, जिसका घोषणा पत्र समय पर ऐप पर अपलोड करना होगा। यह भी सुनिश्चित किया गया है कि प्रश्न पत्रों के पैकेट परीक्षा कक्ष के अलावा किसी अन्य कक्ष में न खोले जाएं। सभी पैकेट सील्ड अवस्था में पर्यवेक्षकों को सौंपे जाएंगे और उनका विधिवत रजिस्टर में संधारण किया जाएगा।</p>
<p>जिले में 10वीं के 19 हजार 342 और 12वीं के 14 हजार 421 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। पांच परीक्षा केंद्रों पर एमपी बोर्ड की सीधी निगरानी रहेगी। प्रशासन का साफ संदेश है कि नकल या अनुशासनहीनता पर की नीति अपनाई जाएगी। </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 18:37:18 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>दक्षिणी वायु कमान ने की हिंद महासागर क्षेत्र में हवाई संचालन पर समुद्री संगोष्ठी की घोषणा, तकनीकी एकीकरण और सेवाओं के बीच निर्बाध समन्वय की आवश्यकता</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[दक्षिणी वायु कमान दो फरवरी को वार्षिक समुद्री संगोष्ठी आयोजित करेगी। हिंद महासागर क्षेत्र में हवाई संचालन, आईएसआर क्षमताओं और संयुक्त सैन्य समन्वय पर मंथन होगा।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/southern-air-command-announces-maritime-seminar-on-air-operations-in/article-141193"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/500-px)-(11).png" alt=""></a><br /><p>तिरुवनंतपुरम। हिंद महासागर क्षेत्र में उभरती समुद्री सुरक्षा चुनौतियों के मद्देनजर दक्षिणी वायु कमान मुख्यालय, एयरोस्पेस पावर एंड स्ट्रैटेजिक स्टडीज सेंटर (सीएपीएसएस) के सहयोग से दो फरवरी को अपनी वार्षिक समुद्री संगोष्ठी के दूसरे संस्करण का आयोजन करेगा।</p>
<p>एकीकृत स्टाफ समिति (सीआईएससी) के प्रमुख एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित मुख्य अतिथि के रूप में संगोष्ठी में शामिल होंगे। इस वर्ष की संगोष्ठी का विषय है हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) में हवाई संचालन को बढ़ाना।</p>
<p>यह संगोष्ठी हिंद महासागर क्षेत्र में बहुआयामी अभियानों के ढांचे के भीतर आक्रामक और रक्षात्मक क्षमताओं को बढ़ाने के लिए द्वीपीय क्षेत्रों के प्रभावी उपयोग के साथ-साथ खुफिया, निगरानी और टोही (आईएसआर) क्षमताओं पर केंद्रित होगी।</p>
<p>इस संगोष्ठी में हिंद महासागर क्षेत्र के बढ़ते रणनीतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए सशस्त्र बलों के बीच संयुक्तता, तकनीकी एकीकरण और सेवाओं के बीच निर्बाध समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया जाएगा। विभिन्न क्षेत्रों और सेवाओं के विषय विशेषज्ञ संगोष्ठी में भाग लेंगे और समुद्री क्षेत्र में उभरती सुरक्षा चुनौतियों पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।</p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 29 Jan 2026 14:52:49 +0530</pubDate>
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                <title>सिखों की नजरबंदी, अल्पसंख्यकों के खिलाफ पाकिस्तान का चीन के उइगरों वाला सीक्रेट ऑपरेशन</title>
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                        <![CDATA[इस्लामाबाद में सिख नेताओं के उत्पीड़न के आरोप सामने आए हैं। पाकिस्तानी एजेंसियां सिख एक्टिविस्टों को निगरानी, अलगाव और आर्थिक दबाव में रख रही हैं, मामला गोपाल सिंह चावला से जुड़ा है।]]>
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                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/detention-of-sikhs-pakistans-secret-operation-with-chinas-uighurs-against/article-139395"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/pakistan.png" alt=""></a><br /><p>इस्लामाबाद। पाकिस्तान में सिख नेताओं के साथ उत्पीड़न का मामला सामने आया है। सिख नेताओं को अलग किया जा रहा है और उनकी निगरानी हो रही है। खासतौर से सिख एक्टिविस्ट पाकिस्तानी एजेंसियों के निशाने पर हैं। इन दावों के सामने आने की वजह पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सिख नेता गोपाल सिंह चावला हैं। खालिस्तान समर्थक गोपाल चावला ना सिर्फ पाकिस्तानी एजेंसियों बल्कि आतंकी हाफिज सऊद के भी चहेते रहे हैं। अब उनको घर में ही नजरबंद रखा गया है।</p>
<p>टॉप इंटेलिजेंस सूत्रों के हवाले से की गई अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सिख नेताओं के साथ पाकिस्तान का बर्ताव ऐसा ही है, जैसा चीन उइगर मुस्लिमों के साथ करता है। इसमें लंबे समय तक कैद, निगरानी और आर्थिक रूप से कमजोर करने पर जोर दे रहा है। इस्लामाबाद अल्पसंख्यकों को खतरे के रूप में मैनेज करने की नीति अपना रहा है। इसके तहत सिख एक्टिविस्टों को बिना कानूनी प्रक्रिया के अलग-थलग किया जा रहा है।</p>
<p><strong>गोपाल की चर्चा</strong></p>
<p>पाकिस्तान ने सिख नेता नेता गोपाल सिंह चावला को बीते तीन साल कथित तौर पर नजरबंद रखा है। चावला पहले पंजाबी सिख संगत के चेयरमैन थे, अब ये संगत बंद हो गई है। चावला पर औपचारिक रूप से कोई आरोप नहीं लगाया गया है। दावा किया गया है कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने भारत से खतरे का हवाला देते हुए चावला को नजरबंद रखा है। इंटेलिजेंस सूत्रों का तर्क है कि यह पाकिस्तानी अफसर चावला को भारत से खतरे बहाना बना रहे हैं। सिख नेता की गिरफ्तारी से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विरोध के चलते ये तर्क दिए जा रहे हैं। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी करक ने सीधी गिरफ्तारी के बजाय सिख नेताओं की आवाजाही पर रोक लगाने, रोजगार छीनने और परिवार से संपर्क तोड़ने जैसे तरीके अपनाए हैं।</p>
<p><strong>चावला घर में कैद</strong></p>
<p>गोपाल चावला के करीबियों आरोप है कि उन्हें अपने परिवार से नियमित रूप से मिलने नहीं दिया जा रहा है। उनका कार शोरूम बंद हो गया। उन्हें अपनी होम्योपैथी मेडिकल प्रैक्टिस भी बंद करने के लिए मजबूर किया गया है। फिलहाल उनका परिवार कथित तौर पर 55,000 रुपए के वजीफे पर गुजारा कर रहा है। चावला के पिछले संबंधों से मामला और भी पेचीदा हो जाता है। वह हाफिज सईद के साथ मिलकर काम कर चुके हैं। दोनों की तस्वीरें सार्वजनिक रूप से सामने आई थीं। चावला को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान का भी करीबी माने जाता था। करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन के दौरान तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के साथ वह दिखे थे।</p>
<p><strong>आईएसआई के लिए बने बोझ</strong></p>
<p>शीर्ष खुफिया सूत्रों के अनुसार, करक अब पाकिस्तान में सक्रिय खालिस्तानी समूहों से दूरी बना रहा है। खासकर लाहौर में खालिस्तानी नेता हरमीत सिंह उर्फ हैप्पी पासिया पुंजवार की हत्या के बाद ये एहतियात बढ़ी है। पाकिस्तान में खालिस्तानी तत्वों को अब बोझ की तरह देखा जा रहा है। सूत्रों का तर्क है कि पाकिस्तान की यह रणनीति चीन की उइगर मुस्लिमों के खिलाफ नीति की तरह है। इसमें बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां नहीं की जाती। इसके बजाय अलगाव, आर्थिक नियंत्रण और परिवार से अलग करके लगातार मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने का काम किया जाता है।</p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 13 Jan 2026 11:27:52 +0530</pubDate>
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                <title>गणतंत्र दिवस से पहले LoC पर नापाक पाकिस्तान फिर कर रहा ड्रोन से घुसपैठ, चौकस सेना ने मिनटों में पहुंचाया बैकफुट पर</title>
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                        <![CDATA[जम्मू-कश्मीर में LoC और अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) पर बुधवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब कई इलाकों में संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन्स मंडराते देखे गए। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/nefarious-pakistan-is-again-infiltrating-the-loc-with-drones-before/article-139330"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/pakistan-drone-attack.png" alt=""></a><br /><p>जम्मू कश्मीर। जम्मू-कश्मीर में LoC और अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) पर बुधवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब कई इलाकों में संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन्स मंडराते देखे गए। इसके बाद भारतीय सेना ने तुरंत मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई करते हुए अत्याधुनिक एंटी-ड्रोन सिस्टम को सक्रिय किया और देखते ही देखते सेना ने सभी ड्रोनों को सीमा पार वापस लौटा दिया। बता दें कि इस हादसा उस समय जबकि देश अपने 77वें गणतंत्र दिवस की तैयारियों में लगा हुआ है।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, राजौरी जिले के तेरया इलाके में ब्लिंकिंग लाइट वाला एक ड्रोन देखा गया, जिसके बाद सुरक्षा बलों को अलर्ट कर दिया गया। ड्रोन की गतिविधि को घुसपैठ और आतंकी साजिश से जोड़कर देखा जा रहा है। सेना ने संभावित खतरे को भांपते हुए एमएमजी (मीडियम मशीन गन) और एलएमजी (लाइट मशीन गन) से फायरिंग की, जिससे ड्रोन को पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा।</p>
<p>बता दें कि ड्रोन की इस हरकत के बाद पूरी घाटी में सुरक्षाबलों के द्वारा बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। सूत्रों का कहना है कि ड्रोन के जरिए हथियार, विस्फोटक या मादक पदार्थ गिराने की कोशिश की जा सकती थी।</p>
<p>इसी बीच सुरक्षा एजेंसियों ने ड्रोन नेटवर्क से जुड़े संदिग्ध आरोपियों की तलाश में छापेमारी तेज कर दी है। अलग-अलग स्थानों पर तलाशी अभियान जारी है। नापाक पाकिस्तान की इस हरकत के बाद सेना और अन्य सुरक्षा बलों ने साफ किया है कि सीमा पर किसी भी नापाक हरकत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ड्रोन के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए तकनीकी निगरानी और जवाबी क्षमता को और मजबूत किया जा रहा है। घाटी में हालात फिलहाल नियंत्रण में हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क बनी हुई हैं।</p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 16:22:56 +0530</pubDate>
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                <title>जम्मू के बारामूला में कई गुब्बारों से बंधा पाकिस्तानी झंडा बरामद, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट</title>
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                        <![CDATA[जम्मू-कश्मीर के बारामूला में सेना ने पाकिस्तान के झंडे लगे दस गुब्बारे बरामद किए हैं। मंगलवार शाम खदिनायार की पहाड़ियों पर गश्त के दौरान ये गुब्बारे मिले। सुरक्षा एजेंसियां जांच कर रही हैं कि ये सीमा पार से आए हैं या स्थानीय स्तर पर उड़ाए गए थे।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/pakistani-flag-tied-to-several-balloons-recovered-in-baramulla-jammu/article-137031"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/pakistani-ballon.png" alt=""></a><br /><p>श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में सेना ने ऐसे लगभग दस गुब्बारे पकड़े हैं जिन पर पाकिस्तान का झंड़ा बंधा हुआ था। अधिकारियों ने बुधवार को इस घटना की जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार शाम बारामूला के खदिनायार क्षेत्र में एक पहाड़ी पर ये गुब्बारे पाए गए। इन्हें नियमित गश्त के दौरान सेना के जवानों ने देखा। सेना ने तत्काल गुब्बारों और झंडे को अपने कब्जे में लेकर जांच के लिए भेज दिया है।</p>
<p>सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की गहनता से जांच कर रही हैं कि क्या ये गुब्बारे नियंत्रण रेखा के पार से आए हैं जो बरामदगी स्थल से लगभग 70 किलोमीटर दूर स्थित है, या फिर इन्हें स्थानीय स्तर पर कहीं से उड़ाया गया था।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Dec 2025 14:17:16 +0530</pubDate>
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                <title>मोबाइल सर्विलांस पर लेने के लिए तय प्रक्रिया का पालन क्यों नहीं : हाईकोर्ट</title>
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                        <![CDATA[हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव, गृह सचिव और एसीबी के डीजी सहित अन्य को नोटिस जारी कर पूछा है कि आरोपी के मोबाइल सर्विलांस पर लेने के लिए तय प्रक्रिया का पालन क्यों नहीं किया जा रहा है। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-why-not-follow-prescribed-procedure-to-take-on-mobile-surveillance--says-court/article-9025"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/court-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव, गृह सचिव और एसीबी के डीजी सहित अन्य को नोटिस जारी कर पूछा है कि आरोपी के मोबाइल सर्विलांस पर लेने के लिए तय प्रक्रिया का पालन क्यों नहीं किया जा रहा है। जस्टिस नरेन्द्र सिंह ने यह आदेश राजेश कुमार सिंह की आपराधिक याचिका पर दिए। याचिका में अधिवक्ता मोहित खंडेलवाल ने अदालत को बताया कि किसी भी व्यक्ति का मोबाइल फोन भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम, 1885 के तहत बने नियमों के अनुसार ही सर्विलांस लिया जा सकता है।</p>
<p>इसके तहत किसी व्यक्ति का मोबाइल फोन केवल लोक आपात या लोक सुरक्षा के हित में होने की स्थिति में ही सर्विलांस पर ले सकते हैं। इसके अलावा मोबाइल सर्विलांस पर के संबंध में गृह विभाग का मुख्य अधिकारी का आदेश होना जरूरी है। इस आदेश के बाद सात दिन में मामले को रिव्यू के लिए मुख्य सचिव, विधि सचिव व एक अन्य सचिव की कमेटी को भेजा जाता है। यह कमेटी प्रकरण के तथ्यों के आधार पर इस संबंध में निर्णय लेती है।</p>
<p><br />याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ता के मामले में एसीबी के प्रार्थना पत्र पर गृह सचिव ने बिना कानूनी प्रावधान मोबाइल सर्विलांस पर लेने की अनुमति दे दी। गृह सचिव के इस आदेश को रिव्यू कमेटी को भी नहीं भेजा गया और गृह सचिव ने अपने स्तर पर ही याचिकाकर्ता के मोबाइल को सर्विलांस पर रखने की अवधि को दो बार बढा दिया। इसके बाद एसीबी ने मोबाइल सर्विलांस के आधार पर याचिकाकर्ता के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 May 2022 14:35:12 +0530</pubDate>
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