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                <title>Indian Economy - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Indian Economy RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>रूपए में आई मजबूती: अंतरबैंकिंग मुद्रा बाज़ार में 92.60 प्रति डॉलर पर पहुंचा</title>
                                    <description><![CDATA[विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली के बावजूद भारतीय रुपया शुक्रवार को 92.60 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। वैश्विक कारकों और घरेलू बाजार में सुधार के चलते रुपये में 15 पैसे से अधिक की तेजी दर्ज की गई। एफपीआई द्वारा 232 करोड़ डॉलर निकालने के बाद भी मुद्रा बाजार में मजबूती बरकरार है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/rupee-strengthened-and-reached-9260-per-dollar-in-the-interbank/article-148931"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/dollar-vs-ruppee.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में शुक्रवार को रुपया एक दिन की तेजी के बाद 92.60 प्रति डॉलर पर पहुंचा। इससे पहले गुरूवार को रूपया 15.20 पैसे की जबरदस्त तेजी के साथ 93.18 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंचा था। मुद्रा बाजार में दो दिन के अवकाश के बाद गुरूवार को कारोबार शुरू हुआ। इन दो दिनों के वैश्विक कारकों का असर भारतीय मुद्रा पर साफ दिखा। पिछले कारोबारी दिवस पर रुपया 15.25 पैसे की बढ़त में 94.70 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।</p>
<p>विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की जबरदस्त बिकवाली के बावजूद रुपये में तेजी देखी गयी है। एफपीआई ने आज भारतीय पूंजी बाजार से करीब 232.77 करोड़ डॉलर निकाले।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 11:41:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>सकल जीएसटी संग्रह 2,00,000 करोड़ के पार, 8.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी उपलब्धि! मार्च 2026 में सकल जीएसटी संग्रह 8.8% की बढ़त के साथ ₹2,00,064 करोड़ के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में कुल ₹22.27 लाख करोड़ का कलेक्शन हुआ है। घरेलू राजस्व और आयात में मजबूत वृद्धि ने आर्थिक मजबूती और बेहतर कर अनुपालन का संकेत दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/gross-gst-collection-crosses-rs-2-lakh-crore-increase-by/article-148735"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/gst-16535522293x2.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सकल वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह मार्च 2026 में सालाना 8.8 प्रतिशत बढ़कर 2,00,064 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान सकल जीएसटी संग्रह में एक साल पहले के मुकाबले 8.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी और यह 22,27,096 करोड़ रुपये हो गया। मार्च के जीएसटी संग्रह में घरेलू राजस्व का योगदान 1,46,202 करोड़ रुपये रहा। इसमें 5.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। आयात पर जीएसटी से प्राप्त राजस्व 17.8 फीसदी बढ़कर 53,861 करोड़ रुपये पर रहा।</p>
<p>जीएसटी के तहत मार्च में 22,074 करोड़ रुपये का रिफंड भी जारी किया गया जिससे शुद्ध राजस्व संग्रह 1,77,990 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। रिफंड में 13.8 प्रतिशत और शुद्ध जीएसटी संग्रह में 8.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी। इसके अलावा मार्च में उपकर संग्रह 177 करोड़ रुपये ऋणात्मक रहा। ऐसा उपकर संग्रह की तुलना में इस मद में जारी रिफंड के अधिक रहने के कारण हुआ है। पूरे वित्त वर्ष के दौरान संकलित 22,27,096 करोड़ रुपये के जीएसटी में घरेलू संग्रह का योगदान 6.4 प्रतिशत बढ़कर 16,31,769 करोड़ रुपये पर और आयात पर जीएसटी संग्रह का योगदान 14.1 प्रतिशत बढ़कर 5,95,327 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।</p>
<p>वित्त वर्ष के दौरान 2,92,330 करोड़ रुपये का राजस्व जारी किया गया, जो सालाना आधार पर 17.8 प्रतिशत ज्यादा है। इस प्रकार शुद्ध जीएसटी संग्रह में 7.1 प्रतिशत की वृद्धि रही और यह 19,34,766 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। पूरे वित्त वर्ष को समाप्त सप्ताह में जीएसटी के साथ 99,039 करोड़ रुपये का उपकर भी एकत्र किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 15:56:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>लगातार दो दिनों की तेजी के बाद एक बार शेयर बाजारों में गिरावट: सेंसेक्स 1,690 अंक लुढ़का, निवेशकों को 10 लाख करोड़ स्वाहा</title>
                                    <description><![CDATA[विदेशी बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने दलाल स्ट्रीट में कोहराम मचा दिया। शुक्रवार को सेंसेक्स 1,690 अंक टूटकर 73,583 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 22,819 के स्तर पर आ गया। रिलायंस और बैंकिंग शेयरों में चौतरफा बिकवाली से निवेशकों को भारी चपत लगी और बाजार में निवेश धारणा प्रभावित हुई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/after-two-consecutive-days-of-rise-the-stock-markets-fell/article-148157"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/share-market1.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। घरेलू शेयर बाजारों में दो दिन की तेजी के बाद शुक्रवार को फिर गिरावट देखी गयी और बीएसई का सेंसेक्स 1,690.23 अंक (2.25 प्रतिशत) टूटकर 73,583.22 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 486.85 अंक यानी 2.09 प्रतिशत नीचे 22,819.60 अंक पर बंद हुआ। विदेशों से मिले नकारात्म संकेतों के कारण आज शुरू से ही बाजार पर दबाव रहा। डॉलर की तुलना में रुपये के कमजोर पड़ने से निवेश धारणा और प्रभावित हुई। फिलहाल रुपया 94.70 रुपये प्रति डॉलर पर है। पिछले कारोबारी दिवस पर 93.96 रुपये प्रति डॉलर पर बंद होने वाली भारतीय मुद्रा बीच कारोबार में 94.85 रुपये प्रति डॉलर तक टूट गयी थी।</p>
<p>चौतरफा बिकवाली के बीच मझौली और छोटी कंपनियों पर भी दबाव रहा। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 2.13 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 1.74 प्रतिशत उतर गया। सभी सेक्टर लाल निशान में बंद हुए। सुबह बढ़त में रहने वाला आईटी सूचकांक भी अंत में गिर गया। बैंकिंग, रियलटी, ऑटो, रसायन, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद, वित्त, एफएमसीजी, धातु, तेल एवं गैस और फार्मा सेक्टरों में अधिक दबाव देखा गया।</p>
<p>सेंसेक्स की कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज और इंडिगो के शेयर साढ़े चार प्रतिशत से अधिक टूटे। बजाज फाइनेंस में भी सवा चार फीसदी की गिरावट रही। भारतीय स्टेट बैंक, इटरनल और एचडीएफसी बैंक के शेयर तीन से चार प्रतिशत तक नीचे बंद हुए। बजाज फिनसर्व, हिंदुस्तान यूनीलिवर, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एशियन पेंट्स, अडानी पोर्ट्स, एलएंडटी, मारुति सुजुकी, ट्रेंट, बीईएल और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर दो से तीन प्रतिशत तक फिसल गये। टाटा स्टील, टाइटन, कोटक महिंद्रा बैंक, एक्सिस बैंक, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा और अल्ट्राटेक सीमेंट में एक से दो प्रतिशत तक की गिरावट रही। इंफोसिस, एनटीपीसी और आईटीसी से शेयर भी लाल निशान में रहे। टीसीएस और भारती एयरटेल के शेयर बढ़त में बंद हुए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Fri, 27 Mar 2026 16:59:30 +0530</pubDate>
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                <title>खाडी युद्ध के प्रभाव को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार को घेरा, मनीष तिवारी ने कहा-ईंधन, खाद्यान और दवाईयों की कीमतों में आने वाले समय में होने वाली वृद्धि पर सरकार को बतानी चाहिए योजना</title>
                                    <description><![CDATA[संसद में विपक्ष ने खाड़ी युद्ध के कारण ईंधन, राशन और दवाओं की बढ़ती कीमतों पर सरकार को घेरा। मनीष तिवारी ने बढ़ते कर्ज और महंगाई पर सवाल उठाए, जबकि पुष्पेंद्र सरोज ने कूटनीतिक विफलता का आरोप लगाया। दूसरी ओर, नवीन जिंदल ने बजट को आर्थिक समृद्धि और 'सबका साथ-सबका विकास' का आधार बताते हुए बचाव किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/opposition-cornered-the-central-government-on-the-impact-of-gulf/article-147688"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/manish-tiwari.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। विपक्ष ने लोकसभा में मंगलवार को कहा कि खाड़ी युद्ध के प्रभाव से देश में ईंधन, खाद्यान और दवाईयों की कीमतों में आने वाले समय में होने वाली वृद्धि पर सरकार को अपनी योजना बतानी चाहिए। कांग्रेस के मनीष तिवारी ने वित्त विधेयक 2026 पर चर्चा की दूसरे दिन शुरुआत करते हुए कहा कि जिन अनुमानों के ऊपर यह बजट और वित्त विधेयक बनाया गया है वह मान्य नहीं प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पश्चिम एशिया संकट पर अपने भाषण में जो नहीं कहा वो ये कि वह मुल्क को आने वाले संकट के लिए तैयार कर रहे थे कि आने वाले दिन संकट भरे होंगे। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बताना चाहिए कि खाड़ी युद्ध का तेल, खाद्यान और दवाईयों की कीमतों पर क्या असर पड़ेगा। उन्होंने आशंका व्यक्त करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद कीमतों में बढोतरी हो सकती है।</p>
<p>उन्होंने कहा, सरकार को बताना चाहिए कि वह बाजार से जो कर्ज ले रही है क्या वह ब्याज की रकम चुकाने के लिए कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का पिछले बारह साल में कर्ज और देनदारी तीन गुणा बढ गया है इसलिए यह बजट भविष्य के भारत का नहीं है। नवीन जिंदल ने कहा कि जनता ने उनकी पार्टी को लगातार जीत दिलाकर बता दिया कि सबका साथ सबका विकास हमारा संकल्प है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का ध्यान सिर्फ आलोचना करने पर ही था लेकिन आलोचना में तथ्य होना चाहिए तभी इसका कोई मतलब होता है। जब हम विकास और वृद्धि की बात करते हैं तो विपक्ष विरोध प्रदर्शन की बात करते हैं। यह विधेयक देश में आर्थिक समृद्धि लाने का काम करेगा और युवा अब नौकरी मांगने वाला नहीं नौकरी देने वाला बनेगा। </p>
<p>जनता दल यूनाइटेड के रामप्रीत मंडल ने कहा कि बिहार एक गरीब राज्य है और वहां मनरेगा के श्रमिकों को काम नहीं मिलने के कारण उनका जीवन संकट में आ गया है। उन्होंने कहा कि बिहार में बारह मार्च से हो रही बेमौसम बारिश से फसलों को नुकसान हो गया है। आम और लीची की फसल भी खराब हो गयी इसलिए सरकार को अविलंब मुआवजा देना चाहिए।</p>
<p>समाजवादी पार्टी के पुष्पेन्द्र सरोज ने कहा कि आज देश की अर्थव्यवस्था की हालत ऐसी हो गयी है कि लोगों को अपनी मूलभूत जरूरतों के लिए कर्ज लेने पड़ रहे है। सिर्फ वादों से देश आगे नहीं बढेगा बल्कि वास्तविकता भी दिखनी चाहिए। सरकार ने जिस आत्मनिर्भर भारत का सपना दिखाया गया वह जमीन पर कहीं नहीं दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने उज्ज्वला योजना के नाम पर ढ़िढोरा पीटने का काम किया लेकिन आज चौदह किलो का सिलेंडर में दस किलो का गैस मिल रहा है। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका के व्यापार समझौता से इस देश के किसान की हालत दयनीय होने वाली है। सरकार की नीतियां दिल्ली से नहीं बल्कि कहीं और से चल रही है। सरकार अमृत काल का सपना दिखाती है लेकिन वास्तविकता में यह अंधकार काल है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि आज देश की विदेश नीति कहां है। आज देश के पड़ोसियों के साथ भी संबंध मधुर नहीं है जो हमारी कूटनीतिक विफलता है। इससे हमारी विदेश नीति विफल होती जा रही है और हमारी सरकार अमेरिका पर निर्भर हो गयी है। कांग्रेस के वामिस कृष्ण गद्दाम ने अपने संसदीय क्षेत्र पेड्डापल्ले में कृषि विश्वविद्यालय खोलने की मांग करते हुए कहा कि उनके राज्य तेलंगाना के साथ भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस सरकार ने गरीबों को वंचित रखकर अमीरों को लाखों करोड़ की छूट दी है। इस देश में अमीर लोगों के लिए बहुत पैसा है लेकिन गरीबों के लिए कुछ नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 14:37:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>गजेन्द्र सिंह शेखावत का राहुल गांधी पर निशाना: बोले-अर्थव्यवस्था संबंधी समझ पर ही है प्रश्नचिह्न, पहले अपने गिरेबां में झांक करके देखों फिर कहना...</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने राहुल गांधी को घेरते हुए कहा कि वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद भारत में महंगाई दर सबसे कम है। उन्होंने तंज कसा कि डबल डिजिट महंगाई वाले दौर के नेता आज 2% पर सवाल उठा रहे हैं। शेखावत ने मिडिल ईस्ट संकट और डॉलर की मजबूती का हवाला देते हुए कांग्रेस शासन की आर्थिक विफलताओं पर निशाना साधा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/gajendra-singh-shekhawats-target-on-rahul-gandhi-said-there-is/article-147429"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/rahul-gandhi5.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा है कि उनको अर्थव्यवस्था की कितनी समझ है, इस पर ही प्रश्नचिह्न लगा हुआ है। शेखावत रविवार को यहां अपने आवास पर मीडिया से बातचीत कर रहे थे। जब उनसे श्री राहुल गांधी के रुपया के डॉलर के मुकाबले कमजोर होने और महंगाई बढ़ने से जुड़े ट्वीट के विषय में पूछा गया, तब उन्होंने कहा कि जिस तरह की परिस्थितियां हैं। ग्लोबल सिनेरियो है। अभी जिस तरह का जिओ टर्बुलेंस विश्व में है। जिस तरह की उथल-पुथल वर्तमान परिस्थिति में मिडिल ईस्ट युद्ध से बनी है, उससे सोना की कीमतें लगातार कम हो रही हैं। उन्होंने कहा कि थोड़े से दिन पहले श्री गांधी सोने को लेकर चिंता व्यक्त कर रहे थे। अभी रुपया को लेकर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। उनको पहले अपने गिरेबां में झांक करके देखना चाहिए।</p>
<p>उन्होंने कहा कि भारत में थोक महंगाई की दर दुनिया में सबसे कम है। राहुल गांधी के अदृश्य नेतृत्व में जब सरकार काम करती थी, जब वो कैबिनेट के फैसलों को फाड़कर फेंका करते थे। संवैधानिक व्यवस्थाओं का अपमान करते थे। उस 10 साल के कालखंड में सात साल महंगाई की दर डबल डिजिट में थी। श्री शेखावत ने कहा कि जब डबल डिजिट वाले दो प्रतिशत की महंगाई पर प्रश्न चिह्न खड़े करें, तब उनकी बुद्धिमता पर प्रश्नचिह्न जनता खड़ा करेगी।</p>
<p>लोगों की समस्याएं सुनने से संबंधित सवाल पर श्री शेखावत ने कहा, "मुझे अत्यंत प्रसन्नता है कि मुझमें विश्वास रखते हुए, मुझ पर भरोसा करके इतने सारे लोग अपने छोटे-बड़े विषयों को लेकर चर्चा करते हैं। यदि आप किसी मुकाम पर पहुंचने के बाद धरातल से जुड़े रहें तो लोग आपके साथ जुड़ते हैं। जब लोग आपके साथ में जुड़ते हैं, आपके पास आते हैं, आप उनके किसी विषय का समाधान करके उनको राहत प्रदान कर सकें, इससे उनके दिल को बहुत प्रसन्नता और सुकून मिलता है।" शेखावत ने कहा "कार्यकर्ताओं ने मुझे बनाया है। मैंने उनको थोड़ा बनाया है।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 17:00:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया में भारी गिरावट, 93.69 प्रति डॉलर के पार</title>
                                    <description><![CDATA[विदेशी मुद्रा बाजार में भारतीय रुपया शनिवार को शुरुआती कारोबार में गिरकर 93.69 प्रति डॉलर के नए ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गया। पिछले सत्र में 49 पैसे की भारी गिरावट के बाद, आज रुपया फिर से कमजोर खुला। वैश्विक आर्थिक दबाव और डॉलर की मजबूती ने घरेलू मुद्रा को रिकॉर्ड गिरावट की ओर धकेल दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/heavy-fall-in-rupee-in-interbank-currency-market-crosses-9369/article-147315"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/dollar-vs-ruppee.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया शनिवार को निचले स्तर 93.69 रुपये प्रति डॉलर पर आ गया। पिछले कारोबारी दिवस पर भारतीय मुद्रा 49 पैसे लुढ़ककर 92.89 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।</p>
<p>रुपया आज लगभग तीन पैसे की गिरावट में 93.69 रुपये प्रति डॉलर पर खुला। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Mar 2026 13:11:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पहली बार भारतीय मुद्रा में ​बड़ी गिरावट, रुपया 93.37 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर </title>
                                    <description><![CDATA[अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में भारतीय रुपया पहली बार 93.37 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 5% उछाल और विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली ने घरेलू मुद्रा पर दबाव बढ़ा दिया है। डॉलर इंडेक्स में मजबूती से रुपये की गिरावट गहरा गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/big-fall-in-indian-currency-for-the-first-time-rupee/article-147009"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/rupee.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया गुरूवार को 93.37 रुपये प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा। भारतीय मुद्रा पहली बार 93.37 रुपये प्रति डॉलर से नीचे लुढ़की है। रुपये की शुरुआत आज दो पैसे की गिरावट के साथ 93.37 रुपये प्रति डॉलर पर हुई थी। </p>
<p>महाराष्ट्र में गुड़ीपड़वा के मौके पर गुरुवार को मुद्रा बाजार में अवकाश रहा। कारोबारियों ने बताया कि मुद्रा बाजार में आज कोई कामकाज नहीं हुआ। साथ ही शेयर बाजारों में भी करेंसी डेरिवेटिव खंड में कामकाज बंद रहा। बाजार में शुक्रवार को सामान्य कामकाज होगा।</p>
<p>पिछले कारोबारी दिवस पर बुधवार को रुपया 49 पैसे टूटकर नये रिकॉर्ड स्तर 92.89 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। यह पहली बार है जब भारतीय मुद्रा 92.50 रुपये प्रति डॉलर से ज्यादा कमजोर हुई है।</p>
<p>अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में करीब पांच प्रतिशत के उछाल से रुपया कमजोर हुआ। विदेशी संस्थागत निवेशकों के भारतीय पूंजी बाजार में बिकवाल रहने और दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर सूचकांक में तेजी से भी रुपये पर दबाव बढ़ा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 11:44:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ईंधन संकट पर सरकार का जवाब: भारत मे गैस-सिलेंडर, तेल औऱ पेट्रोल की कोई कमी नहीं, देश में क्रूड सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित, झूठे मुद्दों पर विपक्ष फैला रहा अफवाह</title>
                                    <description><![CDATA[पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने लोकसभा में आश्वस्त किया कि भारत की ईंधन आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि रूस, कनाडा और नॉर्वे से तेल आयात जारी है और LPG कार्गो नियमित पहुंच रहे हैं। कालाबाजारी रोकने हेतु सख्त निर्देश दिए गए हैं और 33 करोड़ परिवारों को गैस की कमी नहीं होने दी जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/hardeep-singh-puri-claims-that-there-is-no-shortage-of/article-146278"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/hardeep-singh-puri.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने लोकसभा में गुरुवार को कहा कि भारत मे गैस- सिलेंडर, तेल और पेट्रोल की कोई कमी नहीं है। हरदीप सिंह पुरी ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी की ओर से देश में तेल और गैस के संकट का मुद्दा उठाए जाने पर कहा कि दुनिया के ऊर्जा इतिहास में शायद ही कभी ऐसा समय आया हो जैसा अभी पश्चिम एशिया के संकट के कारण देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए बेहद गंभीर मानी जा रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा, 'होर्मुज जल डमरूमध्य से 20 प्रतिशत आवाजाही प्रभावित हुई है, 40 प्रतिशत कच्चा तेल दूसरे देश से आ रहा हैं। हमारे पास पर्याप्त कच्चा तेल है। भारत की क्रूड सप्लाई पूरी तरह से सुरक्षित है और भारत में पेट्रोल-डीजल की किसी भी तरह की कोई दिक्कत नहीं, देश में अभी पर्याप्त गैस है। उन्होंने कहा कि सीएनजी की आपूर्ति 100 प्रतिशत जारी है, भारत में एलपीजी के कार्गो रोज आ रहे हैं। गैस सिलेंडर को लेकर किसी भी तरह से घ्नबराने की जरूरत नहीं है। इसी घबराहट की वजह से मांग बढ़ी है।</p>
<p>इसके आगे केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री ने बताया कि देश में एलपीजी का उत्पादन 28 फीसदी बढ़ा है और देश लंबे समय तक इस संकट से निकटने को लेकर पूरी तरह से तैयार है। पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि भारत अभी भी कनाडा, नार्वे और रूस से तेल ले रहा है और हमने गैस की कालाबाजारी को रोकने के निर्देश जारी किए है। उन्होंने कहा कि उत्पादन बढाने के लिए तेल विपणन कंपनी को बढाने के निर्देश दिये गये हैं। भारत के 33 करोड़ परिवारों को कोई गैस की कमी का समाना नहीं करना होगा और अभी भी ढाई दिन में गैस सुनिश्चित की गयी है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि वाणिज्यिक गैस सिलेंडर विनियमित किया किया गया ताकि कालाबाजारी को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि वैक्ल्पिक इंधन को भी खोजा जा रहा है। उद्योगों की जरूरतों के लिए इंधन की उपलब्धता बढाई जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Mar 2026 18:43:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जीएसटी से भरा सरकार का खजाना: फरवरी में 8.1% ग्रोथ के साथ 1.83 लाख करोड़ का रिकॉर्ड संग्रह</title>
                                    <description><![CDATA[फरवरी 2026 में जीएसटी संग्रह 8.1% बढ़कर ₹1,83,609 करोड़ पहुंच गया है। वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, घरेलू संग्रह और सीमा शुल्क में शानदार वृद्धि दर्ज की गई है। चालू वित्त वर्ष के 11 महीनों में कुल संग्रह ₹20 लाख करोड़ के पार निकल गया है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत कर अनुपालन और विकास को दर्शाता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/government-treasury-filled-with-gst-record-collection-of-rs-183/article-145080"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/gst.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत सकल संग्रह फरवरी 2026 में 8.1 प्रतिशत बढ़कर 1,83,609 करोड रुपये पर पहुंच गया। वित्त मंत्रालय द्वारा रविवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, फरवरी में जीएसटी का घरेलू संग्रह 5.3 प्रतिशत बढ़ा जबकि सीमा शुल्क संग्रह में 17.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गयी। सकल घरेलू संग्रह 1,35,772 करोड़ रुपये पर रहा। सीमा शुल्क का कुल संग्रह 47,837 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। </p>
<p>जीएसटी के तहत फरवरी में कुल 22,595 करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया गया जो सालाना आधार पर 10.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। इस प्रकार शुद्ध जीएसटी संग्रह फरवरी 2025 के मुकाबले 7.9 प्रतिशत बढ़कर 1,61,014 करोड़ रुपये पर रहा। इसके अलावा सरकार ने उपकर के रूप में 563 करोड़ रुपये प्राप्त किये जबकि एक साल पहले यह राशि 13,481 करोड़ रुपये थी। </p>
<p>चालू वित्त वर्ष के पहले 11 महीनों में फरवरी तक सकल जीएसटी संग्रह 8.3 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 20,27,033 करोड़ रुपये हो गया है। इस दौरान 2,70,261 करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया गया जिससे शुद्ध जीएसटी संग्रह 17,56,772 करोड़ रुपये रहा। रिफंड में 18.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है जबकि शुद्ध जीएसटी संग्रह 6.9 प्रतिशत बढ़ा है। </p>
<p>पूरे वित्त वर्ष में अब तक 99,215 करोड़ रुपये का उपकर प्राप्त हुआ है जबकि पिछले वित्त वर्ष में इसी अवधि के दौरान 1,36,656 करोड रुपये के उपकर की प्राप्ति हुई थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Mar 2026 18:24:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विपक्ष ने बजट में पूंजीगत व्यय और राज्यों के आवंटन में कमी पर सरकार को घेरा, सत्ता पक्ष बोला यह देश की आकांक्षाओं को करेगा पूरा</title>
                                    <description><![CDATA[राज्यसभा में बजट पर विपक्ष ने कटौती, बेरोजगारी पर सवाल उठाए, जबकि सत्तापक्ष ने इसे विकसित भारत की दिशा में जनआकांक्षाओं को पूरा करने वाला बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-opposition-cornered-the-government-on-the-lack-of-capital/article-142525"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(24).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राज्यसभा में आम बजट को लेकर सोमवार को विपक्ष और सत्ता पक्ष ने अपनी- अपनी दलीलें दी जिसमें विपक्षी दलों ने जहां बजट में पूंजीगत व्यय, मंत्रालयों और राज्यों के आवंटन में कमी तथा पिछले वादों को पूरा नहीं करने का मुद्दा उठाया वहीं सत्ता पक्ष ने इसे लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने तथा देश को विकसित भारत की ओर तेजी से आगे बढाने वाला बजट करार दिया। पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदम्बरम ने बजट पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि बजट में पूंजीगत व्यय के साथ-साथ रक्षा, ग्रामीण क्षेत्रों, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, शहरी आवास और सामाजिक कल्याण के आवंटन में कमी की गयी है। उन्होंने मुख्य रूप से पूंजीगत निवेश में कमी, बढती बेरोजगारी और धीमी विकास दर को लेकर सरकार को घेरते हुए कटाक्ष किया कि उसकी रिफॉर्म एक्सप्रेस पटरी से उतर गयी है। उन्होंने कहा कि बजट में आर्थिक सर्वेक्षण में बयान की गयी हकीकतों की अनदेखी की गयी है।</p>
<p>बजट पर अपनी सटीक प्रतिक्रिया करते हुए उन्होंने कहा, यह बजट सतर्क है, कंजूस है और बीते वर्ष को भुला देने वाला है,यह जल्द ही परिदृश्य से ग़ायब हो जाएगा। यह अखबारों से भी ग़ायब हो चुका है और किसी और सौदे तथा किसी और मंत्री ने सुर्खयिाँ घेर ली है। यह एक भुला दिए जाने वाला बजट है, जिसे एक ऐसी वित्त मंत्री ने तैयार किया है जिसने पिछले साल सदन में किए गए अपने वादों को भुला दिया। </p>
<p>चिदम्बरम ने कहा कि देश में बेरोजगारी की दर 15 प्रतिशत पहुंच गयी है और 25 प्रतिशत से भी कम कार्यबल के पास नियमित रोजगार है। लोगों को अपने काम करने की ओर रुख करना पड़ रहा है।  प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 2024-24 में बहुत अधिक घट गया है और निजी निवेश भी 22 प्रतिशत पर आ गया है। उन्होंने कहा कि निवेश नहीं आने के बावजूद सरकार ने पूंजीगत व्यय में 44 लाख करोड़ की कमी की है। </p>
<p>कांग्रेस सदस्य ने कहा कि कुल मिलाकर देखें तो सरकार ने पूंजीगत खर्च में एक लाख करोड़ रुपये की कमी लेकिन रिजर्व बैंक ने ही तीन लाख करोड़ रुपये का लाभांश दिया है तो फिर यह कमी क्यों की गयी। उन्होंने कहा कि अजीब स्थिति है कि निवेश भी नहीं आ रहा है और सरकार भी पूंजीगत खर्च कम रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों के लिए पैसे का आवंटन कम कर दिया है। जल जीवन मिशन में पिछले वर्ष केवल 17 हजार करोड रुपये का खर्च किया गया है और इस बार सरकार ने 50 हजार करोड़ रुपये की कमी कर दी। उन्होंने कहा कि राज्यों को दी जाने वाली राशि में </p>
<p>33 हजार करोड़ रुपये की कमी की गयी है। सदस्य ने कहा कि रक्षा क्षेत्र का बजट जीडीपी का 1.6 प्रतिशत है जो काफी कम है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी के बजट में भी कमी की गई है। चिदम्बरम ने कहा कि बायो फार्मा क्षेत्र के लिए बजट में पांच वर्ष के लिए दस हजार करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है जिसमें से आगामी वित्त वर्ष के लिए केवल 500 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।</p>
<p>सत्तापक्ष के अरूण सिंह ने कहा कि विपक्ष आलोचना करते समय इस बात को भूल जाता है कि उसके समय में बजट के लिए किया जाने वाला आवंटन अब 16. 6 करोड से बढकर 53.5 लाख करोड रुपये पहुंच गया है जो तीन गुना बढा है। उन्होंने कहा कि यह देश के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने वाला तथा विकसित भारत के लिए आर्थिक प्रगति को तेज करने का संकल्प दिखता है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि बजट में पूंजीगत खर्च के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। वित्तीय घाटे का 4.3 प्रतिशत का लक्ष्य सराहनीय है और उसे देखते हुए पूंजीगत खर्च को धीरे धीरे बढाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूंजीगत खर्च बढकर बजट का 22.8 प्रतिशत पहुंच गया है जो कांग्रेस के समय 6.7 प्रतिशत था। </p>
<p>सत्तापक्ष के नेता ने कहा कि सरकार की नीतियों और सुधार प्रक्रिया से लोगों का उस पर भरोसा बढा है और आयकर रिटर्न भरने वालों की संख्या कांग्रेस के समय के चार करोड से बढकर नौ करोड़ पहुंच गयी है। उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में और मोबाइल के क्षेत्र में निर्यात निरंतर बढ रहा है। इलेक्ट्रानिक्स के क्षेत्र में भी निर्यात पहले की तुलना में तीन गुना बढा है। उन्होंने कहा कि चालू खाते का घाटा भी जल्दी ही सरपल्स पर चला जायेगा। साथ ही विदेशी मुद्रा भंडार लगातार बढ रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि भारत ने दुनिया के सबसे बड़े देशों के साथ व्यापार समझौते किये हैं जिससे भारत के प्रति बढते विश्वास का पता चलता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकारों में महंगाई की दर 9.4 प्रतिशत थी जो अब 2.4 प्रतिशत से भी कम है। बजट में आवास क्षेत्र के लिए 85 हजार करोड का बजट आवंटित किया गया है। किसानों और गरीबों का आर्थिक सशक्तीकरण किया जा रहा है। विपक्ष की आलोचना का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि इस बार विकसित भारत जी राम जी का बजट 42 प्रतिशत बढाकर 1 लाख 25 हजार करोड़ रुपये किया गया है। </p>
<p>तृणमूल कांग्रेस की सुष्मिता देव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह बजट आम आदमी से जुड़े मुद्दों पर पूरी तरह खामोश है। उन्होंने सवाल किया कि जब राज्यों का बजट कम किया जायेगा तो देश विकास कैसे करेगा। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि उसके छह बजट बिना जनगणना के लाये गये हैं ऐसे में इन बजटों के आवंटन को कैसे सही माना जा सकता है। उन्होंने जनगणना में स्व गणना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने यह काम कोविड के समय जनगणना रोकने के बजाय उस समय क्यों नहीं किया। </p>
<p>उन्होंने जन धन योजना के 13 करोड़ खाते बंद किये जाने का उल्लेख करते हुए सरकार के 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर करने के दावों पर भी सवाल उठाया। सदस्य ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भारत के विकास और जीडीपी के आंकड़ों को लेकर बेस ईयर पर सवाल उठाया है लेकिन सरकार पर इसका असर नहीं है। बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने कितने युवाओं को रोजगार दिया इसकी संख्या कभी नहीं बतायी जाती। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में बेरोजगारी 40 प्रतिशत कम हुई है। उन्होंने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि इनसे रुपया गिर रहा है। </p>
<p>तृणमूल नेता ने राज्यों के साथ भेदभाव का सवाल उठाते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल का दो लाख करोड़ रुपया रोका गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्य का मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना का सबसे अधिक पैसा रोका हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर के नाम पर राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) ला रही है।</p>
<p>द्रमुक के पी विल्सन ने कहा कि भारत का कर्ज निरंतर बढ रहा है और इस चक्रव्यूह से बाहर निकलने तथा कर्ज को कम करने की कोई योजना नहीं दिखाई देती। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर आशंकाओं को दूर नहीं किया जा रहा है । उन्होंने कहा कि भारत ने इस समझौते में अमेरिका से 500 अरब डालर की खरीद की प्रतिबद्धता जतायी है। इसे एकतरफा समझौता बताते हुए उन्होंने कहा कि भारत जीरो टैरिफ लगा रहा है तो अमेरिका की ओर से 18 प्रतिशत टैरिफ क्यों लगाया जा रहा है। उन्होंने कर धोखाधड़ी कर विदेश भागने वाले भगोड़ों को जल्द देश लाये जाने की मांग की। </p>
<p>उन्होंने कहा कि सरकार अमृत और स्मार्ट सिटी के लिए बजट को नहीं बढा रही है और किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के अपने वादे को भी पूरा नहीं कर रही। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 18:50:41 +0530</pubDate>
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                <title>भारत टैक्सी लॉन्च: अमित शाह आज करेंगे देश की पहली सहकारिता-क्षेत्र की टैक्सी सेवा 'भारत टैक्सी' लॉन्च, ग्राहकों को मिलेगी ये खास सुविधा </title>
                                    <description><![CDATA[अमित शाह ने सहकारी टैक्सी सेवा ‘भारत टैक्सी’ लॉन्च की। इससे ड्राइवर मालिक बनेंगे, अधिक मुनाफा कमाएंगे और एग्रीगेटर शोषण से मुक्ति मिलेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/bharat-taxi-launch-amit-shah-will-launch-the-countrys-first/article-142024"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(3)5.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह गुरुवार को देश की पहली सहकारिता-क्षेत्र की टैक्सी सेवा'भारत टैक्सी' शुरू करेंगे। अमित शाह ने सोशल मीडिया एक्स पर इस पहल का महत्व बताते हुए कहा कि यह मंच कई लोगों को साथ आकर, थोड़ा-थोड़ा निवेश करके कुछ बड़ा बनाने में मदद करेगा। उन्होंने आज दिन को टैक्सी चालकों के लिए अहम बताते हुए कहा कि देश की पहली सहकारिता-क्षेत्र की टैक्सी सेवा 'भारत टैक्सी' का नयी दिल्ली में उद्घाटन उनके लिये एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। उन्होंने कहा कि 'भारत टैक्सी' के जरिये टैक्सी चालक न सिर्फ ज्यादा मुनाफा कमा पाएंगे, बल्कि अपनी सेवा के मालिक भी बन जायेंगे। </p>
<p>सहकारिता मंत्रालय ने इस सेवा की जानकारी देते हुए कहा, गतिशीलता (मोबिलिटी) क्षेत्र में एक परिवर्तनकारी पहल के रूप में परिकल्पित भारत टैक्सी में, सारथी कहे जाने वाले ड्राइवरों को स्वामित्व, संचालन और मूल्य सृजन के केंद्र में रखा गया है। इससे उन्हें शोषणकारी एग्रीगेटर-आधारित प्रणालियों से मुक्ति मिलेगी।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि अमित शाह भारत टैक्सी के लॉन्च के दौरान छह सारथियों (टैक्सी चालकों) को सहकारिता-यातायात इकोसिस्टम में उनके योगदान के लिये सम्मानित भी करेंगे। सभी सम्मानित टैक्सी चालकों को पांच-पांच लाख रुपए का एक निजी दुर्घटना बीमा और परिवार बीमा उपलब्ध करवाया जाएगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Thu, 05 Feb 2026 14:56:37 +0530</pubDate>
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                <title>शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार में तेजी, इन शेयरों में दिखेगी तेजी जरूर रखें नजर</title>
                                    <description><![CDATA[आईटी शेयरों में भारी गिरावट के बावजूद घरेलू शेयर बाजार में रिकवरी दिखी। सेंसेक्स और निफ्टी शुरुआती गिरावट से उबरकर हरे निशान में बंद होते दिखे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/there-will-be-a-rise-in-the-stock-market-in/article-141873"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/share-market-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। आईटी सेक्टर में भारी गिरावट के बीच घरेलू शेयर  बाजार बुधवार को गिरावट में खुले लेकिन बाद में हरे निशान में चले गये। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 487.07 अंक गिरकर 83,252.06 अंक पर खुला। एक समय यह 619 अंक तक नीचे उतर गया था, लेकिन बाद में बाजार में तेजी लौट आई। खबर लिखे जाते समय यह पिछले कारोबारी दिवस के मुकाबले 129.12 अंक (0.15 प्रतिशत) ऊपर 83,868.25 अंक पर पहुंच गया था।</p>
<p>इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 सूचकांक 52.50 अंक नीचे 25,675.05 अंक पर खुला। खबर लिखे जाते समय यह भी 59.05 अंक यानी 0.23 फीसदी की बढ़त के साथ 25,786.60 अंक पर रहा। आईटी सेक्टर में भारी गिरावट देखी गई और निफ़्टी आईटी सूचकांक पांच प्रतिशत से ज्यादा लुढ़क गया। स्वास्थ्य, मीडिया और रियलटी सेक्टरों के सूचकांक भी लाल निशान में रहे। वहीं, ऑटो, धातु, एफएमसीजी, निजी बैंक, तेल एवं गैस और टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद समूहों में तेजी देखी गई।</p>
<p>सेंसेक्स की कंपनियों में इन्फोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, बजाज फाइनेंस और एक्सिस बैंक के शेयर सबसे अधिक गिरावट में थे। आईसीआईसीआई बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज और एलएंडटी के शेयर ऊपर चल रहे थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Feb 2026 11:44:05 +0530</pubDate>
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