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                <title>innovation - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>मदन दिलावर और सुरेश सिंह रावत ने जयपुर बाल महोत्सव में बच्चों की रचनात्मकता को सराहा</title>
                                    <description><![CDATA[सांगानेर स्थित पिंजरापोल गौशाला में आयोजित जयपुर बाल महोत्सव 2026 में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने शिरकत की। मंत्रियों ने बच्चों द्वारा लगाई गई झांकियों और स्टॉल्स का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे मंच बच्चों के आत्मविश्वास और नवाचार को बढ़ावा देकर उन्हें व्यावहारिक शिक्षा से जोड़ते हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/madan-dilawar-and-suresh-singh-rawat-appreciated-the-creativity-of/article-152801"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/madan-dilawr.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान सरकार के स्कूल शिक्षा, पंचायती राज एवं संस्कृत शिक्षा विभाग के मंत्री मदन दिलावर ने आज सांगानेर स्थित पिंजरापोल गौशाला में आयोजित जयपुर बाल महोत्सव 2026 का दौरा किया। इस दौरान उनके साथ राजस्थान सरकार के जल संसाधन विभाग के मंत्री सुरेश सिंह रावत भी मौजूद रहे। दोनों मंत्रियों ने विभिन्न जिलों से आए बच्चों द्वारा लगाई गई झांकियों, स्टॉल और प्रस्तुतियों का अवलोकन किया और उनकी रचनात्मकता की सराहना की। मंत्री मदन दिलावर ने बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि इस तरह के मंच शिक्षा को किताबों से बाहर निकालकर वास्तविक जीवन से जोड़ते हैं, जिससे बच्चों में आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति की क्षमता विकसित होती है।</p>
<p>मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि बच्चे अपने-अपने क्षेत्रों की विशेषताओं को जिस तरह प्रस्तुत कर रहे हैं, वह भविष्य में स्थानीय पहचान और विकास की नई दिशा तय कर सकता है। इस अवसर पर KogniVera के संस्थापक कमलेश शर्मा, जो इस आयोजन के सहयोगी के रूप में जुड़े हैं, ने बच्चों के साथ संवाद करते हुए उनकी प्रस्तुतियों को सराहा। उन्होंने कहा कि जब बच्चे अपने आसपास की वास्तविकताओं को समझकर उन्हें रचनात्मक रूप में प्रस्तुत करते हैं, तो वही सोच आगे चलकर नवाचार और उद्यमिता की नींव बनती है। डिजिटल बाल मेला की संस्थापक जान्हवी शर्मा ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य केवल प्रस्तुति तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों को अपने जिले को समझने, उससे जुड़ने और उसे नए दृष्टिकोण से देखने के लिए प्रेरित करना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 05 May 2026 18:22:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>नॉर्थ टेक सिम्पोजियम 2026 : राजनाथ सिंह ने कहा-बदला है वार फेयर का चेहरा, तकनीक के चलते हुये क्रांतिकारी बदलाव, साइबर स्पेस में भी लड़े जा रहे युद्ध</title>
                                    <description><![CDATA[प्रयागराज में नॉर्थ टेक सिम्पोजियम का उद्घाटन करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे रक्षा त्रिवेणी का संगम बताया। उन्होंने आधुनिक युद्ध में AI और ड्रोन की भूमिका को गेम चेंजर करार दिया। सिंह ने भारतीय सेना से चौकन्ना रहने और वैश्विक महाशक्ति बनने के लिए नई तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/north-tech-symposium-2026-rajnath-singh-said-the-face/article-152620"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/rajnath-singh.png" alt=""></a><br /><p>प्रयागराज। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को संगम नगरी प्रयागराज में शुरु हुये नॉर्थ टेक सिम्पोजियम 2026 को ज्ञान व शक्ति का महाकुंभ बताते हुये कहा कि यह वास्तव में रक्षा त्रिवेणी का संगम है। राजनाथ सिंह ने तीन दिवसीय कार्यक्रम का उदघाटन करने के बाद अपने संबोधन में कहा कि हर काल खंड में वार फेयर का चेहरा बदला है,विश्व युद्ध के बाद नई तकनीक का समावेश होते हुए दुनिया ने देखा है। 21वीं सदी में टेक्नोलॉजी के नए युग का आगाज हुआ है। उन्होने कहा कि यह इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दौर है। आज साइबर स्पेस में भी युद्ध लड़े जा रहे हैं।</p>
<p>उन्होने कहा कि बीते 10-15 वर्षों में क्रांतिकारी बदलाव हुए हैं। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध पर उन्होने कहा कि दोनों के बीच पारंपरिक युद्ध शुरू हुआ, लेकिन अब यह युद्ध ड्रोन और सेंसर युद्ध के रूप में गेम चेंजर बनकर उभरा है। आज सब कुछ वैपनाइज किया जा सकता है। आपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि इससे भारतीय सेना का शौर्य याद आता है। ऑपरेशन सिंदूर में आकाश मिसाइल हुए नवीन तकनीक का प्रयोग किया गया था। रक्षा मंत्री ने भारतीय सेना से सक्रिय ही नहीं बल्कि चौकन्ना भी रहने का आह्वान करते हुये कहा कि तभी हम आने वाली चुनौतियों का सामना कर सकते हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि चिकित्सा और शिक्षा में नई टेक्नोलॉजी एक साल बाद भी लागू कर सकते हैं,लेकिन सेना में अगर हमने देरी की तो काफी पीछे हो जाएंगे,रक्षा मंत्री ने सेना से सरप्राइज एलिमेंट विकसित करने का आह्वान किया,सरप्राइज एलिमेंट ऐसा हो जिसे दुश्मन देश ने सोचा भी ना हो। उन्होने कहा कि आगे बढ़ने का एक ही मंत्र अनुकूलनशीलता है। सेना में इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा दिया जा रहा है, यूपी में डिफेंस कॉरिडोर और ब्रह्मोस का निर्माण किया जा रहा है, यूपी में हाल में ही लोकार्पित गंगा एक्सप्रेसवे को भी डिफेंस सेक्टर के लिए महत्वपूर्ण बताया है। रक्षा मंत्री ने कहा कि रक्षा में शोध को बढ़ावा देने के लिए कई सहूलियन दी गई हैं। रक्षा मंत्री ने इंडस्ट्री और एकेडमिया से अपील की, कि वे डिफेंस कॉरिडोर की तरह नॉलेज कॉरिडोर का भी निर्माण करें। अंत में रक्षा मंत्री ने कहा कि सबके सामूहिक प्रयास से ही भारत विश्व पटल पर सैन्य ताकत के रूप में स्थापित होगा, सबके प्रयासों से ही भारत वैश्विक महाशक्ति बनेगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चुनौतियों को अवसर में बदलने का भी आह्वान किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 May 2026 16:51:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>राजनाथ सिंह का दो दिवसीय प्रयागराज दौरा आज : नॉर्थ टेक सिम्पोजियम का करेंगे उद्घाटन, तकनीक और भविष्य की जरूरतों पर होगी चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज प्रयागराज में भारतीय सेना के सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होंगे। 4 मई को वे नॉर्थ टेक सिम्पोजियम का उद्घाटन करेंगे, जहाँ स्वदेशी ड्रोन और आधुनिक सैन्य उपकरणों का प्रदर्शन होगा। आयोजन का उद्देश्य रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और नवाचार को बढ़ावा देना है। सुरक्षा के मद्देनजर क्षेत्र को नो फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/rajnath-singhs-two-day-visit-to-prayagraj-will-inaugurate-north-tech/article-152520"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/rajnath-singh.png-3.png" alt=""></a><br /><p>प्रयागराज। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रविवार को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आएंगे। वह शाम को अरैल में भारतीय सेना की ओर से आयोजित कल्चरल इवेंट में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे। चार मई को न्यू कैंट के कोबरा ऑडीटोरियम में आयोजित नॉर्थ टेक सिम्पोजियम का इनॉगरेशन करेंगे। यह आयोजन 4 से 6 मई तक सिम्पोजियम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्य मंत्री (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी) जीतेंद्र सिंह की उपस्थिति भी प्रस्तावित है। यह कार्यक्रम न्यू कैंट स्थित कोबरा ऑडिटोरियम के पास होगा। आयोजन हर दिन सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा।</p>
<p>इसमें सेना के वरिष्ठ अधिकारी, सरकारी अधिकारी, रक्षा विशेषज्ञ और उद्योग जगत से जुड़े लोग मौजूद रहेंगे।आधुनिक रक्षा उपकरणों का होगा प्रदर्शन सिम्पोजियम में सेना में इस्तेमाल होने वाली नई तकनीकों और आधुनिक उपकरणों का प्रदर्शन किया जाएगा। कई उपकरणों का लाइव डेमो भी दिखाया जाएगा। ताकि लोग समझ सकें कि ये तकनीकें कैसे काम करती हैं।</p>
<p>ड्रोन और सैन्य वाहनों पर रहेगा फोकस कार्यक्रम में ड्रोन, ऑल-टेरेन वाहन, सर्विलांस सिस्टम और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी तकनीकों को खास तौर पर दिखाया जाएगा। स्वदेशी यानी भारत में तैयार तकनीकों पर ज्यादा जोर रहेगा।इस आयोजन का उद्देश्य रक्षा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों, स्टार्टअप्स, शिक्षण संस्थानों और सेना को एक मंच पर लाना है। यहां रक्षा तकनीक और भविष्य की जरूरतों को लेकर चर्चा भी होगी।कार्यक्रम के दौरान रक्षा नवाचार, सैन्य निर्माण और नई तकनीकों पर सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। विशेषज्ञ बताएंगे कि भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कैसे आगे बढ़ रहा है।</p>
<p>उधर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आगमन के मद्देनजर अरैल घाट पर कड़ा सुरक्षा पहरा लगाया गया है। यहां लोकल पुलिस के साथ ही मिलिट्री पुलिस के जवान भी तैनात किए गए हैं। उधर पुलिस की ओर से सुरक्षा के मद्देनजर अरैल घाट को नो फ्लाइंग जोन घोषित कर दिया गया है। यह प्रतिबंध दो मई की शाम पांच बजे से शुरू हो गया हैं।और यह रविवार रात 12 बजे तक लागू रहेगा। इस दौरान अगर कोई ड्रोन उड़ाता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 18:28:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को आतंकवाद के खिलाफ देश की प्रतिबद्धता का दिया संदेश, भारत अब सिर्फ़ बयान जारी नहीं करता बल्कि आगे बढ़कर निर्णायक कार्रवाई भी करता है : राजनाथ सिंह</title>
                                    <description><![CDATA[रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' ने भारत की बदलती मानसिकता का वैश्विक संदेश दिया है। अब भारत कूटनीतिक बयानों के बजाय निर्णायक सैन्य कार्रवाई में विश्वास रखता है। रक्षा निर्यात में 62% की रिकॉर्ड वृद्धि और एआई (AI) आधारित युद्धक प्रणालियाँ नए और सशक्त भारत की पहचान बन चुकी हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/operation-sindoor-gave-a-message-to-the-world-about-the/article-152209"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/rajnath-singh.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को स्पष्ट संदेश दिया है कि भारत अपने भूभाग पर आतंकवादी हमलों के बाद अब केवल कूटनीतिक बयान जारी करने की पुरानी मानसिकता तक सीमित नहीं है बल्कि आगे बढ़कर निर्णायक कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। राजनाथ सिंह ने गुरुवार को यहां एक राष्ट्रीय सुरक्षा शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने स्पष्ट रुख अपनाया है कि किसी भी परिस्थिति में आतंकवाद का कोई भी कृत्य सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक, हवाई हमलों और ऑपरेशन सिंदूर को आतंकवाद के खिलाफ सरकार के दृढ़ संकल्प का प्रतीक बताया।</p>
<p>उन्होंने कहा, "आतंकवाद एक विकृत और विक्षिप्त मानसिकता से उत्पन्न होता है। यह मानवता पर एक काला धब्बा है। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई केवल राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला नहीं है, यह मूल रूप से मानवता के मूल्यों की रक्षा की लड़ाई है। यह एक बर्बर विचारधारा के खिलाफ संघर्ष है जो हर मानवीय मूल्य के सीधे विरोध में खड़ी है। हमने इस भारतीय दृष्टिकोण को देश के भीतर और विदेशों में स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया है।"</p>
<p>रक्षा मंत्री ने कहा कि जब तक आतंकवाद मौजूद रहेगा, यह सामूहिक शांति, विकास और समृद्धि को चुनौती देता रहेगा। उन्होंने कहा, "आतंकवाद को धार्मिक रंग देकर या इसे नक्सलवाद जैसी हिंसक विचारधारा से जोड़कर उचित ठहराने के प्रयास किए जाते हैं। यह अत्यंत खतरनाक है और एक प्रकार से आतंकवादियों को आड़ प्रदान करता है ताकि वे धीरे-धीरे अपने लक्ष्य की ओर बढ़ सकें। आतंकवाद केवल राष्ट्र-विरोधी कृत्य नहीं है, इसके कई आयाम हैं—संचालनात्मक, वैचारिक और राजनीतिक। इससे तभी निपटा जा सकता है जब हम इन सभी आयामों पर काम करें।"</p>
<p>पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद को लगातार समर्थन दिए जाने पर श्री सिंह ने कहा, "भारत और पाकिस्तान दोनों ने एक ही समय पर स्वतंत्रता प्राप्त की थी। हालांकि आज भारत को विश्व स्तर पर सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) के लिए जाना जाता है, जबकि पाकिस्तान को एक अलग प्रकार के आईटी यानी 'अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद' का केंद्र माना जाता है।" रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर को भारतीय सशस्त्र बलों की एकजुटता और समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय थल सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना ने एकजुट होकर और एकीकृत योजना के तहत कार्य किया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि भारत की सैन्य शक्ति अब अलग-अलग हिस्सों में काम नहीं करती, बल्कि यह एक संयुक्त, एकीकृत और वैश्विक शक्ति के रूप में उभरी है।</p>
<p>राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर को अपनी शर्तों पर और अपने चुने हुए समय पर अंजाम दिया, और इसे पूरी तरह अपनी शर्तों पर ही रोका। उन्होंने कहा, "इस अभियान के दौरान हमने अत्यंत सटीकता के साथ केवल उन लोगों को निशाना बनाया जिन्होंने हमारे खिलाफ हमला किया था। हमने अभियान इसलिए नहीं रोका कि हमारी क्षमताएं समाप्त हो गई थीं या कम हो गई थीं। हमने इसे पूरी तरह अपनी शर्तों पर समाप्त किया। हम लंबे समय तक संघर्ष जारी रखने के लिए पूरी तरह तैयार थे। हमारे पास आवश्यक अतिरिक्त क्षमता और अचानक संकट के समय अपनी क्षमताओं को तेजी से बढ़ाने की अंतर्निहित शक्ति है।"</p>
<p>रक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत का सैन्य-औद्योगिक ढांचा लगातार यह साबित करता रहा है कि वह न केवल शांति काल की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तैयार है, बल्कि युद्ध के समय तेज आपूर्ति और रसद की मांगों को भी पूरा करने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि उस अवधि के दौरान भारत ने परमाणु हमले की धमकी या दबाव में आए बिना अपने निर्धारित उद्देश्यों को पूरा किया। उन्होंने कहा, "यह नई विश्व व्यवस्था है, यह नए वैश्विक युग का नया भारत है। यह वह भारत है जो आतंकवाद और उसे प्रायोजित करने वालों के बीच कोई अंतर नहीं करता। यह हमारे प्रधानमंत्री की स्पष्ट नीति है, जिसने बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत को रूपांतरित किया है।"</p>
<p>रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर को प्रतिरोधक क्षमता का प्रतीक बताते हुए कहा कि यद्यपि यह अभियान केवल 72 घंटों के भीतर समाप्त हो गया, लेकिन इसके पहले की तैयारी व्यापक और लंबी थी। उन्होंने बताया कि भारत की अतिरिक्त क्षमता, संसाधनों को तेजी से जुटाने की क्षमता, रणनीतिक भंडार और स्वदेशी रूप से विकसित हथियारों की सिद्ध विश्वसनीयता अब प्रतिरोधक नीति के अभिन्न अंग बन चुके हैं।राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के परिणामस्वरूप वैश्विक धारणा में उल्लेखनीय बदलाव और स्वदेशी हथियारों तथा रक्षा उत्पादों की विश्वसनीयता के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा ,"कई देशों ने भारत से हथियार और रक्षा उपकरण खरीदने में गहरी रुचि दिखाई है। </p>
<p>आंकड़े स्वयं इसकी पुष्टि करते हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 62.66 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि है। हम इन मानकों को और आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।" जर्मनी की अपनी हाल की यात्रा पर रक्षा मंत्री ने कहा कि यूरोप की प्रमुख कंपनियां हमारे निजी रक्षा उद्योग और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के साथ सहयोग करने के लिए उत्सुक हैं, जो भारत की बढ़ती विश्वसनीयता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि विश्व में भारत की मजबूत स्थिति केवल उसकी सैन्य शक्ति से ही नहीं, बल्कि प्रतिरोधक क्षमता स्थापित करने की योग्यता से भी सुदृढ़ हुई है।</p>
<p>प्रतिरोधक क्षमता के स्वरूप में तेजी से हो रहे बदलाव को रेखांकित करते हुए श्री सिंह ने कहा कि साइबर क्षेत्र, अंतरिक्ष युद्ध और सूचना प्रौद्योगिकी इसके महत्वपूर्ण घटक बन गए हैं, और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) इस परिवर्तन के केंद्र में है। उन्होंने कहा, "ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उपयोग की गई ब्रह्मोस जैसी अत्याधुनिक मिसाइल प्रणालियों से लेकर विभिन्न निगरानी प्लेटफार्मों तक, एआई का व्यापक और प्रभावी उपयोग किया गया है। इससे हमारी सटीकता और प्रहार क्षमता में वृद्धि हुई है। जहां बड़ी कार्रवाइयों की जानकारी अक्सर सार्वजनिक हो जाती है, वहीं अनगिनत छोटे अभियान और प्रक्रियाएं पहले से सक्रिय होकर खतरों को उत्पन्न होने से पहले ही निष्प्रभावी कर देती हैं। ऐसे सभी मामलों में एआई का व्यापक उपयोग किया जाता है ।"</p>
<p>एआई के व्यावहारिक उपयोग पर जोर देते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि यह आतंकवादियों का पता लगाने और निर्णायक प्रतिक्रिया देने में महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, "एआई का एक अर्थ 'ऑगमेंटेड इन्फैंट्री' भी है। यह हमारे सैनिकों की क्षमताओं को काफी बढ़ा रहा है। आधुनिक युद्ध की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए हम अपनी सेना को तकनीक-आधारित, एकीकृत युद्ध मशीन में बदलने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इस उद्देश्य से सेना ने 'रुद्र' ब्रिगेड, 'भैरव' बटालियन, 'शक्तिबाण' तोपखाना रेजिमेंट और 'दिव्यास्त्र' बैटरियों जैसे चुस्त और आत्मनिर्भर युद्धक इकाइयों की स्थापना की है, जो आधुनिक मिश्रित खतरों का तुरंत और सशक्त जवाब देने में सक्षम हैं।"<br />हालांकि, श्री सिंह ने इस बात पर भी जोर दिया कि एआई को केवल सकारात्मक दृष्टिकोण से नहीं देखा जा सकता, क्योंकि डीपफेक, साइबर युद्ध और स्वायत्त हथियार प्रणालियां नए और गंभीर खतरे उत्पन्न कर रही हैं। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव तथा डॉ. समीर वी. कामत और एकीकृत रक्षा स्टाफ के प्रमुख एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित भी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 14:43:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>2025 बैच के 7 आईएएस से राजस्थान कैडर को मजबूती, मुख्य सचिव ने कराया शासन एजेंडे से परिचय </title>
                                    <description><![CDATA[मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने राजस्थान कैडर के 2025 बैच के 7 प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों का स्वागत किया। उन्होंने "मैक्सिमम गवर्नेंस—मिनिमम गवर्नमेंट" और डिजिटल सुधारों पर जोर दिया। अधिकारियों से विकसित राजस्थान @2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पारदर्शिता, समर्पण और तकनीक-आधारित प्रशासन के साथ कार्य करने का आह्वान किया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-cadre-strengthened-with-7-ias-of-2025-batch-chief/article-151875"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/ias1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान कैडर में शामिल हो रहे वर्ष 2025 बैच के 7 आईएएस प्रशिक्षु अधिकारियों से मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने एचसीएम रीपा में संवाद कर उनका स्वागत किया। उन्होंने अधिकारियों को राज्य की गौरवशाली प्रशासनिक परंपरा से अवगत कराते हुए “मैक्सिमम गवर्नेंस—मिनिमम गवर्नमेंट” के सिद्धांत पर कार्य करने का संदेश दिया। संवाद के दौरान मुख्य सचिव ने नागरिक-केंद्रित शासन मॉडल की विस्तार से जानकारी दी। </p>
<p>उन्होंने समयबद्ध जन-शिकायत निवारण, पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने, आधारभूत ढांचे के विकास, डिजिटल गवर्नेंस, प्रशासनिक सुधार और संस्थागत पारदर्शिता पर विशेष जोर दिया। साथ ही मिशन कर्मयोगी, तकनीक-आधारित प्रशासन, प्रभावी जनसंपर्क, मुख्यमंत्री ग्राम विकास अभियान, राज उन्नति और महिला सशक्तीकरण जैसी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता बताई। इस अवसर पर एचसीएम रीपा की महानिदेशक श्रेया गुहा ने भी अधिकारियों का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें संवैधानिक मूल्यों, निष्पक्षता और लोक सेवा की भावना के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से नवाचार, समर्पण और नेतृत्व के साथ कार्य करते हुए विकसित राजस्थान @2047 और विकसित भारत के लक्ष्य में योगदान देने का आह्वान किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 17:29:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जयपुर रेंज पुलिस की अनोखी पहल: क्यूआर कोड से जान पाएंगे दुर्घटना संभावित ‘ब्लैक स्पॉट’, आईजी प्रकाश ने की आमजन से ब्लैक स्पॉट के पास वाहन की धीमी गति रखने की अपील</title>
                                    <description><![CDATA[सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जयपुर रेंज पुलिस ने QR कोड तकनीक पेश की है। वाहन चालक इसे स्कैन कर मार्ग के 'ब्लैक स्पॉट्स' और खतरनाक मोड़ों की सटीक जानकारी पा सकते हैं। आईजी राहुल प्रकाश ने सुरक्षित यात्रा के लिए गति धीमी रखने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/unique-initiative-of-jaipur-range-police-you-will-be-able/article-151871"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/jaipur-police1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सड़क सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए जयपुर रेंज पुलिस ने एक नई और उपयोगी पहल शुरू की है। अब वाहन चालक क्यूआर कोड स्कैन कर अपने रूट के उन स्थानों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, जहां हादसों का खतरा अधिक रहता है। इस पहल का उद्देश्य लोगों को जागरूक बनाकर सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना है। समाचार: “सुरक्षित सफर, सुरक्षित परिवार” के संदेश के साथ शुरू की गई इस पहल के तहत पुलिस ने ऐसे ‘ब्लैक स्पॉट’ चिन्हित किए हैं, जहां दुर्घटनाएं होने की संभावना ज्यादा होती है। </p>
<p>आईजी राहुल प्रकाश ने बताया कि क्यूआर कोड के माध्यम से लोग इन स्थानों की जानकारी आसानी से पा सकते हैं और यात्रा के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरत सकते हैं। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि ब्लैक स्पॉट के पास गति धीमी रखें, यातायात संकेतों का पालन करें, हेल्मेट और सीटबेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन से दूरी बनाए रखें। साथ ही, इस क्यूआर कोड की जानकारी अपने परिवार और दोस्तों के साथ साझा कर सभी को सुरक्षित रखने में सहयोग करें। जयपुर रेंज पुलिस का मानना है कि जागरूकता ही सड़क दुर्घटनाओं को कम करने का सबसे प्रभावी तरीका है। इसलिए नागरिकों से सतर्क रहने और सुरक्षित चलने की अपील की गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 16:57:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> सब-डर्मल इम्प्लांट इंसर्शन प्रशिक्षण सह कार्यशाला : आधुनिक गर्भनिरोधक सेवाओं को सुदृढ़ करना उद्देश्य, विशेषज्ञ हुए शामिल </title>
                                    <description><![CDATA[उम्मेद अस्पताल में UNFPA और स्वास्थ्य विभाग द्वारा आधुनिक गर्भनिरोधक सब-डर्मल इम्प्लांट पर कार्यशाला आयोजित हुई। विशेषज्ञों ने बताया कि यह विधि तीन वर्षों तक सुरक्षित सुरक्षा देती है। जोधपुर में अब तक 1300 सफल इम्प्लांट हो चुके हैं। अब यह सुविधा जिला चिकित्सालय महिलाबाग में भी सुलभ होगी, जिससे परिवार नियोजन सेवाओं को मजबूती मिलेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/promotion-of-modern-contraceptive-services-in-jodhpur-two-day-sub-dermal-implant/article-151567"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)52.png" alt=""></a><br /><p>जोधपुर। शहर के उम्मेद अस्पताल में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, राजस्थान और संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय सब-डर्मल इम्प्लांट इंसर्शन प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य जिले में आधुनिक गर्भनिरोधक सेवाओं को सुदृढ़ करना और स्वास्थ्यकर्मियों की क्षमता बढ़ाना रहा। इस प्रशिक्षण में उम्मेद अस्पताल, मथुरा दास माथुर अस्पताल, महिलाबाग जिला चिकित्सालय और एम्स जोधपुर के वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञों ने भाग लिया। साथ ही जैसलमेर जिले से भी विशेषज्ञ इस कार्यशाला में शामिल हुए।</p>
<p>प्रशिक्षण सत्रों का संचालन डॉ. ओबी नागर (जयपुर) और डॉ. संतोष खोखर (जोधपुर) ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों को तकनीकी और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। राज्य कार्यक्रम अधिकारी कृष्ण गोपाल सोनी ने एसडी इम्प्लांट की राज्य स्तर पर बढ़ती स्वीकार्यता के आंकड़े साझा किए, जबकि जिला स्तर पर समन्वय डॉ. गिरीश माथुर ने किया। कार्यशाला में बताया गया कि सब-डर्मल इम्प्लांट एक सुरक्षित, प्रभावी और दीर्घकालिक गर्भनिरोधक विधि है, जो महिलाओं को लगभग तीन वर्षों तक गर्भधारण से सुरक्षा देती है। इसे प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी द्वारा महिला की बांह में लगाया जाता है और प्रसव या गर्भपात के तुरंत बाद भी उपयोग किया जा सकता है। जोधपुर जिले में इस सुविधा की शुरुआत जनवरी 2025 में हुई थी और अब तक करीब 1300 सफल इम्प्लांट इंसर्शन किए जा चुके हैं। यह सेवाएं एम्स, उम्मेद अस्पताल, मथुरा दास माथुर अस्पताल और जिला चिकित्सालय पावटा में उपलब्ध हैं। अब महिलाबाग जिला चिकित्सालय में भी यह सुविधा शुरू की जा रही है, जिससे आमजन को और अधिक सुलभ सेवाएं मिल सकेंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जोधपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/promotion-of-modern-contraceptive-services-in-jodhpur-two-day-sub-dermal-implant/article-151567</link>
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                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 16:12:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजधानी दिल्ली में आयोजित हुआ ग्राम-2026 रोड शो: सीएम भजनलाल ने किया निवेशकों को आमंत्रित, कृषि जगत की बड़ी हस्तियां रहीं मौजूद </title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर में 23-25 मई को होने वाले ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (GRAM) का निमंत्रण दिया। कृषि क्षेत्र में ₹44,000 करोड़ के एमओयू के साथ सरकार निवेश के प्रति गंभीर है। इस अंतर्राष्ट्रीय मंच पर विदेशी प्रतिनिधियों और निवेशकों के साथ आधुनिक खेती व नवाचार पर मंथन होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/gram-2026-road-show-was-organized-in-the-capital-delhi-cm/article-151523"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/bhajanlal-sharmma.pngg.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। आगामी 23 से 25 मई के बीच जयपुर में ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम)-2026 का आयोजन किया जाएगा। जिसमें किसानों, कृषि विशेषज्ञों, नीति निमातार्ओं और निवेशकों को एक मंच पर लाकर कृषि प्रौद्योगिकी के जरिए किसानों की मजबूती पर बल दिया जाएगा। यह बातें मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को यहां आयोजित ग्राम-2026 इन्वेस्टर मीट को संबोधित करते हुई कहीं। इस दौरान उन्होंने सभी निवेशकों एवं उद्यमियों को ग्राम-2026 में भाग लेने के लिए आमंत्रण भी दिया।</p>
<p><strong>निवेश बढ़ाने को सरकार प्रतिबद्ध</strong></p>
<p>सीएम शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार उद्यमियों को निवेश अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।  राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन कर कृषि क्षेत्र में करीब 44 हजार करोड़ रुपए के एमओयू साइन किए गए। जिनमें से नौ हजार करोड़ से अधिक का निवेश धरातल पर उतर भी चुका है।</p>
<p><strong>सीएम ने विदेशी प्रतिनिधियों से की चर्चा</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ग्राम-2026 इन्वेस्टर मीट के तहत विभिन्न देशों के ट्रेड प्रतिनिधियों, विभिन्न उद्यमियों, स्टार्ट-अप्स ने वन-टू-वन चर्चा की। इस दौरान सीएम शर्मा ने कनाडा, रूस, ऑस्ट्रेलिया, इटली, ब्राजील, वियतनाम और अर्जेन्टीना के दूतावासों के वाणिज्यिक एवं कृषि प्रतिनिधियों से राजस्थान में कृषि निवेश बढ़ाने पर बातचीत की।</p>
<p><strong>कृषि जगत की बड़ी हस्तियां रहीं मौजूद</strong></p>
<p>कार्यक्रम के दौरान ग्राम- 2026 पर लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। इस अवसर पर राज्य के जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत, सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार, राजस्थान किसान आयोग अध्यक्ष सी.आर. चैधरी, महानिदेशक भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद एम.एल. जाट, महासचिव फिक्की अनन्त स्वरूप सहित कृषि क्षेत्र से जुड़े उद्यमीगण, निवेशकगण, विशेषज्ञ एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।</p>
<p><strong>राजस्थान साहस और नवाचार की भूमि: चौधरी</strong></p>
<p>केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चैधरी ने कहा कि राजस्थान साहस और नवाचार की भूमि है। वैज्ञानिक प्रदेश की भौगोलिक आवश्यकतानुसार कृषि के लिए आवश्यक एवं सुलभ तकनीक विकसित करें।</p>
<p><strong>ग्राम- 2026 अंतर्राष्ट्रीय मंच साबित होगा: किरोड़ीलाल मीणा</strong></p>
<p>कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बताया कि ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट के तहत अहमदाबाद, हैदराबाद एवं पुणे सहित देश के कई स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि देश के कृषकों को नई तकनीक की जानकारी देने के लिए आयोजित ग्राम- 2026 एकीकृत अंतर्राष्ट्रीय मंच साबित होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 10:49:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इसरो की ‘स्पेस ऑन व्हील्स’ से जशपुर में विज्ञान की नई उड़ान : सीएम विष्णुदेव साय ने किया अवलोकन, विज्ञान और तकनीक विकास की आधारशिला</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर में इसरो की मोबाइल प्रदर्शनी "स्पेस ऑन व्हील्स" का अवलोकन किया। इस पहल के तहत ग्रामीण छात्रों को चंद्रयान, मंगलयान और रॉकेट तकनीक की जानकारी दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने 17 मेधावी छात्रों को सम्मानित किया। इस अभियान से जिले के 10,000 से अधिक विद्यार्थी लाभान्वित होंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/new-flight-of-science-in-jashpur-from-isros-space-on/article-150817"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/isro.png" alt=""></a><br /><p>जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जिज्ञासा और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित “स्पेस ऑन व्हील्स” कार्यक्रम ने बच्चों में नई ऊर्जा भर दी है। रणजीता स्टेडियम, जशपुर में आज भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की इस विशेष मोबाइल प्रदर्शनी बस का आगमन हुआ, जिसका अवलोकन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी में प्रदर्शित रॉकेट, उपग्रह और अंतरिक्ष मिशनों से जुड़े विभिन्न मॉडलों का अवलोकन करते हुए विद्यार्थियों से संवाद किया। इस दौरान शासकीय महारानी लक्ष्मी बाई उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं-अंशु पासवान, भूमिका डाहरे और सारिका साहनी ने आत्मविश्वास के साथ चंद्रयान, मंगलयान, पीएसएलवी और जीएसएलवी सहित विभिन्न अंतरिक्ष तकनीकों की कार्यप्रणाली को सरल भाषा में समझाया।</p>
<p>मुख्यमंत्री साय ने बच्चों की वैज्ञानिक समझ और आत्म विश्वास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम दूरस्थ क्षेत्रों में विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि विज्ञान और तकनीक आज विकास की आधारशिला हैं और “स्पेस ऑन व्हील्स” जैसे प्रयास ग्रामीण बच्चों में नवाचार और जिज्ञासा को बढ़ावा देते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिले में स्पेस ऑन व्हील्स के माध्यम से जागरूकता फैलाने वाले 17 विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए और “द मैजिक ऑफ नाइट स्काई” पुस्तिका का वितरण भी किया।</p>
<p>मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप “अन्वेषण” कार्यक्रम के तहत इस पहल का आयोजन किया जा रहा है। कलेक्टर रोहित व्यास की पहल और विज्ञान भारती के सहयोग से यह कार्यक्रम जिले के सभी विकासखंडों में संचालित होगा। 7 अप्रैल से प्रारंभ यह अभियान 14 दिनों तक विभिन्न विद्यालयों में चल रहा है और प्रतिदिन सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान की जानकारी दी जा रही है। इस अभियान से 10,000 से अधिक विद्यार्थी प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे।</p>
<p>“स्पेस ऑन व्हील्स” इसरो की एक अत्याधुनिक मोबाइल प्रदर्शनी है, जिसे विशेष रूप से एक बस के रूप में तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य अंतरिक्ष विज्ञान को सीधे छात्रों और आमजन तक पहुंचाना है, खासकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में। इसमें रॉकेट, उपग्रह, रिमोट सेंसिंग, कम्युनिकेशन और नेविगेशन तकनीकों के मॉडल, ऑडियो-विजुअल डिस्प्ले और इंटरएक्टिव पैनल के माध्यम से जानकारी दी जाती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 18:01:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ईरान, तुर्की के बाद दुनिया में एक और ड्रोन सेना के सुपर पावर का जन्म: ड्रोन इंडस्ट्री में बहुत तेजी से पैर पसार रहा ताइवान, हर साल लाखों ड्रोन बनाने का लक्ष्य</title>
                                    <description><![CDATA[ईरानी ड्रोन की तबाही के बीच ताइवान चुपचाप दुनिया का नया ड्रोन हब बन रहा है। चीन के खतरे को देखते हुए ताइपे ने 1 लाख से अधिक स्वदेशी ड्रोन यूक्रेन भेजे हैं। 2030 तक सालाना 1.80 लाख ड्रोन बनाने का लक्ष्य रखने वाला ताइवान अब अमेरिका और भारत जैसे देशों के लिए सप्लाई चेन का सुरक्षित विकल्प बन गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/after-iran-and-turkey-the-birth-of-another-drone-army/article-147162"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/trukey.png" alt=""></a><br /><p>ताइपे। ईरान और अमेरिका की जंग में विस्फोटक ड्रोन विमानों की ताकत देखकर दुनिया हैरान है। ईरान सऊदी अरब से लेकर कतर तक में तबाही मचा रहा है और सुपरपावर अमेरिका तथा इजरायली सेना इसे पूरी तरह से रोकने में नाकाम साबित हो रही है। अमेरिका के थॉड और पेट्रियट तथा इजरायल के एयर डिफेंस सिस्टम ईरानी शाहेद ड्रोन के आगे फेल हो गए हैं। इससे खाड़ी देशों में भारी नुकसान पहुंचा है। दुनियाभर के सैन्य रणनीतिकार विस्फोटक ड्रोन को लेकर अब बड़ी चेतावनी दे रहे हैं। इससे पहले यूक्रेन युद्ध में भी रूस ने ईरानी शाहेद ड्रोन की मदद से यूक्रेन में भारी तबाही मचाई थी। </p>
<p>वहीं, यूक्रेन तुर्की के बायरकतार सीरिज के ड्रोन पर भरोसा करता है। तुर्की एवं ईरान के बाद अब एक और देश है जो अगला ड्रोन सुपरपावर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस देश का नाम ताइवान है जिसे चीन अपना हिस्सा कहता है। दुनिया में ड्रोन सेना की बढ़ती मांग के बीच ताइवान बहुत चुपचाप तरीके से बहुत बड़े पैमाने पर स्वदेशी तकनीक की मदद से ड्रोन बना रहा है। यही नहीं ताइवान इन हमलावर ड्रोन को यूक्रेन को निर्यात कर रहा है जो रूस के साथ जंग लड़ रहा है। इससे अब ताइवान में यह ड्रोन इंडस्ट्री बहुत तेजी से पैर पसार रही है। ताइवान में ड्रोन निर्माण को एक प्रयोग के तौर पर शुरू किया गया था लेकिन ताइपे ने पिछले एक साल में ही 1 लाख ड्रोन का यूक्रेन को निर्यात किया है। यह बिक्री पोलैंड और चेक रिपब्लिक की मदद से की गई है।</p>
<p>चीन की धमकियों का सामना कर रहे ताइवान के लिए हमलावर ड्रोन उसके अपने अस्तित्व को बचाए रखने के लिए भी बहुत ही जरूरी हैं। ताइवान ने ड्रोन बनाया है जो मध्यम ऊंचाई तक लंबे समय तक उड़ान भर सकता है। इसके अलावा ताइवान ने Chien Hsiang कामीकाजी ड्रोन बनाया है जो ईरान के शाहेद की तरह से ही निगरानी करने, इलेक्ट्रानिक हमले और हाई वैल्यू टारगेट पर लंबी दूरी तक हमला करने में सक्षम है। ताइवान न केवल खुद से ड्रोन बना रहा है, बल्कि अमेरिका से भी ड्रोन खरीद रहा है। ताइवान का इरादा साल 2030 तक हर साल 1 लाख 80 हजार ड्रोन बनाने का है। ताइवान अपने साथ राजनयिक संबंध रखने वाले देशों को ड्रोन की सप्लाई कर रहा है जिसका नागरिक और सैन्य दोनों ही तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है। </p>
<p><strong>चीन के हमले का खतरा</strong></p>
<p>असल में ताइवान उन देशों को विकल्प मुहैया करा रहा है जो चीनी उपकरणों से मुक्त ड्रोन चाहते हैं। यह अमेरिका और उसके सहयोगी देशों जैसे जापान, भारत, यूरोपीय देशों के लिए मददगार है जो अपने सप्लाई चेन में विविधता लाना चाहते हैं। ताइवान पर चीन के हमले का खतरा मंडरा रहा है, इसी वजह से ताइपे बहुत तेजी से घरेलू ड्रोन उद्योग को खड़ा करना चाहता है। आज ताइवान में 260 कंपनियां ड्रोन के पूरे सिस्टम को खुद से बना रही हैं और एकीकृत कर रही हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 12:08:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पश्चिम एशिया संकट के बीच राजनाथ ​सिंह का बड़ा बयान: बोले-ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भरता जरूरी, विकसित भारत के लक्ष्य को पाने के लिए नई प्रौद्योगिकियों को अपनाना आवश्यक</title>
                                    <description><![CDATA[रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 'राष्ट्रीय रक्षा उद्योग सम्मेलन' में भारत को स्वदेशी ड्रोन निर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने का आह्वान किया। उन्होंने रणनीतिक स्वायत्तता के लिए MSMEs और स्टार्टअप्स को AI व रोबोटिक्स जैसी उन्नत तकनीक अपनाने पर जोर दिया। इस अवसर पर 'अदिति' और 'iDEX' चुनौतियों के नए संस्करण भी लॉन्च किए गए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/amidst-the-west-asia-crisis-rajnath-singhs-big-statement-said/article-147099"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/rajnath-singh.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत को मौजूदा भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं को देखते हुए रणनीतिक स्वायत्तता सुनिश्चित करने, रक्षा तैयारी को सुदृढ़ करने तथा देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वदेशी ड्रोन निर्माण का वैश्विक केंद्र बनने के मिशन मोड में कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। साथ ही विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए नई प्रौद्योगिकियों को अपनाना आवश्यक है। </p>
<p>राजनाथ सिंह ने रक्षा उत्पादन विभाग द्वारा आयोजित दो दिन के राष्ट्रीय रक्षा उद्योग सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में गुरुवार को 'उन्नत विनिर्माण प्रौद्योगिकियां' विषय पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों, नव-उद्यमों, रक्षा उत्कृष्टता के लिए नवाचार विजेताओं, रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों, निजी रक्षा कंपनियों, नवोन्मेषकों, नीति निर्माताओं और शिक्षाविदों को संबोधित किया। उन्होंने वर्तमान भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं को देखते हुए रणनीतिक स्वायत्तता सुनिश्चित करने, रक्षा तैयारी को सुदृढ़ करने तथा देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ड्रोन उत्पादन पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया।</p>
<p>रक्षा मंत्री ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध से लेकर ईरान और इजराइल के बीच तनाव तक चल रहे संघर्ष इस बात के प्रमाण हैं कि भविष्य के युद्धों में ड्रोन और प्रतिरोधी ड्रोन प्रौद्योगिकियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी और ड्रोन निर्माण में आत्मनिर्भरता केवल उत्पाद स्तर पर ही नहीं बल्कि कलपुर्जे के स्तर पर भी आवश्यक है। उन्होंने कहा, ड्रोन के ढांचों से लेकर उसके सॉफ्टवेयर, इंजन और बैटरियों तक, सब कुछ भारत में ही निर्मित होना चाहिए। यह कोई आसान कार्य नहीं है। अधिकांश देशों में जहां ड्रोन बनाए जाते हैं, वहां अनेक महत्वपूर्ण कलपुर्जे वर्तमान में चीन से आयात किए जाते हैं।</p>
<p>रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि किसी भी देश के रक्षा औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण बड़े उद्योगों, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों, नव-उद्यमों और नवोन्मेषकों के योगदान पर निर्भर करता है, साथ ही सरकार की स्पष्ट नीतिगत दिशा भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है, जो देश की विशिष्ट रक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप हो। उन्होंने निजी क्षेत्र से सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया और सरकार के पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया ताकि भारत को स्वदेशी ड्रोन निर्माण का वैश्विक केंद्र बनाया जा सके।</p>
<p>रक्षा मंत्री ने रक्षा भारत नव-उद्यम चुनौती के 14वें संस्करण और आईडेक्स ढांचे के अंतर्गत 'अदिति चुनौतियों' के चौथे संस्करण का शुभारंभ किया। रक्षा बलों, भारतीय तटरक्षक बल और रक्षा अंतरिक्ष एजेंसी से प्राप्त कुल 107 समस्या विवरण जारी किए गए, जिनमें 82 रक्षा भारत नव-उद्यम चुनौती के अंतर्गत और 25 अदिति चुनौतियों के अंतर्गत शामिल हैं, ताकि विभिन्न क्षेत्रों में क्रांतिकारी नवाचार को बढ़ावा दिया जा सके।</p>
<p>रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों से संबंधित 101 नवाचार चुनौतियों की एक नई पहल भी शुरू की गई, जिसका उद्देश्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों तथा नव-उद्यमों द्वारा डिजाइन-आधारित नवाचार को प्रोत्साहित करना है। इन चुनौतियों को रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों द्वारा वित्तपोषित किया जाएगा और विजेता नव-उद्यमों को मार्गदर्शन, परीक्षण सुविधाएँ तथा उनकी आपूर्ति श्रृंखला में संभावित एकीकरण के अवसर प्रदान किए जाएँगे।</p>
<p>राजनाथ सिंह ने आईडेक्स और अदिति को परिवर्तनकारी पहल बताते हुए कहा कि इनके माध्यम से नव-उद्यमों, नवोन्मेषकों और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को रक्षा बलों की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप नवीन समाधान विकसित करने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि फरवरी 2026 तक लगभग 676 नव-उद्यम, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम तथा व्यक्तिगत नवोन्मेषक रक्षा नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़ चुके हैं। अब तक 548 अनुबंध किए जा चुके हैं और 566 चुनौतियाँ शुरू की गई हैं। इनमें से 58 प्रतिरूपों को लगभग 3853 करोड़ रुपये के मूल्य पर खरीद के लिए स्वीकृति मिल चुकी है। इसके अतिरिक्त लगभग 2326 करोड़ रुपये के 45 खरीद अनुबंध पहले ही किए जा चुके हैं। ये आँकड़े दर्शाते हैं कि नवाचार धीरे-धीरे ठोस उत्पादों और प्रौद्योगिकियों में परिवर्तित हो रहा है।</p>
<p>राजनाथ सिंह ने कहा कि आज सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिकी, स्वचालन और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं, जो एक बड़ा सकारात्मक परिवर्तन है। उन्होंने इन उद्यमों और नव-उद्यमों से इन प्रौद्योगिकियों को अपनाने और समेकित करने का आह्वान किया ताकि संसाधनों और क्षमताओं का सर्वोत्तम उपयोग हो सके। उन्होंने कहा कि स्वचालन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिकी और संयोगात्मक विनिर्माण जैसी प्रौद्योगिकियां वैश्विक विनिर्माण क्षेत्र को नया रूप दे रही हैं, जबकि डिजिटल ट्विजन और उन्नत अनुकरण उपकरण नई संभावनाओं को खोल रहे हैं। डिजिटल ट्विजन का अर्थ वास्तविक प्रणाली का आभासी मॉडल तैयार करना है, जिससे जटिल प्रणालियों को बेहतर ढंग से समझा जा सकता है और अधिक सटीक निर्णय लिए जा सकते हैं।</p>
<p>रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को सुदृढ़ करने के लिए कई पहलें की हैं। इस वर्ष के केंद्रीय बजट में इन्हें इक्विटी, तरलता और व्यावसायिक समर्थन प्रदान करने के लिए तीन स्तरीय दृष्टिकोण अपनाया गया है, जिससे ये अग्रणी उद्यम बन सकें। इसका उद्देश्य इनके विकास को तेज करना और घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धा बढ़ाना है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 से सरकार इस महत्वपूर्ण क्षेत्र के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है। पंजीकरण और पहचान को सरल बनाने के लिए उद्यम पोर्टल और उद्यम सहायक पोर्टल जैसे डिजिटल मंच शुरू किए गए हैं, ताकि छोटे उद्योगों को औपचारिक अर्थव्यवस्था में शामिल किया जा सके और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि देश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों की संख्या 2012-13 में लगभग 4.67 करोड़ थी, जो अब बढ़कर लगभग 8 करोड़ हो गई है। यह वृद्धि उद्यमिता की बढ़ती भावना को दर्शाती है।</p>
<p>रक्षा मंत्री ने कहा कि नव-उद्यम अपने अनूठे विचारों के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन के उत्प्रेरक बन रहे हैं और कई अल्प समय में ही यूनिकॉर्न का दर्जा प्राप्त कर रहे हैं। निकट भविष्य में और भी ऐसे उद्यम सामने आएँगे। इसके लिए निरंतर प्रयास, धैर्य और समर्पण आवश्यक है। उन्होंने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों तथा नव-उद्यमों से नवाचार करने, नई प्रौद्योगिकियों को अपनाने और आत्मनिर्भर भारत तथा विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने का आह्वान किया।</p>
<p>रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार ने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य उन्नत विनिर्माण प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देना तथा डिजाइन, विकास और निर्माण से लेकर संपूर्ण मूल्य श्रृंखला में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के एकीकरण को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि 200 समस्या विवरण इन उद्यमों, उद्योगों, नव-उद्यमों और युवा नवोन्मेषकों को आधुनिक उत्पाद विकसित करने और अपने कौशल को बढ़ाने का अवसर देंगे।</p>
<p>उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 को सुधार वर्ष के रूप में मनाते हुए मंत्रालय ने कई कदम उठाए हैं, जिनमें अनुमतियों की प्रक्रिया को सरल बनाना, गुणवत्ता प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करना तथा परीक्षण प्रयोगशालाओं को सशक्त बनाना शामिल है। रक्षा क्षेत्र में कार्यरत उद्योगों का एक डिजिटल डाटाबेस 'सृजन दीप' भी बनाया गया है, जिसमें 40,000 से अधिक उद्योग सूचीबद्ध हैं, ताकि अनुसंधान और विकास को बढ़ावा मिल सके।</p>
<p>कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री ने रक्षा उत्पादन विभाग के पाँच प्रकाशनों का विमोचन भी किया, जिनका उद्देश्य नीतिगत पहलों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, रक्षा निर्यात को प्रोत्साहित करना और उद्योग हितधारकों के लिए व्यापार सुगमता सुनिश्चित करना है। इसके अतिरिक्त रक्षा मंत्री ने एक प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया, जिसमें 20 बड़ी रक्षा कंपनियों ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को भागीदार, आपूर्तिकर्ता और नवोन्मेषक के रूप में शामिल करने के लिए अपने कार्यक्रमों का प्रदर्शन किया। इसके साथ ही 24 भारतीय और विदेशी कंपनियां उन्नत विनिर्माण प्रौद्योगिकियों जैसे स्वचालन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिकी, संयोगात्मक विनिर्माण और स्मार्ट सामग्री का प्रदर्शन कर रही हैं।</p>
<p>इस अवसर पर प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव तथा अध्यक्ष डॉक्टर समीर वी कामत सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 18:37:54 +0530</pubDate>
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                <title>इसरो ने 22-टन थ्रस्ट क्षमता के साथ क्रायोजेनिक इंजन सीई—20 का सफल परीक्षण किया, भविष्य के मिशनों में 22-टन थ्रस्ट क्षमता के साथ सीई20 इंजनों को इस्तेमाल करने की योजना</title>
                                    <description><![CDATA[इसरो ने 22-टन थ्रस्ट क्षमता वाले सीई20 क्रायोजेनिक इंजन का सफलतापूर्वक परीक्षण कर अंतरिक्ष विज्ञान में नया इतिहास रचा है। नोजल प्रोटेक्शन सिस्टम से लैस यह इंजन एलवीएम3 रॉकेट की पेलोड ले जाने की क्षमता को बढ़ाएगा। 165 सेकंड के इस परीक्षण ने भविष्य के भारी उपग्रह मिशनों के लिए भारत की शक्ति को और सुदृढ़ कर दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/isro-successfully-tests-cryogenic-engine-ce-20-with-22-ton-thrust-capacity/article-146420"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/isro.png" alt=""></a><br /><p>चेन्नई। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अपने क्रायोजेनिक इंजन सीई20 का 22-टन थ्रस्ट क्षमता के साथ सफल परीक्षण किया है। इसरो ने एक बयान में बताया कि क्रायोजेनिक इंजन सीई20 में नोजल प्रोटेक्शन सिस्टमÓ(एनपीएस) और एक मल्टी-एलिमेंट इग्नाइटर का उपयोग करके 10 मार्च को समुद्र तल के स्तर पर सफल परीक्षण किया गया।</p>
<p>इससे पहले, एनपीएस का उपयोग करते हुए समुद्र-स्तर पर 19-टन थ्रस्ट क्षमता वाले परीक्षण किए जा रहे थे। सीई20 क्रायोजेनिक इंजन एलवीएम3 प्रक्षेपण वाहन के ऊपरी क्रायोजेनिक चरण को शक्ति प्रदान करता है। इसरो एलवीएम3 की पेलोड ले जाने की क्षमता बढ़ाने के लिए भविष्य के मिशनों में 22-टन थ्रस्ट क्षमता के साथ सीई20 इंजनों को इस्तेमाल करने की योजना बना रहा है।</p>
<p>इसरो ने बताया कि 165 सेकेंड के पूरे परीक्षण के दौरान इंजन और परीक्षण सुविधा दोनों का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप रहा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 18:03:57 +0530</pubDate>
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