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                <title>dignity - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>दर्द भरी सांसों से मिली मुक्ति: 13 साल कोमा में रहने के बाद एम्स में हरीश राणा का निधन, सुप्रीम कोर्ट से मिली थी इच्छा मृत्यु की इजाजत</title>
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                        <![CDATA[सुप्रीम कोर्ट से इच्छा मृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति पाने वाले देश के पहले व्यक्ति हरीश राणा का एम्स में निधन हो गया। 13 वर्षों तक कोमा में रहने के बाद, उनके परिवार की लंबी कानूनी लड़ाई और 'सम्मान के साथ मरने के अधिकार' की मांग को न्याय मिला। भीषण दुर्घटना के बाद से वह एम्स के डॉक्टरों की देखरेख में थे।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/got-relief-from-painful-breathing-harish-rana-died-in-aiims/article-147749"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/harish-rana1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। 13 साल कोमा में रहने के बाद आखिरकार हरीश राणा की एम्स में मृत्यु हो गई है। इसके साथ ही उनको दर्द भरी सांसों से भी मुक्ति मिल चुकी है। हालांकि, अभी तक एम्स ने इस बात की पूरी तरह से पुष्टि नहीं की है। हरीण राणा पहले ऐसे इंसान थे जिनको सुप्रीम कोर्ट से पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की इजाजत मिली थी। भारत में हरीश राणा के मामले को राइट टू डाई विद डिग्निटी के तौर पर माना गया था।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, हरीश राणा ने गाजियाबाद में एम्स के डॉक्टरों की देखरेख में अंतिम सांस ली। एक भीषण दुर्घटना के बाद हरीश राणा कोमा में चले गए थे जिसके बाद उनके परिवारजनों ने उनको सही करवाने के लिए हर मुमकिन प्रयास किए लेकिन वो सही नहीं हुए। करीब 13 साल तक अपने बच्चे को कोमा में तड़पता देखकर आखिरकार माता पिता ने सुप्रीम कोर्ट से हरीश राणा के लिए इच्छा मृत्यु की अपील की, जिसको सुप्रीम कोर्ट से स्वीकार कर लिया था और आखिरकार आज उनकी मृत्यु हो गई। </p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 18:07:24 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>कौन है हरीश राणा? जिसको सुप्रीम कोर्ट ने दी इच्छामृत्यु की परमिशन, 13 सालों से पीवीएस हालत में है युवक</title>
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                        <![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने 13 साल से कोमा (PVS) में पड़े गाजियाबाद के युवक को पैसिव यूथेनेशिया की अनुमति दे दी है। न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला की पीठ ने 'गरिमा के साथ मरने' को मौलिक अधिकार मानते हुए लाइफ सपोर्ट हटाने का आदेश दिया। कोर्ट ने पिता की याचिका पर यह फैसला सुनाया, जिससे लंबे समय से पीड़ा झेल रहे परिवार को राहत मिली।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/who-is-harish-rana-to-whom-the-supreme-court-gave/article-146106"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/harish-rana.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को गाजियाबाद के एक युवक को जीवन रक्षक प्रणाली हटाकर पैसिव यूथेनेशिया (निष्क्रिय इच्छामृत्यु) की अनुमति दे दी। न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की पीठ ने यह फैसला सुनाया, जो न्यायालय के 2018 के कॉमन कॉज निर्णय (जिसे 2023 में संशोधित किया गया था) पर आधारित है, जिसमें गरिमा के साथ मरने को मौलिक अधिकार के रूप में मान्यता दी गयी थी।</p>
<p>हरीश राणा एक इमारत से गिरने के बाद से पिछले 13 वर्षों से चेतना-शून्य अवस्था में हैं। मस्तिष्क की चोट के कारण सभी अंग पूरी तरह लकवाग्रस्त हो गये थे और वह परसिस्टेंट वेजिटेटिव स्टेट (पीवीएस) की स्थिति में चले गये थे। मेडिकल रिपोर्टों के अनुसार, पिछले 13 वर्षों में उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। वह केवल सर्जरी के माध्यम से लगाए गए पीईजी ट्यूबों द्वारा दिए जाने वाले चिकित्सकीय पोषण के सहारे जीवित हैं।</p>
<p>पीठ ने पिता की ओर से दायर उन आवेदनों पर यह आदेश पारित किया, जिसमें उन्होंने अपने बेटे को लगाये गये सभी जीवन रक्षक उपकरणों को हटाने की मांग की थी।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Wed, 11 Mar 2026 17:38:52 +0530</pubDate>
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                <title>अस्पताल में हो रहा महिलाओं की अस्मिता से खिलवाड़</title>
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                        <![CDATA[ जिले के राजीव गांधी राजकीय चिकित्सालय में महिलाओं की लज्जा को दरकिनार कर उपचार किया जा रहा है। इससे यहां उपचार के लिए आने वाली हर महिला को शर्मसार होना पड़ रहा है। हालात यह है कि महिलाओं की सोनाग्राफी से लेकर सभी कार्य पुरूष ही करा रहे हैं।  और  महिलाओं की निजता व आत्मसम्मान के साथ समझौता किया जा रहा है । ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/alwar/playing-with-the-dignity-of-women-in-the-hospital/article-11537"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/alwar11.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अलवर।</strong> जिले के राजीव गांधी राजकीय चिकित्सालय में महिलाओं की लज्जा को दरकिनार कर उपचार किया जा रहा है। इससे यहां उपचार के लिए आने वाली हर महिला को शर्मसार होना पड़ रहा है। हालात यह है कि महिलाओं की सोनाग्राफी से लेकर सभी कार्य पुरूष ही करा रहे हैं। लेकिन बेरहम चिकित्सा प्रशासन हर बार रेडियोलॉजिस्ट की कमी का रटारटाया जवाब देकर महिलाओं की निजता व आत्मसम्मान से जुडे इतने गंभीर मामले में भी इतिश्री कर देता है। शहर के किसी भी सोनोग्राफी सेंटर पर रेडियोलॉजिस्ट नहीं है।</p>
<p>सभी सोनोग्राफी सैंटर्स पर सामान्य चिकित्सक ही सोनोग्राफी करा रहे हैं। यहां तक कि जिस सोनोग्राफी सेंटर से चिकित्सालय का अनुबंध है, वहां भी रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। यही नहीं ईसीजी रूम में मेल व फीमेल चिकित्साकर्मी लगा तो रखे हैं। लेकिन मात्र दिखावे की औपचारिकता के लिए यहां ईसीजी रूम में महिलाओं की निजता का कोई ध्यान नहीं रखा जाता। इस पीड़ा से उपचार के लिए यहां आने वाली हर महिला को हर दिन रूबरू होना पड़ता है।</p>
<p>लेकिन मजबूरी के चलते उन्हें यह सब कुछ सहन करना पड़ता है। जबकि कुछ महिलाएं अपने आत्म सम्मान की रक्षा के लिए निजी अस्पतालों का रूख कर लेती हैं। जिले का सबसे बड़ा अस्पताल होने के बावजूद यहां इमजेंसी में आने वाली महिलाओं के लिए भी अलग से कोई महिला चिकित्सक की व्यवस्था नहीं है। बल्कि इंजेक्शन रूम में भी महिलाओं की प्राइवेसी का कोई ध्यान नहीं रखा जाता। <br />पिछले दिनों कोरोना काल में अस्पताल में आॅक्सीजन सिलेण्डरों की पर्याप्त व्यवस्था होने के बावजूद रोगियों को आॅक्सीजन के लिए तडपना पडा था। इससे मौत भी हुई। वजह केवल यह रही कि वार्ड ब्वाय ने आॅक्सीजन सिलेण्डर गाडी से उतारने से मना कर दिया था।</p>
<p>इसकी पूरी जानकारी अस्पताल प्रशासन को होने के बावजूद भी वार्ड में रोगी घण्टों आॅक्सीजन की कमी से तड़पते रहे। मानवीय मूल्यों को झकझोर देने वाले इस पूरे प्रकरण ने अस्पताल प्रशासन की घोर असंवेदनशीलता को उजागर करके रख दिया था। उसी दौरान महिला चिकित्सालय में कोरोना के पुरूष रोगियों के लिए वार्ड बनाया गया। इसमें भर्ती होने वाले पुरूष रोगियों को दर्द से कराहती अस्त-व्यस्त कपड़ों में बैड पर लेटी प्रसूता महिलाओं के बीच से होकर गुजरना पड़ता था।जिसे देखकर इंसानियत भी शर्मसार होती रही।</p>
<p>खुद चिकित्सालय से जुडे एक स्वास्थ्यकर्मी ने आगे बढकर अपनी पीडा व्यक्त करते हुए इसे बेहद शर्मनाक बताया। दबी जुबान से उसका यही कहना था, कि अस्पताल की व्यवस्थाओं के लिए जिम्मेदार अधिकारी केवल निजी स्वार्थवश मंत्रीजी के कार्यालय व उनके हर कार्यक्रम में हाजिरी देने को ही अपनी जिम्मेदारी समझने लगे हैं।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>केस नंबर एक</strong> :</span> शहर के शिवाजी पार्क निवासी एक महिला ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि अस्पताल में उपचार के लिए जाने पर महिलाओं को मानसिक यातना से भरे दौर से गुजरना पड़ता है। सोनोग्राफी के दौरान उन्हें शर्मसार होना पडा। अस्पताल में महिला को भी इंजेक्शन लगाने व टांके के काटने से लेकर हर कार्य पुरूष ही करते हैं। यह निजता के अधिकार का घोर उल्लंघन है। अस्पताल में कोई प्राइवेसी नहीं है। इस कारण अस्पताल जाने के नाम से भी वे असहज हो जाती है। वे मिडिल क्लास परिवार से हैं, लेकिन आत्मसम्मान के लिए अब वे निजी चिकित्सालय में उपचार कराती हैं।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>केस नंबर दो :</strong> </span>ग्रामीण क्षेत्र की एक महिला ने बताया कि, उन्हें पेट में तकलीफ होने पर रात्रि के समय इमजेंसी में दिखाना पडा। वहां केवल पुरूष चिकित्सक होने के कारण वह घबराहट व शर्म के कारण अपनी बीमारी के बारे में भी चिकित्सक को सही से नहीं बता पाई। सुबह जब सोनोग्राफी कराने आई तब पुरूष चिकित्सक के सोनोग्राफी कराने के कारण अपनी लज्जा बचाने के लिए बाहर रूपए देकर सोनोग्राफी कराई। इसके बाद निजी चिकित्सालय में महिला चिकित्सक से चिकित्सा परामर्श लिया।</p>
<p>उन्होंने उनकी जैसी अन्य महिलाओं के लिए महिलाओं से ही उपचार व इंजेक्शन आदि की अलग से व्यवस्था कराए जाने की बात कही। जहां पुरूषों की दखलंदाजी किसी भी रूप में ना हो। ताकि उनकी तरह अन्य महिलाओं को कोई तकलीफ ना हो और वे बिना शर्म व संकोच के इलाज करा सकें। पीएमओ डॉ. सुनील चौहान से जब इस संबंध में जानकारी चाही गई तो उनका फोन बंद आया।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अलवर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jun 2022 15:25:09 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>नड्डा ने भाजपा के दस नवनिर्मित कार्यालयों का किया उद्घाटन,  मुख्यमंत्री पर साधा निशाना</title>
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                        <![CDATA[ कुर्सी पाना, एमएलए बनना, एमपी बनना हमारे लिए जनता की सेवा करने का माध्यम: नड्डा]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/hanumangarh-nadda-inaugurated-ten-newly-constructed-offices-of-bjp--targeted-the-chief-minister--told-the-gehlot-to-hurt-the-honor-and-dignity-of-rajasthan/article-9574"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/jp-nadha.jpg" alt=""></a><br /><p>हनुमानगढ़। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बुधवार को हनुमानगढ़ में नवनिर्मित भाजपा कार्यालय सहित प्रदेश के दस जिलों में पार्टी के नवनिर्मित कार्यालयों का उद्घाटन किया। नड्डा ने हनुमानगढ़ को छोड़कर अन्य नौ जिलों में नवनिर्मित पार्टी कार्यालयों का वर्चुअल उद्घाटन किया। उन्होंने चार जिलों में बनने वाले पार्टी कार्यालयों का शिलान्यास भी किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पूर्व पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की आधुनिक पार्टी कार्यालय बनाने की सोच थी और आज देश में 512 पार्टी कार्यालय बनाना प्रस्तावित हैं। इसमें 227 बनकर तैयार हो गए हैं। </p>
<p><strong>विरोधी भी हमारी पार्टी का परिचय देश की सबसे पार्टी बताते हुए देते है: नड्डा</strong></p>
<p>उन्होंने कहा कि ये कार्यालय आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हैं और इससे पार्टी को नई ताकत मिलेगी। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे इन कार्यालयों में मंत्रणा करें, योजनाएं बनाएं और प्रदेश की गहलोत सरकार को उखाड़ फैंके। उन्होंने कहा कि आज हमारे विरोधी भी हमारी पार्टी का परिचय देश की सबसे पार्टी बताते हुए देते है। </p>
<p><strong>भाजपा संगठन मजबूत होगा: पूनियां</strong><br />इस अवसर पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डा सतीश पूनियां ने कि आज हनुमानगढ़ में भाजपा कार्यालय का उद्घाटन के साथ प्रदेश के 10 कार्यालयों  का शुभारंभ और चार कार्यालयों का शिलान्यास भाजपा परिवार के मुखिया जेपी नड्डा के कर कमलों द्वारा हुआ। भाजपा राजस्थान के लिए यह अहम पड़ाव है, इससे प्रदेश का भाजपा संगठन मजबूत होगा।<br /><br /><strong>गहलोत ने राजस्थान के मान-सम्मान पर पहुंचाई चोट-नड्डा</strong><br />भारतीय जनता पार्टी  के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर राजस्थान के मान-सम्मान पर चोट पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि उनकी कांग्रेस सरकार को जनता से कोई लेना देना नहीं है और वह जनता के मर्म और विषयों को भी नहीं समझती है।  उन्होंने कहा कि पहले राजस्थान संस्कार, संतोष, शांति और विकास के लिए जाना जाता था। लेकिन अशोक गहलोत ने राजस्थान के मान-सम्मान पर गहरी चोट पहुंचाई है। उन्होंने राज्य की कांग्रेस सरकार को जनविरोधी सरकार बताते हुए कहा कि उन्हें दुख हैं कि राजस्थान में दुष्कर्म की घटनाएं अधिक हो रही है। उन्होंने कहा कि एक मंत्री ने विधानसभा में हल्का बयान दिया गया जो कांग्रेस और श्री गहलोत की मानसिकता दर्शाता है। उन्होंने कहा ''राजस्थान के कार्यकर्ताओं से मैं निवेदन करने आया हूं कि राजस्थान में डबल इंजन की सरकार चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोगों को स्टार्टअप शुरु करने के लिए प्रेरित किया था। उस समय भारत में करीब 500 स्टार्टअप थे। आज करीब 68 हजार स्टार्ट अप भारत में चल रहे हैं। इसमें से 100 स्टार्टअप ऐसे हैं जिनका नाम यूनिकॉर्न में है। ये बदलता हुआ भारत है।</p>
<p><strong>कुर्सी पाना, एमएलए बनना, एमपी बनना हमारे लिए जनता की सेवा करने का माध्यम</strong></p>
<p>नड्डा ने कहा कि कुर्सी पाना, एमएलए बनना, एमपी बनना हमारे लिए जनता की सेवा करने का माध्यम है। हम राष्ट्र की सेवा के लिए आए हैं। हम राष्ट्र को मजबूत करने के लिए आए है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इच्छा शक्ति और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रणनीति ने ही जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को धराशायी किया। उन्होंने कहा कि आज देश में 190 करोड़ वैक्सीन लग चुकी है। </p>
<p><strong>कार्यालय ऐसा होता है कि जिसका पट कभी भी बंद नहीं होता</strong><br />उन्होंने कहा कि एक समय था, जब हमारी संख्या लाख में होती थी। लेकिन आज हर कोई हमारा परिचय देता है, तो कहता है कि 18 करोड़ सदस्यों वाली सबसे बड़ी पार्टी भाजपा है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में पार्टी के सदस्यों की संख्या करीब 70 लाख है और 80 हजार से ऊपर सक्रिय सदस्य हैं। राजस्थान में 13 कार्यालय बनकर तैयार हो गए हैं, नौ पर कार्य चल रहा है और सात कार्यालयों के नर्माण के लिए जमीन खरीदी जा रही है। उन्होंने कहा ''मैं बार-बार शब्द कार्यालय कहता हूं ऑफिस क्यों नहीं कहता हूं, ऑफिस इसलिए नहीं कहता क्योंकि ऑफिस दस से पांच बजे तक चलता है और कार्यालय ऐसा होता है कि जिसका पट कभी भी बंद नहीं होता। कार्यालय ऊर्जा, संस्कार एवं एक नयी चेतना देने और योजनाओं को क्रियान्वित करने का केंद्र होता है।  उन्होंने बताया कि देश में पार्टी के 512 पार्टी कार्यालय बनाना प्रस्तावित है जिनमें 227 बनकर तैयार हो गए और 173 पर काम चल रहा है।</p>
<p><strong>ये रहें मौजूद</strong><br />इस अवसर पर पार्टी के राजस्थान प्रभारी अरुण सिंह, प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर, प्रदेश सह प्रभारी भारती बेन सियोल, प्रदेश उपाध्यक्ष माधोराम चौधरी, प्रदेश महामंत्री भजन लाल सांसद निहालचंद एवं बाबा बालकनाथ आदि मौजूद थे। इसके अलावा अलग अलग जगहों से पार्टी नेता जुड़े जिनमें केन्द्रीय मंत्री कैलाश चौधरी, अर्जुनराम मेघवाल, उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र सिंह राठौड़, राज्य में पार्टी के मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक राम लाल शर्मा आदि शामिल थे।</p>
<p> </p>]]>
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                <pubDate>Wed, 11 May 2022 19:04:10 +0530</pubDate>
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