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                <title>warship - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>तुर्की ने मालदीव को सौंपा सबसे बड़ा नौसैनिक युद्धपोत धरुमावंथा, हरपून मिसाइलों से है लैस</title>
                                    <description><![CDATA[तुर्की ने मालदीव को सबसे बड़ा नौसैनिक युद्धपोत सौंपा है। इसके साथ ही तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन के हिंद महासागर की साजिश का बड़ा खुलासा हो गया है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/turkey-is-equipped-with-the-biggest-naval-warship-dharumavantha-harpoon/article-123907"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/oer-(1)11.png" alt=""></a><br /><p>माले। तुर्की ने मालदीव को सबसे बड़ा नौसैनिक युद्धपोत सौंपा है। इसके साथ ही तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन के हिंद महासागर की साजिश का बड़ा खुलासा हो गया है। तुर्की ने युद्धपोत, जिसका नाम धरुमावंथा रखा गया है, वो हिंद महासागर में तुर्की की नौसेना की ताकत को बढ़ाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक ये युद्धपोत काफी तेज रफ्तार से हमला करने की क्षमता रखता है। मालदीव की राजधानी माले के नजदीक हुलहुमाले क्षेत्र में शुक्रवार रात आयोजित एक समारोह के दौरान राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद मुइज्जू, रक्षा मंत्री गस्सान मौमून और तुर्की नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में इस पोत को कमीशन किया गया है।</p>
<p>इस दौरान मालदीव के रक्षा मंत्री गस्सान मौमून ने अपने संबोधन में कहा कि ये युद्धपोत, मालदीव की नौसैनिक क्षमता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने 1980 में कोस्टगार्ड की स्थापना से अब तक हुई डेवलपमेंट का भी जिक्र किया और उन सभी को धन्यवाद दिया जिन्होंने इस बेड़े को मजबूत बनाने में योगदान दिया। मालदीव के रक्षा प्रमुख इब्राहीम हिल्मी ने भी कहा कि राष्ट्रपति मुइज्जू का वादा धीरे-धीरे पूरा हो रहा है और यह पोत तट रक्षक की क्षमताओं में कई गुना इजाफा करेगा।</p>
<p><strong>1981 में तुर्की नौसेना में शामिल किया गया था</strong><br />आपको बता दें कि धरुमावंथा नाम का ये युद्धपोत, असल में टीसीजी वोलकान (पी-343) है, जिसे 1981 में तुर्की नौसेना में शामिल किया गया था। चार दशक से ज्यादा समय तक यह जहाज तुर्की की समुद्री शक्ति का अहम हिस्सा रहा और बाद में इसे प्रशिक्षण और परीक्षण पोत के रूप में इस्तेमाल किया जाने लगा। जर्मन शिपबिल्डर लुर्सेन वर्फ्ट द्वारा बनाए गए इस डोगन-क्लास जहाज ने 20वीं सदी के अंत में तुर्की की नौसैनिक ताकत को नया आयाम दिया था। ये युद्धपोत इसलिए भी अहम है, क्योंकि तुर्की ने इसमें हरपून एंटी-शिप मिसाइलों का इस्तेमाल किया है। यह युद्धपोत 58 मीटर लंबा और 7.6 मीटर चौड़ा है। इसका पूरा लोड 436 टन तक होता है और इसमें चार डीजल इंजन लगे हैं जो 12,000 हॉर्सपावर की ताकत देते हैं। इसकी रफ्तार 38 नॉट्स (करीब 70 किमी/घंटा) तक पहुंच सकती है और यह 1,050 नॉटिकल मील (करीब 1,940 किमी) की दूरी तय कर सकता है। </p>
<p>इसमें 45 सैनिकों का दल तैनात होगा। हथियारों में दो हरपून एंटी-शिप मिसाइल, 76 मिमी का ओटो मेलारा नौसैनिक तोप, 35 मिमी एयर डिफेंस गन और मशीनगनें शामिल हैं। तुर्की लगातार हिंद महासागर में भारत को काउंटर करने के लिए भारत के पड़ोसी देशों के साथ डिफेंस डील कर रहा है और मालदीव को युद्धपोत सौंपना, एर्दोगन की इसी स्ट्रैटजी का हिस्सा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 Aug 2025 12:07:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>भारतीय नौसेना को लगा बड़ा झटका, रूस अब देरी से देगा युद्धपोत</title>
                                    <description><![CDATA[यह रूसी इलाका उत्तरी यूरोप में है और बेलारूस के पास स्थित है। यह फ्रीगेट को भारत को रूस अब देरी से देगा। इसकी वजह यह है कि रूस युद्धपोतों का निर्माण बहुत धीरे-धीरे कर रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/russia-will-give-delay-warship-of-india/article-58402"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/untitled-1-copy44.jpg" alt=""></a><br /><p>मास्को। चीन के खतरे का सामना कर रही भारतीय नौसेना की तैयारियों को रूस से बड़ा झटका लगा है। भारत के नौसेना के अंदर 2 एडमिरल ग्रिगोरोविच क्लास के युद्धपोतों को शामिल करने की योजना में एक साल की देरी हो गई है। ये दोनों ही गाइडेड मिसाइल फ्रीगेट प्रोजेक्ट 1135.6पी/एम के तहत रूस के कालिनगार्ड स्थित यांतर शिपयार्ड में बनाए जा रहे हैं।</p>
<p>यह रूसी इलाका उत्तरी यूरोप में है और बेलारूस के पास स्थित है। यह फ्रीगेट को भारत को रूस अब देरी से देगा। इसकी वजह यह है कि रूस युद्धपोतों का निर्माण बहुत धीरे-धीरे कर रहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 Sep 2023 10:55:10 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>यूक्रेन के ब्रह्मास्त्र से धुआं-धुआं हुआ रूस का एक और युद्धपोत</title>
                                    <description><![CDATA[यूक्रेन के स्कूल पर मिसाइल हमला 60 लोगों के मरने की आशंका]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%A8-%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%B8-%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A7/another-russian-warship-caused-smoke-from-ukraine-s-brahmastra/article-9413"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/youk.jpg" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। रूस-यूक्रेन युद्ध पिछले 74 दिनों से जारी है। इस बीच यूक्रेन ने दावा किया है कि उसने काला सागर में रूस के एक और युद्धपोत को नष्ट कर दिया है। यूक्रेनी सेना ने इस घटना का एक थर्मल ड्रोन वीडियो भी जारी किया है, जिसमें एक युद्धपोत पर विस्फोट होता दिखाई दे रहा है। यूक्रेन का दावा है कि उसने स्नेक आइलैंड के पास एक नए रूसी लैंडिंग क्राफ्ट को नष्ट कर दिया है। इस युद्धपोत को तुर्की से खरीदे गए बायरकटार टीबी2 ड्रोन से दागी गई मिसाइल से नष्ट किया गया है। एक सशस्त्र बायरकटार ड्रोन ने ओडेसा के यूक्रेनी बंदरगाह से 80 मील दक्षिण में स्थित द्वीप पर एक रूसी मिसाइल डिफेंस सिस्टम को भी नष्ट कर दिया।<br /><br /><strong>सैटेलाइट तस्वीर ने भी की पुष्टि</strong><br />अमेरिका की पब्लिक अर्थ इमेजिंग कंपनी प्लैनेट लैब्स की शनिवार तड़के ली गई सैटेलाइट इमेज से पता चला कि स्नेक आइलैंड के उत्तरी समुद्र तट के पास सेर्ना-क्लास लैंडिंग जहाज दिखाई दे रहा है। यह यूक्रेनी सेना के जारी किए गए वीडियो से मेल खाता है। जहाज पर आग लगने से मची तबाही साफ नजर आ रही है। हालांकि रूस की तरफ से इस हमले के दावे को लेकर अभी तक कोई भी बयान जारी नहीं किया गया है।<br /><br /><strong>यूक्रेन के स्कूल पर मिसाइल हमला 60 लोगों के मरने की आशंका</strong><br />कीव। यूक्रेन के लुहान्स्क क्षेत्र में एक स्कूल पर हुए मिसाइल हमले में कम से कम 60 लोगों के मारे जाने की आशंका है। मीडिया रिपोर्ट में रविवार को यह जानकारी सामने आई है। एक अधिकारी ने कहा कि एक स्कूल में शनिवार को हवाई हमला हुआ, जहां 90 लोगों ने शरण ली थी। लुहान्स्क क्षेत्रीय सैन्य प्रशासन के प्रमुख सेरही हेयडे ने टेलीग्राम पर रविवार को कहा कि स्कूल से 30 लोगों को बचाया गया है, जिनमें सात घायल भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि मलबे में से दो शव भी बरामद हुए हैं। सीएनएन ने हेयडे के हवाले से कहा कि ऐसी संभावना जताई जा रही है कि स्कूल की इमारत के मलबे में दबे सभी 60 लोगों की मौत हो गयी है। सीएनएन के अनुसार रूसी विमान ने बिलोहोरिवका गांव में स्कूल पर बम बरसाया थे, जिससे इमारत में आग लग गयी। आग पर काबू पाने में अग्निशमन कर्मियों को करीब चार घंटे का समय लगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>यूक्रेन-रूस युद्ध</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 May 2022 14:28:42 +0530</pubDate>
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