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                <title>Modi Cabinet - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Modi Cabinet RSS Feed</description>
                
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                <title>मैं केरल हूं...पहले त्रावणकोर फिर केरल और अब केरलम की ओर: अब संसद के दोनों सदनों में पास होगा प्रस्ताव, इसके बाद राष्टÑपति की अंतिम मंजूरी से मिलेगा नया नाम </title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने केरल का नाम बदलकर केरलम करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। 1956 में 'त्रावणकोर-कोचीन' से 'केरल' बना यह राज्य अब अपनी भाषाई और ऐतिहासिक जड़ों की ओर लौट रहा है। अनुच्छेद 3 के तहत विधानसभा और संसद की सहमति से यह बदलाव अपनी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का एक बड़ा कदम है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/i-am-kerala-first-travancore-then-kerala-and-now-towards/article-144491"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-60-px)-(6).png" alt=""></a><br /><p>डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता केंद्रीय कैबिनेट ने मंगलवार को केरल का नाम बदलकर केरलम करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। ऐसा पहली बार नहीं है कि किसी राज्य का नाम बदला गया हो, साल 1956 से पहले केरल का नाम त्रावणकोर कोचीन था, जिसे बदलकर कर केरल कर दिया गया। केरल के नाम को बदलने का प्रस्ताव राज्य विधानसभा में 2024 में सर्वसम्मति से पारित होने के बाद आज मोदी कैबिनेट ने इस पर मुहर लगी दी है।</p>
<p><strong>क्यों बदले जाते हैं नाम?</strong></p>
<p>किसी भी राज्य का नाम यूं ही नहीं बदला जाता, इसके पीछे कई राजनीतिक और सांस्कृतिक कारण होते हैं। नामकरण में बहुधा संस्कृति एवं इतिहास के प्रेरक तत्व शामिल होते हैं। नाम महत्वपूर्ण है। नाम और रूप मिलकर परिचय बनते हैं। ऋग्वेद के ज्ञान सूक्त में कहा गया है कि, किसी पदार्थ का नाम रखकर परिचय करना ज्ञान की शुरूआत है। वास्तविक ज्ञान शब्द अर्थ के गर्भ में छिपा रहता है। ज्ञानी लोग तप बल से वाणी का अभिप्राय प्राप्त करते हैं। राज्यों और शहरों के नाम बदलने के पीछे सांस्कृतिक इतिहास भी होते हैं। केरलम के संबंध में भी यही स्थिति है। केरलम नाम से राज्य के वाम विचार वाले मुख्यमंत्री का लगाव दिखाई पड़ता है। नाम को लेकर भारत और सारी दुनिया में गहन आकर्षण है। भले ही शेक्सपियर ने कहा हो कि नाम में क्या रखा है, लेकिन सच्चाई यही है कि नाम से फर्क पड़ता है।</p>
<p><strong>केरल का इतिहास</strong></p>
<p>केरल का सर्वप्रथम अभिलेखीय उल्लेख तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व के एक शिलालेख में पाया जाता है, जिसमें इसे चेरास (केरलपुत्र) के रूप में वर्णित किया गया है। यह शिलालेख सम्राट अशोक ने बनवाया था। अशोक के समय में दक्षिण भारत के चार स्वतंत्र राज्यों में से एक के रूप में इसका उल्लेख मिलता है। आठवीं शताब्दी में आदि शंकाराचार्य का जन्म मध्य केरल के कालडी में हुआ था। उन्होंने भारतीय उपमहाद्वीप में यात्रा की और अद्वैत वेदांत के व्यापक और प्रभावशाली सिद्धांत की रचना की।</p>
<p>1498 में पुर्तगाली यात्री वास्को डी गामा ने अफ्रीका के केप आॅफ गुड होप के चारे ओर नाव से यात्रा कर कोझिकोड़ के लिए एक समुद्री मार्ग खोज लिया। उनकी नौसेना ने यहां पुर्तगाली किले और छोटी बस्तियां भी बनाई, जिसके बाद से भारत में यूरोपीय प्रभाव की शुरूआत हुई। केरल में डट, फ्रांसीसी और ब्रिटिश यूरोपीय व्यापारिक हित प्रमुखता से उभरे।</p>
<p>1741 में, डचों ने त्रावणकोर के राजा मातंर्डा वर्मा ने पराजित किया। इस हार के बाद, डच सैन्य कमांडरों को मातंर्डा वर्मा ने बंधक बना लिया और उन्हें त्रावणकोर की सेना को आधुनिक यूरोपीय हथियारों का प्रशिक्षण देने के लिए बाध्य किया। 18वीं शताब्दी के अंत तक, केरल पर अधिकांश प्रभाव अंग्रेजों का था।</p>
<p>1947 में जब भारत स्वतंत्र हुआ, तो त्रावणकोर ने शुरू में ही खुद को एक संप्रभु राष्ट्र के रूप में स्थापित करने की मांग की, हालांकि, त्रावणकोर के तत्कालीन राजा चिरिथा थिरुनल बलराम वर्मा ने कई दौर की बातचीत के बाद त्रावणकोर को भारत में शामिल करने के एक समझौता किया और शांतिपूर्वक भारत में शामिल कर लिया गया।</p>
<p>केरल राज्य का गठन 1956 में पूर्व त्रावणकोर-कोचीन राज्य, मालाबार जिले और मद्रास राज्य के दक्षिण कनारा जिले के कासरगोड तालुक से हुआ था। इसे मलयालम में केरलम कहा जाता है। केरल के नाम को केरलम करने पर आज केंद्रीय कैबिनेट ने राज्य सरकार के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है।</p>
<p><strong>राज्य का नाम बदलने की प्रक्रिया</strong></p>
<p>भारत में किसी राज्य का नाम बदलने की प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 3 और 4 के तहत होती है, जिसमें राज्य विधानसभा और संसद दोनों की मंजूरी आवश्यक है। सबसे पहले, राज्य सरकार विधानसभा में प्रस्ताव पास करती है, फिर केंद्र सरकार की अनुमति से संसद में नाम बदलने का विधेयक साधारण बहुमत से पारित किया जाता है और राष्ट्रपति की अंतिम मंजूरी मिलती है। </p>
<p><strong>नाम बदलने की चरण-दर-चरण प्रक्रिया</strong></p>
<p>राज्य प्रस्ताव : संबंधित राज्य की विधानसभा में नाम बदलने का प्रस्ताव पेश किया जाता है और इसे बहुमत से पारित किया जाता है।</p>
<p>केंद्र सरकार की मंजूरी : राज्य का प्रस्ताव केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा जाता है, जो अन्य एजेंसियों से एनओसी लेकर प्रस्ताव की समीक्षा करता है।</p>
<p>राष्ट्रपति की सिफारिश : यदि केंद्र सरकार सहमत है, तो वह राष्ट्रपति के पास प्रस्ताव भेजती है, जो इसे विचार के लिए विधानसभा को भेज सकते हैं।</p>
<p>संसद में विधेयक : संसद में संविधान के अनुच्छेद 3 और 4 के तहत नाम बदलने का विधेयक पेश किया जाता है। इसके लिए संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) में साधारण बहुमत से पारित होना अनिवार्य है।</p>
<p>राष्ट्रपति के हस्ताक्षर : संसद से पास होने के बाद, विधेयक को अंतिम मंजूरी के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा जाता है, जिसके हस्ताक्षर के बाद राज्य का नाम आधिकारिक रूप से बदल जाता है।  इसके बाद, केंद्र और राज्य सरकार के दस्तावेजों, मानचित्रों, और विभागों (डाक, रेलवे) में नया नाम अपडेट किया जाता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Feb 2026 11:33:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दशहरा-दिवाली से पहले मोदी कैबिनेट की बड़ी सौगातें : केंद्रीय कर्मियों का डीए 3% बढ़ा, 57 खुलेंगे नए केंद्रीय विद्यालय </title>
                                    <description><![CDATA[इसके अलावा पीएम आशा गारंटी योजना के तहत एमएसपी, दालों की सरकारी खरीद के लिए लिमिट को भी 45,000 करोड़ से बढ़ाकर 60,000 करोड़ रुपए करने का फैसला लिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/before-dussehra-diwali-big-gifts-of-modi-cabinet-increased-da-3/article-128467"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/copy-of-news-(2)4.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिवाली और दशहरा से पहले मोदी कैबिनेट ने शिक्षा, कृषि और बुनियादी ढांचे को नई मजबूती प्रदान करने के लिए कई ऐतिहासिक फैसलों पर मुहर लगाई, वहीं बढ़ती हुई महंगाई से राहत देने के लिए केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में तीन फीसदी की बढ़ोतरी भी की है। अब केंद्रीय कर्मचारियों का डीए/डीआर बेसिक पे का 58 फीसदी हो जाएगा, ये बढ़ोतरी एक जुलाई से लागू होगी। इस फैसले से 49.2 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 68.7 लाख पेंशनधारकों को लाभ होगा। पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में लिए गए फैसले से देश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, किसान कल्याण और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलेगी। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि मोदी कैबिनेट ने 57 नए केंद्रीय विद्यालय खोलने को मंजूरी दी है, वहीं सरकार ने 'वंदे मातरम' गीत के 150 साल पूरे होने पर बड़े स्तर पर समारोह के आयोजन को भी मंजूरी दे दी। साथ ही रबी फसलों की एमएसपी बढ़ाने पर भी कैबिनेट ने अपनी सहमति जता दी है। </p>
<p><strong>केंद्रीय विद्यालयों में बनेंगी बालवाटिका</strong><br />वैष्णव ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा सात और शेष राज्य सरकारों द्वारा प्रायोजित होंगे, जिसपर 5,863 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इन विद्यालयों में पहली बार बालवाटिका (तीन वर्ष का प्री.प्राइमरी स्तर) की भी शुरुआत होगी। इन विद्यालयों से लगभग 86,640 छात्रों को लाभ मिलेगा और 4,617 स्थाई रोजगार के अवसर सृजित होंगे। वैष्णव ने बताया कि 20 विद्यालय ऐसे जिलों में खुलेंगे जहां अब तक कोई केवी मौजूद नहीं है, जबकि 14 विद्यालय आकांक्षी जिलों, चार उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों और पांच पूवार्त्तर/पहाड़ी क्षेत्रों में स्थापित होंगे।</p>
<p>दालों में आत्मनिर्भर बनने की योजना:  कैबिनेट में राष्ट्रीय 'दलहन मिशन' को मंजूर किया गया है। मिशन का लक्ष्य वर्ष 2030-31 तक दलहन उत्पादन को 242 लाख टन से 350 लाख टन करने का है। मिशन के तहत 416 जिलों में विशेष उत्पादन एवं वृद्धि कार्यक्रम लागू होंगे, जिसके लिए 11,440 करोड़ रुपए की योजना का ऐलान किया है। इसके अलावा पीएम आशा गारंटी योजना के तहत एमएसपी, दालों की सरकारी खरीद के लिए लिमिट को भी 45,000 करोड़ से बढ़ाकर 60,000 करोड़ रुपए करने का फैसला लिया है।</p>
<p>बायोमेडिकल रिसर्च प्रोग्राम को बढ़ावा : कैबिनेट ने बायोमेडिकल रिसर्च करियर प्रोग्राम के तीसरे फेज को भी मंजूरी दी। इसपर 1,500 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इस योजना के तहत भारत में बायोमेडिकल और क्लिनिकल साइंस को बढ़ावा दिया जाएगा। तीसरे फेज के तहत 401 रिसर्चर को छह साल तक सपोर्ट किया जाएगा, इसमें 192 रिसर्च फेलोशिप, 106 अनुदान और 103 रिसर्च मैनेजमेंट शामिल है। </p>
<p>रबी फसलों की एमएसपी में बढ़ोतरी  : मोदी कैबिनेट ने रबी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि को मंजूरी दी है। गेहूं का एमएसपी 2585 रुपए प्रति क्विंटल, जौ 2150 रुपए, चना 5875 रुपए, मसूर 7000 रुपए, सरसों 6200 रुपए और सैनफ्लावर 6540 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Thu, 02 Oct 2025 10:01:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>कैबिनेट का बड़ा फैसला : मेडिकल कॉलेजों में स्नातकोत्तर की 5000 स्नातक की 5023 सीटें बढ़ाने को मंजूरी, जारी किए दिशा-निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[इस पहल से महत्वपूर्ण रूप से स्नातक चिकित्सा क्षमता में वृद्धि होगी, अतिरिक्त स्नातकोत्तर सीटें सृजित करके विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी और सरकारी चिकित्सा संस्थानों में नई विशेषज्ञताओं की शुरुआत संभव होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/cabinets-major-decision-will-be-issued-to-increase-5023-seats/article-127818"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/7890.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने अस्पतालों के सुदृढ़ीकरण और उन्नयन के लिए स्नातकोत्तर की पांच हजार सीटें और स्नातक की 5023 सीटें बढ़ाने की मंजूरी दी है। केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री अश्वनी वैष्णव ने बुधवार को बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मौजूदा राज्य सरकार/केंद्र सरकार के मेडिकल कॉलेजों/स्टैंडअलोन पीजी संस्थानों/सरकारी अस्पतालों के सुदृढ़ीकरण और उन्नयन के लिए केंद्र प्रायोजित योजना (सीएसएस) के तीसरे चरण को मंजूरी दे दी है ताकि 5,000 स्नातकोत्तर की सीटें और एमबीबीएस के लिए 5,023 सीटें बढ़ाई जा सकें। इस पहल से महत्वपूर्ण रूप से स्नातक चिकित्सा क्षमता में वृद्धि होगी, अतिरिक्त स्नातकोत्तर सीटें सृजित करके विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी और सरकारी चिकित्सा संस्थानों में नई विशेषज्ञताओं की शुरुआत संभव होगी। इससे देश में डॉक्टरों की समग्र उपलब्धता मजबूत होगी।</p>
<p><strong>जारी किए जाएंगे दिशा-निर्देश</strong><br />उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे। वर्तमान में देश में 808 मेडिकल कॉलेज हैं, जो दुनिया में सबसे ज्यादा हैं और जिनकी कुल प्रवेश क्षमता 1,23,700 एमबीबीएस सीटें हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Thu, 25 Sep 2025 10:41:42 +0530</pubDate>
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                <title>मोदी कैबिनेट : कृषि और खाद्य सुरक्षा के लिए एक लाख करोड़ रुपए से अधिक का प्रावधान</title>
                                    <description><![CDATA[ ये योजनाएं राज्य सरकारों के माध्यम से लागू होंगी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/modi-cabinet-makes-provision-of-more-than-rs-1-lakh/article-92251"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/pm-modi.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सरकार ने सतत कृषि को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना और खाद्य सुरक्षा के लिए कृषि विकास योजना को स्वीकृति दी है और एक लाख करोड़ रुपए से अधिक की राशि का प्रावधान किया है। रेलवे के 58,642 खाली पड़े पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया जारी है। पांच भाषाओं को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया गया है।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की यहां हुई बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय  के इस आशय प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत संचालित सभी केंद्रीय योजनाओं (सीएसएस) को दो प्रमुख योजनाओं में तर्कसंगत बनाया जाएगा।</p>
<p>ये योजनाएं प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (पीएम-आरकेवीवाई) और कृषि विकास योजना (केवाई) हैं। पीएम-आरकेवीवाई टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देगी, जबकि केवाई खाद्य सुरक्षा और कृषि आत्मनिर्भरता को हासिल करेगी। सभी योजनाओं के कुशल और प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाया जाएगा। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना और कृषि विकास योजना  को 1,01,321.61 करोड़ रुपए के कुल व्यय के साथ क्रियान्वित किया जाएगा। इसमें केंद्र सरकार का हिस्सा 69,088.98 करोड़ रुपए और राज्य सरकारों का हिस्सा 32,232.63 करोड़ रुपए है। ये योजनाएं राज्य सरकारों के माध्यम से लागू होंगी।</p>
<p><strong>इन योजनाओं को मंजूरी<br /></strong></p>
<ul>
<li>मराठी, पाली, प्राकृत, असमिया और बंगाली भाषाओं को ‘शास्त्रीय भाषा’ का दर्जा दिया जाएगा। </li>
<li>चेन्नई मेट्रो के फेज-2 के लिए 63,246 करोड़ रुपए आवंटित किए गए। </li>
<li>राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-तिहलन के तहत तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देने और खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए 10,103 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।</li>
</ul>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 04 Oct 2024 10:54:53 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>One Nation One Election के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी, शीतकालीन सत्र में हो सकता पेश</title>
                                    <description><![CDATA[ एक देश एक राष्ट्र के प्रस्ताव को मोदी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इस विधेयक को आगामी शीतकालीन सत्र में पेश किया जा सकता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>नई दिल्ली। एक देश एक राष्ट्र के प्रस्ताव को मोदी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इस विधेयक को आगामी शीतकालीन सत्र में पेश किया जा सकता है। </p>
<p>एक देश एक चुनाव के लिए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के नेतृत्व में एक कमेटी बनाई गई थी, जिसने अपनी रिपॉर्ट लोकसभा चुनाव से पहले राष्ट्रपति को पेश कर दी थी।</p>
<p><strong>लोकसभा और विधानसभा चुनाव होंगे साथ</strong><br />पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद कमेटी द्वारा प्रस्तुत रिपॉर्ट के अनुसार देश में लोकसभा और राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में विधानसभा चुनाव एक साथ कराए जा सकेंगे। </p>
<p><strong>आम चुनाव के 100 दिन बाद निकाय चुनाव</strong><br />कमेटी द्वारा प्रस्तावित सुझावों के अनुसार देश में आम चुनाव के 100 दिन बाद निकाय चुनावों का आयोजन किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Sep 2024 15:27:32 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मोदी कैबिनेट ने यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को दी मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[23 लाख केन्द्रीय कर्मचारियों को मिलेगा लाभ, मृत्यु पर पत्नी को मिलेगी 60 फीसदी पेंशन, कर्मचारियों पर इस स्कीम का भार नहीं पड़ेगा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/modi-cabinet-approves-unified-pension-scheme-ups/article-88563"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/sandeh-k-dayare-mein-21-hajar-pensioners...kota-news-20.08.2024.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। मोदी कैबिनेट ने ओल्ड पेंशन स्कीम और न्यू पेंशन स्कीम की जगह एक नई यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) को मंजूरी दी है। यह स्कीम एक अप्रैल 2025 से प्रभावी होगी और इससे लगभग 23 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। यूपीएस के तहत दस साल नौकरी करने वाले सरकारी कर्मचारियों को भी पेंशन दी जाएगी। वहीं मोदी कैबिनेट ने 12वीं के बाद फेलोशिप के साथ-साथ बायो ई-3 पॉलिसी को भी मंजूरी दी है, जिसके तहत बायोटेक आॅफ  इकनॉमी, एनवायरनमेंट और इम्प्लॉयमेंट पर फोकस किया जाएगा। </p>
<p><strong>दस साल नौकरी पर 10 हजार की पेंशन</strong><br />केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री अश्विणी वैष्णव ने बताया कि दस साल सर्विस करने वाले को 10 हजार रुपए की पेंशन मिलेगी कर्मचारियों की सेवा के दौरान अगर मौत हो जाती है, तो उनकी पत्नियों को 60 फीसदी पेंशन दी जाएगी। सरकार ने कहा कि उसके फैसले को राज्य सरकार भी लागू कर सकती हैं, कर्मचारियों पर इस स्कीम का भार नहीं पड़ेगा। वैष्णव ने बताया कि अगर किसी कर्मचारी ने न्यूनतम 25 साल तक काम किया तो रिटायरमेंट से पहले आखिरी 12 महीने के औसत वेतन का कम से कम 50 फीसदी पेंशन के रूप में मिलेगा, अगर किसी पेंशनदाता को मौत होती है तो उसके परिवार को मृत्यु के वक्त मिलने वाली पेंशन का 60 फीसदी हिस्सा मिलेगा। </p>
<p><strong>एनपीएस वालों को यूपीएस में जाने का विकल्प</strong><br />वैष्णव ने कहा कि सभी एनपीएस वालों को यूपीएस में जाने का विकल्प मिलेगा, यह उन सभी पर भी लागू होगा जो एनपीएस की शुरुआत से ही इसके तहत सेवानिवृत्त हुए हैं या सेवानिवृत्त होने वाले हैं। सरकार इसके लिए बकायदा एरियर का भुगतान करेगी, जो कर्मचारी 2004 से रिटायर हुए हैं उनको भी इसका लाभ मिलेगा। उल्लेखनीय है कि वर्तमान पेंशन योजना के अनुसारए कर्मचारी 10 फीसदी योगदान करते हैं जबकि केंद्र सरकार 14 फीसदी योगदान करती हैए जिसे यूपीएस के साथ बढ़ाकर 18 फीसदी कर दिया जाएगा।</p>
<p><strong>योजना में क्या खास</strong></p>
<ul>
<li>इस पेंशन के हकदार वही होंगे जो कम से कम 10 साल नौकरी करेंगे।</li>
<li>रिटायर होने पर ग्रेच्युटी के अलावा एकमुश्त भुगतान भी किया जाएगा।</li>
<li>महंगाई इंडेक्सेशन का लाभ भी मिलेगा।</li>
<li>कर्मचारियों को अंशदान करने की जरूरत नहीं होगी। सरकार अपनी तरफ से कर्मचारी की बेसिक सैलरी का 18.5 फीसदी वहन करेगी।</li>
<li>हर छह महीने की सेवा के बदले मासिक वेतन, वेतन, डीए का दसवां हिस्सा जुड़ कर रिटायरमेंट पर मिलेगा। </li>
</ul>
<p><strong>एनपीएस से कैसे अलग है यह स्कीम</strong><br />अभी पेंशन के लिए कर्मचारियों को एनपीएस में बेसिक सैलरी का 10 फीसदी हिस्सा कॉन्ट्रिब्यूट करना होता है। इसमें सरकार अपनी ओर से 14 फीसदी हिस्सा सरकार अपनी ओर से देती है। अब यूपीएस में कर्मचारी को कोई भी अंशदान नहीं देना होगा। सरकार अपनी तरफ  से कर्मचारी की बेसिक सैलरी का 18.5 फीसदी हिस्सा देगी।</p>
<p><strong>पीएम ने बताया गर्व</strong><br />इस घोषणा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट कर सरकारी कर्मचारियों पर गर्व जताया। उन्होंने कहा, देश की प्रगति के लिए कठिन परिश्रम करने वाले सभी सरकारी कर्मचारियों पर हमें गर्व है। यूनिफाइड पेंशन स्कीम इन कर्मचारियों की गरिमा और आर्थिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने वाली है। यह कदम उनके कल्याण और सुरक्षित भविष्य के लिए हमारी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।</p>
<p><strong>विज्ञान धारा योजना मंजूर</strong><br />मोदी कैबिनेट ने 10,579 करोड़ की लागत से विज्ञान धारा योजना को भी मंजूरी दी है। इस योजना के पांच स्तंभ है। अब 11वीं और 12 वीं क्लास में इंटर्नशिप, फेलोशिप फॉर यूजी (अंडर ग्रेजुएट), पीजी पोस्ट ग्रेजुएट,  पीएचडी और पोस्ट डॉक्टोरल रिसर्च की व्यवस्था की जाएगी। इस नई पॉलिसी का मकसद अंतरराष्ट्रीय सहयोग और रिसर्च को बढ़ावा देना हैए इसके तहत ज्वाइंट रिसर्च फेलोशिप और ज्वाइंट फेलोशिप दी जाएगी, जिसका मकसद सोसायटी को फोकस करने वाले क्षेत्रों पर केंद्रित करना जैसे जलवायु परिवर्तन, प्रोडक्ट डवलपमेंट, क्लीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों होंगे। </p>
<p>मोदी कैबिनेट ने 10,579 करोड़ की लागत से विज्ञान धारा योजना को भी मंजूरी दी है। इस योजना के पांच स्तंभ है। अब 11वीं और 12 वीं क्लास में इंटर्नशिप, फेलोशिप फॉर यूजी (अंडर ग्रेजुएट), पीजी पोस्ट ग्रेजुएट,  पीएचडी और पोस्ट डॉक्टोरल रिसर्च की व्यवस्था की जाएगी। इस नई पॉलिसी का मकसद अंतरराष्ट्रीय सहयोग और रिसर्च को बढ़ावा देना हैए इसके तहत ज्वाइंट रिसर्च फेलोशिप और ज्वाइंट फेलोशिप दी जाएगी, जिसका मकसद सोसायटी को फोकस करने वाले क्षेत्रों पर केंद्रित करना जैसे जलवायु परिवर्तन, प्रोडक्ट डवलपमेंट, क्लीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों होंगे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 25 Aug 2024 12:45:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मोदी कैबिनेट में हुए 5 बड़े फैसले, 14 खरीफ की फसलों की एमएसपी बढ़ाई</title>
                                    <description><![CDATA[लोकसभा चुनाव परिणामों के बाद नई सरकार के गठन के बाद दूसरी मोदी कैबीनेट ने 5 बड़े फैसले लिए है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/5-big-decisions-taken-in-modi-cabinet-msp-increased-for/article-82092"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/photo-size-(2)11.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव परिणामों के बाद नई सरकार के गठन के बाद दूसरी मोदी कैबीनेट ने 5 बड़े फैसले लिए है। इन फैसलों की जानकारी मीडिया के साथ साझा करते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी कि खरीफ की 14 फसलों की एमएसपी बढ़ाई जाएगी। </p>
<p><strong>इन फसलों की बढ़ी एमएसपी</strong></p>
<ul>
<li>रागी की एमएसपी- 4290 रुपए</li>
<li>कपास की एमएसपी - 7521 रुपए</li>
<li>धान की एमएसपी- 2300 रुपए</li>
<li>मूंग की एमएसपी-8282 रुपए</li>
<li>तूर की दाल- 7550 रुपए</li>
<li>मूंगफली- 6783 रुपए</li>
</ul>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Jun 2024 19:44:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Modi Cabinet में गृह मंत्री अमित शाह सहित अन्य मंत्रियों ने संभाला कार्यभार</title>
                                    <description><![CDATA[ पारंपरिक सीट गांधीनगर से जीतकर लोकसभा पहुंचे शाह को लगातार दूसरी बार बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले गृह मंत्रालय का प्रभार सौंपा गया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/home-minister-amit-shah-and-other-ministers-took-charge-in/article-81171"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/yy11rer-(5)1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शपथ के बाद उनकी केबिनेट के कई मंत्रियों ने अपने अपने कार्यक्षेत्रों में जाकर कार्यभार संभाल लिया है। कुछ मंत्रियों को एक से अधिक मंत्रालयों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।  कार्यभार संभालने वाले मंत्रियों ने केन्द्र सरकार की नीतियों और कार्यों के क्रियान्वयन की बात कही। गृहमंत्रालय इस बार भी अमित शाह को दिया गया है।</p>
<p><strong>शाह ने गृह मंत्री का कार्यभार संभाला</strong><br />अमित शाह ने लगातार दूसरी बार केन्द्रीय गृह मंत्री का कार्यभार संभाला। कार्यभार संभालने से पहले शाह सुबह साढे दस बजे चाणक्यपुरी स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक गये और शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके साथ केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और केन्द्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला भी थे। भारतीय जनता पार्टी की गुजरात में पारंपरिक सीट गांधीनगर से जीतकर लोकसभा पहुंचे शाह को लगातार दूसरी बार बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले गृह मंत्रालय का प्रभार सौंपा गया है। </p>
<p><strong>डॉ एस जयशंकर को सौंपा विदेश मंत्रालय   <br /></strong>विदेश मंत्रालय का कार्यभार डॉ एस जयशंकर ने संभाल लिया है। यह उनका दूसरा कार्यकाल होगा।</p>
<p><strong>अनुप्रिया पटेल ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री का कार्यभार संभाला<br /></strong>अनुप्रिया पटेल ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री का कार्यभार संभाला। निर्माण भवन कार्यालय पहुंचने पर केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव अपूर्व चंद्रा और अवर सचिव रोली सिंह सहित मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने केंद्रीय मंत्री का स्वागत किया। पटेल वर्ष 2014, वर्ष 2019 और फिर वर्ष 2024 में मिर्जापुर निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा के लिए चुनी गईं। वह जुलाई 2016 से मई 2019 तक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री और जुलाई 2021 से जून 2024 तक  केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में राज्य मंत्री रहीं। पटेल ने उत्तर प्रदेश विधानसभा की सदस्य होने से लेकर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में विभिन्न पदों पर कार्य किया है।</p>
<p><strong>सोनोवाल ने बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय का कार्यभार संभाला</strong><br />केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय का कार्यभार संभाल लिया है। सोनोवाल ने मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए देश के लोगों की सेवा करने के विजन के साथ लक्ष्य एवं उद्देश्यों को पूरा करने के लिए टीम में विश्वास जताया। देश की सेवा करने और विकसित भारत बनने की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए उन्होंने अपनी टीम से इस दिशा में अपने अच्छे काम को जारी रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा  कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गतिशील नेतृत्व में आर्थिक महाशक्ति बनने के हमारे प्रयास में बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय समुद्री क्षेत्र को सशक्त बनाने तथा इसके समग्र विकास की दिशा में कुछ शानदार काम कर रहा है। हम राष्ट्र निर्माण के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे और राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ आगे बढ़ेंगे।</p>
<p><strong>खट्टर ने बिजली, आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री का कार्यभार संभाला</strong><br />केंद्रीय बिजली, आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने श्रम शक्ति भवन में बिजली मंत्रालय का कार्यभार संभाला। पूर्व बिजली मंत्री आरके सिंह ने अपने उत्तराधिकारी का गर्मजोशी से स्वागत किया। बिजली मंत्रालय के सचिव पंकज अग्रवाल ने भी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ खट्टर का स्वागत किया। इस अवसर पर बिजली मंत्रालय में राज्य मंत्री श्रीपद येसो नाइक भी मौजूद थे। खट्टर को बिजली मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने विभागीय जानकारी दी। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने देश के कई हिस्सों में अभूतपूर्व गर्मी के बीच देश में बिजली आपूर्ति की स्थिति के बारे में समीक्षा बैठक भी की। </p>
<p><strong>विपक्ष को साथ लेकर चलायेंगे संसद : रिजिजू</strong><br />संसदीय कार्य मंत्री किरेण रिजिजू ने कहा कि देशवासियों ने चुनाव के माध्यम से सत्ता पक्ष तथा विपक्ष की भूमिका तय कर दी है और संसदीय कार्य मंत्री के तौर पर उनकी कोशिश रहेगी कि विपक्ष को साथ लेकर संसद को सुचारू रूप से चलाया जाये। रिजिजू ने संसदीय कार्य मंत्री का कार्यभार संभालने के बाद संवाददाताओं से कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ससंद को सुचारू रूप से चलाने के लक्ष्य को पूरा करेंगे और देश को प्रगति के मार्ग पर अग्रसर करेंगे। उन्होंने कहा कि किसी को भी जनादेश को नम्बर के हिसाब से नहीं देखना चाहिए क्योंकि सत्तारूढ दलों तथा विपक्षी दलों दोनों की अपनी अपनी भूमिका है और हम विपक्ष को साथ लेकर संसद को सुचारू ढंग से चलाने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकार आम सहमति के आधार पर संसद में कार्य करेगी। किरेण रिजिजू ने केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय का कार्यभार भी ग्रहण किया।</p>
<p><strong>अर्जुन राम मेघवाल और एल मुरूगन ने अपना अपना कार्यभार संभाला</strong><br />मेघवाल को लगातार दूसरी बार संसदीय कार्य राज्य मंत्री की जिम्मेदारी दी गयी है वहीं मुरूगन को पहली बार संसदीय कार्य मंत्रालय में राज्य मंत्री बनाया गया है। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में वह सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री थे। इससे पहले दोनों राज्य मंत्रियों ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के कार्यभार संभालने पर उनका स्वागत किया। उन्होंने यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद दिया। </p>
<p><strong>नड्डा ने ग्रहण किया स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय का कार्यभार</strong><br />जगत प्रकाश नड्डा ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय का कार्यभार ग्रहण किया। मंत्रालय के निर्माण भवन स्थित कार्यालय में मंत्रालय के सचिव अपूर्व चंद्रा और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने नड्डा का स्वागत किया। इस अवसर पर मंत्रालय में राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल और प्रतापराव गणपतराव जाधव भी मौजूद थे। इसके पश्चात नड्डा ने श्रमशक्ति भवन में रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय का कार्यभार संभाला। इसके अवसर पर नड्डा ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक की और मंत्रालय से संबद्ध विषयों की ताजा स्थिति की जानकारी दी।</p>
<p><strong>जाधव ने आयुष तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में  राज्य मंत्री का कार्यभार संभाला</strong><br />प्रतापराव गणपतराव जाधव ने केंद्रीय आयुष मंत्रालय (स्वतंत्र प्रभार) तथा केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में कार्यभार संभाला। जाधव निर्माण भवन में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय पहुंचें, जहां मंत्रालय में सचिव अपूर्व चंद्रा और अवर सचिव रोली सिंह तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। वह बाद में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे पी नड्डा के साथ स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की बातचीत में शामिल रहे। इसके बाद जाधव को आयुष मंत्रालय के कार्यालय आयुष भवन गये और राज्यमंत्री का कार्यभार संभाला। इससे पहले, जाधव ने अपने आवास पर एक पौधा लगाया और कार्यभार संभालने के बाद, उन्होंने अपने अंगदान करने का संकल्प भी लिया। जाधव ने महाराष्ट्र विधानसभा के तीन कार्यकालों के सदस्य और खेल, युवा कल्याण और सिंचाई राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया है। वह वर्ष 2009, वर्ष 2014, वर्ष 2019 और फिर वर्ष 2024 में बुलढाणा निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा के लिए चुने गए। लोकसभा के लिए चुने जाने के बाद से, उन्होंने ग्रामीण विकास और पंचायती राज संबंधी स्थायी समिति के अध्यक्ष और संचार और सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी स्थायी समिति के अध्यक्ष जैसे प्रमुख पदों पर कार्य किया है।</p>
<p><strong>संचार मंत्रालय के साथ मेरा भावनात्मक लगाव: सिंधिया</strong><br />संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कार्यभार संभालने के बाद कहा कि इस मंत्रालय के साथ उनका भावनात्मक लगाव है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में यह विभाग तरक्की करेगा। संचार मंत्री के तौर पर कार्यभार संभालने के बाद सिंधिया ने कहा कि पिछले 10 सालों में इस मंत्रालय में जो क्रांति आई है, मैं उसे आगे ले जाऊंगा। यह लोगों को जोड़ने वाला सेवा विभाग है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यह विभाग तरक्की करेगा। मैं प्रधानमंत्री की उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करूंगा। मेरे पास टेलीकॉम डिविजन के साथ-साथ इंडिया पोस्ट डिविजन की भी जिम्मेदारी है। उनकी बड़ी भूमिका है। मैं दृढ़ संकल्पित हूं और अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए काम करूंगा। मैंने इससे पहले 2008 में इस मंत्रालय में जूनियर मंत्री के तौर पर काम किया था। इस विभाग के साथ मेरे जबरदस्त भावनात्मक संबंध हैं।</p>
<p><strong>विकसित भारत के लिए मिलकर काम करेंगे: चौहान</strong><br />शिवराज सिंह चौहान ने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय का कार्यभार ग्रहण किया। चौहान सुबह कृषि भवन मंत्रालय के कार्यालय पहुंचे जहां वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर चौहान ने कहा कि  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय एक महत्वपूर्ण कड़ी बनकर कार्य करेगा। किसान कल्याण प्रधानमंत्री की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मैं, मेरे साथी मंत्रीगण और अधिकारी एक टीम के रूप में मिलकर काम करेंगे। परिश्रम की पराकाष्ठा और प्रयत्नों की परिसीमा करेंगे।</p>
<p><strong>मांडविया ने केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा मामले एवं खेल मंत्रालय का कार्यभार संभाला</strong><br />डॉ. मनसुख मांडविया ने केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा मामले एवं खेल मंत्रालय का कार्यभार संभाला। डॉ. मांडविया आज सुबह श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के कार्यालय श्रम शक्ति भवन पहुंचे तो श्रम एवं रोजगार सचिव सुमिता डावरा तथा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हमारे श्रमिक भाइयों-बहनों की नये भारत के निर्माण में भूमिका को सुदृढ़ करने हेतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पूरी ईमानदारी से कार्य करेगी। इसके साथ ही डॉ. मांडविया ने युवा मामले एवं खेल मंत्रालय का कार्यभार भी संभाला। इसके बाद उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के युवाओं को सशक्त करने एवं खेल क्षेत्र में देश को सुदृढ़ करने हेतु आज शास्त्री भवन में युवा मामले एवं खेल मंत्रालय का कार्यभार सँभाला। हम सब पूरी प्रतिबद्धता के साथ मिलकर इन क्षेत्रों को मजबूत करने हेतु कार्य करेंगे।</p>
<p><strong>गजेंद्र सिंह शेखावत ने संस्कृति और पर्यटन मंत्रालय संभाला</strong><br />जोधपुर से सांसद शेखावत ने केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय में पदभार ग्रहण किया। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने कहा कि देश में संस्कृति के क्षेत्र में पिछले दस वर्ष अभूतपूर्व रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन अनुसार नए सोपान तय करने के लिए हमारी टीम शानदार काम करती रहेगी। <br />शेखावत में केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय का पदभार भी ग्रहण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि दोनों ही विभागों के समन्वय की विकसित भारत के निर्माण में महती भूमिका है। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों के विकास का समाज के हर वर्ग को लाभ मिले और इनके माध्यम से अंतिम कतार के नागरिक को भी मोदी के विजन से जुड़ाव महसूस हो, यह मेरी प्राथमिकता रहेगी।</p>
<p><strong>पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भूपेंद्र यादव ने संभाला</strong><br />अलवर से नवनिर्वाचित सांसद भूपेंद्र यादव ने केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री का पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि मैं नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करता हूं कि मुझे फिर से इस मंत्रालय की जिम्मेदारी दी है, इस मंत्रालय द्वारा कई अहम कदम प्रधानमंत्री के नेतृत्व में लिए गए हैं और हम पर्यावरण व विकास को साथ लेकर आगे बढ़ रहे है। उन्होंने कहा कि देश में जो ग्रीन इकोनॉमी है उसे आगे बढ़ाने का काम हो रहा है, इसके साथ ही हम कई महत्वपूर्ण काम आगे भी करेंगे।</p>
<p><strong>अर्जुन राम मेघवाल ने विधि एवं न्याय मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार किया ग्रहण <br /></strong>बीकानेर से नवनिर्वाचित सांसद अर्जुन राम मेघवाल ने विधि एवं न्याय मंत्रालय (स्वतंत्र प्रभार) का पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ जनसेवा के लिए कृतसंकल्पित हूँ।</p>
<p><strong>"विकसित भारत के संकल्प" को साकार करने की दिशा में किसान कल्याण हेतु प्रतिबद्धत रहूँगा: भागीरथ चौधरी<br /></strong>राजस्थान के अजमेर लोकसभा क्षेत्र से नवनिर्वाचित सांसद भागीरथ चौधरी ने भी केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री का पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व एवं शिवराज सिंह चौहान के मार्गदर्शन में "विकसित भारत के संकल्प" को साकार करने की दिशा में किसान कल्याण हेतु समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ जनसेवा के लिए कृतसंकल्पित हूँ। चौधरी ने कहा कि हम सब मिलकर किसानों के उत्थान और विकास के लिए हर संभव कार्य करेंगे।</p>
<p><strong>गिरिराज सिंह को कपड़ा मंत्रालय सौंपा<br /></strong>मार्गेरीटा को कपड़ा मंत्रालय में राज्य मंत्री की भी जिम्मेदारी दी गयी है। और गिरिराज सिंह ने कपड़ा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली है। </p>
<p><strong>कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री का पदभार डाॅ जितेंद्र सिंह संभाला<br /></strong>कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री डा जितेंद्र सिंह ने भी अपने कार्यालय में जा कर कार्यभार ग्रहण किया और कुछ पत्रावलियों पर हस्ताक्षर किए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Jun 2024 16:37:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केन्द्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता चार प्रतिशत बढा</title>
                                    <description><![CDATA[ठाकुर ने बताया कि इस बढोतरी से सरकारी खजाने पर प्रति वर्ष 12857 करोड़ रूपये का बोझ बढेगा। इससे 48.67 लाख केन्द्रीय कर्मचारियों और 67.95 लाख पेंशभोगियों को फायदा मिलेगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/dearness-allowance-of-central-employees-increased-by-four-percent/article-59887"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/da.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सरकार ने केन्द्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते और पेंशनभोगियों को महंगाई राहत में चार प्रतिशत की बढोतरी करने का निर्णय लिया है।</p>
<p>यह बढोतरी गत एक जुलाई से लागू होगी।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को यहां हुई केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय से संबंधित प्रस्ताव का निर्णय लिया गया।</p>
<p>सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में बताया कि कीमतों में वृद्धि से निपटने के लिए केन्द्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते तथा पेंशनभोगियों की पेंशन राहत में चार प्रतिशत की बढोतरी की गयी है। इससे अब केन्द्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 42 प्रतिशत से बढकर 46 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने कहा कि यह बढोतरी 7 वें वेतन आयोग की सिफारिशों पर आधारित स्वीकृत फार्मूले के अनुरूप की गयी है।</p>
<p>ठाकुर ने बताया कि इस बढोतरी से सरकारी खजाने पर प्रति वर्ष 12857 करोड़ रूपये का बोझ बढेगा। इससे 48.67 लाख केन्द्रीय कर्मचारियों और 67.95 लाख पेंशभोगियों को फायदा मिलेगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Oct 2023 16:12:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Modi Cabinet Approval: उज्ज्वला योजना में सब्सिडी 200 रुपये बढ़ाकर 300 रुपये प्रति सिलेंडर </title>
                                    <description><![CDATA[नरेन्द्र मोदी केबिनेट ने उज्ज्वला योजना में सब्सिडी 200 रुपये बढ़ाकर 300 रुपये प्रति सिलेंडर की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/modi-cabinet-approval-ujjwala-scheme-subsidy-increased-from-rs-200/article-58760"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/anurag.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। विधानसभा चुनावों और त्योहारी सीजन से पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए सब्सिडी राशि 200 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये प्रति एलपीजी सिलेंडर करने का निर्णय लिया।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुयी मंत्रिमंडल की बैठक में लिये गये निर्णयों की जानकारी देते हुये सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने हमारे देश की महिलाओं के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और आज के फैसले से उन्हें फायदा होगा।</p>
<p><strong>समक्का सरक्का केंद्रीय आदिवासी विश्वविद्यालय की स्थापना को स्वीकृति</strong></p>
<p>केंद्रीय मंत्रिमंडल ने तेलंगाना में समक्का सरक्का केंद्रीय आदिवासी विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए केंद्रीय विश्वविद्यालय अधिनियम 2009 में संशोधन के प्रस्ताव की स्वीकृति प्रदान कर दी है।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को यहां हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इससे समक्का सरक्का केंद्रीय आदिवासी विश्वविद्यालय की स्थापना का मार्ग प्रशस्त होगा। इस विश्वविद्यालय के लिए 889 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है। </p>
<p>बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी। मोदी ने हाल मेें इसकी घोषणा तेलंगाना की यात्रा के दौरान की थी।</p>
<p>ठाकुर ने कहा कि संयुक्त आंध्र प्रदेश विभाजन के समय तेलंगाना और आंध्रप्रदेश के लिए एक-एक केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना का वादा किया गया था। मोदी सरकार ने तेलंगाना में यह वादा पूरा कर दिया है। इस अवसर पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी के किशन रेड्डी ने इसे बड़ी उपलब्धि बताया।</p>
<p><strong>केबिनेट द्वारा लिए गए फैसले इस प्रकार है-</strong></p>
<p>केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने कृष्णा नदी के जल में तेलंगाना और आन्ध्र प्रदेश के हिस्से के निर्धारण के विषय में दूसरे कृष्णा जल विवाद न्यायाधिकरण के लिए शर्तें निर्धारित की</p>
<p>हल्दी का व्यापार बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड के गठन की अधिसूचना जारी</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Oct 2023 16:58:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मोदी कैबिनेट में अगले सप्ताह फेरबदल संभव!</title>
                                    <description><![CDATA[संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले केंद्रीय मंत्रिपरिषद में फेरबदल और विस्तार हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक इसका खाका तैयार कर लिया गया है और पीएम मोदी एवं भाजपा का शीर्ष नेतृत्व इसे अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/modi-cabinet-reshuffle-possible-next-week/article-50399"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/modi-g71.jpg" alt=""></a><br /><p>ब्यूरो/नवज्योति/नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव का फाइनल जीतने के लिए भाजपा संगठन और सरकार में सब कुछ दुरुस्त कर लेना चाहती है। इसी के मद्देनजर सामाजिक, जातिगत और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने के मकसद से जल्द ही मोदी कैबिनेट में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। सूत्रों की मानें तो अगले सप्ताह चार-पांच जुलाई को मोदी कैबिनेट में फेरबदल हो सकता है। सूत्रों के अनुसार राजस्थान के बांसवाड़ा से सांसद कनकमल कटारा को मोदी कैबिनेट में राज्य मंत्री बनाया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तीन जुलाई को केंद्रीय मंत्रिपरिषद की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। यह बैठक प्रगति मैदान में नवनिर्मित कन्वेंशन सेंटर में होने की संभावना है। <br /><br /><strong>आलाकमान अंतिम रूप देने में जुटा</strong><br />संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले केंद्रीय मंत्रिपरिषद में फेरबदल और विस्तार हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक इसका खाका तैयार कर लिया गया है और पीएम मोदी एवं भाजपा का शीर्ष नेतृत्व इसे अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है। मंत्रिपरिषद में फेरबदल और विस्तार आगामी कुछ राज्यों के विधानसभा चुनावों और फिर लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखकर किया जाएगा। <br /><br /><strong>कुछ मंत्री भेजे जाएंगे संगठन में</strong><br />सूत्रों कहना है कि आगामी चुनावों के मद्देनजर इस बार के मंत्रिमंडल विस्तार में सरकार और संगठन के बीच तालमेल बिठाने के प्रयास के तहत कुछ कैबिनेट मंत्रियों को संगठन में जगह दी सकती है और संगठन के कुछ प्रमुख चेहरों को सरकार में शामिल किया जा सकता है। इस सिलसिले में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने कई दौर की बैठक की है।<br /><br /><strong>2021 में किया था फेरबदल</strong><br />मोदी ने वर्ष 2021 में आखिरी बार अपनी मंत्रिपरिषद में फेरबदल और विस्तार किया था। इसके बाद उन्होंने  कुछ मंत्रियों के विभागों में बदलाव किया था। वर्ष 2021 के मंत्रिपरिषद फेरबदल और विस्तार में मोदी ने 36 नए चेहरों को जगह दी थी जबकि 12 तत्कालीन मंत्रियों की पद से छुट्टी कर दी थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Jun 2023 10:07:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>मोदी कैबिनेट का किसानों को बड़ा तोहफा, कई खरीफ फसलों के बढ़ाए दाम</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में 2023-24 मार्केटिंग सीजन के लिए खरीफ फसलों के एमएसपी में बढ़ोतरी पर मुहर लगा दी गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/modi-cabinet-big-gift-to-farmers-increased-prices-of-many-kharif-crops/article-48042"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/tttttttt.png" alt=""></a><br /><p>ब्यूरो नवज्योति , नई दिल्ली। मोदी कैनिबेट ने कई किसानों को तोहफा देते हुए कई फसलों का न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य (एमएसपी) में बढ़ोत्तरी कर दी है। धान का एमएसपी 143 रुपये बढ़ाकर  2,183 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। सबसे ज्‍यादा बढ़त मूंग के एमएसपी में हुई है। अब मूंग का न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य 8,558 रुपये/क्विंटल हो गया है। मूंग दाल के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सबसे अधिक 10.4 फीसदी, मूंगफली पर 9 फीसदी, सेसमम पर 10.3 फीसदी, धान पर 7 फीसदी, जवार, बाजरा, रागी, मेज, अरहर दाल, उड़द दाल, सोयाबीन, सूरजमुखी बीज पर वित्त वर्ष 2023-2024 के लिए लगभग 6-7 फीसदी की वृद्धि की गई है।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में 2023-24 मार्केटिंग सीजन के लिए खरीफ फसलों के एमएसपी में बढ़ोतरी पर मुहर लगा दी गई। जिसमें अरहर दाल के एमएसपी में 400 रुपये की बढ़ोतरी कर 7000 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। वही उड़द दाल की एमएसपी में भी 350 रुपये की बढ़ोतरी कर 6950 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। मूंग के एमएसपी में 10.4 फीसदी की बढ़ोतरी कर 7755 रुपये से बढ़ाकर 8558 रुपये प्रति क्विंटल कर दी गई है। उल्लेखनीय है कि किसानों के हित में फैसला लेते हुए मोदी सरकार ने पिछले दिनों मार्केट में दालों की घरेलू सप्लाई बढ़ाने के लिए 2023-24 के लिए प्राइस सपोर्ट स्कीम (पीएसएस) के तहत अरहर, उड़द और मसूर के लिए 40 फीसदी की खरीद सीमा को हटा दिया था। इसका मतलब है कि सरकार किसानों से जितनी चाहे दाल खरीद सकती है, सरकार का मानना है कि इससे दो फायदे होंगे, पहला दालों की सप्लाई मार्केट में बढ़ेगी तो दाम काबू में रहेंगे, वहीं, दूसरा किसानों को दालों की अच्छी कीमत मिलेगी। </p>
<p><strong>धान की एमएसपी भी बढ़ी <br /></strong>मोदी कैबिनेट ने दूसरे खरीफ फसलों जैसे धान(कॉमन) के एमएसपी को 2040 रुपये से बढ़ाकर 2183 प्रति क्विंटल कर दिया है। ग्रेड ए धान के एमएसपी को 2060 रुपये से बढ़ाकर 2203 प्रति क्विंटल कर दिया है, वहीं मक्के के एमएसपी को 1962 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 2090 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। कपास और मूंगफली के एमएसपी में 9 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। केंद्रीय वाणिज्य, खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि पिछले कई वर्षों में इस वर्ष एमएसपी में सबसे बड़ी बढ़ोतरी की गई है, लागत से 50 फीसदी ज्यादा एमएसपी रखने का सरकार ने फैसला किया था और उसी के मुताबिक एमएसपी में बढ़ोतरी की गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 07 Jun 2023 16:36:18 +0530</pubDate>
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