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                <title>fire incidents - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>हर बार आग लगने के बाद जांच व सर्वे, फिर भी हो रही घटनाएं</title>
                                    <description><![CDATA[चार मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग में नहीं है आग से सुरक्षा के इंतजाम।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/despite-repeated-surveys-and-inspections-following-fire-incidents--such-events-continue-to-occur/article-161076"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/111200-x-600-px)8.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में गर्मी के सीजन में ही नहीं इस बार तो बरसात व सर्दी के सीजन तक में आग लगने की कई घटनाएं हुई। हर बार बड़ी घटना होने के बाद फायर अनुभाग की ओर से सर्वे व जांच कर नोटिस तो दिए जा रहे हैं। उसके बाद भी आग लगने की घटनाएं हो रही है। गुमानपुरा थाना क्षेत्र स्थित घोड़ा चौराहे पर शनिवार को जिस चार मंजिला कमर्शियल बिल्डि़ंग में आग लगी। उस में जूतों के शोरूम, ऑफिस, बैंक व आवासीय मकान तक हैं। उन शोरूम व गोदाम में बड़ी मात्रा में माल भरा हुआ है। साथ ही ऑफिस व बैंक समेत अधिकतर शोरूम में एसी लगे हुए हैं। जिनमें शॉर्ट सर्किट से आग लगने का खतरा हमेशा बना हुआ है। उसके बावजूद भी इस चार मंजिला बिल्डि़ंग में आग से सुरक्षा के इंतजाम तक नहीं है।यही कारण है कि एक छोटी सी चिंगारी ने इतना विकराल रूप ले लिया जिससे लाखों रुपए का सामान तो जलकर खाक हुआ ही बिल्डिग़ को भी नुकसान हुआ है। वहीं गनीमत रही कि इस बिल्डिंग में रहने वाले परिवार की महिलाओं व बच्चों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया वरना बड़ा हादसा हो सकता था।</p>
<p><strong>बंद ऑफिस में हुआ था शॉर्ट सर्किट</strong><br />बिल्डिंग के दुकानदारों का कहना है कि यहां पहली मंजिल पर एक ऑफिस संचालित होता है। लेकिन वह कभी -कभी ही खुलता है। यह ऑफिस पिछले कई दिन से बंद है लेकिन इसकी लाइट चालू थी। इसी ऑफिस में शॉर्ट सर्किट से चिंगारी निकली। जिससे वहां रखे सोफे व अन्य सामान ने आग पकड़ी और वह तेजी से फेली। हालांकि दुकानदारों का कहना है कि आग लगने पर उन्होंने अपनी दुकानों की लाइटें बंद कर दी थी। लेकिन बिल्डिग की लाइट बंद नहीं होने से आग लगने के बाद काफी देर तक बिजली एसी में शॉर्ट सर्किट के धमाके होते रहे। वहीं नगर निगम के सीएफओ राकेश व्यास का कहना है कि उनकी दमकलें आने पर सबसे पहले लाइट बंद करवाई। उसके बाद बिल्डिग़ में लोगों के फंसे होने की जानकारी करने के बाद तुरंग आग बुझाना शुरु कर दिया था।</p>
<p><strong>मॉल में आग के बाद किया था सर्वे</strong><br />गौरतलब है कि विज्ञान नगर थाना क्षेत्र स्थित सिटी मॉल के एक शोरूम में गत दिनों आग लगने के बाद नगर निगम के फायर अनुभाग की ओर से शहर में सभी मॉल और कमर्शियल बिल्डिंग में आग से सुरक्षा के इंतजामों की जांच व सर्वे किया गया था। करीब आधे से भी अधिक बिल्डिंग में सुरक्षा के इंतजाम नहीं थे। साथ ही प्रवेश व निकास की भी अलग-अलग व्यवस्था नहीं थी। इस पर निगम की ओर से ऐसे सभी बिल्डिग सचालकों व प्रबंधकों को नोटिस देकर सुधार के निर्देश दिए थे। लेकिन उस सर्वे में इस बिल्डिंग को शामिल नहीं किया गया था।</p>
<p><strong>बिल्डिंग में नहीं हैं आग से सुरक्षा के इंतजाम</strong><br />नगर निगम कोटा के सीएफओ राकेश व्यास ने बताया कि घोड़ा चौराहा स्थित जिस चार मंजिला कमर्शियल बिल्डिग़ में आग लगी वहां आग से सुरक्षा के इंतजाम तक नहीं है। यदि वहां सिस्टम होते तो दमकलों के पहुंचने से पहले कुछ हद तक आग को बढऩे से रोका जा सकता था। व्यास ने बताया कि कम्यूनिकेशन गेप के चलते समय पर सूचना नहीं मिली। सूचना मिलते ही तुरंत दमकलें पहुंच गई थी। शुरु में विरोध करने वाले दुकानदारों ने आग बुझाने के दौरान किए गए फायरमैन की सराहना की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Jul 2026 14:25:04 +0530</pubDate>
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                <title>20 वर्षो में अप्रैल में इस बार लगी सबसे अधिक आग</title>
                                    <description><![CDATA[अधिक तापमान बन रहा आग का बड़ा कारण।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/most-number-of-fires-in-april-this-year-in-20-years/article-111527"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/rtrer-(1)10.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। <strong>केस 1 -</strong> नगर निगम कोटा दक्षिण क्षेत्र में 11 मार्च को एरोड्राम चौराहे के पास कारों के शोरूम के पीछे मैकेनिकों की थड़ियों में आग लगी। जिस पर दो दमकलों के काबू पाया गया। </p>
<p><strong>केस 2 -</strong> वर्धमान महावीर खुला विश्व विद्यालय के गेस्ट हाउस में 12 मार्च को दिन के समय अचानक आग लग गई। जिससे वहां रखा फर्नीचर व अन्य सामान जल गए। दो दमकलों से आग पर काबू पाया।</p>
<p><strong>केस 3 -</strong> दादाबाड़ी बड़े चौराहे के पास 12 मार्च की रात को एक साथ दो कारों में आग लग गई थी। आग वहां लगे पेड़ व बिजली के तारों तक पहुंच गई थी। निगम की एक दमकल ने आग पर काबू पाया। </p>
<p>ये तो उदाहरण मात्र है। आग की उस भयावयता तो बताने के लिए जो इस बार शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में लग रही है। कार, बस, खेत, झाड़ियां, भूसा, पराली और मकान व गेस्ट हाउस समेत कोई भी जगह ऐसी नहीं है जहां आग नहीं लगी हो। शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में मार्च से अप्रैल के बीच ही हर दिन आधा दर्जन से एक दर्जन स्घानों पर आग लगने की घटनाएं हो रही है। वैसे तो हर साल 15 मार्च के बाद से जून तक आग लगने की घटनाएं होती रही है। लेकिन इस बार मार्च से अप्रैल के बीच ही इतनी अधिक आग लगने की घटनाएं हुई है। जितनी इस अवधि में पिछले 20 साल में नहीं हुई। बूंदी रोड स्थित होटल मैनाल में रविवार देर शाम को एक सूखे पेड़ में आग लग गई। जिस पर सब्जीमंडी फायर स्टेशन से एक दमकल मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया।  इस बार आग लगने का अधिकतर कारण तापमान में बढ़ोतरी होना व शॉर्ट सर्किट रहा है। </p>
<p><strong>निगम के चार फायर स्टेशन, 32 दमकलें</strong><br />नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण में चार फायर  स्टेशन हैं। जिनमें से एक पुरानी सब्जीमंडी में, दूसरा श्रीनाथपुरम् में, तीसरा भामशाशाह मंडी में और चौथा रानपुर में है। वहीं दोनों निगमों में 16-16 दमकलें है। अलग-अलग क्षमता की ये दमकलें रोजाना आग बुझाने में काम आ रही है। वहीं दो बड़ी हाईड्रोलिक लेडर दमकलें हैं। जिनमें से एक बहुमंजिला इामरतों में 40 मीटर ऊंचाई तक और दूसरी 60 मीटर ऊंचाई तक आग बुझाने के काम आ सकती है। </p>
<p><strong>यहां लगी भीषण आग  </strong><br />शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में इस बार छोटी-छोटी जगह पर तो अनगिनत स्थानों पर आग लगी है। जबकि अधिकतर आग की बड़ी-बड़ी घटनाएं हुई हैं। एक दिन पहले ही बारां  रोड पर एक ऑयल प्लांट के भूसे में भीषण आग लगी थी।  दो दिन पहले गुमानपुरा टीचर्स कॉलोनी स्थित एक मोबाइल के गोदाम में आग लगी थी। जिससे लाखों रुपए के मोबाइल व एसेसरीज जलकर खाक हो गए।  तीन दिन पहले ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में मजदूरों की झोपड़ियों में आग लग गई थी। शॉर्ट सर्किट से लगी आग से करीब एक दर्जन से अधिक झौंपड़ियां  जलकर खाक हो गई थी। उसमें श्रमिकों का गृहस्थी का सामान भी जल गया था। </p>
<p><strong>ग्रामीण क्षेत्रों में भी लगी आग</strong><br />इस बार शहरी क्षेत्र में ही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी आग लगने की घटनाएं काफी अधिक हुई है। निगम के फायर अनुभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 14 अप्रैल को जगपुरा के जंगल में आग लगने की सूचना पर दो दमकलों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। इसी दिन बंधा धर्मपुरा स्थित देव नारायण योजना में झाड़ियों में आग की सूचना पर दो दमकलें मौके पर पहुंची।  12 मार्च की रात को खिचलहेड़ा गांव में खेत में आग लगने की सूचना पर एक दमकल ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। </p>
<p><strong>हर साल करीब एक हजार घटनाएं</strong><br />नगर निगम के फायर अनुभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार कोटा शहर व ग्रामीण में हर साल करीब एक हजार से अधिक स्थानों पर आग लगने की घटनाएं होती रही है। जिन्हें बुझाने के लिए निगम के चारों फायर स्टेशनों से दमकलें दौड़ती रही है। जानकारी के अनुसार वर्ष 2020-21 में शहर में 681 व ग्रामीण में 79 जगह पर आग गी। इसी तरह से वर्ष 2021-22 में शहर में 600 व ग्रामेण में 54 जगह पर, 2022-23 में शहर में 847 व ग्रामीण में 40, वर्ष 2023-24 में शहर में 909 व ग्रामीण में 48 और 2024-25 में शहर में 958 व ग्रामीण में 63 स्थानों पर आग लगने की घटनाएं हुई है। </p>
<p><strong>आधा दर्जन से अधिक कारों व बस में लगी आग</strong><br />हर साल वैसे तो गर्मी के सीजन में कारों व अन्य वाहनों में भी आग लगने की घटनाएं होती रही है। लेकिन इस बार 15 दिन के भीतर ही करीब आधा दर्जन से अधिक कारों व सिटी बस में आग लग चुकी है। नयापुरा में किशोर सागर तालाब के किनारे दिन दहाड़े कार में आग लग गई थी। बूंदी रोड स्थित फ्लाई ओवर पर, दादाबाड़ी  बड़े चौराहे पर दो कारों में समेत कई अन्य जगहों पर कारें भी जलकर खाक हो गई थी। वहीं शहर में पहली बार नयापुरा क्षेत्र में चलती सिटी बस में आग लग गई। जिससे सवारियां तो सुरक्षित बच गई लेकिन बस पूरी तरह से जलकर खाक हो गई। उसके बाद झालावाड़ रोड पर भी एक सिटी बस में इंजन की तरफ आग लगने की घटना हो चुकी है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में हर साल गर्मी में आग लगने की घटनाएं होती है। 15 मार्च के बाद से आग लगने की घटनाएं शुरु हो जाती है जो अप्रैल से जून तक रहती है। हर साल सामान्य तौर पर करीब एक हजार आग लगने की घटनाएं होती है। वहीं मार्च-अप्रैल में भी घटनाएं होती है लेकिन इस बार मार्च-अप्रैल में ही करीब एक चौथाई से अधिक यानि करीब 250 से अधिक स्थानों पर आग लगने की घटनाएं हो चुकी है। पिछले 20 साल में अप्रैल में इतनी आग नहीं लगी जितनी इस बार लगी है। इस बार कारें भी अधिक जली है। इसका कारण तापमान का अधिक होना है। गर्मी अधिक होने से ग्रामीण में भूसे व खेत में और शहर में झाड़ियों में व वाहनों में आग लगने की घटनाएं अधिक हुई है। अभी तो इस महीने के दस दिन बाकी है। <br /><strong>- राकेश व्यास, सीएफओ, नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 21 Apr 2025 16:36:29 +0530</pubDate>
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                <title>हीटवेव के साथ आग की घटनाएं बढ़ने पर भयावह होगी स्थिति, सामान्य से अधिक रहेगा तापमान</title>
                                    <description><![CDATA[आग की घटनाएं भी तीन माह में होती हैं करीब 70 फीसदी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-situation-will-be-horrific-if-fire-incidents-increase-along-with-heatwave/article-109427"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/257rtrer-(2)3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। प्रदेश के अन्य जिलों के साथ ही कोटा में भी इस बार जहां मार्च से ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरु कर दिए हैं। ऐसे में गर्मी के तीन माह अप्रैल से जून में इस बार गर्मी अधिक होने के साथ ही हीटवेव(लू) भी सामान्य से करीब दो गुना चलने की संभावना है। ऐसे में आग की घटनाएं अधिक होने से स्थिति भयावह होने का खतरा है। मौसम में हो रहे बदलाव का असर अप्रैल से जून के तीन माह में देखने को मिलेगा। हालांकि पिछले साल भी कोटा समेत पूरे प्रदेश में गर्मी सामान्य से अधिक रही थी। जिससे सरकार व प्रशासन को गर्मी से राहत के विशेष इंतजाम करने पड़े थे। वहीं इस बार भी ऐसी ही स्थिति बनने की संभावना है। वहीं मौसम विभाग के अनुसार इस बार प्रदेश में हीटवेव सामान्य से करीब 85 फीसदी अधिक यानि दो गुनी चलने का अनुमान है। गर्मी में आग लगने की घटनाएं अधिक होने पर उन पर काबू पाने के लिए जहां निगम समेत अन्य विभागों की दमकलें दिनभर दौड़ती रहती है। वहीं आग बढ़ने पर उससे जान-माल का नुकसान होने का खतरा अधिक रहता है। साथ ही जिस जगह घटना होती है वहां के अलावा अन्य लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। </p>
<p><strong>शॉर्ट सर्किट से आग 70 फीसदी तक</strong><br />गर्मी में तापमान अधिक होने व हीटवेव चलने से शहरी क्षेत्र में आग लगने की घटनाएं भी अधिक हो जाती है। ये घटनाएं अधिकतर शॉर्ट सर्किट से होती है। फिर चाहे वह एसी में हो या जबजली के पैनल बॉक्स में।  नगर निगम कोटा दक्षिण के सीएफओ राकेश व्यास ने बताया कि गर्मी में तापमान अधिक होने पर उससे राहत के लिए ’यादातर लोग घरों व कार्यालयों में एसी व कूलर का उपयोग करने लगे है। जिससे बिजली का लोड बढ़ने पर इसके बार-बार ट्रिप होने, तारों में स्पार्किंग होने व शॉर्ट सर्किट के मामले बढ़ जाते है। शॉर्ट सर्किट से निकली एक चिंगारी आग लगाने के लिए काफी होती है। हालांकि नगर निगम के फायर अनुभाग की ओर से आग की किसी भी घटना से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। लेकिन उससे अधिक दमकलों के पहुंचने से पहले आग पर काबू के लिए लोगों को  स्वयं भी सावधानी व इंतजाम रखने होंगे। व्यास ने बताया कि शहर  में हर साल करीब एक हजार से अधिक आग लगने की घटनाएं होती है। उनमें से करीब 600 स 700 यानि 60 से 70 फीसदी घटनाएं अप्रैल से जून के तीन माह में ही हो जाती है। व्यास ने बताया कि जबकि वर्तमान में जो आग  की घटनाएं हो रही हैं वह ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक है। वह भी वन क्षेत्र में सूखी घास व झाड़ियों में और खेतों की फसल  में आग की अधिक है। </p>
<p><strong>सामान्य से अधिक रहेगा तापमान</strong><br />मौसम विभाग जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि इस बार सामान्य से अधिक तापमान रहने का अनुमान है। साथ ही हीटवेव भी करीब 85 फीसदी अधिक चलेगी। हालांकि बीच-बीच में आ रहे वेदर सिस्टम के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव का क्रम बना हुआ है। जिससे तापमान अधिक होने के बाद फिर से कम हो रहा है। वैसे मई और जून गर्मी का पीक समय है। </p>
<p><strong>ये रखें सावधानी</strong><br />सीएफओ व्यास ने बताया कि आग की घटनाओं को कम करने के लिए समय-समय पर वायरिंग की जांच करते रहे। कहीं कट लगा हो तो उसे सही करवा ले। बिजली के ट्रिप होने पर लाइट को बंद कर दे। रात के समय दुकान व शोरूम से जाते समय लाइट व मेन स्विच बंद करके जाए। साथ ही छोटे फायर उपकरण, पानी व रेत की बाल्टी भरकर जरूर रखे। जिससे समय रहते आग के बढ़ने से रोका जा सके। व्यास ने बताया कि नगर निगम उत्तर दक्षिण में 4 फायर स्टेशन है। साथ ही करीब 34 दमकलें, दो बड़ी हाइड्रोलिक दमकलें और पर्याप्त फायरमेन और अधिकारी हैं। </p>
<p><strong>प्रशासन हुआ सतर्क</strong><br />इधर इस बार गर्मी अधिक होने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन व चिकित्सा विभाग और नगर निगम सतर्क हो गए हैं। जिला कलक्टर ने भी सभी विभागों को अपने स्तर पर तैयारी व इंतजाम रखने के निर्देश दिए हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 02 Apr 2025 17:08:43 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का  - ताकि नहीं लगे आग , एयरपोर्ट परिसर में घास कटाई  शुरू </title>
                                    <description><![CDATA[एयरपोर्ट परिसर में बार-बार आग लगने की घटना को दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। 29 अप्रैल के समाचार पत्र में इस मामले को प्रकाशित किया था। जिसमें कहा था कि एयरपोर्ट अधिकारी की लापतवाही से बार-बार आग लगने की  घटना हो रही है। उसके बाद ही एयरपोर्ट अधिकारी हरकत में आए और घास कटाई का ठेका किया। जिसके बाद घास कटाई का काम भी शुरू हो गया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/grass-cutting-started-in-the-airport-premises/article-9210"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/khaber-ka-asar-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । शहर के बीचो बीच झालावाड़ रोड स्थित एयरपोर्ट परिसर में अब गर्मी के समय में बार-बार सूखी घास व झाड़ियों में आग लगने की समस्या नहीं रहेगी। आखिरकार ठेका होने के बाद परिसर की घास कटाई शुरू हो गई है। एयरपोर्ट परिसर के अधिकतर हिस्से में सूखी घास व झाड़ियां बड़ी मात्रा में उगी हुई हैं। चार दीवारी के सहारे से लेकर बीच तक करीब 399 हैक्टेयर में घास उगी हुई है। जिससे हर बार गर्मी के मौसम में वहां बार-बार आग लगने की घटनाएं होती रही हैं। इस सीजन में ही करीब दो माह में एक दर्जन से अधिक बार यहां आग लगने की घटना हो चुकी है। दो बार तो आग अधिक फैलने से उसे काबू करने में नगर निगम के फायर अनुभाग को काफी मशक्कत  करनी पड़ी थी। यहां तक कि तत्कालीेन एडीएम सिटी  महेन्द्र लोढ़ा और पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए थे। यहां तक कि एयरपोर्ट कीे चार दीवारी के सहारे स्थित  पेट्रोल पम्प तक आग बढ़ गई थी। जिससे  बड़ा हादसा हो सकता था। साथ ही परिसर के आस-पास अभय कमांड सेंटर और घोड़ा व दुर्गा बस्ती होने से वहां आबादी क्षेत्र तक को खतरा हो गया था। बार-बार आग लगने की घटना को देखते हुए नगर निगम कोटा दक्षिण की आयुक्त ने एयरपोर्ट अधिकारी को पत्र लिखा था। जिसमें कहा था कि उन्हें परिसर की सूखी घास कटवाने के लिए पूर्व में कई बार कहा जा चुका है। लेकिन उनके द्वारा इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिससे बार-बार आग लगने की घटना हो रही है। कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। <br /><br />आयुक्त द्वारा हाल ही में सख्त पत्र लिखा था। जिसमें स्पष्ट चेतावनी दी भी कि यदि घास नहीं कटवाई और अब आग लगने की कोई घटना होती है तो उससे होने वाले नुकसान कीे पूरी जिम्मेदारी एयरपोर्ट प्रशासन की होगी।  उस समय एयरपोर्ट अधिकारी नरेन्द्र मीणा ने घास कटाई का ठेका किशनगढ़ में होने की बात कही थी। लेकिन उससे पहले ही जेसीबी से घास कटाई शुरू कर दी थी।  वहीं अब कई साल बाद एयरपोर्ट परिसर की घास कटाई का ठेका हुआ है। जिसके बाद घास की कटाई भी शुरू हो गई है। <br /><br /> एयरपोर्ट परिसर के 399 हैक्टेयर क्षेत्र में सूखी घास व झाड़ियां उगी हुई हैं। उनकी कटाई का ठेका किशनगढ़ से हाल ही में हो गया है। उसके बाद दो ट्रेक्टर और एक जेसीबी मशीन से घास कटाई शुरू भी कर दी है। पेट्रोल पम्प के पीछे और जहां आबादी क्षेत्र है उस जगस से पहले कटाई करवाई जा रही है। घास अधिक होने से उसे पूरी तरफ से साफ होने में समय लगेगा। लेकिन पूरी तरह से घास कटने पर बार-बार आग लगके की समस्या का समाधान हो जाएगा। <br /><strong>- नरेन्द्र मीणा, एयरपोर्ट अधिकारी </strong> <br /><br /><strong>नवज्योति ने उठाया था मुद्दा</strong><br />एयरपोर्ट परिसर में बार-बार आग लगने की घटना को दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। 29 अप्रैल के समाचार पत्र में इस मामले को प्रकाशित किया था। जिसमें कहा था कि एयरपोर्ट अधिकारी की लापतवाही से बार-बार आग लगने की  घटना हो रही है। उसके बाद ही एयरपोर्ट अधिकारी हरकत में आए और घास कटाई का ठेका किया। जिसके बाद घास कटाई का काम भी शुरू हो गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 May 2022 16:08:25 +0530</pubDate>
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