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                <title>GDP Growth - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>GDP Growth RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>खड़गे का केंद्र पर हमला, बोले- सरकार ने झूठ बोलने के कुछ नहीं बदला, क्रोनी कैपिटलिज्म और कर्ज माफी का लगाया आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अर्थव्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जीडीपी वृद्धि के दावों के बीच आम जनता अभूतपूर्व बेरोजगारी, असहनीय महंगाई और बेलगाम असमानता से त्रस्त है। खरगे ने सरकार पर क्रोनी कैपिटलिज्म और अमीरों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/kharge-attacked-the-centre-said-government-did-not-change/article-164376"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/kharge.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अर्थव्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि सरकार सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि का जश्न मना रही है लेकिन हकीकत यह है कि आम आदमी बेरोजगारी, महंगाई और बढ़ती असमानता जैसी समस्याओं से त्रस्त है और उसके लिए इस सरकार में कुछ नहीं बदला है। खरगे ने मंगलवार को सोशल मीडिया 'एक्स' पर लिखे एक पोस्ट में कहा कि बदलाव की बात करने वाली सरकार को समझना चाहिए कि जनता से झूठ बोलने के अलावा भाजपा शासन में कुछ नहीं बदला है। आम जनता अभूतपूर्व बेरोजगारी, असहनीय महंगाई और बेलगाम असमानता के बोझ तले दबी है।</p>
<p>कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आम लोगों पर तीन 'यू'—अभूतपूर्व बेरोजगारी, असहनीय महंगाई और बेलगाम असमानता का बोझ है और इसके लिए सरकार जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि देश में बेरोजगारी 50 साल के उच्चतम स्तर पर है और 40 प्रतिशत युवा स्नातक बेरोजगार हैं। जुलाई 2026 में 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के हर छह में से एक युवा बेरोजगार था। उन्होंने कहा कि हर वर्ष दो करोड़ रोजगार देने का वादा अब टूट चुका है।</p>
<p>कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि खुदरा महंगाई 19 महीने के उच्चतम स्तर पर है। चीनी, प्याज, टमाटर, दाल, खाद्य तेल, चावल और दूध जैसी रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं की कीमतें बढ़ी हुई हैं। पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और सीएनजी भी आम लोगों के लिए महंगे होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यम वर्गीय परिवार किसी तरह गुजारा कर रहे हैं, जबकि गरीबों ने उम्मीद छोड़ दी है। खरगे ने आरोप लगाया कि देश में आर्थिक असमानता ब्रिटिश शासन के दौर से भी बदतर स्थिति में पहुंच गई है। उन्होंने दावा किया कि शीर्ष एक प्रतिशत लोगों के पास भारत की कुल संपत्ति का 40 प्रतिशत हिस्सा है, जबकि निचले 50 प्रतिशत लोग केवल 15 प्रतिशत संपत्ति पर निर्भर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने स्वतंत्र भारत के इतिहास में गरीबों से अमीरों की ओर संपत्ति के सबसे बड़े हस्तांतरण को बढ़ावा दिया है।</p>
<p>उन्होंने सरकार पर 'क्रोनी कैपिटलिज्म' को अपनी एकमात्र आर्थिक नीति बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से कंपनियों के 16 लाख करोड़ रुपये से अधिक के कर्ज बट्टे खाते में डाले जा चुके हैं। उन्होंने एक हालिया मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि 22,006 करोड़ रुपये के स्वीकृत दावों के मुकाबले कर्जदाताओं को केवल 6.5 करोड़ रुपये की वसूली हुई, यानी 99.97 प्रतिशत की 'हेयरकट' हुई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 01 Sep 2026 18:56:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>कांग्रेस ने GDP आंकड़ों पर उठाए सवाल, सलमान सोज ने कहा- मजबूत अर्थव्यवस्था का दावा, फिर परिवार कर्ज लेने को मजबूर क्यों?</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस ने जीडीपी आंकड़ों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी प्रवक्ता सलमान सोज और जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि आर्थिक मजबूती के दावे केवल कागजी हैं। उन्होंने बढ़ती बेरोजगारी, गिरते रुपये, घटते एफडीआई और महंगाई के बीच आंकड़ों की बाजीगरी कर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/congress-raised-questions-on-gdp-figures-salman-soz-said/article-164386"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/salman-soj.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने अर्थव्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए पूछा है कि सरकार सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़ों का जश्न मना रही है लेकिन यदि अर्थव्यवस्था इतनी मजबूत है तो उसका असर आम लोगों की जिंदगी में क्यों दिखाई नहीं दे रहा है। कांग्रेस के मीडिया पैनलिस्ट सलमान सोज ने मंगलवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यदि अर्थव्यवस्था अच्छा प्रदर्शन कर रही है तो परिवारों को अपने खर्च के लिए कर्ज क्यों लेना पड़ रहा है, पिछले एक दशक में ग्रामीण मजदूरी महंगाई की तुलना में मामूली रूप से ही क्यों बढ़ी है और निजी निवेश स्थिर क्यों है। उन्होंने कहा कि जनता केवल आंकड़ों पर विश्वास नहीं करती, बल्कि यह जानना चाहती है कि अर्थव्यवस्था की कथित मजबूती का लाभ जमीन पर क्यों नहीं दिखाई दे रहा है।</p>
<p>सलमान सोज ने सवाल किया कि देश में जीडीपी के हिस्से के रूप में शुद्ध प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) शून्य क्यों है और युवाओं में बेरोजगारी दर 16 प्रतिशत क्यों बनी हुई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 में अब तक भारतीय इक्विटी बाजार से करीब 250 लाख करोड़ रुपये निकाले जा चुके हैं। उन्होंने यह भी पूछा कि यदि अर्थव्यवस्था इतनी मजबूत है तो निर्यात में उसकी हिस्सेदारी पहले के मुकाबले इतनी कम क्यों है।</p>
<p>कांग्रेस नेता ने कहा कि जब डॉलर के मुकाबले रुपया करीब 58 रुपये था, तब भारतीय जनता पार्टी के नेता कहते थे कि रुपया 'वेंटिलेटर' पर है, लेकिन आज रुपया करीब 95 रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि देश के लोगों को केवल आर्थिक आंकड़ों से संतुष्ट नहीं किया जा सकता। जनता यह जानना चाहती है कि यदि अर्थव्यवस्था इतनी मजबूत है तो उसका असर जमीन पर क्यों नहीं दिखाई दे रहा है। देश में अभी भी बहुत समस्याएं हैं और भविष्य में मुश्किलें और बढ़ सकती हैं लेकिन सरकार इससे बेखबर है और केवल आंकड़ों को बेचने में लगी है। </p>
<p>इस बीच, कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि जीडीपी के आंकड़े महज ‘सांख्यिकीय कसरत’ है और सरकार बार-बार पद्धति बदलकर जीडीपी आंकड़ों को अपने हिसाब से तय कर रही है और देश की खराब आर्थिक वास्तविकता को छिपा रही है। उनका कहना था कि नाममात्र और वास्तविक जीडीपी के बीच का अंतर महंगाई को दर्शाता है और सरकार के अनुसार यह अंतर केवल 2.3 प्रतिशत है, जबकि इस तिमाही में थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित महंगाई नौ प्रतिशत से अधिक रही है। उन्होंने इसे स्पष्ट विसंगति बताते हुए आरोप लगाया कि यह स्थिति सरकार ने गणना की पद्धति में बदलाव कर पैदा की है। उन्होंने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ ने बहुत कम हासिल किया है लेकिन सरकार की प्रमुख ‘फेक इन इंडिया’ योजना बेरोकटोक जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 01 Sep 2026 18:33:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>एआई समिट में नन्हे कीनोट स्पीकर रणवीर ने खींचा सबका ध्यान, भारत के शाश्वत विचारों से एआई का भविष्य गढ़ने की बात कही </title>
                                    <description><![CDATA[इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में 8 वर्षीय रणवीर सिंह सचदेवा ने सबसे कम उम्र के कीनोट स्पीकर बनकर इतिहास रचा। उन्होंने प्राचीन भारतीय दर्शन को आधुनिक एआई तकनीक और जीडीपी वृद्धि से जोड़ा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/little-keynote-speaker-ranveer-caught-everyones-attention-in-ai-summit/article-143879"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/ai1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में एक बेहद प्रेरणादायक क्षण देखने को मिला, जब सबसे कम उम्र के मुख्य वक्ताओं में शामिल छात्र रणवीर सिंह सचदेवा ने अपने विचारों से सभी का ध्यान आकर्षित किया।  2017 में जन्मे रणवीर ने अपने संबोधन में भारत की प्राचीन दार्शनिक परंपराओं और आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बीच संबंध को समझाया और बताया कि भविष्य के निर्माण में युवाओं की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होने वाली है। </p>
<p><strong>अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में दे सकते हैं योगदान </strong></p>
<p>समिट के दौरान बातचीत में रणवीर ने कहा कि उनकी प्रस्तुति का मुख्य उद्देश्य यह दिखाना था कि भारत के शाश्वत विचार आज की तकनीकी दुनिया को नई दिशा दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि वे प्राचीन भारतीय दर्शन को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं और साथ ही यह भी बताया कि दुनिया के अलग-अलग देश अपने-अपने एआई मॉडल कैसे विकसित कर रहे हैं। रणवीर ने हाल ही में जारी एक भारतीय एआई मॉडल से जुड़ा एक व्यावहारिक उदाहरण भी प्रस्तुत किया। उन्होंने समझाया कि इस तरह के नवाचार देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान दे सकते हैं। रणवीर ने कहा कि वे अपने उपयोग के उदाहरण के माध्यम से यह दिखा रहे हैं कि नई तकनीकें भारत की जीडीपी वृद्धि में किस तरह योगदान दे सकती हैं। </p>
<p><strong>जेन-जेड और जेनरेशन अल्फा बदलाव के असली वाहक बनेंगे</strong></p>
<p>तकनीक की तेजी से बदलती दुनिया का जिक्र करते हुए रणवीर ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का सबसे अधिक प्रभाव युवाओं पर पड़ेगा। मिलेनियल्स के साथ-साथ जेन-जेड और जेनरेशन अल्फा इस बदलाव के असली वाहक बनेंगे, क्योंकि ये पीढ़ियां डिजिटल माहौल में पली-बढ़ी हैं और नई तकनीकों को तेजी से अपनाने की क्षमता रखती हैं। रणवीर ने यह भी कहा कि आज डेवलपर्स, सरकारें और संस्थाएं जो निर्णय ले रही हैं, वही आने वाली पीढ़ियों के जीवन और काम करने के तरीके को तय करेंगे। </p>
<p><strong>कौन हैं रणवीर सचदेवा?</strong></p>
<p>रणवीर सचदेवा की उपलब्धियों की सूची उनकी उम्र को देखते हुए काफी प्रभावशाली है। 2017 में जन्मे रणवीर महज 8 साल के हैं, लेकिन इससे पहले भी वह कई बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वह एआई फॉर गुड समिट में भी एक प्रमुख वक्ता रह चुके हैं, जहां उन्होंने इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन के एंबेसेडर के रूप में भाग लिया था। इसके अलावा, सितंबर 2024 में, जब वह केवल 6 वर्ष के थे, उन्होंने यूएन मुख्यालय में जनरल असेंबली सत्र में भाग लेने वाले दुनिया के सबसे कम उम्र के प्रतिभागी बनकर इतिहास रचा था। पिछले साल जुलाई 2025 में, भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने भी उन्हें युवाओं और डेलीगेट्स के सामने अक और डिजिटल टेक्नोलॉजी पर बोलने के लिए आमंत्रित किया था।</p>
<p>रणवीर की प्रतिभा सिर्फ बोलने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि टेक्नोलॉजी में भी उनकी गहरी पकड़ है। साल 2023 में, मात्र 5 साल की उम्र में, वह प्रोग्रामर बनने वाले दुनिया के सबसे कम उम्र के व्यक्ति बने थे। उनकी इस असाधारण प्रतिभा को देखते हुए सीईओ टिम कुक ने खुद उन्हें 2023 में आयोजित वर्ल्डवाइड डेवलपर्स कॉन्फ्रेंस में शामिल होने के लिए कैलिफोर्निया स्थित एप्पल मुख्यालय में आमंत्रित किया था। यह मुलाकात दुनिया भर में चर्चा का विषय बनी थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Feb 2026 12:59:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रूसी राजदूत पावेल कुजनेत्सोव ने फिनलैंड में आई मुसिबतों के लिए रिश्ते में आई खटास को ठहराया जिम्मेदार, कहा-ईस्टर्न ट्रेड के खत्म होने से देश में आई गहरी आर्थिक मंदी</title>
                                    <description><![CDATA[रूसी राजदूत पावेल कुजनेत्सोव ने कहा कि रूस से संबंध तोड़कर फिनलैंड गहरे आर्थिक संकट, रिकॉर्ड बेरोजगारी और भारी कर्ज में डूब गया है। देश की जीडीपी वृद्धि भी शून्य हो गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/russian-ambassador-pavel-kuznetsov-blamed-the-sourness-in-relations-for/article-143164"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-600-px)-(8)1.png" alt=""></a><br /><p>हेलेंस्की। फिनलैंड में रूस के राजदूत पावेल कुजनेत्सोव ने कहा है कि रूस के साथ संबंध टूटने के कारण फिनलैंड संकट का सामना कर रहा है। देश में रिकॉर्ड बेरोजगारी, सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में शून्य वृद्धि, तेजी से बढ़ता राज्य ऋण और बजट घाटा बहुत ज्यादा है।</p>
<p>रूसी राजदून कुजनेत्सोव ने कहा, फिनलैंड अपने आधुनिक इतिहास के सबसे कठिन दौर में से एक से गुजर रहा है। मौजूदा सामाजिक-आर्थिक स्थिति की तुलना 1990 के दशक के उस संकट से की जा सकती है, जब सोवियत संघ के पतन के बाद ईस्टर्न ट्रेड के खत्म होने से देश गहरे आर्थिक मंदी में चला गया था। </p>
<p>पावेल कुजनेत्सोव के अनुसार, विशेष सैन्य अभियान शुरू होने के बाद फिनलैंड ने रूस के साथ सभी संपर्क और संबंध तोड़ दिये, जिससे दशकों में विकसित व्यापार और आर्थिक सहयोग को झटका लगा। उन्होंने आरोप लगाया कि फिनलैंड ने यह कदम स्वयं की पहल पर उठाया और अब उसके परिणाम भुगत रहा है।</p>
<p>राजदूत ने कहा कि हाल के वर्षों में देश की आर्थिक वृद्धि ठप हो गयी है और वर्ष 2025 में जीडीपी वृद्धि शून्य या उससे थोड़ा अधिक रहने की संभावना है। सार्वजनिक वित्त की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि सार्वजनिक ऋण तेजी से बढ़ रहा है और अब जीडीपी के लगभग 90 प्रतिशत के करीब पहुंच चुका है, जबकि कुछ समय पहले तक यह 60 प्रतिशत से कम था। वर्ष 2024 में बजट घाटा जीडीपी का 4.4 प्रतिशत रहा और 2025 में इसके और बढऩे की आशंका है।</p>
<p>उन्होंने यह भी बताया कि फिनलैंड में बेरोजगारी दर 10.6 प्रतिशत तक पहुंच गयी है, जो यूरोपीय संघ में सबसे अधिक बतायी जा रही है। साथ ही, 1990 के दशक के संकट के बाद से कंपनियों द्वारा दिवालिया होने के लिए दायर आवेदनों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है, जो 3,900 से अधिक है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 14 Feb 2026 14:53:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राष्ट्रपति ट्रंप ने दी क्रिसमस की शुभकामनाएं, 'रैडिकल लेफ्ट' पर साधा निशाना</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्रिसमस पर 'उग्र वामपंथियों' पर तीखा प्रहार करते हुए उन्हें देश को नष्ट करने में 'विफल' बताया। मार-ए-लागो में सांता ट्रैकिंग के दौरान उन्होंने 4.3% जीडीपी और रिकॉर्ड शेयर बाजार का दावा किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/president-trump-wishes-christmas-and-targets-the-radical-left/article-137208"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/trump-on-christmas.png" alt=""></a><br /><p>फ्लोरिडा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को क्रिसमस की शुभकामनाएं दीं और साथ ही मौका देखकर तथाकथित रैडिकल लेफ्ट स्कम (उग्र वामपंथी तत्व) पर तीखा राजनीतिक हमला किया। उन्होंने दावा किया कि देश को नष्ट करने की उनकी कोशिशें नाकाम हो गईं हैं और अपनी सरकार की आर्थिक तथा राष्ट्रीय सुरक्षा उपलब्धियों को उजागर किया।</p>
<p>सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उनके नेतृत्व में अमेरिका अब खुली सीमाओं, महिलाओं के खेलों में पुरुषों के भाग लेने, व्यापक ट्रांसजेंडर नीतियों या कमजोर कानून प्रवर्तन जैसी समस्याओं का सामना नहीं कर रहा है। उन्होंने रिकॉर्ड स्तर के शेयर बाजार और 401के (रिटायरमेंट सेविंग्स प्लान), दशकों में सबसे कम अपराध दर, कोई मुद्रास्फीति नहीं, और 4.3 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि का दावा किया, जो उम्मीद से दो पॉइंट ज्यादा है।</p>
<p>अमेरिकी ट्रंप ने टैरिफ (आयात शुल्क) को ट्रिलियंस डॉलर की वृद्धि और समृद्धि उत्पन्न करने का श्रेय दिया और कहा कि अब देश के पास सबसे मजबूत राष्ट्रीय सुरक्षा है जो कभी रही है। हमें फिर से सम्मान मिल रहा है, शायद पहले कभी इतना नहीं मिला था। यह पहली बार नहीं है जब राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी क्रिसमस शुभकामनाओं में राजनीतिक संदेश शामिल किए हैं। 2024 में उन्होंने अपने विरोधियों को रैडिकल लेफ्ट लुनाटिक्स (उग्र वामपंथी पागल) कहा था और पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन द्वारा दी गई माफियों की आलोचना की थी, कहा था कि बाइडेन एक ऐसा व्यक्ति हैं जिन्हें बिल्कुल पता नहीं है कि वे क्या कर रहे हैं।</p>
<p>क्रिसमस ईव पर नोराड सांता कॉल्स के दौरान, राष्ट्रपति ट्रंप ने मार-ए-लागो में प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप के साथ बच्चों से बात करते हुए कहा कि यूएस कमांड सांता को ट्रैक करता है ताकि यह सुनिश्चित हो कि वह अच्छा व्यवहार कर रहे हैं और देश में कोई बुरा सांता न घुस आए। नोराड 1955 से हर दिसंबर में दुनिया भर में सांता की यात्रा को ट्रैक करता रहा है, साथ ही पूरे साल उत्तरी अमेरिकी हवाई क्षेत्र की निगरानी भी करता है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Dec 2025 17:23:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रिजर्व बैंक का आम ​आदमी को तोहफा : रेपो रेट में की कमी, ब्याज दरों में होगी कटौती</title>
                                    <description><![CDATA[आरबीआई ने उम्मीदों के मुताबिक रेपो रेट 0.25% घटाकर 5.25% कर दिया, जो तुरंत लागू हो गया। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि कम मुद्रास्फीति और मजबूत GDP वृद्धि से दरें घटाने का अवसर मिला। चालू वित्त वर्ष 2025–26 के लिए विकास अनुमान 7.3% और मुद्रास्फीति पूर्वानुमान 2% किया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/reserve-banks-gift-to-the-common-man-reduction-in-repo/article-134803"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/rbi1.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बाजार की उम्मीद के मुताबिक रेपो दरों में 0.25 प्रतिशत की कटौती की है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिवसीय बैठक के बाद शुक्रवार को नीतिगत दरों की घोषणा करते हुए कहा कि समिति ने सर्वसम्मति से रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती कर इसे 5.25 प्रतिशत करने का फैसला किया है जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। </p>
<p>उन्होंने बताया कि मुद्रास्फीति निम्नतम स्तर पर बनी हुई है और सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर ऊंची बनी हुई है। इससे केंद्रीय बैंक के पास नीतिगत ब्याज दरों में कटौती का मौका है। आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए विकास दर अनुमान 6.8 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.3 प्रतिशत कर दिया है। साथ ही मुद्रास्फीति का अनुमान घटाकर दो प्रतिशत कर दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Dec 2025 12:07:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत की अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत : जीडीपी वृद्धि अनुमान बढ़ा, मुद्रास्फीति नियंत्रण में, विनिर्माण व सेवा क्षेत्र में होगा विस्तार</title>
                                    <description><![CDATA[वित्त मंत्रालय की सितंबर 2025 रिपोर्ट के अनुसार, जीएसटी सुधार, त्योहार सीजन और मजबूत मांग से आर्थिक गतिविधियां तेज हुई हैं। मुद्रास्फीति 1.7% तक घटी है, जबकि आईएमएफ ने वृद्धि अनुमान 6.6% किया है। निर्यात में 4.4% और सेवा क्षेत्र में 6.1% की वृद्धि दर्ज हुई। आरबीआई की नीतियां और जीएसटी 2.0 से निवेश व रोजगार को बल मिलने की उम्मीद है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/signs-of-improvement-in-indias-economy-gdp-growth-estimate-increased/article-130742"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/y-of-news-(7)8.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। वित्त मंत्रालय की जारी एक मासिक रिपोर्ट में कहा गया है कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी ) सुधारों के कार्यान्वयन और त्योहारी सीज़न के साथ ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मांग की स्थिति मज़बूत होने से देश की आर्थिक गतिविधियों में तेज़ी बनी हुई है। सितंबर, 2025 के लिए इस रिपोर्ट में कहा गया है, मुद्रास्फीति नियंत्रण में  है और खाद्य श्रेणियों में अपस्फीति से इसमें मदद मिली है। वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में खुदरा मुद्रास्फीति घट कर 1.7 प्रतिशत तक आई है। गैर-खाद्य और गैर-ईंधन वस्तुओं की कीमतें स्थिरता  के साथ सितंबर 2025 में मुख्य मुद्रास्फीति (विनिर्मित उत्पाद के वर्ग की) अनुमानित 4.6 प्रतिशत रही।    </p>
<p><strong>आपूर्ति पक्ष में विस्तार : </strong></p>
<p>वित्त मंत्रालय ने कहा कि विनिर्माण और सेवा क्षेत्र ने आपूर्ति पक्ष में अच्छा विस्तार किया है। वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में अनुमान से ज़्यादा वृद्धि और दूसरी तिमाही में लगातार वृद्धि के रुझानों को देखते हुए, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने चालू वित्त वर्ष के वृद्धि के अनुमान को सुधार किया है और इसके  6.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है।</p>
<p><strong>वैश्विक बाजार में मजबूत स्थिति :</strong></p>
<p>रिपोर्ट में देश के वैश्विक व्यापार के संबंध में कहा गया है, अनिश्चितताओं से भरे वैश्विक व्यापार परिदृश्य के बीच, भारत की बाह्य आर्थिक गतिविधियां वर्ष  2025-26 की पहली छमाही में मजबूत बनी हुई हैं। देश के कुल निर्यात में (वस्तुओं और सेवाओं को मिला कर ) चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में सालाना आधार पर 4.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह 413.3 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया।</p>
<p><strong>निर्यात और सेवा क्षेत्र में वृद्धि :</strong></p>
<p>इस दौरान वाणिज्यिक वस्तुओं के निर्यात में जहां तीन प्रतिशत की वृद्धि हुई है, वहीं सेवा निर्यात में 6.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है। इसी अवधि के दौरान, मुख्य वाणिज्यिक वस्तुओं (पेट्रोलियम और रत्न आभूषणों को छोड़ कर) के  निर्यात में एक साल पहले की इसी अवधि से 7.5 प्रतिशत की वृद्धि जारी रही।</p>
<p><strong>आरबीआई की अहम भूमिका :</strong></p>
<p>केंद्रीय बैंक द्वारा हाल ही में किए गए नीतिगत बदलावों की सराहना करते हुए, रिपोर्ट में कहा गया है कि बैंकिंग प्रणाली में पर्याप्त तरलता बनाए रखने के आरबीआई के प्रयासों ने आर्थिक गतिविधियों को और मज़बूत करने के लिए संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।</p>
<p><strong>जीएसटी कटौती से बढ़ावा :</strong></p>
<p>रिपोर्ट में कहा गया है कि जीएसटी 2.0 से सभी क्षेत्रों में उपभोग और निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिससे अर्थव्यवस्था में रोज़गार सृजन को बढ़ावा मिलेगा। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सरकार भारतीय उद्योगों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने के उद्देश्य से अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए भी पहल कर रही है।  </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Oct 2025 11:38:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आर्थिक गतिविधियों में तेजी जारी, वित्त वर्ष 2023-24 में जीडीपी वृद्धि 8.2 प्रतिशत</title>
                                    <description><![CDATA[विनिर्माण और खनन गतिविधियों में आई तेजी के बल पर वित्त वर्ष 2023-24 में भारत 8.2 प्रतिशत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि के साथ दुनिया में सबसे तेजी से बढऩे वाली अर्थव्यवस्था बना गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/economic-activity-continues-to-accelerate-gdp-growth-82-percent-in/article-80061"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/gdp.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। विनिर्माण और खनन गतिविधियों में आई तेजी के बल पर वित्त वर्ष 2023-24 में भारत 8.2 प्रतिशत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि के साथ दुनिया में सबसे तेजी से बढऩे वाली अर्थव्यवस्था बना गया। वित्त वर्ष 2022-23 में 7.0 प्रतिशत की वृद्धि दर रही थी। </p>
<p>मार्च 2024 में समाप्त चौथी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही है जबकि मार्च 2023 में समाप्त तिमाही में यह 6.2 प्रतिशत रही थी। जीडीपी वृद्धि के लगभग सभी अनुमानों को पीछे छोड़ते हुए भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया भर की सभी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं से इस मामले में आगे निकल गयी है।</p>
<p>राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा आज जारी आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2023-24 में नॉमिनल जीडीपी में 9.6 प्रतिशत की वृद्धि दर देखी गई है, जबकि वित्त वर्ष 2022-23 में 14.2 प्रतिशत की वृद्धि दर देखी गई थी। विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियों में इस दौरान 9.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है जबकि पिछले वित्त वर्ष में शून्य से 2.2 प्रतिशत नीचे रहा था। इसी तरह से खान एवं उत्खनन क्षेत्र का प्रदर्शन भी बेहतर रहा है। वित्त वर्ष 2022-23 में यह क्षेत्र 1.9 प्रतिशत की गति से बढ़ा था जो इस वर्ष मार्च में समाप्त तिमाही में बढ़कर 7.1 प्रतिशत पर पहुंच गया। वित्त वर्ष 2022-23 में देश का जीडीपी 16071429 करोड़ रुपये रहा था जो इस वर्ष 8.2 प्रतिशत बढ़कर 17381722 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। </p>
<p>वित्त वर्ष 2023-24 की चौथी तिमाही में वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही है जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह 6.2 प्रतिशत रही थी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 May 2024 18:58:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>RBI ने ब्याज दरों में नहीं किया बदलाव, चालू वित्त वर्ष में 9.5 फीसदी GDP ग्रोथ का जताया अनुमान</title>
                                    <description><![CDATA[आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता में मौद्रिक नीति समिति की शुक्रवार को समाप्त 3 दिवसीय बैठक में सभी नीतिगत दरों को अपरिवर्तित रखने का निर्णय किया गया। रेपो दर को 4 प्रतिशत, रिवर्स रेपो दर को 3.35 प्रतिशत, मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी दर को 4.25 प्रतिशत और बैंक दर को 4.25 प्रतिशत पर स्थिर रखा गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/rbi-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%9C-%E0%A4%A6%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%A6%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%B5--%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%82-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A4-%E0%A4%B5%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B7-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-9-5-%E0%A4%AB%E0%A5%80%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A5%80-gdp-%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A5-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%9C%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%85%E0%A4%A8%E0%A5%81%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8/article-581"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-06/rbi_shaktikanth_das.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने लगातार छठी द्विमासिक बैठक में रेपो दर 4 प्रतिशत पर स्थिर रखने का फैसला किया है, साथ ही अन्य नीतिगत दरों में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की 3 दिवसीय बैठक के बाद आरबीआई गवर्नर शक्तिकांता दास ने बताया कि एमपीसी ने सर्वसम्मति से रेपो दर 4 प्रतिशत पर यथावत बनाए रखने का फैसला किया है। रेपो दर वह दर है जिस पर केंद्रीय बैंक वाणिज्यिक बैंकों को कर्ज देता है। मार्जिनल स्टैंडिंग फेसिलिटी दर तथा बैंक दर 4-4 प्रतिशत पर और रिवर्स रेपो दर 3.35 प्रतिशत पर पूर्ववत रहेंगे। कोविड-19 का संक्रमण ग्रामीण इलाकों में फैलने से चिंतित समिति ने चालू वित्त वर्ष के विकास अनुमान में 1 प्रतिशत की कटौती की है। दास ने कहा कि वित्त वर्ष 2021-22 में वास्तवकि जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) की विकास दर 9.5 प्रतिशत पर रहने का अनुमान है। इससे पहले अप्रैल में जारी बयान में विकास दर अनुमान 10.5 प्रतिशत रखा गया था। साथ ही पेट्रोल-डीजल, दालों और खाद्य तेलों की बढ़ती कीमतों के मद्देनजर महंगाई अनुमान बढ़ाया गया है। <br /> <br /> आरबीआई गवर्नर ने बताया कि समिति ने सर्वसम्मति से यह भी तय किया है कि केंद्रीय बैंक अपना रुख ब्याज दरों में कटौती के लिए अनुकूल बनाए रखेगा यानी जब भी जरूरत होगी वह रेपो दर में कटौती के लिए तैयार रहेगा। दास ने कहा कि एमपीसी की अप्रैल की बैठक के बाद से कोविड-19 की दूसरी लहर कई राज्यों में फैल चुकी है। संक्रमण छोटे शहरों और गांवों में भी फैल चुका है। वित्त वर्ष 2020-21 में जीडीपी में 7.3 प्रतिशत की गिरावट रही है। गांवों में संक्रमण फैलने और शहरी मांग कम होने से गिरावट का जोखिम है। दूसरी ओर, सामान्य मानसून का पूर्वानुमान, कारोबारियों के मौजूदा परिस्थितियों के हिसाब से खुद को ढालने और वैश्विक स्तर पर आर्थिक गतिविधियों में सुधार से घरेलू अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।<br /> <br /> उन्होंने कहा कि महामारी के परिप्रेक्ष्य में इस बात का सही-सही अनुमान लगाना कठिन है कि अर्थव्यवस्था कब गति पकड़ेगी और मजबूत होगी। इन अनिश्चितताओं के बीच रिजर्व बैंक दीर्घावधि विकास के सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव उपाय करेगा। महामारी से लड़ाई में वित्तीय तंत्र की मजबूती काफी महत्त्वपूर्ण है। आरबीआई वित्तीय क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए अनुकूल माहौल प्रदान करने के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 04 Jun 2021 12:35:56 +0530</pubDate>
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                <title>कांग्रेस ने मोदी सरकार पर साधा निशाना, कहा- आर्थिक कुप्रबंधन के कारण चौपट हुई देश की अर्थव्यवस्था</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस ने मौजूदा आर्थिक हालत के लिए कोरोना को भी एक कारण बताया लेकिन कहा कि अर्थव्यवस्था में जबरदस्त गिरावट की सबसे बड़ी वजह भाजपा सरकार का आर्थिक कुप्रबंधन है जिसके कारण देश की अर्थव्यवस्था चौपट हो गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B8-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A7%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%BE--%E0%A4%95%E0%A4%B9%E0%A4%BE--%E0%A4%86%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A7%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A3-%E0%A4%9A%E0%A5%8C%E0%A4%AA%E0%A4%9F-%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%88-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%85%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%B5%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%B5%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BE/article-537"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-06/e2ycviwwqamn9sb.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने मौजूदा आर्थिक हालत के लिए कोरोना को भी एक कारण बताया लेकिन कहा कि अर्थव्यवस्था में जबरदस्त गिरावट की सबसे बड़ी वजह भाजपा सरकार का आर्थिक कुप्रबंधन है जिसके कारण देश की अर्थव्यवस्था चौपट हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि देश की मौजूदा स्थिति के लिए कोरोना नि:संदेह एक कारण है, लेकिन सरकार के आर्थिक जानकारों की सलाह को ठुकराना और मनमाने निर्णय लेना इस आर्थिक संकट की बड़ी वजह है। उन्होंने कहा कि सरकार ने आर्थिक क्षेत्र से जुड़े प्रतिष्ठित संस्थानों और विशेषज्ञों की राय को महत्व नहीं दिया और कोरोना काल में आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाए रखने के लिए जो वैश्विक अनुभव थे, उनको नजरअंदाज किया है। उसने लोगों को नकद पैसा देने का सुझाव भी खारिज किया और जो आर्थिक पैकेज लाई वह भी निष्प्रभावी रहा।<br /> <br /> चिदंबरम ने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि देश के आर्थिक हालात दुरुस्त करने के लिए कांग्रेस ने गरीबों को नकद पैसा देने का जो सुझाव सरकार को दिया था, उन्हें देश के दो महत्वपूर्ण वाणिज्यिक संगठनों सीआईआई तथा फिक्की ने भी सही बताया है। चिदंबरम ने कहा कि देश के आर्थिक हालत लगातार बिगड़ रहे हैं और सरकार विपक्ष तथा विशेषज्ञों की सलाह नहीं मान रही है। सबसे चिंता की बात यह है कि प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की दर एक लाख से घटकर 99694 पर आ गई है। उन्होंने कहा कि देश में रोजगार टूट गया है और बेरोजगारी चरम पर है। उनका कहना था कि अजीज प्रेमजी विश्वविद्यालय की एक रिपोर्ट के अनुसार 23 करोड़ लोग गरीबी रेखा से नीचे पहुंच गए है।<br /> <br /> कांग्रेस नेता ने कहा कि देश की जीडीपी में 7.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज किया जाना चिंता की बात है। देश में यह आर्थिक दर चार दशक में सबसे निचले स्तर पर है। उन्होंने कोराना को हराने के लिए टीकाकरण को जरूरी बताया और कहा कि गरीबों को नकद पैसा दिए बिना और सबका निशुल्क टीकाकरण किए बिना हालात में सुधार नहीं हो सकते। उनका कहना था कि टीके की बहुत कमी है और यही वजह है कि तमिलनाडु सरकार ने आधिकारिक रूप से टीकाकरण कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया है। झारखंड सरकार ने पैसे की कमी का हवाला देते हुए टीकाकरण करने में असमर्थता जताई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 01 Jun 2021 16:49:18 +0530</pubDate>
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