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                <title>dilapidated - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>रंगराजपूरा मुख्य सड़क जर्जर : किनारों पर मिट्टी फैलने से मार्ग संकरा, नवीन निर्माण की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[ डामर उखड़ने से कच्चे मार्ग में तब्दील, जगह-जगह गड्ढे होने से आमजन परेशान।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/rangrajpura-main-road-in-dilapidated-state--encroaching-soil-narrows-path--demand-for-new-construction/article-148855"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)-(5)1.png" alt=""></a><br /><p>अरनेठा। अरनेठा क्षेत्र के रंगराजपूरा गांव की मुख्य सड़क इन दिनों जर्जर हो चुकी है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं तथा डामर उखड़ने से मार्ग कच्चे रास्ते में तब्दील होता जा रहा है। ग्रामीण किशन गोपाल मीणा ने बताया कि यह सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्मित की गई थी, लेकिन लंबे समय से मरम्मत नहीं होने के कारण इसकी स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है और किनारों पर मिट्टी फैलने से मार्ग संकरा हो गया है। इसके चलते पैदल राहगीरों, किसानों एवं वाहन चालकों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। </p>
<p>ग्रामीणों को सिर पर सामान लेकर पैदल चलने को मजबूर होना पड़ रहा है, वहीं दोपहिया वाहन चालक भी सावधानीपूर्वक गुजर रहे हैं। प्रतिदिन विद्यालय आने-जाने वाले बच्चे भी सड़क की खराब स्थिति के कारण चोटिल हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार जनप्रतिनिधियों को लिखित एवं मौखिक रूप से अवगत कराने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि शीघ्र ही सड़क का नवीन निर्माण कराया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />रंगराजपूरा की क्षतिग्रस्त सड़क मेरी जानकारी में हैं। इसको इब्ल्यूएम डलवाकर ठीक करवा दिया जाएगा।<br /><strong>- राजाराम मीणा, एक्सईएन, पीडब्लूडी, लाखेरी।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 15:27:10 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>कस्बे में पेयजल स्रोतों की स्थिति खराब : अव्यवस्थित प्याऊ, जर्जर व गंदे जल स्रोत बने खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[खेळ में काई, गंदा पानी जमा होने व आसपास  जर्जर लोहे के टुकड़े बिखरे होने से मवेशियों की जान  को खतरा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/poor-state-of-drinking-water-sources-in-town--neglected-water-kiosks-and-dilapidated-sources-become-a-hazard/article-148852"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)-(3)5.png" alt=""></a><br /><p>कनवास। कनवास में पेयजल  व्यवस्था की बदहाल स्थिति अब गंभीर खतरे का रूप ले चुकी  है। गंदे पानी और  विद्युत करंट के खतरे से आमजन और मवेशियों की जान जोखिम में बनी हुई है।कस्बे में पेयजल स्रोतों की अनदेखी के चलते हालात चिंताजनक हो गए हैं। मवेशियों और आमजन के लिए बनाए गए जल स्रोत जहां अस्वच्छ हो चुके हैं, वहीं कई स्थानों पर करंट का - खतरा भी बना हुआ है। जानकारी के अनुसार कस्बे में मवेशियों के लिए केवल तीन पानी के खेळ हैं, जबकि पंचायत समिति सदस्य महावीर मेरोठा द्वारा ग्रामीणों और राहगीरों के लिए करीब 6 से 7 ठंडे पानी के प्याऊ स्थापित किए गए थे। लेकिन नियमित देखरेख के अभाव में इनकी स्थिति खराब हो चुकी है।</p>
<p>ग्रामीणों का कहना है कि प्याऊ पर उपलब्ध पानी गंदा और अस्वच्छ है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। वहीं कई प्याऊ विद्युत चालित होने के कारण उनमें पहले भी करंट आने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। मवेशियों के लिए बनी पानी की खेळों की स्थिति भी खराब है। वहां गंदा पानी जमा है और आसपास नुकीले व जर्जर लोहे के टुकड़े व पत्थर बिखरे पड़े हैं, जिससे मवेशियों के घायल होने की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों के अनुसार चित्तौड़ा कुंड स्थित खेळ पूरी तरह जर्जर हो चुकी है।</p>
<p><strong>ग्रामीणों ने लगाई प्रशासन से गुहार</strong><br />स्थानीय ग्रामीण घनश्याम कुमावत, राम प्रताप बेरवा और मुकुट मेरोठा ने बताया कि समस्या को लेकर कई बार प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वहीं कपिल गौतम, बंसीलाल वर्मा, धर्मेंद्र बेरवा और मुकेश मिस्त्री ने बताया कि प्याऊ की नियमित सफाई और विद्युत कनेक्शन की जांच नहीं होने से खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल स्रोतों की तत्काल सफाई, मरम्मत और सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा विद्युत कनेक्शनों की जांच कर संभावित हादसों को रोका जाए।</p>
<p>मामले की जांच करवाकर सफाई करवा दी जाएगी तथा बिजली कनेक्शन की भी जांच कराई जाएगी। ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो। जल्द ही समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।<br /><strong>-कुशलेश्वर सिंह, बीडीओ, सांगोद</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 15:26:15 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>जर्जर भवनों को मालिक खुद तोड़ दे, वरना निगम करेगा कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[पुराने शहर में सबसे अधिक जर्जर भवन सूरजपोल, मोखापाड़ा, पाटनपोल और रामपुरा क्षेत्र में हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/owners-must-demolish-the-dilapidated-buildings-themselves--or-the-corporation-will-take-action/article-144943"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/200-x-60-px)-(6).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम कोटा की ओर से शहर में जर्जर भवन मालिकों को नोटिस जारी किए गए हैं। जिनमें उन्हें खुद तोड को कहा है। उनके ऐसा नहीं करने पर निगम कार्रवाई करेगा।नगर निगम आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा ने बताया कि शहर में बड़ी संख्या में भवन पुराने व जर्जर हैं। जिनका नगर निगम की ओर से सर्वे कराया गया है। विशेष रूप से पुराने शहर में अनंत चतुर्दशी मार्ग व हैरिटेज वॉक मार्ग में ऐसे भवन अधिक हैं। उन भवनों पर लाल निशान तो लगाए हुए हैं। साथ ही अब निगम की ओर से सभी को नोटिस जारी किए जा रहे हैं।</p>
<p><strong>इन क्षेत्रों में हैं जर्जर भवन</strong><br />निगम अधिकारियों के अनुसार पुराने शहर में सबसे अधिक जर्जर भवन सूरजपोल, मोखापाड़ा, पाटनपोल और रामपुरा क्षेत्र में हैं। हालांकि बरसात के समय झालावाड़ जिले के पिपलोदी में हुए स्कूल भवन की छत हादसे में बच्चों की मौत के बाद सभी सरकारी व निजी जर्जर भवनों का सर्वे कराया गया था। लेकिन उसके बाद उन पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।</p>
<p><strong>..तो निगम वसूलेगा खर्चा</strong><br />आयुक्त ने बताया कि उन नोटिसों में भवन मालिकों से कहा गया है कि वे स्वयं उन्हें अपने स्तर पर हटा लें। यदि निर्धारित समय में वे ऐसा नहीं करते हैं तो निगम उन भवनों को ध्वस्त करेगा। उसका पूरा खर्चा हजार्ना भवन मालिकों से वसूल किया जाएगा।</p>
<p><strong>हादसों की आशंका अधिक</strong><br />आयुक्त ने बताया कि निगम की ओर से हर साल अनंत चतुर्दशी से पहले जर्जर भवनों का सर्वे कर उन पर लाल निशान लगाए जाते हैं। लेकिन उसके बाद भी उन भवनों को अभी तक नहीं तोड़ा गया है। जिससे अनंत चतुर्दशी व अन्य आयोजनों के दौरान भीड़ के उन मकानों पर चढ?े से हादसों की आशंका बनी रहती है।ऐसे में पहले से ही कार्यवाई की जाएगी तो हादसे व अनहोनी को टाला जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Feb 2026 16:00:52 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का .... जर्जर नहरों की होगी सफाई, मिलेंगे 25 करोड़</title>
                                    <description><![CDATA[नवज्योति ने जर्जर नहरों का प्रमुखता से उठाया था मामला।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news---dilapidated-canals-will-be-cleaned--25-crore-rupees-will-be-provided/article-144900"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/200-x-60-px)-(2).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। राज्य विधानसभा में शुक्रवार को एप्रोप्रिएशन बिल पर बहस का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कोटा सहित संभाग के लिए कई घोषणाएं की। विधानसभा में घोषणा के अनुसार कोटा-बूंदी जिले में चंबल की दायीं और बायीं सहित अन्य नहरों की सफाई एवं ड्रेनेज संबंधी कार्य किए जाएंगे। कोटा-बूंदी जिले में इन नहरों की सफाई एवं ड्रेनेज संबंधी कार्य के लिए 25 करोड़ रुपए दिए गए हैं। चंबल की दोनों नहरों की पर्याप्त सफाई नहीं होने से टेल क्षेत्र तक समय पर पानी नहीं पहुंच पाता है। इससे किसानों को परेशानी को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस सम्बंध में दैनिक नवज्योति ने गत 12 नवंबर को वितरिकाओं की नहीं हुई सफाई, कैसे पहुंचेगा टेल तक पानी शीर्षक से प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। अब सरकार ने नहरों के लिए 25 करोड़ रुपए मंजूर कर किसानों को राहत दी है। इसके अलावा नगर पालिका रामगंजमंडी, इटावा सुल्तानपुर में विभिन्न विकास कार्य होंगे। सिनोता (पीपल्दा ) में नवीन पशु चिकित्सालय खोला जाएगा।</p>
<p><strong>कोटा सहित संभाग के लिए यह हुई घोषणाएं</strong><br />-संभाग में टाउन प्लानिंग योजना लाई जाएगी।<br />-कोटा और बूंदी जिले की मिसिंग लिंक सड़कों के लिए 70 करोड़ की घोषणा।<br />-सावनभादो से कनवास के रास्ते पर अरु नदी पर पुलिया निर्माण कार्य (सांगोद) 2 करोड़।<br />-मानसगांव पंचायत मानसगांव गोपीलाल यादव के खेत से बावड़ी के हनुमान जी तक सड़क निर्माण का कार्य 3 किमी (लाडपुरा) 2 करोड़।<br />-रामराजपुरा पंचायत मानस गांव से रामराजपुरा से भीमपुरा माताजी तक सड़क 3.8 किमी (लाडपुरा) 3 करोड़ 80 लाख।<br />-कोटा- बूंदी जिले में एमएलसी और आरएमसी व अन्य नहरों की सफाई एवं ड्रेनेज संबंधी कार्य (25 करोड)।<br />-कोटा में नगरपालिका रामगंजमंडी,सुल्तानपुर, इटावा में विभिन्न विकास कार्य के लिए 15 करोड।<br />-कोटा सांगोद (50 बेड क्षमता) सावित्रीबाई फुले छात्रावास।<br />-कोटा और बूंदी जिले में तीन-तीन नए उप स्वास्थ्य केंद्र खोले जाएंगे। 3 उप स्वास्थ्य केंद्र आयुष्मान आरोग्य मंदिर में, 3 प्राथमिक स्वास्थ्य केदो को सामुदायिक केदो में कमोन्नत किया जाएगा।<br />-बावड़ी खेड़ा में स्कूल के पीछे चिवड़िया के खाल पर एनिकट निर्माण कार्य (लाडपुरा) 70 लाख।<br />-सिनोता (पीपल्दा ) में नवीन पशु चिकित्सालय खोला जाएगा।<br />-केशोरायपाटन बूंदी में शुगर मिल के पीपीपी मोड पर संचालन के आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Feb 2026 11:42:02 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>जर्जर वाटर कूलर स्टैंड से हादसे की आशंका, ग्रामीणों ने की शीघ्र मरम्मत की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[जनहानि की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों ने बताई शीघ्र मरम्मत की दरकार।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/dilapidated-water-cooler-stand-threatens-accidents/article-143650"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/12200-x-600-px)-(8)1.png" alt=""></a><br /><p>बपावरकलां। कस्बे के हाट चौक के सामने वर्षों से लगा वाटर कूलर इन दिनों दुर्घटनाओं को न्योता दे रहा है। लगभग 2000 लीटर क्षमता वाली पानी की टंकी जिस लोहे के स्टैंड पर रखी हुई है, वह पूरी तरह जर्जर हो चुका है और कई स्थानों से टूट भी गया है। ऐसी स्थिति में किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। वाटर कूलर के आसपास कई दुकानें संचालित होती हैं। रविवार को यहां ग्रामीण हाट भी लगता है। जिससे दिन भर भीड़ बनी रहती है। वाटर कूलर के एक ओर कोटा-छबड़ा मेगा हाइवे तथा दूसरी ओर आम रास्ता है। दोनों मार्ग अत्यधिक व्यस्त रहते हैं। ऐसे में टंकी या स्टैंड के गिरने की स्थिति में जनहानि की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।</p>
<p><strong>ग्रामीणों ने की शीघ्र मरम्मत की मांग</strong><br />ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत प्रशासन ने लंबे समय से इस ओर ध्यान नहीं दिया है। गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है और लोगों को पेयजल की आवश्यकता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि शीघ्र मरम्मत कर वाटर कूलर को सुरक्षित रूप से चालू कराया जाए।</p>
<p>वाटर कूलर की टंकी और स्टैंड की मरम्मत का कार्य पूर्ण होने पर ही संबंधित को भुगतान किया जाएगा।<br /><strong>- रविंद्र कुमार गुप्ता, सरपंच, ग्राम पंचायत बपावरकलां</strong></p>
<p>यदि सरपंच द्वारा लिखित आदेश दिया जाता है तो तत्काल प्रभाव से मरम्मत का कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।<br /><strong>- मुरलीधर वैष्णव, ग्राम विकास अधिकारी, बपावरकला</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Feb 2026 15:08:52 +0530</pubDate>
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                <title> मोड़क स्टेशन सीएचसी की जर्जर इमारत का कमरा ढहा, घटना के समय कोई मौजूद नहीं होने से टला बड़ा हादसा </title>
                                    <description><![CDATA[ छह दशक पुराना अस्पताल भवन जर्जर हो चुका है बारिश के दौरान टूट चुकी हैं पट्टियां  । ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/a-room-in-the-dilapidated-modak-station-chc-building-collapsed--a-major-tragedy-was-averted-as-no-one-was-present-at-the-time/article-142895"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(12200-x-600-px)-(4)7.png" alt=""></a><br /><p>मोड़क स्टेशन। क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मंगलवार को एक बड़ा हादसा होते-होते रह गया। अस्पताल की करीब 60 वर्ष पुरानी जर्जर इमारत का एक कमरा अचानक भरभरा कर गिर गया। राहत की बात यह रही कि घटना के समय वहां कोई मौजूद नहीं था, अन्यथा बड़ी जनहानि हो सकती थी। घटना के बाद अस्पताल भवन की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हादसे की सूचना मिलते ही पंचायत समिति सदस्य नईमुद्दीन कुरैशी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल की बदहाल स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री और चिकित्सा मंत्री को पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। कुरेशी ने पत्र में उल्लेख किया है कि मोड़क स्टेशन का यह अस्पताल लगभग छह दशक पुराना है और अब पूरी तरह जर्जर हो चुका है। भवन की हालत ऐसी है कि यहां आने वाले मरीजों और कार्यरत कर्मचारियों की जान हर समय जोखिम में बनी रहती है।</p>
<p><strong>पूर्व में हुए हादसों से नहीं लिया सबक</strong><br />जानकारी के अनुसार तीन माह पूर्व बारिश के दौरान इस सीएचसी के एक कमरे की पट्टियां टूट गई थीं। इसके अलावा एक अन्य घटना में कमरे की छत पर लगे पंखे के कड़े टूट जाने से पंखा नीचे गिर गया था। इन घटनाओं के बावजूद भवन की मरम्मतं या पुनर्निर्माण की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए।</p>
<p><strong>दो करोड़ रुपए की स्वीकृति की मांग</strong><br />पंचायत समिति सदस्य कुरैशी ने सरकार से मांग की है कि पुरानी जर्जर इमारत को तत्काल हटाकर नए भवन का निर्माण कराया जाए। उन्होंने अस्पताल के पुनर्निर्माण के लिए दो करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत करने की पुरजोर मांग की है। ताकि क्षेत्रवासियों को सुरक्षित और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।</p>
<p>मोड़क स्टेशन सीएचसी की हालत बेहद चिंताजनक है। रोजाना सैकड़ों मरीज यहां इलाज के लिए आते हैं। लेकिन भवन की जर्जर दीवारें किसी भी समय गिर सकती हैं। स्वास्थ्य केंद्र में सुरक्षा की व्यवस्था मजबूत की जाए और जब तक मरम्मत नहीं होती, तब तक अस्थायी सुरक्षित व्यवस्था की जाए।<br /><strong>- दीपक आहूजा, समाजसेवी</strong></p>
<p>मोडक स्टेशन सीएचसी भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है। दीवारों से प्लास्टर गिर रहा है और कई जगहों पर दीवारें अपने आप ढहने की स्थिति में हैं। यह आमजन और मरीजों की जान के साथ सीधा खिलवाड़ है। प्रशासन से मांग की है कि तत्काल भवन का निरीक्षण कर मरम्मत या नए भवन का निर्माण कराया जाए ताकि किसी बड़ी दुर्घटना से पहले समाधान निकाला जा सके।<br /><strong>- अब्दुल सत्तार, कांग्रेस जिला अल्पसंख्यक उपाध्यक्ष</strong></p>
<p>पंचायत समिति की ओर से इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया जाएगा। संबंधित विभाग को ज्ञापन देकर जल्द कार्रवाई की मांग की जाएगी। यदि समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो आंदोलन का रास्ता भी अपनाया जाएगा।<br /><strong>- नईमुद्दीन कुरैशी, पंचायत समिति सदस्य</strong></p>
<p>सीएचसी भवन की जर्जर स्थिति से उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। विभाग को लिखित सूचना भेजी जा चुकी है और जल्द ही समाधान की उम्मीद है।<br /><strong>- डॉ. पंकज राठौर, वरिष्ठ चिकित्सक, सीएचसी, मोड़क स्टेशन</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 14:50:53 +0530</pubDate>
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                <title>पूरी तरह जर्जर हुआ समरानिया-निवाड़ी लिंक रोड</title>
                                    <description><![CDATA[दर्जनों गांवों और मध्यप्रदेश सीमा की ओर प्रतिदिन गुजरते हैं हजारों वाहन
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/samrania-niwari-link-road-completely-dilapidated/article-140114"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(2)32.png" alt=""></a><br /><p>समरानिया। समरानिया कस्बे से निवाड़ी की ओर जाने वाली लिंक रोड की जर्जर हालत से ग्रामीणों में रोष है। दर्जनों गांवों और मध्यप्रदेश सीमा को जोड़ने वाला यह मार्ग लंबे समय से मरम्मत की बाट जोह रहा है।समरानिया कस्बे से निकलकर निवाड़ी की ओर जाने वाली लिंक रोड क्षेत्र के दर्जनों गांवों को जोड़ती है। इसी मार्ग से होकर मध्यप्रदेश सीमा की ओर भी प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं। लेकिन सड़क की हालत अत्यंत खराब होने से आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। सड़क की बदहाली को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर चिंता जताई।</p>
<p><strong>एक महीने से अधिक नहीं टिकती मरम्मत  </strong><br />देवेन्द्र सिंह भानावत ने बताया कि जब इस सड़क का निर्माण किया गया था, तब ठेकेदार द्वारा पुलिया का नया निर्माण नहीं कर पुरानी पुलिया की ही मरम्मत कर दी गई, जो अब फिर से जर्जर हो चुकी है। कुंदन सिंह भानावत ने बताया कि सड़क पर कई बार पेचवर्क कराया गया, लेकिन यह मरम्मत एक महीने से अधिक नहीं टिक पाती।</p>
<p><strong>किसानों को हो रहा नुकसान</strong><br />ग्रामीण रामा चौधरी, रविन्द्र मेहता, कुलदीप शहरिया, थान सिंह मेहता, रवि मेहता, नीलू मेहता सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि यदि इस सड़क का शीघ्र निर्माण नहीं हुआ तो किसानों को फसल मंडी तक पहुंचाने में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। सड़क खराब होने के कारण किसानों को वैकल्पिक और लंबा रास्ता अपनाना पड़ रहा है। ग्रामीणों की मांग है कि इस लिंक रोड का नए सिरे से निर्माण किया जाए।</p>
<p><strong>कभी भी हो सकता है हादसा</strong><br />कपिल मेहता ने बताया कि इस मार्ग से रोजाना हजारों वाहन और स्कूल बसें गुजरती हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं रामकुमार मेहता ने कहा कि लगभग 6 किलोमीटर लंबी इस सड़क पर सामान्य स्थिति में जहां 10 मिनट लगने चाहिए, वहां अब 30 मिनट से अधिक समय लग रहा है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />सड़क और पुलिया की मरम्मत का कार्य शीघ्र ही करा दिया जाएगा जिससे लोगों को राहत मिल सकेगी।<br /><strong>- बसंत गुप्ता, अधिशासी अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 Jan 2026 16:21:16 +0530</pubDate>
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                <title>ग्रामीण संपर्क सड़कें वर्षों से मरम्मत के अभाव में जर्जर</title>
                                    <description><![CDATA[उखड़ रहा डामर, पगडंडी में बदल गए  रास्ते,  ग्रामीण परेशान, प्रशासन मौन।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/rural-connectivity-roads-are-dilapidated-due-to-years-of-lack-of-repair/article-135169"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px)-(7)5.png" alt=""></a><br /><p>देईखेड़ा। ग्रामीण क्षेत्र की आधा दर्जन से अधिक संपर्क सड़कें पिछले लंबे समय से मरम्मत के अभाव में जर्जर हो चुकी हैं। कई मार्गों पर डामर पूरी तरह उखड़ गया है, वहीं कुछ सड़कों पर जंगल कटिंग नहीं होने से रास्ता पगडंडी में बदल गया है। हालात इतने खराब हैं कि वाहन चालक जान जोखिम में डालकर आवागमन करने को मजबूर हैं।</p>
<p>ग्रामीणों ने बताया कि राज्य सरकार जहां हाईवे व प्रमुख राजमार्गों की घोषणाओं में व्यस्त है, वहीं गाँवों की सड़कों की सुध नहीं ली जा रही। गड्ढों में तब्दील मार्गों पर रोजाना बाइक सवार गिरकर घायल हो रहे हैं। कई गंभीर रूप से घायल लोग लंबे समय से इलाज करा रहे हैं। चौपहिया वाहन भी गड्ढों में फंसकर क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। खराब सड़कों के कारण मिनटों का सफर घंटों में पूरा हो रहा है।</p>
<p>ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच, प्रधान, प्रमुख, विधायक, सांसद सहित प्रशासन के अनेक अधिकारियों को कई बार लिखित में शिकायतें देने के बावजूद केवल आश्वासन ही मिला, कार्य शुरू नहीं हुआ है।</p>
<p><strong>ये लिंक रोड हैं बदहाल</strong><br />क्षेत्र में लबान-गुहाटा लिंक रोड, बगली लिंक रोड, बहड़ावली लिंक रोड, खाकता रोड, कोटड़ी लिंक रोड, मालिकपुरा लिंक रोड, नोटाडा लिंक रोड और ढगारिया लिंक रोड पर डामर उखड़ने से हालत बेहद खराब है। वहीं चहिचा लिंक रोड पर जंगल कटिंग नहीं होने से मार्ग पगडंडी की स्थिति में पहुंच गया है।</p>
<p>क्षेत्र में संपर्क सड़कों की मरम्मत और नवीनकरण के प्रस्ताव मुख्यालय भेजे गए हैं। कुछ मार्गों की स्वीकृति मिल गई है, जिन पर जल्द ही टेंडर जारी कर कार्य शुरू किया जाएगा। शेष सड़कों के लिए भी बजट स्वीकृति के प्रयास जारी हैं।<br /><strong>- हिमांशु दाधीच, सहायक अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग, लाखेरी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Dec 2025 15:04:32 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - खस्ताहाल सड़क की हुई मरम्मत, राहगीरों को मिली राहत, कस्बे को जोड़ती है यह सड़क</title>
                                    <description><![CDATA[पीडब्ल्यू डी द्वारा मटेरियल डालने के बाद कस्बे वासियों ने दैनिक नवज्योति का आभार प्रकट किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/impact-of-the-news---dilapidated-road-repaired--commuters-get-relief--this-road-connects-the-town/article-131377"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/ews-(1)7.png" alt=""></a><br /><p> चौमहला।  चौमहला कस्बे के बिलावली रोड से चौमहला तक की सड़क काफी क्षतिग्रस्त हो रही है तथा सड़क के बीचों बीच जगह जगह घर गड्ढे हो रहे है।  सोमवार को दैनिक नवज्योति में खबर प्रकाशित होने के बाद सार्वजनिक निर्माण द्वारा सड़क पर हो रहे गड्ढों पर ग्रेवल डलवा कर सही करवाया गया। दैनिक नवज्योति ने 3 नवम्बर सोमवार को बिलावली रोड से चौमहला तक की क्षतिग्रस्त को लेकर खस्ताहाल सड़क बनी राहगीरों के लिए मुसीबत शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था,समाचार प्रकाशित होने के बाद सोमवार देर शाम सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा सड़क पर हो रहे गड्ढों में मटेरियल डाल कर सही करवाया गया। कस्बेवासियों ने बताया था कि सड़क पर गड्ढे होने के  कारण आए दिन दुपहिया वाहन चालक गिर कर घायल हो रहे है। यह चौमहला कस्बे को जोड़ने वाली मुख्य सड़क है।</p>
<p>कस्बे के बिलावली रोड  से चौमहला तक की सड़क काफी क्षतिग्रस्त हो रही है। इस सड़क पर बड़े बड़े गड्ढे हो रहे है जिससे हमेशा दुर्घटना होने का भय बना रहता है ,गत तीन चार दिन से बरसात होने से इन गड्ढों में पानी भरा हुआ है। साथ ही सड़क पर कीचड़ ही कीचड़ हो रहा है। गंदगी के कारण आसपास के रहवासियों को परेशानी हो रही है, कीचड़ फिसलन के कारण दो पहिया वाहन चालक गिर कर घायल हो रहे है। शनिवार को दो दुपहिया वाहक इन गड्ढों में गिर गए उनके पीछे महिलाएं बैठी थी गिरने से उनके कपड़े कीचड़ में गंदे हो गए। यह मार्ग चौमहला के लिए मल्हारगंज बिलावली बाई पास मार्ग का हिस्सा है जो चौमहला को जोड़ता है इस मार्ग से बड़े बड़े ट्राले, ट्रक भी भरे हुए गुजरते है सार्वजनिक निर्माण द्वारा मटेरियल डालने के बाद कस्बे वासियों ने दैनिक नवज्योति का आभार प्रकट किया।</p>
<p> सड़क पर हो रहे गड्ढों में आज मटेरियल डाला गया,सड़क में अन्य जगह शीघ्र पेचवर्क कराया जाएगा,सड़क के नवीनीकरण का प्रस्ताव बना कर भिजवा रखे है।<br /><strong>- शंकर सिंह सहायक अभियंता सार्वजनिक निर्माण विभाग चौमहला</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Nov 2025 13:28:24 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>लापरवाही : खस्ताहाल सड़क दे रही हादसों को न्यौता, जन प्रतिनिधि आते हैं और आश्वासन देकर चले जाते हैं </title>
                                    <description><![CDATA[2017 में यह रोड बना था उसके बाद कोई इस पर पेचवर्क भी नहीं हुआ है ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/negligence--dilapidated-road-inviting-accidents--public-representatives-come-and-give-assurances-and-then-leave/article-130527"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/y-of-news31.png" alt=""></a><br /><p>खानपुर।  खानपुर से लोडागुढा जाने वाले रोड की हालत खस्ताहाल है। जानकारी  अनुसार लोडागुढा जाने वाला रोड इतना खराब हो रहा है कि आम व्यक्ति को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। खानपुर कस्बे से जुड़ा हुआ यह रोड जहां पर गांव के व्यक्तियों को खानपुर आना-जाना लगा रहता है और रात में तो कहीं बार इस रोड पर व्यक्ति फिसल जाते हैं, सड़क पर गिट्टी पड़ी हुई है जिसके ऊपर मोटरसाइकिल चलाना तो भारी पड़ता है और रहागीर जो पैदल चलते हैं उनको भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। 2017 में यह रोड बना था उसके बाद कोई इस पर पेचवर्क भी नहीं हुआ है जन प्रतिनिधि आते हैं और आश्वासन देकर चले जाते हैं बोलते हैं आगे से बजट नहीं आ रहा है। खस्ताहाल सड़क को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। इस सड़क मार्ग से स्कूल में पढ़ने वाले बच्चें , व्यापारी, राहगीर गुजरते है जिन्हें निकलने में परेशानी उठानी पड़ती है। कई बार तो इंमरजेंसी मरीजों को लाने व ले जाने में भी संकट की स्थिति बन जाती है। ग्रामीणों ने सड़क मार्ग की समस्या का जल्द से जल्द समाधान की मांग की है।</p>
<p>इस रोड को बने हुए 17 वर्ष बीत चुके हैं और अभी तक इस पर कोई कार्य नहीं हुआ है, हमने इस समस्या से अधिकारियों को अवगत करा दिया है लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। <br /><strong>-झनकार सिंह ग्रामीण </strong></p>
<p>अभी 2 दिन पहले ही मेरी आंखों देखा हाल है मेरे सामने एक मोटरसाइकिल सवार गिरते गिरते बचा है, कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। <br /><strong>-अनुराग सिंह ग्रामीण</strong></p>
<p>मैं एक फाइनेंस कंपनी में काम करता हूं और रोजाना ही इस रोड से ही निकालना पड़ता है, कई बार तो मैं गिर चुका हूं । समस्या का समाधान किया जाना चाहिए। <br /><strong>-बलवीर सिंह, ग्रामीण </strong></p>
<p>इस सड़क से वाहनचालक निकलते है तो गिट्टी व रेत से फिसलकर चोटिल हो जाते है। <br /><strong>-अरविंद सिंह, ग्रामीण </strong></p>
<p> स्कूल के बच्चें व मरीजों को निकलने में परेशानी उठानी पड़ती है। सड़क समस्या का समाधान किया जाए। <br /><strong>-नरेंद्र सिंह , ग्रामीण </strong></p>
<p>किसान वर्ग का खानपुर से आना-जाना ही पड़ता है, सड़क पर गड्ढे व गिट्टी से राहगीर परेशान होते हैै।<br /><strong>-दुर्गपाल सिंह, ग्रामीण  </strong></p>
<p>पहले भी एक्शन साहब को अवगत करा दिया गया है अभी शिविर में अवगत कराया तो उन्होंने कहा कि दीपावली के बाद कार्य शुरू हो जाएगा।<br /><strong>-कलावती बाई प्रशासक (पंचायत दोबडा)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Oct 2025 17:37:27 +0530</pubDate>
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                <title>निगम की हिन्दू धर्मशाला: कम किराए के बावजूद नहीं है रहने लायक, 15 साल से नहीं बदले धर्मशाला के बिस्तर, फैला रहे बीमारियां</title>
                                    <description><![CDATA[धर्मशाला काफी पुरानी बनी हुई है, इसमें लोगों के रहने के लिए करीब 30 कमरे बने हुए हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/corporation-s-hindu-dharamshala--despite-low-rent--it-is-not-fit-for-living--beds-of-dharamshala-have-not-been-changed-for-15-years--spreading-diseases/article-126913"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/_4500-px)-(2)1.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। पुराने शहर के बीच स्थित नगर निगम की धर्मशाला  जिसका किराया भी बहुत कम है। उसमें बाहर से आने वाले लोग ठहरना चाहते हैं लेकिन उस धर्मशाला के कमरों की ऐसी हालत है कि अधिकतर लोग उन्हें देखकर ही वापस लौट रहे है। धर्मशाला के कमरों में पिछले करीब 15 साल से अधिक समय से बिस्तर तक नहीं बदले गए। जिससे गंदगे व फटे हुए गद्दे बीमारियां फेला रहे हैं। यह हालत है नगर निगम कोटा उत्तर के क्षेत्र में आर्य समाज रोड स्थित हिन्दू धर्मशाला की। रामपुरा क्षेत्र में आने वाली यह धर्मशाला काफी पुरानी बनी हुई है। इसमें लोगों के रहने के लिए करीब 30 कमरे बने हुए हैं। साथ ही पहले अधिकारियों के रहने के लिए भी ऊपर की तरफ गेस्ट हाउस नुमा कमरे बने हुए हैं। लेकिन इस धर्मशाला की तरफ अधिकारियों से लेकर निगम के जनप्रतिनिधियों में से किसी का भी ध्यान नहीं होने से यह बदहाल की स्थिति में पहुंच गई है। धर्मशाला बाहर से आने वाले लोगों के ठहरने के लिए बनाई गई। बाहर से आने वाले जब कोटा में आॅटो वालों से रहने की सस्ती धर्मशाला के  बारे में पूछते हैं तो अधिकतर लोगों को हिन्दू धर्मशाला ही लेकर जाते हैं। लेकिन वहां आने वाले धर्मशाला के कमरों की हालत देखकर ही वापस लौट जाते हैं। धर्मशाला के आंगन में बालाजी का मंदिर बना हुआ है और खाने के लिए अन्नपूर्णा रसोई संचालित हो रही है। </p>
<p><strong>फटे हुए व गंदे गद्दे</strong><br />धर्मशाला में करीब 30 कमरे हैं। जिनमें से अधिकतर की हालत खराब है। उनमें लोहे के पलंग रखे हुए हैं। किसी में एक तो किसी में दो और तीन तक पलंग है। लेकिन वे पलंग बीच से झुके हुए हैं। जिससे उन पर सोने वालों की कमर ही दु:खने लगती है। वहीं उन पलंग पर बिछने वाले गद्दों की हालत देखकर तो लगता ही नहीं कि यह नगर निगम की किसी शहरी धर्मशाला के गद्दे है। इससे अच्छे तो गरीब से गरीब परिवार जो सड़क किनारे रहकर जीवन बिताता है उनके बिस्तर भी अच्छे रहते हैं। फटे व गंदे गद्दों को करीब 15 साल से नहीं बदला गया। गद्दों पर बिछाने के लिए चादर तक या तो हैं नहीं या फटी हुई है। जानकारों के अनुसार धर्मशाला में करीब 20 साल से अधिक समय से पुताई तक नहीं हुई है। बरसात में कमरों में पानी टपकता है। </p>
<p><strong>24 घंटे का मात्र 50 रुपए किराया</strong><br />आमजन को रहने के लिए सस्ती जगह मिल सके उसे ध्यान में रखते हुए निगम की ओर से इसका किराया भी इतना कम रखा हुआ है कि गरीब से गरीब भी उसे वहन कर सके। 24 घंटे के मात्र 50 रुपए किराया है। इतना कम किराया होने के बाद भी धर्मशाला की हालत के कारण लोग वहां रहने को तैयार नहीं है।  अधिकारियों वाले कमरों में भी बरसों से ताले लगे हैं। उनमें भी कोई नहीं ठहरता है।  जानकारी के अनुसार वर्तमान में मात्र 3 कमरों में ही लोग रह रहे हैं। उनमें भी दो कमरों में तो कोटा में होने वाली प्रतियोगी परीक्षा देने आए अभ्यर्थी रह रहे हैं। एक कमरे में पिता पुत्री हैं। युवती की परीक्षा है लेकिन उसकी ट्यूब लाइट ही झप-झप कर रही है। </p>
<p><strong>पंखे गायब, बिजली बोर्ड टूटे हुए</strong><br />धर्मशाला में 30 में से गिनती के ही कमरे ऐसे हैं जो सही हालत में होने से रहने लायक है। जबकि अधिकतर कमरों में या तो पंखे ही नहीं हैं यदि हैं भी तो चलते ही नहीं है। ट्यूब लाइटें लटकी हुई है। बिजली के बोर्ड टूटे हुए व तार खुले पड़े हैं। जिनसे करंट का खतरा बना हुआ है।  मोबाइल के चार्जिंग पाइंट तक काम नहीं कर रहे हैं। कमरों में सीलन आ रही है। प्लास्टर उखड़ा पड़ा है। खिड़कियां टूटी हुई है।  वहीं पीने के पानी के लिए मात्र नल लगा हुआ है। वाटर कूलर है लेकिन वह खराब होने से बंद पड़ा है। इतना ही नहीं महिला शौचालय में दरवाजा तक नहीं है। </p>
<p><strong>दो कर्मचारी, एक होमगार्ड नियुक्त</strong><br />धर्मशाला में नगर निगम की ओर से दो कर्मचारी व रात के समय  में एक होमगार्ड को नियुक्त किया हुआ है।  जानकारों के अनुसार कर्मचारियों व गार्ड के वेतन पर निगम हर महीने करीब डेढ़ से पौने दो लाख रुपए खर्च कर रहा है। जबकि कमाई के नाम पर कमरों में रहने वाले लोगों से  हर महीने मात्र 5 से 6 हजार रुपए किराया ही मिल रहा है। सूत्रों के अनुसार निगम अधिकारियों को इसकी स्थिति से कई बार अवगत करवाने के बाद भी किसी का कोई ध्यान नहीं है। </p>
<p><strong>किराया अधिक हो लेकिन सुविधा मिले</strong><br />शनिवार को कोटा में परीक्षा देने आए कई अभ्यर्थी धर्मशाला में रहने के लिए आए लेकिन उसकी हालत देखकर वापस लौट गए। बीकानेर से आए राहुल कहना था कि किराया भले ही दो गुना कर दें लेकिन बिस्तर व पलंग तो कम से कम सही होने चाहिए। सीकर निवासी धर्मराज का कहना है कि आॅटो वाले ने उन्हें इस धर्मशाला के बारे में बताया था। लेकिन यहां आकर देखा तो रहने का मन ही नहीं हुआ। परीक्षा देने आए हैं बीमार होने नहीं। </p>
<p>धर्मशाला काफी पुरानी होने से उसकी हालत खराब है। उसे सुधारने के लिए हुड़को से मिलने वाले लोन से काम करवाने की योजना थी।  लेकिन उच्च स्तर से निर्देश मिले हैं कि इसे किसी एनजीओ के माध्यम से पीपीपी मोड पर संचालित करने का प्रयास किया जाए। यदि ऐसा नहीं होता है तो निगम अपने स्तर पर सही करवाएगा। बिस्तर बदलने से लेकर अन्य आवश्यक काम भी करवाने के प्रयास किए जाएंगे। <br /><strong>- अशोक कुमार त्यागी, आयुक्त नगर निगम कोटा उत्तर </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Sep 2025 16:42:05 +0530</pubDate>
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                <title>कोटा उत्तर वार्ड 6 -  विकास के नाम पर वार्ड में हो रही खानापूर्ति</title>
                                    <description><![CDATA[क्षेत्र में डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों के फैलने का खतरा हमेशा बना रहता है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-north-ward-6---in-the-name-of-development--only-formality-is-being-done-in-the-ward/article-126201"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/untitled-design-(13)1.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के वार्ड नंबर 6 की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। यहां के बाशिंदे लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। नालियों का सही निर्माण न होना, सड़कों पर गंदगी फैलना, सुरक्षा व्यवस्था का अभाव और सार्वजनिक शौचालय में पानी की समस्याओं से वार्डवासियों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। रहवासी अपनी समस्याओं को लेकर कई बार वार्ड पार्षद को अवगत करवा चुके है, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र के विकास के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। निवासियों का कहना है कि वार्ड 6 के लोगों को भी स्वच्छ वातावरण, सुरक्षित माहौल और बेहतर सार्वजनिक सुविधाओं का अधिकार है, और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों को जवाबदेह बनना होगा।</p>
<p><strong>बीमारी फैलने की आशंका</strong><br />वार्डवासियों का कहना है कि गंदगी की वजह से कई बार छोटे बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। क्षेत्र में डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों के फैलने का खतरा हमेशा बना रहता है। इसके बावजूद नगर निगम की ओर से इस समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।</p>
<p><strong>वार्ड का एरिया</strong><br />संगम होटल का क्षेत्र, हरिजन बस्ती, सुलभ, घोसी मोहल्ला, किशोर सागर तालाब, सीबी गार्डन का क्षेत्र शामिल है।</p>
<p>वार्ड के रूपनारायण बाड़ी क्षेत्र कि सीसी रोड निर्माण कार्य के दौरान नालियों को तकनीकी दृष्टि से सही तरीके से नहीं बनाया गया। नतीजा यह है कि नालियों का गंदा पानी बहकर सीधे सड़कों पर आ जाता है। इससे न केवल गंदगी फैलती है, बल्कि आवागमन भी बाधित होता है। बरसात के दिनों में यह समस्या और ज्यादा गंभीर हो जाती है, जब गंदा पानी जमा होकर दुर्गंध फैलाता है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ा देता है।    <br /><strong>- रेशमा, वार्डवासी </strong></p>
<p>नालियों की समस्या ही नहीं, बल्कि सुरक्षा की कमी भी वार्डवासियों को परेशान कर रही है। देर रात तक क्षेत्र में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। वार्डवासियों का कहना है कि पर्याप्त पुलिस गश्त और सुरक्षा इंतजाम नहीं होने से चोरी और अन्य वारदातों की आशंका बनी रहती है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इलाके में नियमित पुलिस गश्त करवाई जाए, ताकि असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाया जा सके।<br /><strong>- तेजकरण, वार्डवासी</strong></p>
<p>हरिजन बस्ती क्षेत्र में स्थित सुलभ कॉम्प्लेक्स की स्थिति भी बेहद खराब है। यहां पानी की लगातार कमी बनी रहती है। स्थानीय लोग बताते हैं कि जब भी शौचालय का उपयोग करने जाते हैं तो पानी उपलब्ध नहीं होता, जिससे स्वच्छता की समस्या खड़ी हो जाती है। महिलाओं और बुजुर्गों के लिए यह समस्या और भी अधिक परेशान करने वाली है।<br /><strong>- रूपनारायण सैनी, वार्डवासी</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />वार्ड में सुलभ कॉम्पलेक्स में पानी की व्यवस्था करवा देंगे, निगमकर्मी चेक करके गए है। नालियों की स्थिति भी सही करवा देंगे।<br /><strong>- नन्द किशोर मेवाड़ा, पार्षद</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Sep 2025 16:25:46 +0530</pubDate>
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