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                <title>dussehra ground - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>असर खबर का : दशहरा मैदान में खुदी पड़ी सड़क की मरम्मत शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[डेढ़ महीने से परेशानी झेल रहे राहगीरों और व्यापारियों को मिलेगी राहत, 3-4 दिन में मार्ग होगा तैयार।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---repair-work-begins-on-dug-up-road-at-dussehra-ground/article-165581"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/111200-x-600-px)-(7)6.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। दशहरा मैदान में खुदी पडी सड़क को जलदाय विभाग ने मरम्मत करना शुरू कर दिया है। किशोरपुरा थाने से तुलसी माता मन्दिर के सामने तक पिछले डेढ़ महिने से पाईप लाईन डालनें के काम के चलते यह सडक खोद दी गई थी जिससे किशोरपुरा से सीएडी की और आने वाले ट्रेफिक को यहां आने पर भारी परेशानी और जाम का सामना कर पड रहा था। जलदाय विभाग के निर्देशों के बाद ठेकेदार ने मौके पर सीमेंट-कंक्रीट मिक्सर मशीनें और अतिरिक्त मजदूर लगाकर सड़क की ढलाई का काम शुरू करवा दिया है। विभाग द्वारा यहां पाइपलाइन शिफ्टिंग के बाद खुदे हुए मार्ग को पक्का किया जा रहा है, ताकि उड़ती धूल और मलबे से स्थानीय निवासियों व दुकानदारों को तुरंत राहत मिल सके।</p>
<p><strong>त्यौहारों से पहले आवागमन होगा सुचारू</strong><br />जलदाय विभाग खण्ड़ -2 के अधिशाषी अभियन्ता श्याम माहेश्वरी ने बताया कि साजी देहड़ा नाले के पास 700 एमएम की जर्जर सीमेंटेड लाइन के स्थान पर 900 एमएम की 300 मीटर नई पाइपलाइन को पिलर्स पर शिफ्ट करने का काम पहले ही पूरा किया जा चुका था। सड़क मरम्मत के कार्य को प्राथमिकता के आधार पर 3-4 दिनों में पूरा कर मार्ग को पूरी तरह तैयार करवा दिया जाएगा। आगामी त्यौहारी सीजन के पहले सीएडी चौराहे की ओर आने-जाने वाले वाहन चालकों को सुरक्षित और सुगम रास्ते में आ रही बाधा से निजात मिल सकें।</p>
<p><strong>'दैनिक नवज्योति' में प्रमुखता से खबर छपते ही जागा जलदाय विभाग, मरम्मत का काम शुरू</strong><br />दशहरा मैदान क्षेत्र में किशोरपुरा थाने से सुलभ कॉम्प्लेक्स तक पिछले एक महीने से खुदी पड़ी सड़क, बिखरे मलबे और टूटी पेयजल लाइनों से बेहाल राहगीरों व व्यापारियों की समस्या को 'दैनिक नवज्योति' ने 4 सितंबर के अंक में ''दशहरा मैदान में 1 महीने से सड़क खुदाई से राहगीर बेहाल'' शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर प्रकाशित होते ही जलदाय विभाग हरकत में आ गया है और मौके पर सड़क मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर शुरू करवा दिया गया है।</p>
<p><strong>व्यापारियों और राहगीरों ने जताया आभार</strong><br />पिछले डेढ़ महीने से ठप पड़े कारोबार और रोज हो रहे हादसों से परेशान स्थानीय व्यापारी चेतन जैन सहित क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली है। निवासियों का कहना है कि दैनिक नवज्योति द्वारा जनसमस्या को प्रमुखता से उठाने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारी जागे और ठप पड़े काम को रफ्तार मिली। त्यौहारी सीजन व आम लोगों को हो रही परेशानी के चलते मुख्य मार्ग पर खुदी पड़ी सड़क से राहगीर व वाहन चालक परेशान हो रहे थे। आए दिन हो रही घटनाओं से स्थानीय निवासी भी परेशान होने लगे थे। खबर का संज्ञान लेते हुए विभाग ने तुरंत निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।</p>
<p> विभाग द्वारा इंटरकनेक्टिंग का काम बाकी रह गया था जिसके चलते बाकि रहा काम शुरू कर दिया गया है। सड़क सुधारीकरण का काम जल्द पूरा कर लिया जाएगा, जिससे बैराज व किशोरपुरा गेट से सीएडी चौराहे की ओर जाने वाले वाहन चालकों को सुगम आवागमन मिल सकेगा।<br /><strong>- श्याम माहेश्वरी, एक्सईएन जलदाय विभाग कोटा द्वितीय</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 13:04:44 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>बारिश में दशहरा मैदान बना जंगल, कच्ची जमीन पर उगी बड़ी-बड़ी घास</title>
                                    <description><![CDATA[मेला शुरु होने  में करीब सवा महीने का समय शेष है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/dussehra-ground-becomes-jungle-in-rain--big-grass-grows-on-unpaved-land/article-123048"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/6622-copy12.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम कोटा दक्षिण व उत्तर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने वाला 132 वां राष्ट्रीय दशहरा मेला अगले महीने 22 सितम्बर से शुरु होने वाला है। लेकिन उससे पहले बारिश के कारण दशहरा मैदान की कच्ची जमीन पर उगी बड़ी-बड़ी घास यह जंगल सा लगने लगा है। वहीं मैदान के चारों तरफ अतिक्रमण मैदान पर ग्रहण की तरह दिख रहा है। मेला शुरु होने  में करीब सवा महीने का समय शेष है। ऐसे में जहां मेले से संबंधित कामों और कलाकारों के टेंडर की प्रक्रिया ही चल रही है। वहीं दूसरी तरफ दशहरा मैदान के फेज एक में कच्ची भूमि पर बड़ी-बड़ी घास उगी हुई है। किशोरपुरा थाने के सामने की तरफ से लेकर रंगमंच के दोनों तरफ, उसके सामने व पीछे चार दीवारी की तरफ जहां देखो वहां बड़ी-बड़ी घास  ऐसी लग रही है जैसे यह दशहार मैदान नहीं जंगल का हिस्सा हो। इस कच्ची जगह पर जहां फूडकोर्ट व अन्य फेरी व फुटकर सामान बेचने वालों के ठेले व जमीन पर सामान बेचने वाले बैठते हैं उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। </p>
<p><strong>खाना बदोश का अतिक्रमण</strong><br />दशहरा मैदान फेज एक के चारों तरफ अम्बेडकर भवन के सामने से लेकर किशोरपुरा थाने के सामने, दाजी देहड़ा पुुलिया से लेकर आशापुरा माताजी मंदिर के आस-पास तक चार दीवारी के चारों तरफ अतिक्रमण हो रहा है। खास तौर पर खाना बदोश लोगों ने स्थायी डेरा डाला हुआ है। यहां टापरियां बनाकर परिवार समेत रह रहे हैं। जिससे मैदान की सुंदरता पर ग्रहण लग रहा है। </p>
<p><strong>घास कटाई शुरु, अतिक्रमण भी हटाएंगे</strong><br />नगर निगम मेला उत्सव व अन्य आयोजन समिति के अध्यक्ष विवेक राजवंशी ने बताया कि उन्होंने दशहरा मैदान का दौरा किया था। उस समय घास बढ़ी हुई थी। उसके बाद निगम अधिकारियों को कहकर उसे कटवाने के लिए कहा था। घास कटाई का काम तो शुरु कर दिया है। उन्होंने बताया कि अभी बरसात का सीजन शेष है। ऐसे में मेला शुरु होने तक फिर से यह घास बढ़ सकती है। इस कारण से इसे देर से काटना शुरु किया है। राजवंशी ने बताया कि अभी मेला शुरु होने में वैसे तो समय है। उससे पहले मैदान के चारों तरफ व आस-पास का अतिक्रमण हटा दिया जाएगा। अतिक्रमण हटाने के संबंध में पूर्व में आयुक्त को पत्र भी लिखा गया है। हालांकि अभी गणेश चतुथी का त्योहार आने वाला है। ऐसे में यहां मूतित्त्यां बेचने वाले भी दुकानें लगाते हैं। इस त्योहार के बाद ही अतिक्रमण हटाने का काम होगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 Aug 2025 16:45:06 +0530</pubDate>
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                <title>अब पशु मेला स्थल दिल्ली के मंडपम की तर्ज पर सुधरेगा</title>
                                    <description><![CDATA[200 करोड़ की लागत से बनेगा कनवेंशन सेंटर। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/now-the-cattle-fair-site-will-improve-on-the-lines-of-mandapam-in-delhi/article-105616"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/257rtrer-(1)78.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। दशहरा मैदान के फेज एक का निर्माण तो दिल्ली के प्रगति मैदान की तर्ज पर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत कराया गया है। वहीं अब दशहरा मैदान के फेज दो पशु मेला स्थल की भी दशा सुधरेगी। इसका निर्माण दिल्ली के मंडपम् की तर्ज पर कंवेंशन सेंटर के रूप में किया जाएगा। करीब 7 बीघा में 200 करोड़ की लागत से  इसका निर्माण कार्य कराया जाएगा। दशहरा मैदान के फेज एक की दशा सुधरने के बाद फेज दो पुराना पशु मेला स्थल काफी समय से खुले मैदान के रूप में ही पड़ा है। इसका कोई विशेष उपयोग नहीं हो पा रहा है। यहां न तो पशु मेला लग रहा है और न ही यहां दशहरा मेले के दौरान कोई विशेष उपयोग हो पा रहा है। ऐसे में अब इस मैदान की भी दशा सुधारने की दिशा में प्रयास शुरु कर दिए गए हैं। पूर्व में इसे स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत विकसित किया जाना था। जिसमें आॅडिटोरियम व एमपी थियेटर समेत अन्य निर्माण कार्य करवाने जाने थे। लेकिन कुछ समय बाद वह प्रोजेक्ट तो निरस्त कर दिया गया। अब नए प्रोजेक्ट के तहत यहां कंवेंशन सेंटर का निर्माण कार्य कराया जाएगा।</p>
<p><strong>मल्टीपरपज हॉल का होगा निर्माण</strong><br />अधिकारिक सूत्रों के अनुसार कंवेनशन सेंटर के तहत 7 बीघा  में निर्माण कराया जाएगा। जिसमें एक बड़ा व मल्टीपरपज हॉल का निर्माण किया जाएगा। इस हॉल को तीन पार्ट में बनाया जाएगा। जिसकी क्षमता 2 हजार, 4 हजार व 6 हजार लोगों तक की होगी। जितने लोगों का कार्यक्रम होगा हॉल को उतना बड़ा किया जा सकेगा। इसे  तीन पार्ट  में बनाया जाएगा। जिसका पार्टिशन खोलने से यह बड़ा और छोटा किया जा सकेगा। इस हॉल के बाहर की तरफ एक मैरिज गार्डन कम हॉल बनाया जाएगा। करीब 30 कमरों के इस मैरिज गार्डन में शादी समारोह व अन्य आयोजन किए जा सकेंगे। वहीं इसके आस-पास पार्किंग और खुला मैदान भी रखा जाएगा। जिसमें सभा व रैलियों का आयोजन भी किया जा सकेगा।</p>
<p><strong>पहले 400 करोड़ का प्रोजेक्ट, अब किया 200 करोड़ का</strong><br />लोकसभा अध्यक्ष के निर्देश पर दिल्ली के उस आर्किटेक्ट ने इसकी डिजाइन तैयार की जिसने मंडपम् की डिजाइन तैयार की थी। लेकिन उस समय यह डिजाइन करीब 400 करोड़ की बनाई गई थी। जिसे लोकसभा अध्यक्ष ने अधिक राशि का प्रोजेक्ट होने से कैंसिल कर इसे 200 करोड़ तक का बनाने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद अब नए सिरे से इसकी डिजाइन तैयार की जा रही है।</p>
<p><strong>लोन की प्रक्रिया प्रारम्भ</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण के महापौर राजीव अग्रवाल ने बताया कि बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णय की पालना में हुड़को से 500 करोड़ का रिण लेने की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी है। जैसे ही रिण स्वीकृत हो जाएगा। उससे दशहरा मैदान के फेज दो समेत अन्य निर्माण व विकास कार्य करवाए जाएंगे।</p>
<p><strong>लोन की राशि से ये भी होंगे काम</strong><br />निगम अधिकारियों के अनुसार 500 करोड़ के रिण में से 200 करोड़ का तो कंवेंशन सेंटर बनेगा। शेष राशि में से 50 करोड़ में चम्बल गार्डन का, 15 करोड़ से मुक्तिधामों का, 15 करोड़ से भीतरिया कुंड का व 15 करोड़ से कैथूनीपोल चौराहे का सौन्दर्यीकरण कराया जाएगा। करीब 20 करोड़ की लागत से श्रीराम रंगमंच और विजयश्री रंगमंच के सामने भी कार्य करवाए जाएंगे। वहीं शेष राशि का उपयोग सफाई कार्य में किया जाएगा। </p>
<p><strong>हुड़को के 500 करोड़ के लोन से बनेगा कंवेंशन सेंटर</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण की हाल ही बजट बोर्ड बैठक में हुड़को से 500 करोड़ रुपए का रिण लेने को मंजूरी दी गई है। इस रिण में से 200 करोड़ की लागत से कंवेंशन सेंटर का निर्माण किया जाएगा। अधिकारिक सूत्रों के अनुसार नगर निगम ने रिण के लिए आवेदन कर दिया है। जिसके स्वीकृत होने पर उसका उपयोग किया जाएगा। साथ ही आर्किटेक्ट द्वारा कंवेंशन सेंटर की डिजाइन तैयार की जा रही है। वह पसंद आने पर उसे फाइनल किया जाएगा। उसके बाद उसकी डीपीआर और फिर निर्माण का टेंडर किया जाएगा। जिसमें करीब दो साल तक का समय लगने की संभावना है। लेकिन उसकी प्रक्रिया शुरु कर दी गई है।</p>
<p><strong>लोकसभा अध्यक्ष ने निरीक्षण के दौरान दिए थे निर्देश</strong><br />लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गत दिनों कोटा प्रवास के दौरान निगम अधिकारियों के साथ दशहरा मैदान के फेज एक व फेज दो का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने फेज दो पशु मेला स्थल का उपयोग करने के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली थी। उसके बाद उन्होंने इसकी कार्ययोजना बनाने को कहा था। बाद में लोकसभा अध्यक्ष ने बताया था कि पशु मेला स्थल पर दिल्ली के मंडपम् की तर्ज पर कंवेंशन सेंटर का निर्माण कराया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Feb 2025 15:31:22 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कचरे व अतिक्रमण से मेला समाप्ति के बाद फिर अट गया दशहरा मैदान</title>
                                    <description><![CDATA[लोगों का कहना है कि दशहरा मैदान की साफ सफाई पर नगर निगम अधिकारियों का ध्यान ही नहीं है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/after-the-end-of-the-fair--the-dussehra-ground-is-again-clogged-with-garbage-and-encroachment/article-94650"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/6630400-sizee-(2)3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम की ओर से आयोजित 25 दिवसीय 131 वां राष्ट्रीय दशहरा मेला समाप्त हुए करीब दस दिन का समय हो गया। लेकिन अभी तक भी दशहरा मैदान की सही ढंग से सफाई नहीं होने से वह कचरे से अटा हुआ है। साथ ही फेज दो में फिर से अतिक्रमण होने लगा है। दशहरा मेला 3 से 28 अक्टूबर तक आयोजित किया गया। समापन के बाद भी एक दिन के लिए मेला अवधि बढ़ा दी गई थी। मेलासपाप्त होने के बाद अधिकतर दुकानदार व व्यापारी यहां से चले गए। लेकिन वे जाते-जाते दशहरा मैदान में कचरा, गंदगी और टूटफूट छोड़ गए हैं। जिससे  दशहरा मैदान की दुर्दशा नजर आ रही है। हालांकि मैदान में अभी भी कई दुकानदार जमे हुए हैं। साथ ही झूले वाले झूले खोल रहे हैं। जिससे मैदान में  जगह-जगह पर गंदगी का अम्बार लगा हुआ है। मैदान के आस-पास किशोरपुरा की तरफ रहने वाले लोगों का कहना है कि मेले के दौरान तो नगर निगम ने कई सफाई कर्मचारी लगाए हुए थे। जो दिन में हीनहीं रात में  दुकानें बंद होने के बाद भी सफाई कर रहे थे। लेकिन मेला खत्म होने के बाद दस दिन का समय हो गया है। दुकानदार व व्यापारी जो कचरा यहां छोड़ गए हैं उसे अभी तक भी साफ नहीं किया गया है। जिससे किशोरपुरा थाने के तरफ और झूला मार्केट वाली साइड पर गंदगी व कचरे से दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि दशहरा मैदान की साफ सफाई पर नगर निगम अधिकारियों का ध्यान ही नहीं है। </p>
<p><strong>जगह-जगह हो गई टूट फूट</strong><br />नगर निगम की ओर से दशहरा मेले से पहले दशहरा मैदान को सही करवाया गया था। टूट फूट व निर्माण कार्य पर लखों रुपए खर्च किए थे। लेकिन मेले के दौरान कई जगह फिर से टूटफूट हो गई। उसका पता अब मेला खत्म होने के बाद लग रहा है। </p>
<p><strong>संवेदक को कह दिया है</strong><br />नगर निगम मेला समिति के अध्यक्ष विवेक राजवंशी ने बताया कि मेले में आने वालेलोगों व व्यापारियों को मेले में स्वच्छ  वातावरण मिले। इसके लिए मेले में एक भी कचरा पॉइंट नहीं बनाया था। मेले में सफाई कर्मचारी लगाकर तुरंत सफाई करवाईजा रही थी। मेलासमाप्त होने के बाद दुकानदार व व्यापारी सामान लेकर जा रहे हैं तो कचरा निकला होगा। लेकिनअभीभी कई झृूले वाले व कपड़े के दुकानदार वहां हैं। जिनकी दुकानों का रोजाना कचरा निकल रहा है।हालांकि संवेदक को मैदान की साफ सफाई करने के लिए कहा हुआ है। वह तैयार है लेकिन दुकानदार वहां से जाएं तो पूरा मैदान साफहोगा। जहां तक अतिक्रमण का सवाल है वह अस्थायी हैं हर बार हटाने के बाद फिर से आ जाते हैं। </p>
<p><strong>फिर लग गई टापरियां</strong><br />दशहरा मैदान के फेज एक में जहां गंदगी का अम्बार लगा हुआ है। वहीं फेज दो पुराने पशु मेला स्थल पर फिर से अतिक्रमण होने लगा है। खाना बदोश लोगों ने यहां पुलिस कंट्रोल रूम के पास की तरफ टापरियां बनाकर अतिक्रमण कर लिया है। जबकि दशह</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 Nov 2024 15:34:07 +0530</pubDate>
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                <title>विजयादशमी के उल्लास पर गंदगी डाल रही खलल </title>
                                    <description><![CDATA[ दशहरा मैदान में बच्चे अकसर क्रिकेट खेला करते थे। परंतु कचरे के ढेर व बदबू ने उनके खेलने के स्थान को भी अपनी चपेट में ले लिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/dirt-is-disturbing-the-joy-of-vijayadashmi/article-92372"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/4427rtrer-(5)4.png" alt=""></a><br /><p>सुकेत। नगर पालिका सुकेत की ओर से सफाई व्यवस्था के नाम पर अनियमितता व घोर लापरवाही बरती जा रही है। जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण कस्बे का दशहरा मैदान है। जिसे नगर पालिका ने कचरा फैंकने का डंपिंग यार्ड बना दिया है। जानकारी के अनुसार अगले हफ्ते विजयादशमी का पर्व है। जिसे कस्बे में बड़े ही हर्षोल्लास से मनाया जाता है। परंतु पिछले 1 वर्ष में यह दूसरी बार है जब नगर पालिका प्रशासन ने यहां पर गंदगी करके विजयादशमी के उल्लास पर पानी फेर दिया है। पिछले वर्ष भी दशहरे से कुछ दिन पूर्व ही यहां की गंदगी कचरे को हटाया गया था। परंतु गंदगी व कचरे के अवशेष इतनी दुर्गंध पैदा करते हैं कि यहां खड़े रहना मुश्किल हो जाता है। यहां पर दशहरा देखने आने वाले हजारों की संख्या में कस्बेवासी इस दुर्गंध व कचरे से परेशान रहते हैं। मृत जानवरों को भी यहीं फैंका जा रहा: नगर पालिका द्वारा कचरे के साथ-साथ मृत जानवरों को भी यहीं पर फैंका जा रहा है। जिसकी दुर्गंध और भी भयंकर रूप से फैलती है। इस दशहरा मैदान में बच्चे अकसर क्रिकेट खेला करते थे। परंतु कचरे के ढेर व बदबू ने उनके खेलने के स्थान को भी अपनी चपेट में ले लिया है। बच्चे उदास होकर खेलने की बजाय अपने घरों में ही कैद होने को मजबूर हैं। श्मशान आने वालों को भी होती है परेशानीइस कचरे व गंदगी के देर के कारण पास ही स्थित श्मशान में आने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कचरे से दुर्गंध इतनी फैलती है कि यहां से निकलने वाले राहगीरों को मुंह पर कपड़ा डालकर व सांस रोक कर निकालना पड़ता है। कस्बे के बड़ा बाजार, लखारा मोहल्ला, माली मोहल्ला व होली खूंट तक दुर्गंध आती है, जो असहनीय होती है। </p>
<p><strong>क्षेत्रवासियों की यह है दर्द</strong><br />नगर पालिका प्रशासन भाजपा द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता पखवाड़े की धज्जियां उड़ा रहा है। दशहरा मैदान में गंदगी कर वह कस्बे वासियों की आस्था को भी ठेस पहुंचा रहा है। इस कचरे के ढेर ने बच्चों के खेलने के मैदान तक को खत्म कर दिया है। इस कचरे से पूरी गोचर भूमि नष्ट हो गई है।<br /><strong>-विकास चौहान, जिला महामंत्री, भाजपा युवा मोर्चा   </strong></p>
<p>नगर पालिका प्रशासन को दशहरा मैदान में गंदगी न करने के लिए पाबंद करवा दिया गया है। एसडीएम से चर्चा कर अन्य जगहों पर डंपिंग यार्ड बनाने के लिए जल्दी प्रयास करने को कहा है। जिससे अब दशहरा मैदान में गंदगी नहीं फैलेगी।<br /><strong>-सुनील गौतम, उप प्रधान </strong></p>
<p>नगर पालिका द्वारा दशहरे मैदान की सफाई करवाई जा रही है। कचरा डालने वाली गाड़ियों को कचरा नहीं डालने के लिए पाबंद कर दिया गया है। जिससे अब दशहरा मैदान में गंदगी नहीं होगी।<br /><strong> -रवि गौतम, वार्ड पार्षद</strong></p>
<p>बारिश के कारण जिस जगह पर पूर्व में कचरा डाला जा रहा था, वहां पर गाड़ी जाना असंभव था। इसलिए कचरे की गाड़ियों को मैदान में ही खाली करवाया जा रहा था। अब पाबंद कर दिया गया है व डंपिंग यार्ड के लिए जल्द ही जगह सुनिश्चित कर कचरे को कस्बे से दूर फैंका जाएगा।<br /><strong>-दीपक नागर,  ईओ, नगर पालिका सुकेत</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Oct 2024 15:00:53 +0530</pubDate>
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                <title>टाट में पैबंद की तरह हैं चारदीवारी के सहारे अतिक्रमण</title>
                                    <description><![CDATA[ नगर निगम की ओर से हर साल दशहरा मेले के अवसर पर अतिक्रमियों को यहां से हटा भी दिया जाता है। लेकिन कुछ दिन बाद फिर से वही पुरानी स्थिति हो जाती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/encroachments-along-the-boundary-wall-are-like-a-patch-on-a-sack/article-88173"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/taat-mein-paiband-ki-tarh-hai-chardiwari-k-sahare-atikraman...kota-news-20.08.2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा ।  स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत करोड़ों रुपए की लागत से तैयार हुए दशहरा मैदान की चार दीवारी के सहारे हो रहा अतिक्रमण टाट में पेबंद की तरह लग रहा है। दशहरा मेले के दौरान हर साल अतिक्रमण हटाने के बाद अतिक्रमी फिर से वहां आ धमकते हैं। जिनमें से कई ने तो स्थायी डेरा तक डाला हुआ है।  दशहरा मैदान को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत दिल्ली के प्रगति मैदान की तर्ज पर बनाने का प्रयास किया गया था। जिस पर करीब 80 करोड़  रुपए से अधिक का खर्चा भी हुआ । पिछले कई सालों से इस मैदान में दशहरा मेला भर रहा है। हालांकि लोगों का कहना है कि जिस तरह से पहले वाले खुले मैदान में मेला भरता था तो उससे मेले का अहसास होता था लेकिन चार दीवारी में कैद होने के बाद मेले का स्वरूप ही बिगड़ गया है। वहीं दूसरी तरफ दशहरा मैदान के चारों तरफ हो रहा अतिक्रमण टाट में पेबंद की तरह से चुभ रहा है। नगर निगम की ओर से हर साल दशहरा मेले के अवसर पर अतिक्रमियों को यहां से हटा भी दिया जाता है। लेकिन कुछ दिन बाद फिर से वही पुरानी स्थिति हो जाती है। चार दीवारी के सहारे हो रहे अतिक्रमण से दशहरा मेले के दौरान लगने वाली दुकानों, लोगों के आवागमन और कानून व्यवस्था बनाए रखने तक में समस्या का सामना करना पड़ता है। </p>
<p><strong>कबाड़ी ने भी किया स्थायी कब्जा</strong><br />इसी तरह से आशापुरा माताजी मंदिर के पास दशहरा मैदान की चार दीवारी के सहारे खाली जगह पर पिछले कई सालों से एक कबाड़ी ने कब्जा किया हुआ है। वह यहां ताल ठोककर अपना व्यवसाय कर रहा है। जिसे पूर्व में निगम के अतिक्रमण निरोधक दस्ते ने हटाने का प्रयास किया था तो विवाद हो गया था। मारपीट तक की नौबत आ गई थी। उसके बाद उसे किसी ने छेड़ा तक नहीं। जिससे उसके हौंसले इतने अधिक बुलंद हैं कि वह धीरे-धीरे अपना काम फेलाता जा रहा है। जिससे उस जगह पर गंदगी भी फेली रहती है। मैदान की दुर्दशा भी हो रही है। लेकिन निगम अधिकारी उसे हटा तक नहीं पा रहे हैं। वही छप्पन भोग के सामने व कबाड़ी के पास सीवरेज के सीमेंट के पाइप भी डाले हुए हैं। </p>
<p><strong>खाना बदोश परिवारों की स्थायी टापरियां</strong><br />नगर निगम और कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से वैसे तो शहर में हो रहे अतिक्रमणों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। लेकिन नगर निगम की नाक के नीचे निगम कार्यालय के नजदीक ही दशहरा मैदान की चार दीवारी के सहारे हो रहा स्थायी अतिक्रमण अधिकािरयों को नजर नहीं आ रहा। सीएडी चौराहे पर निगम कार्यालय के गेट के पास से अम्बेडकर भवन के सामने की तरफ फुटपाथ पर व दशहरा मैदान की चार दीवारी के सहारे कई खाना बदोश परिवार रह रहे हैं। शुरुआत में तो ये सिर्फ टेंट लगाकर ही रह रहे थे। लेकिन अधिकारियों की अनदेखी के चलते इन परिवारों ने स्थायी टापरियां बना ली हैं। बांस बल्लियों व तिरपाल से स्थायी टापरियां बना ली हैं। साथ ही उनमें खाना बनाने से लेकर पूरा घर सा बसा रखा है। यह स्थिति एक दो परिवारों की नहीं वरन् करीब एक दर्जन परिवार यहां इसी तरह से रह रहे हैं।  अम्बेडकर भवन के सामने से किशोरपुरा थाने के सामने तक इन परिवारों के अतिक्रमण की हालत यह है कि फुटपाथ पर तो टापरियां बनाई हुई हैं। जबकि सड़क के रास्ते में पलंग डालकर रात ही नहीं दिन के समय भी सोते रहते हैं। जिससे रास्ता बाधित होने के साथ ही गंदगी भी फेली रहती है। इतना ही नहीं इन परिवारों के लोग अपने कपड़े डिवाइडर के प्लांटर व लोहे की रैलिंग पर सुखा रहे हैं। जिससे वहां से गुजरने वाले लोगों तक को शर्म महसूस होने लगती है। साथ ही ये बुरे भी लगते हैं। लेकिन निगम अधिकारियों की अनदेखी से इन खाना बदोश परिवारों को हौंसले इतने अधिक बुलंद हैं कि आम व्यक्ति तो इनके खिलाफ बोल तक नहीं सकता। यदि कोई बोलता है तो ये उससे झगड़ा करने तक पर उतारू हो जाते हैं। </p>
<p><strong>फुटकर से लेकर थड़ियों तक का अतिक्रमण</strong><br />इनके अलावा चार दीवारी के सहारे किशोरपुरा थाने के सामने, तुलसी माता मंदिर के पास,  छप्पन भोग के सामने और शक्ति नगर की तरफ भी बड़ी संख्या में  फुटकर सामान बेचने वालों और थड़ी वालों ने अतिक्रमण किया हुआ है। उनमें भी कई ने तो स्थायी निर्माण तक कर रखा है। जिससे पूरे मैदान की दुर्दशा हो रही है। हालत यह है कि जिस रास्ते से भगवान लक्ष्मी नारायण की सवारी मैदान में प्रवेश करती है।  उस गेट तक पर अतिक्रमण हो रहा है। </p>
<p><strong>यही हाल फेज दो पुराना पशु मेला स्थल का</strong><br />दशहरा मैदान फेज एक की तरह ही फेज दो पुराना पशु मेला स्थल के बाहर भी फुटपाथ पर ही नहीं सर्विस रोड तक पर अतिक्रमण हो रहा है। यहां सामान बेचने वाले टापरियां बनाकर रह रहे हैं। कई लोगों ने तो मैदान के अंदर ही अतिक्रमण किया हुआ है। कुछ समय पहले इस मैदान के बाहर सर्विस रोड को पैदल व दो पहिया वाहनों के लिए खाली कराया गया था। लेकिन वहां हालत यह है कि अब वहां से दो पहिया वाहन तो दूर पैदल तक निकलना मुश्किल हो रहा है।</p>
<p><strong>चार पहिया वाहनों की पार्किंग</strong><br />चार दीवारी के सहारे चारों तरफ चार पहिया वाहनों ने पार्किंग तक बना रखाी है। आस-पास के लोग सड़क पर चार दीवारी के सहारे अपने वाहन खड़े कर रहे हैं। जिससे कई बार रास्ता तक बाधित हो जाता है। </p>
<p><strong>इस बार फिर करनी पड़ेगी मशक्कत</strong><br />नगर निगम के अतिक्रमण निरोधक दस्ते को इस  बार फिर से अतिक्रमण हटाने के लिए मशक्कत करनी पड़ेगी। इस बार 3 से 28 अक्टूबर तक दशहरा मेले का आयोजन होगा। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br /> झूला मार्केट की तरफ से चार दीवारी को आगे बढ़ाया जा रहा है। जिस जगह पर कबाड़ी का अतिक्रमण  है  वहां दीवार बनने से उसे स्थायी रूप से हटाया जाएगा।  वहीं मेले से पहले दशहरा मैदान के आस-पास से सारा अतिक्रमण हटाया जाएगा। जिससे दुकानदारों व आमजन को किसी तरह की कोई समस्या नहीं होगी। खाना बदोश परिवारोंको जगह नहीं मिलने से वे मेले के बाद वापस आकर डट जाते हैं। इसका स्थायी समाधान नहीं है। <br /><strong>- विवेक राजवंशी, अध्यक्ष दशहरा मेला व अन्य उत्सव आयोजन समिति </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 20 Aug 2024 17:55:49 +0530</pubDate>
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                <title>बेशकीमती जमीन की हो रही दुर्दशा</title>
                                    <description><![CDATA[दूसरी तरफ टापरियां बनाकर किया गया अतिक्रमण।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/precious-land-is-in-a-bad-state/article-83404"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/beshkimti-zameen-ki-ho-rhi-durdasha...kota-news-02-07-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के बीचो बीच  सीएडी रोड स्थित दशहरा मैदान के पुराने पशु मेला स्थल की बेशकीमती जमीन की दुर्दशा हो रही है। एक तरफ तो डापरियां बनाकर अतिक्रमण किया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ मलबा व कचरा डालकर जमीन की दुर्दशा की जा रही है। दशहरा मैदान का पुराना पशु मेला स्थल काफी बड़ा है। यहां पहले दशहरा मेले के दौरान पशु मेला लगता था। लेकिन पिछले कई साल से यहां पशु मेला लगना बंद हो गया है। उसके बाद से यहां जमीन खाली पड़ी हुई है। हालांकि मेले के दौरान यहां फेज दो में कुछ झूले व दुकानें लगती हैं। उसके अलावा यहां अधिकतर समय जमीन खाली ही पड़ी रहती है। उसका अतिक्रमण करने वाले लोग फायदा उठा रहे हैं। हालत यह है कि बड़ा राम द्वारा की तरफ वाली जमीन के बहुत बड़े क्षेत्र में कई दिन से निर्माण सामग्री का मलबा डाला जा रहा है। जिसके बड़े-बड़े ढेर लगे हुए हैं। यह ढेर शुरुआत में कम थे लेकिन अब इसकी  संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है। जिससे मैदान की दुर्दशा हो रही है। </p>
<p><strong>पिछले साल लगा था सर्कस</strong><br />जिस जगह पर मलबा डाला जा रहा है। वहां पिछले साल दशहरा मेले के दौरान सर्कस लगा था। उस समय निगम ने जमीन को समतल करके सर्कस के लिए दी थी। लेकिन इस बार न तो यहां सर्कस आया और न ही कोई बड़े झीले जिससे खाली जमीन पर मलबा डालकर उसकी दुर्दशा की जा रही है। हालांकि इस जगह के पास  गुजरात की एक फर्म ने मेला लगाया था। </p>
<p><strong>इधर टापरियां बनाकर अतिक्रमण</strong><br />इधर पुलिस कंट्रोल रूम के पास की तरफ पशु मेला स्थल पर घुमंतु जाति के लोगों ने टापरियां बनाकर अतिक्रमण किया हुआ है। निगम द्वारा जमीन का उपयोग नहीं करने से शहर के बीच करोड़ों की बेशकीमती जमीन की दुर्दशा हो रही है। </p>
<p><strong>पहले सीवरेज के  पाइप डाले थे</strong><br />इससे पहले इसी जगह पर शहर में सीवरेज का काम चलने के दौरान संवेदक द्वारा सीवरेज के बड़े-बड़े पाइप व चैम्बर डाल दिए थे। बिना निगम की अनुमति के संवेदक द्वारा अतिक्रमण कर लिया था। जिसका निगम अधिकारियों को पता तक नहीं चला था। लेकिन दशहरा मेला आने से पहले उन पाइपों को हटवाया गया था। जिसे खाली करने में कई दिन का समय लगा था। दशहरा मैदान नगर निगम की सम्पति होने के बाद भी उनके अधिकारियों की जानकारी के बिना ही यहां कभी भी कोई भी अतिक्रमण कर रहा है और मैदान की सूरत बिगाड़ रहा है लेकिन अधिकारी कुछ नहीं कर पा रहे। </p>
<p><strong>निगम को करनी पड़ती है बार-बार मशक्कत</strong><br />पशु मेला स्थल की खाली जमीन को जहां लोग बिगाड़ रहे हैं। वहीं नगर निगम को बार-बार इसे सही करने की मशक्कत करनी पड़ रही है। निगम अधिकारियों द्वारा साल भर इस पर ध्यान नहीं देने के कारण बाद में समस्या का सामना भी अधिकारियों को ही करना पड़ रहा है। </p>
<p><strong>रात के अंधेरे में डाला जा रहा मलबा</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण के एक्सईएन ए.क्यू कुरैशी का कहना है कि दिन के समय तो यहां कोई मलबा नहीं डाल रहा है। रात के समय हो सकता है कोई मलबा डालकर जा रहा है। यहां गार्ड भी नहीं होने से उन्हें पकड़ना मुश्किल हो रहा है। दिन के समय यदि कोई मलबा डालते हुए मिले तो उसकी जानकारी मिलने पर पकड़ा भी जा सकता है। लेकिन रात में यहां कोई नहीं रहने से मलबा डालने वाले को पकड़ना मुश्किल है। मलबा अधिक मात्रा में डाला गया है तो उसे समतल कर मैदान के गड्ढ़ों को भरने में काम लिया जा सकता है। इसे दिखवाकर जो संभव होगा वैसे कीर्यवाही की जाएगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jul 2024 15:27:03 +0530</pubDate>
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                <title>कथा के बाद गंदगी</title>
                                    <description><![CDATA[मैदान में शौचालय की पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं । ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/mess-after-story/article-58957"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/katha-k-bd-gandagi...kota-news-07-10-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के दशहरा मैदान में 1 अक्टूबर से 5 अक्टूबर तक चली शिव महापुराण का गुरुवार को समापन हो गया। कथा में प्रतिदिन डेढ लाख से अधिक लोगों ने कथा श्रवण की इस दौरान कई लोग मैदान में ही ठहरे। कथा के दौरान खानपान नास्ता और भोजन का भी वितरण होता था। ऐसे में कथा समाप्त होने के बाद शुक्रवार को मैदान में जगह जगह कचरे के ढेर लगे नजर आए। वहीं गुरुवार को हुए विशाल भंडारे की झूठी पत्तल दोने मैदान में चहुंओर उड़ रहे है। इसके अलावा प्लास्टिक थेलियां, वेपस के खाली पैकेट चहुंओर बिखरे नजर आ रहे। मैदान में शौचालय की पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं होने से लोगों में खुले में ही टॉयलेट और शौच कर दी जिसकी बदबू से पूरा मैदान सड़ान मार रहा है। वहां रावण तैयार कर रहे कारिगरों ने बताया कि महिलाओं ने टायलेट की जगह नहीं मिलने में ब्लॉक में टायलेट किए जो तालाब का रूप ले लिया है जिससे बदबू आ रही है काम करना मुश्किल हो रहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Oct 2023 18:54:34 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का : मेले से पहले दशहरा मैदान की सुधरेगी दशा</title>
                                    <description><![CDATA[गौरतलब है कि कोरोना काल के दो साल में दशहरा मेला नहीं भरने से दशहरा मैदान की दुर्दशा का मुद्दा दैनिक नवज्योति  ने उठाया था। दशहरा मैदान में दुर्दशा का उठ खड़ा हुआ रावण’ शीर्षक से 20 जुलाई को पेज तीन पर समाचार प्रकाशित किया था। उसके बाद अधिकारी व महापौर हरकत में आए। उसके बाद ही महापौर ने अभियंताओं के साथ मैदान का निरीक्षण कर उसकी दशा सुधारने के निर्देश दिए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-condition-of-dussehra-ground-will-improve-before-the-fair/article-16357"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/asar-khaber-ka---mele-se-pahle-dussehra-maidan..kota-news-27.7.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । दशहरा मेले से पहले मैदान की दशा सुधारी जाएगी। इसकी टूटफूट व मरम्मत का काम करवाया जाएगा। नगर निगम कोटा दक्षिण के महापीर राजीव अग्रवाल ने अभियंताओं के साथ पूरे दशहरा मैदान का निरीक्षण किया। जिसमें दशहरा मेला आयोजन के लिए मैदान को तैयार करने संबंधी कमियों के देखा गया। मैदान में दो साल से मेले का आयोजन नहीं होने व निगम के बड़े व भारी वाहनों के आने-जाने से वहां काफी टूटफूट हो गई है। नालियों के ढकान टूट चुके हैं। मैदान में बड़ी-बड़ी घास उग गई है। जगह-जगह से फर्श उखड़ा हुआ है। दुकानों की टाइल्स टूट चुकी है। जिन्हें ठीक करवाने के निर्देश महापौर ने अभियंताओं को दिए। नगर निगम कोटा दक्षिण के आयुक्त राजपाल सिंह ने बताया कि महापौर ने तो अभियंताओं के साथ दशहरा मैदान का निरीक्षण किया था। जिसमें वहां कमियों को देखकर उन्हें सही करने को कहा है। वे स्वयं भी मैैदान की  स्थिति का जायजा लेंगे। लेकिन बरसात के कारण ऐसा नहीं किया जा सका। आयुक्त ने बताया कि मैदान में टूटफूट सही करवाने व मरम्मत और घास कटाई समेत अन्य कमियों को सही करवाने के शीघ्र ही टेंडर किए जाएंगे। अगले माह अगस्त तक मैदान की दशा को सुधार दिया जाएगा। जिससे यहां दशहरा मेला आयोजन में किसी तरह की कोई समस्या नहीं हो। साथ हीे मैदान में खड़े निगम के वाहनों को भी यहां से हटाया जाएगा।  आयुक्त ने बताया कि अब मेला समिति का गठन हो चुका है। शीघ् ही समिति की बैठक की जाएग़ी। उसके बाद भी जो सुझाव आएंगे उसके अनुसार काम करवाए जाएंगे। <br /><br /><strong>नवज्योति ने उठाया था मुद्दा</strong><br />गौरतलब है कि कोरोना काल के दो साल में दशहरा मेला नहीं भरने से दशहरा मैदान की दुर्दशा का मुद्दा दैनिक नवज्योति  ने उठाया था।  ‘दशहरा मैदान में दुर्दशा का उठ खड़ा हुआ रावण’ शीर्षक से 20 जुलाई को पेज तीन पर समाचार प्रकाशित किया था। उसके बाद अधिकारी व महापौर हरकत में आए। उसके बाद ही महापौर ने अभियंताओं के साथ मैदान का निरीक्षण कर उसकी दशा सुधारने के निर्देश दिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 Jul 2022 13:29:03 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>खाली मैदान में दिखा रहे विकास कार्यों की झलक </title>
                                    <description><![CDATA[शहर में स्मार्ट सिटी व नगर विकास न्यास के माध्यम से हजारों करोड़ रुपए के विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। उन विकास कार्यों को आमजन को दिखाने की जगह दो साल से खाली पड़े दशहरा मैदान में दिखाया जा रहा है।  दशहरा मेले के समय जब यहां भीड़ आएगी उस समय यहां मेले के कार्यक्रमों की जानकारी लगाई जाएग़ी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/glimpses-of-development-works-showing-in-the-empty-ground/article-16144"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/dashra-medan-postar-(1).jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । शहर में स्मार्ट सिटी व नगर विकास न्यास के माध्यम से हजारों करोड़ रुपए के विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। उन विकास कार्यों को आमजन को दिखाने की जगह दो साल से खाली पड़े दशहरा मैदान में दिखाया जा रहा है।  दशहरा मेले के समय जब यहां भीड़ आएगी उस समय यहां मेले के कार्यक्रमों की जानकारी लगाई जाएग़ी। शहर में करीब दो साल से विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। जिनमें से कई तो पूरे हो गए हैं और कई के काम अभी तक भी चल रहे हैं। शहर में चल रहे विकास कार्यों में कई काम तो स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत तो कई नगर विकास न्यास के माध्यम से किए जा रहे हैं। वैसे तो जिन स्थानों पर ये काम चल रहे हैं वहां से गुजरने वाले लोग उन्हें देख रहे हैं। लेकिन काम होने के बाद कैसे नजर आएंगे। इसकी झलक फ्लेक्स के माध्यम से आमजन को दिखाने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन यह प्रयास उस जगह पर किया जा रहा है जहां पिछले दो साल से लोग ही नहीं जा रहे हैं। <br /><br /><strong>कोरोना काल से खाली है दशहरा मैदान</strong><br />शहर के विकास कायोरं की झलक दशहरा मैदान के श्रीराम रंगमंच के चारों तरफ बनी जगह पर दिखाई जा रही हैं। रंगमंच के चारों तरफ दीवार पर बीच-बीच में जगह बनाई गई है। वहां हमेशा से मेले के दौरान होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी के बैनर व फलेक्स लगाए जाते हैं। लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते यहां दो साल से मेला ही नहीं भर रहा है। ऐसे में मैदान में लोगों का आवागमन भी बंद है। जिससे यह मैदान पूरी तरह से खाली है। लेकिन हालत यह है कि इस खाली मैदान में रंगमंच के  तीन तरफ दीवार पर शहर के विकास कार्यों के फ्लेक्स लगे हुए हैं। जिन्हें लगने के बाद शायद ही गिनती के लोग देख पाए होंगे। <br /><br /><strong>मेला लगा तो नजर नहीं आएंगे विकास कार्य</strong><br />दशहरा मैदान में जिस जगह पर वर्तमान में विकास कार्यों को दिखाया गया है। मेला शुरू होने पर वहां मेले के दौरान होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी के फ्लेक्स लगाए जाएंगे। ऐसे में मेले के दौरान आने वालीे भीड़ भी उन विकास कार्यो को नहीं देख पाएगी। जानकारों का कहना है कि जिसने भी ये फ्लेक्स दशहरा मैदान में लगाए उनका चयन गलत था। इन्हें शहर के अलग-अलग स्थानों पर या चौराहों पर लगाया जाता तो जनता देखती। लेकिन खाली मैदान में लगाने का कोई औचित्य नजर नहीं आया। मेला शुरू होने से पहले इन्हें हटाया जाएगा। इससे फ्लेक्स बनाने व लगाने में किया गया खर्चा व्यर्थ हुआ है। <br /><br /><strong>ऐसे दिखा रहे विकास कार्य</strong><br />दशहरा मैदान में लगाए गए फ्लेक्स में मुख्य द्वार से प्रवेश करते ही सामने की तरफ सबसे पहले करीब 800 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हो रहे चम्बल रिवरफ्रंट के अलग-अलग एंगल से कई फ्लेक्स लगे हुए हैं। जबकि मंच के दोनों तरफ विवेकानंद चौराहा, घोड़े वाले बाबा चौराहा, एरोड्राम चौराहे के टावर ऑफ लिबर्टी, राजकीय महाविद्यालय, अंटाघर चौराहा समेत कई विकास कार्य दिखाए गए हैं।<br /><br /><strong>इनका कहना है</strong><br />कोरोना काल में दो साल से मेला ही नहीं भरा। जिससे वहां आमजन का प्रवेश बंद है।  ऐसे में मैदान में किसी भी तरह के प्रचार संबंधी फ्लेक्स लगाने का कोई औचित्य भी नहीं है। मेला शुरू होने से पहले इन्हें हटवाकर नए सिरे से कार्यक्रमों के फ्लेक्स लगाए जाएंगे। जिससे मैदान में आने वालों को जानकारी मिल सके। -<strong>-राजपाल सिंह, आयुक्त, नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 Jul 2022 16:18:42 +0530</pubDate>
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                <title>सिटी स्मार्ट तो बनी नहीं और बदसूरत हो गया पशु मेला स्थल</title>
                                    <description><![CDATA[स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत दशहरा मैदान के पहले फेज का तो विकास हो गया। उसके पास ही मैदान के दूसरे हिस्से पशु मेला स्थल को भी स्मार्ट बनाने की योजना थी। लेकिन वह योजना बनने से पहले ही खटाई में पड़ गई? ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-city-is-not-become-smart--but-the-site-of-the-animal-fair-became-ugly/article-14698"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/city-samart-to-bani-nahi-badsurat.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत दशहरा मैदान के पहले फेज का तो विकास हो गया। जिसे प्रगति मैदान की तर्ज पर विकसित कर दिया। लेकिन उसके पास ही मैदान के दूसरे हिस्से पशु मेला स्थल को भी स्मार्ट बनाने की योजना थी। लेकिन वह योजना बनने से पहले ही खटाई में पड़ गई? जिससे पशु मेला स्थल स्मार्ट बनने की जगह बदसूरत हो गया है। भाजपा सरकार के  समय में दशहरा मैदान को प्रगति मैदान की तर्ज पर विकसित करने का काम शुरू हुआ था। करीब 80 करोड़ से अधिक की लागत से मैदान को नया रूप दिया  गया। हालांकि  यह प्रगति मैदान जैसा तो नहीं बन सका। लेकिन पुराने स्वरूप को बदलकर इसे नया रूप दिया गया। इस मैदान का अभी तक अधिक उपयोग तो नहीं हो सका है। यहां सिर्फ दशहरा मेले का ही आयोजन हो रहा है। साथ ही अन्य छोटे-छोटे आयोजन हो रहे हैं। इसके साथ ही पुराने पुलिस कंट्रोल रूम के पास पशु मेला स्थल का स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत दूसरे फेज में विकास किया जाना था। उसका काम भी शुरू नहीं हो सका उससे पहले ही सरकार बदल गई थी। सरकार बदलने के साथ ही इस मैदान के विकास का प्रोजेक्ट भी बदल गया। नया प्रोजेक्ट अभी तक न तो बन सका है और न ही उस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सका।  जिससे वह मैदान जैसा था वैसा ही पड़ा रहा। <br /><br /><strong>यह होना था काम</strong><br />दशहरा मैदान के द्वितीेय फेज के तहत पशु मेला स्थल का विकास किया जाना था। उस समय करीब 28 करोड़ रुपए की लागत से विकास कार्य की योजना बनी थी। जिसके तहत यहां बीच में ओपन थियेटर बनाने, उसके बीच में लॉन विकसित करने और चारों तरफ ट्रेक बनना था।   लेकिन यह योजना मूर्त रूप नहीं ले सकी। सिर्फ इस मैदान के चारों तरफ चार दीवारी ही बनाई जा सकी है। सूत्रों के अनुसार सरकार बदलने से पहले ही इसका काम रोक दिया गया था। <br /><br /><strong>वर्तमान में यह है स्थिति</strong><br />दशहरा मैदान के दूसरे फेज में पहले नगर निगम की ओर से पशु मेले का आयोजन किता जाता था। दशहरा मेले के साथ ही यहां पशु मेला भरता था। जिसमें दूर-दूर से पशु पालक आते थे। लेकिन कई साल पहले उस पशु मेले को यहां से शिफट कर दिया। उसके बाद से यह मैदान खाली ही पड़ा हुआ है। हालत यह है कि शहर के बीच इतने बड़ी सरकारी जमीन खाली देख यहां बार-बार अतिक्रमण हो रहा है। कभी पशु पालक आ बसते हैं तो कभी खाना बदोश लोग। नगर निगम द्वारा पूर्व में यहां से कई बार अतिक्रमण हटाए जा चुके हैं। उसके बावजूद फिर से हालत बिगड़ गई है। वर्तमान में भी यहां खाना बदोश लोगों ने अपनी टापरियां बनाकर अतिक्रमण किया हुआ है। पुलिस कंट्रोल रूम के पास से लेकर अम्बेडकर भवन के पास तक पूरा मैदान दुर्दशा का शिकार हो रहा है। दूसरी तरफ यहां सीवरेज लाइन के बड़े-बड़े पाइप व चैम्बर पड़े हुए हैं। जिससे यहां लगाए गए पौधे भी खराब हो गए। वहीं मैदान में पत्थरों के ढेर लगे हुए हैं। गंदगी इतनी अधिक हो रही है। वहां चारों तरफ दुर्गंध का आलम है। जिससे मैदान से निकलना मतलब बीमारी को गले लगाना है। <br /><br /><strong>इनका कहना है</strong><br /> दशहरा मैदान के दूसरे फेज का स्मार्ट सिटी में विकास होना था। 28 करोड़ की लागत से यहां ओपन थियेटर, लॉन व ट्रेक बनना था। लेकिन इस प्रोजेक्ट को पिछले कई सालों से होल्ड किया हुआ है। अभी तक मैदान के चारों तरफ सिर्फ चारदीवारी बनाई गई है। उसके बाद इसका क्या करना है यह तय नहीं है। जहां तक मैदान में अतिक्रमण का मामला है वह अस्थायी है। समय-समय पर उसे हटाते रहे हैं। फिर से हटा दिया जाएगा। <br /><strong>ए.क्यूृ कुरैशी, एक्सईन, नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 Jul 2022 15:49:04 +0530</pubDate>
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                <title>स्मार्ट दशहरा मैदान हुआ दुर्दशा का शिकार</title>
                                    <description><![CDATA[दशहरा मैदान में वाहनों का इतना अधिक अम्बार है कि वह दो साल से नगर निगम का गैराज बना हुआ है। कोरोना काल के दौरान दशहरा मेला नहीं भरने से मैदान की देखभाल भी नहीं हुई। जिससे यह स्मार्ट मैदान दुर्दशा का शिकार हो रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/smart-dussehra-ground-became-a-victim-of-plight/article-12764"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/smart-dussehara-maidan-hua-durdasha-ka-shikar-copy1.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। दशहरा मैदान में वाहनों का इतना अधिक अम्बार है कि वह दो साल से नगर निगम का गैराज बना हुआ है। कोरोना काल के दौरान दशहरा मेला नहीं भरने से मैदान की देखभाल भी नहीं हुई। जिससे यह स्मार्ट मैदान दुर्दशा का शिकार हो रहा है। इस बार दशहरा मेला भरने पर वाहनों को यहां से हटाना किसी चुनौती से कम नहीं होगा।  दशहरा मैदान में मुख्य द्वार के बांयी तरफ से लेकर झूला मार्केट तक, फूड कोर्ट से लेकर विजयश्री रंगमंच के सामने तक और श्रीराम रंगमंच के दोनों तरफ निगम के वाहन ही वाहन खड़े हुए हैं। यहां तक कि मैदान में किशोरपुरा ईदगाह की तरफ बनी पार्किंग में टिपरों का अम्बार लगा हुआ है। मैदान में चारों तरफ जहां देखो वहां निगम के सफाई संसाधन,नए और पुराने वाहन, कंडम वाहन और कचरा पात्रों का ढेर लगा हुआ नजर आ रहा है। जिस तरह के हालात मैदान में उन्हें देखकर लगता ही नहीं कि यह दशहरा मैदान है। वरन् नगर निगम का गैराज अधिक लगता है। <br /><br /><strong>मलबे का ढेर, मृत मवेशी</strong><br />दशहरा मैदान में तुलसी माता मंंदिर कीे तरफ इतना अधिक मलबा पड़ा हुआ है कि वहां काफी ऊंचा ढेर लगा हुआ है। जबकि मैदान में कोई काम नहीं हुआ है। न जाने कहां का मलबा वहां लाकर पटका हुआ है। इतना ही नहीं उस मलब के पास मृत जानवर तक पड़े हुए हैं। जिससे वहां दुर्गंध फेल रही है। उसे देखने वाला वहां कोई नहीं है। पूरा मैदान सडांध मार रहा है। इसके अलावा मैदान के चारों तरफ कुछ लोगों ने अतिक्रमण किया हुआ है। जिससे उस मैदान की सूरत ही बिगड़ रही है। अतिक्रमण करने वालों ने मैदान की चार दीवारी की रैलिंग पर कपड़े डाले हुए हैं। जिससे मैदान की दुर्दशा बयां हो रही है। <br /><br /><strong>न्यास के विकास कार्यों की प्रदर्शनी</strong><br />दशहरा मैदान कहने को तो नगर निगम का है। लेकिन हालत यह है कि उस मैदान के श्रीराम रंगमंच के चारों तरफ दीवार पर बने खांचों में स्मार्ट सिटी व नगर विकास न्यास द्वारा करवाए गए शहर के विकास कार्यों की प्रदर्शनी लगी हुई है। हर खांसे में विकास कार्यों को लगाया हुआ है। उसे देखकर लगता है कि सारी उपलब्धी न्यास की है नगर निगम का शहर के विकास में कोई योगदान ही नहीं है।<br /><br /><strong>फायर बाक्स खाली, लाइटें टूटी</strong><br />दशहरा मैदान में फायर उपकरण तो लगे हुए हैं। लेकिन उन फायर उपकरणों का उपयोग करने के लिए बने बॉक्स खाली हैं। उनमें रखे पाइप ही नहीं है। इमरजेंसी में आग लगने पर उन फायर उपकरणों के होने के बाद भी उनका उपयोग नहीं किया जा सकता।  इतना ही नहीं श्रीराम रंगमंच के चारों तरफ लगी लाइटें टूटी हुई हैं। जिससे उनका उपयोग भी नहीं हो रहा है। <br /><br /><strong>टूट फूट हुई अधिक</strong><br />दशहरा मैदान में हर साल मेला भरने से पहले उसकी देखभाल होती रहती थी। जिससे वह सही बना हुआ था। लेकिन एक तो कोरोना काल के दो साल में मेला नहीं भरने से मैदान की देखभाल पर किसी का ध्यान ही नहीं गया। साथ ही निगम के भारी भरकम वाहनों को खड़ा करने व रोजाना वाहनों का आना-जाना लगा रहने से वहां काफी टूटफूट हो गई है। जिससे स्मार्ट मैदान दुर्दशा का शिकार हो गया है। मैदान में मार्केट के बीच बड़े वाहनों को जाने से रोकने के लिए लगे छोटे पिलर टूटे पड़े हैं। सीमेंट के कचरा पात्र टूट रहे हैं। ट्रीगार्ड टूटकर जगह-जगह पर बिखरे पड़े हैं। श्रीराम रंगमंच के सिक्योरिटी गार्ड के कक्ष का शीशा टूटा हुआ है। दुकानों की टाइल्स टूटकर बिखरी हुई हैं। कई जगह से फर्श उखड़ चुका है। विजयश्री रंगमंच के सामने के मैदान की नालियों के ढकान टूटे हुए हैं। नालियां जाम हो रही हैं। यहां तक कि मैदान में नहीं केबल डालने के लिए उसे बीच-बीच में से कई जगह पर खोदकर पटका हुआ है। पूरे मैदान की स्थिति बयां कर रही है कि इसकी देखभाल ही नहीं हुई है। <br /><br />दो साल के बाद इस बार दशहरा मेले का आयोजन होगा। वह भी भवयता के साथ। कोरोना के दो साल तक मेला नहीं भरने से हो सकता है मैदान में कोई टूटफूट हो गई होगी। उसे दिखवाकर शीघ्र ही ठीक करवा दिया जाऐगा। साथ ही निगम के वाहनों मेंसे कंडव वाहनों को तो नीलामी प्रक्रिया के तहत निस्तारण किया जाएगा। शेष को गैराज में ही एरजेस्ट किया जाएगा। <br /><strong>-राजपाल सिंह, आयुक्त , नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Jun 2022 17:05:58 +0530</pubDate>
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