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                <title>innovation - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>विकसित भारत के लिए राजनाथ सिंह का बड़ा आह्वान, उद्योगों से कहा- बनें इस राष्ट्रीय संकल्प के भागीदार</title>
                                    <description><![CDATA[रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विकसित भारत के निर्माण में क्षेत्रीय उद्योगों, नवाचार और आत्मनिर्भरता की अहम भूमिका बताई। उन्होंने कहा कि आर्थिक मजबूती, तकनीकी क्षमता और राष्ट्रीय सुरक्षा देश की प्रगति के तीन प्रमुख स्तंभ हैं। गुजरात के उद्योगों और स्टार्टअप्स से राष्ट्रीय विकास, रक्षा विनिर्माण और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/rajnath-singhs-big-call-for-developed-india-asked-industries-to/article-158508"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/rajnath-singh1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विकसित भारत को आर्थिक रूप से समृद्ध, प्रौद्योगिकी में सक्षम और सामाजिक रूप से सशक्त देश का संकल्प बताते हुए क्षेत्रीय उद्योगों से इस यात्रा में भागीदार बनने का आह्वान किया है। सिंह ने मंगलवार को वडोदरा में वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन के दौरान उद्योगपतियों, उद्यमियों, युवा नवोन्मेषकों और शिक्षाविदों को संबोधित करते हुए कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने में क्षेत्रीय उद्योगों की भूमिका महत्वपूर्ण है।</p>
<p>उन्होंने कहा, "विकसित भारत सिर्फ़ आर्थिक विकास का लक्ष्य नहीं है, बल्कि आर्थिक रूप से समृद्ध, तकनीकी रूप से सक्षम और सामाजिक रूप से सशक्त देश बनाने का संकल्प है और क्षेत्रीय उद्योगों को इस यात्रा में भागीदार बनना चाहिए जिससे क्षेत्रीय ताकतों को राष्ट्रीय क्षमताओं में, स्थानीय नवाचारों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में और औद्योगिक विकास को रणनीतिक ताकत में बदला जा सके। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल , केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह और गुजरात सरकार में महिला और बाल विकास मंत्री डॉ. मनीषा वकील भी मौजूद थीं।</p>
<p>रक्षा मंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि तेज़ी से बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य को देखते हुए, भारत की आत्मनिर्भरता, तकनीकी क्षमता और सामूहिक संकल्प आने वाले दशकों में वैश्विक मंच पर उसकी भूमिका तय करेगा। उन्होंने कहा, "इतिहास हमें सिखाता है कि महान देश तीन ज़रूरी स्तंभों पर खड़े होते हैं: आर्थिक ताकत, तकनीकी कौशल, और राष्ट्रीय सुरक्षा ।आर्थिक खुशहाली और टेक्नोलॉजी में तरक्की से देश की सुरक्षा मज़बूत होती है, जबकि सुरक्षित देश वह स्थिरता देता है जिससे उद्योग और नवाचार फलते-फूलते हैं।" उन्होंने सुरक्षित सीमा और मज़बूत अर्थव्यवस्था वाला देश बनाने के लिए बेहतर सहयोग की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।</p>
<p>राजनाथ सिंह ने कहा कि रक्षा क्षेत्र का विकास सिर्फ़ हथियारों और प्रौद्योगिकी तक ही सीमित नहीं है, यह एक बड़े आर्थिक इकोसिस्टम को बढ़ावा देता है। उन्होंने कहा कि भारत तेज़ी से विनिर्माण और निर्यात में एक अहम देश के तौर पर उभर रहा है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी प्लेटफॉर्म की सफलता, निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी, और नवोन्मेषकों तथा स्टार्ट-अप के जोश ने मिलकर देश में एक मज़बूत रक्षा इकोसिस्टम बनाने में योगदान दिया है। </p>
<p>रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि आत्मनिर्भरता का मतलब अलग-थलग होना नहीं है, इसका मतलब है एक ऐसा देश जो अपने पैरों पर मज़बूती से खड़ा हो और दुनिया के साथ एक बराबर के साझीदार के तौर पर जुड़े। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को पाने में गुजरात की अहम भूमिका है क्योंकि राज्य के पास एक मजबूत औद्योगिक आधार, कुशल कार्यबल और उद्यमिता की भावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 17:21:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>'जो खेलता है, वो खिलता है' PM Modi का युवाओं को बड़ा संदेश, खेलों को बताया उज्ज्वल भविष्य का रास्ता</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' में युवाओं द्वारा खेल को करियर चुनने पर खुशी जताई। उन्होंने नागालैंड के दो बेहतरीन प्रयासों—बच्चों के लिए 'नागालैंड बेबी लीग' और बेटियों के लिए 'नागालैंड वुमेन फुटसाल लीग' (इनडोर फुटबॉल) की जमकर सराहना की, जो प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के नए अवसर दे रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/one-who-plays-blossoms-pm-modis-big-message-to-the/article-158312"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/modii.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि पहले की तुलना में अब कहीं अधिक युवा खेलों को करियर के रूप में अपना रहे हैं। पीएम मोदी ने अपने मासिक कार्यक्रम मन की बात की 135वीं कड़ी में रविवार को कहा, "मैं अक्सर कहता हूँ, जो खेलता है, वो खिलता है। आज देश में ऐसे युवाओं की संख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है, जो खेल भी रहे हैं और खिल भी रहे हैं। पहले की तुलना में अब कहीं अधिक युवा खेलों को करियर के रूप में अपना रहे हैं। मुझे नागालैंड के दो ऐसे प्रयासों के बारे में जानकारी मिली है, जो बहुत दिलचस्प हैं। पहला प्रयास है 'नागालैंड बेबी लीग'. नाम सुनकर आपको जरूर लगता होगा ये बहुत छोटे बच्चों की कोई साधारण लीग होगी लेकिन ऐसा नहीं है।</p>
<p>ये पांच से 10-12 साल की आयु के छोटे-छोटे बच्चे, फूल जैसे बच्चों की एक असाधारण लीग है और इन बच्चों के फुटबाल खिलाड़ियों की एक ऐसी लीग है, जो उनकी रफ्तार को और प्रतिभा के लिए उनको प्रेरित भी करती है और उनकी पहचान भी बनाती है। इसकी शुरुआत नागालैंड के अधिक-से-अधिक बच्चों को फुटबाल से जोड़ने के लिए हुई थी। पांच से बारह वर्ष तक के लड़के और लड़कियां इसमें हिस्सा ले सकते हैं। ये लीग अब अपने तीन वर्ष पूरे कर चुकी है। इस लीग का बच्चों के मन पर बहुत अच्छा प्रभाव पड़ा है।"</p>
<p>उन्होंने कहा कि नागालैंड में एक और अच्छा प्रयास हो रहा है। इसका नाम है, 'नागालैंड वुमेन फुटसाल लीग', हो सकता है आपके लिए ये 'फुटसाल' एक नया नाम होगा, मैं आपको बताता हूँ फुटसाल को इनडोर फुटबाल भी कहा जाता है। इसमें एक टीम में केवल पांच खिलाड़ी होते हैं। खेल का मैदान भी फुटबाल के मैदान से बहुत छोटा होता है। इस कारण खिलाड़ियों को तेज फैसले लेने होते हैं। उन्हें अपनी तकनीक और स्किल का बेहतर इस्तेमाल करना पड़ता है। नागालैंड की वुमेन फुटसाल लीग हमारी बेटियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अच्छा अवसर दे रही है। मैं ऐसी पहलों के लिए नागालैंड के लोगों की सराहना करता हूं। ऐसे प्रयास देश के दूसरे हिस्सों को भी प्रेरणा देते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 16:53:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>समुद्र से आसमान तक भारत बन रहा आत्मनिर्भर, जानें &quot;मन की बात&quot; में और क्या क्या बोलें मोदी  ?</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' में कहा कि भारत रक्षा क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भर हो रहा है। उन्होंने देशवासियों से इको-फ्रेंडली मिट्टी के गणेश जी की मूर्तियां अपनाने, 'वोकल फॉर लोकल' को बढ़ावा देने और खेल-कूद व विज्ञान आधारित सोच अपनाने का आह्वान किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/india-is-becoming-self-reliant-from-sea-to-sky-know-what/article-158291"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/modi4.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत समुद्र से लेकर आसमान तक रक्षा क्षेत्र में तेजी से अधिक सुरक्षित तथा आत्मनिर्भर बन रहा है और स्वदेशी तकनीक तथा विनिर्माण के दम पर देश नयी उपलब्धियां हासिल कर रहा है। पीएम मोदी ने रविवार को आकाशवाणी से प्रसारित अपने मासिक कार्यक्रम 'मन की बात' के 135 वीं कड़ी में कहा कि 2026 का आधा हिस्सा बीतने को है और इन छह महीनों में देश ने सुरक्षा तथा आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में कई ऐसी उपलब्धियां हासिल की हैं, जिन पर हर देशवासी को गर्व है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि हाल ही में कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम में भारतीय नौसेना के बेड़े में आईएनएस दूनागिरी, आईएनएस संशोधक और आईएनएस अग्रय को शामिल किया गया। इन युद्धपोतों का डिजाइन और निर्माण पूरी तरह स्वदेशी है। पीएत मोदी ने कहा कि जून में ही विमानन क्षेत्र में भी बड़ी सफलता मिली है। 'मेक इन इंडिया' के तहत निर्मित सी-295 विमान ने अपनी पहली उड़ान पूरी की है और ऐसे 40 विमान भारत में ही बनाए जा रहे हैं। इससे एमएसएमई और एयरोस्पेस क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प और सशक्त होगा। उन्होंने कहा कि इसी महीने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ने स्वदेशी लंबी दूरी की भूमि-आक्रमण क्रूज मिसाइल का भी सफल परीक्षण किया है। यह मिसाइल रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन की प्रयोगशालाओं और भारतीय उद्योगों की साझेदारी से विकसित की गई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन उपलब्धियों से स्पष्ट है कि आज भारत समुद्र से लेकर आकाश तक अधिक सुरक्षित और आत्मनिर्भर बन रहा है।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि आप यह प्रयास करें कि आपके घर, सोसायटी या आसपास की जगहों पर गणपति बप्पा की जो मूर्ति स्थापित हो वह हमारे देश की मिट्टी से बनी हो, वो हमारे अपने कुम्हारों और स्थानीय कलाकारों के हाथों तैयार हुई हो। पीएम मोदी ने अपने मासिक कार्यक्रम मन की बात में रविवार को कहा कि मुझे कई लोगों ने पत्र लिखकर एक खास विषय पर बात करने का सुझाव भेजा है। ये विषय 'गणेश उत्सव' से जुड़ा है। वैसे तो 'गणेश उत्सव' में अभी काफी समय बाकी है लेकिन लोगों ने ये आग्रह किया है कि इस विषय पर अभी ही बात होनी चाहिए। दरअसल, गणेश जी की मूर्तियां बनाने का काम बहुत पहले शुरू हो जाता है। मूर्ति बनाने वाले, मूर्तियों के व्यापार से जुड़े लोग अभी से सक्रिय हो जाते हैं। इसलिए मेरा आप सभी से एक आग्रह है। आप प्रयास करें कि आपके घर, सोसायटी या आसपास की जगहों पर गणपति बप्पा की जो मूर्ति स्थापित हो, वो हमारे देश की मिट्टी से बनी हो, वो हमारे अपने कुम्हारों और स्थानीय कलाकारों के हाथों तैयार हुई हो।</p>
<p>उन्होंने कहा कि जो लोग गणेश जी की मूर्तियां बनाते हैं, उनसे भी मेरा आग्रह है कि वे मिट्टी की मूर्तियों को प्राथमिकता दें, और जो लोग मूर्तियां खरीदते हैं, वे भी यह जरूर देखें, कि, गणपति बप्पा की मूर्ति किससे बनी है और किस देश में तैयार हुई है। प्लास्टर आफ पेरिस से बनी मूर्तियां बिल्कुल ना खरीदें। प्रधानमंत्री ने कहा कि मिट्टी की मूर्तियां पूजा के बाद सहज रूप से पानी में विलीन हो जाती हैं। इससे हमारी नदियां, तालाबों और पर्यावरण की रक्षा होती है। हमारी आस्था भी बनी रहती है और प्रकृति के प्रति हमारा दायित्व भी पूरा होता है। जब हम स्थानीय मूर्तिकाराें से मूर्ति खरीदते हैं, हम 'वोकल फोर लोकल' के संकल्प को मजबूत करते हैं। मुझे विश्वास है कि इस बार 'गणेश उत्सव' में और ऐसे हर उत्सव में हम ऐसी सारी बातों पर जरूर गंभीरता से सोचेंगे और देश-हित में कदम भी उठाएंगें।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि कुछ दिन पहले इसी माह आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पूरी दुनिया भारत के योग अभियान से जुड़ी और धरती के विभिन्न हिस्सों में ढाई हजार से ज्यादा स्थानों पर योग से सम्बंधित विविध कार्यक्रम आयोजित किए गये। पीएम मोदी ने आकाशवाणी से प्रसारित अपने मासिक कार्यक्रम 'मन की बात' के 135वीं कड़ी में रविवार को कहा कि इस बार अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर विश्व के 2,500 से अधिक स्थानों पर विविध योग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जबकि भारत में करोड़ों लोगों ने विभिन्न स्थानों पर प्रधानमंत्री ने योगाभ्यास में भाग लिया।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि इस अवसर पर आयोजित विश्व योगासन चैम्पियनशिप में भारतीय खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन किया जिससे देश का गौरव बढ़ा है। उन्होंने कहा कि इस मौके पर अहमदाबाद में आयोजित विश्व योगासन चैम्पियनशिप भी चर्चा का विषय रही, जिसमें भारत ने 114 पदक जीते। इनमें 102 स्वर्ण पदक शामिल हैं और भारत पदक तालिका में पहले स्थान पर रहा। श्री मोदी ने सभी विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि देश के लिए गर्व का विषय है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि पहले की तुलना में अब कहीं अधिक युवा खेलों को करियर के रूप में अपना रहे हैं।</p>
<p>पीएम मोदी ने अपने मासिक कार्यक्रम मन की बात की 135वीं कड़ी में रविवार को कहा, "मैं अक्सर कहता हूँ, जो खेलता है, वो खिलता है। आज देश में ऐसे युवाओं की संख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है, जो खेल भी रहे हैं और खिल भी रहे हैं। पहले की तुलना में अब कहीं अधिक युवा खेलों को करियर के रूप में अपना रहे हैं। मुझे नागालैंड के दो ऐसे प्रयासों के बारे में जानकारी मिली है, जो बहुत दिलचस्प हैं। पहला प्रयास है 'नागालैंड बेबी लीग'. नाम सुनकर आपको जरूर लगता होगा ये बहुत छोटे बच्चों की कोई साधारण लीग होगी लेकिन ऐसा नहीं है। ये पांच से 10-12 साल की आयु के छोटे-छोटे बच्चे, फूल जैसे बच्चों की एक असाधारण लीग है और इन बच्चों के फुटबाल खिलाड़ियों की एक ऐसी लीग है, जो उनकी रफ्तार को और प्रतिभा के लिए उनको प्रेरित भी करती है और उनकी पहचान भी बनाती है। इसकी शुरुआत नागालैंड के अधिक-से-अधिक बच्चों को फुटबाल से जोड़ने के लिए हुई थी। पांच से बारह वर्ष तक के लड़के और लड़कियां इसमें हिस्सा ले सकते हैं। ये लीग अब अपने तीन वर्ष पूरे कर चुकी है। इस लीग का बच्चों के मन पर बहुत अच्छा प्रभाव पड़ा है।"</p>
<p>उन्होंने कहा कि नागालैंड में एक और अच्छा प्रयास हो रहा है। इसका नाम है, 'नागालैंड वुमेन फुटसाल लीग', हो सकता है आपके लिए ये 'फुटसाल' एक नया नाम होगा, मैं आपको बताता हूँ फुटसाल को इनडोर फुटबाल भी कहा जाता है। इसमें एक टीम में केवल पांच खिलाड़ी होते हैं। खेल का मैदान भी फुटबाल के मैदान से बहुत छोटा होता है। इस कारण खिलाड़ियों को तेज फैसले लेने होते हैं। उन्हें अपनी तकनीक और स्किल का बेहतर इस्तेमाल करना पड़ता है। नागालैंड की वुमेन फुटसाल लीग हमारी बेटियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अच्छा अवसर दे रही है। मैं ऐसी पहलों के लिए नागालैंड के लोगों की सराहना करता हूं। ऐसे प्रयास देश के दूसरे हिस्सों को भी प्रेरणा देते हैं।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि अंधविश्वास डर पैदा करता है और जब डर मन पर हावी हो जाता है, तो इंसान सच को देखना ही बंद कर देता है और ऐसे लोगों का बड़ा नुकसान होता है। पीएम मोदी ने अपने मासिक कार्यक्रम मन की बात की 135वीं कड़ी में रविवार को कहा कि अंधविश्वास हजारों साल से मानव समाज में घर कर करके बैठ गया है। अंधविश्वास में डूबे लोग, फिर बिना तर्क के, बिना सत्य जाने, ऐसे फैसले लेने लगते हैं, जिनका बड़ा नुकसान होता है। वहीं समाज में ऐसे लोग भी होते हैं, जो विज्ञान, अनुभव और तर्क के आधार पर उन धारणाओं को चुनौती देते हैं। अंधविश्वास से विश्वास तक की ये यात्रा आसान नहीं होती और आज मैं ऐसी ही एक सफल यात्रा के बारे में आपको जरूर बताना चाहता हूँ।</p>
<p>उन्होंने कहा कि असम में एक पक्षी पाया जाता है। उस पक्षी का नाम है 'हरगिला'। 'हरगिला' एक दुर्लभ पक्षी है। ये प्रकृति को स्वच्छ रखने में अहम भूमिका निभाता है लेकिन असम के कुछ इलाकों में लंबे समय तक इसे अशुभ माना जाता था। लोग इसे अपने आसपास देखना पसंद नहीं करते थे। कई बार उन पेड़ों को भी काट दिया जाता था जिन पर हरगिला के घोसलें बने होते थे। सोचिए, एक ऐसा पक्षी जो पर्यावरण की सफाई में मदद करता है, वही 'हरगिला' लोगों के डर का शिकार बन गया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि इसी दौरान जीव-वैज्ञानिक पूर्णिमा देवी बर्मन ने ये सब देखा। उन्होंने लोगों के मन में बैठी गलत धारणा को बदलने का संकल्प लिया। उन्होंने महिलाओं से बात की, उन्होंने लोगों को विज्ञान के आधार पर समझाया, धीरे-धीरे महिलाएं इस अभियान से जुडने लगीं। फिर एक बड़ा बदलाव शुरू हुआ। जिस पक्षी को कभी अशुभ मानकर भगाया जाता था, वही गांवों की पहचान बनने लगा। हजारों ग्रामीण महिलाएं 'हरगिला' को बचाने के लिए आगे आईं - आज उन्हें 'हरगिला आर्मी' के नाम से जाना जाता है। इन महिलाओं ने समाज के साथ संघर्ष भी किया। समाज को समझाने के लिए दिन-रात काम किया और अंधविश्वास को पीछे छोड़ करके रहे। उन्होंने दिखाया है जब सही जानकारी पहुंचाई जाती है, तो वर्षों पुरानी सोच भी बदल सकती है।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि पहले की तुलना में अब कहीं अधिक युवा खेलों को करियर के रूप में अपना रहे हैं। पीएम मोदी ने अपने मासिक कार्यक्रम मन की बात की 135वीं कड़ी में रविवार को कहा, "मैं अक्सर कहता हूँ, जो खेलता है, वो खिलता है। आज देश में ऐसे युवाओं की संख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है, जो खेल भी रहे हैं और खिल भी रहे हैं। पहले की तुलना में अब कहीं अधिक युवा खेलों को करियर के रूप में अपना रहे हैं। मुझे नागालैंड के दो ऐसे प्रयासों के बारे में जानकारी मिली है, जो बहुत दिलचस्प हैं। पहला प्रयास है 'नागालैंड बेबी लीग'. नाम सुनकर आपको जरूर लगता होगा ये बहुत छोटे बच्चों की कोई साधारण लीग होगी लेकिन ऐसा नहीं है। ये पांच से 10-12 साल की आयु के छोटे-छोटे बच्चे, फूल जैसे बच्चों की एक असाधारण लीग है और इन बच्चों के फुटबाल खिलाड़ियों की एक ऐसी लीग है, जो उनकी रफ्तार को और प्रतिभा के लिए उनको प्रेरित भी करती है और उनकी पहचान भी बनाती है। इसकी शुरुआत नागालैंड के अधिक-से-अधिक बच्चों को फुटबाल से जोड़ने के लिए हुई थी। पांच से बारह वर्ष तक के लड़के और लड़कियां इसमें हिस्सा ले सकते हैं। ये लीग अब अपने तीन वर्ष पूरे कर चुकी है। इस लीग का बच्चों के मन पर बहुत अच्छा प्रभाव पड़ा है।"</p>
<p>उन्होंने कहा कि नागालैंड में एक और अच्छा प्रयास हो रहा है। इसका नाम है, 'नागालैंड वुमेन फुटसाल लीग', हो सकता है आपके लिए ये 'फुटसाल' एक नया नाम होगा, मैं आपको बताता हूँ फुटसाल को इनडोर फुटबाल भी कहा जाता है। इसमें एक टीम में केवल पांच खिलाड़ी होते हैं। खेल का मैदान भी फुटबाल के मैदान से बहुत छोटा होता है। इस कारण खिलाड़ियों को तेज फैसले लेने होते हैं। उन्हें अपनी तकनीक और स्किल का बेहतर इस्तेमाल करना पड़ता है। नागालैंड की वुमेन फुटसाल लीग हमारी बेटियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अच्छा अवसर दे रही है। मैं ऐसी पहलों के लिए नागालैंड के लोगों की सराहना करता हूं। ऐसे प्रयास देश के दूसरे हिस्सों को भी प्रेरणा देते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 13:21:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>डेटा ट्रांसमिशन में मिली चीन को बड़ी कामयाबी, नया संचार उपग्रह सफलतापूर्वक लॉन्च</title>
                                    <description><![CDATA[चीन ने हैनान के वेनचांग स्पेस लॉन्च साइट से संशोधित लॉन्ग मार्च-7 रॉकेट के जरिए एक नया संचार प्रौद्योगिकी परीक्षण उपग्रह सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित किया। यह उपग्रह मुख्य रूप से सैटेलाइट संचार, रेडियो-टीवी प्रसारण, डेटा ट्रांसमिशन सेवाओं और संबंधित तकनीकी परीक्षणों के लिए उपयोग किया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/china-gets-great-success-in-data-transmission-launches-new-communication/article-157853"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/018.png" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। चीन ने मंगलवार को हैनान प्रांत में वेनचांग अंतरिक्ष प्रक्षेपण स्थल से एक नया संचार प्रौद्योगिकी परीक्षण उपग्रह अंतरिक्ष में भेजा। स्थानीय मीडिया के अनुसार, लॉन्ग मार्च-7 रॉकेट के एक संशोधित संस्करण के जरिए प्रक्षेपित किया गया यह उपग्रह सफलतापूर्वक अपनी कक्षा में प्रवेश कर गया है।</p>
<p>इस उपग्रह का उपयोग मुख्य रूप से उपग्रह संचार, रेडियो व टेलीविजन प्रसारण और 'डेटा ट्रांसमिशन' जैसी सेवाओं के साथ-साथ संबंधित प्रौद्योगिकी परीक्षण के लिए किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 15:10:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>वन्यजीव संरक्षण को मिलेगा CSR का संबल: सवाई माधोपुर में होगा राज्य स्तरीय कॉन्क्लेव ; वन विभाग और कॉर्पोरेट जगत मिलकर तलाशेंगे संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और समुदाय विकास के नए रास्ते</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान वन विभाग द्वारा 22-23 जून को सवाई माधोपुर में राज्य स्तरीय CSR कॉन्क्लेव का आयोजन किया जाएगा। इसका उद्देश्य रणथम्भौर और सरिस्का जैसे संरक्षित क्षेत्रों में वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और स्थानीय समुदायों के विकास के लिए कॉर्पोरेट जगत और वन विभाग के बीच सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) को मजबूत करना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sawai-madhopur/wildlife-conservation-will-get-the-support-of-csr-state-level/article-157638"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/image1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान वन विभाग की पहल पर सवाई माधोपुर में 22 और 23 जून को राज्य स्तरीय CSR कॉन्क्लेव का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के माध्यम से वन एवं वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और स्थानीय समुदायों के सतत विकास को बढ़ावा देना है। कॉन्क्लेव में विभिन्न कॉर्पोरेट संस्थानों, सार्वजनिक उपक्रमों, उद्योग समूहों, गैर-सरकारी संगठनों, संरक्षण विशेषज्ञों और वन अधिकारियों की भागीदारी रहेगी।</p>
<p>डीसीएफ मानस सिंह ने बताया कि कार्यक्रम में रणथम्भौर, सरिस्का, केवलादेव, मुकुंदरा सहित प्रदेश के प्रमुख संरक्षित क्षेत्रों में CSR के जरिए किए जा सकने वाले कार्यों और नवाचारों पर विस्तृत चर्चा होगी। साथ ही सफल परियोजनाओं के अनुभव साझा किए जाएंगे तथा वन विभाग और कॉर्पोरेट क्षेत्र के बीच सहयोग के नए अवसर तलाशे जाएंगे। यह पहल प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और स्थानीय समुदायों के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>सवाई माधोपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 12:24:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>इलेक्ट्रिक स्कूटर अपनाने में आई तेजी, राजस्थान इलेक्ट्रिक भविष्य की ओर अग्रसर</title>
                                    <description><![CDATA[इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के प्रति बढ़ते विश्वास और मजबूत चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर से राजस्थान में मोबिलिटी बदल रही है। चौथी तिमाही (FY26) में एथर एनर्जी का बाजार अंश बढ़कर 14% हो गया है। जयपुर सहित टियर-2 और टियर-3 शहरों में कम लागत, आधुनिक सॉफ्टवेयर फीचर्स और एथर रिज़्टा जैसे पारिवारिक स्कूटरों की मांग तेजी से बढ़ी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/there-is-a-rise-in-the-adoption-of-electric-scooters/article-157613"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)49.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए भारत के सबसे अधिक संभावना वाले राज्यों में से एक के रूप में उभर रहा है। इलेक्ट्रिक वाहनों में ग्राहकों के बढ़ते विश्वास, मजबूत होते चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर और प्रीमियम इलेक्ट्रिक स्कूटरों की बढ़ती मांग के कारण राज्य में मोबिलिटी का क्षेत्र बदल रहा है। इस परिवर्तन का मुख्य लाभ एथर एनर्जी जैसी कंपनियों को मिल रहा है, जो राज्य के शहरी और उभरते हुए बाजारों में तेजी से वृद्धि कर रही हैं।</p>
<p>वित्तवर्ष 2026 की चौथी तिमाही में राजस्थान में एथर एनर्जी का बाजार अंश बढ़कर 14 प्रतिशत तक पहुँच गया। यह पिछले साल के मुकाबले लगभग दोगुना है और देश में हो रही औसत वृद्धि से काफी ज्यादा है। जयपुर कंपनी का सबसे बड़ा बाजार है, जो राज्य में होने वाली सेल में लगभग 30 प्रतिशत का योगदान देता है। जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर, कोटा और अजमेर जैसे शहरों में भी वृद्धि की दर तेज है। उद्योग के एक्सपर्ट्स के मुताबिक इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल अब कुछ मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह राजस्थान के टियर 2 और टियर 3 शहरों में भी बढ़ रहा है। </p>
<p>यह वृद्धि खासतौर से इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर ग्राहकों की बदलती धारणा के कारण हो रही है। ग्राहक अब इलेक्ट्रिक स्कूटरों को पेट्रोल स्कूटरों के विकल्प के रूप में नहीं देखते हैं, बल्कि वो इन्हें टेक्नोलॉजी के मामले में आधुनिक मोबिलिटी विकल्प मानते हैं, जो उन्हें ज्यादा सुविधा, सुरक्षा और लंबे समय में अधिक बचत प्रदान करता है। इलेक्ट्रिक स्कूटरों में कनेक्टेड डैशबोर्ड, नैविगेशन, एडवांस्ड सेफ्टी सिस्टम और सॉफ्टवेयर पर आधारित राईडिंग अनुभव मिलता है, जो आधुनिक ग्राहकों द्वारा इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदे जाने के महत्वपूर्ण कारण बन रहे हैं।</p>
<p>इलेक्ट्रिक स्कूटर ज्यादा आर्थिक लाभ भी प्रदान करते हैं। राजस्थान में पेट्रोल 113 रुपये प्रति लीटर के आसपास है, जिसके कारण रोज आवागमन करने वालों को केवल पेट्रोल पर ही रोज 3 रुपये प्रति किलोमीटर से अधिक खर्च करना पड़ता है। इसके उलट, घर पर इलेक्ट्रिक स्कूटर को चार्ज करने में केवल 0.20 रुपये से 0.25 रुपये प्रति किलोमीटर का खर्च आता है। यानी ग्राहक रोज के सफर में काफी मासिक बचत कर सकते हैं। इसके अलावा इलेक्ट्रिक स्कूटर के मेंटेनेंस का खर्च भी काफी कम है, इसलिए यह पेट्रोल स्कूटरों के मुकाबले ज्यादा वित्तीय बचत प्रदान करता है।</p>
<p>इलेक्ट्रिक स्कूटरों को अपनाने की एक बड़ी बाधा चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर थी, जिसमें लगातार सुधार हो रहा है। वर्तमान में एथर के पास राजस्थान के 32 शहरों में 189 स्थानों पर 208 चार्जिंग पॉईंट हैं। यह नेटवर्क जयपुर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर जैसे बड़े शहरों के साथ उन छोटे शहरों में भी फैला है, जहाँ इलेक्ट्रिक स्कूटरों का इस्तेमाल बढ़ रहा है। देश में कंपनी के पास 6,000 से अधिक फास्ट-चार्जिंग पॉईंट उपलब्ध हैं, जो लाईट इलेक्ट्रिक कंबाईंड चार्जिंग सिस्टम (एल.ई.सी.सी.एस) द्वारा चलाए जाते हैं। ये चार्जिंग पॉईंट लंबे सफय और दूसरे शहरों की यात्रा के दौरान चार्जिंग की फिक्र को दूर करते हैं। </p>
<p>जब परिवारों पर केंद्रित इलेक्ट्रिक स्कूटर आए, तो इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति दिलचस्पी और अधिक बढ़ गई। एथर रिज़्टा जैसे स्कूटर परिवारों को बहुत ज्यादा पसंद आए। यह स्कूटर आवागमन, स्कूल आने-जाने और घूमने के लिए जाने जैसे कई दैनिक कामों के लिए परफेक्ट है। इसमें कई प्रैक्टिकल फीचर दिए गए हैं, जिनमें बड़ी स्टोरेज क्षमता, विशाल सीट और बेहतर सुरक्षा सिस्टम शामिल हैं। यह मॉडल राजस्थान के टियर 2 और टियर 3 शहरों में काफी लोकप्रिय हुआ है क्योंकि यहाँ पर वाहन को परिवारों की जरूरतों के हिसाब से खरीदा जाता है।<br />राजस्थान के चुनौतीपूर्ण मौसम के कारण निर्माताओं ने वाहनों की ड्यूरेबिलिटी और बैटरी परफॉर्मेंस पर अधिक ध्यान देना शुरू किया। उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों को भारत के मौसम के अनुकूल बनाया। एडवांस्ड बैटरी थर्मल मैनेजमेंट सिस्टम, बैटरी रखने के मजबूत खाँचों और टेस्टिंग के कठोर प्रोटोकॉल्स का इस्तेमाल किया गया, ताकि भीषण गर्मी के मौसम में भी बैटरी भरोसेमंद परफॉर्मेंस दे सके।</p>
<p>इलेक्ट्रिक स्कूटर के इस्तेमाल को बढ़ावा देने में सरकारी सहयोग ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। केंद्र सरकार ने पीएम ई-ड्राईव जैसे अभियान चलाए, जिनके साथ राजस्थान के ई.वी इंसेंटिव प्रोग्राम ने इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने की अग्रिम लागत को कम किया और ग्राहकों के बीच इसकी जागरुकता बढ़ाई। उद्योग के हितधारकों का मानना है कि इस गति को बनाए रखने के लिए नीति निर्माताओं और प्राईवेट सेक्टर के बीच लगातार सहयोग जरूरी होगा क्योंकि छोटे शहरों एवं कस्बों में इलेक्ट्रिक स्कूटरों का इस्तेमाल बढ़ रहा है।</p>
<p>प्रमुख निर्माताओं के बीच बढ़ती प्रतियोगिता के साथ अब इलेक्ट्रिक स्कूटरों की मुख्य विशेषताएं हार्डवेयर के अलावा सॉफ्टवेयर तक बढ़ रही हैं। कंपनियाँ सॉफ्टवेयर क्षमताओं, कनेक्टेड टेक्नोलॉजी और ओवर-द-एयर अपडेट्स में भारी निवेश कर रही हैं, जिससे इलेक्ट्रिक स्कूटर में समय के साथ सुधार होता रहे। इसने इलेक्ट्रिक स्कूटर को आवागमन के साधन की बजाय एक स्मार्ट और कनेक्टेड मोबिलिटी प्लेटफॉर्म में बदल दिया है। </p>
<p>पेट्रोल की बढ़ती कीमत, बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर, सहयोगपूर्ण नीतियों और ग्राहकों की बढ़ती जागरुकता के साथ राजस्थान भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने में मुख्य भूमिका निभा रहा है। राजस्थान में एक बड़ा राष्ट्रीय ट्रेंड प्रदर्शित हो रहा है कि इलेक्ट्रिक वाहन व्यावहारिकता और टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन के साथ आवागमन के मुख्य साधन बनते जा रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 09:49:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>तकनीक, गति और नवाचार से लड़े जाएंगे भविष्य के युद्ध : युद्ध के तौर-तरीकों में आया बदलाव, राजनाथ बोले- तकनीकी रूप से तैयार रहना बेहद जरूरी</title>
                                    <description><![CDATA[वायु सेना अकादमी की पासिंग आउट परेड में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आधुनिक युद्ध अब ड्रोन, उपग्रह, साइबर सिस्टम और एआई आधारित तकनीकों पर निर्भर हैं। उन्होंने 240 नए अधिकारियों से हर समय युद्ध के लिए तैयार रहने, नवाचार अपनाने और तकनीकी बढ़त बनाए रखने का आह्वान किया।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/future-wars-will-be-fought-with-technological-speed-and-innovation/article-156863"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(3)11.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">हैदराबाद। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को भारतीय वायु सेना के नये कमीशन प्राप्त अधिकारियों से उन्नत तकनीकों, नवाचार और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता से संचालित युद्ध के बदलते स्वरूप के लिए तैयार रहने का आग्रह किया। हैदराबाद के पास वायु सेना अकादमी में 217वें कोर्स की संयुक्त स्नातक परेड की समीक्षा करते हुए सिंह ने स्नातक कैडेटों को अपना प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने और अपने प्रतिष्ठित विंग्स हासिल करने पर बधाई दी। परेड को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि स्नातक होने वाले इस बैच में 240 पायलट और ग्राउंड-ड्यूटी अधिकारी शामिल हैं। इनमें भारतीय वायु सेना, भारतीय नौसेना, भारतीय तटरक्षक बल और वियतनाम के प्रशिक्षु भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अकादमी में विभिन्न शाखाओं की यह विविधता, सशस्त्र बलों के थल, वायु और जल सेना के जुड़ाव तथा एकीकृत अभियानों पर दिये जा रहे बढ़ते जोर को दर्शाती है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">भारतीय वायु सेना की समृद्ध विरासत का जिक्र करते हुए सिंह ने कहा कि इस बल ने 1947-48 के कश्मीर संघर्ष के दौरान एयरलिफ्ट अभियानों से लेकर 1971 के युद्ध तक, देश के हितों की रक्षा में निर्णायक भूमिका निभायी है। उन्होंने आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ हालिया अभियानों में वायु सेना के योगदान की भी सराहना की और कहा कि ऐसे अभियानों की सफलता इसके कर्मियों के साहस, अनुशासन और पेशेवर रुख के कारण ही संभव हो सकी, जिसे उन्नत डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी पूरा सहयोग मिला। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">रक्षा मंत्री ने कहा कि युद्ध के तौर-तरीकों में बुनियादी बदलाव आया है। सैनिकों और हथियारों वाले पारंपरिक संघर्षों के विपरीत, आधुनिक लड़ाइयां तेजी से उपग्रहों, ड्रोन, सेंसर, रोबोटिक्स और साइबर सिस्टम जैसी तकनीकों पर निर्भर होती जा रही है। उन्होंने सचेत किया कि भविष्य के संघर्षों में संचार नेटवर्क, निगरानी प्रणालियों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमले शामिल हो सकते हैं। इसके लिए तकनीकी रूप से तैयार रहना बेहद जरूरी है। अधिकारियों से सतर्क और परिस्थितियों के अनुकूल ढलने का आग्रह करते हुए सिंह ने कहा कि उन्हें उभरती हुई युद्ध प्रणालियों और रणनीतियों का लगातार अध्ययन करना चाहिए, नवाचार करना चाहिए और तकनीकी रूप से बढ़त बनाये रखनी चाहिए।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">उन्होंने कहा, दुनिया भर में हो रहा हर संघर्ष एक सीख के रूप में काम आना चाहिए। आज के दौर में स्मार्ट वर्क और तकनीकी उत्कृष्टता उतनी ही महत्वपूर्ण हैं, जितना कि कठिन परिश्रम। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सैन्य कर्मियों को अक्सर कुछ ही सेकंड के भीतर महत्वपूर्ण निर्णय लेने की आवश्यकता होगी। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि उनके विमान, हथियार प्रणालियां, चालक दल और दिमाग हर समय युद्ध के लिए तैयार रहें। उन्होंने कहा, सीखना स्नातक होने के साथ ही खत्म नहीं हो जाता। आपके विंग्स महज कोई बैज नहीं हैं, बल्कि ये करोड़ों भारतीयों के विश्वास के प्रतीक हैं। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">सिंह ने सशस्त्र बलों में महिलाओं की बढ़ती भूमिका की भी सराहना की और वायु सेना में कमीशन प्राप्त करने वाली महिला पायलटों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति की बढ़ती उपस्थिति इस बल को अधिक मजबूत और संतुलित बना रही है। <span> </span>वियतनाम के प्रशिक्षु अधिकारी का स्वागत करते हुए रक्षा मंत्री ने विश्वास जताया कि इस अकादमी में मिला प्रशिक्षण भारत और वियतनाम के बीच रक्षा संबंधों को और मजबूत करेगा। उन्होंने प्रशिक्षकों और प्रशिक्षुओं के परिवारों के योगदान को भी सराहा। उन्होंने माता-पिता को रक्षकों के रक्षक के रूप में वर्णित किया, जो देश के भविष्य के रक्षकों को गढ़ने में मदद करते हैं। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">युवा अधिकारियों से पारंपरिक सीमाओं से परे जाकर सोचने का आह्वान करते हुए सिंह ने कहा कि भारत ऐसे ही समर्पण और उत्कृष्टता के माध्यम से 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने के अपने दृष्टिकोण को प्राप्त करेगा। उन्होंने वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, प्रशिक्षण कमान के नेतृत्व और वायु सेना अकादमी के अधिकारियों को बधाई दी और विश्वास व्यक्त किया कि भारतीय वायु सेना उनके मार्गदर्शन में नयी ऊंचाइयों को छूती रहेगी।रक्षा मंत्री ने स्नातक होने वाले अधिकारियों से कहा, आसमान को अपना घर बनायें और एक ऐसे दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ें, जो सीमाओं से परे हो।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/future-wars-will-be-fought-with-technological-speed-and-innovation/article-156863</link>
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                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 17:56:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>हेक्सावेयर को बड़ी राहत, अमेरिकी संघीय अदालत ने नैटसॉफ्ट के पेटेंट दावों को किया खारिज </title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी संघीय अदालत ने हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज के खिलाफ पेटेंट उल्लंघन के मुकदमे को खारिज कर दिया है। नैटसॉफ्ट कॉर्पोरेशन द्वारा कंपनी के 'अमेज', 'टेनसाई' और 'रैपिडएक्स' प्लेटफॉर्म्स को दी गई चुनौती को कोर्ट ने निराधार माना। हेक्सावेयर के सीईओ ने कहा कि उन्हें अपने नवाचार और इंजीनियरों की मेहनत पर पूरा भरोसा था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/big-relief-to-hexaware-us-federal-court-rejects-natsofts-patent/article-156774"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/hexaware.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिगंटन। वैश्विक आईटी कंपनी हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज के खिलाफ पेटेंट के एक मामले को अमेरिका की एक संघीय अदालत ने खारिज कर दिया है। हेक्सावेयर ने शुक्रवार को बताया कि अमेरिका के इलिनॉय प्रांत के उत्तरी जिले की जिला अदालत ने गत 09 जून को नैटसॉफ्ट कॉर्पोरेशन और उसकी संबद्ध कंपनी अपड्राफ्ट द्वारा हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज लिमिटेड और उसकी सहायक कंपनी हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज इंक के खिलाफ दायर मुकदमे के सभी दावों को खारिज कर दिया है। इनमें नौ पेटेंटों से संबंधित दावे भी शामिल थे।</p>
<p>हेक्सावेयर ने अपने 'अमेज', 'टेनसाई' और 'रैपिडएक्स' प्लेटफ़ॉर्मों में उपयोग की गयी तकनीकों के लिए अमेरिकी पेटेंट प्राप्त किये हैं। साथ ही टेनसाई से संबंधित एक अतिरिक्त अमेरिकी पेटेंट को भी हाल ही में स्वीकृति मिली है तथा उसके जल्द जारी होने की उम्मीद है। इन पेटेंटों को नैटसॉफ्ट ने अदालत में चुनौती दी थी। अदालत ने पाया कि जिन पेटेंटों का दावा किया गया था, वे किसी विशिष्ट और ठोस आविष्कार की बजाय व्यापक और अमूर्त विचारों का दावा करते हैं, इसलिए वे अमेरिकी कानून के तहत पेटेंट संरक्षण के योग्य नहीं हैं। चूंकि संघीय पेटेंट दावों को खारिज कर दिया गया, इसलिए अदालत ने संबंधित राज्य-स्तरीय दावों पर अधिकार क्षेत्र बनाये रखने से भी इनकार कर दिया और उन्हें भी खारिज कर दिया।</p>
<p>नैटसॉफ्ट को संशोधित शिकायत दाखिल करने के लिए समय दिया गया है। यदि वह ऐसा नहीं करता है तो अदालत अंतिम निर्णय जारी करने की संभावना रखती है। हेक्सावेयर के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीकृष्ण रामकार्तिकेयन ने अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कंपनी को पहले दिन से ही अपने पक्ष में फैसला आने का पूरा विश्वास था। ये प्लेटफ़ॉर्म कंपनी के अपने अनुसंधान और उसके इंजीनियरों के वर्षों के निवेश का परिणाम हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 18:27:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>विकसित भारत का विज़न: नीति आयोग की बैठक में पीएम मोदी का आह्वान, राज्यों के सहयोग और महिला सशक्तिकरण पर जोर</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीति आयोग की 11वीं संचालन परिषद बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि वैश्विक अस्थिरता के बावजूद भारत आगे बढ़ रहा है। पीएम ने 'विकसित भारत' के विज़न के लिए राज्यों से सहयोग, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स का लाभ उठाने और महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास को बढ़ावा देने की अपील की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/niti-aayog-an-important-platform-to-work-together-towards-developed/article-156678"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/modi3.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि नीति आयोग केन्द्र और राज्यों के बीच सहयोग के मंच के तौर पर अहम भूमिका निभाते हुए राज्यों को 'विकसित भारत' के विज़न के लिए मिलकर काम करने के लिए सशक्त बना सकता है। पीएम मोदी ने गुरुवार को यहां नीति आयोग की संचालन परिषद की 11 वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि दुनिया अभी अनिश्चितता के दौर से गुज़र रही है लेकिन भारत विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा, "दुनिया अनिश्चितता और अस्थिरता के दौर से गुज़र रही है, फिर भी भारत आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। जैसे-जैसे भारत 'विकसित राष्ट्र' के विज़न को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, हमारी सामूहिक ज़िम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।" राज्यों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्यों के बीच बातचीत का आधार सहयोग, संवाद और विचारों का आदान-प्रदान होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि विभिन्न देशों के साथ हाल ही में हुए मुक्त व्यापार समझौतों से भी विकास और निर्यात के अवसर बढेंगे।</p>
<p>उन्होंने कहा, "भारत ने विकास और निर्यात के नए अवसर पैदा करने के लिए कई देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किए हैं। ये समझौते हमारे एमएसएमई के लिए भी एक बड़ा अवसर साथ लाते हैं, जिससे वे अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करके और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाकर वैश्विक बाज़ारों के लिए तैयार हो सकते हैं।" प्रधानमंत्री ने 'विकसित भारत' के मुख्य स्तंभ के तौर पर महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि खेती, स्टार्टअप, विज्ञान और नवाचार जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में महिलाएं बहुत योगदान दे रही हैं।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया कि देश की विकास यात्रा को आगे बढ़ाने में महिलाओं की पूरी क्षमता का इस्तेमाल करने के लिए राज्यों को उनकी शिक्षा, कौशल विकास, सुरक्षा और सशक्तिकरण पर ध्यान देना चाहिए। बैठक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उप-राज्यपाल/प्रशासक, केंद्रीय मंत्री और नीति आयोग के उपाध्यक्ष, सदस्य और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 19:00:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>यूपीईएस ने जयपुर में पेश किया ‘यूनिवर्सिटी ऑफ टुमॉरो’ का विज़न, एआई-फर्स्ट शिक्षा मॉडल पर जोर</title>
                                    <description><![CDATA[शोध-आधारित यूपीईएस (UPES) विश्वविद्यालय ने खुद को 'एआई-फर्स्ट' संस्थान के रूप में विकसित करने की घोषणा की है। ओपनएआई से साझेदारी के तहत 19,100 से अधिक छात्रों को उन्नत एआई टूल्स और पर्सनल एआई ट्यूटर मिलेंगे। क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग 2026 में यूपीईएस देश के निजी विश्वविद्यालयों में पहले स्थान पर है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/upes-presented-the-vision-of-%E2%80%98university-of-tomorrow%E2%80%99-in-jaipur/article-156596"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/1200-x-600-px.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भारत के अग्रणी बहुविषयक एवं शोध-आधारित विश्वविद्यालयों में से एक यूपीईएस (UPES) ने जयपुर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान खुद को ‘एआई-फर्स्ट’ विश्वविद्यालय के रूप में विकसित करने की अपनी महत्वाकांक्षी पहल को विस्तार से प्रस्तुत किया। विश्वविद्यालय ने ‘यूनिवर्सिटी ऑफ टुमॉरो’ के अपने विज़न को साझा करते हुए बताया कि भविष्य की शिक्षा अब केवल पारंपरिक पाठ्यक्रमों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), उद्योग सहभागिता, शोध उत्कृष्टता और बेहतर करियर परिणामों पर आधारित होगी।</p>
<p>कार्यक्रम में बताया गया कि दुनिया तेजी से एआई, ऑटोमेशन और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के दौर से गुजर रही है, जिससे उद्योगों की कार्यप्रणाली और रोजगार की प्रकृति में बड़े बदलाव आ रहे हैं। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की ‘फ्यूचर ऑफ जॉब्स रिपोर्ट 2025’ के अनुसार वर्ष 2030 तक वैश्विक स्तर पर लगभग 17 करोड़ नई नौकरियां पैदा होने की संभावना है। ऐसे में उच्च शिक्षा संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे छात्रों को केवल विषयगत ज्ञान ही नहीं, बल्कि एआई दक्षता, विश्लेषणात्मक सोच, अनुकूलनशीलता और समस्या समाधान जैसे कौशलों से भी लैस करें।</p>
<p>इसी दिशा में यूपीईएस ने हाल ही में ओपनएआई के साथ साझेदारी की है। इस सहयोग के तहत विश्वविद्यालय के 19,100 से अधिक छात्रों और 1,500 फैकल्टी सदस्यों को उन्नत एआई टूल्स तक निःशुल्क और नियंत्रित पहुंच प्रदान की जा रही है। विश्वविद्यालय अपने सभी शैक्षणिक कार्यक्रमों में 33 प्रतिशत तक एआई का एकीकरण कर रहा है। साथ ही प्रत्येक छात्र को एक उन्नत एआई ट्यूटर उपलब्ध कराया जा रहा है, जो पाठ्यक्रम आधारित अध्ययन, अवधारणाओं की स्पष्टता, अभ्यास सहायता और बहुभाषी शिक्षण में मदद करेगा।</p>
<p>कार्यक्रम में राजस्थान के संदर्भ को भी विशेष रूप से रेखांकित किया गया। वक्ताओं ने बताया कि राजस्थान आज देश के तेजी से उभरते नवाचार और स्टार्टअप केंद्रों में शामिल हो चुका है। राज्य में 5,200 से अधिक डीपीआईआईटी-पंजीकृत स्टार्टअप और 6,000 से अधिक आई-स्टार्ट पंजीकृत स्टार्टअप सक्रिय हैं। ऐसे परिदृश्य में उद्योगों को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है जो डिजिटल कौशल, उद्यमशीलता और तकनीकी दक्षता के साथ रोजगार बाजार में प्रवेश कर सकें।</p>
<p>यूपीईएस के प्रो-वाइस चांसलर (स्टूडेंट सक्सेस) डॉ. अभिषेक सिन्हा ने कहा कि भविष्य की शिक्षा केवल पाठ्यक्रमों को अपडेट करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह छात्रों के सीखने, सोचने और तकनीक के साथ जुड़ने के तरीके को बदलने का समय है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का एआई-फर्स्ट दृष्टिकोण तकनीक, उद्योग और अंतर्विषयक शिक्षा को जोड़कर छात्रों को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार कर रहा है।</p>
<p>यूपीईएस ने कार्यक्रम के दौरान अपने मजबूत उद्योग सहयोग नेटवर्क की भी जानकारी दी। विश्वविद्यालय वर्षों से आईबीएम, इन्फोसिस, बजाज ऑटो, एचपी, बॉश, एचसीएल टेक, मर्क, सिस्को, ज़ेबिया, टाटा पावर और एलएंडटी जैसी कंपनियों के साथ साझेदारी कर रहा है। इन सहयोगों के माध्यम से छात्रों को वास्तविक परियोजनाओं, उद्योग विशेषज्ञों के मार्गदर्शन और व्यावहारिक अनुभव का अवसर मिलता है।</p>
<p>अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी यूपीईएस ने कई प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ साझेदारी स्थापित की है। इनमें यूसी बर्कले, यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लासगो, यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग और यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स जैसे संस्थान शामिल हैं। इन साझेदारियों के माध्यम से छात्रों को वैश्विक शिक्षा, छात्र विनिमय कार्यक्रम और अंतरराष्ट्रीय करियर अवसरों का लाभ मिलता है।</p>
<p>विश्वविद्यालय ने छात्रों के समग्र विकास के लिए भी कई अभिनव पहल शुरू की हैं। ‘स्कूल फॉर लाइफ’ कार्यक्रम छात्रों को नेतृत्व क्षमता, जीवन कौशल और करियर तैयारी में सहायता प्रदान करता है। वहीं ‘डिज़ाइन योर ओन डिग्री’ पहल के तहत छात्र 50 से अधिक अनूठे संयोजनों के माध्यम से अपनी रुचि और करियर लक्ष्यों के अनुरूप शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। यूपीईएस रनवे के जरिए अब तक 250 से अधिक स्टार्टअप्स को सहयोग दिया जा चुका है।</p>
<p>विधि शिक्षा के क्षेत्र में यूपीईएस स्कूल ऑफ लॉ ने एआई एंड लॉ, ब्लॉकचेन, डेटा एनालिटिक्स, आर्बिट्रेशन और कॉर्पोरेट लॉ जैसे आधुनिक विषयों को अपने पाठ्यक्रम में शामिल किया है। वहीं यूपीईएस स्कूल ऑफ बिजनेस छात्रों को एआई, फिनटेक, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल बिजनेस जैसे उभरते क्षेत्रों में प्रशिक्षित कर रहा है।</p>
<p>क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 के अनुसार यूपीईएस ने शैक्षणिक प्रतिष्ठा के आधार पर भारत के निजी विश्वविद्यालयों में पहला स्थान हासिल किया है। एनआईआरएफ 2025 में विश्वविद्यालय को यूनिवर्सिटी श्रेणी में 45वां स्थान प्राप्त हुआ है। इसके अलावा, 50 से अधिक फैकल्टी सदस्य स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की सूची के अनुसार दुनिया के शीर्ष 2 प्रतिशत शोधकर्ताओं में शामिल हैं। विश्वविद्यालय ने वर्ष 2025-26 में लगभग 800 रिक्रूटर्स की भागीदारी के साथ मजबूत प्लेसमेंट रिकॉर्ड भी दर्ज किया है, जहां उच्चतम पैकेज 54 लाख रुपये प्रतिवर्ष रहा।</p>
<p>यूपीईएस का मानना है कि एआई, उद्योग और नवाचार आधारित यह नया शिक्षा मॉडल छात्रों को न केवल वर्तमान बल्कि भविष्य की नौकरियों और वैश्विक अवसरों के लिए भी तैयार करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 18:24:27 +0530</pubDate>
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                <title>नई पहल: एलईडी संदेशों से बदलेगी ट्रैफिक की तस्वीर, शहर की सड़कों पर स्मार्ट मैनेजमेंट से सुगम हुआ यातायात</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने यातायात को सुगम बनाने के लिए सोलर चालित आधुनिक एलईडी डिस्प्ले बोर्ड लगाए हैं। डीसीपी योगेश गोयल के अनुसार, ये पोर्टेबल बोर्ड वाहन चालकों को डायवर्जन, वन-वे और सड़क सुरक्षा के संदेश रियल-टाइम में ऑन-रोड देंगे, जिससे जाम और दुर्घटनाओं में कमी आएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/new-initiative-will-change-the-traffic-picture-with-led-messages/article-156239"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/traffic.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजधानी जयपुर में यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, सुगम और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में यातायात पुलिस ने एक नई पहल शुरू की है। शहर के विभिन्न प्रमुख चौराहों, व्यस्त मार्गों और संवेदनशील ट्रैफिक पॉइंट्स पर सोलर ऊर्जा से संचालित आधुनिक एलईडी डिस्प्ले बोर्ड लगाए जा रहे हैं। इन बोर्डों के माध्यम से वाहन चालकों को रियल टाइम ट्रैफिक जानकारी, वन-वे व्यवस्था, डायवर्जन, सड़क सुरक्षा संदेश और विशेष आयोजनों से संबंधित सूचनाएं दी जा रही हैं।</p>
<p><strong>नियमों की जानकारी अब ऑन रोड</strong></p>
<p>जयपुर आयुक्तालय क्षेत्र में लगाई गई संदेश प्रदर्शन की चार एलईडी स्क्रीन और 15 स्टेंडी हैं। जिन्हें आसानी से वाहन से टॉ करके एक स्थान से दूसरे स्थान पर आवश्यकता पड़ने पर ले जाते हैं। यातायात पुलिस का मानना है कि कई बार वाहन चालक नियमों और मार्ग परिवर्तनों की जानकारी के अभाव में जाम या दुर्घटनाओं का कारण बन जाते हैं। ऐसे में एलईडी बोर्ड तत्काल सूचना देने का प्रभावी माध्यम बनकर उभरे हैं। बोर्डों पर समय-समय पर वन-वे ट्रैफिक,धीमी गति रखें, हेलमेट पहनें, सीट बेल्ट लगाएं, जाम वाले मार्ग से बचें जैसे संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं। विशेष बात यह है कि अधिकांश एलईडी यूनिट सोलर पैनल से संचालित हैं, जिससे बिजली की खपत कम होगी और इन्हें आवश्यकता अनुसार कई स्थानों पर आसानी से अस्थाई रूप से लगायात जाता है। </p>
<p><strong>राहगीर कैलाश चौपड़ा, घाटगेट</strong></p>
<p>अस्थाई एलईडी से पुलिस का यातायात नियमों को लेकर संदेश देने का तरीका अच्छा है। बार-बार लोगों के दिमाग में यातायात नियमों के पालन की बात आएगी तो एक्सीडेंट की संख्या में कमी आए। बड़े धार्मिक आयोजनों, वीआईपी मूवमेंट, त्योहारों और विशेष कार्यक्रमों के दौरान इन बोर्डों की उपयोगिता और बढ़ जाती है। इनके जरिए कुछ ही सेकंड में हजारों वाहन चालकों तक जरूरी सूचना पहुंच जाती है।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 14:07:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>डिजिमोहे फ्यूचर इम्पैक्ट टेक अवॉर्ड्स 2026 में मुख्य अतिथि होंगे बालमुकुंद आचार्य, युवाओं और नवाचार को मिलेगा नया मंच</title>
                                    <description><![CDATA[डिजिमोहे फ्यूचर इम्पैक्ट टेक अवॉर्ड्स 2026 के लिए आयोजकों ने हवामहल विधायक बालमुकुंद आचार्य को आमंत्रित किया, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार कर लिया। राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में 27 जून 2026 को होने वाले इस कार्यक्रम में प्रदेश के होनहार स्टार्टअप्स, डिजिटल क्रिएटर्स और तकनीकी प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/balmukund-acharya-will-be-the-chief-guest-at-digimohe-future/article-156226"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/1111200-x-600-px)-(3)7.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। डिजिमोहे फ्यूचर इम्पैक्ट टेक अवॉर्ड्स 2026 के आयोजन के संबंध में आज जयपुर संभाग के आयोजकों पंकज गुप्ता जी एवं मानव जैन जी द्वारा हाथोज धाम के स्वामी एवं हवामहल विधानसभा क्षेत्र के विधायक  से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पधारने का सादर निमंत्रण प्रदान किया गया। श्री बालमुकुंद आचार्य महाराज ने इस आमंत्रण को सहर्ष स्वीकार करते हुए कार्यक्रम में अपनी गरिमामयी उपस्थिति देने की सहमति प्रदान की।</p>
<p>बालमुकुंद आचार्य महाराज के कार्यक्रम में शामिल होने की स्वीकृति से आयोजन को विशेष प्रेरणा एवं गरिमा प्राप्त होगी। आयोजन समिति ने उनके प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका मार्गदर्शन युवाओं को राष्ट्र निर्माण, संस्कृति संरक्षण एवं नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि डिजिमोहे फ्यूचर इम्पैक्ट टेक अवॉर्ड्स 2026 का आयोजन आगामी 27 जून 2026 को जयपुर स्थित Rajasthan International Centre में किया जाएगा। यह कार्यक्रम राजस्थान के युवाओं, स्टार्टअप्स, डिजिटल क्रिएटर्स, नवाचारकर्ताओं एवं तकनीकी क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।</p>
<p>आयोजन समिति ने बताया कि इस मंच के माध्यम से राजस्थान के युवा उद्यमियों एवं डिजिटल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम में तकनीक, नवाचार, डिजिटल मीडिया, स्टार्टअप एवं सामाजिक प्रभाव के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 09:39:24 +0530</pubDate>
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