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                <title>no parking - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>no parking RSS Feed</description>
                
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                <title>नयापुरा बस स्टैंड की हालत बदहाल : करोड़ों की कमाई, लेकिन यात्रियों को सुविधाएं फिर भी नदारद… </title>
                                    <description><![CDATA[बस स्टैंड की बदहाली पर यात्री बोले- आय बढ़ रही, सुविधाएं क्यों नहीं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-dismal-condition-of-nayapura-bus-stand--generating-crores-in-revenue--yet-passenger-amenities-remain-woefully-lacking/article-166267"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/111200-x-600-px)-(1)72.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। सवारियां जुटाकर रोडवेज प्रशासन भले ही अपने निर्धारित लक्ष्य पूरे करने का दावा कर रहा हो, लेकिन यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं के मामले में नयापुरा बस स्टैंड की तस्वीर कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। यहां यात्रियों के लिए बैठने की पर्याप्त साफ जगह तक नहीं है। बारिश के दिनों में छत से पानी टपकता है, जगह-जगह प्लास्टर गिर रहा है और कई स्थानों पर बिजली के तार लटकते नजर आते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि जिस बस स्टैंड से हर दिन बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं, वहां मूलभूत सुविधाओं का इतना अभाव क्यों है।</p>
<p>रोडवेज प्रशासन के अनुसार कोटा रोडवेज डिपो पिछले एक साल से प्रदेश में नंबर वन चल रहा है। दोनों बस स्टैंड और कैंटीन-मॉल से डिपो को हर साल 28 करोड़ 85 लाख रुपए से अधिक की आय होती है। बसों के संचालन से हाेने वाली आय अलग से है। डिपो के पास 77 बसें हैं, जबकि 18 बसें अनुबंध पर संचालित हो रही हैं। यानी कुल 95 बसों के जरिए यात्रियों को परिवहन सुविधा दी जा रही है। लेकिन नयापुरा बस स्टैंड पर पहुंचते ही व्यवस्थाओं की हकीकत अलग नजर आती है।</p>
<p><strong>छत से गिरता प्लास्टर, टपकता है पानी</strong><br />नयापुरा बस स्टैंड की छत का प्लास्टर कई जगह से उखड़ चुका है। कुछ हिस्सों में प्लास्टर गिरने से यात्रियों के लिए खतरा बना हुआ है। बारिश होने पर छत से पानी टपकने लगता है। बस स्टैंड परिसर में बने कमरों की स्थिति भी बेहतर नहीं है। मासिक पास बनाने वाले कक्ष की दीवारों पर जगह-जगह प्लास्टर गिर रहा है और दरारें दिखाई दे रही हैं। कई कमरों की खिड़कियां और दरवाजे भी टूटे हुए हैं। बस स्टैंड पर साफ-सफाई की स्थिति भी यात्रियों को परेशान कर रही है। जगह-जगह गंदगी दिखाई देती है। दीवारों और कोनों में पान-गुटखे के निशान नजर आते हैं। बूंदी निवासी शीला दीक्षित ने बताया कि रिश्तेदारी में कोटा आने के दौरान जब वह नयापुरा बस स्टैंड पहुंचीं तो यहां साफ-सफाई की स्थिति ठीक नहीं मिली। उनका कहना था कि दिन में दो-तीन बार सफाई होनी चाहिए और गंदगी फैलाने वालों को रोका जाना चाहिए।</p>
<p><strong>बिजली के तार लटके, पंखे भी अधूरे</strong><br />देवली निवासी रूपाली ने बताया कि बस स्टैंड परिसर में कई जगह बिजली के तार लटकते दिखाई देते हैं। गर्मी के बीच यात्रियों को पर्याप्त राहत देने के लिए पंखे भी हर जगह नहीं लगे हैं। कई स्थानों पर सिर्फ पंखों के हुक दिखाई देते हैं। ऐसे में यात्रियों को गर्मी में परेशान होना पड़ता है। बस स्टैंड परिसर में आवारा पशुओं की आवाजाही भी बनी रहती है।</p>
<p><strong>पुरानी बसों में फटी सीटें</strong><br />सिर्फ बस स्टैंड ही नहीं, बल्कि डिपो की कुछ बसों की हालत भी यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। कई बसों की सीटें फटी हुई हैं। बसों के अंदर कई बार मूंगफली और अन्य खाद्य पदार्थों के छिलके पड़े दिखाई देते हैं। इससे साफ-सफाई व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होते हैं।</p>
<p><strong>पार्किंग की व्यवस्था भी नहीं</strong><br />नयापुरा बस स्टैंड पर यात्रियों को छोड़ने या लेने आने वाले लोगों के लिए व्यवस्थित पार्किंग की सुविधा भी नहीं है। लोग अपने वाहन लेकर आते हैं, लेकिन उन्हें खड़ा करने में परेशानी होती है। बसों के आवागमन के दौरान रास्ते में खड़े वाहनों को बार-बार हटाना पड़ता है। इससे बसों की आवाजाही भी प्रभावित होती है। यात्रियों और उनके परिजनों को वाहन चोरी होने की चिंता भी बनी रहती है। एक तरफ डिपो की आय और उपलब्धियों के आंकड़े सामने हैं, तो दूसरी तरफ उसी डिपो के प्रमुख बस स्टैंड की जर्जर हालत यात्रियों की परेशानी को उजागर कर रही है। अब जरूरत इस बात की है कि आय और संचालन के साथ यात्रियों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं पर भी उतना ही ध्यान दिया जाए।</p>
<p>नयापुरा बस स्टैंड की स्थिति को लेकर विपणन बोर्ड को लिखा गया है। विपणन बोर्ड की ओर से निरीक्षण किया जाएगा। उसके बाद ही नया भवन बनाने या फिर मरम्मत कराने को लेकर आगे की कार्रवाई जाएगी।<br /><strong>- अजय कुमार मीणा, मुख्य प्रबंधक, रोडवेज डिपाे, कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 22 Sep 2026 14:45:20 +0530</pubDate>
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                <title>जहां नो पार्किंग वहां खड़े वाहन, जहां बोर्ड नहीं वहां जुर्माना </title>
                                    <description><![CDATA[ शहर में जनसंख्या के साथ ही वाहनों की संख्या में भी तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। लेकिन उन वाहनों को खड़ा करने की पर्याप्त जगह तक नहीं हैं। ऐसे में ट्रैफिक पुलिस द्वारा घोषित नो पार्किंग तक में वाहनों को पार्किंग हो रही है। जबकि जहां बोर्ड नहीं लगे हैं वहां पुुलिस द्वारा चालान बनाकर जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/vehicles-parked-where-there-is-no-parking--fine-where-there-is-no-board/article-19320"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/jaha-no-parking-waha-khade-vahan-..kota-news-..17.8.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । शहर में जनसंख्या के साथ ही वाहनों की संख्या में भी तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। लेकिन उन वाहनों को खड़ा करने की पर्याप्त जगह तक नहीं हैं। ऐसे में ट्रैफिक पुलिस द्वारा घोषित नो पार्किंग तक में वाहनों को पार्किंग हो रही है। जबकि जहां बोर्ड नहीं लगे हैं वहां पुुलिस द्वारा चालान बनाकर जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है। शहर में व्यवसायिक बहुमंजिला इमारतें हो या बैंक और शोरूम। अधिकतर जगहों पर वाहन खड़े करने के लिए पार्किंत स्थान तक नहीं है। ऐसे में अधिकतर लोगों को सड़क पर ही वाहन खड़े करने पड़ रहे हैं। यह स्थिति किसी एक दो स्थान पर नहीं पूरे शहर में ही देखी जा सकती है। एरोड्राम चौराहा स्थित बैंक हो या ढाबे, झालावाड़ रोड स्थित बैंक व होटलों के सामने, कलक्ट्री चौराहा, अदालत समेत शहर के वीआईपी व व्यस्ततम क्षेत्रों तक में वाहनों को सड़क किनारे खड़े देखा जा सकता है। कई जगह पर तो वाहन बेतरतीब खड़े हो रहे हैं जिससे यातायात में भी बाधा उत्पन्न हो रही है। झालावाड़ रोड पर तो फ्लाई ओवर से उतरते ही मेन रोड पर कारों का जमावड़ा लगा रहता है। बैंकों के सामने कतार से वाहन खड़े हो रहे हैं। जिससे वाहनों को निकलने तक की जगह नहीं मिल रही है। छावनी चौराहे से न्यू कॉलोनी तक मेन रोड पर वाहनों का जमघट लगा हुआ है। दुकानों के आगे तक वाहन खड़े हैं लेकिन उन पर पुलिस की कार्रवाई नहीं हो रही है। जहां बोर्ड वहां अधिक वाहन हालत यह है कि ट्रैफिक पुलिस द्वारा शहर में जहां भी नो पार्किंग जोन के बोर्ड लगाए हुए हैं। वहां वाहन अधिक खड़े नजर आएंगे। फिर चाहे वह कलक्ट्रेट का क्षेत्र हो या झालावाड़ रोड का। जानकारों का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने में ही लोग अपनी शान समझते हैं। यही कारण है कि जहां कोई काम करने के लिए मना होता है वहीं वह काम अधिक होता है। लोगों ने बताया कि बोर्ड लगने के बाद भी वाहन खड़े करने वालों के खिलाफ तो ट्रैफिक पुलिस चालान की कार्रवाई नहीं कर रही है। गिनती के वाहनों को ही उठाकर ले जाती है। जिससे ऐसी जगह पर वाहन खड़े होना कम नहीं होकर बढ़ ही रहे हैं। फिर भी हो रहा चालान लोगों ने बताया कि रावतभाटा रोड पर वल्लभ नगर चौराहे के पास मोबाइल रिबेयरिंग की कई दुकानें हैं। जहां दिनभर ग्राहक आते हैं। जैसे ही लोग वहां आकर दुकान के सामने वाहन खड़ा कर रहे हैं और दुकानदार से बात कर रहे हैं इसी दौरान ट्रैफिक पुलिस का टोइंग वाहन आकर उसमें मौजूद ट्रैफिक पुलिस के जवान वाहन चालकों के चालान बना रहे हैं। लोगों द्वारा वहां न तो नो पार्किंग का बोर्ड लगा होने और न ही इस संबंध में दुकानदारों द्वारा जानकारी देने की बात कहने पर भी ट्रैफिक पुलिस कर्मी कुछ भी सुनने को तैयार नहीं होते। बिना कई बात सुने नो पार्किंग का चालान कर लोगों से 100-100 रुपए वसूल कर रहे हैं। इनका कहना है शहर में जगह-जगह पर नो पार्किंग के बोर्ड लगाए हुए हैं जहां वाहन खड़ा करना गलत है। लेकिन फिर भी वाहन खड़े करने वालों के खिलाफ जुर्माना व जब्ती की कार्रवाई लगातार की जा रही है। जहां बोर्ड नहीं हैं वहां भी लगवाए जाएंगे। साथ ही लोगों को निर्धारित स्थान पर ही वाहन खड़े करने चाहिए। जिससे लोग परेशानी सी बच सके। टोइंग वाहन पर तैनात पुलिस कर्मियों को लोगों से अभद्रता नहीं करने के निर्देश दिए हुए हैं। फिर भी यदि कोई शिकायत आती है तो उसे दिखवाया जाएगा। - चंद्र प्रकाश यादव, यातायात निरीक्षक</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Aug 2022 14:57:59 +0530</pubDate>
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                <title>नो पार्किंग में गाड़ी खड़ी की तो अब लगेगा लॉक</title>
                                    <description><![CDATA[झालावाड़ पुलिस ने अब नो पार्किंग में गाड़ी खड़ी करने वाले लोगों पर नकेल कसने के लिए एक नया तरीका इस्तेमाल किया है। पुलिस अब नो पार्किंग में खड़ी हुई गाड़ियों पर एक विशेष प्रकार का लॉक लगा रही है जो चालान कटने के बाद ही खोला जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/if-you-parked-the-car-in-no-parking--now-it-will-be-locked/article-9426"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/no-parking-jhalawar.jpg" alt=""></a><br /><p>झालावाड़। झालावाड़ पुलिस ने अब नो पार्किंग में गाड़ी खड़ी करने वाले लोगों पर नकेल कसने के लिए एक नया तरीका इस्तेमाल किया है। पुलिस अब नो पार्किंग में खड़ी हुई गाड़ियों पर एक विशेष प्रकार का लॉक लगा रही है जो चालान कटने के बाद ही खोला जा रहा है।  इसी क्रम में झालावाड़ पुलिस ने शनिवार को झालावाड़ शहर के सिटी फोरलेन पर अस्पताल वाले इलाके में कार्यवाही की गई और कई गाड़ियों पर लॉक लगाकर चालान काटे गए। यातायात पुलिस के उप निरीक्षक रणजीत सिंह ने बताया कि झालावाड़ शहर की सर्विस लाइनों में अवैध रूप से गाड़ियां पार्क की जा रही है, जिसके चलते विशेष तौर पर झालावाड़ अस्पताल के सामने काफी अव्यवस्था फैल रही है। सर्विस लाइन में एक तरफ का हिस्सा एंबुलेंस चालकों के लिए सुरक्षित रखा गया है, ताकि मरीजों को आने जाने में किसी प्रकार की परेशानी ना हो। किंतु एंबुलेंस के अतिरिक्त यहां पर दूसरी गाड़ी खड़ी होने पर उसका चालान काटा जाएगा, उन्होंने बताया कि कई बार गाड़ी खड़ी होती है किंतु आसपास ढूंढने पर मालिक का पता नहीं लगता है, पुलिस का वक्त खराब होता है, इसके लिए पुलिस ने नया तरीका इस्तेमाल किया है। मालिक के सामने नहीं आने पर पुलिस गाड़ी में लॉक लगा देगी, जिस पर सीरियल नंबर अंकित हैं, लॉक के नंबर गाड़ी के चालान अंकित किए जाएंगे। वाहन मालिक पुलिस के पास पहुंचकर संपर्क करेगा, इसके बाद ही चालान राशि जमा करवा कर लॉक खोला जाएगा। शनिवार को भी झालावाड़ अस्पताल क्षेत्र में कई गाड़ियों के चालान काटे गए।<br /><br /> झालावाड़ सिटी फोरलेन की सर्विस लाइनों में बेतरतीब खड़े वाहनों को हटाया जा रहा है तथा चालान काट कर जुर्माना वसूला जा रहा है। नो पार्किंग क्षेत्र में खड़े वाहनों पर लॉक लगाया जाएगा, जिन्हें जुर्माने के बाद छोड़ा जाएगा। <br /><strong>-रणजीत सिंह, उप निरीक्षक यातायात पुलिस, झालावाड</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 May 2022 16:47:20 +0530</pubDate>
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