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                <title>P Chidambaram - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>P Chidambaram RSS Feed</description>
                
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                <title>चिदंबरम के बयान पर सुधांशु त्रिवेदी का पलटवार, बोले- सिर्फ 24 घंटे में ही सामने आ गया किसके दिमाग में हैं ‘नक्सल’</title>
                                    <description><![CDATA[भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण का हवाला देते हुए पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम के बयान पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि संप्रग शासन में नक्सलवाद बढ़ा था, जबकि मोदी सरकार ने इस खतरे को निर्णायक रूप से नियंत्रित कर विकास की मुख्यधारा स्थापित की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/bjps-attack-on-the-opposition-came-to-light-in-just/article-163127"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/sudansu.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। ‘दिमागी नक्सल’ के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस नेता एवं पूर्व गृहमंत्री पी. चिदंबरम पर निशाना साधा और कहा है कि महज 24 घंटे में ही सामने आ गया कि किसके दिमाग में ‘नक्सल’ है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने सोमवार को पार्टी मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ‘दिमागी नक्सल’ का महत्वपूर्ण विषय उठाया था, जो आज के संदर्भ में बेहद प्रासंगिक है।</p>
<p>उन्होंने चिदंबरम पर निशाना साधते हुए कहा, “हमें हैरानी इस बात की हुई कि सिर्फ़ 24 घंटे के भीतर ही, जिस व्यक्ति के मन में नक्सली विचार थे, वे खुद सामने आ गये। चिदंबरम खुद सामने आये और कहा कि उन्हें ‘दिमागी माओवादी’ होने पर गर्व है।” उन्होंने कहा कि कितनी हैरानी की बात है कि प्रधानमंत्री ने बात कही और इतनी तेज़ी से प्रतिक्रिया हुई तथा पूरे देश के सामने यह बात आ गयी कि किसके मन में माओवादी विचार पल रहे हैं, और वह खुद इस पर गर्व महसूस करने लगे।</p>
<p>भाजपा प्रवक्ता ने कहा, “मैं कांग्रेस और चिदंबरम को बताना चाहता हूं कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने 13 अप्रैल, 2006 को कहा था कि यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि नक्सली खतरा भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए अब तक का सबसे बड़ा खतरा है।” उन्होंने कहा कि जिस नक्सलवाद को कांग्रेस सरकारें खत्म करने में नाकाम रहीं, उसे मोदी के नेतृत्व में निर्णायक रूप से काबू में किया गया। त्रिवेदी ने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के शासनकाल में पशुपति से तिरुपति तक 'रेड कॉरिडोर' बन गया था, 180 से ज़्यादा ज़िले नक्सलवाद से प्रभावित थे, 2010 में दंतेवाड़ा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 75-76 जवान शहीद हुए थे, और उसके बाद राजधानी के एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में जश्न मनाया गया था। दिमागी दिवालिया हो चुके नक्सलियों के साथ ऐसा ही होता है। चिदंबरम के कार्यकाल में सीआरपीएफ के जवान शहीद हुए और वहां जश्न मनाया गया। इसी को ‘दिमागी नक्सल’ कहते हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि संप्रग के शासनकाल में नक्सल विरोधी अभियानों में 1,913 जवान शहीद हुए। 180 ज़िले नक्सल प्रभावित हो गये थे। चिदंबरम के कार्यकाल में 5,000 से ज़्यादा बेगुनाह नागरिक मारे गये। नक्सलियों के पास 92 प्रतिशत से ज़्यादा हथियार ऐसे थे, जो पुलिस से लूटे गये थे। उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में उस इलाके में 1,800 से ज़्यादा बैंक शाखाएं खुली हैं, 1,200 से ज़्यादा एटीएम लगाये गये हैं और छह हज़ार से ज़्यादा मोबाइल फोन टावर लगाये गये हैं, ताकि वे लोग देश की मुख्यधारा के साथ विकास कर सकें। भाजपा प्रवक्ता ने बताया कि 22 लाख लोगों को आयुष्मान भारत कार्ड दिये गये हैं। जिसे यह दृश्य आपत्तिजनक लगता है, वह मानसिक नक्सली है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 14:43:34 +0530</pubDate>
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                <title>विपक्ष ने बजट में पूंजीगत व्यय और राज्यों के आवंटन में कमी पर सरकार को घेरा, सत्ता पक्ष बोला यह देश की आकांक्षाओं को करेगा पूरा</title>
                                    <description><![CDATA[राज्यसभा में बजट पर विपक्ष ने कटौती, बेरोजगारी पर सवाल उठाए, जबकि सत्तापक्ष ने इसे विकसित भारत की दिशा में जनआकांक्षाओं को पूरा करने वाला बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-opposition-cornered-the-government-on-the-lack-of-capital/article-142525"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(24).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राज्यसभा में आम बजट को लेकर सोमवार को विपक्ष और सत्ता पक्ष ने अपनी- अपनी दलीलें दी जिसमें विपक्षी दलों ने जहां बजट में पूंजीगत व्यय, मंत्रालयों और राज्यों के आवंटन में कमी तथा पिछले वादों को पूरा नहीं करने का मुद्दा उठाया वहीं सत्ता पक्ष ने इसे लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने तथा देश को विकसित भारत की ओर तेजी से आगे बढाने वाला बजट करार दिया। पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदम्बरम ने बजट पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि बजट में पूंजीगत व्यय के साथ-साथ रक्षा, ग्रामीण क्षेत्रों, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, शहरी आवास और सामाजिक कल्याण के आवंटन में कमी की गयी है। उन्होंने मुख्य रूप से पूंजीगत निवेश में कमी, बढती बेरोजगारी और धीमी विकास दर को लेकर सरकार को घेरते हुए कटाक्ष किया कि उसकी रिफॉर्म एक्सप्रेस पटरी से उतर गयी है। उन्होंने कहा कि बजट में आर्थिक सर्वेक्षण में बयान की गयी हकीकतों की अनदेखी की गयी है।</p>
<p>बजट पर अपनी सटीक प्रतिक्रिया करते हुए उन्होंने कहा, यह बजट सतर्क है, कंजूस है और बीते वर्ष को भुला देने वाला है,यह जल्द ही परिदृश्य से ग़ायब हो जाएगा। यह अखबारों से भी ग़ायब हो चुका है और किसी और सौदे तथा किसी और मंत्री ने सुर्खयिाँ घेर ली है। यह एक भुला दिए जाने वाला बजट है, जिसे एक ऐसी वित्त मंत्री ने तैयार किया है जिसने पिछले साल सदन में किए गए अपने वादों को भुला दिया। </p>
<p>चिदम्बरम ने कहा कि देश में बेरोजगारी की दर 15 प्रतिशत पहुंच गयी है और 25 प्रतिशत से भी कम कार्यबल के पास नियमित रोजगार है। लोगों को अपने काम करने की ओर रुख करना पड़ रहा है।  प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 2024-24 में बहुत अधिक घट गया है और निजी निवेश भी 22 प्रतिशत पर आ गया है। उन्होंने कहा कि निवेश नहीं आने के बावजूद सरकार ने पूंजीगत व्यय में 44 लाख करोड़ की कमी की है। </p>
<p>कांग्रेस सदस्य ने कहा कि कुल मिलाकर देखें तो सरकार ने पूंजीगत खर्च में एक लाख करोड़ रुपये की कमी लेकिन रिजर्व बैंक ने ही तीन लाख करोड़ रुपये का लाभांश दिया है तो फिर यह कमी क्यों की गयी। उन्होंने कहा कि अजीब स्थिति है कि निवेश भी नहीं आ रहा है और सरकार भी पूंजीगत खर्च कम रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों के लिए पैसे का आवंटन कम कर दिया है। जल जीवन मिशन में पिछले वर्ष केवल 17 हजार करोड रुपये का खर्च किया गया है और इस बार सरकार ने 50 हजार करोड़ रुपये की कमी कर दी। उन्होंने कहा कि राज्यों को दी जाने वाली राशि में </p>
<p>33 हजार करोड़ रुपये की कमी की गयी है। सदस्य ने कहा कि रक्षा क्षेत्र का बजट जीडीपी का 1.6 प्रतिशत है जो काफी कम है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी के बजट में भी कमी की गई है। चिदम्बरम ने कहा कि बायो फार्मा क्षेत्र के लिए बजट में पांच वर्ष के लिए दस हजार करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है जिसमें से आगामी वित्त वर्ष के लिए केवल 500 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।</p>
<p>सत्तापक्ष के अरूण सिंह ने कहा कि विपक्ष आलोचना करते समय इस बात को भूल जाता है कि उसके समय में बजट के लिए किया जाने वाला आवंटन अब 16. 6 करोड से बढकर 53.5 लाख करोड रुपये पहुंच गया है जो तीन गुना बढा है। उन्होंने कहा कि यह देश के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने वाला तथा विकसित भारत के लिए आर्थिक प्रगति को तेज करने का संकल्प दिखता है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि बजट में पूंजीगत खर्च के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। वित्तीय घाटे का 4.3 प्रतिशत का लक्ष्य सराहनीय है और उसे देखते हुए पूंजीगत खर्च को धीरे धीरे बढाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूंजीगत खर्च बढकर बजट का 22.8 प्रतिशत पहुंच गया है जो कांग्रेस के समय 6.7 प्रतिशत था। </p>
<p>सत्तापक्ष के नेता ने कहा कि सरकार की नीतियों और सुधार प्रक्रिया से लोगों का उस पर भरोसा बढा है और आयकर रिटर्न भरने वालों की संख्या कांग्रेस के समय के चार करोड से बढकर नौ करोड़ पहुंच गयी है। उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में और मोबाइल के क्षेत्र में निर्यात निरंतर बढ रहा है। इलेक्ट्रानिक्स के क्षेत्र में भी निर्यात पहले की तुलना में तीन गुना बढा है। उन्होंने कहा कि चालू खाते का घाटा भी जल्दी ही सरपल्स पर चला जायेगा। साथ ही विदेशी मुद्रा भंडार लगातार बढ रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि भारत ने दुनिया के सबसे बड़े देशों के साथ व्यापार समझौते किये हैं जिससे भारत के प्रति बढते विश्वास का पता चलता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकारों में महंगाई की दर 9.4 प्रतिशत थी जो अब 2.4 प्रतिशत से भी कम है। बजट में आवास क्षेत्र के लिए 85 हजार करोड का बजट आवंटित किया गया है। किसानों और गरीबों का आर्थिक सशक्तीकरण किया जा रहा है। विपक्ष की आलोचना का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि इस बार विकसित भारत जी राम जी का बजट 42 प्रतिशत बढाकर 1 लाख 25 हजार करोड़ रुपये किया गया है। </p>
<p>तृणमूल कांग्रेस की सुष्मिता देव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह बजट आम आदमी से जुड़े मुद्दों पर पूरी तरह खामोश है। उन्होंने सवाल किया कि जब राज्यों का बजट कम किया जायेगा तो देश विकास कैसे करेगा। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि उसके छह बजट बिना जनगणना के लाये गये हैं ऐसे में इन बजटों के आवंटन को कैसे सही माना जा सकता है। उन्होंने जनगणना में स्व गणना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने यह काम कोविड के समय जनगणना रोकने के बजाय उस समय क्यों नहीं किया। </p>
<p>उन्होंने जन धन योजना के 13 करोड़ खाते बंद किये जाने का उल्लेख करते हुए सरकार के 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर करने के दावों पर भी सवाल उठाया। सदस्य ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भारत के विकास और जीडीपी के आंकड़ों को लेकर बेस ईयर पर सवाल उठाया है लेकिन सरकार पर इसका असर नहीं है। बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने कितने युवाओं को रोजगार दिया इसकी संख्या कभी नहीं बतायी जाती। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में बेरोजगारी 40 प्रतिशत कम हुई है। उन्होंने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि इनसे रुपया गिर रहा है। </p>
<p>तृणमूल नेता ने राज्यों के साथ भेदभाव का सवाल उठाते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल का दो लाख करोड़ रुपया रोका गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्य का मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना का सबसे अधिक पैसा रोका हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर के नाम पर राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) ला रही है।</p>
<p>द्रमुक के पी विल्सन ने कहा कि भारत का कर्ज निरंतर बढ रहा है और इस चक्रव्यूह से बाहर निकलने तथा कर्ज को कम करने की कोई योजना नहीं दिखाई देती। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर आशंकाओं को दूर नहीं किया जा रहा है । उन्होंने कहा कि भारत ने इस समझौते में अमेरिका से 500 अरब डालर की खरीद की प्रतिबद्धता जतायी है। इसे एकतरफा समझौता बताते हुए उन्होंने कहा कि भारत जीरो टैरिफ लगा रहा है तो अमेरिका की ओर से 18 प्रतिशत टैरिफ क्यों लगाया जा रहा है। उन्होंने कर धोखाधड़ी कर विदेश भागने वाले भगोड़ों को जल्द देश लाये जाने की मांग की। </p>
<p>उन्होंने कहा कि सरकार अमृत और स्मार्ट सिटी के लिए बजट को नहीं बढा रही है और किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के अपने वादे को भी पूरा नहीं कर रही। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 18:50:41 +0530</pubDate>
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                <title>राज्यपाल शक्तियों का उल्लंघन कर लोकतंत्र को कुचल रहे है : चिदंबरम</title>
                                    <description><![CDATA[चिदंबरम ने आज ट्वीट श्रृखंला में कहा कि वास्तव में जब एक राज्यपाल बिना किसी वैध कारण के सहमति को रोक लेता है तो इसका अर्थ है संसदीय लोकतंत्र मर चुका है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/chidambaram-is-crushing-democracy-by-violating-governors-powers/article-42095"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/download2.jpg" alt=""></a><br /><p>चेन्नई। वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री पी.चिदंबरम ने शुक्रवार को कहा कि तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन.रवि अपनी शक्तियों का उल्लंघन कर लोकतंत्र को कुचल रहे है। चिदंबरम ने आज ट्वीट श्रृखंला में कहा कि वास्तव में जब एक राज्यपाल बिना किसी वैध कारण के सहमति को रोक लेता है तो इसका अर्थ है संसदीय लोकतंत्र मर चुका है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल विधेयक को मंजूरी देने या रोकने या वापस करने के लिए बाध्य है। अगर विधेयक फिर से पारित हो जाता है, तो राज्यपाल सहमति देने के लिए बाध्य है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल महज संवैधानिक प्रमुख है, उनकी शक्तियां सीमित है, अधिकतर मामलों में उसके पास कोई अधिकार नहीं है।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि राज्यपाल रवि ने टिप्पणी जिसमें उन्होंने कहा था कि राज्य विधानमंडल द्वारा पारित विधेयकों पर सहमित दे या रोक दे उनके विवेक पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद की सलाह पर काम करने के लिए बाध्य हैं। उन्होंने कहा कि वास्तव में जब कोई राज्यपाल बिना किसी वैध कारण के सहमति वापस लेता है, तो इसका मतलब है संसदीय लोकतंत्र मर चुका है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा नियुक्त राज्यपाल अपनी शक्तियों का उल्लंघन कर लोकतंत्र पर कुठाराघात कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Fri, 07 Apr 2023 20:47:14 +0530</pubDate>
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                <title>वैश्विक महामारी तथा लोकतंत्र के समक्ष चुनौतियों पर सेमिनार, चिदंबरम ने वैक्सीनेशन को लेकर केंद्र पर कसा तंज</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को वैश्विक महामारी तथा लोकतंत्र के समक्ष चुनौतियों पर एक दिवसीय सेमिनार आयोजित किया गया है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B5%E0%A5%88%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%A4%E0%A4%A5%E0%A4%BE-%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%95%E0%A4%A4%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7-%E0%A4%9A%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A5%8C%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%B0--%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A6%E0%A4%82%E0%A4%AC%E0%A4%B0%E0%A4%AE-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B5%E0%A5%88%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%B8%E0%A4%BE-%E0%A4%A4%E0%A4%82%E0%A4%9C/article-1151"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-07/e6zayhkviaizq3e.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को वैश्विक महामारी तथा लोकतंत्र के समक्ष चुनौतियों पर एक दिवसीय सेमिनार आयोजित किया गया है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। राष्ट्रमंडल संसदीय संघ राजस्थान के तत्वाधान में दो सत्रों में यह सेमिनार आयोजित हुआ। सेमिनार में अपने संबोधन में चिदंबरम ने कहा कि सेंट्रलाइजेशन से महामारी में कई समस्याओं का सामना करना पड़ा। नेशनलाइजेशन ऑफ वैक्सीनेशन यह भी दुनिया के सामने एक परेशानी बनी। कई विकसित राष्ट्र वैक्सीन का स्टोर कर गए और कई छोटे राष्ट्र वैक्सीन को तरस गए।<br /> <br /> चिदंबरम ने अमेरिका, जापान, ब्रिटेन का जिक्र किया और कहा कि भूटान जैसा छोटा देश वैक्सीन के लिए परेशान हो रहा है, जो दुनिया के सामने एक अलग तरह की चुनौती है। चिदंबरम ने सेंट्रलाइजेशन को लेकर इनडायरेक्टली केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि हमने विदेशी वैक्सीन की कोई पहल नहीं की और देश में वैक्सीन खरीद की प्रक्रिया धीमी रही। चिदंबरम ने कहा कि अभी भी इसमें विलंब नहीं होना चाहिए। कांग्रेस नेता ने चीन, रूस और अमेरिका में वैक्सीनेशन का भी जिक्र किया। उन्होंने आर्थिक मुद्दे पर कहा कि महामारी ने दुनिया के सामने आर्थिक चुनौतियां भी पैदा कर दी हैं, इसमें गरीब और गरीब हो रहा है और पैसे वाला और भी पैसे वाला। इस मौके पर चिदंबरम और गुलाबचंद कटारिया ने राजस्थान सरकार के महामारी में किए गए काम की तारीफ भी की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 16 Jul 2021 16:03:35 +0530</pubDate>
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                <title>कांग्रेस ने मोदी सरकार पर साधा निशाना, कहा- आर्थिक कुप्रबंधन के कारण चौपट हुई देश की अर्थव्यवस्था</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस ने मौजूदा आर्थिक हालत के लिए कोरोना को भी एक कारण बताया लेकिन कहा कि अर्थव्यवस्था में जबरदस्त गिरावट की सबसे बड़ी वजह भाजपा सरकार का आर्थिक कुप्रबंधन है जिसके कारण देश की अर्थव्यवस्था चौपट हो गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B8-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A7%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%BE--%E0%A4%95%E0%A4%B9%E0%A4%BE--%E0%A4%86%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A7%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A3-%E0%A4%9A%E0%A5%8C%E0%A4%AA%E0%A4%9F-%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%88-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%85%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%B5%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%B5%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BE/article-537"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-06/e2ycviwwqamn9sb.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने मौजूदा आर्थिक हालत के लिए कोरोना को भी एक कारण बताया लेकिन कहा कि अर्थव्यवस्था में जबरदस्त गिरावट की सबसे बड़ी वजह भाजपा सरकार का आर्थिक कुप्रबंधन है जिसके कारण देश की अर्थव्यवस्था चौपट हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि देश की मौजूदा स्थिति के लिए कोरोना नि:संदेह एक कारण है, लेकिन सरकार के आर्थिक जानकारों की सलाह को ठुकराना और मनमाने निर्णय लेना इस आर्थिक संकट की बड़ी वजह है। उन्होंने कहा कि सरकार ने आर्थिक क्षेत्र से जुड़े प्रतिष्ठित संस्थानों और विशेषज्ञों की राय को महत्व नहीं दिया और कोरोना काल में आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाए रखने के लिए जो वैश्विक अनुभव थे, उनको नजरअंदाज किया है। उसने लोगों को नकद पैसा देने का सुझाव भी खारिज किया और जो आर्थिक पैकेज लाई वह भी निष्प्रभावी रहा।<br /> <br /> चिदंबरम ने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि देश के आर्थिक हालात दुरुस्त करने के लिए कांग्रेस ने गरीबों को नकद पैसा देने का जो सुझाव सरकार को दिया था, उन्हें देश के दो महत्वपूर्ण वाणिज्यिक संगठनों सीआईआई तथा फिक्की ने भी सही बताया है। चिदंबरम ने कहा कि देश के आर्थिक हालत लगातार बिगड़ रहे हैं और सरकार विपक्ष तथा विशेषज्ञों की सलाह नहीं मान रही है। सबसे चिंता की बात यह है कि प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की दर एक लाख से घटकर 99694 पर आ गई है। उन्होंने कहा कि देश में रोजगार टूट गया है और बेरोजगारी चरम पर है। उनका कहना था कि अजीज प्रेमजी विश्वविद्यालय की एक रिपोर्ट के अनुसार 23 करोड़ लोग गरीबी रेखा से नीचे पहुंच गए है।<br /> <br /> कांग्रेस नेता ने कहा कि देश की जीडीपी में 7.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज किया जाना चिंता की बात है। देश में यह आर्थिक दर चार दशक में सबसे निचले स्तर पर है। उन्होंने कोराना को हराने के लिए टीकाकरण को जरूरी बताया और कहा कि गरीबों को नकद पैसा दिए बिना और सबका निशुल्क टीकाकरण किए बिना हालात में सुधार नहीं हो सकते। उनका कहना था कि टीके की बहुत कमी है और यही वजह है कि तमिलनाडु सरकार ने आधिकारिक रूप से टीकाकरण कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया है। झारखंड सरकार ने पैसे की कमी का हवाला देते हुए टीकाकरण करने में असमर्थता जताई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 01 Jun 2021 16:49:18 +0530</pubDate>
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