<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/innovation/tag-20274" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>innovation - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/20274/rss</link>
                <description>innovation RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>तकनीक, गति और नवाचार से लड़े जाएंगे भविष्य के युद्ध : युद्ध के तौर-तरीकों में आया बदलाव, राजनाथ बोले- तकनीकी रूप से तैयार रहना बेहद जरूरी</title>
                                    <description><![CDATA[वायु सेना अकादमी की पासिंग आउट परेड में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आधुनिक युद्ध अब ड्रोन, उपग्रह, साइबर सिस्टम और एआई आधारित तकनीकों पर निर्भर हैं। उन्होंने 240 नए अधिकारियों से हर समय युद्ध के लिए तैयार रहने, नवाचार अपनाने और तकनीकी बढ़त बनाए रखने का आह्वान किया।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/future-wars-will-be-fought-with-technological-speed-and-innovation/article-156863"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(3)11.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">हैदराबाद। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को भारतीय वायु सेना के नये कमीशन प्राप्त अधिकारियों से उन्नत तकनीकों, नवाचार और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता से संचालित युद्ध के बदलते स्वरूप के लिए तैयार रहने का आग्रह किया। हैदराबाद के पास वायु सेना अकादमी में 217वें कोर्स की संयुक्त स्नातक परेड की समीक्षा करते हुए सिंह ने स्नातक कैडेटों को अपना प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने और अपने प्रतिष्ठित विंग्स हासिल करने पर बधाई दी। परेड को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि स्नातक होने वाले इस बैच में 240 पायलट और ग्राउंड-ड्यूटी अधिकारी शामिल हैं। इनमें भारतीय वायु सेना, भारतीय नौसेना, भारतीय तटरक्षक बल और वियतनाम के प्रशिक्षु भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अकादमी में विभिन्न शाखाओं की यह विविधता, सशस्त्र बलों के थल, वायु और जल सेना के जुड़ाव तथा एकीकृत अभियानों पर दिये जा रहे बढ़ते जोर को दर्शाती है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">भारतीय वायु सेना की समृद्ध विरासत का जिक्र करते हुए सिंह ने कहा कि इस बल ने 1947-48 के कश्मीर संघर्ष के दौरान एयरलिफ्ट अभियानों से लेकर 1971 के युद्ध तक, देश के हितों की रक्षा में निर्णायक भूमिका निभायी है। उन्होंने आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ हालिया अभियानों में वायु सेना के योगदान की भी सराहना की और कहा कि ऐसे अभियानों की सफलता इसके कर्मियों के साहस, अनुशासन और पेशेवर रुख के कारण ही संभव हो सकी, जिसे उन्नत डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी पूरा सहयोग मिला। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">रक्षा मंत्री ने कहा कि युद्ध के तौर-तरीकों में बुनियादी बदलाव आया है। सैनिकों और हथियारों वाले पारंपरिक संघर्षों के विपरीत, आधुनिक लड़ाइयां तेजी से उपग्रहों, ड्रोन, सेंसर, रोबोटिक्स और साइबर सिस्टम जैसी तकनीकों पर निर्भर होती जा रही है। उन्होंने सचेत किया कि भविष्य के संघर्षों में संचार नेटवर्क, निगरानी प्रणालियों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमले शामिल हो सकते हैं। इसके लिए तकनीकी रूप से तैयार रहना बेहद जरूरी है। अधिकारियों से सतर्क और परिस्थितियों के अनुकूल ढलने का आग्रह करते हुए सिंह ने कहा कि उन्हें उभरती हुई युद्ध प्रणालियों और रणनीतियों का लगातार अध्ययन करना चाहिए, नवाचार करना चाहिए और तकनीकी रूप से बढ़त बनाये रखनी चाहिए।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">उन्होंने कहा, दुनिया भर में हो रहा हर संघर्ष एक सीख के रूप में काम आना चाहिए। आज के दौर में स्मार्ट वर्क और तकनीकी उत्कृष्टता उतनी ही महत्वपूर्ण हैं, जितना कि कठिन परिश्रम। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सैन्य कर्मियों को अक्सर कुछ ही सेकंड के भीतर महत्वपूर्ण निर्णय लेने की आवश्यकता होगी। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि उनके विमान, हथियार प्रणालियां, चालक दल और दिमाग हर समय युद्ध के लिए तैयार रहें। उन्होंने कहा, सीखना स्नातक होने के साथ ही खत्म नहीं हो जाता। आपके विंग्स महज कोई बैज नहीं हैं, बल्कि ये करोड़ों भारतीयों के विश्वास के प्रतीक हैं। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">सिंह ने सशस्त्र बलों में महिलाओं की बढ़ती भूमिका की भी सराहना की और वायु सेना में कमीशन प्राप्त करने वाली महिला पायलटों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति की बढ़ती उपस्थिति इस बल को अधिक मजबूत और संतुलित बना रही है। <span> </span>वियतनाम के प्रशिक्षु अधिकारी का स्वागत करते हुए रक्षा मंत्री ने विश्वास जताया कि इस अकादमी में मिला प्रशिक्षण भारत और वियतनाम के बीच रक्षा संबंधों को और मजबूत करेगा। उन्होंने प्रशिक्षकों और प्रशिक्षुओं के परिवारों के योगदान को भी सराहा। उन्होंने माता-पिता को रक्षकों के रक्षक के रूप में वर्णित किया, जो देश के भविष्य के रक्षकों को गढ़ने में मदद करते हैं। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">युवा अधिकारियों से पारंपरिक सीमाओं से परे जाकर सोचने का आह्वान करते हुए सिंह ने कहा कि भारत ऐसे ही समर्पण और उत्कृष्टता के माध्यम से 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने के अपने दृष्टिकोण को प्राप्त करेगा। उन्होंने वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, प्रशिक्षण कमान के नेतृत्व और वायु सेना अकादमी के अधिकारियों को बधाई दी और विश्वास व्यक्त किया कि भारतीय वायु सेना उनके मार्गदर्शन में नयी ऊंचाइयों को छूती रहेगी।रक्षा मंत्री ने स्नातक होने वाले अधिकारियों से कहा, आसमान को अपना घर बनायें और एक ऐसे दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ें, जो सीमाओं से परे हो।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/future-wars-will-be-fought-with-technological-speed-and-innovation/article-156863</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/future-wars-will-be-fought-with-technological-speed-and-innovation/article-156863</guid>
                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 17:56:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/111200-x-600-px%29-%283%2911.png"                         length="1281094"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हेक्सावेयर को बड़ी राहत, अमेरिकी संघीय अदालत ने नैटसॉफ्ट के पेटेंट दावों को किया खारिज </title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी संघीय अदालत ने हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज के खिलाफ पेटेंट उल्लंघन के मुकदमे को खारिज कर दिया है। नैटसॉफ्ट कॉर्पोरेशन द्वारा कंपनी के 'अमेज', 'टेनसाई' और 'रैपिडएक्स' प्लेटफॉर्म्स को दी गई चुनौती को कोर्ट ने निराधार माना। हेक्सावेयर के सीईओ ने कहा कि उन्हें अपने नवाचार और इंजीनियरों की मेहनत पर पूरा भरोसा था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/big-relief-to-hexaware-us-federal-court-rejects-natsofts-patent/article-156774"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/hexaware.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिगंटन। वैश्विक आईटी कंपनी हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज के खिलाफ पेटेंट के एक मामले को अमेरिका की एक संघीय अदालत ने खारिज कर दिया है। हेक्सावेयर ने शुक्रवार को बताया कि अमेरिका के इलिनॉय प्रांत के उत्तरी जिले की जिला अदालत ने गत 09 जून को नैटसॉफ्ट कॉर्पोरेशन और उसकी संबद्ध कंपनी अपड्राफ्ट द्वारा हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज लिमिटेड और उसकी सहायक कंपनी हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज इंक के खिलाफ दायर मुकदमे के सभी दावों को खारिज कर दिया है। इनमें नौ पेटेंटों से संबंधित दावे भी शामिल थे।</p>
<p>हेक्सावेयर ने अपने 'अमेज', 'टेनसाई' और 'रैपिडएक्स' प्लेटफ़ॉर्मों में उपयोग की गयी तकनीकों के लिए अमेरिकी पेटेंट प्राप्त किये हैं। साथ ही टेनसाई से संबंधित एक अतिरिक्त अमेरिकी पेटेंट को भी हाल ही में स्वीकृति मिली है तथा उसके जल्द जारी होने की उम्मीद है। इन पेटेंटों को नैटसॉफ्ट ने अदालत में चुनौती दी थी। अदालत ने पाया कि जिन पेटेंटों का दावा किया गया था, वे किसी विशिष्ट और ठोस आविष्कार की बजाय व्यापक और अमूर्त विचारों का दावा करते हैं, इसलिए वे अमेरिकी कानून के तहत पेटेंट संरक्षण के योग्य नहीं हैं। चूंकि संघीय पेटेंट दावों को खारिज कर दिया गया, इसलिए अदालत ने संबंधित राज्य-स्तरीय दावों पर अधिकार क्षेत्र बनाये रखने से भी इनकार कर दिया और उन्हें भी खारिज कर दिया।</p>
<p>नैटसॉफ्ट को संशोधित शिकायत दाखिल करने के लिए समय दिया गया है। यदि वह ऐसा नहीं करता है तो अदालत अंतिम निर्णय जारी करने की संभावना रखती है। हेक्सावेयर के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीकृष्ण रामकार्तिकेयन ने अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कंपनी को पहले दिन से ही अपने पक्ष में फैसला आने का पूरा विश्वास था। ये प्लेटफ़ॉर्म कंपनी के अपने अनुसंधान और उसके इंजीनियरों के वर्षों के निवेश का परिणाम हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/big-relief-to-hexaware-us-federal-court-rejects-natsofts-patent/article-156774</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/big-relief-to-hexaware-us-federal-court-rejects-natsofts-patent/article-156774</guid>
                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 18:27:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/hexaware.png"                         length="1119841"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विकसित भारत का विज़न: नीति आयोग की बैठक में पीएम मोदी का आह्वान, राज्यों के सहयोग और महिला सशक्तिकरण पर जोर</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीति आयोग की 11वीं संचालन परिषद बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि वैश्विक अस्थिरता के बावजूद भारत आगे बढ़ रहा है। पीएम ने 'विकसित भारत' के विज़न के लिए राज्यों से सहयोग, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स का लाभ उठाने और महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास को बढ़ावा देने की अपील की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/niti-aayog-an-important-platform-to-work-together-towards-developed/article-156678"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/modi3.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि नीति आयोग केन्द्र और राज्यों के बीच सहयोग के मंच के तौर पर अहम भूमिका निभाते हुए राज्यों को 'विकसित भारत' के विज़न के लिए मिलकर काम करने के लिए सशक्त बना सकता है। पीएम मोदी ने गुरुवार को यहां नीति आयोग की संचालन परिषद की 11 वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि दुनिया अभी अनिश्चितता के दौर से गुज़र रही है लेकिन भारत विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा, "दुनिया अनिश्चितता और अस्थिरता के दौर से गुज़र रही है, फिर भी भारत आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। जैसे-जैसे भारत 'विकसित राष्ट्र' के विज़न को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, हमारी सामूहिक ज़िम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।" राज्यों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्यों के बीच बातचीत का आधार सहयोग, संवाद और विचारों का आदान-प्रदान होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि विभिन्न देशों के साथ हाल ही में हुए मुक्त व्यापार समझौतों से भी विकास और निर्यात के अवसर बढेंगे।</p>
<p>उन्होंने कहा, "भारत ने विकास और निर्यात के नए अवसर पैदा करने के लिए कई देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किए हैं। ये समझौते हमारे एमएसएमई के लिए भी एक बड़ा अवसर साथ लाते हैं, जिससे वे अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करके और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाकर वैश्विक बाज़ारों के लिए तैयार हो सकते हैं।" प्रधानमंत्री ने 'विकसित भारत' के मुख्य स्तंभ के तौर पर महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि खेती, स्टार्टअप, विज्ञान और नवाचार जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में महिलाएं बहुत योगदान दे रही हैं।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया कि देश की विकास यात्रा को आगे बढ़ाने में महिलाओं की पूरी क्षमता का इस्तेमाल करने के लिए राज्यों को उनकी शिक्षा, कौशल विकास, सुरक्षा और सशक्तिकरण पर ध्यान देना चाहिए। बैठक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उप-राज्यपाल/प्रशासक, केंद्रीय मंत्री और नीति आयोग के उपाध्यक्ष, सदस्य और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/niti-aayog-an-important-platform-to-work-together-towards-developed/article-156678</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/niti-aayog-an-important-platform-to-work-together-towards-developed/article-156678</guid>
                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 19:00:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/modi3.png"                         length="253913"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपीईएस ने जयपुर में पेश किया ‘यूनिवर्सिटी ऑफ टुमॉरो’ का विज़न, एआई-फर्स्ट शिक्षा मॉडल पर जोर</title>
                                    <description><![CDATA[शोध-आधारित यूपीईएस (UPES) विश्वविद्यालय ने खुद को 'एआई-फर्स्ट' संस्थान के रूप में विकसित करने की घोषणा की है। ओपनएआई से साझेदारी के तहत 19,100 से अधिक छात्रों को उन्नत एआई टूल्स और पर्सनल एआई ट्यूटर मिलेंगे। क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग 2026 में यूपीईएस देश के निजी विश्वविद्यालयों में पहले स्थान पर है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/upes-presented-the-vision-of-%E2%80%98university-of-tomorrow%E2%80%99-in-jaipur/article-156596"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/1200-x-600-px.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भारत के अग्रणी बहुविषयक एवं शोध-आधारित विश्वविद्यालयों में से एक यूपीईएस (UPES) ने जयपुर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान खुद को ‘एआई-फर्स्ट’ विश्वविद्यालय के रूप में विकसित करने की अपनी महत्वाकांक्षी पहल को विस्तार से प्रस्तुत किया। विश्वविद्यालय ने ‘यूनिवर्सिटी ऑफ टुमॉरो’ के अपने विज़न को साझा करते हुए बताया कि भविष्य की शिक्षा अब केवल पारंपरिक पाठ्यक्रमों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), उद्योग सहभागिता, शोध उत्कृष्टता और बेहतर करियर परिणामों पर आधारित होगी।</p>
<p>कार्यक्रम में बताया गया कि दुनिया तेजी से एआई, ऑटोमेशन और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के दौर से गुजर रही है, जिससे उद्योगों की कार्यप्रणाली और रोजगार की प्रकृति में बड़े बदलाव आ रहे हैं। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की ‘फ्यूचर ऑफ जॉब्स रिपोर्ट 2025’ के अनुसार वर्ष 2030 तक वैश्विक स्तर पर लगभग 17 करोड़ नई नौकरियां पैदा होने की संभावना है। ऐसे में उच्च शिक्षा संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे छात्रों को केवल विषयगत ज्ञान ही नहीं, बल्कि एआई दक्षता, विश्लेषणात्मक सोच, अनुकूलनशीलता और समस्या समाधान जैसे कौशलों से भी लैस करें।</p>
<p>इसी दिशा में यूपीईएस ने हाल ही में ओपनएआई के साथ साझेदारी की है। इस सहयोग के तहत विश्वविद्यालय के 19,100 से अधिक छात्रों और 1,500 फैकल्टी सदस्यों को उन्नत एआई टूल्स तक निःशुल्क और नियंत्रित पहुंच प्रदान की जा रही है। विश्वविद्यालय अपने सभी शैक्षणिक कार्यक्रमों में 33 प्रतिशत तक एआई का एकीकरण कर रहा है। साथ ही प्रत्येक छात्र को एक उन्नत एआई ट्यूटर उपलब्ध कराया जा रहा है, जो पाठ्यक्रम आधारित अध्ययन, अवधारणाओं की स्पष्टता, अभ्यास सहायता और बहुभाषी शिक्षण में मदद करेगा।</p>
<p>कार्यक्रम में राजस्थान के संदर्भ को भी विशेष रूप से रेखांकित किया गया। वक्ताओं ने बताया कि राजस्थान आज देश के तेजी से उभरते नवाचार और स्टार्टअप केंद्रों में शामिल हो चुका है। राज्य में 5,200 से अधिक डीपीआईआईटी-पंजीकृत स्टार्टअप और 6,000 से अधिक आई-स्टार्ट पंजीकृत स्टार्टअप सक्रिय हैं। ऐसे परिदृश्य में उद्योगों को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है जो डिजिटल कौशल, उद्यमशीलता और तकनीकी दक्षता के साथ रोजगार बाजार में प्रवेश कर सकें।</p>
<p>यूपीईएस के प्रो-वाइस चांसलर (स्टूडेंट सक्सेस) डॉ. अभिषेक सिन्हा ने कहा कि भविष्य की शिक्षा केवल पाठ्यक्रमों को अपडेट करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह छात्रों के सीखने, सोचने और तकनीक के साथ जुड़ने के तरीके को बदलने का समय है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का एआई-फर्स्ट दृष्टिकोण तकनीक, उद्योग और अंतर्विषयक शिक्षा को जोड़कर छात्रों को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार कर रहा है।</p>
<p>यूपीईएस ने कार्यक्रम के दौरान अपने मजबूत उद्योग सहयोग नेटवर्क की भी जानकारी दी। विश्वविद्यालय वर्षों से आईबीएम, इन्फोसिस, बजाज ऑटो, एचपी, बॉश, एचसीएल टेक, मर्क, सिस्को, ज़ेबिया, टाटा पावर और एलएंडटी जैसी कंपनियों के साथ साझेदारी कर रहा है। इन सहयोगों के माध्यम से छात्रों को वास्तविक परियोजनाओं, उद्योग विशेषज्ञों के मार्गदर्शन और व्यावहारिक अनुभव का अवसर मिलता है।</p>
<p>अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी यूपीईएस ने कई प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ साझेदारी स्थापित की है। इनमें यूसी बर्कले, यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लासगो, यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग और यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स जैसे संस्थान शामिल हैं। इन साझेदारियों के माध्यम से छात्रों को वैश्विक शिक्षा, छात्र विनिमय कार्यक्रम और अंतरराष्ट्रीय करियर अवसरों का लाभ मिलता है।</p>
<p>विश्वविद्यालय ने छात्रों के समग्र विकास के लिए भी कई अभिनव पहल शुरू की हैं। ‘स्कूल फॉर लाइफ’ कार्यक्रम छात्रों को नेतृत्व क्षमता, जीवन कौशल और करियर तैयारी में सहायता प्रदान करता है। वहीं ‘डिज़ाइन योर ओन डिग्री’ पहल के तहत छात्र 50 से अधिक अनूठे संयोजनों के माध्यम से अपनी रुचि और करियर लक्ष्यों के अनुरूप शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। यूपीईएस रनवे के जरिए अब तक 250 से अधिक स्टार्टअप्स को सहयोग दिया जा चुका है।</p>
<p>विधि शिक्षा के क्षेत्र में यूपीईएस स्कूल ऑफ लॉ ने एआई एंड लॉ, ब्लॉकचेन, डेटा एनालिटिक्स, आर्बिट्रेशन और कॉर्पोरेट लॉ जैसे आधुनिक विषयों को अपने पाठ्यक्रम में शामिल किया है। वहीं यूपीईएस स्कूल ऑफ बिजनेस छात्रों को एआई, फिनटेक, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल बिजनेस जैसे उभरते क्षेत्रों में प्रशिक्षित कर रहा है।</p>
<p>क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 के अनुसार यूपीईएस ने शैक्षणिक प्रतिष्ठा के आधार पर भारत के निजी विश्वविद्यालयों में पहला स्थान हासिल किया है। एनआईआरएफ 2025 में विश्वविद्यालय को यूनिवर्सिटी श्रेणी में 45वां स्थान प्राप्त हुआ है। इसके अलावा, 50 से अधिक फैकल्टी सदस्य स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की सूची के अनुसार दुनिया के शीर्ष 2 प्रतिशत शोधकर्ताओं में शामिल हैं। विश्वविद्यालय ने वर्ष 2025-26 में लगभग 800 रिक्रूटर्स की भागीदारी के साथ मजबूत प्लेसमेंट रिकॉर्ड भी दर्ज किया है, जहां उच्चतम पैकेज 54 लाख रुपये प्रतिवर्ष रहा।</p>
<p>यूपीईएस का मानना है कि एआई, उद्योग और नवाचार आधारित यह नया शिक्षा मॉडल छात्रों को न केवल वर्तमान बल्कि भविष्य की नौकरियों और वैश्विक अवसरों के लिए भी तैयार करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/upes-presented-the-vision-of-%E2%80%98university-of-tomorrow%E2%80%99-in-jaipur/article-156596</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/upes-presented-the-vision-of-%E2%80%98university-of-tomorrow%E2%80%99-in-jaipur/article-156596</guid>
                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 18:24:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/1200-x-600-px.png"                         length="851893"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नई पहल: एलईडी संदेशों से बदलेगी ट्रैफिक की तस्वीर, शहर की सड़कों पर स्मार्ट मैनेजमेंट से सुगम हुआ यातायात</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने यातायात को सुगम बनाने के लिए सोलर चालित आधुनिक एलईडी डिस्प्ले बोर्ड लगाए हैं। डीसीपी योगेश गोयल के अनुसार, ये पोर्टेबल बोर्ड वाहन चालकों को डायवर्जन, वन-वे और सड़क सुरक्षा के संदेश रियल-टाइम में ऑन-रोड देंगे, जिससे जाम और दुर्घटनाओं में कमी आएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/new-initiative-will-change-the-traffic-picture-with-led-messages/article-156239"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/traffic.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजधानी जयपुर में यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, सुगम और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में यातायात पुलिस ने एक नई पहल शुरू की है। शहर के विभिन्न प्रमुख चौराहों, व्यस्त मार्गों और संवेदनशील ट्रैफिक पॉइंट्स पर सोलर ऊर्जा से संचालित आधुनिक एलईडी डिस्प्ले बोर्ड लगाए जा रहे हैं। इन बोर्डों के माध्यम से वाहन चालकों को रियल टाइम ट्रैफिक जानकारी, वन-वे व्यवस्था, डायवर्जन, सड़क सुरक्षा संदेश और विशेष आयोजनों से संबंधित सूचनाएं दी जा रही हैं।</p>
<p><strong>नियमों की जानकारी अब ऑन रोड</strong></p>
<p>जयपुर आयुक्तालय क्षेत्र में लगाई गई संदेश प्रदर्शन की चार एलईडी स्क्रीन और 15 स्टेंडी हैं। जिन्हें आसानी से वाहन से टॉ करके एक स्थान से दूसरे स्थान पर आवश्यकता पड़ने पर ले जाते हैं। यातायात पुलिस का मानना है कि कई बार वाहन चालक नियमों और मार्ग परिवर्तनों की जानकारी के अभाव में जाम या दुर्घटनाओं का कारण बन जाते हैं। ऐसे में एलईडी बोर्ड तत्काल सूचना देने का प्रभावी माध्यम बनकर उभरे हैं। बोर्डों पर समय-समय पर वन-वे ट्रैफिक,धीमी गति रखें, हेलमेट पहनें, सीट बेल्ट लगाएं, जाम वाले मार्ग से बचें जैसे संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं। विशेष बात यह है कि अधिकांश एलईडी यूनिट सोलर पैनल से संचालित हैं, जिससे बिजली की खपत कम होगी और इन्हें आवश्यकता अनुसार कई स्थानों पर आसानी से अस्थाई रूप से लगायात जाता है। </p>
<p><strong>राहगीर कैलाश चौपड़ा, घाटगेट</strong></p>
<p>अस्थाई एलईडी से पुलिस का यातायात नियमों को लेकर संदेश देने का तरीका अच्छा है। बार-बार लोगों के दिमाग में यातायात नियमों के पालन की बात आएगी तो एक्सीडेंट की संख्या में कमी आए। बड़े धार्मिक आयोजनों, वीआईपी मूवमेंट, त्योहारों और विशेष कार्यक्रमों के दौरान इन बोर्डों की उपयोगिता और बढ़ जाती है। इनके जरिए कुछ ही सेकंड में हजारों वाहन चालकों तक जरूरी सूचना पहुंच जाती है।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/new-initiative-will-change-the-traffic-picture-with-led-messages/article-156239</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/new-initiative-will-change-the-traffic-picture-with-led-messages/article-156239</guid>
                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 14:07:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/traffic.png"                         length="1170815"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डिजिमोहे फ्यूचर इम्पैक्ट टेक अवॉर्ड्स 2026 में मुख्य अतिथि होंगे बालमुकुंद आचार्य, युवाओं और नवाचार को मिलेगा नया मंच</title>
                                    <description><![CDATA[डिजिमोहे फ्यूचर इम्पैक्ट टेक अवॉर्ड्स 2026 के लिए आयोजकों ने हवामहल विधायक बालमुकुंद आचार्य को आमंत्रित किया, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार कर लिया। राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में 27 जून 2026 को होने वाले इस कार्यक्रम में प्रदेश के होनहार स्टार्टअप्स, डिजिटल क्रिएटर्स और तकनीकी प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/balmukund-acharya-will-be-the-chief-guest-at-digimohe-future/article-156226"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/1111200-x-600-px)-(3)7.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। डिजिमोहे फ्यूचर इम्पैक्ट टेक अवॉर्ड्स 2026 के आयोजन के संबंध में आज जयपुर संभाग के आयोजकों पंकज गुप्ता जी एवं मानव जैन जी द्वारा हाथोज धाम के स्वामी एवं हवामहल विधानसभा क्षेत्र के विधायक  से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पधारने का सादर निमंत्रण प्रदान किया गया। श्री बालमुकुंद आचार्य महाराज ने इस आमंत्रण को सहर्ष स्वीकार करते हुए कार्यक्रम में अपनी गरिमामयी उपस्थिति देने की सहमति प्रदान की।</p>
<p>बालमुकुंद आचार्य महाराज के कार्यक्रम में शामिल होने की स्वीकृति से आयोजन को विशेष प्रेरणा एवं गरिमा प्राप्त होगी। आयोजन समिति ने उनके प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका मार्गदर्शन युवाओं को राष्ट्र निर्माण, संस्कृति संरक्षण एवं नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि डिजिमोहे फ्यूचर इम्पैक्ट टेक अवॉर्ड्स 2026 का आयोजन आगामी 27 जून 2026 को जयपुर स्थित Rajasthan International Centre में किया जाएगा। यह कार्यक्रम राजस्थान के युवाओं, स्टार्टअप्स, डिजिटल क्रिएटर्स, नवाचारकर्ताओं एवं तकनीकी क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।</p>
<p>आयोजन समिति ने बताया कि इस मंच के माध्यम से राजस्थान के युवा उद्यमियों एवं डिजिटल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम में तकनीक, नवाचार, डिजिटल मीडिया, स्टार्टअप एवं सामाजिक प्रभाव के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/balmukund-acharya-will-be-the-chief-guest-at-digimohe-future/article-156226</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/balmukund-acharya-will-be-the-chief-guest-at-digimohe-future/article-156226</guid>
                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 09:39:24 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/1111200-x-600-px%29-%283%297.png"                         length="964010"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ बना जन आंदोलन, 5 दिनों में 7.31 लाख कार्यक्रम आयोजित </title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में जारी 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026' में रिकॉर्ड 3 करोड़ लोगों ने भाग लिया। 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस तक प्रदेश में वॉटर हार्वेस्टिंग सफाई, रन फॉर एन्वायर्न्मेंट और पौधारोपण जैसी विशेष गतिविधियां चलाई जाएंगी, जिससे जल और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/vande-ganga-water-conservation-mass-campaign-becomes-mass-movement-731/article-155660"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/secratrait4.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के आह्वान पर चल रहा ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026’ प्रदेशभर में जन आंदोलन का स्वरूप ले चुका है। अभियान के तहत मात्र पांच दिनों में 7.31 लाख से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें लगभग 3 करोड़ लोगों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। अभियान के अंतर्गत 3 जून को सभी जिलों में जिला प्रशासन द्वारा चिन्हित स्थानों पर विशेष नवाचार एवं अभिनव पहल के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही विद्युत ट्रांसफार्मरों के आसपास साफ-सफाई अभियान चलाया जाएगा। 4 जून को जिलों में ‘रन फॉर एन्वायर्न्मेंट’ का आयोजन होगा तथा सरकारी कार्यालयों में निर्मित रूफटॉप वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं की सफाई कर उन्हें उपयोग के लिए तैयार किया जाएगा। इसके अलावा सड़क किनारे पौधारोपण की अग्रिम तैयारियां भी की जाएंगी।</p>
<p>जन जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से निबंध एवं नारा लेखन, चित्रकला, खेलकूद प्रतियोगिताएं तथा नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया जाएगा। वहीं विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून को वन क्षेत्रों में जल संग्रहण संरचनाओं की साफ-सफाई, तुलसी पौधों का वितरण, नर्सरियों में विशेष स्वच्छता कार्यक्रम और चयनित स्थानों पर ईको-फ्रेंडली आर्ट गतिविधियां आयोजित होंगी। अभियान के तहत जिलों में नदी-नालों के अपशिष्ट जल के परिष्करण के लिए एसटीपी एवं सीईटीपी संयंत्रों की आवश्यकता और उपलब्धता का आकलन कर प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे। साथ ही सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को रोकने के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा और पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/vande-ganga-water-conservation-mass-campaign-becomes-mass-movement-731/article-155660</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/vande-ganga-water-conservation-mass-campaign-becomes-mass-movement-731/article-155660</guid>
                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 16:07:22 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/secratrait4.jpg"                         length="1048544"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री आवास पर युवाओं की साइकिल रैली, पीएम मोदी के ईंधन बचत संदेश को दिया समर्थन</title>
                                    <description><![CDATA[ईंधन बचत और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए रविवार को युवाओं ने साइकिल रैली निकाली और मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने युवाओं से संवाद कर रोजगार, स्टार्टअप और कौशल विकास पर चर्चा की। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के ऊर्जा संरक्षण संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/cycle-rally-of-youth-at-chief-ministers-residence-supported-pm/article-155557"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/cycle.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से रविवार को बड़ी संख्या में युवा साइकिल चलाकर मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। युवाओं ने साइकिल यात्रा के माध्यम से न केवल स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया, बल्कि पेट्रोल-डीजल की बचत और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी व्यक्त की। मुख्यमंत्री आवास पहुंचने पर युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने युवाओं से संवाद किया और उनकी आकांक्षाओं, सुझावों तथा राज्य के विकास में उनकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने युवाओं से रोजगार, स्वरोजगार, कौशल विकास, स्टार्टअप और नवाचार जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया।</p>
<p>संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा युवाओं के कल्याण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए कौशल विकास, उद्यमिता प्रोत्साहन, स्टार्टअप सहायता और विभिन्न भर्ती प्रक्रियाओं को गति देने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने युवाओं से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊर्जा संरक्षण और ईंधन बचत के संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि साइकिल का उपयोग न केवल ईंधन की बचत करता है, बल्कि स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए भी लाभकारी है। युवाओं द्वारा साइकिल के माध्यम से दिया गया यह संदेश समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।</p>
<p>युवाओं ने भी राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं और रोजगारोन्मुखी कार्यक्रमों के प्रति अपनी जिज्ञासाएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। मुख्यमंत्री ने उनके सुझावों को गंभीरता से सुनते हुए युवाओं को प्रदेश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री आवास परिसर में उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला। युवाओं ने साइकिल रैली के माध्यम से स्वच्छ पर्यावरण, ऊर्जा संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश देते हुए प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान को और अधिक मजबूती प्रदान की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/cycle-rally-of-youth-at-chief-ministers-residence-supported-pm/article-155557</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/cycle-rally-of-youth-at-chief-ministers-residence-supported-pm/article-155557</guid>
                <pubDate>Sun, 31 May 2026 15:32:10 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/cycle.png"                         length="1040842"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तराखंड में 'वेस्ट टू वेल्थ' क्रांति : पौड़ी गढ़वाल में माल्टा के छिलकों से तैयार हो रहे हर्बल उत्पाद, महिलाओं को मिल रहा स्वरोजगार</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर पौड़ी गढ़वाल में माल्टा के छिलकों से फेस पैक और स्क्रब जैसे हर्बल उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। 'हिलांस' ब्रांड के तहत निर्मित ये रसायन मुक्त उत्पाद महिलाओं को रोजगार दे रहे हैं। इस अनोखे मॉडल से स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है और पलायन रुक रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/in-pauri-garhwal-herbal-products-are-being-prepared-from-malta/article-155548"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/uttrakhand1.png" alt=""></a><br /><p>पौड़ी। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और महिला स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने की पहल जनपद पौड़ी गढ़वाल में नयी सफलता की कहानी गढ़ रही है। ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत माल्टा के बेकार समझे जाने वाले छिलकों से हर्बल कॉस्मेटिक उत्पाद तैयार कर ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया जा रहा है। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशन में उमंग स्वायत्त सहकारिता द्वारा संचालित बेडू एवं फल प्रसंस्करण इकाई में महिलाएं माल्टा पील फेस पैक, फेस स्क्रब और हर्बल उबटन जैसे उत्पाद तैयार कर रही हैं। इन उत्पादों के निर्माण में माल्टा के छिलकों के साथ मुल्तानी मिट्टी, चंदन, गुलाब पाउडर, हल्दी, बेसन और नीम जैसे प्राकृतिक अवयवों का उपयोग किया जा रहा है। पूरी तरह हर्बल और रसायन मुक्त होने के कारण इन उत्पादों की बाजार में मांग लगातार बढ़ रही है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि पहाड़ों में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध माल्टा का उपयोग पहले केवल फल और जूस तक सीमित था, जबकि इसके छिलकों को अनुपयोगी समझकर फेंक दिया जाता था। अब "वेस्ट टू वेल्थ" मॉडल के तहत इन्हीं छिलकों को मूल्यवर्धित उत्पादों में बदलकर ग्रामीण महिलाओं की आय का नया स्रोत बनाया जा रहा है। ग्रामोत्थान परियोजना के तकनीकी मार्गदर्शन में विकसित इस पहल ने महिलाओं को गांव में ही रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए हैं। महिलाएं अब उत्पाद निर्माण, पैकेजिंग और विपणन से जुड़कर ग्रामीण उद्यमी के रूप में अपनी अलग पहचान बना रही हैं। इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ-साथ पलायन रोकने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में भी मदद मिल रही है।</p>
<p>विशेषज्ञों के अनुसार माल्टा के छिलकों में विटामिन-सी, एंटीऑक्सीडेंट तथा त्वचा के लिए लाभकारी कई प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं। इसी कारण सिट्रस आधारित स्किन केयर उत्पादों की मांग देश-विदेश में लगातार बढ़ रही है। "हिलांस" ब्रांड के माध्यम से इन उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे उत्तराखंड के पारंपरिक उत्पादों को नई पहचान मिल रही है। ग्रामोत्थान परियोजना के जिला परियोजना प्रबंधक कुलदीप बिष्ट ने रविवार को जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप स्थानीय संसाधनों को आजीविका से जोड़ने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि माल्टा के छिलकों से तैयार हर्बल उत्पाद महिलाओं के लिए रोजगार का सशक्त माध्यम बन रहे हैं और यह पहल भविष्य में ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग, महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में यह पहल एक प्रेरणादायी उदाहरण बनकर उभर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/in-pauri-garhwal-herbal-products-are-being-prepared-from-malta/article-155548</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/in-pauri-garhwal-herbal-products-are-being-prepared-from-malta/article-155548</guid>
                <pubDate>Sun, 31 May 2026 12:45:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/uttrakhand1.png"                         length="906410"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत को वैश्विक विनिर्माण शक्ति बनाने का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब युवाओं को आधुनिक उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाएगा: अरुण झा</title>
                                    <description><![CDATA[NIAMT रांची के कुलाधिपति अरुण कुमार झा के अनुसार, युवाओं को रोबोटिक्स और एआई जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण देकर देश को विनिर्माण शक्ति बनाया जा रहा है। संस्थान ने नए शैक्षणिक सत्र के लिए बीटेक, एमटेक और एडवांस्ड डिप्लोमा (अंतिम तिथि 31 मई) में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है, जहां टाटा और मारुति जैसी कंपनियां प्लेसमेंट देती हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/the-goal-of-making-india-a-global-manufacturing-power-will/article-155416"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/arun-kumar-jha.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। झारखंड की राजधानी रांची स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी (एनआईएएमटी) के कुलाधिपति अरुण कुमार झा ने कहा है कि भारत को वैश्विक विनिर्माण शक्ति बनाने का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब युवाओं को आधुनिक उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाएगा। झा ने शुक्रवार को यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए एनआईएएमटी तकनीकी रूप से सक्षम और उद्योगों के लिए तैयार मानव संसाधन तैयार कर रहा है। संस्थान में विद्यार्थियों को रोबोटिक्स, ऑटोमेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे वे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सकें।</p>
<p>कुलाधिपति ने बताया कि संस्थान ने नये शैक्षणिक सत्र के लिए बीटेक और एमटेक कोर्स में एडमिशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बीटेक में दाखिला जेईई मेन के जरिए होगा, जबकि एमटेक में प्रवेश सेंट्रलाइज़्ड काउंसलिंग फॉर एम.टेक. (सीसीएमटी) और संस्थान स्तर पर होगा। झा ने बताया कि इसके अतिरिक्त, अत्यधिक मांग वाले 18 महीने के 'एडवांस्ड डिप्लोमा कोर्स' फाउंड्री एवं फोर्जिंग टेक्नोलॉजी के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है। आवेदन की अंतिम तिथि 31 मई निर्धारित की गई है। बीएससी, इंजीनियरिंग डिप्लोमा या बीटेक उत्तीर्ण अभ्यर्थी संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। चयनित विद्यार्थियों को 3000 रुपये प्रतिमाह छात्रवृति भी दी जाएगी।</p>
<p>कुलाधिपति ने संस्थान और उसके प्रदर्शन के विषय में जानकारी देते हुए बताया कि 60 एकड़ में फैले हुए पूर्णतः आवासीय परिसर वाले इस संस्थान में अत्याधुनिक प्रयोगशालाएँ और आधुनिक मशीनरी उपलब्ध हैं। यहाँ विद्यार्थी फाउंड्री, फोर्जिंग, ऑटोमोबाइल, भारी उद्योग तथा रक्षा उत्पादन जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता प्राप्त कर रहे हैं। यही कारण है कि टाटा मोटर्स, अशोक लेलैंड, जेएसडब्ल्यू, वेदांता और मारुति सुजुकी जैसी बड़ी कंपनियाँ हर वर्ष संस्थान के विद्यार्थियों को रोजगार के अवसर प्रदान करती हैं।</p>
<p>गौरतलब है कि 1966 में स्थापित यह संस्थान पहले एनआईएफएफटी के नाम से जाना जाता था। वर्तमान में यह भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अधीन डीम्ड टू बी युनिवर्सिटी के रूप में कार्य कर रहा है। पिछले लगभग छह दशकों से यह संस्थान झारखंड, बिहार, ओडिशा और पश्चिम बंगाल सहित पूर्वी भारत के हजारों युवाओं को तकनीकी शिक्षा और रोजगार के नए अवसर प्रदान कर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/the-goal-of-making-india-a-global-manufacturing-power-will/article-155416</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/the-goal-of-making-india-a-global-manufacturing-power-will/article-155416</guid>
                <pubDate>Fri, 29 May 2026 17:56:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/arun-kumar-jha.png"                         length="717440"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तर पश्चिम रेलवे ने ऊर्जा संरक्षण और विद्युतीकरण में बनाई नई उपलब्धियां</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर पश्चिम रेलवे ने अप्रैल 2026 में ऊर्जा संरक्षण और विद्युतीकरण में नया रिकॉर्ड बनाया है। वर्तमान में 80% यात्री ट्रेनें इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन पर चल रही हैं। सौर संयंत्रों से 15.80 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ, जबकि डीजल इंजन बंद रखने से ₹4.72 करोड़ के ईंधन की बचत दर्ज की गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/north-western-railway-made-new-achievements-in-energy-conservation-and/article-155106"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/dausa-railwaystarion.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे ने अप्रैल 2026 के दौरान ऊर्जा संरक्षण, सौर ऊर्जा उत्पादन और विद्युतीकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार भगत की कोठी इलेक्ट्रिक लोको शेड में अब तक कुल 181 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव सफलतापूर्वक कमीशन किए जा चुके हैं, जिनमें 78 डब्ल्यूएपी-7 और 103 डब्ल्यूएजी-9 एचसी शामिल हैं। रेलवे के चारों मंडलों में वर्तमान में 226 जोड़ी यात्री ट्रेनें इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन पर संचालित हो रही हैं, जो कुल यात्री ट्रेनों का लगभग 80 प्रतिशत है। वहीं माल परिवहन का करीब 61 प्रतिशत कार्य भी इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन से किया जा रहा है। ऊर्जा संरक्षण के तहत अप्रैल 2026 में सौर संयंत्रों से लगभग 15.80 लाख यूनिट बिजली उत्पादन किया गया।</p>
<p>डीजल लोकोमोटिव को निष्क्रिय समय में बंद रखने से 509 किलोलीटर ईंधन की बचत हुई, जिससे करीब 4.72 करोड़ रुपये की बचत दर्ज की गई। इसके अलावा जयपुर, अजमेर, बीकानेर और जोधपुर मंडलों में रूफटॉप सोलर परियोजनाओं पर तेजी से काम जारी है तथा अप्रैल 2026 तक 348 किलोवाट सौर क्षमता का कमीशनिंग कार्य पूरा किया गया। रेलवे की ओर से कवच प्रणाली, एलईडी हेडलाइट और केब एसी जैसी आधुनिक सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/north-western-railway-made-new-achievements-in-energy-conservation-and/article-155106</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/north-western-railway-made-new-achievements-in-energy-conservation-and/article-155106</guid>
                <pubDate>Tue, 26 May 2026 18:32:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/dausa-railwaystarion.png"                         length="685931"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दक्षिण एशिया राउंड टेबल में बोले टिम कर्टिस, यूनेस्को चेयर्स को बताया शिक्षा और नवाचार की सबसे बड़ी ताकत</title>
                                    <description><![CDATA[अमृता विश्व विद्यापीठम में आयोजित दो दिवसीय राउंड टेबल में यूनेस्को के क्षेत्रीय निदेशक टिम कर्टिस ने हिस्सा लिया। भारत, नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका के प्रतिनिधियों ने 'ट्रिपल प्लैनेटरी क्राइसिस' और नैतिक एआई जैसे नीतिगत विषयों पर चर्चा की। अमृता विश्वविद्यालय तीन यूनेस्को चेयर्स वाला भारत का एकमात्र संस्थान है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/speaking-at-the-south-asia-round-table-tim-curtis-called/article-154953"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1200-x-600-px4.png" alt=""></a><br /><p>केरल। यूनेस्को के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय कार्यालय के निदेशक टिम कर्टिस ने अमृता विश्व विद्यापीठम में आयोजित दो दिवसीय राउंड टेबल के दौरान कहा कि यूनेस्को चेयर्स संगठन के वैश्विक नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और नीति-स्तर की चर्चाओं को गहराई से प्रभावित करती हैं। इस कार्यक्रम में भारत, नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका से 22 से अधिक प्रतिनिधियों, यूनेस्को चेयरधारकों और शिक्षाविदों ने भाग लिया। चर्चाओं का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय शोध और सामुदायिक पहलों को यूनेस्को की 2026–2027 की प्राथमिकताओं के साथ जोड़ना था। प्रमुख विषयों में जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता में कमी और प्रदूषण जैसी “ट्रिपल प्लैनेटरी क्राइसिस”, डिजिटल परिवर्तन, नैतिक एआई, लैंगिक समानता और युवाओं की भागीदारी शामिल रहे।</p>
<p>कार्यक्रम में बांग्लादेश के लिए यूनेस्को प्रतिनिधि सुसान वाइज और नेपाल के लिए यूनेस्को प्रतिनिधि जैको डु टॉइट भी शामिल हुए। हाइब्रिड प्रारूप में आयोजित इस बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय की कुलाधिपति माता अमृतानंदमयी देवी से भी मुलाकात की। अमृता विश्व विद्यापीठम भारत का एकमात्र विश्वविद्यालय है, जहां तीन यूनेस्को चेयर्स स्थापित हैं—जेंडर इक्वैलिटी एंड वीमेन एम्पावरमेंट (डॉ.भवानी राव के नेतृत्व में), एक्सपीरिएंशियल लर्निंग फॉर सस्टेनेबल इनोवेशन एंड डेवलपमेंट (डॉ.मनीषा वी.रमेश के नेतृत्व में) और असिस्टिव टेक्नोलॉजीज़ इन एजुकेशन (डॉ.प्रेमा नेदुंगाडी के नेतृत्व में)</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/speaking-at-the-south-asia-round-table-tim-curtis-called/article-154953</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/speaking-at-the-south-asia-round-table-tim-curtis-called/article-154953</guid>
                <pubDate>Mon, 25 May 2026 12:28:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/1200-x-600-px4.png"                         length="2018044"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        