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                <title>jal jeevan mission - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>jal jeevan mission RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जल जीवन मिशन घोटाला: पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल दो दिन की पुलिस रिमांड़ पर, विशेष अदालत में होंगे पेश </title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर की विशेष अदालत ने ₹960 करोड़ के जल जीवन मिशन घोटाले में पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल की रिमांड 2 दिन और बढ़ा दी है। भगोड़ा घोषित होने के बाद गिरफ्तार हुए अग्रवाल से एसीबी अब भ्रष्टाचार के गहरे राज उगलवाएगी। जांच एजेंसी ने पूछताछ के लिए और समय की मांग की थी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jal-jeevan-mission-scam-former-ias-subodh-aggarwal-sent-on/article-150180"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/ias.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। एसीबी मामलों की विशेष अदालत क्रम-1 ने जल जीवन मिशन में हुए करीब 960 करोड रुपए के घोटाले से जुडे मामले में पूर्व आईएएस और तत्कालीन अतिरिक्त जलदाय सचिव सुबोध अग्रवाल का रिमांड 2 दिन के लिए बढ़ा दिया है।</p>
<p>एसीबी की ओर से रिमांड पूरा होने के बाद सुबोध अग्रवाल को विशेष अदालत में पेश किया गया। इस दौरान एसीबी ने रिमांड अवधि 3 दिन बढ़ाने की गुहार की।  हाल ही में, अदालत की ओर से आरोपी सुबोध अग्रवाल को भगोड़ा घोषित करने के बाद एसीबी ने उसे गिरफ्तार किया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 13:10:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जल जीवन मिशन घोटाला : पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल 13 अप्रैल तक रिमांड पर, देखें वायरल वीडियो </title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर की विशेष अदालत ने जल जीवन मिशन में ₹960 करोड़ के घोटाले के आरोपी पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल को 13 अप्रैल तक रिमांड पर भेज दिया है। भगोड़ा घोषित होने के बाद गिरफ्तार हुए अग्रवाल से एसीबी अब भ्रष्टाचार के नेटवर्क और अन्य शामिल लोगों के बारे में पूछताछ करेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jal-jeevan-mission-scam-former-ias-subodh-aggarwal-on-remand/article-149888"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/capture.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। एसीबी मामलों की विशेष अदालत क्रम-1 ने जल जीवन मिशन में हुए करीब 960 करोड रुपए के घोटाले से जुडे मामले में पूर्व आईएएस और तत्कालीन अतिरिक्त जलदाय सचिव सुबोध अग्रवाल को 13 अप्रैल तक रिमांड पर एसीबी को सौंप दिया है। हाल ही में अदालत की ओर से आरोपी सुबोध अग्रवाल को भगोड़ा घोषित करने के बाद एसीबी ने उसे गिरफ्तार किया था।</p>
<p></p><video style="width:496px;height:280px;" src="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/whatsapp-video-2026-04-10-at-15.45.34.mp4" controls=""></video>
<p>एसीबी की ओर से आरोपी सुबोध अग्रवाल को अदालत में पेश कर 14 अप्रैल तक रिमांड मांगा। एसीबी की ओर से कहा गया कि आरोपी से प्रकरण को लेकर पूछताछ करनी है। वहीं यह भी जानकारी हासिल की जाएगी की इस घोटाले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। वहीं सुबोध अग्रवाल के वकील ने पुलिस रिमांड का विरोध किया। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को पुलिस रिमांड पर सौंप दिया है। वहीं सुबोध अग्रवाल ने अदालत कक्ष के बाहर कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। उन्हें उम्मीद है कि न्याय होगा, सत्यमेव जयते।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 15:52:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>विश्व जल दिवस पर विशेष...''बढ़ती मांग, घटते स्रोत, गहराता जल संकट'': डार्क जोन में डूबता प्रदेश, गर्मियों में टैंकर राज और सूखते स्रोत</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में जल संकट विकराल हो गया है; राज्य के पास देश का मात्र 1.16% सतही जल है। 299 में से केवल 38 ब्लॉक सुरक्षित बचे हैं, जबकि भूजल दोहन 150% तक पहुँच चुका है। 'जल जीवन मिशन' से कनेक्शन तो बढ़े, लेकिन 350 करोड़ लीटर की भारी मांग और घटता जलस्तर भविष्य के लिए बड़ी चुनौती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/special-on-world-water-day-increasing-demand-decreasing-sources-deepening/article-147402"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/world-water-day.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान देश का सबसे बड़ा राज्य होने के बावजूद जल संकट की सबसे भयावह तस्वीर पेश करता है। भौगोलिक विषमताओं के कारण यहां जल संसाधन विरासत में ही सीमित मिले। राज्य के पास मात्र 1.16 प्रतिशत सतही जल उपलब्ध है। यही असंतुलन आज गहराते जल संकट की जड़ बन चुका है। लगातार सूखा, घटती वर्षा, बढ़ती आबादी और अनियंत्रित विकास ने हालात को विकराल बना दिया है। राज्य के अधिकांश ब्लॉक अब डार्क जोन में पहुंच चुके हैं, जहां भूजल का स्तर खतरनाक रूप से नीचे जा चुका है। 55 प्रतिशत ग्रामीण आबादी आज भी भूजल पर निर्भर है, लेकिन यह पानी भी कई जगह खारा और स्वास्थ्य के लिए अनुपयुक्त हो चुका है। गर्मियों में 150 से अधिक शहरों और 15 हजार गांवों में पानी का संकट खड़ा हो जाता हैं। जलदाय मंत्री कन्हैया लाल के अनुसार सरकार की प्राथमिकता हर घर को स्वच्छ जल उपलब्ध कराना है। </p>
<p>राज्य के 222 शहरों और कस्बों में पेयजल योजनाएं संचालित हैं। जयपुर जैसे बड़े शहर में ही सात लाख कनेक्शन हैं। 28 प्रतिशत शहरों को सतही जल और 50 प्रतिशत को भूजल से पानी मिल रहा है। लेकिन हकीकत यह है कि 60 शहरों में रोजाना सिर्फ  एक बार पानी आता है, जबकि 30 से अधिक शहरों में दो दिन में एक बार सप्लाई हो रही है। गर्मी के दिनों में यह संकट और विकराल हो जाता है, जिससे आमजन को परेशानी झेलनी पड़ती है।</p>
<p><strong>एक्सपर्ट व्यू</strong></p>
<p>जल प्रबंधन विशेषज्ञ मानते हैं कि राजस्थान में जल संकट केवल संसाधनों की कमी नहीं, बल्कि प्रबंधन की विफलता भी है। यदि वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण और फसल चक्र में बदलाव जैसे उपायों को सख्ती से लागू नहीं किया गया, तो आने वाले वर्षों में स्थिति और भयावह हो सकती है।</p>
<p><strong>ग्रामीण उम्मीद: नल कनेक्शन बढ़े, पानी कहां से आएगा</strong></p>
<p>जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में नल कनेक्शन तेजी से बढ़े हैं। 2019 से पहले जहां केवल 11 लाख घरों में नल थे, अब यह संख्या बढ़कर 58 लाख तक पहुंच गई है। यह उपलब्धि दिखने में बड़ी है, लेकिन असली चुनौती पानी की उपलब्धता है। वर्तमान में विभाग के पास 130 करोड़ लीटर प्रतिदिन पानी उपलब्ध है, जबकि भविष्य में 350 करोड़ लीटर की जरूरत होगी। </p>
<p>प्रदेश में 150 प्रतिशत भूजल दोहन हो रहा है। 214 ब्लॉक अतिदोहित है। 1984 में दोहन 35 प्रतिशत, 1995 में 58 प्रतिशत, 2004 में 125 प्रतिशत, 2013 में 139 प्रतिशत, 2020 में 150 प्रतिशत और 2023 में 149 प्रतिशत तक पहुंच गया है। 1984 में 236 में से 203 ब्लॉक सुरक्षित थे, जो स्थिति 2023 में 299 में से 38 ब्लॉक ही सुरक्षित श्रेणी में रहे।</p>
<p><strong>जल आपूर्ति की स्थिति</strong></p>
<p><strong>श्रेणी                                              आंकड़े</strong><br />कुल शहर/कस्बे                                 222<br />कुल उपभोक्ता                                   35 लाख<br />जयपुर में उपभोक्ता                            07 लाख<br />ग्रामीण नल कनेक्शन                          11 लाख<br />(2019 तक)    <br />वर्तमान नल कनेक्शन                          58 लाख<br />वर्तमान जल उपलब्धता                       130 करोड़ लीटर प्रतिदिन<br />अनुमानित आवश्यकता                       350 करोड़ लीटर प्रतिदिन</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 11:30:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीएम मोदी ने विश्व जल दिवस पर जल संरक्षण का किया आह्वान, देशवासियों से पानी की हर बूंद को बचाने की अपील की</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विश्व जल दिवस (22 मार्च) पर नागरिकों से जल संरक्षण का संकल्प लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जल ही जीवन है और यह हमारे ग्रह के भविष्य को तय करता है। भारत की 18% आबादी के पास केवल 4% मीठा पानी है, इसलिए जल जीवन मिशन और वर्षा जल संचयन जैसे सामूहिक प्रयासों से ही जल संकट को मात दी जा सकती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-called-for-water-conservation-on-world-water-day/article-147413"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/pm-modi1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को विश्व जल दिवस के अवसर पर नागरिकों से जल संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को नवीकृत करने का आग्रह किया और जीवन को बनाए रखने और ग्रह के भविष्य को आकार देने में जल की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया। एक्स पर पोस्ट किए गए अपने एक संदेश में, प्रधानमंत्री ने ज़िम्मेदार उपयोग और सामूहिक कार्रवाई के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जल हमारा जीवन है और हमारे ग्रह के भविष्य को आकार देता है। उन्होंने देशवासियों से पानी की हर बूंद को बचाने और उसका ज़िम्मेदारी से उपयोग करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराने का आह्वान किया।</p>
<p>पीएम मोदी ने इस अवसर पर सतत जल प्रबंधन की दिशा में कार्य कर रहे लोगों एवं समुदायों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा, “आज का दिन उन लोगों की सराहना करने का भी दिन है जो सतत प्रथाओं में संलग्न हैं, जागरूकता को बढ़ावा देते हैं और संरक्षण की संस्कृति को पोषित करते हैं।”</p>
<p>विश्व जल दिवस प्रत्येक वर्ष 22 मार्च को मनाया जाता है। इसकी स्थापना संयुक्त राष्ट्र द्वारा वैश्विक जल संकट और मीठे जल संसाधनों के सतत प्रबंधन की आवश्यकता पर जागरूकता बढ़ाने के लिए की गई थी। प्रति वर्ष विश्व की सरकारें, संगठन और समुदाय इस दिन का उपयोग जल संबंधी चुनौतियों, जैसे कि जल की कमी, प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों पर प्रकाश डालने के लिए करते हैं।</p>
<p>भारत में विश्व की लगभग 18 प्रतिशत आबादी रहती है लेकिन इसके पास विश्व के मीठे पानी के संसाधनों का केवल चार प्रतिशत हिस्सा है और इसके कई क्षेत्रों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। जल जीवन मिशन जैसी सरकारी पहलों और बारिश जल संचयन और कुशल सिंचाई को बढ़ावा देने वाले अभियानों ने इन चुनौतियों से निपटने की कोशिश की है लेकिन विशेषज्ञ जनभागीदारी और व्यवहार परिवर्तन के महत्व पर बल देते हैं।</p>
<p>जलवायु विषमता के तीव्र होने और पानी की मांग बढ़ने के साथ, संरक्षण की आवश्यकता और भी ज्यादा जरूरी हो जाती है और नीति निर्माताओं और नागरिकों दोनों से इस आवश्यक संसाधन की रक्षा के लिए निर्णायक कार्रवाई करने की अपेक्षा की जाती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 11:30:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जल जीवन मिशन घोटाला : एफआईआर रद्द कराने हाईकोर्ट पहुंचे पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल, अगले सप्ताह सुनवाई</title>
                                    <description><![CDATA[जल जीवन मिशन घोटाले में अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द कराने के लिए पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल ने हाईकोर्ट में आपराधिक याचिका दायर की है। याचिका पर हाईकोर्ट अगले सप्ताह सुनवाई करेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/former-ias-subodh-aggarwal-reaches-high-court-to-cancel-jal/article-143847"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/ok.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जल जीवन मिशन घोटाले में अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द कराने के लिए पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल ने हाईकोर्ट में आपराधिक याचिका दायर की है। याचिका पर हाईकोर्ट अगले सप्ताह सुनवाई करेगा। सुबोध अग्रवाल के अधिवक्ता दीपक चौहान ने बताया कि याचिकाकर्ता सुबोध अग्रवाल का पीएचईडी में 18 अप्रैल, 2022 से कार्यकाल आरंभ हुआ था। वहीं इससे पूर्व में गणपति ट्यूबवेल और श्याम ट्यूबवेल की ओर से इरकॉन के फर्जी प्रमाण पत्र पेश कर पूर्व आईएएस अधिकारी के कार्यकाल में ही टेंडर प्राप्त कर लिए थे। </p>
<p><strong>याचिका में ये कहा</strong><br />याचिका में कहा गया कि आरोपी फ र्म को दिए गए 95 फीसदी वर्क ऑर्डर तत्कालीन एसीएस सुधांश पंत की अध्यक्षता में बनी वित्त कमेटी ने स्वीकृत किए थे। केवल दस फीसदी से भी कम वेल्यू के टेंडर की स्वीकृति याचिकाकर्ता के कार्यकाल में दी गई थी। इसके बावजूद भी एसीबी ने इस संबंध में जांच नहीं की। इसके अलावा याचिकाकर्ता की अध्यक्षता में गठित वित्त कमेटी ने स्वीकृत किए गए टेंडर में एक भी पैसा दोनों फ मार्े को नहीं दिया गया। जिससे सरकार को याचिकाकर्ता के कार्यकाल में कोई आर्थिक क्षति नहीं हुई। </p>
<p><strong>टेंडर निरस्त कर उन्हें ब्लैक लिस्ट की कार्रवाई की</strong><br />याचिका में कहा गया कि इरकॉन से ईमेल आते ही याचिकाकर्ता ने हाईलेवल कमेटी का गठन किया था। इस कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही याचिकाकर्ता के कार्यकाल में दोनों फ र्म का टेंडर निरस्त कर उन्हें ब्लैकलिस्ट किया गया और अधिकारी विशाल सक्सेना पर भी कानूनी कार्रवाई की गई। याचिका में यह भी कहा गया कि एसीबी की ओर से विशाल सक्सेना के बयानों का हवाला देते हुए याचिकाकर्ता के खिलाफ  कार्रवाई की है। जबकि याचिकाकर्ता ने विशाल सक्सेना के खिलाफ एफ आईआर दर्ज कराई थी। जिसके चलते वह याचिकाकर्ता से ईष्र्या रखता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Feb 2026 09:55:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>इंदौर जल त्रासदी: नागरिकों की मौतों पर खड़गे का केंद्र सरकार पर हमला, सरकार की चुप्पी पर उठाएं सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों पर केंद्र की चुप्पी को शर्मनाक बताया है। उन्होंने जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए जवाबदेही की मांग की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/kharge-attacks-the-central-government-on-the-deaths-of-citizens/article-138169"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/kharge.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी इंदौर में दूषित जल से लोगों की मृत्यु तथा कई अन्य के बीमार होने की खबरों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि हैरानी की बात यह है कि केंद्र सरकार ने इस गंभीर विषय पर भी मौन साध लिया है। खड़गे ने शुक्रवार को सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में केंद्र सरकार पर सीधा हमला किया और कहा कि जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत अभियान का ढिंढोरा पीटने वाली केंद्र सरकार, हमेशा की तरह इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों को लेकर मौन हैं। </p>
<p>इसके आगे कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने कहा, यह वही इंदौर शहर है जिसने केंद्र सरकार के स्वच्छ सर्वेक्षण में लगातार आठवीं बार 'सबसे स्वच्छ' शहर होने का खतिाब जीता है। ये शर्मनाक बात है कि यहाँ पर केंद्र सरकार के निकम्मेपन के चलते लोग साफ़ पानी के मोहताज हैं। उन्होंने कहा कि 11 साल से देश केवल लंबे-चौड़े भाषण, झूठ-प्रपंच, खोखले दावे, डबल-इंजन की डींगें सुन रहा है। कमाल यह है इस घटना को लेकर जब मध्य प्रदेश के मंत्री से सवाल पूछा जाता है तो वे गाली-गलौज पर उतर आते हैं। सत्ता को अहंकार में उल्टा पत्रकार पर हावी हो जाते हैं। केंद्र सरकार के शासन में हर जगह यही स्थिति है और जब स्थिति के खुलासे होते हैं तो केंद्र सरकार राज्य सरकारों के कुशासन पर पूरी मशीनरी पर्दा डालने में जुट जाती है। </p>
<p>इसके आगे कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने कहा कि जल जीवन मिशन समेत, हर योजना में भ्रष्टाचार और धाँधली है। याद दिलाना जरूरी है कि जल जीवन मिशन का 10 प्रतिशत फंड दूषित पानी को साफ़ करने के लिए दिया जाता है। केंद्र सरकार ने ना देश को साफ़ पानी मुहैया कराया है और ना ही स्वच्छ हवा। इसका परिणाम आम जनता भुगत रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 02 Jan 2026 17:52:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>योजनाओं पर अरबों रुपए खर्च, फिर भी नहीं बुझ रही प्यास </title>
                                    <description><![CDATA[रामगंजमंडी में नियमित रूप से नहीं हो रही पेयजल सप्लाई।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/billions-of-rupees-spent-on-schemes--still-thirst-is-not-being-quenched/article-113067"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/news7.png" alt=""></a><br /><p>रामगंजमंडी। रामगंजमंडी उपखण्ड क्षेत्र में रावतभाटा-रामगंजमंडी, रावतभाटा पचपहाड़ व हर घर पेयजल जल जीवन मिशन जैसी तीन बड़ी योजनाएं संचालित हैं। जिन पर केंद्र व राज्य सरकार अरबों की राशि खर्च कर चुकी है। लेकिन विडम्बना है कि आज भी भीषण गर्मी में लोगों को पेयजल के लिए तरसना पड़ रहा है। रामगंजमंडी नगर में 72 से 80 घण्टों में पानी की सप्लाई की जा रही है। जानकारी के अनुसार रामगंजमंडी नगर के लिए बनी रावतभाटा-रामगंजमंडी पेयजल योजना हमेशा भीषण गर्मी में असफल रहती आई है। हाल ही में अम्बाकुआं क्षेत्र में आई तकनीकी खराबी से नगर में एक सप्ताह से पेयजल सप्लाई प्रभावित हो रही है। रामगंजमंडी नगर के लोगों को 72 से 80 घण्टों में पानी की सप्लाई हो रही है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अम्बाकुआं के जल स्त्रोत में पावर सप्लाई नहीं मिलने से पानी की सप्लाई गड़बड़ा जाती है। लेकिन यह समस्या हमेशा गर्मी के दिनों में ही होती रही है। क्षेत्र की तीन बड़ी पेयजल योजनाओं पर रामगंजमंडी क्षेत्र में पानी सप्लाई के लिए अब तक 2 अरब से भी अधिक राशि खर्च हो चुकी है। फिर भी नियमित रूप से पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है। अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को पावर सप्लाई के लिए पूर्व से ही तैयारी करनी थी। ये पावर सप्लाई पुरानी लाइनों से हो रही है तो गर्मी से पूर्व ही योजना बनाते समय पावर सप्लाई का भी ध्यान रखना था। प्रतिवर्ष गर्मी के मौसम में अरबों की राशि खर्च होने के बाद भी पूरी रामगंजमंडी तहसील में पानी के लिए त्राहि-त्राहि मची रहती है। गर्मी के मौसम में पानी की आपूर्ति नहीं होने से टैंकरों से पानी की सप्लाई की जा रही है। </p>
<p><strong>पाइप लाइन बिछने के बावजूद सप्लाई नहीं हुई शुरू</strong><br />रामगंजमंडी क्षेत्र में रामगंजमंडी-रावतभाटा, रामगंजमंडी-पचपहाड़ व जल जीवन मिशन योजना जैसी तीन योजनाओं पर अरबों की राशि  खर्च हो चुकी है। लेकिन इसके बावजूद लोग भीषण गर्मी में पेयजल के लिए तरस रहे हैं। तहसील क्षेत्र के गांवों में जल जीवन मिशन योजना के तहत 1 अरब 45 करोड़ की राशि से सब जगह लाइनें बिछा दी गई हैं। लेकिन गांवों में भी पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। यहां भी टैंकर से ही पानी की सप्लाई की जा रही है। जबकि जल जीवन मिशन योजना की समयावधि पूर्ण हो चुकी है। फिर भी कार्य पूर्ण नहीं हुआ है। </p>
<p><strong>गर्मी के दिनों में हमेशा होती है परेशानी </strong><br />गर्मी के दिनों में नगरवासियों को हमेशा ही पेयजल के लिए परेशान होना पड़ता है। 30 वर्ष पूर्व शिक्षा मंत्री रहे हरिकुमार औदिच्य ने रावतभाटा-रामगंजमंडी पेयजल योजना स्वीकृत करवा कर बजट उपलब्ध करवा दिया था। बाद में खाद्य आपूर्ति मंत्री रामकिशन वर्मा के कार्यकाल में रामगंजमंडी के लोगों को रावतभाटा से चंबल नदी का पानी पहली बार पीने को मिला था। तब लोगों को उम्मीद थी कि अब हमेशा पेयजल मिलेगा। तब से रावतभाटा से चंबल नदी का पानी मिलता भी आया है। किन्तु तकनीकी खराबी के चलते एक सप्ताह से पानी सप्लाई व्यवस्था चरमराई हुई है।</p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />रामगंजमंडी परियोजना के जल स्त्रोत अम्बाकुआं इन्टेकवेल पम्प हाउस पर पिछले दिनों से लगातार पावर सप्लाई व्यवधान से पम्प लगातार नहीं चल पाए। जिससे क्षेत्र के ग्रामीण व शहरी एरिया में जल उत्पादन पर्याप्त नहीं होने से जलापूर्ति प्रभावित हो रही है। शनिवार को भी पावर ट्रिपिंग व रात 9 बजे से प्रात: 3 बजे तक पावर फाल्ट रहा। जिससे रविवार को कई क्षेत्रों में पानी की सप्लाई नहीं हुई। बार-बार पावर ट्रिपिंग से पाइप लाइन के डैमेज व लीकेज होने की भी लगातर संभावना बनी रहती है।</p>
<p>कल तेज हवा के कारण दो जगह इंसुलेटर पंक्चर हो गए थे। जिन्हें रात दो बजे तक दुरुस्त कर विद्युत सप्लाई चालू कर दी गई थी। <br /><strong>- देवेंद्र नागर, एईएन, विद्युत विभाग, रावतभाटा</strong></p>
<p>सर्दी व बरसात के मौसम में पानी की समस्या नहीं रहती। 48 घण्टे में पानी मिल जाता है। लेकिन गर्मी के दिनों में हमेशा यहां तकनीकी फाल्ट की समस्या बता कर पानी की सप्लाई नहीं की जाती। नगर के यादव मोहल्ले में 3 से 4 दिनों में सप्लाई दी जा रही है। पानी सप्लाई 24 घण्टे में तो मिलना चाहिए। यह गम्भीर समस्या है।<br /><strong>- कमल टेलर, यादव मोहल्ला, रामगंजमंडी </strong></p>
<p>इस संदर्भ में विद्युत विभाग को फिर पत्र लिखकर व अधिकारियों से बात करके योजना पर निर्बाध पावर सप्लाई की मांग की गई है। <br /><strong>- बलभद्र शर्मा, सहायक अभियंता, पीएचईडी</strong></p>
<p>विभागीय डेडिकेटेड फीडर पर विद्युत आपूर्ति निर्बाध रूप से दिलवाने के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा है।<br /><strong>- सोमेश मेहरा, अधिशासी अभियंता, पीएचईडी</strong></p>
<p><strong>हैंडपम्प से भरते हैं पानी </strong><br />रामगंजमंडी नगर की कई कॉलोनियां ऐसी हैं, जहां सर्दी व बरसात के मौसम में 48 घण्टे में पानी की सप्लाई होती है। लेकिन गर्मी शुरू होते ही 76 से 80 घण्टे के बाद पेयजल सप्लाई हो रही है। नगरवासी इस दौरान हैंडपम्प से पानी भरते हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 May 2025 17:02:40 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>दो साल बाद भी धरातल पर नहीं उतरी जल जीवन मिशन योजना</title>
                                    <description><![CDATA[ सड़क पर फैल रहा नालियों का गंदा पानी, राहगीरों व वाहन चालकों को आवागमन में हो रही परेशानी ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/even-after-two-years--jal-jeevan-mission-scheme-has-not-been-implemented/article-96124"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/257rtrer21.png" alt=""></a><br /><p>मोड़क स्टेशन। मोड़क स्टेशन की ग्राम पंचायत असकली के ढाबादेह में पीएचईडी ने जल जीवन मिशन के तहत किया जाने वाला नल लाइन का कार्य लम्बे समय से अधूरा छोड़ रखा है। जानकारी के अनुसार जल जीवन मिशन के तहत ढाबादेह में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पाइप लाइन डालने का कार्य किया जाना था। इसके लिए गलियों की सड़कें व नालियां खोद कर उनको अधूरा छोड़ रखा है। जिससे गलियों में राहगीरों व दोपहिया वाहन चालकों तक को आवागमन में समस्या का सामना करना पड़ रहा है। नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बहता रहता है। जिसके कारण ही समय सड़कों पर कीचड़ फैला रहता है। भाजपा कार्यकर्ता युवा नेता आकाश यादव ने बताया कि मोड़क गांव में आयोजित समस्या समाधान शिविर में शिक्षा व पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर के माध्यम से पीएचईडी विभाग को इस समस्या से अवगत कराने के बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।</p>
<p><strong>पाइप लाइन डालने के बाद सड़क पर गड्ढ़े तक नहीं भरे</strong><br />ग्रामीणों ने बताया कि जब गांव में जल जीवन मिशन योजना आई थी तब लोगों को आस बंधी थी कि अब नल से हर घर तक पानी पहुंच जाएगा। लेकिन 2 साल बीतने के बाद भी एक भी घर में इस योजना के तहत पानी नहीं पहुंचा। विभाग ने सड़क व नालियां खोद कर पाइप लाइन डाल दी है। लेकिन अधिकारी पानी पहुंचाना भूल गए हैं। पाइप लाइन डालने के लिए जो सीसी रोड खोदा गया था। उसको भी ठेकेदार ने सही नहीं किया। जिससे रोड पर जगह-जगह गड्ढे अलग से हो रहे हैं। </p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />ठेकेदार द्वारा जिन घरों में कनेक्शन दिए गए थे, उन घरों में  आधे से अधिक कनेक्शन तो वाहनों के कारण टूट चुके हैं। <br /><strong>-आकाश यादव </strong></p>
<p>विभाग को इस मामले की जानकारी दे दी गई है। जितनी जल्दी हो सकेगा, उतनी जल्दी कार्य पूर्ण कर समस्या का समाधान करने की कोशिश करेंगे। <strong>-आबिद खान, सरपंच, असकली ग्राम पंचायत</strong></p>
<p>पाइप लाइनों में पानी की सप्लाई की टेस्टिंग की जा रही है। जल्द से जल्द पानी की सप्लाई चालू कर दी जाएगी। अभी पुरानी लाइनों में ही पानी दिया जा रहा है। पाइप लाइनों में टेस्टिंग का काम पूरा होने के बाद सड़कों व नालियों को भी दुरुस्त करवा दिया जाएगा।<br /><strong>-नीरज बैसवाल, जेईएन, पीएचईडी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 Nov 2024 15:05:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जल जीवन मिशन की 25 योजनाओं का काम बंद,  संवेदकों ने बकाया भुगतान नहीं होने का लगाया आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[जलदाय विभाग के प्रमुख शासन सचिव भास्कर ए सावंत ने अधिकारियों को निर्देश प्रदान किए हैं कि जहां भी काम बंद है, उसे तुरंत शुरू करवाया जाए साथ ही इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>जयपुर। प्रदेश में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़े जल जीवन मिशन मिशन का काम अभी भी बेपटरी चल रहा है।  मिशन के तहत 25 योजनाओं का काम मौके पर बंद हो गया है, काम बंद होने का मुख्य कारण संवेदकों को काफी समय से लंबित बिलों का भुगतान नहीं होना बताया जा रहा है। </p>
<p>इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जलदाय विभाग के प्रमुख शासन सचिव भास्कर ए सावंत ने अधिकारियों को निर्देश प्रदान किए हैं कि जहां भी काम बंद है, उसे तुरंत शुरू करवाया जाए साथ ही इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए। अगर ठेकेदार की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी एक्शन हो।</p>
<p>वहीं दूसरी ओर संवेदकों ने भी विभागीय प्रशासन को अवगत कराया है कि काफी समय से भुगतान नहीं होने के कारण परियोजना का काम नहीं कर पा रहे हैं, इसके लिए विभाग को कई बार अवगत कराया गया लेकिन फंड की उपलब्धता नहीं होने का हवाला देते हुए अधिकारी हमारी बात नहीं सुन रहे हैं। ऐसे में जब तक बकाया बिलों का भुगतान नहीं हो जाता तब तक मौके पर कार्य शुरू करना संभव नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/work-on-25-schemes-of-jal-jeevan-mission-stopped-contractors/article-93858</link>
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                <pubDate>Fri, 25 Oct 2024 16:08:22 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जल जीवन मिशन कामों की कल होगी समीक्षा, प्रति ग्राम पंचायत दो-दो नल जल मित्र के प्रस्ताव होंगे पारित</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश में गुरुवार को होने वाली ग्राम सभाओं में जल जीवन मिशन के कामों की समीक्षा होगी। विशेष ग्राम सभा में जल जीवन मिशन के कार्यो का  प्रमाणीकरण भी किया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jal-jeevan-mission-works-will-be-reviewed-tomorrow-proposals-for/article-85794"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/jal-jeevan-mission.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में गुरुवार को होने वाली ग्राम सभाओं में जल जीवन मिशन के कामों की समीक्षा होगी। विशेष ग्राम सभा में जल जीवन मिशन के कार्यो का  प्रमाणीकरण भी किया जाएगा। हर घर जल योजना के शत प्रतिशत सेक्यूरेटेड एवं रिपोर्टेड ग्रामों की विशेष ग्राम सभा में इन कार्यो का प्रमाणीकरण होगा। इसके लिए सरपंच एवं विकास अधिकारी को निर्देशित किया गया है। विशेष ग्राम सभा के एजेण्डा में जल जीवन मिशन के कार्यो का प्रमाणीकरण शामिल किया गया है। जल जीवन मिशन के कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार सेच्युरेशेन कर उसे पोर्टल पर अपलोड होंगे। साथ ही जीयो टेगिंग फोटो भी अपलोड़ की जाएगी। जल जीवन मिशन के कार्यो के लिए पाईप लाईन के पाईपों की गुणवत्ता उच्च होनी चाहिए। सेच्युरेशन कार्य की रिपोर्टिंग ऑनलाईन होगी। साथ ही रिपोर्टेड कार्यो का प्रमाणीकरण की गति बढ़ेगी। विद्यालयों, आंगनबाड़ी केन्द्रों, चिकित्सा संस्थानों एवं ग्राम पंचायत भवनों को दिए गए जल सम्बन्धों को विभाग स्तर पर सत्यापित किया जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Jul 2024 19:24:03 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>50 हजार से दो लाख तक प्रति कनेक्शन खर्च, केंद्र से मिल रहे महज 33 हजार हर कनेक्शन</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत हर घर को नल कनेक्शन देने के लिए अब वित्तीय समस्या सामने आ रही है। राज्य में प्रति कनेक्शन 50 हजार से दो लाख तक का खर्चा आ रहा है, जबकि केंद्र से प्रति कनेक्शन 33 हजार रुपए ही मिल रहे है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/cost-per-connection-ranges-from-rs-50-thousand-to-rs/article-84964"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/jal-jeevan-mission.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत हर घर को नल कनेक्शन देने के लिए अब वित्तीय समस्या सामने आ रही है। राज्य में प्रति कनेक्शन 50 हजार से दो लाख तक का खर्चा आ रहा है, जबकि केंद्र से प्रति कनेक्शन 33 हजार रुपए ही मिल रहे है।</p>
<p>जलदाय मंत्री कन्हैया लाल ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री के समक्ष जल जीवन मिशन की मियाद 2027 तक बढ़ाने और 90:10 के अनुपात में फंड उपलब्ध कराने का प्रपोजल रखा है। अब तक केंद्र से 45 और राज्य से 55 फीसदी पैसा मिशन में खर्च हो रहा था, कम लागत वाले अधिकांश कनेक्शन प्रदेश में हो चुके है, इनमें प्रति कनेक्शन 50-60 हजार रुपए खर्च हुए थे, लेकिन अब दूरस्थ स्थान वाले कनेक्शन पर काम होना बाकी है, इन क्षेत्रों में प्रति कनेक्शन 2 लाख तक खर्च होने का अनुमान है। मिशन की 31 मार्च 2024 को अभी समाप्त होने के बाद से नए टेंडर और वर्क आर्डर नहीं हो सके हैं मिशन के तहत कब तक राज्य में 52 फ़ीसदी काम हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jul 2024 18:09:45 +0530</pubDate>
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                <title>Jal Jeevan Mission में ट्यूबवेल कंपनी के मालिक महेश मित्तल गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने एक ट्यूबवेल कंपनी के मालिक महेश मित्तल को गिरफ्तार किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/tubewell-company-owner-mahesh-mittal-arrested-in-jal-jeevan-mission/article-82146"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/ed.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने एक ट्यूबवेल कंपनी के मालिक महेश मित्तल को गिरफ्तार किया है। महेश मित्तल मैसर्स श्री गणपति ट्यूबवेल कंपनी के मालिक है। गिरफ्तार करने के बाद देर रात ईडी कोर्ट में मित्तल को पेश किया गया था। जहां कोर्ट द्वारा मित्तल को 5 दिनों के रिमांड पर भेज दिया गया। </p>
<p>गौरतलब है कि राजस्थान सरकार के विभाग जन स्वास्थ्य और इंजिनियरिंग विभाग ने बहरोड़ में पोस्टेड एक्सईएन मायालाल सैनी, जेईएन प्रदीप, ठेकेदार पदमचंद जैन और सुपरवाइजर मलकेत सिंह को एसीबी की टीम 7 अगस्त को गिरफ्तार किया था। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Jun 2024 13:24:40 +0530</pubDate>
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