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                <title>supplies - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>अमेरिका और ईरान शांति समझौते से पटरी पर लौटेगा कोटा का व्यापार-उद्योग</title>
                                    <description><![CDATA[होर्मुज स्ट्रेट खुलने की सम्भावना से समाप्त हुई आशंका।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/us-iran-peace-agreement-set-to-put-kota-s-trade-and-industry-back-on-track/article-157133"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(2)19.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित शांति समझौते और होर्मुज स्ट्रेट खुलने की संभावना से उद्योग जगत की आशंका समाप्त हो गई है। इससे अब देश के अन्य राज्यों के साथ ही कोटा का उद्योग-वयापर फिïर से पटरी पर लौटेगा। एक बार फिर से आयात व निर्यात को बढ़ावा मिलने से कोटा स्टोन व मसाला उद्योग को बल मिलेगा। वहीं डीजल पेट्रोल पर्याप्त मात्रा में मिलने से कीमतों में आए उछाल से राहत मिलने की संभावना है।</p>
<p>अमेरिका और ईरान व इजराइल के बीच लम्बे समय तक चले युद्ध ने पूरे देश में हाहाकार मचा दिया था। वहीं युद्ध के बीच होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया गया था। जिससे कोटा समेत अन्य स्थानों से ईरान व अमेरिका को होने वाला निर्यात व वहां से होने वाला आयात सब अटक गया था। यहां तक की पेट्रोलियम गैस व तेल तक की सप्लाई बंद हो गई थी। ऐसे में पूरे देश में पेट्रोल-डीजल के दाम बढऩे के साथ ही एक ओर जहां उद्योग व व्यापार प्रभावित हुआ था। वहीं बाजार में हर वस्तु की कीमत आसमान छूने लगी। खाद्य पदार्थ से लेकर सोने-चांदी तक लोहे व स्टील से लेकर एल्यूमीनियम तक और कैमिकल व फर्टिलाइजर्स तक का उद्योग प्रभावित हुआ। इनकी सप्लाई नहीं होने से कीमतें काफी अधिक बढ़ गई थी। वहीं कोटा से विदेशों को निर्यात होने वाला कोटा स्टोन, मसाला, कैमिकल, धनिया और आटे का निर्यात एक तरह से ठप सा हो गया था। वहीं विदेशों से आने वाला प्लास्टिक सामान से लेकर अन्य आवश्यक वस्तुओं का आयात भी बंद हो गया था। जिससे बाजार में हर वस्तु की कीमतें बढ़ गई थी।वहीं हाल ही में अमेरिका व ईरान के बीच शांति समझौते का डील डन ड्राफ्ट सामने आने के बाद न केवल शेयर मार्केट में उछाल आया है। वरन् व्यापार उद्योग को भी फिर से बूस्टअप मिला है।</p>
<p><strong>उद्योग जगत की आशंका समाप्त, कीमतें होंगी नियंत्रित</strong><br />कोटा व्यापार महासंघ के महासचिव व होटल फैडरेशन के कोटा संभाग अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी ने बताया कि होर्मुज स्ट्रेट खुलने की संभावना से लम्बे समय से व्यापार उद्योग जगत में बनी आशंका समाप्त होगी। होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से आयात व निर्यात अटका हुआ था। कोटा से बड़ी मात्रा में कोटा स्टोन, चावल, धनिया, मसाले व आटे समेत अन्य वस्तुओं का विदेशों को निर्यात होता है। लेकिन होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से यह माल निर्यात नहीं हो रहा है। जहाजों में माल अटका होने से खराब हो गया या वापस लौट आया। जिससे व्यापार व उद्योग जगत को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा था। वहीं कैमिकल व फर्टिलाइजर्स भी कोटा में नहीं आ पा रहा था। लेकिन अब होर्मुज स्ट्रेट खुलने से इन सभी उद्योग व व्यापार से जुड़े व्यापारियों व उद्योगपतियों की आशंका समाप्त हो गई है। साथ ही ये सभी उद्योग फिर से पटरी पर लौट आए़ंगे। पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल-डीजल व गैस मिलने से कीमतें भी नियंत्रित हो जाएंगी।</p>
<p><strong>नुकसान की भरपाई में समय लगेगा</strong><br />दी एसएसआई एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष व उद्योगपति गोविंद राम मित्तल ने बताया कि होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से भारत को काफी नुकसान हुआ है। इससे तेल व पेट्रोलियम की सप्लाई बाधित होने के कारण इससे जुड़े सभी उद्योग व व्यापार प्रभावित हुए। आयात निर्यात बंद हो गया था। ऐसे में पेट्रोल-डीजल व कैमिकल से जुड़े उद्योगपतियों ने आशंका के चलते नए उद्योग नहीं लगाए। जिनके लगे हुए उद्योग से उन्हें माल की सप्लाई नहीं हो सकी। उद्योगों में तैयार माल का निर्यात नहीं हो सका था। जिससे हजारों-करोड़ रुपए का नुकसान भारत को उठाना पड़ा। वहीं कोटा में भी तेल की कीमतें बढऩे से महंगाई बढ़ गई। हर व्यक्ति उससे प्रभावित हुआ। अब तक जितना नुकसान हुआ है। उसकी भरपाई करने में ही एक से दो साल का समय लग जाएगा। हालांकि अब होर्मुज स्ट्रेट खुलने की संभावना से उद्योग व व्यापार को एक उम्मीद जगी है। जिस तरह से कैंसर रोग में कीमो थैरेपी काम करती है उसी तरह की राहत मिलने की संभावना है। वहीं इससे ईरान में रोजगार के अवसर खुलने से कोटा व देश से वहां जाने वालों को लाभ होगा।</p>
<p><strong>तेल की पर्याप्त सप्लाई से स्थिति होगी सामान्य</strong><br />कोटा पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष तरूमीत सिंह बेदी ने बताया कि होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से सबसे अधिक प्रभाव पेट्रोलियम व तेल पर पड़ा था। लेकिन अब इसके खुलनी की संभावना से स्थिति सामान्य हो जाएगी। जब देश में पर्याप्त मात्रा में तेल व गैस की सप्लाई होने लगेगी तो उद्योगों को पर्याप्त तेल मिल सकेगा। साथ ही तेल की कीमतें बढऩे से प्राइवेट पेट्रोल पम्पों पर तेल महंगा हो गया था। ऐसे में लोग सरकारी पम्पों पर जा रहे थे। वहां तेल की राशनिंग हो रही थी। लेकिन होर्मुज स्ट्रेट खुलने से जब तेल की सप्लाई होने लगेगी तो इससे जुड़ी सभी उद्योग व व्यापार को भी पर्याप्त सप्लाई हो सकेगी। प्राइवेट पम्पों को भी तेल मिलने लगेगा। जिससे वहां भी कीमतें कम हो जाएगी। साथ ही हर वस्तल की कीमत कम होने पर स्थिति सामान्य हो जाएगी। होर्मुज स्ट्रेट से बंद होने से देश के अन्य प्रदेशों के साथ ही इसका असर कोटा पर भी पड़ रहा था। लेकिन अब कोटा में भी सभी सामान्य हो जाएगा।</p>
<p><strong>शिपिंग और बीमा लागत घटने से व्यापार की रफ्तार बढ़ेगी</strong><br />मिडिल ईस्ट में संघर्ष का असर भारत के व्यापार पर भी पड़ा था। मिडिल ईस्ट के देशों को होने वाला निर्यात प्रभावित हुआ था। इंजीनियरिंग सामान, पेट्रोलियम उत्पाद, कपड़ा, खाद्य सामग्री और केमिकल जैसे सेक्टर्स को झटका लगा था। अब हालात सामान्य होने की उम्मीद के साथ निर्यातकों को राहत मिल सकती है। शिपिंग और बीमा लागत घटने से व्यापार की रफ्तार फिर बढ़ सकती है। उद्योग जगत का मानना है कि मिडिल ईस्ट में स्थिरता आने से भारतीय कंपनियों के लिए नए अवसर भी खुलेंगे।<br /><strong>-अनिल मूूंदड़ा, जिलाध्यक्ष कैट कोटा </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 14:18:06 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - फील्ड में जाएं अधिकारी, गिवअप अभियान को दें गति</title>
                                    <description><![CDATA[कोटा में अभियान को और गति देते हुए 31 अगस्त तक अपात्र लोगों के खाद्य सब्सिडी छोड़ने का आंकड़ा 6 प्रतिशत से अधिक तक ले जाने के निर्देश दिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-asar-khabar-ka---officers-should-go-to-the-field--give-impetus-to-the-give-up-campaign/article-117158"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/rtroer68.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने माना कि कोटा में गिव-अप अभियान की रफ्तार धीमी है। कोटा में नए नाम काफी जुड़े हैं, उस पर ज्यादा फोकस दिया गया है। उन्होंने कोटा में अभियान को और गति देते हुए 31 अगस्त तक अपात्र लोगों के खाद्य सब्सिडी छोड़ने का आंकड़ा 6 प्रतिशत से अधिक तक ले जाने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे लगातार फील्ड विजिट कर गिव-अप अभियान को गति दें एवं सक्षम लोगों को खाद्य सब्सिडी छोड़ने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि सक्षम लोग गिव-अप करेंगे तो पात्र एवं वंचित लोगों को खाद्य सुरक्षा से जोड़ने में आसानी रहेगी। उन्होंने कहा कि स्वयं पहल कर खाद्य सब्सिडी नहीं छोड़ने वाले सक्षम लाभार्थियों के विरुद्ध 31 अगस्त के बाद आवश्यक दंडात्मक कार्रवाई की जाए। </p>
<p><strong>अधिकारी सक्रिय होकर अपात्रों की बढ़ाएं संख्या</strong><br />खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने बुधवार शाम को मीडिया से वार्ता में कहा कि राशन वितरण में अनियमिता बरतने वाले राशन डीलरों के विरूद्ध अब प्रभावाी कार्रवाई की जाएगी। इस सम्बंध में उन्होंने विभागीय अधिकारियों को सम्बंधित डीलरों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जिला कलक्टर एवं जिला रसद अधिकारियों को और अधिक सक्रिय होकर जिले में गिव-अप अभियान के तहत खाद्य सब्सिडी छोड़ने वालों की संख्या दुगुनी करने को कहा। उन्होंने प्रवर्तन अधिकारियों प्रवर्तन निरीक्षकों को 31 अगस्त तक अधिक से अधिक लोगों को खाद्य सब्सिडी छोड़ने के लिए प्रेरित करने का टारगेट दिया। उन्होंने कहा कि अधिकारी पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ इस कार्य में जुटें ताकि अपात्र लोगों को हटाकर अधिक से अधिक से पात्र लोगों को खाद्य सुरक्षा का लाभ दिया सके। </p>
<p><strong>डीलरों को टाइम पर दिया कमीशन</strong> <br />खाद्य मंत्री गोदारा ने बताया कि  प्रदेश के सभी राशन डीलरों को 31 मई तक के कमीशन का भुगतान कर दिया गया है। यह पहली बार हुआ है कि राशन डीलर का कोई भुगतान बकाया नहीं है। राजस्थान की भाजपा सरकार सभी का ध्यान रख रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में विभागीय बैठकें शुरू की है। आज कोटा में बैठक ली है। गुरुवार को झालावाड़ और बारां में बैठक होगी। वहां पर भी गिवअप अभियान और विभाग की अन्य योजनाओंं के बारे में चर्चा की जाएगी।  21 लाख लोगों के खाद्य सुरक्षा योजना छोड़ने से सरकार को 367 करोड़ के राजस्व की बचत हो रही है। अब विभागीय अधिकारियों को गिव अप अभियान को गति देने के निर्देश दिए गए हैं।</p>
<p><strong>नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था मामला</strong><br />कोटा में गिवअप अभियान की धीमी गति के सम्बंध में दैनिक नवज्योति में 1 जून को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। इसमें बताया था कि खाद्य सुरक्षा योजना से अपात्र लाभार्थियों के नाम हटाने के लिए सरकार की ओर से काफी मशक्कत की जा रही है। इसके लिए गिव अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान अभी तक सरेंडर करने वाले अपात्रों की संख्या अनुमान से कम ही है। ऐसे में इस अभियान की अंतिम तारीख भी लगातार बढ़ाई जा रही है। कोटा सहित पूरे प्रदेश में पिछले साल नवंबर माह में यह अभियान शुरू किया गया था। पूर्व में एक माह का समय तय किया गया था, लेकिन अपात्रों के सामने आने के कारण इसकी तिथि बढ़ानी पड़ी। अब तो हर माह अभियान की तारीख बढ़ाई जा रही है। पहले इसकी अंतिम तिथि 31 मई निर्धारित की गई थी। अब सरकार ने अभियान की तिथि 30 जून तक के लिए बढ़ा दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Jun 2025 15:21:59 +0530</pubDate>
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                <title>सरकार वोटों की खेती पकाने के लिए तो रमजान में बिना कटौती बिजली आपूर्ति करती है, परंतु किसानों की फसल से उसे कोई वास्ता नहीं- रामलाल शर्मा</title>
                                    <description><![CDATA[बिजली की कटौती के कारण किसान की फसल के अंदर पर्याप्त पानी नहीं जाने के कारण करोड़ों रुपए की सब्जी की फसल किसानों की बर्बाद हो चुकी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/-government-supplies-electricity-without-cutting-in-ramadan-to-cook-the-crops-for-votes--but-it-has-nothing-to-do-with-the-farmers--crops---ramlal-sharma/article-9172"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/ramlal.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर।  भारतीय जनता पार्टी प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक रामलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश के अंदर किसान दुखी, परेशान और पीड़ित है और इस परेशानी का प्रमुख कारण प्रदेश में बिजली की कटौती। बिजली की कटौती के कारण किसान की फसल के अंदर पर्याप्त पानी नहीं जाने के कारण करोड़ों रुपए की सब्जी की फसल किसानों की बर्बाद हो चुकी है। ये तो एक कारण था लेकिन प्रदेश सरकार हमेशा एक बात के लिए चिंतित रहती है कि कांग्रेस की हमेशा से नीति रही है कि उसकी वोटों की राजनीति फसल कभी खराब नहीं हो।  रमजान के महीने में 2 दिन तक बिना कटौती के बिजली की आपूर्ति होती रही। प्रदेश की जनता जानना चाहती है कि प्रदेश में 2 दिन तक बिजली कहा से आई, लेकिन सरकार ने बिजली की उपलब्धता इस आधार पर कार्रवाई की उसके वोटों की फसल रमजान के त्योहार के ऊपर खराब नहीं हो।</p>
<p><strong>किसान दुखी और परेशान</strong></p>
<p>आज प्रदेश का किसान सिर्फ बिजली कटौती से परेशान नहीं है। चारे के भाव 1500 रुपये प्रति क्विंटल होने की वजह से आज किसान दुखी और परेशान है  सरकार द्वारा जिला कलेक्टर को निर्देश दिए गए, लेकिन क्या जिला कलेक्टर ने चारे की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए काम किया? आज भी पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश से आने वाला चारा ब्लेकियो के हाथों में किस तरीके से 1500 रुपये पर पहुंच गया है। सरकार को सुनिश्चित करने के लिए मध्यस्थ लोगो और जो मोटा मुनाफा कमाने का काम करते हैं उनके खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करें। तब जाकर किसानों को राहत मिलेगी  जो चारा 600-700 रुपये प्रति क्विंटल मिलता था, आज वो चारा 1500 रुपए प्रति क्विंटल में खरीद कर किसान अपने पशुपालकों को बचा पाएगा या नहीं बचा पाएगा? यह बहुत मुश्किल है। लेकिन यह बात तो तय है किसान बर्बादी के कगार के ऊपर जा चुका है, समय रहते हुए सरकार चेते, यही सरकार से उम्मीद है।</p>
<p><strong>जोधपुर की घटना पर भाजपाइयों का जयपुर में प्रदर्शन</strong><br />भारतीय जनता पार्टी के जयपुर शहर इकाई की ओर से गुरुवार को जिला कलेक्ट्रेट पर जोधपुर की घटना को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया। शहर अध्यक्ष राघव शर्मा के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता यहां पर इकट्ठे हुए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद राज्यपाल कलराज मिश्र के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 May 2022 16:29:38 +0530</pubDate>
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