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                <title>blood bank - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>blood bank RSS Feed</description>
                
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                <title>अस्पतालों में ब्लड की कमी, जान पर संकट : एसएमएस सहित अन्य सरकारी अस्पतालों में खून की किल्लत, ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग ने की ज्यादा से ज्यादा रक्तदान की अपील</title>
                                    <description><![CDATA[मौसमी बीमारियों के बीच इन दिनों प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सवाईमानसिंह और अन्य सरकारी अस्पतालों के ब्लड बैंकों में रक्त की बड़ी किल्लत। अस्पतालों में सभी तरह के ब्लड ग्रुपों की किल्लत बनी हुई, जिससे गंभीर मरीजों और गर्भवती महिलाओं की जान पर खतरा मंडराने लगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/shortage-of-blood-in-hospitals-danger-to-life-shortage-of/article-147632"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)60.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मौसमी बीमारियों के बीच इन दिनों प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सवाईमानसिंह और अन्य सरकारी अस्पतालों के ब्लड बैंकों में रक्त की बड़ी किल्लत है। अस्पतालों में सभी तरह के ब्लड ग्रुपों की किल्लत बनी हुई, जिससे गंभीर मरीजों और गर्भवती महिलाओं की जान पर खतरा मंडराने लगा है। ऐसे में एसएमएस मेडिकल कॉलेज के ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग ने मरीजों को ऑन डिमाण्ड ब्लड उपलब्ध कराने ज्यादा से ज्यादा स्वैच्छिक रक्तदान की भी अपील की है। </p>
<p><strong>ये है फिलहाल हालात</strong><br />प्रदेश के सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल सहित सभी सरकारी अस्पतालों में ब्लड का स्टॉक तेजी से घट रहा है। स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 22 मार्च को ए निगेटिव और एबी निगेटिव जैसे ग्रुप में महज 2 यूनिट खून बचा था। एबी पॉजिटिव 4 यूनिट और ए पॉजिटिव सिर्फ 10 यूनिट तक सिमट गया जबकि इनमें एक्सीडेंट, लावारिस मरीज, हीमोफीलिया और अन्य गंभीर मामलों के कई मरीज आते हैं, जिन्हें सैकड़ों यूनिट खून की जरूरत होती है। इसमें सबसे बड़ा संकट यह है कि एसएमएस अस्पताल में निजी ब्लड बैंकों से खून लेने पर रोक है। ऐसे में ब्लड की कमी दूर करना बड़ी चुनौती बन गया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 11:14:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रक्तदान और जांच शिविर का आयोजन: सिविल लाइंस विधायक  गोपाल शर्मा ने ब्लड डोनर्स को प्रशस्ति-पत्र देकर किया सम्मानित</title>
                                    <description><![CDATA[देवी नगर में आयोजित शिविर में 40 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा ने रक्तदाताओं को सम्मानित किया। शिविर में शुगर, ईसीजी और थायरॉयड की निशुल्क जांच के साथ दवाइयां वितरित की गईं। इस दौरान चिकित्सा और मीडिया क्षेत्र की हस्तियों को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से भी नवाजा गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/civil-lines-mla-honored-blood-donors/article-146596"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/gopal-sharam.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर में न्यू सांगानेर रोड स्थित देवी नगर में रविवार को रक्तदान और जांच शिविर का आयोजन हुआ। इस दौरान सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा ने रक्तदाताओं का हौसला बढ़ाया और उन्हें प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया।</p>
<p>मानव समाज सेवा संस्थान अध्यक्ष डॉ. मुकेश गुप्ता ने बताया कि सुबह 9 से 2 बजे तक कैंप का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य कल्याण ब्लड बैंक की मदद से 40 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। कैंप में ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, थायरॉयड, बीएमडी और ईसीजी समेत जांचें की गईं। वहीं दवाइयों का भी वितरण किया गया।यह शिविर इंडियन इंस्टीट्यूट आफ़ होम्योपैथिक फिजिशियंस,राज आँगन फाउंडेशन,ढंड डायबिटीज एसोसिएशन व श्री वार्ष्णेय वैश्य स्पोर्ट्स क्लब के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।</p>
<p>कैंप में डॉ. मुकेश गुप्ता, डॉ. अशोक लादुना, डॉ. महेश सिंघल, डॉ. दीप शिखा अग्रवाल, डॉ. विनोद शर्मा, डॉ. अमिता अग्रवाल, डॉ. अंशु अग्रवाल, डॉ. सुनीता जैन, डॉ. अभिनव शर्मा, डॉ. मोहम्मद अमान और डॉ. मोहम्मद अब्बास ने अपनी सेवाएं दीं। वहीं एक्सपर्ट लैब के डायरेक्टर जय करण चारण ने ईसीजी और थायरॉयड की जांच निशुल्क की। कैंप में मरीजों को होम्योपैथिक एवं एलोपैथिक दवाएं भी उपलब्ध कराई गईं। इस दौरान आशीष पोरवाल, विजय सैनी,शोर्य शर्मा,विपिन गुप्ता अर्पिता माथुर,इशिता बिंद्रा, डॉ ओम बालोदिया,बिजय गुप्ता,एनएल भाटिया, चेतन गोस्वामी, राकेश गर्ग, प्रदीप यादव आदि मौजूद रहे। इस दौरान स्वास्थ्य एवं मीडिया के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वालो को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Mar 2026 17:26:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>रक्तदान के लिए जूनून ही रक्तवीरों व संस्थाओं की ऊर्जा स्रोत -मिशन निदेशक एनएचएम</title>
                                    <description><![CDATA[मिशन निदेशक ने रक्तदान के क्षेत्र में जुटे सभी रक्तदाताओं को शुभकामनाएं दीं कि उनके पुनित कार्याें के कारण राजस्थान देशभर में सर्वश्रेष्ठ रक्त की आपूर्ति करने वाले राज्यों की सूची में शामिल है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/passion-for-blood-donation-is-the-source-of-energy-of/article-48809"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/630-400-size-(2)15.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। विश्व रक्तदान दिवस पर इस वर्ष की थीम ‘‘गिव ब्लड, गिव प्लाजमा, सेयर लाइफ, सेयर ओफन’’ के साथ बुधवार को स्वास्थ्य भवन में राज्यस्तरीय सम्मान समारोह आयोजित किया गया। रक्तदाताओं एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के सम्मान समारोह में सम्बोधित करते हुए मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने कहा कि रक्तदान करने के प्रति रक्तवीरों में जनून होता है और ऐसे बिरले ब्लड डोनर ही जीवनदाता कहलाते हैं। उन्होंने कहा कि रक्तवीर के रूप में स्वयं निरंतर आगे आ रहे नवयुवक और संस्थाएं प्रेरणास्रोत हैं जिनकी प्रशंषा व सम्मान करना बहुत महत्वपूर्ण हैं।  </p>
<p>मिशन निदेशक ने बताया कि आज 14 जून को  विश्वभर में बिना किसी प्रलोभन के मानव सेवा के लिए रक्तदान करने वाले रक्तदाताओं और संस्थाओं के उल्लेखनीय योगदान हेतु उनकी प्रशंषा के लिए मनाया जाता है। उन्होंने रक्तदान के क्षेत्र में जुटे सभी रक्तदाताओं को शुभकामनाएं दीं कि उनके पुनित कार्याें के कारण राजस्थान देशभर में सर्वश्रेष्ठ रक्त की आपूर्ति करने वाले राज्यों की सूची में शामिल है। </p>
<p>डॉ. सोनी ने महिलाओं की रक्तदान कार्याें में सहभागिता बढ़ाने, ट्रोमा सेंटरों के सम्पर्क नम्बर प्रचारित करने, धार्मिक अवसरों व मेला इत्यादि में रक्तदान शिविर आयोजित करने, ‘पहला रक्तदान - हमारे साथ‘ लक्ष्य के साथ रक्तदान के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और संकलित रक्तदान का पूरी पारदर्शिता के साथ समुचित उपयोग करने के लिए अपील की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 14 Jun 2023 15:41:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्वैच्छिक रक्तदान में फिसड्डी है सरकारी ब्लड बैंक</title>
                                    <description><![CDATA[ सरकारी क्षेत्र में स्वैच्छिक रक्तदान की कमी का बड़ा कारण सरकारों द्वारा नेशनल ब्लड पॉलिसी के नियमों के विपरीत जाकर स्टैंड अलोन ब्लड बैंकों को ज्यादा से ज्यादा लाइसेंस देना है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/government-blood-bank-is-lax-in-voluntary-blood-donation/article-48728"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/630-400-size-(8)4.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। देश ही नहीं बल्कि प्रदेश में भी जरूरत के मुताबिक रक्तदान का अभाव है। इसकी बड़ी वजह है स्वैच्छिक रक्तदान की कमी। ऐसे में आज भी अस्पताल में भर्ती मरीज के परिजनों को ब्लड डोनेट करने के बाद ही बदले में ब्लड मिल पाता है। वर्ष 2022-23 के आंकड़ों के मुताबिक जयपुर में रक्तदान शिविरों केमाध्यम से होने वाले कुल स्वैच्छिक रक्तदान का 81 प्रतिशत निजी क्षेत्र में है, जबकि सरकारी क्षेत्र में मात्र 19 प्रतिशत है। यानी सरकारी क्षेत्र में रक्त की जरूरत वाले लोगों को निजी क्षेत्र पर निर्भर रहना पड़ता है, जहां उन्हें ज्यादा पैसा देना पड़ता है। उसमें भी कई डॉक्टर निजी क्षेत्र के ब्लड बैंकों से लिए गए रक्त को मानकों के अनुरूप नहीं मानते। वहीं प्रदेश के सरकारी क्षेत्र के सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल में भी जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त उपलब्ध नहीं है।</p>
<p><strong>सरकारी क्षेत्र में रक्तदान की कमी का बड़ा कारण</strong><br />सरकारी क्षेत्र में स्वैच्छिक रक्तदान की कमी का बड़ा कारण सरकारों द्वारा नेशनल ब्लड पॉलिसी के नियमों के विपरीत जाकर स्टैंड अलोन ब्लड बैंकों को ज्यादा से ज्यादा लाइसेंस देना है। नेशनल ब्लड पॉलिसी 2018 में उल्लेख है कि कोई भी सरकार अब नए स्टैंड अलोन ब्लड बैंकों को लाइसेंस नहीं देंगी। इसका उद्देश्य यही था कि सरकारी क्षेत्र के ब्लड बैंकों को नियमित रक्तदाता रक्तदान करता रहे।  </p>
<p><strong>जयपुर में ब्लड बैंकों का लेखा जोखा </strong><br />वर्तमान में राजस्थान में लगभग 214 ब्लड बैंक हैं। यहां करीब 63 सरकारी एवं 151 प्राइवेट ब्लड बैंक हैं। जयपुर में 51 ब्लड बैंक हैं, जिनमें 8 सरकारी एवं 43 गैर सरकारी क्षेत्र में हैं। राजस्थान में वर्ष 2022-23 में छह लाख 65 हजार 315 यूनिट रक्तदान हुआ है। जयपुर में अकेले एक लाख 62 हजार 70 यूनिट रक्तदान हुआ है। वहीं राजस्थान में 8500 से ज्यादा और जयपुर में 2117 ब्लड डोनेशन कैम्प लगाए गए।<br />रक्तदान कब और कौन कर सकता है  </p>
<p>कोई भी रक्तदाता हर तीन माह के अंतराल में रक्तदान कर सकता है। बशर्ते कि उसका हीमोग्लोबिन 12.5 प्रतिशत प्रति मिली ग्राम से ज्यादा हो।  </p>
<p><strong>कौन नहीं कर सकते रक्तदान </strong><br />    खसरा, चिकन पॉक्स, शिंगल्स जैसी बीमारियों के लिए टीका लेने वाले व्यक्ति कम से कम एक महीने तक ब्लड डोनेट नहीं कर सकते।  <br />    जिनका वजन 45 किलो से कम और शरीर में कम खून या कम हीमोग्लोबिन वाले लोगों को रक्तदान से बचना चाहिए। <br />    अल्कोहल लेने के बाद।<br />    ऐसी महिलाएं जिनके पीरियड्स चल रहे हों व ब्रेस्ट फीडिंग कराने वाली माताएं।<br />    18 साल से छोटे और 65 साल से अधिक उम्र के लोग और डायबिटीज, बीपी, थायरॉइड के मरीज।</p>
<p>जरूरतमंद मरीजों को उच्च गुणवत्ता मानक का सुरक्षित रक्त उपलब्ध हो सके इसके लिए नेशनल ब्लड पॉलिसी बनाई गई थी। रक्तदाता प्रलोभन में अपनी बहुत सी जानकारी छुपा लेता है, जिसका खामियाजा उसके द्वारा दिए गए रक्त को लेने वाले मरीज को उठाना पड़ सकता है। इसलिए स्वैच्छिक रक्तदान स्वैच्छिक ही हो, इसके लिए सरकारों को प्रयास करने चाहिए।<br /><strong>-डॉ. एसएस अग्रवाल, मानद सचिव, स्वास्थ्य कल्याण ब्लड बैंक, जयपुर </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 14 Jun 2023 10:34:08 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>गर्मी बढ़ी तो ब्लड बैंक में आई ब्लड की कमी</title>
                                    <description><![CDATA[स्वैच्छिक रक्तदान में प्रदेश में अव्वल रहने वाले कोटा के सबसे बड़े एमबीएस अस्पताल के ब्लड बैंक में इन दिनों ब्लड की कमी हो रही है। ब्लड बैंक में अपनी क्षमता का 10 फीसदी भी ब्लड नहीं है। एमबीएस ब्लड बैंक में रोजाना 70 से 80 यूनिट रक्त दिया जा रहा है। इस तरह  औसत 2 से ढाई हजार यूनिट की खपत हर महीने हो रही है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/when-the-heat-increased--there-was-a-shortage-of-blood-in-the-blood-bank/article-9468"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/blood-bank.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा।  स्वैच्छिक रक्तदान में प्रदेश में अव्वल रहने वाले कोटा के सबसे बड़े एमबीएस अस्पताल के ब्लड बैंक में इन दिनों ब्लड की कमी हो रही है। ब्लड बैंक में अपनी क्षमता का 10 फीसदी भी ब्लड नहीं है। कोटा में जहां सबसे अधिक रक्तदान शिविरों का आयोजन होता रहा है। शहर में रक्त की कमी नहीं रही है। लेकिन इन दिनों गर्मी बढ़ने के साथ ही रक्तदान करने वालों में भी कमी आई है। जिससे निजी अस्पतालों की तुलना में एमबीएस अस्पताल के ब्लड बैंक में रक्त क्षमता की तुलना में काफी कम है। संभाग का सबसे बड़ा ब्लड बैंक होने से इसकी क्षमता करीब 5 हजार यूनिट रक्त संग्रहण करने की है। लेकिन ब्ल बैंक में एक बार में करीब दो हजार यूनिट तक ही रक्त संग्रह किया जाता है। वह भी 40 दिन तक ही रखा जा सकता है। उसके बाद वह रक्त काम में नहीं लिया जाता। हालत यह है कि वर्तमान में ब्लड बैंक में मात्र 500 से 600 यूनिट ही रक्त है। <br /><br /><strong>रोजाना 70 से 80 यूनिट की खपत</strong><br />एमबीएस ब्लड बैंक में  सरकारी अस्पतालों के अलावा निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को भी रक्त दिया जा रहा है। जानकारी के अनुसार इस ब्लड बैंक से रोजाना 70 से 80 यूनिट रक्त रोजाना दिया जा रहा है। इस तरह से औसत 2 से ढाई हजार यूनिट की खपत हर महीने हो रहेी है। ब्लड बैंक कर्मचारियों के अनुसार ब्लड के बदले ब्लड देने से कमी नहीं आती है। जितनी खपत हो रही है उतना ब्लड तो आ भी रहा है। लेकिन स्टोरेज के लिए ब्लड उतना नहीं है जितना होना चाहिए। <br /><br /><strong>रावतभाटा में कैम्प कर लाए 250 यूनिट</strong><br />ब्लड बैंक के कर्मचारियों ने बताया कि ब्लड बैंक में रक्त की कमी को दूर करने के लिए हाल ही में रावतभाटा जिले के एक गांव में शिविर लगाया गया था। वहां से करीब 250 यूनिट रक्त संग्रह कर लाए हैं। <br /><br /><strong>निजी अस्पताल में भर्ती मरीजों से शुल्क</strong><br />ब्लड बैंक के कर्मचारियों ने बताया कि सरकारी अस्पताल में भर्ती मरीज को ब्लड की जरूरत होने पर ब्लड बैंक से ब्लड देने का कोई शुल्क नहीं लिया जाता। सिर्फ ब्लड के बदले बलड लेते हैं। जबकि निजी अस्पताल में भर्ती मरीजों से 1250 रुपए शुल्क लिया जाता है। वहीं कम्पोनेंट के 400 रुपए लेते हैं। <br /><br /><strong>कर्मचारियों की कमी</strong><br />जानकारों ने बताया कि ब्लड बैंक में कर्मचारियों की काफी कमी है। जितना स्टाफ होना चाहिए उससे आधे भी कर्मचारी नहीं है।  ब्लड बैंक 24 घंटे चालू रहता है। ऐसे में एक-एक कर्मचारी को अतिरिक्त ड्यूटी करनी पड़ रही है। यदि कहीं कैम्प में जाना पड़ जाए तो स्टाफ वहां जाने पर पीछे से ब्लड बैंक में कर्मचारी कम होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। <br /><br /><strong>गर्मी में पानी भी गर्म</strong><br />ब्लड बैंक के बाहर की तरफ एक निजी संस्था द्वारा जल मंदिर बनवाया हुआ है। लेकिन हालत यह है कि उस जल मंदिर में आरओ व फिल्टर का पानीे नहीं आकर सीेधे टंकी का गर्म पानी आ रहा है। जिससे वहां आने वाले लोगों को पीने का गर्म पानी मिल रहा है। कर्मचारियों ने बताया कि लोगों की सुविधा को देखते हुए टीनशेड  में तीन मटके रखवाए थे। जिनमें से दो किसी ने फोड़ दिए। एक ही मटका बचा है। लोग अधिक आने से पानी बार-बार भरना पड़ता है। जिससे वह भी ठंडा नहीं हो पाता। <br /><br /><strong>मई जून में कम मिलता है रक्त</strong> <br />गर्मी में स्वैच्छिक रक्तदान करने वाले कम आते हैं। जिससे हर साल मई जून में रक्त अपेक्षाकृत कम मिलता है। ब्लड बैंक की क्षमता 5 हजार यूनिट की है। लेकिन एक बार में 2 हजार से अधिक रक्त संग्रह नहीं करते। 40 दिन के बाद ब्लड काम  में नहीं आता। ऐसे में प्रयास रहता है कि समय पर रक्त का उपयोग किया जा सके। वर्तमान में करीब 500 से 600 यूनिट रक्त है। लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करते रहते हैं। <br /><strong>-डॉ. एच.एल. मीणा, प्रभारी, एमबीएस ब्लड बैंक </strong><br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 May 2022 14:44:09 +0530</pubDate>
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