<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/olympiad/tag-20189" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>olympiad - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/20189/rss</link>
                <description>olympiad RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पीडब्ल्यूवाला के छात्र संचीत पटेल अंतरराष्ट्रीय जूनियर साइंस ओलंपियाड में करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व</title>
                                    <description><![CDATA[संचीत पटेल का चयन इंटरनेशनल जूनियर साइंस ओलंपियाड के लिए भारतीय टीम में हुआ। बुल्गारिया के सोफिया में आयोजित होने वाली इस वैश्विक प्रतियोगिता के लिए देश से केवल 6 सर्वश्रेष्ठ छात्र चुने गए । अलख पांडे ने संचीत को इस ऐतिहासिक गौरवपूर्ण उपलब्धि पर बधाई दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/sanchit-patel-student-of-pwwala-vidyapeeth-will-represent-india-in/article-155247"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)-(2)1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। शिक्षा कंपनी पीडब्ल्यूवाला के ऑफलाइन विद्यापीठ सेंटर के साथ-साथ ऑनलाइन कोर्सेज के छात्र, संचीत पटेल ने अपनी शानदार शैक्षणिक मेहनत और निरंतर समर्पण के दम पर आगामी इंटरनेशनल जूनियर साइंस ओलंपियाड के लिए भारतीय टीम में स्थान हासिल किया है। यह प्रतियोगिता इस वर्ष बुल्गारिया की राजधानी सोफिया में आयोजित की जाएगी। संचीत उन चुनिंदा छात्रों में शामिल हैं जिन्हें वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला है। राष्ट्रीय स्तर पर इस टीम में केवल 6 छात्रों का चयन किया जाता है।</p>
<p>संचीत की तैयारी का सफर लगातार सीखने, अभ्यास और कठिन परिश्रम से भरा रहा। उन्होंने शुरुआती फाउंडेशन बैचों से अपनी तैयारी शुरू की और धीरे-धीरे एडवांस्ड कॉन्सेप्ट क्लासेस, क्वालिफायर बैचों और इंटेंसिव ट्रेनिंग कैंप्स तक पहुँचे। लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए उन्होंने चयन की सभी कठिन प्रक्रियाएँ सफलतापूर्वक पार कीं और आखिरकार टीम इंडिया में अपनी जगह बनाई। संचीत अपने परिवार से काफी प्रेरित रहे हैं। उनके पिता सशस्त्र बलों के पूर्व सैनिक हैं और उनकी माता गृहिणी हैं।</p>
<p>संचीत पटेल ने कहा, “राष्ट्रीय स्तर पर विज्ञान प्रतियोगिता में हिस्सा लेना चुनौतीपूर्ण होने के साथ-साथ बेहद प्रेरणादायक अनुभव भी रहा। फिज़िक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी जैसे विषयों को एक साथ संतुलित करना काफी मेहनत और एकाग्रता मांगता है। इस उपलब्धि का सबसे बड़ा श्रेय मैं अपने माता-पिता को देता हूँ, जिनके निरंतर समर्थन ने मुझे हमेशा प्रेरित किया। साथ ही मैं पीडब्ल्यू का भी दिल से धन्यवाद करता हूँ। शुरुआती बैचों से लेकर अंतिम कैंप तक शिक्षकों ने कठिन कॉन्सेप्ट्स को बेहद सरल तरीके से समझाया। उन्होंने मुझे आत्मविश्वास और गहरी समझ दी, जिसकी बदौलत मैं इस स्तर तक पहुँच सका।”</p>
<p>पीडब्ल्यू के संस्थापक एवं सीईओ,अलख पांडे ने कहा,“संचीत की सफलता इस बात का प्रमाण है कि सही मार्गदर्शन और मजबूत इरादों के साथ कोई भी छात्र बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकता है। आईजेएसओ जैसे प्रतिष्ठित मंच तक पहुँचने के लिए जिस समर्पण और मेहनत की आवश्यकता होती है, संचीत ने उसे पूरी लगन से साबित किया है। हम उन्हें इस शानदार उपलब्धि के लिए बधाई देते हैं और वैश्विक मंच पर उनके उज्ज्वल प्रदर्शन की कामना करते हैं।”</p>
<p>जूनियर साइंस ओलंपियाड की चयन प्रक्रिया बेहद प्रतिस्पर्धी और चुनौतीपूर्ण होती है। इसकी शुरुआत नेशनल स्टैंडर्ड एग्ज़ामिनेशन इन जूनियर साइंस से होती है, जिसमें देशभर के हजारों छात्र हिस्सा लेते हैं। इसके बाद केवल लगभग 300–350 छात्रों का चयन अगले चरण इंडियन नेशनल जूनियर साइंस ओलंपियाड के लिए किया जाता है। इस स्तर पर गहन विश्लेषणात्मक क्षमता का परीक्षण होता है और अंततः लगभग 35 छात्र चुने जाते हैं। इसके बाद होमी भाभा सेंटर फॉर साइंस एजुकेशन द्वारा आयोजित ओरिएंटेशन-कम-सेलेक्शन कैंप में अंतिम चयन प्रक्रिया होती है, जहाँ से सिर्फ 4 से 6 छात्रों की टीम भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुनी जाती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/sanchit-patel-student-of-pwwala-vidyapeeth-will-represent-india-in/article-155247</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/sanchit-patel-student-of-pwwala-vidyapeeth-will-represent-india-in/article-155247</guid>
                <pubDate>Wed, 27 May 2026 16:51:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/1200-x-60-px%29-%28youtube-thumbnail%29-%282%291.png"                         length="1094267"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आनंद ने मां को याद कर सुनाई पहले ओलंपियाड की कहानी</title>
                                    <description><![CDATA[पांच बार के विश्व शतरंज चैंपियन विश्वनाथन आनंद ने रविवार को मदर्स डे पर अपनी मां के बारे में एक कहानी साझा करते हुए उन्हें याद किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/sports-news--anand-narrated-the-story-of-the-first-olympiad-by-remembering-his-mother/article-9406"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/viswanathan-anand.jpg" alt=""></a><br /><p>चेन्नई। पांच बार के विश्व शतरंज चैंपियन विश्वनाथन आनंद ने रविवार को मदर्स डे पर अपनी मां के बारे में एक कहानी साझा करते हुए उन्हें याद किया। भारतीय ग्रैंडमास्टर आनंद की मां सुशीला आनंद ने उन्हें शतरंज से रूबरू कराया और उनके दिल में इस खेल के लिए प्रेम जगाया। जब आनंद ने शतरंज प्रतियोगिताओं में भाग लेना शुरू किया तो उनकी मां उनके साथ जाया करती थीं और यह सुनिश्चित करती थीं कि उनका ध्यान खेल से न भटके।<br /><br /><strong>बड़े खिलाड़ियों को देखकर चकित रह गया</strong> <br />आनंद ने अपनी मां की इसी आदत से जुड़ी 1984 में यूनान के थेसालोनिकी में हुई एक घटना साझा की। वह उस समय 14 साल के थे। उन्होंने कहा, मैंने एक साल पहले ही अपनी अंतरराष्ट्रीय रेटिंग हासिल की थी और मैं ओलंपियाड में सारे बड़े खिलाड़ियों को देखकर चकित रह गया था। <br /><br /><strong>शतरंज सामग्री और खेलों तक पहुंच सीमित थी</strong> <br />आनंद ने बताया कि सोवियत संघ तब अनातोली कारपोव और गैरी कास्परोव की अनुपस्थिति के बावजूद अपराजेय था। उन दिनों शतरंज सामग्री और खेलों तक पहुंच बहुत सीमित थी और एकमात्र स्रोत अलेक्जेंडर मटानोविक और मिलिवोजे मोलेरोविक द्वारा स्थापित चेस इन्फोर्मेंट था जिसने एक या दो संस्करणों में एक वर्ष में खेले जाने वाले सभी शीर्ष खेलों की सूचना प्रकाशित की थी। <br />मेरी इच्छा थी कि मेरा एक खेल इन्फोर्मेंट में प्रकाशित हो  : आनंद ने कहा, उस समय, मेरी इच्छा थी कि मेरा कम से कम एक खेल इन्फोर्मेंट में प्रकाशित हो। मुझे याद है कि एक बार कार्यक्रम स्थल पर मैं अपनी मां को दिखाने के लिए इन्फोर्मेंट के प्रभारी व्यक्ति की ओर इशारा कर रहा था। मेरे मैच के लिए जाने के बाद, माँ ने जाकर प्रभारी व्यक्ति से मुलाकात की  और कहा कि वह चाहती हैं कि उनके बेटे का एक खेल इन्फोर्मेंट में प्रकाशित  हो। <br /><br /><strong>...और वह मना नहीं कर पाएं</strong><br />प्रभारी ने बताया कि कई खिलाड़ियों ने अपने खेलों को इन्फोर्मेंट में शामिल करने का अनुरोध किया था, लेकिन यह पहली बार था कि एक माँ ने आकर अपने बेटे के खेल को शामिल करने की सिफारिश की हो, और वह मना नहीं कर पाये!</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/khel/sports-news--anand-narrated-the-story-of-the-first-olympiad-by-remembering-his-mother/article-9406</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/khel/sports-news--anand-narrated-the-story-of-the-first-olympiad-by-remembering-his-mother/article-9406</guid>
                <pubDate>Mon, 09 May 2022 12:51:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-05/viswanathan-anand.jpg"                         length="42301"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        