<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/education-department-order/tag-20445" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>education department order - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/20445/rss</link>
                <description>education department order RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित : जर्जर विद्यालय भवनों की मरम्मत कार्य मानसून से पूर्व पूर्ण, यादव ने दिए दिशा निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[अतिरिक्त मुख्य सचिव स्कूल शिक्षा राजेश यादव ने शुक्रवार को शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं, गतिविधियों व बिंदुओं की समीक्षा की। उन्होंने प्रदेश के मरम्मत योग्य जर्जर विद्यालय भवनों का मरम्मत कार्य मानसून से पूर्व पूर्ण करने के निर्देश दिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/review-meeting-of-education-department-held-repair-work-of-dilapidated/article-149916"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/1200-x-600-px)14.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्कूल शिक्षा राजेश यादव ने शुक्रवार को शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं, गतिविधियों व बिंदुओं की समीक्षा की। उन्होंने प्रदेश के मरम्मत योग्य जर्जर विद्यालय भवनों का मरम्मत कार्य मानसून से पूर्व पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही नवीन विद्यालय भवनों के निर्माण की कार्ययोजना शीघ्र बनाने को कहा। यादव ने बैठक में समग्र​ शिक्षा, स्टार्स, पीएम श्री योजना, निशुल्क यूनिफॉर्म डीबीटी, आईसीटी लैब, टैबलेट वितरण, ज्ञान संकल्प, मुख्यमंत्री विद्यादान कोष, ब्रेल पाठ्यपुस्तकें, विशेष शिक्षक, अटल टिंकरिंग लैब, केजीबीवी, बाल वाटिका, कम्पोजिट स्कूल ग्रांट, ट्रांसपोर्ट वाउचर, वोकेशनल टीचर सहित अन्य बिंदुओं की समीक्षा की व आवश्यक दिशा निर्देश दिए।</p>
<p>उन्होंने राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल, राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल व मिड डे मील के साथ ही भाषा व पुस्तकालय विभाग के विभिन्न मामलों की भी समीक्षा की। बैठक में राज्य परियोजना निदेशक व आयुक्त डॉ. रश्मि शर्मा, संयुक्त सचिव महेन्द्र कुमार खींची, अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक द्वितीय अशोक कुमार मीणा सहित विभिन्न अधिकारी शामिल हुए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/review-meeting-of-education-department-held-repair-work-of-dilapidated/article-149916</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/review-meeting-of-education-department-held-repair-work-of-dilapidated/article-149916</guid>
                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 17:25:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/1200-x-600-px%2914.png"                         length="798086"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिक्षा महकमे का फरमान : बिना बजट के 16 दिन में कैसे हो स्कूलों में रंग-रोगन, ना तो स्कूलों के पास फंड और ना ही पंचायतों के पास</title>
                                    <description><![CDATA[शिक्षा विभाग के प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में दीपावली तक रंग-रोगन, पेंटिंग करने के आदेश स्कूलों पर भारी पड़ रहे हैं। शिक्षा विभाग ने इसके लिए ना तो अलग से बजट की व्यवस्था की है और ना ही बजट उपलब्ध कराया। बिना बजट के स्कूलों में किस प्रकार रंग-रोगन और पेंटिंग हो, यह बड़ा सवाल स्कूल के प्रधानाध्यापक और प्रधानाचार्यो को खाए जा रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/education-departments-order-how-can-schools-be-painted-in-16/article-129926"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/shiksha-sankul.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शिक्षा विभाग के प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में दीपावली तक रंग-रोगन, पेंटिंग करने के आदेश स्कूलों पर भारी पड़ रहे हैं। शिक्षा विभाग ने इसके लिए ना तो अलग से बजट की व्यवस्था की है और ना ही बजट उपलब्ध कराया। बिना बजट के स्कूलों में किस प्रकार रंग-रोगन और पेंटिंग हो, यह बड़ा सवाल स्कूल के प्रधानाध्यापक और प्रधानाचार्यो को खाए जा रहा है। माध्यमिक शिक्षा बीकानेर के निदेशक सीताराम जाट ने चार अक्टूबर को दिए आदेश में रंग-रोगन के लिए विद्यालयों के विद्यार्थी विकास कोष से कराए जाने के निर्देश दिए हैं, जबकि प्रदेश की अधिकांश स्कूलों में कोष या तो है नहीं या फिर बहुत कम है, जिससे स्कूल के पानी-बिजली के बिल सहित अन्य जरूरी कार्य सम्पादित होते हैं। स्कूलों के  पास विद्यार्थी विकास कोष नहीं होने पर शिक्षा विभाग ने पंचायतीराज विभाग को साथ जोड़ते हुए स्कूलों का रंग-रोगन के लिए पंचायतों को अधिकृत किया, लेकिन पंचायतों के पास भी निजी मद में पैसा नहीं होने से समस्या जस की तस बनी हुई है। स्कूल के प्रधानाध्यापक और प्रधानाचार्य सरपंचों के घरों के चक्कर लगा रहे हैं। </p>
<p><strong>क्यों नहीं हैं विद्यार्थी विकास कोष में पैसा</strong></p>
<p><strong> प्राथमिक विद्यालय</strong><br />एक से पांच तक के विद्यार्थी नि:शुल्क अध्ययन करते हैं, फीस जमा नहीं होती, इस कारण विद्यार्थी विकास कोष शून्य। इन विद्यालयों के प्रधानाध्यापक चिंतित हैं कि स्कूल में रंग-रोगन कैसे हो? पंचायतीराज विभाग से आदेश निकलने के बाद सरपंचों के घरों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अधिकांश जगह परिणाम शून्य।</p>
<p><strong>उच्च प्राथमिक विद्यालय</strong><br />एक से आठवीं तक के विद्यालयों में आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों से फीस वसूली नहीं जाती हैं। बिना फीस के विद्यार्थी विकास कोष शून्य।</p>
<p><strong>सीनियर सैकण्डरी विद्यालय</strong><br />छात्राओं की शिक्षा नि:शुल्क केवल विद्यार्थी विकास कोष लिया जाता है, विद्यार्थियों से सौ से लेकर 150 रुपए वसूले जाते हैं। यह राशि स्कूल में पानी, बिजली के बिलों का भुगतान किया जाता है। ऐसे में अधिकांश स्कूलों में कोष में पैसा नहीं हैं। </p>
<p><strong>पंचायत क्यों नहीं करा पा रही रंग-रोगन</strong><br />सीनियर सैकण्डरी स्कूलों में दस से 15 तक कमरे होते हैं। ऐसे में दस हजार से अधिक के काम के लिए टेंड्रर होना चाहिए, इतने कम समय में टेंड्रर कैसे हो सकता हैं? इस तरह का कार्य के लिए सबसे पहले प्रशासनिक स्वीकृति निकले, फिर तकनीकी स्वीकृति निकले और उसके बाद वित्तीय स्वीकृति निकले,इसके बाद ही रंग-रोगन की प्रकिया आगे बढ़ सकती हैं। </p>
<p>विभाग ने आदेश जारी किए हैं, लेकिन बिना बजट के किस तरह रंग-रोगन हो सकता है? सीनियर सैकण्डरी स्कूल में रंग-रोगन में 15-20 दिन लगते हैं। यदि वास्तव में ही सरकार रंग-रोगन कराना ही चाहती है तो गीष्मकालीन अवकाश में कराया जाना चाहिए। शिक्षा विभाग के दबाव में प्रधानाध्यापक और प्रधानाचार्य खुद के पैसे से रंग-रोगन करा रहे हैं।<br />महावीर सिहाग, प्रदेशाध्यक्ष, राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत </p>
<p>स्कूलों में विद्यार्थी विकास कोष होता है, उससे रंग-रोगन कराए, स्कूलों में विद्यार्थी विकास कोष नहीं होने पर शिक्षा विभाग ने पंचायतीराज विभाग को भी जोड़ा है। स्कूलों में कार्य शुरू हुआ है।<br />-सीताराम जाट, निदेशक माध्यमिक शिक्षा,राजस्थान बीकानेर </p>
<p>एक सीनियर सैकण्डरी स्कूल में 15 कमरे होते हैं, दस हजार से अधिक का काम होने पर टेंड्रर जरूरी, बिना टेंडर कैसे काम हो सकता हैं? <br />-रफीक पठान, मुख्य प्रवक्ता, सरपंच संघ राजस्थान, </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/education-departments-order-how-can-schools-be-painted-in-16/article-129926</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/education-departments-order-how-can-schools-be-painted-in-16/article-129926</guid>
                <pubDate>Fri, 17 Oct 2025 14:13:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-08/shiksha-sankul.jpg"                         length="259954"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिक्षा विभाग के आदेशों की उडी धज्जियाँ : निजी स्कूल खुले रहे, जबकि सरकारी स्कूल बंद </title>
                                    <description><![CDATA[13 अक्टूबर से 24 अक्टूबर तक सरकारी और निजी स्कूलों मे अवकाश घोषित किया। आदेशों की पालना के तहत सरकारी स्कूल तो बंद रहे लेकिन निजी स्कूल अवकाश के पहले दिन खुले रहे। निजी स्कूलों में तो अभी परीक्षा कार्य भी चल रहा। राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों ने ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए है कि शिविरा कलैण्डर की पालना कराई जाए। स्कूलों के खिलाफ राजस्थान गैर सरकारी शैक्षिक संस्थान अधिनियम 1989 एवं नियम 1993 में वर्णित प्रावधानों के तहत कार्रवाई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/education-departments-orders-flouted-private-schools-remain-open-while-government/article-129589"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/7896.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शिक्षा विभाग ने दीपावली पर्व को देखते हुए 13 अक्टूबर से 24 अक्टूबर तक सरकारी और निजी स्कूलों मे अवकाश घोषित किया है, आदेशों की पालना के तहत सरकारी स्कूल तो बंद रहे लेकिन निजी स्कूल अवकाश के पहले दिन खुले रहे। कई निजी स्कूलों में तो अभी परीक्षा कार्य भी चल रहा है। गौरतलब है कि शिक्षा विभाग के शिविरा पंचाग में राज्य के सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में शिक्षा विभाग के निदेशक ने 13 अक्टूबर से 24 अक्टूबर तक अवकाश घोषित किया है। शहर के नामी स्कूल मसलन-सेंट जेवियर्स, कैम्बिज कोर्ट, राजश्री स्कूल सहित अन्य छोटे स्कूल भी सरकारी अवकाश के बावजूद खुले रहे। इस सन्दर्भ में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के निदेशक सीताराम जाट से सम्पर्क करने का प्रयास किया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। </p>
<p><strong>जिला शिक्षा अधिकारी ने दिए निर्देश</strong><br />राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों ने ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए है कि शिविरा कलैण्डर की पालना कराई जाए, यदि आदेशों की पालना नहीं होती है तो उन स्कूलों के खिलाफ राजस्थान गैर सरकारी शैक्षिक संस्थान अधिनियम 1989 एवं नियम 1993 में वर्णित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए। </p>
<p><strong>तेज बारिश में खुले थे स्कूल</strong><br />इस बार मानसूनी तेज बारिश के चलते जिला कलेक्टर ने स्कूलों में अवकाश घोषित किया था, लेकिन कलेक्टर के आदेशों के बावजूद निजी स्कूल खुल गए। इस पर जिला कलेक्टर ने वापस जिला शिक्षा अधिकारी को विद्यालय बंद रखने के आदेश जारी किए। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />'निजी स्कूलों की निगाह में सरकार के आदेशों का कोई महत्व नहीं हैं, वे अपने विधान से चलते हैं। सरकार जब-जब छुट्टियों को लेकर घोषणा करती है तब-तब निजी स्कूल अपनी मनमर्जी से स्कूल चलाते हैं। सर्दी, गर्मी और बरसात को लेकर की गई छुट्टी की घोषणा के लिए निजी स्कूलों के लिए कोई महत्व नहीं हैं।'<br />-अभिषेक जैन बिट्टू, <br />प्रदेश प्रवक्ता, संयुक्त अभिभावक संघ, जयपुर</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/education-departments-orders-flouted-private-schools-remain-open-while-government/article-129589</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/education-departments-orders-flouted-private-schools-remain-open-while-government/article-129589</guid>
                <pubDate>Tue, 14 Oct 2025 10:10:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-10/7896.png"                         length="456927"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिक्षा विभाग ने 250 स्कूलों को किया मर्ज, 200 स्कूलों में नामांकन शून्य </title>
                                    <description><![CDATA[बीकानेर निदेशालय ने जारी आदेशों में प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा के स्कूलों को पास के स्कूलों में मर्ज किया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/education-department-merged-250-schools-enrollment-in-200-schools-was/article-101120"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/shiksha-sankul.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शिक्षा विभाग ने कम नामांकन और शून्य नामांकन वाले 250 स्कूलों को और मर्ज कर दिया। इससे पहले 190 स्कूलों को मर्ज किया जा चुका है। बीकानेर निदेशालय ने जारी आदेशों में प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा के स्कूलों को पास के स्कूलों में मर्ज किया है। </p>
<p>कुल 250 स्कूलों में 200 स्कूलों में नामांकन शून्य है। बाकी कम नामांकन वाले स्कूल हैं। इससे पहले 190 स्कूलों को मर्ज करने के आदेश जारी हुए थे, जिनमें 169 स्कूल शून्य नामांकन वाले थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/education-department-merged-250-schools-enrollment-in-200-schools-was/article-101120</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/education-department-merged-250-schools-enrollment-in-200-schools-was/article-101120</guid>
                <pubDate>Fri, 17 Jan 2025 17:36:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-08/shiksha-sankul.jpg"                         length="259954"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिक्षा विभाग के आदेश की अवेहलना: प्रचंड गर्मी में खुले स्कूल </title>
                                    <description><![CDATA[ शिक्षा विभाग ने गर्मी को देखते हुए जिले के सभी स्कूलों को छात्रों के लिए बंद किए जाने के आदेश जारी किए है। शहर के कई निजी स्कूल आदेशों की अवहेलना करते हुए खुले रहे। इन स्कूलों में ना केवल टीचर्स, बल्कि स्टूडेंट्स को भी बुलाया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-schools-open-after-order-of-education-department/article-9556"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/654646541.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शिक्षा विभाग ने गर्मी को देखते हुए जिले के सभी स्कूलों को छात्रों के लिए बंद किए जाने के आदेश जारी किए है। शहर के कई निजी स्कूल आदेशों की अवहेलना करते हुए खुले रहे। इन स्कूलों में ना केवल टीचर्स, बल्कि स्टूडेंट्स को भी बुलाया गया। शहर के कई छोटे और बड़े स्कूल में स्टूडेंट्स को स्कूल बुलाया। जानकारी के मुताबिक विद्याश्रम स्कूल, एमजीडी, एसएमएस स्कूल, जय पेडि़वाल, कैंब्रिज कोर्ट स्कूल ने स्टूडेंट्स की छुट्टी नहीं की। हालांकि कुछ स्कूल ऐसे भी थे, जिन्होंने आदेश की पालना करते हुए देर रात तक अभिभावकों को ग्रीष्मावकाश की सूचना दी। वहीं रेयान इंटरनेशनल स्कूल के संचालक सुनील ने कहा कि उनके स्कूल में सिर्फ टीचर्स को ही बुलाया गया है। शिक्षा विभाग के आदेश के बाद बच्चों की छुट्टियां कर दी गई हैं। हमने स्टूडेंट्स के लिए अगले 10 दिनों तक के लिए ऑनलाइन क्लास भी शुरू कर दी हैं। सेंट जेवियर्स स्कूल प्रशासन ने देर रात अभिभावकों को स्कूल में समर ब्रेक शुरू होने का मैसेज भेजा, जिससे अभिभावकों में असमंजस की स्थिति पैदा ना हो।</p>
<p>गौरतलब है कि शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर 11 मई से 30 जून तक सरकारी और गैरसरकारी स्कूलों में ग्रीष्म अवकाश घोषित किया था, लेकिन शिक्षा विभाग के आदेश का निजी स्कूल विरोध करते हुए आज स्कूल में बच्चों को बुला लिया। इन निजी स्कूलों का कहना है कि अचानक आदेश निकालकर विभाग अवकाश घोषित नहीं कर सकता। स्कूलों में स्टूडेंट्स को बुलाए जाने का संयुक्त अभिभावक संघ ने विरोध किया है। संघ केप्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने कहा कि शिक्षा विभाग ने मंगलवार को आदेश जारी कर प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में भीष्म गर्मी को देखते हुए 30 जून तक छुट्टियां घोषित की है, लेकिन प्रदेश का निजी स्कूल इस आदेश को कोई महत्व नहीं दे रहा है और खुलेआम धज्जियां उड़ाते हुए शिक्षा निदेशक के आदेश को ताक पर रख दिया।<br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-schools-open-after-order-of-education-department/article-9556</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-schools-open-after-order-of-education-department/article-9556</guid>
                <pubDate>Wed, 11 May 2022 15:57:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-05/654646541.jpg"                         length="156972"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        