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                <title>bird flu - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>bird flu RSS Feed</description>
                
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                <title>जापान ने क्योटो में 'बर्ड फ्लू' संक्रमण की पुष्टि की, सरकार ने जारी किया अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[जापान के क्योटो प्रांत के कामेओका स्थित एक पोल्ट्री फार्म में अत्यधिक संक्रामक 'बर्ड फ्लू' की पुष्टि हुई है। यह इस सीजन का नौवां मामला है। प्रशासन ने संक्रमण रोकने के लिए फार्म की सभी 2,80,000 मुर्गियों को मारने और 10 किलोमीटर के दायरे में पोल्ट्री उत्पादों के परिवहन पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/japan-confirms-bird-flu-infection-in-kyoto-government-issues-alert/article-137019"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/japan-news.png" alt=""></a><br /><p>टोक्यो। जापान के कृषि मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि आनुवंशिक परीक्षण से क्योटो प्रांत के एक फार्म में अत्यधिक संक्रामक 'बर्ड फ्लू' की पुष्टि हुई है। यह इस मौसम में देश में बर्ड फ्लू का नौंवा संक्रमण है। कृषि, वानिकी और मत्स्य मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार यह संक्रमण क्योटो प्रांत के कामेओका शहर में स्थित एक मुर्गी फार्म में हुआ, जहां लगभग 280,000 मुर्गियां हैं।</p>
<p>स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को किये गये आनुवंशिक परीक्षण से अत्यधिक संक्रामक एवियन इन्फ्लुएंजा वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई है। संबंधित दिशानिर्देशों के अनुसार, फार्म की सभी मुर्गियों को मारकर जला दिया जाएगा और दफना दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त तीन किलोमीटर के दायरे में स्थित फार्मों को मुर्गियों और अंडों को स्थानांतरित करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, जबकि 3 से 10 किलोमीटर के दायरे में स्थित अन्य फार्मों को पोल्ट्री उत्पादों को क्षेत्र से बाहर ले जाने की अनुमति नहीं है।</p>
<p>एक बयान में कहा गया है कि संंक्रमण को रोकने के लिए फार्म के आसपास कीटाणुशोधन प्रयासों को तेज कर दिया गया है और एक महामारी विज्ञान जांच दल को भेजा गया है । आवश्यकता पडऩे पर मंत्रालय के विशेषज्ञों को भी भेजा जाएगा। जापान में एवियन इन्फ्लुएंजा का मौसम आमतौर पर शरद ऋतु से लेकर अगली वसंत ऋतु तक चलता है। इस मौसम में पहले हुए आठ प्रकोपों के कारण लगभग 24 लाख मुर्गियों को मारा जा चुका है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Dec 2025 12:58:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>भविष्य में पक्षियों के जरिए इंसानों में फैल सकता है संक्रमण, इसे लेकर सरकार ने शुरू की तैयारी</title>
                                    <description><![CDATA[डॉक्टर्स के अनुसार एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि भविष्य में जूनोटिक डिजिट का अटैक हो सकता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/in-future-infection-can-spread-to-humans-through-birds-government/article-98585"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/257rtrer-(1)44.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान समेत दूसरे राज्यों में बर्ड फ्लू के खतरों को देखते हुए एसएमएस मेडिकल कॉलेज जयपुर में एक वर्कशॉप का आयोजन हुआ। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देशन में एसएमएस मेडिकल कॉलेज के अकेडमिक ब्लॉक में इसका आयोजन हुआ। इसमें विभिन्न राज्यों के अलग-अलग विभागों से आए लोगों को बर्ड फ्लू के खतरें और उसके कंट्रोल करने के तरीके के बारे में जानकारी दी। डॉक्टर्स के अनुसार एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि भविष्य में जूनोटिक डिजिट का अटैक हो सकता है। इसके तहत पक्षियों के जरिए संक्रमण फैलाया जा सकता है। नेशनल वन हेल्थ प्रोग्राम फॉर प्रिवेंशन एंड कंट्रोल ऑफ जूनोसेस के तहत जूनोटिक डिजिट यानी जानवरों से इंसान में फैलने वाले संक्रमण को कंट्रोल करने के लिए देशभर में प्रोग्राम चलाए जा रहे हैं। इसी के तहत ये वर्कशॉप आयोजित की गई। एनओएचपीपीसीजेड क्षेत्रिय कॉर्डिनेटर और एसएमएस मेडिकल कॉलेज की सीनियर प्रोफेसर माइक्रोबायोलोजी डॉ. भारती मल्होत्रा ने बताया कि इस वर्कशॉप में हमने दो सेशन में विशेषज्ञों के जरिए ये ट्रेनिंग दी।</p>
<p>भविष्य में बढ़ सकता है खतरा: डॉ. मल्होत्रा ने बताया कि जिस तरह 2020 में कोविड महामारी आई थी। उसे एक दुनिया में एक तरह का बायोलोजिक अटैक कहा जाने लगा था। अब एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि भविष्य में जूनोटिक डिजिट का अटैक हो सकता है। इसके तहत पक्षियों के जरिए संक्रमण फैलाया जा सकता है। ऐसे में इसे हम इसे कैसे कंट्रोल करेंगे। इसके लिए अभी से सरकार तैयारियां कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Dec 2024 10:29:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जापान के साइतामा प्रांत में पहले बर्ड फ्लू मामले की पुष्टि, 2500 बत्तखों को मारा </title>
                                    <description><![CDATA[ उन्होंने इस क्षेत्र के बाहर वितरण को रोकने के लिए 10 किलोमीटर का शिङ्क्षपग प्रतिबंध क्षेत्र बनाया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/first-bird-flu-case-confirmed-in-japans-saitama-prefecture/article-95873"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/6633-copy162.jpg" alt=""></a><br /><p>टोक्यो। जापान के प्रांत साइतामा के एक बत्तख फार्म में सोमवार को इस मौसम का पहले बर्ड फ्लू के  की पुष्टि हुई। यहां के अधिकारियों ने बताया कि रविवार को कई बत्तखों के मृत पाए जाने के बाद इसकी पुष्टि हुई।</p>
<p>वायरस के प्रसार को रोकने के लिए फार्म में लगभग 2,500 बत्तखों को मार दिया गया। उन्होंने इस क्षेत्र के बाहर वितरण को रोकने के लिए 10 किलोमीटर का शिङ्क्षपग प्रतिबंध क्षेत्र बनाया है। गौरतलब है कि इस मौसम में जापान के पोल्ट्री फार्म में एवियन इन्फ्लूएंजा का 11वां मामला है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 Nov 2024 17:28:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बर्ड फ्लू संक्रमण से 11 साल की बच्ची की मौत, 2014 के बाद मिला पहला केस</title>
                                    <description><![CDATA[ स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि स्वास्थ्य अधिकारियों ने बच्ची के घर के पास एक संरक्षण क्षेत्र में एक मृत जंगली पक्षी के सैंपल लिए हैं। साथ ही, टीम ने आसपास के लोगों को मृत और बीमार पक्षियों को न छूने की चेतावनी भी दी है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/11-year-old-girl-dies-of-bird-flu-infection-first-case-found/article-38130"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/bird-flu.png" alt=""></a><br /><p>कंबोडिया। कंबोडिया में एक 11 वर्षीय लड़की का ह्यूमन एच5एन1 संक्रमण से निधन हो गया है। स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, साल 2014 के बाद पहली बार बर्ड फ्लू के कारण किसी की मृत्यु हुई है। बर्ड फ्लू, जिसे एवियन इन्फ्लूएंजा के रूप में भी जाना जाता है, यह पोल्ट्री में फैलता है।</p>
<p><strong>डायग्नोसिस के तुरंत बाद निधन</strong> : संक्रमित बच्ची प्री वेंग के ग्रामीण दक्षिणपूर्वी प्रांत की रहने वाली थी। अचानक 16 फरवरी को काफी तेज बुखार हो गया, जिसके बाद उसे राजधानी नोम पेन्ह के अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया था। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार रात एक बयान में कहा कि बच्ची को खांसी और गले में दर्द के साथ 39 सेल्सियस (102 फारेनहाइट) बुखार भी था। इसके बाद उसका डायग्नोसिस किया गया, लेकिन इसके तुरंत बाद उसका निधन हो गया।</p>
<p><strong>1997 में हांगकांग में संक्रमण ने पसारे थे पैर</strong><br />पहले बर्ड फ्लू हांगकांग में खतरा नहीं माना जाता था, लेकिन 1997 में यह लोगों के बीच फैल गया था, जिसके कारण लोगों में इसका अलग खौफ बन गया है। हालांकि, दुनिया भर में इस संक्रमण के अधिकतर ऐसे मामले देखे गए हैं, जिसमें पोल्ट्री के साथ सीधा संपर्क में आने से संक्रमण फैलता था, लेकिन हाल ही में देखा गया है कि यह आसानी से लोगों के बीच फैल सकता है।</p>
<p><strong>स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी चेतावनी</strong><br />स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि स्वास्थ्य अधिकारियों ने बच्ची के घर के पास एक संरक्षण क्षेत्र में एक मृत जंगली पक्षी के सैंपल लिए हैं। साथ ही, टीम ने आसपास के लोगों को मृत और बीमार पक्षियों को न छूने की चेतावनी भी दी है। कंबोडियाई स्वास्थ्य मंत्री मैम बुन्हेंग ने चेतावनी दी कि बर्ड फ्लू उन बच्चों के लिए विशेष रूप से ज्यादा खतरनाक है जो पालतू मुर्गों को खिलाते हैं, अंडे इकट्ठा करते हैं, पक्षियों के साथ खेलते हैं या उनके पिंजरों की सफाई करते हैं। च5एन1 संक्रमण के लक्षण खांसी, दर्द और बुखार सहित अन्य फ्लू के समान हैं और गंभीर मामलों में, रोगी को जानलेवा निमोनिया भी हो जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, कंबोडिया में 2003 से 2014 तक एच5एन1 के 56 मामले मिले थे और उनमें से 37 बेहद घातक थे।</p>
<p>डब्ल्यूएचओ के अनुसार, विश्व स्तर पर 21 देशों में लगभग 870 मानव संक्रमण मामले पाए गए थे और इनमें 457 मौतों की सूचना दी गई है। वहीं, इसके बाद संक्रमण की गति काफी कम हो गई थी। पिछले सात सालों में लगभग 170 संक्रमण के मामले मिले थे, जिनमें से 50 की मौत हो गई थी। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस ने इस महीने की शुरूआत में मिंक, ऊदबिलाव, लोमड़ी और समुद्री शेर सहित स्तनधारियों में एवियन इन्फ्लूएंजा संक्रमण के बारे में चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा था, पिछले 25 वर्षों से जंगली पक्षियों और पोल्ट्री में एच5एन1 व्यापक रूप से फैल गया है, लेकिन हाल ही में स्तनधारियों पर ध्यान देने की जरूरत है, क्योंकि यह उनमें भी फैलने लगा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Feb 2023 11:07:54 +0530</pubDate>
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                <title>पेरू में बर्ड फ्लू के कारण सैकड़ों समुद्री जीवों और पक्षियों की मौत, एच5एन1 वायरस है वजह</title>
                                    <description><![CDATA[7 संरक्षित समुद्री क्षेत्रों में 585 समुद्री जीव भी मारे गए हैं। सर्नप ने एक बयान में कहा कि मृत पक्षियों में पेलिकन, विभिन्न प्रकार की गल और पेंगुइन शामिल हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/h5n1-virus-is-the-reason-for-the-death-of-hundreds/article-36908"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/q-134.jpg" alt=""></a><br /><p>पेरू। पेरू में हाल के हफ्तों में 585 समुद्री जीव और 55,000 जंगली पक्षियों की एच5एन1 बर्ड फ्लू वायरस के कारण मृत्यु हुई है। इसकी जानकारी मंगलवार को पेरू ने दी।</p>
<p><strong>55,000 हजार पक्षियों की हुई मौत</strong><br />सर्नप प्राकृतिक क्षेत्र संरक्षण एजेंसी ने कहा कि 8 संरक्षित तटीय क्षेत्रों में 55,000 मृत पक्षियों की खोज के बाद रेंजरों ने पाया कि इन सभी की मृत्यु बर्ड फ्लू के कारण हुई थी। इसके साथ ही 7 संरक्षित समुद्री क्षेत्रों में 585 समुद्री जीव भी मारे गए हैं। सर्नप ने एक बयान में कहा कि मृत पक्षियों में पेलिकन, विभिन्न प्रकार की गल और पेंगुइन शामिल हैं।</p>
<p><strong>समुद्री जीवों में फैला एच5एन1</strong><br />प्रयोगशाला परीक्षणों ने भी मृत समुद्री जीवों में एच5एन1 की पुष्टि की। इसके बाद अधिकारियों ने जैविक सतर्कता प्रोटोकॉल की घोषणा की। पेरू की राष्ट्रीय वन और वन्यजीव सेवा ने समुद्र तट पर समुद्री जीवों और समुद्री पक्षियों से बचने और दूर रहने के लिए लोगों और उनके पालतू जानवरों से आग्रह किया है। दिसंबर में, पेरू के अधिकारियों ने बर्ड फ्लू के कारण चिकन फार्म पर 37,000 पक्षियों को मार डाला। बता दें कि एवियन इन्फ्लूएंजा के प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए संक्रमित पक्षियों को मारना सामान्य प्रोटोकॉल का हिस्सा है।</p>
<p><strong>स्वास्थ्य अलर्ट की हुई घोषणा</strong><br />नवंबर में, पेलिकन में अत्यधिक संक्रामक एच5एन1 के तीन मामले सामने आने के बाद 180 दिनों के स्वास्थ्य अलर्ट की घोषणा की गई थी। सेनासा कृषि स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसार, यह रोग उत्तरी अमेरिका से प्रवासी पक्षियों द्वारा फैलता है। 2021 के अंत से यूरोप बर्ड फ्लू के अब तक के सबसे खराब प्रकोप की चपेट में आ गया है, जबकि उत्तर और दक्षिण अमेरिका भी गंभीर प्रकोप का सामना कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Feb 2023 11:06:50 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>जापान में नए बर्ड फ्लू का प्रकोप</title>
                                    <description><![CDATA[जापान में पिछले वर्ष एवियन इन्फ्लूएंजा के पहले मामले सामने आने से अब तक इस मौसम में बर्ड फ्लू के प्रकोप के बीच एक करोड़ से अधिक मुर्गियों को मारा जा चुका है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/new-bird-flu-outbreak-in-japan/article-35493"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-01/site-photo-size17.jpg" alt=""></a><br /><p>टोक्यो ((एजेंसी))। जापान के चिबा प्रान्त में बर्ड फ्लू के नए प्रकोप के मद्देनजर स्थानीय प्रशासन ने 140,000 मुर्गियों को मारने का निर्णय लिया है। स्थानीय प्रशासन ने रविवार को जारी बयान में कहा कि ऐसा माना जा रहा है कि बर्ड फ्लू का प्रकोप सोसा शहर के एक पोल्ट्री फार्म से शुरू हुआ है। आनुवंशिक विश्लेषण से एवियन इन्फ्लूएंजा के अत्यधिक रोगजनक होने की पुष्टि हुई है।</p>
<p>अधिकारियों ने फर्म के तीन किलोमीटर के दायरे में मुर्गियों और अंडों के ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। उल्लेखनीय है कि जापान में पिछले वर्ष एवियन इन्फ्लूएंजा के पहले मामले सामने आने से अब तक इस मौसम में बर्ड फ्लू के प्रकोप के बीच एक करोड़ से अधिक मुर्गियों को मारा जा चुका है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Jan 2023 16:38:49 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>जापान में नए बर्ड फ्लू का प्रकोप</title>
                                    <description><![CDATA[अधिकारियों ने पहले से ही प्रकोप वाले स्थानों के आसपास तीन किलोमीटर के दायरे में मुर्गियों और अंडों के परिवहन पर प्रतिबंध लगा दिया है और साथ ही 10 किलोमीटर के दायरे के बाहर मुर्गियों और अंडों के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/new-bird-flu-outbreak-in-japan/article-35245"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-01/e-1.jpg" alt=""></a><br /><p>टोक्यो। जापान के गुनमा प्रान्त में बर्ड फ्लू के नए प्रकोप का पता चला है, और 450,000 मुर्गियों को मारने का काम शुरू हो चुका है। जापान की समाचार एजेंसी क्योदो ने स्थानीय प्रशासन के आंकड़ों के हवाले से यह खबर दी। समाचार एजेंसी ने कहा कि मेबाशी शहर के एक खेत में इस संदिग्ध बीमारी का पता चला। आनुवांशिक विशेषज्ञों ने उच्च एवियन इन्फ्यूएंजा रोग की उपस्थिति की पुष्टि की।         </p>
<p>अधिकारियों ने पहले से ही प्रकोप वाले स्थानों के आसपास तीन किलोमीटर के दायरे में मुर्गियों और अंडों के परिवहन पर प्रतिबंध लगा दिया है और साथ ही 10 किलोमीटर के दायरे के बाहर मुर्गियों और अंडों के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया। इस नये प्रकोप को ध्यान में रखते हुए इस सीजन में जापान में मारे गए मुर्गियों की संख्या पहले ही एक करोड़ से अधिक हो गई है, जो अब जापान के लिए सबसे अधिक है। पिछले सीजन से पहले, नवंबर 2020 से मार्च 2021 के अंत तक इस दौरान पोल्ट्री उद्योग को बर्ड फ़्लू के कारण सबसे व्यापक क्षति हुई थी। विशेषज्ञ इस प्रकोप को प्रवासी पक्षियों के इस वर्ष सामान्य से पहले लौट आने को मान रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Jan 2023 14:42:15 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>इजरायल में टर्की के 2 और फार्मों में बर्ड फ्लू का चला पता </title>
                                    <description><![CDATA[ एक बयान में कहा कि कब्जे वाले वेस्ट बैंक में इजरायल द्वारा बनाई गई बैरियर दीवार के पास मैगल गांव में टर्की के तीन कॉप संरचनाओं में एच5एन1 से संक्रमित पाए गए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/bird-flu-detected-in-2-more-turkey-farms-in-israel/article-34097"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-01/q-24-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>यरुशलम। इजरायन में 2 और टर्की फार्मों में रोगजनक एच5एन1 एवियन इन्फ्लूएंजा के प्रकोप का पता चला है। इजरायल के कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि कब्जे वाले वेस्ट बैंक में इजरायल द्वारा बनाई गई बैरियर दीवार के पास मैगल गांव में टर्की के तीन कॉप संरचनाओं में एच5एन1 से संक्रमित पाए गए। मंत्रालय ने बताया कि संक्रमण का दूसरा मामला बीयर तुविया के दक्षिणी गांव में तीन कॉप संरचनाओं में पता चला है। इसके बाद देश में अब तक नौ पोल्ट्री फार्मों में बर्ड फ्लू के प्रकोप की सूचना मिली है।</p>
<p>मंत्रालय ने जंगली पक्षियों से संक्रमण के जोखिम को कम करने के लिए प्रजनकों को पक्षियों को घर के अंदर रखने का आह्वान किया और इन दोनों जगहों के 10 किमी के भीतर सभी कॉप्स को क्वारंटीन कर दिया है। साथ ही मंत्रालय ने लोगों को केवल विनियमित विक्रय स्थलों पर ही पोल्ट्री मांस और अंडे खरीदने का निर्देश दिया है और कहा कि बिना चिह्नित और बिना पैक किए अंडे खरीदने से बचें। पके हुए मांस और अंडे का ही सेवन करें।      </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Jan 2023 11:19:29 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>बर्ड फ्लू का प्रकोपः 3 लाख से ज्यादा मुर्गियां मारेगा जापान</title>
                                    <description><![CDATA[एची में एक फार्म पर 4 दिसंबर को कर्मचारियों ने अचानक बड़ी संख्या में मरी हुई मुर्गियां देखी। इन तेरह मरी हुई मुर्गियों में से 6 बर्ड फ्लू से पीड़ति पाई गई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/bird-flu-outbreak-japan-will-kill-more-than-3-lakh/article-31549"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-12/japan-bird.jpg" alt=""></a><br /><p>टोक्यो। जापान के एची प्रान्त में बर्ड फ्लू फैलने के कारण करीब 310,000 मुर्गियां मारी जाएंगी। स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि पिछले 11 सालों में यह पहला प्रकोप है। एची में एक फार्म पर 4 दिसंबर को कर्मचारियों ने अचानक बड़ी संख्या में मरी हुई मुर्गियां देखी। इन तेरह मरी हुई मुर्गियों में से 6 बर्ड फ्लू से पीड़ति पाई गई। </p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार बर्ड फ्लू के प्रकोप के बीच कागोशिमा के प्रांत में 34,000 मुर्गियां मारी गईं। पिछले हफ्तों में जापान ने ओकायामा, कागावा, मियागी, आओमोरी, वाकायामा, टोटोरी, कागोशिमा प्रांतों के साथ-साथ होक्काइडो द्वीप पर बर्ड फ्लू का प्रकोप दर्ज किया है। गत 28 अक्टूबर को सीजन के पहले प्रकोप के बाद से देश में कुल मिलाकर लगभग 33 लाख मुर्गियां मारी जा चुकी हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 Dec 2022 19:20:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बर्ड फ्लू: सांभर में कौओं, रूफस ट्रीपी व उल्लू के शव मिले</title>
                                    <description><![CDATA[पक्षियों के शव मिलने की जगहों पर मूवमेंट नहीं करने के निर्देश]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AC%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A1-%E0%A4%AB%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A5%82--%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%AD%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8C%E0%A4%93%E0%A4%82--%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%AB%E0%A4%B8-%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%AA%E0%A5%80-%E0%A4%B5-%E0%A4%89%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A5%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B6%E0%A4%B5-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%87/article-2678"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/sambhar-jhil_koa-maut.jpg" alt=""></a><br /><p>सांभरझील। सांभर में पिछले छह दिनों से हो रही कौओं की मौत की वजह बर्ड फ्लू से होना पाया गया है। विभाग की ओर से भोपाल लैब में चार मृत कौओं का सैम्पल लेकर जांच करने हेतु भिजवाया गया था, रिपोर्ट का खुलासा होने के सांभरझील के लिए सरकार की ओर से बनाई गई निगरानी कमेटी में नियुक्त अधिकारियों की एक अहम बैठक जिला कलक्टर की ओर से बुलाई गई है। इसकी पूर्व तैयारी के लिए पशुपालन विभाग को पहले से ही सावचेत कर दिया गया है वहीं जयपुर से खुद उप वन संरक्षक वीरसिंह ओला ने मंगलवार को वन विभाग के रेंजर बालूराम सारण, काचरोदा नर्सरी में तैनात श्यामश्री शर्मा के साथ उन तमाम जगहों का निरीक्षण किया जहां पर कौओं के अलावा अन्य पक्षियों के शव पाए गए थे, इसके अलावा उनकी ओर से झील परिक्षेत्र का निरीक्षण कर अपने स्टाफ को पूरी तरह सतर्कता बरतने के निर्देश प्रदान किए। पशुपालन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. पदमचन्द कानखेड़िया ने बताया कि बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। पक्षियों में यह एच-5 एन-1 वायरस है जो एक हाइलोपैथिजनिक वायरस है, इंसानों में भी फैल सकता है, इसलिये उन तमाम जगहों पर जहां पर मृत पक्षी पाए गए हंै वहां पर लोगों का कम से कम मूवमेंट होना बेहद जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट मोड पर रहने के लिये कहा जा चुका है।  बर्ड फ्लू की गाइडलाइन की पूरी पालना करने के लिए विभाग की ओर से इसके लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं। <br /> <strong><br /> 150 कबूतरों की मौत </strong><br /> खारिया मीठापुर। समीप के बोयल गांव में गत सोमवार को 40 व मंगलवार को 100 से अधिक कबूतरों की मौतें हो गई। बोयल गांव के तालाब से लेकर लाम्बा मार्ग पर आने वाले बेरो व मार्गों पर जगह-जगह कबूतर मरे पड़े हैं। वही भैरव पर खुले बोर वाले कुआं में मरे हुए कबूतर देखने को मिल रहे हैं। रामासनी में दो, मामा नदी पर एक व सरदार समंद बांध क्षेत्र पर 4 कुरजां के शव मिले। विभागीय अधिकारियों ने बताया गोयल गांव में सोमवार को 40 व मंगलवार को 100 से अधिक कबूतरों की मौते हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना के बावजूद वन विभाग, पशुपालन एवं चिकित्सा विभाग के अधिकारी नहीं पहुंचे। <br /> <strong><br /> मौत का आंकड़ा 67 </strong><br /> मंगलवार को सांभर में 5 कौओं के शव मिलने के बाद मृत कौओं का आंकड़ा 65 हो चुका है, वहीं रूफस ट्रीपी, उल्लू व गल पक्षियों के शव मिले है तथा एक कॉमन टीन के घायल मिलने के बाद उसका इलाज शुरू कर दिया गया है। सांभर में इस प्रकार अब तक कुल 67 पक्षियों की मौत होने की पुष्टि हो चुकी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Nov 2021 11:26:53 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>चीन में बर्ड फ्लू के मामले की हुई पुष्टि</title>
                                    <description><![CDATA[चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने चीन के पूर्वी प्रांत जियांग्सू में बर्ड फ्लू के एच10एन3 के पहले मानव मामले की पुष्टि की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/%E0%A4%9A%E0%A5%80%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AC%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A1-%E0%A4%AB%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A5%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%88-%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%BF/article-541"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-06/465465465465.jpg" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने चीन के पूर्वी प्रांत जियांग्सू में बर्ड फ्लू के एच10एन3 के पहले मानव मामले की पुष्टि की है। स्वास्थ्य आयोग ने एक बयान में बताया कि एक व्यक्ति में गत 23 अप्रैल को लक्षण नजर आये थे और हालत बिगडऩे पर 28 अप्रैल को उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 28 मई को उसके एच10एन3 स्ट्रैन से पीड़ित होने की पुष्टि हुई।</p>
<p>अब उसकी हालत स्थिर है और अस्पताल से छुट्टी दी जा सकती है। उसके करीबी संपर्कों में संक्रमण का कोई अन्य मामला सामने नहीं आया है। आयोग ने कहा कि वायरस के जीनोम के विश्लेषण के मुताबिक यह एवियन मूल का है और मनुष्य पर प्रभावी रूप से असर नहीं डालता। विशेषज्ञों का मत है कि विश्व में एच10एन3 से मानव के संक्रमित होने का पहले कोई मामला सामने नहीं आया है। यह नया मामला पक्षी से मानव में वायरस के अचानक संक्रमण को चिह्नित करता है। इसके व्यापक स्तर पर फैलने का खतरा कम ही है। <br /> <br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 01 Jun 2021 17:04:51 +0530</pubDate>
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