<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/vande-mataram/tag-19832" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>vande mataram - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/19832/rss</link>
                <description>vande mataram RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>'वंदे मातरम’ पर नई गाइडलाइंस जारी: सरकारी कार्यक्रमों व स्कूलों में छह छंद अनिवार्य, खड़े रहना होगा जरूरी</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को ‘वंदे मातरम’ के बारे में नई गाइडलाइंस जारी कीं, जिसमें कहा गया कि सभी सरकारी इवेंट्स और स्कूलों में राष्ट्रगान से पहले राष्ट्रगान गाया जाना चाहिए, और जब यह बजाया जाए तो सभी लोग सावधान की मुद्रा में खड़े रहें।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/new-guidelines-issued-on-vande-mataram-standing-of-six-verses/article-142740"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(3)10.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ‘वंदे मातरम’ को लेकर नई गाइडलाइंस जारी की हैं। अब सभी सरकारी कार्यक्रमों और स्कूल असेंबली में राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ से पहले ‘वंदे मातरम’ गाया जाएगा। निर्देशों के अनुसार, गीत के सभी छह छंद (लगभग 3 मिनट 10 सेकंड) गाए या बजाए जाएंगे और इस दौरान सभी को सावधान की मुद्रा में खड़ा होना होगा।</p>
<p>गाइडलाइंस राष्ट्रपति व राज्यपालों की उपस्थिति वाले समारोहों, नागरिक सम्मान कार्यक्रमों और झंडारोहण अवसरों पर भी लागू होंगी। हालांकि, फिल्म प्रदर्शन के दौरान इसे अनिवार्य नहीं किया गया है।</p>
<p>सरकार का कहना है कि राष्ट्रीय गीत के सम्मान को औपचारिक और एकरूप बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है। हाल में इसके ऐतिहासिक स्वरूप और पूरे संस्करण को शामिल करने को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हुई थी।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/new-guidelines-issued-on-vande-mataram-standing-of-six-verses/article-142740</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/new-guidelines-issued-on-vande-mataram-standing-of-six-verses/article-142740</guid>
                <pubDate>Wed, 11 Feb 2026 14:35:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/11-%28700-x-400-px%29-%28630-x-400-px%29-%283%2910.png"                         length="1442393"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान हंगामे को लेकर केंद्र सरकार ने विपक्ष पर साधा निशाना, कहा-संसदीय मर्याद को किया तार तार</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[भाजपा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण में हंगामे पर कांग्रेस-विपक्ष की निंदा की। जेपी नड्डा बोले, वंदे मातरम् और संसद की गरिमा का अपमान हुआ, माफी मांगने की मांग।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-central-government-targeted-the-opposition-over-the-uproar-during/article-141096"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(9)4.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को संसद के बजट सत्र में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के दौरान कांग्रेस एवं विपक्षी दलों के हंगामे पर निशाना साधा है और इसे निंदनीय बताया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने एक बयान में कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के दौरान जिस तरह से आज फिर कांग्रेस पार्टी के नेताओं और विपक्ष ने संसदीय मर्यादा को तार-तार किया, उसकी जितनी भी निंदा की जाय, कम है।</p>
<p>जेपी नड्डा ने कहा, राष्ट्रपति मुर्मू संसद के दोनों सदनों के संयुक्त सत्र में अभिभाषण में जब वंदे मातरम के 150वां साल मनाये जाने का जिक्र करते हुये बंगाल की धरती से स्वतंत्रता के उद्घोष और अमर मनीषी बंकिम बाबू के कृतित्व को याद कर नमन कर रहीं थीं, तभी अराजकतावादी कांग्रेस और इंडी गठबंधन ने हंगामा कर दिया और नारे लगाना शुरू कर दिया। ऐसा कर के उन्होंने राष्ट्रगीत वंदेमातरम् और बंकिम चंद्र का भी अपमान किया। इस दृश्य को पूरे देश ने देखा है।</p>
<p>जेपी नड्डा ने कहा कि मुझे समझ में नहीं आता कि वंदे मातरम्, बंकिम बाबू और पश्चिम बंगाल की धरती से कांग्रेस और इंडिया गठबंधन को इतनी नफरत क्यों है, आश्चर्य की बात यह है कि तृणमूल कांग्रेस भी विपक्षी हंगामे में साझेदार बन रही थी। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने संसद की गरिमा को जिस तरह ठेस पहुंचाया है। वह अति निंदनीय है। इसकी जितनी भी भत्र्सना की जाए वो कम है। इन लोगो को संसद और देश से माफी मांगनी चाहिए।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/the-central-government-targeted-the-opposition-over-the-uproar-during/article-141096</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/the-central-government-targeted-the-opposition-over-the-uproar-during/article-141096</guid>
                <pubDate>Wed, 28 Jan 2026 18:25:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/1200-x-600-px%29-%289%294.png"                         length="226965"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>77th Republic Day 2026: नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचे पीएम मोदी, शहीदों को अर्पित की श्रद्धांजलि</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[भारत आज 26 जनवरी 2026 को अपना 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह और गौरव के साथ मना रहा है। राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/77th-republic-day-2026-pm-modi-reached-national-war-memorial/article-140851"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(24).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत आज 26 जनवरी 2026 को अपना 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह और गौरव के साथ मना रहा है। राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगी और परेड की सलामी लेंगी। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचकर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।</p>
<p>इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह की थीम ‘वंदे मातरम् के 150 वर्ष’ रखी गई है, जो देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना को दर्शाती है। परेड में भारत की सांस्कृतिक विविधता, लोकतांत्रिक मूल्यों, ऐतिहासिक विरासत और सैन्य शक्ति का भव्य प्रदर्शन देखने को मिलेगा। विभिन्न राज्यों की झांकियां और सशस्त्र बलों की टुकड़ियां देश की विकास यात्रा की झलक पेश करेंगी।</p>
<p>इस बार गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन हैं, जो भारत-यूरोप संबंधों की मजबूती का प्रतीक हैं।</p>
<p>इसके साथ ही लाल किले पर 26 से 31 जनवरी तक ‘भारत पर्व’ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश की सांस्कृतिक, कलात्मक और पर्यटन विरासत का उत्सव मनाया जाएगा। गणतंत्र दिवस का यह अवसर भारतीय संविधान और लोकतंत्र की शक्ति को स्मरण करने का दिन है।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/77th-republic-day-2026-pm-modi-reached-national-war-memorial/article-140851</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/77th-republic-day-2026-pm-modi-reached-national-war-memorial/article-140851</guid>
                <pubDate>Mon, 26 Jan 2026 10:24:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/1200-x-600-px%29-%2824%29.png"                         length="663923"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नेहरू ने किए वंदे मातरम् के दो टुकड़े...,जानिए संसद में और क्या बोले अमित शाह?</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[संसद के शीतकालीन सत्र में “वंदे मातरम्” पर दूसरे दिन बहस की शुरुआत गृह मंत्री अमित शाह ने की। उन्होंने कांग्रेस पर वंदे मातरम् के विरोध का आरोप लगाया और कहा कि यह गीत देशभक्ति की भावना जगाने का प्रतीक रहा है।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/nehru-made-two-pieces-of-vande-mataram-know-what-else/article-135338"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/amit-shah-in-rajyasabha1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र में वंदे मारतम् पर बहस को लेकर आज दूसरा दिन है और आज इसकी शुरूआत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की। बीते दिन वंदे मातरम् पर बहस पीएम मोदी ने की थी, जिसके बाद में सियासी संग्राम छिड़ गया है। गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में वंदे मातरम को लेकर कहा कि, वंदे मातरम का विरोध कांग्रेसियों के खून में ही है, क्योंकि नेहर के नेतृत्वी वाली कांग्रेस ने उस समय भी वंदे मातरम का विरोध किया था और आज भी इसके विरोध में लगी हुई है।</p>
<p>गुलामी से आजादी पाने के लिए वंदे मातरम ने ही देशवासियों के मन में आजादी की अलख जगाई और देशभक्ति का जुनून पैदा किया। जब वंदे मारतम 50 साल का था तो भी बंदी था और जब 100 साल का हुआ तब बंदी था और आज जब 150 साल का हुआ तब भी उसका विरोध हो रहा है। तब इसका विरोध नेहरू ने किया था और आज भी इसका विरोध कांग्रेस कर रही है।</p>
<p>इसके आगे अमित शाह ने कहा, वंदे मातरम पर चर्चा की जरूरत उस समय आजादी के आंदोलन के समय भी थी और आज भी है और शायद साल 2047 में भी रहेगी। इसके आगे राज्यसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, मुद्दों पर चर्चा करने से कोई नहीं डरता है। हम संसद का बहिष्कार नहीं करते हैं, कोई भी मुद्दा हो हम चर्चा करने के लिए तैयार है लेकिन वंदे मातरम् गान की चर्चा को टालने की मानसिकता, यह नई नहीं है, जब वंदे मातरम के 50 साल पूरे हुए थे, तब भारत आज़ाद नहीं था।</p>
<p>जब वंदे मातरम की स्वर्ण जयंती हुई, तब जवाहरलाल नेहरू ने वंदे मातरम के 2 टुकड़े करके उसको 2 अंत्रों तक सीमित करने का काम किया था। इसके आगे गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, वंदे मातरम् के गौरव गान से हमारे बच्चे, किशोर, युवा और आने वाली कई पीढ़ियां वंदे मातरम् के महत्व को भी समझेगी और उसको राष्ट्र के पुनर्निर्माण का एक प्रकार से आधार भी बनाएगी। </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/nehru-made-two-pieces-of-vande-mataram-know-what-else/article-135338</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/nehru-made-two-pieces-of-vande-mataram-know-what-else/article-135338</guid>
                <pubDate>Tue, 09 Dec 2025 14:53:43 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/amit-shah-in-rajyasabha1.png"                         length="1467017"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>''वंदे मातरम'' पर पीएम मोदी का विपक्ष पर हमला, कहा-कांग्रेस ने किया विश्वासघात, आजादी का प्रेरणास्रोत भारत का भी है विजन</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वंदे मातरम् के 150 वर्ष पर लोकसभा में कांग्रेस पर तुष्टिकरण का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह गीत स्वतंत्रता आंदोलन की आत्मा था। पीएम मोदी ने वंदे मातरम् को देश की सांस्कृतिक और राष्ट्रीय ऊर्जा का प्रतीक बताया।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-attacks-opposition-on-vande-mataram-says-congress-betrayed/article-135177"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/pm-modi-on-vande-matram-in-today.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस पर वंदे मातरम के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि तुष्टीकरण की राजनीति के दबाव में कांग्रेस  वंदे मातरम के बंटवारे के लिए झुकी और मुस्लिम लीग के सामने घुटने टेक दिये। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्ष पर हमला बोला, उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान आजादी के दीवानों का मंत्र बने 'वंदे मातरम्' गीत की गूंज ने न सिर्फ अंग्रेजों की नींद उड़ा दी थी बल्कि पूरे भारत में उत्साह का ऐसा माहौल तैयार किया था जो न सिर्फ स्वतंत्रता का मंत्र बना बल्कि आजाद भारत के लिए भी विजन बनकर सामने आया।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को लोकसभा में वंदे मातरम् गीत के 150वें वर्ष पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि यह गीत आजादी का उद्गार बन गया था और हर देशवासी इस गीत से प्रेरित होकर अंग्रेजों के खिलाफ जंग लड़ रहा था। इस गीत से देश में बने नये माहौल को देखकर अंग्रेज बौखला गये थे इसलिए उन्होंने इस गीत पर प्रतिबंध लगा दिया और इसे गाने को अपराध मानकर लोगों पर जुल्म ढहाने शुरु कर दिए थे। </p>
<p>इसके आगे उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् का एक ऐसा कालखंड रहा है, जिसमें इतिहास के कई प्रेरक उदाहरण देश के सामने मौजूद है। वंदे मातरम् के जब सौ साल पूरे हो गये थे, तो उस समय इसकी शताब्दी का उत्तम पर्व मनाया जाना था, लेकिन तब देश को आपातकाल में धकेल दिया गया था और देश के नागरिकों का गला घोंटा जा रहा था। देश की आजादी के आंदोलन को ऊजा देने वाले वंदे मातरम् के सौ साल पूरे होने के समय देश को आपाताकाल के काले कालखंड में धकेल दिया गया था।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, वंदे मातरम् पर चर्चा में कोई पक्ष और प्रतिपक्ष नहीं है क्योंकि इसी गीत से मिली प्रेरणा के कारण हम सब यहां बैठे हैँ और यह हम सबके लिए पावन पर्व है। वंदे मातरम् की भावना के साथ देश की आजादी की लड़ाई लड़ी गयी और इस गीत के भाव में आजादी के दीवाने देश के लिए प्राण न्यौछावर कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् गीत ऐसे समय लिखा गया था जब अंग्रेज सल्तनत 1857 की क्रांति से बौखलाई थी और देश की महान विभूतियों को मजबूर किया जा रहा था। जब चारों तरफ वंदे मातरम़ की आवाज गूंज रही थी, देश को गुलाम बनाए रखने के लिए बड़ा षडयंत्र चल रहा था तो उस स्थिति को बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय चुनौती दे रहे थे। </p>
<p>उन्होंने 1882 में 'आनंदमठ' उपन्यास की रचना की तो देश में आजादी की अलख जगा रहा वंदे मातरम् गीत इसमें रखा गया। देश के लोगों में जो भाव था, जो संस्कृति थी उसे वंदे मातरम् गीत के जरिए देश को बहुत बड़ी सौगात दी गई। वंदे मातरम् केवल आजादी की लड़ाई का मंत्र नहीं था, मात्र अंग्रेजों को भगाने का मंत्र नहीं था बल्कि यह इस भूमि को बेड़ियों से मुक्ति दिलाने की एक पवित्र जंग भी थी। इसके आगे प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, वंदे मातरम् देश की प्राचीन पृष्ठभूमि और सांस्कृतिक परंपरा का आधुनिक अवतार है। बंकिमदा ने जब वंदे मातरम् की रचना की थी तो यह गीत स्वाभाविक रूप से आजादी की लड़ाई का स्वर बना और पूरे देश के आजादी के योद्धाओं को मुग्ध करने का मंत्र बन गया। </p>
<p>वंदे मातरम् हजारों वर्ष की सांस्कृतिक ऊर्जा थी, इसमें आजादी का जज्बा भी था और आजाद भारत की दृष्टि भी थी। इस गीत के हर शब्द देशवासियों को हौसला देने वाले थे। उसमें संदेश दिया गया था कि लड़ाई जमीन हथियाने की नहीं और सिर्फ आजादी पाने की नहीं है बल्कि यह देश की समृद्धि का भी संकल्प है। इस गीत का सिर्फ जन जन से जुड़ाव नहीं रहा है बल्कि यह गीत हमारी आजादी की लंबी गाथा की अभिव्यक्ति भी है।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा, वंदे मातरम् जनजीवन की धारा प्रवाह यात्रा का नाम है और इस गीत के सामने आने के बाद से अंग्रेज समझ गये थे कि अब भारत में रहना आसान नहीं है इसलिए उन्होंने देश को टुकड़ों में बांटने की चाल चली और 'बांटो तथा राज करो' की नीति को चुना। बंगाल के विभाजन को इसकी प्रयोगशाला बनाया गया। बंगाल की बौद्धिक शक्ति तब पूरे देश को ताकत देती थी। बंगाल पूरे देश को प्रभावित करता था। अंग्रेजों का मानना था कि अगर बंगाल को तोड़ दिया तो देश में आसानी से राज किया जा सकता है और 1905 में उन्होंने बंगाल विभाजन का पाप किया तो वंदे मातरम् बंगाल की एकता के लिए चट्टान की तरह खड़ा रहा। गली गली में इस गीत की गूंज सुनाई दे रही थी। वंदे मातरम् देश के लिए चट्टान और अंग्रेजों के लिए संकट बन गया था।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा कि अंग्रेज समझ गये थे कि बंगाल से निकला वंदे मातरम् का भाव पूरे देश में जिस भाव के साथ फैल गया है, उससे देश में आजादी के वेग को रोकना आसान नहीं है, इसलिए उन्होंने वंदे मातरम् बोलने पर भी सजा का प्रावधान कर दिया। इस गीत को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया। इसके बावजूद वंदे मातरम् गीत गाते हुए प्रभात फेरियां बंगाल की गली गली में निकलती थी और बंगाल की गलियों से निकली यह आवाज पूरे देश की आवाज बन गई थी। छोटे छोटे बच्चों को वंदे मातरम् गाने पर उनके साथ जुल्म किया गया। बच्चों ने वंदे मातरम् मंत्र को अपनी ताकत सिद्ध कर दिया था। जांबाज वंदे मातरम् जय घोष के साथ फांसी पर चढ़ गये। </p>
<p>पीएम मोदी ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर लोकसभा में सोमवार को चर्चा की शुरूआत करते हुए कहा कि वंदे मातरम के प्रति मुस्लिम लीग की विरोध की राजनीति तेज होती जा रही थी। मोहम्मद अली जिन्ना ने पंद्रह अक्टूबर 1937 को लखनऊ में वंदेमातरम के विरोध का नारा बुलंद किया तब कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष जवाहर लाल नेहरू को अपना ङ्क्षसहासन डोलता दिखा। जवाहर लाल नेहरू ने ऐसे समय मुस्लिम लीग को जवाब देने और कांग्रेस की वंदे मातरम में निष्ठा को प्रकट करने के बजाय वंदे मातरम की ही पड़ताल शुरु कर दी। </p>
<p>इसके आगे पीएम मोदी ने कहा, विरोध के पांच दिन बाद बीस अक्टूबर को जवाहर लाल नेहरू ने सुभाष चंद्र बोस को चिट्टी लिखी और इसमें उन्होंने जिन्ना की भावना से अपनी सहमति जतायी जिसमें कहा गया कि यह गीत मुस्लमानों की भावनाओं को ठेस पहंचा सकता है। उन्होंने कहा सुभाष चन्द्र बोस को जो पत्र लिखा गया उसमें जवाहर लाल नेहरू ने कहा कि मैंने वंदे मातरम का बैकग्राउंड पढा है और मुझे लगता है इससे मुस्लिम भड़केंगे। इसके बाद कांग्रेस की तरफ से बयान आया कि 26 अक्टूबर से कांग्रेस की कार्यसमिति की बैठक में वंदेमातरम की समीक्षा होगी। इससे पूरा देश हैरान था। पूरे देश में इसके विरोध में प्रभात फेरियां निकाली। दुर्भाग्य है कि कांग्रेस ने वंदेमातरम पर समझौता कर लिया। वंदे मातरम के टुकड़े कर दिये।। कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के सामने घुटने टेक दिये।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि तुष्टीकरण की राजनीति के दबाव में कांग्रेस वंदे मातरम के बंटवारे के लिए झुकी, इसलिए कांग्रेस को एक दिन भारत के बंटवारे के लिए झुकना पड़ा। प्रधानमंत्री ने कहा कि दुर्भाग्य से कांग्रेस की नीतियां आज भी वैसे ही है। आज भी कांग्रेस और उनके सहयोगी वंदेमातरम पर विवाद खड़ा करने की कोशिश करते हैं। पीएम मोदी ने कहा, वंदेमातरम पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की भावना क्या थी वह भी सदन के समक्ष रखना चाहता हूं। उस समय दक्षिण अफ्रीका से इंडियन ओपिनियन नाम की एक पत्रिका निकलती थी जिसमें दो दिसंबर 1905 में महात्मा गांधी ने लिखा था यह गीत वंदेमातरम जिसे बंकिम चंद्र ने रचा है, पूरे बंगाल में अत्यंत लोकप्रिय हो गया है। </p>
<p>स्वदेशी आदोलन के पक्ष में विशाल सभायें हुई जहां लाखों लोगों ने ये गीत गाया। उन्होंने लिखा कि यह गीत इतना लोकप्रिय हो गया जैसे ये हमारा राष्ट्रीय गान बन गया है। यह अन्य राष्ट्रों की गीतों से मधुर है। यह भारत को मां के रूप में देखता है और उसकी स्तुति करता है। उन्होंने कहा कि जो वंदे मातरम् महात्मा गांधी को राष्ट्रीय गान के रूप में दिखता था। यह गीत इतना महान था तो पिछली सदी में इसके साथ इतना बड़ा अन्याय क्यों हुआ। इसके साथ विश्वासघात क्यों हुआ। कौन सी ताकत थी जिसकी इच्छा पूज्य बापू पर भी भारी पड़ गयी और वंदे मातरम को विवादों में घसीट दिया। हमें उन परिस्थितियों को नई पीढी को बताना जरूर है आखिर क्यों वंदे मातरम के साथ विश्वासघात किया गया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि वंदेमातरम ने देश को हिम्मत दी थी। बंगाल की गलियों से निकली आवाज देश की आवाज बन गयी थी। उन्होंने कहा कि  हमारे जांबाजों सपूत बिना किसी डर के फांसी के तख्ते पर चढते थे और आखिरी समय में वंदेमातरम का उदघोष करते थे। उन्होंने कहा कि अनगिनत वीर सपूतों ने जुल्म सहा लेकिन एक ही नारा था एक भारत श्रेष्ठ भारत। उन्होंने कहा कि मास्टर सूर्यसेन को जब फांसी दी गयी तब उन्होंने अपने साथियों को एक पत्र लिखा था जिसमें एक ही गूंज थी वंदे मातरम।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया में कोई एक ऐसा भाव गीत नहीं हो सकता है जो सदियों तक प्रेरित करता हो लेकिन वंदेमातरम आज भी हमें प्रेरित कर रहा है। इसमें हमारी स्वतंत्रता, बलिदान, उर्जा, समर्पण और त्याग का मंत्र था। इस गीत की लोकप्रियता ने उसी कालखंड में वंदे मातरम की रिकार्डिंग दुनिया में पहुंचा दिया। उस समय लंदन के इंडिया हाउस में वीर सावरकर ने यह गीत गाया। उसी समय विपिन चंद्र पाल ने अखबार निकला जिसका नाम भी वंदेमातरम रखा। डगर डगर पर अंग्रेजों का नींद हराम करने के लिए वंदेमातरम काफी था। मैडम भीकाजी कामा ने भी वंदेमातरम अखबार निकाला। वंदेमातरम ने भारत को स्वाबलंबन का रास्ता दिखाया। उस समय माचिस की डिबिया से लेकर जहाज पर वंदेमातरम लिखा जाता था। यह स्वदेशी का मंत्र बन गया था।</p>
<p>उन्होंने कहा कि राष्ट्रकवि सुब्रमण्यम भारती ने वंदे मातरम को तमिल में लिखा था। उनके कई गीतों में वंदेमातरम की श्रद्धा नजर आती है। भारत का ध्वजगीत भी श्री भारती ने ही लिखा था। उन्होंने कहा कि जब संकटों का कालखंड होता है तभी पता चलता है हम कितने सशक्त है। 1947 के बाद देश की चुनौतियां बदली लेकिन देश की जीवटता वही रहा। जब भी संकट आया भारत वंदेमातरम के साथ आगे बढा। एक जमाना था जब देश में खाद्य का संकट आया तब किसानों ने अन्न से भर दिया। कोराना संकट में भी यह भाव से देश खड़ा हुआ और आगे बढ गया। वंदेमातरम हमारे लिए सिर्फ स्मरण के लिए नहीं बल्कि उर्जा बन जाये। हम लोगों के ऊपर वंदे मातरम का कर्ज है। भारत के पास हर चुनौतियों को पार करने की ताकत है। यह हमारे लिए प्रेरणा है। हम आत्म निर्भर भारत का सपना लेकर चल रहे है। </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-attacks-opposition-on-vande-mataram-says-congress-betrayed/article-135177</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-attacks-opposition-on-vande-mataram-says-congress-betrayed/article-135177</guid>
                <pubDate>Mon, 08 Dec 2025 14:43:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/pm-modi-on-vande-matram-in-today.png"                         length="1593099"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पंजाब दौरे पर दिल्ली कैबिनेट: सीएम रेखा गुप्ता ने स्वर्ण मंदिर में धोए जूठे बर्तन, श्री हरमंदिर साहिब में टेका माथा</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[संसद के शीतकालीन सत्र में आज ‘वंदे मातरम्’ पर चर्चा होगी, जिसे पीएम मोदी संबोधित करेंगे। इस बीच दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने श्री हरमंदिर साहिब में अरदास की और सेवा की। उन्होंने गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी पर्व की सफलता के लिए प्रार्थना की।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/during-punjab-tour-delhi-cabinet-cm-rekha-gupta-washed-the/article-135146"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/cm-rekha-gupta.png" alt=""></a><br /><p>पंजाब। दिल्ली में आज भी संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है और आज सत्र में वदें मातरम पर चर्चा होगी। बताया जा रहा है कि पीएम मोदी आज इस चर्चा का संबोधित करेंगे। इसी बीच खबर सामने आ रही है कि दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता आज पंजाब के दौरे पर है। इसी बीच में सीएम रेखा गुप्ता श्री हरमंदिर साहिब मंदिर में पहुंची और वहां पर अरदास लगाकर माथा टेका। इसके बाद सीएम रेखा गुप्ता ने हरमंदिर साहिब की परिक्रमा की और वहां पर मौजूद छबील पर जुठे बर्तन धोए और सेवा दी। बता दें कि इस दौरान उनके साथ मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा भी मौजूद रहे। </p>
<p>इस मौके पर मनजिंदर सिंह सिरसा ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि दिल्ली सीएम आज री गुरू हरिमंदिर साहिब में माथा टेकने आई हैं। सीएम रेखा गुप्ता ने यहा अरदास लगाई ताकि गुरू तेगबहादुर जी का 350 साला आयोजित कार्यक्रम सुख शांति से पूण हो जाए।</p>
<p>इस मौके पर सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि, गुरु तेग बहादुर साहिब का 350 शहीदी पर्व पूरे देश में मनाया जाना तय हुआ तो हमने दिल्ली में, उस स्थान पर जहां गुरु साहिब की शहादत हुई, वहां बड़ा आयोजन किया है। इसके आगे उन्होंने कहा कि हाल ही में कुछ दिन पहले दिल्ली में बम धमाका हुआ है जिसके कारण हमने गुरूद्वारा में अरदास लगाई की पूरा कार्यक्रम सुख शांति से पूर्ण हो जाए।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/during-punjab-tour-delhi-cabinet-cm-rekha-gupta-washed-the/article-135146</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/during-punjab-tour-delhi-cabinet-cm-rekha-gupta-washed-the/article-135146</guid>
                <pubDate>Mon, 08 Dec 2025 14:07:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/cm-rekha-gupta.png"                         length="1717884"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विपक्ष के आरोपों पर जे.पी. नड्डा का पलटवार, बोलें-सरकार कभी चर्चा से नहीं भागी</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[राज्यसभा में विपक्ष द्वारा नियम 267 के तहत नोटिस खारिज किए जाने पर मल्लिकार्जुन खरगे ने तत्काल मुद्दों पर चर्चा की मांग उठाई। जे.पी. नड्डा ने कहा कि सरकार कभी चर्चा से नहीं भागती और चुनाव सुधारों व ‘वंदे मातरम्’ पर विस्तृत चर्चा के लिए पहले ही सहमति बन चुकी है।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/nadda-countered-on-oppositions-allegations-and-said-the-government-never/article-134737"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/j-p-nadda-in-parliament.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राज्यसभा में सदन के नेता जे.पी. नड्डा ने गुरुवार को कहा कि सरकार किसी भी मुद्दे पर चर्चा से कभी नहीं भागी है और इसलिए विपक्ष की मांग पर उसने चुनाव सुधारों पर चर्चा की की बात मान ली है। इससे पहले, राज्यसभा की नियमावली के नियम 267 के तहत चर्चा के लिए दिये गये नोटिस को सभापति सी.पी. राधाकृष्णन द्वारा तकनीकी कारणों से खारिज किये जाने के बाद नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि लोकसभा की तरह राज्यसभा में कार्यस्थगन प्रस्ताव का कोई विकल्प नहीं है, इसलिए विपक्ष के पास नियम 267 के नोटिस का ही चारा रह जाता है। </p>
<p>नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, हमें महत्वपूर्ण मुद्दों को तत्काल उठाने का मौका नहीं मिलता। जब भी कोई महत्वपूर्ण मुद्दा आता है, हम नियम 267 के तहत नोटिस देते हैं। इसके आगे उन्होंने अनुरोध किया कि इन नोटिसों को सीधे खारिज न कर दिया जाये, सभापति चाहें तो नियमों से इतर भी चर्चा की अनुमति दे सकते हैं। इस पर नड्डा ने कहा कि सरकार कभी भी चर्चा से नहीं भागी है। वह हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। पिछले सत्र में भी सरकार ने सभी मुद्दों पर चर्चा की है और मंगलवार को ही कार्य मंत्रणा समिति में 'वंदे मातरम्' और 'चुनाव सुधारों' पर चर्चा पर सहमति बनी है। </p>
<p>गुरूवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही जरूरी कागजात सदन के पटल पर रखे जाने के बाद श्री राधाकृष्णन ने नियम 267 के तहत दिये गये नोटिसों को स्वीकार नहीं करने की सूचना दी। उन्होंने बताया कि राज्यसभा की नियमावली के अंतर्गत नियम 267 में उन्हीं विषयों पर चर्चा हो सकती है, जो उस दिन की कार्यसूची में शामिल हो। उन्होंने बताया कि साल 1988 से सिर्फ तीन मौकों पर इस नियम के तहत सदन में चर्चा हुई है, हालांकि आठ अवसरों पर सर्वसम्मति से सदन में उन विषयों पर चर्चा हुई है जिसके लिए नोटिस दिये गये थे। इसलिए, नियम 267 के तहत सदन में चर्चा के उदाहरण विरले हैं। </p>
<p>उन्होंने सदन को यह भी बताया कि कार्य मंत्रणा समिति में 'चुनाव सुधारों' और 'वंदे मातरम' पर 10-10 घंटे तथा पान मसाला से संबंधित विधेयक पर चार घंटे चर्चा पर सहमति बनी है। </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/nadda-countered-on-oppositions-allegations-and-said-the-government-never/article-134737</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/nadda-countered-on-oppositions-allegations-and-said-the-government-never/article-134737</guid>
                <pubDate>Thu, 04 Dec 2025 16:37:11 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/j-p-nadda-in-parliament.png"                         length="1434570"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>63 हजार आंगनवाड़ियों में बच्चों ने गाया वंदे मातरम्</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[राजस्थान में वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर 63 हजार आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों ने सामूहिक गायन किया। साथ ही तीन दिवसीय आंगनवाड़ी ओलंपिक खेल 2025 की शुरुआत हुई। लगभग 12 लाख पंजीकृत बच्चों की भागीदारी वाले इन खेलों की थीम इस बार खेल-खेल में सीखो रखी गई है।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/children-sang-vande-mataram-in-63-thousand-anganwadis/article-132353"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/11-(3).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राष्ट्रगीत  वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर बाल विकास सेवाएं विभाग की ओर से प्रदेश की 63 हजार आंगनवाड़ियों में नन्हें-मुन्नों ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन किया। </p>
<p>तीन दिन के ओलंपिक खेल भी शुरू: समस्त आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से गुरुवार को तीन दिवसीय आंगनवाड़ी ओलंपिक खेल 2025 का आगाज हुआ। मालावत ने बताया कि केन्द्रों पर लगभग 12 लाख बच्चे पंजीकृत हैं। इस वर्ष उक्त खेलों की थीम खेल-खेल में सीखो रखी गई है। </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/children-sang-vande-mataram-in-63-thousand-anganwadis/article-132353</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/children-sang-vande-mataram-in-63-thousand-anganwadis/article-132353</guid>
                <pubDate>Fri, 14 Nov 2025 10:51:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-11/11-%283%29.png"                         length="1630398"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>  भारत माता और वंदे मातरम् के जयघोष से गूंजा ब्यावर</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[ढोल ढमाकों के साथ जगह-जगह स्वागत]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/ajmer--beawar-reverberated-with-the-chants-of-bharat-mata-and-vande-mataram/article-9138"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/ww.jpg" alt=""></a><br /><p>ब्यावर। कांग्रेस सेवादल की ओर से निकाली जा रही आजादी की गौरव यात्रा बुधवार सुबह ब्यावर पहुंची। यहां शहरवासियों ने जोरदार स्वागत किया। जालिया रोड से लेकर अजमेर रोड तक विभिन्न सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाआें से जुड़े कार्यकर्ताओं सहित कांग्रेस के सभी अग्रिम संगठनों ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। इस दौरान देशभक्ति के तरानों ने पूरे माहौल में जोश भर दिया। भारत माता एवं वंदे मातरम् के जयघोष से शहर के मुख्य मार्ग गूंज उठे। </p>
<p>जालिया रोड स्थित बालाजी एकेडमी से शुरू हुई यात्रा अजगर बाबा के थान, होटल राज महल, हेड़ा हॉस्पीटल चौराहा होते हुए चांग गेट पहुंची, जहां यात्रा दल के सदस्यों ने महात्मा गांधी सर्किल स्थित गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद देश भक्ति गीतों के साथ यात्रा दल आगे बढ़ा और पाली बाजार, लौहारान चौपड़ होते हुए भारत माता सर्किल, अजमेरी गेट, सुभाष सर्किल, रोडवेज बस स्टैंड, सतपुलिया होते हुए पीपलाज की ओर प्रस्थान किया। रास्ते में जगह-जगह शहरवासी यात्रा की अगवानी में पलक पावड़े बिछाए खड़े मिले। लोगों ने पुष्प वर्षा कर यात्रा दल का स्वागत किया। देशभक्ति का जज्बा लिए यात्रा दल के कदम जैसे-जैसे आगे बढ़ते गए, लोगों में जोश उमड़ता गया। यात्रा के साथ कांग्रेस सेवादल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालजी भाई देसाई, प्रदेशाध्यक्ष हेमसिंह शेखावत भी मौजूद थे। इनका स्थानीय नेताओं ने माला एवं साफा पहनाकर सम्मान किया। </p>
<p><strong>मेवाड़ा ने किया स्वागत</strong></p>
<p>सेंदड़ा रोड पर नेता प्रतिपक्ष दलपतराज मेवाड़ा ने यात्रा की अगवानी की। अनेक कांग्रेस पार्षद एवं कार्यकर्ता भी मौजूद थे। जिन्होंने यात्रा में शामिल सदस्यों का सूत की माला पहनाकर अभिनंदन किया। यादव ट्रांसपोर्ट पर कांग्रेस नेता सुरेन्द्र यादव, राम यादव, कांग्रेस नेत्री पुष्पांजलि पारीक आदि ने भी पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। </p>
<p><strong>कांग्रेस ने देश की आजादी में दिया योगदान</strong></p>
<p>चांग गेट पर यात्रा के आगमन के बाद प्रदेश कांग्रेस के पूर्व सचिव पारस पंच ने कहा कि देश की आजादी में कांग्रेस का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इस संगठन से जुड़े लोगों ने स्वतंत्रता आंदोलन में अपने प्राणों की बाजी लगाई है।</p>
<p><strong>ये रहे मौजूद</strong></p>
<p>यात्रा की अगवानी करने वालों में ओमप्रकाश मिश्रा, मनोज चौहान, ब्लॉक अध्यक्ष सोहन मेवाड़ा, ब्यावर विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष भूपेन्द्रपाल पंवार, सेवादल के जिला मुख्य संगठक एडवोकेट विक्रम सोनी, शैलेश शर्मा, पार्षद भारत बाघमार, विजेन्द्र प्रजापति, एडवोकेट रामेश्वर मेवाड़ा, पूर्व सभापति कमला दगदी, शांति डाबला, भंवरलाल वैष्णव, हारूण छीपा, मीनाक्षी कुमावत, गिरधारी पंवार, प्रकाश सांखला, देवेन्द्रसिंह काठात, प्रकाश मेघलवाल, राजू गुजर्र, राजेन्द्र ओस्तवाल, अशोक रांका, जगदीशसिंह राठौड़ आदि अनेक कार्यकर्ता मौजूद थे। </p>
<p> </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>अजमेर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/ajmer--beawar-reverberated-with-the-chants-of-bharat-mata-and-vande-mataram/article-9138</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/ajmer--beawar-reverberated-with-the-chants-of-bharat-mata-and-vande-mataram/article-9138</guid>
                <pubDate>Thu, 05 May 2022 12:09:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-05/ww.jpg"                         length="41345"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Ajmer]]>
                    </dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        