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                <title>Economy - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>कांग्रेस का केंद्र सरकार पर हमला: सोने-चांदी पर आयात शुल्क बढ़ाने से ज्वेलरी क्षेत्र पर गंभीर संकट, सुरजेवाला ने की विशेष आर्थिक राहत पैकेज की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने सोने पर आयात शुल्क 6% से बढ़ाकर 15% करने के फैसले को ज्वेलरी उद्योग पर हमला बताया है। उन्होंने 3.5 करोड़ स्वर्णकारों और कारीगरों के लिए विशेष आर्थिक पैकेज की मांग की। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार की नीतियां MSME क्षेत्र को बर्बाद कर तस्करी को बढ़ावा दे रही हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/congress-attacks-central-government-serious-crisis-in-jewelery-sector-due/article-153933"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/randeep-singh1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने केंद्र सरकार के सोने के गहने नहीं खरीदने की सलाह और सोने-चांदी पर आयात शुल्क बढ़ाने के फैसले को ज्वेलरी उद्योग पर हमला बताते हुए सरकार से 3.5 करोड़ से अधिक सुनारों, स्वर्णकारों, कारीगरों और छोटे कारोबारियों के लिए विशेष आर्थिक राहत पैकेज देने की मांग की है। कांग्रेस महासचिव एवं सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने शुक्रवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि केंद्र सरकार की ओर से सोने के गहने नहीं खरीदने की अपील तथा सरकार के सोने और चांदी पर आयात शुल्क छह प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने से ज्वेलरी क्षेत्र पर गंभीर संकट आ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे 3.5 करोड़ से अधिक सुनारों, स्वर्णकारों, दुकानदारों, व्यापारियों, कारीगरों और कामगारों की आजीविका प्रभावित होने वाली है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि देश में स्वर्ण आभूषण सांस्कृतिक, सामाजिक और धार्मिक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और करोड़ों महिलाओं के लिए आर्थिक सुरक्षा का माध्यम भी हैं। यह देश में 90 प्रतिशत से अधिक ज्वेलरी कारोबार एमएसएमई क्षेत्र से जुड़ा है, जिससे करोड़ों लोगों की रोजी-रोटी चलती है। सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि सोने के गहने नहीं खरीदने की सलाह और आयात शुल्क में बढ़ोतरी से ज्वेलरी कारोबार पर दोहरी मार पड़ेगी तथा इससे तस्करी बढ़ने की आशंका भी है। उनका कहना था कि केंद्र सरकार के पहले ही नोटबंदी, कर नीतियों, जीएसटी और अनिवार्य हॉलमार्किंग जैसे फैसलों से यह क्षेत्र प्रभावित रहा है।</p>
<p>उन्होंने सरकार से स्वर्ण आभूषण उद्योग से जुड़े 3.5 करोड़ सुनारों, स्वर्णकारों, दुकानदारों, व्यापारियों, कारीगरों और कामगारों के लिए विशेष आर्थिक राहत पैकेज की तत्काल घोषणा करने की मांग है ताकि वे सरकार की नीतियों से उत्पन्न संकट से उबर सकें। कांग्रेस ने यह भी मांग की कि सोने पर आयात शुल्क बढ़ाने के बजाय घरेलू गोल्ड मोबिलाइजेशन, रिसाइक्लिंग, ‘आइडियल गोल्ड स्टॉक्स’ के उपयोग तथा आयकर कानून में संशोधन कर परिवारों को अपनी पसंद के ज्वेलर्स को सोना उधार देने की अनुमति जैसे विकल्पों पर विचार किया जाए। पार्टी ने कहा कि वह इस मुद्दे को संसद से सड़क तक उठाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 14:50:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ईंधन मूल्य वृद्धि पर प्रमोद तिवारी का केंद्र सरकार पर हमला, कहा-आम आदमी की जेब पर डाका, पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने का लगाया आरोप </title>
                                    <description><![CDATA[सांसद प्रमोद तिवारी ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि को लेकर केंद्र पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव खत्म होते ही जनता पर महंगाई का बोझ डालना सरकार का फॉर्मूला बन गया है। कांग्रेस ने कच्चा तेल सस्ता होने पर भी राहत न देने और पूंजीपतियों को लाभ पहुँचाने की कड़ी निंदा की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/pramod-tiwaris-attack-on-the-central-government-on-fuel-price/article-153892"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/pramod-tiwari.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और उप नेता प्रतिपक्ष प्रमोद तिवारी ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। प्रमोद तिवारी ने आरोप लगाया कि पांच राज्यों के चुनाव खत्म होते ही केंद्र सरकार ने ईंधन के दाम बढ़ाकर आम जनता पर आर्थिक बोझ डाल दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हमेशा चुनाव खत्म होने के दौरान जनता पर महंगाई का बोझ डालने का काम करती है। यही उनका फॉर्मूला बन गया है।"</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें घटती हैं, तब सरकार पेट्रोल-डीजल के दाम कम नहीं करती लेकिन जैसे ही कीमतों में बढ़ोतरी होती है, उसका सीधा बोझ आम आदमी पर डाल दिया जाता है। कांग्रेस सांसद ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा, "सबसे महंगे दौर में भी पेट्रोल की कीमत 70 रुपये प्रति लीटर से ऊपर नहीं जाने दी गई, जबकि मौजूदा सरकार में कीमतें 100 रुपये के करीब पहुंच गईं।"</p>
<p>राज्यसभा सांसद केंद्र सरकार पर पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कहा, "जब दाम कम हुए थे, तब जनता को राहत क्यों नहीं दी गई? सरकार सिर्फ अपने पूंजीपति मित्रों को मुनाफा पहुंचाने में लगी हुई है।" उन्होंने कहा कि ईंधन मूल्य वृद्धि से आम आदमी की जेब पर डाका डाला गया है और इसकी वह कठोर शब्दों में निंदा करते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 13:25:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>महंगा होगा घूमना! रूपए में लगातार गिरावट जारी, डॉलर के मुकाबले 100 की ओर बढ़ा </title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय रुपया शुक्रवार को ₹96.14 के सर्वकालिक निचले स्तर पर गिर गया। कच्चे तेल की कीमतों में 3.65% के उछाल और मजबूत डॉलर सूचकांक ने मुद्रा पर भारी दबाव डाला। ब्रेंट क्रूड के $109 प्रति बैरल पहुंचने से आयात महंगा होने की चिंता बढ़ गई है, जिससे अर्थव्यवस्था के लिए नई चुनौती पैदा हो गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/traveling-will-be-expensive-continuous-decline-in-rupee-continues-it/article-153879"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/dollar-vs-rupee1.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपये की गिरावट शुक्रवार को भी जारी रही और यह पहली बार 96 रुपये प्रति डॉलर के पार उतर गया। पिछले कारोबारी दिवस पर भारतीय मुद्रा 95.64 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुई थी। आज यह 22 पैसे लुढ़ककर 95.86 रुपये प्रति डॉलर पर खुली और दोपहर बाद 96.14 रुपये प्रति डॉलर तक टूट गयी। यह पहला मौका है जब एक डॉलर 96 रुपये के पार निकला है। इससे पहले, बीच कारोबार में रुपये का निचला स्तर 95.96 प्रति डॉलर रहा था।</p>
<p>भारतीय मुद्रा खबर लिखे जाते समय 33 पैसे नीचे 95.97 रुपये प्रति डॉलर पर थी। ये अनंतिम आंकड़ें हैं। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से रुपये पर दबाव रहा। कच्चे तेल का मानक ब्रेंट क्रूड वायदा फिलहाल 3.65 प्रतिशत चढ़कर 109.58 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं के बास्केट में डॉलर सूचकांक में 0.3 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी ने भी रुपये की गिरावट में योगदान दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 12:07:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पीएम मोदी की अपील पर दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: एक साल तक कोई मंत्री नहीं करेगा विदेशी दौरा, सरकारी कर्मचारी 2 दिन करेंगे वर्क फ्रॉर्म होम</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री मोदी की अपील पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली में बड़े सुधार लागू किए हैं। अब सरकारी कर्मचारी सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम करेंगे। ईंधन और बिजली बचाने के लिए कार्यालयों के समय में बदलाव किया गया है और मंत्रियों के विदेश दौरों पर एक साल तक पूर्ण रोक लगा दी गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/big-decision-of-delhi-government-on-pm-modis-appeal-no/article-153833"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/rekha-guprta.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। देश में बढ़ते ऊर्जा संकट और ईंधन बचत को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील के बाद दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सरकारी कामकाज में ऊर्जा बचत और खर्चों में कटौती के लिए कई अहम घोषणाएं की हैं। दिल्ली सरकार के अनुसार अब सरकारी कर्मचारी सप्ताह में दो दिन “वर्क फ्रॉम होम” करेंगे, ताकि कार्यालयों में बिजली और संसाधनों की खपत कम की जा सके। इसके साथ ही सरकारी कार्यालयों के समय में भी बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था के तहत दफ्तरों का टाइम टेबल चरणबद्ध तरीके से बदला जाएगा, जिससे ट्रैफिक दबाव और ईंधन की खपत कम हो सके। इसके साथ ही दिल्ली सरकार ने कहा है कि अब से आने वाले एक साल तक कोई भी मंत्री विदेश दौरा नहीं करेगा।</p>
<p>सरकार ने कर्मचारियों के लिए विशेष बस सेवा शुरू करने का भी फैसला लिया है। इससे निजी वाहनों का उपयोग घटेगा और प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी। वहीं खर्चों में कटौती के तहत दिल्ली सरकार के किसी भी मंत्री को अगले एक साल तक विदेश दौरे की अनुमति नहीं होगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से ऊर्जा बचत, आत्मनिर्भरता और संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग की अपील की थी। दिल्ली सरकार उसी दिशा में यह कदम उठा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 16:11:38 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title>नहीं थम रही रूपए की गिरावट: 1 डॉलर की कीमत 95.86 रुपये पहुंची, नहीं काम आई सोने पर ड्यूटी बढ़ाने की चाल</title>
                                    <description><![CDATA[विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया रिकॉर्ड गिरावट के साथ ₹95.86 के स्तर पर खुला। पश्चिम एशिया संकट और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भारतीय मुद्रा पर दबाव बढ़ा दिया है। हालांकि, दिन के अंत में मामूली सुधार के साथ यह ₹95.66 पर बंद हुआ, लेकिन वैश्विक अस्थिरता अब भी बड़ी चुनौती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/the-fall-of-rupee-is-not-stopping-the-price-of/article-153762"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/dollar-vs-rupee.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रूपया गुरूवार को 20 पैसे की गिरावट के साथ 95.86 पर खुला। भारतीय रूपए में लगातार गिरावट का सिलसिला जारी है। इससे पहले बुधवार को बीच कारोबार में रूपया पहली बार 95.80 रुपये प्रति डॉलर तक टूटा। इससे पहले बीच कारोबार में रुपये का निचला स्तर 95.78 रुपये प्रति डॉलर था जो मंगलवार को दर्ज किया गया था हालांकि बाद में यह 40 पैसे की गिरावट के साथ 95.68 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में आज भारतीय मुद्रा अंत में 1.50 पैसे की बढ़त में 95.6650 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुई।</p>
<p>रुपया आज 20 पैसे की गिरवट के साथ 95.86 रुपये प्रति डॉलर पर खुला, लेकिन इसके बाद इसका ग्राफ सीधे नीचे की तरफ गिरता गया। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में ऊंची कीमतों और पश्चिम एशिया संकट को लेकर चिंताओं से रुपये पर भारी दबाव है। हालांकि दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं के बास्केट में डॉलर सूचकांक में 0.2 प्रतिशत की तेजी ने भारतीय मुद्रा की बढ़त को सीमित रखा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 12:01:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रुपया ऐतिहासिक निचले स्तर पर: 95.64 प्रति डॉलर पर पहुंचा, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल में तेजी </title>
                                    <description><![CDATA[अंतरबैंक बाजार में रुपया बुधवार को भारी दबाव के बीच ₹95.78 के ऐतिहासिक निचले स्तर तक लुढ़क गया। विदेशी निवेशकों द्वारा पूंजी निकासी और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने मुद्रा को कमजोर किया है। ब्रेंट क्रूड के $107 प्रति बैरल पार पहुंचने से भारतीय अर्थव्यवस्था पर दबाव और बढ़ गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/rupee-reaches-historical-low-of-9564-per-dollar-rise-in/article-153638"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/dollar-vs-rupee2.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया बुधवार को लगभग 35-40 पैसे ही गिरावट के साथ 95.64 पर खुला। इससे पहले मंगलवार को 40 पैसे लुढ़ककर 95.68 रुपये प्रति डॉलर के ऐतिहासिक निचले स्तर पर बंद हुआ था। बीच कारोबार में रुपया पहली बार 95.78 प्रति डॉलर तक टूट गया था। भारतीय मुद्रा पिछले कारोबारी दिवस पर 79 पैसे की गिरावट में 95.28 रुपये प्रति डॉलर पर रही थी।</p>
<p>रुपये पर आज शुरू से ही दबाव रहा। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मंगलवार को भारतीय पूंजी बाजार से 79 करोड़ डॉलर की शुद्ध निकासी की जिससे रुपया कमजोर हुआ। साथ ही अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल में तेजी से भी भारतीय मुद्रा पर दबाव बढ़ा। कच्चे तेल का मानक ब्रेंट क्रूड वायदा तीन प्रतिशत से अधिक चढ़कर 107 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 13:09:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>हरे निशान में खुले शेयर बाजार: आईटी और ऑटो सेक्टर में दबाव, इन शेयरों में दिखेगा एक्शन</title>
                                    <description><![CDATA[शुरुआती गिरावट के बाद घरेलू शेयर बाजार बुधवार को हरे निशान में लौट आए। सेंसेक्स और निफ्टी में सुधार देखा गया, जिसमें धातु और फार्मा सेक्टर ने बढ़त का नेतृत्व किया। हालांकि, आईटी और ऑटो पर दबाव बरकरार है। रुपये की कमजोरी के बावजूद निवेशकों ने चुनिंदा शेयरों में खरीदारी की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/stock-markets-open-in-green-pressure-in-it-and-auto/article-153632"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/share-market2.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। घरेलू शेयर बाजारों में बुधवार को शुरुआती कारोबार में तेजी देखी गयी, हालांकि आईटी और ऑटो सेक्टर की कंपनियों पर दबाव रहा।बीएसई का सेंसेक्स 119.90 अंक नीचे 74,439.34 अंक पर खुला लेकिन कुछ ही देर में हरे निशान में चला गया। खबर लिखे जाते समय यह 180.07 अंक (0.24 प्रतिशत) ऊपर 74,739.31 अंक पर था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 17.10 अंक टूटकर 23,362.45 अंक पर खुला। खबर लिखे जाते समय यह 91 अंक यानी 0.39 प्रतिशत चढ़कर 23,470.55 अंक पर रहा।</p>
<p>प्रमुख सूचकांकों के मुकाबले मझौली और छोटी कंपनियों के सूचकांकों में ज्यादा तेजी है। ऑटो, आईटी और मीडिया को छोड़कर अन्य सभी सेक्टरों के सूचकांक फिलहाल हरे निशान में हैं। धातु में जबरदस्त तेजी है और इसका सूचकांक करीब ढाई फीसदी ऊपर है। स्वास्थ्य, फार्मा, तेल एवं गैस और एफएमसीजी सेक्टरों के सूचकांक भी अच्छी बढ़त में हैं। सेंसेक्स में एशियन पेंट्स का शेयर साढ़े चार फीसदी के करीब चढ़ गया। टाटा स्टील, बीईएल और अडानी पोर्ट्स के शेयर भी दो से तीन प्रतिशत की बढ़त में हैं।</p>
<p>पावर ग्रिड में सबसे अधिक ढाई फीसदी की गिरावट रही। एनटीपीसी, टाइटन और मारुति सुजुकी के शेयर भी इस समय नीचे हैं। इस सप्ताह के पहले दो दिन शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट देखी गयी है। मंगलवार को दोनों प्रमुख सूचकांक दो प्रतिशत के करीब टूटकर पांच सप्ताह के निचले स्तर पर बंद हुए थे। रुपये पर पिछले कुछ समय से जारी दबाव भी शेयर बाजारों में निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर रहा है। कल रुपया 95.68 प्रति डॉलर के ऐतिहासिक निचले स्तर पर बंद हुआ था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 11:37:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ईरान युद्ध का असर: अब रंगीन नहीं दिखेंगे चिप्स के पैकेट, जानें जापानी कंपनी ने क्यों लिया ऐसा फैसला ?</title>
                                    <description><![CDATA[मध्य-पूर्व तनाव के कारण कच्चे माल की आपूर्ति बाधित होने से जापान की दिग्गज कंपनी Calbee ने अपने स्नैक्स को ब्लैक एंड व्हाइट पैकेट में उतारने का निर्णय लिया है। होर्मुज संकट से नेफ्था और इंक की कमी हो गई है। 25 मई से 14 लोकप्रिय उत्पाद नए मोनोक्रोम लुक में मिलेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/chip-packets-will-no-longer-appear-colored-due-to-the/article-153627"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/japan.png" alt=""></a><br /><p>टोक्यो। मध्य-पूर्व में जारी तनाव का असर अब आम उपभोक्ताओं की रोजमर्रा की चीजों पर भी दिखाई देने लगा है। जापान की प्रसिद्ध स्नैक कंपनी Calbee ने अपने कई लोकप्रिय स्नैक्स की रंगीन पैकेजिंग को अस्थायी रूप से ब्लैक एंड व्हाइट करने का फैसला लिया है। कंपनी का कहना है कि प्रिंटिंग इंक में इस्तेमाल होने वाले जरूरी कच्चे माल की सप्लाई प्रभावित होने से यह कदम उठाना पड़ा।</p>
<p>कंपनी के मुताबिक, उसके 14 प्रोडक्ट्स नए मोनोक्रोम पैकेट में 25 मई से जापान के बाजारों में उपलब्ध होंगे। दरअसल, ईरान संघर्ष के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा आने से तेल और उससे जुड़े उत्पादों की सप्लाई प्रभावित हुई है। इसका सीधा असर नेफ्था पर पड़ा, जो इंक और प्लास्टिक निर्माण में अहम भूमिका निभाता है।</p>
<p>विशेषज्ञों का कहना है कि एशियाई देशों पर इसका असर ज्यादा देखने को मिल रहा है, क्योंकि उनकी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा मध्य-पूर्व से आता है। जापान सरकार ने हालांकि वैकल्पिक सप्लाई चैन तैयार करने का भरोसा दिया है, लेकिन कंपनियां बढ़ती लागत और कच्चे माल की कमी से परेशान हैं। युद्ध के कारण सिर्फ फूड इंडस्ट्री ही नहीं, बल्कि ऑटोमोबाइल और एविएशन सेक्टर भी दबाव में हैं। कई कंपनियों ने उत्पादन लागत बढ़ने और सप्लाई बाधित होने की चेतावनी दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 11:27:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लाल निशान में बंद हुआ बाजार: प्रमुख सूचकांकों में दो प्रतिशत की गिरावट, इन शेयरों में दिखा एक्शन</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका-ईरान तनाव और $95.63 के ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंचे रुपये ने शेयर बाजार को हिला दिया। मंगलवार को सेंसेक्स 1,456 अंक और निफ्टी 436 अंक लुढ़क कर पांच सप्ताह के निचले स्तर पर बंद हुए। IT और रियल्टी शेयरों में भारी बिकवाली से निवेशकों की धारणा कमजोर हुई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/market-closed-in-red-major-indices-fell-by-two-percent/article-153578"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/share-market-fall-down.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। अमेरिका-ईरान शांति वार्ता के पटरी से उतरने और रुपये पर जारी दबाव के कारण घरेलू शेयर बाजारों में मंगलवार को बड़ी गिरावट देखी गयी और प्रमुख सूचकांक दो प्रतिशत के करीब लुढ़क गये। बीएसई का सेंसेक्स 1,456.04 अंक (1.92 प्रतिशत) टूटकर 74,559.24 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 436.30 अंक यानी 1.83 प्रतिशत नीचे 23,379.55 अंक पर बंद हुआ। यह दोनों प्रमुख सूचकांकों का पांच सप्ताह का निचला स्तर है। शेयर बाजारों में लगातार चौथे दिन गिरावट रही है। खासकर, इस सप्ताह के पहले दोनों दिन बाजार में बड़ी बिकवाली देखी गयी है।</p>
<p>मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ फिर से सैन्य कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं। इससे विदेशों में भी ज्यादातर प्रमुख शेयर बाजार फिसल गये। इसके अलावा, रुपये के आज ऐतिहासिक निचले स्तर तक उतरने से भी बाजार में निवेश धारणा कमजोर हुई है। पहली बार एक डॉलर 95.50 रुपये प्रति डॉलर से ज्यादा का बोला गया है। फिलहाल यह 95.63 रुपये प्रति डॉलर पर है। चौतरफा बिकवाली के बीच मझौली और छोटी कंपनियों पर ज्यादा दबाव रहा। वृहत बाजार में निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 2.43 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 3.17 प्रतिशत गिर गया।</p>
<p>सभी सेक्टर दबाव में रहे। रियलटी समूह का सूचकांक चार प्रतिशत से अधिक टूट गया। आईटी का सूचकांक पौने चार प्रतिशत और टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद का साढ़े तीन प्रतिशत से ज्यादा लुढ़का। ऑटो, मीडिया, रसायन, वित्त, बैंकिंग, एफएमसीजी, फार्मा और स्वास्थ्य समूहों के सूचकांकों में भी एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट रही। सेंसेक्स की कंपनियों में टेक महिंद्रा और अडानी पोर्ट्स के शेयर साढ़े चार प्रतिशत के करीब लुढ़क गये। एचसीएल टेक्नोलॉजीज में चार प्रतिशत से अधिक और टीसीएस में पौने चार प्रतिशत की गिरावट रही। टाइटन, बीईएल, बजाज फाइनेंस, इंफोसिस, ट्रेंट और बजाज फिनसर्व के शेयर तीन प्रतिशत से ज्यादा गिरे।</p>
<p>अल्ट्राटेक सीमेंट, इटरनल, एशियन पेंट्स, मारुति सुजुकी, इंडिगो और एलएंडटी के शेयर भी दो प्रतिशत दो से तीन प्रतिशत तक फिसल गये। एचडीएफसी बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, हिंदुस्तान यूनीलिवर, आईटीसी, महिंद्रा एंड महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक, पावर ग्रिड, सन फार्मा और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर एक से दो प्रतिशत तक फिसल गये। एक्सिस बैंक का शेयर भी लाल निशान में रहा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 May 2026 17:55:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीएम मोदी ने दोहराई ऊर्जा संरक्षण की अपील, कहा-राष्ट्र को मजबूत बनाने के लिए सब मिलकर करेंगे काम</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वड़ोदरा में ऊर्जा और विदेशी मुद्रा बचाने हेतु पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने तथा सार्वजनिक परिवहन अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने 'वोकल फॉर लोकल', स्थानीय उत्पादों और डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए भारतीय स्थलों को चुनने पर जोर दिया, ताकि वैश्विक अस्थिरता के बीच देश आर्थिक रूप से मजबूत रहे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/pm-modi-reiterated-his-appeal-for-energy-conservation-and-said/article-153563"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/modi3.png" alt=""></a><br /><p>वड़ोदरा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर ऊर्जा संरक्षण की उनकी देशवासियों से की गयी अपील की विपक्ष द्वारा आलोचना किये जाने के बावजूद सोमवार को एक बार फिर जनता से आग्रह किया कि वे पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने के लिए मेट्रो, इलेक्ट्रिक बसों और सार्वजनिक परिवहन का अधिक इस्तेमाल करें। पीएम मोदी ने यहां सरदारधाम छात्रावास का उद्घाटन करने के अवसर पर अपने संबोधन में विश्व में बढ़ती अस्थिरता का उल्लेख किया और कोरोना संकट, वैश्विक आर्थिक व्यवधान और पश्चिम एशिया के संघर्ष को वर्तमान चुनौतियों का कारण बताया। उन्होंने कहा कि जैसे देश ने मिलकर कोरोना संकट का सामना किया, वैसे ही यह संकट भी सामूहिक प्रयासों से पार किया जाएगा। उन्होंने कार-पूलिंग, वर्चुअल बैठकों और 'वर्क-फ्रॉम-होम' को बढ़ावा देने की भी अपील की।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने जनभागीदारी को अत्यंत आवश्यक बताते हुए कहा कि नागरिकों को अपनी जिम्मेदारियों को समझना होगा और राष्ट्रीय संसाधनों पर दबाव कम करना होगा। उन्होंने कहा कि भारत के आयात का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल पर निर्भर है, जो वर्तमान संघर्षग्रस्त क्षेत्रों से आता है। इससे आपूर्ति और कीमत दोनों पर असर पड़ रहा है। प्रधानमंत्री ने विदेशी मुद्रा बचाने के लिए खाद्य तेल की खपत कम करने तथा संकट के समय सोने की खरीद टालने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि विदेश यात्राओं और 'डेस्टिनेशन वेडिंग्स' पर होने वाला खर्च भी विदेशी मुद्रा पर दबाव बढ़ाता है। उन्होंने लोगों से छुट्टियाँ भारत में बिताने और विवाह जैसे आयोजनों के लिए भारतीय स्थानों को चुनने का आग्रह किया। उन्होंने 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' को 'डेस्टिनेशन वेडिंग' के लिए उत्कृष्ट स्थान बताते हुए कहा कि इससे विदेशी मुद्रा देश में ही बनी रहेगी।</p>
<p>"वोकल फॉर लोकल" का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने स्थानीय उत्पादों को अपनाने, स्थानीय उद्यमियों को प्रोत्साहित करने तथा कृषि में स्वदेशी उर्वरकों, प्राकृतिक खेती और सौर पंपों के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी और पर्यावरण पर दबाव भी कम होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास जब 140 करोड़ लोग मिलकर करते हैं, तो वही देश की सबसे बड़ी शक्ति बन जाते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देशवासी मिलकर इस संकट का सामना करेंगे और राष्ट्र को और अधिक मजबूत बनाएँगे।</p>
<p>सरदार धाम की 75 वर्षों पुरानी शैक्षणिक यात्रा को याद करते हुए तथा देशभर में इसके विस्तार का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने 2021 की अपनी यात्रा को स्मरण किया, जब कन्या छात्रावास का भूमिपूजन हुआ था। उन्होंने बताया कि संस्था अब सूरत, राजकोट, भुज, मेहसाणा और दिल्ली में भी सक्रिय है। अहमदाबाद के निकोल क्षेत्र में एक हजार क्षमता वाले नए कन्या छात्रावास के शुभारंभ पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष वहाँ हजारों बेटियाँ शिक्षा प्राप्त कर रही थीं और अपने भविष्य को नई दिशा दे रही थीं। आज का यह भूमिपूजन देशभर की बेटियों तक शिक्षा पहुँचाने के प्रति सरदारधाम की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि व्यापक परिवर्तन और स्थायी परिणामों के लिए समाज और सरकार का साथ मिलकर कार्य करना आवश्यक है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को जमीनी वास्तविकताओं पर आधारित परिवर्तनकारी दृष्टिकोण का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। भाषा-आधारित भेदभाव समाप्त करने, कौशल विकास और नवाचार को पाठ्यक्रम में शामिल करने जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं को डिग्री के साथ अप्रेंटिसशिप के अवसर भी मिलने चाहिए, ताकि पढ़ाई के बाद वे भ्रमित न हों। सरदार गौरव रत्न सम्मान के लिए आभार व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल के नाम से जुड़ा यह सम्मान उनके लिए बड़ी जिम्मेदारी लेकर आया है। उन्होंने कहा कि सरदार साहब के अधूरे सपनों को पूरा करना ही उनके जीवन का मिशन बन गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 May 2026 17:15:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>डोनाल्ड ट्रंप का चीन दौरा: शी जिनपिंग से होगी खास मुलाकात; व्यापार, ईरान और ताइवान मुद्दों पर चर्चा संभव</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलने बीजिंग पहुंच चुके हैं। इस शिखर सम्मेलन में ईरान युद्ध, होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी और ताइवान जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा होगी। वैश्विक तेल संकट और आर्थिक मंदी के खतरों के बीच दुनिया की नजरें इन दोनों दिग्गजों के बीच होने वाले रणनीतिक समझौतों पर टिकी हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/donald-trump-visits-china-special-meeting-with-xi-jinping-possible/article-153555"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(5)17.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात के लिए बीजिंग रवाना हो गए हैं, जहां दोनों वैश्विक नेता व्यापार, युद्ध कूटनीति और ताइवान पर गंभीर चर्चा करेंगे। ट्रंप का 2017 के बाद यह पूर्वी एशियाई देश का पहला दौरा है। इस दौरान दशकों में सबसे अहम अमेरिका-चीन सम्मेलन होने की संभावना है। गुरुवार से शुरू होने वाला दो दिनों का यह सम्मेलन दुनिया की दो बड़ी ताकतों के बीच संबंधों को नया आकार दे सकता है। है। ट्रंप 14 मई को ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलेंगे, जहां दोनों औपचारिक द्विपक्षीय बातचीत करेंगे और उसके बाद शाम को एक राजकीय दावत का आयोजन किया जाएगा। ट्रंप की 15 मई को वाशिंगटन लौटने से पहले दोपहर के भोजन कार्यक्रम और 'ऐतिहासिक स्वर्ग का मंदिर' जाने की भी योजना है।</p>
<p>जब फरवरी में व्हाइट हाउस ने इस दौरे की पुष्टि की, तो चीनी सामान पर वाशिंगटन के आसमान छूते शुल्क एजेंडे पर छाए हुए थे। लेकिन 28 फरवरी के बाद दुनिया के राजनीतिक हालात बदल गए जब ट्रंप ने इजराइल के साथ मिलकर ईरान पर हमला किया, जिससे एक युद्ध शुरू हो गया और जिसके कारण ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करना पड़ा और इस स्थिति ने तेहरान को इस रणनीतिक जलमार्ग को नियंत्रित करने के लिए एक बोर्ड बनाने पर मजबूर कर दिया। गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान एक तनावपूर्ण परमाणु गतिरोध में फंसे हुए हैं क्योंकि वाशिंगटन का तर्क है कि परमाणु मुद्दे पर कोई बातचीत नहीं हो सकती और तेहरान प्रतिबंधों में राहत, युद्ध खत्म करने, जब्त की गई संपत्ति को छोड़ने और अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को रोकने की मांग कर रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के जवाबी प्रस्ताव को 'पूरी तरह से नामंजूर' कर दिया है क्योंकि दोनों पक्ष किसी भी संभावित समझौते के लिए जरूरी शर्तों से बहुत दूर हैं।</p>
<p>इसलिए दोनों नेताओं को होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास के तनाव पर चर्चा करनी अनिवार्य है। चीन अपना लगभग आधा कच्चा तेल जलमार्ग से आयात करता है। उसने बड़े स्टॉक और अलग-अलग तरह के ऊर्जा मिश्रण से खुद को सुरक्षित रखा है लेकिन इसका आर्थिक असर बहुत बड़ा है। तेल की कीमतों में उछाल ने पेट्रोकेमिकल पर निर्भर निर्माताओं के लिए लागत 20 प्रतिशत तक बढ़ा दी है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने चेतावनी दी है कि वैश्विक मंदी की संभावना बनी हुई है क्योंकि चीन के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लगभग पांचवां हिस्सा निर्यात पर निर्भर करता है, इसलिए दुनिया जो आर्थिक रूप से इतनी परेशान है कि चीनी सामान नहीं खरीद सकती, उसके लिए अकेले आयात शुल्क युद्ध से भी बड़ा खतरा है।</p>
<p>बैठक में ताइवान का मुद्दा भी मुख्य रहेगा क्योंकि ट्रंप प्रशासन ने पिछले दिसंबर में ताइपे को 11 बिलियन डॉलर के हथियारों की बिक्री को मंजूरी दी थी, जिससे चीन नाराज हो गया था। फिर भी ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से यह भी सवाल उठाया है कि क्या अमेरिका ताइवान की रक्षा करने के लिए बाध्य है और कहा है कि अमेरिका को उसकी सुरक्षा गारंटी के लिए पैसे देना काफी नहीं है। इस सप्ताह किसी बडे व्यापारिक समझौते की उम्मीदें कम हैं लेकिन अधिक उम्मीद अक्टूबर के संघर्ष विराम को बढ़ाने की है। इसके साथ ही एक संयुक्त बयान भी जारी किया जाएगा। दुनिया इस सम्मेलन को बड़ी दिलचस्पी से देख रही है और उम्मीद कर रही है कि यह सम्मेलन सफल हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 May 2026 16:43:53 +0530</pubDate>
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                <title>रुपया ऐतिहासिक निचले स्तर पर, 29 पैसे गिरकर 95.57 प्रति डॉलर पर पहुंचा</title>
                                    <description><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और आईटी क्षेत्र में बिकवाली से भारतीय रुपया $95.63 के अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। ब्रेंट क्रूड $103 प्रति बैरल पार करने से मुद्रा बाजार और निवेश धारणा पर दबाव बढ़ा है, जिससे घरेलू बाजारों में अस्थिरता बनी हुई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/rupee-falls-29-paise-to-historic-low-at-9557-per/article-153498"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/dollar-vs-rupee1.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपये में आज भी गिरावट रही और यह अब तक के ऐतिहासिक निचले स्तर तक लुढ़क गया। पिछले कारोबारी दिवस पर 95.28 रुपये प्रति डॉलर पर बंद होने वाली भारतीय मुद्रा आज 29 पैसे नीचे 95.57 रुपये प्रति डॉलर पर खुली। एक समय यह 95.63 रुपये प्रति डॉलर तक गिर गई थी। हालांकि खबर लिखे जाते समय यह 22 पैसे नीचे 95.50 रुपये प्रति डॉलर पर रही। रुपये की कमजोरी के कारण शेयर बाजारों में भी निवेश धारणा प्रभावित हुई। साथ ही आईटी कंपनियों में बिकवाली से बाजार पर दबाव बढ़।</p>
<p>अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में आयी तेजी से भी भारतीय मुद्रा कमजोर हुई है। लंदन का ब्रेंट क्रूड वायदा आज 1.5 प्रतिशत की मजबूती के साथ 103 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 May 2026 12:31:18 +0530</pubDate>
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