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                <title>अब ढाई घंटे में सफर पूरा : पीएम मोदी मंगलवार को करेंगे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण, घर से निकलने से पहले जरूर पढ़ लें नया ट्रैफिक प्लान </title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार को ₹11,963 करोड़ की लागत वाले दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण करेंगे। इसकी सबसे बड़ी खूबी एशिया का सबसे लंबा वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर है, जो वन्य जीवों को शोर से बचाने के लिए 'साउंड प्रूफ' है। यह मार्ग दिल्ली से देहरादून की दूरी महज ढाई घंटे में समेट देगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-will-inaugurate-delhi-dehradun-expressway-on-tuesday-be-sure/article-150167"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/modi3.png" alt=""></a><br /><p>देहरादून| दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार को यहां लोकार्पण करेंगे। इस एक्सप्रेस-वे के शुरू होने से देहरादून से दिल्ली की दूरी करीब ढाई घंटे में तय की जा सकेगी। जबकि अभी पांच से छह घंटे लगते हैं। करीब 210 किलोमीटर लम्बे इस एक्सप्रेस-वे की एक प्रमुख विशेषता यह है कि इस पर शिवालिक की पहाड़ियों में करीब 12 किलोमीटर लम्बा एलिवेटिड वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर बनाया गया है जो एशिया में सबसे लंबा वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर माना जा रहा है। इस कॉरिडोर को इस तरह बनाया गया कि सड़क पर तेज गति से वाहन दौड़ते रहेंगे और उसके नीचे वन्य जीवों की आवाजाही भी अनवरत जारी रहेगी और तो और वन्य जीवों को वाहनों की आवाज भी सुनाई नहीं देगी। इसके लिए बाकायदा साउंड प्रूफ शीट लगायी गयीं हैं।</p>
<p>करीब 210 किलोमीटर लम्बे इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य दिसंबर 2021 में शुरु हुआ था और इस पर लगभग 11,963 करोड़ रुपए की लागत आयी है। दिल्ली के अक्षरधाम से शुरू होकर यह एक्सप्रेस-वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर से होते हुए देहरादून के आशारोड़ी को जोड़ता है। इस एक्सप्रेस वे पर पांच रेलवे ओवरब्रिज, 110 वाहन अंडरपास, 76 किमी सर्विस रोड, कुल 29 किमी का एलिवेटेड रोड, 16 प्रवेश और निकास द्वार बनाये गये हैं। इतना ही नहीं, इस शानदार एक्सप्रेस वे पर प्रत्येक तीस किलोमीटर की दूरी पर रेस्ट एरिया भी बनाए गयें हैं। जहां जन सुविधा केंद्र निर्मित किये गये हैं।</p>
<p>दिल्ली से देहरादून तक सड़कों पर अनेक शहरों में होने वाले जाम का झाम भी अब नहीं रहेगा। यही वजह है कि दिल्ली से देहरादून तक महज ढ़ाई घंटे में यात्रा पूरी हो जायगी। इस एक्सप्रेस-वे का डिजाइन सिर्फ तेज यात्रा के लिए नहीं, बल्कि ट्रैफिक के भी पुनर्वितरण (री-रूटिंग) के लिए किया गया है। दिल्ली में इसकी शुरुआत अक्षरधाम से होती है और यह बागपत, शामली, सहारनपुर होते हुए देहरादून तक जाता है। पूरे एक्सप्रेस-वे को इस तरह जोड़ा गया है कि बाहरी राज्यों से आने वाली गाड़ियां शहरों में प्रवेश किये बिना आगे बढ़ सकें।<br />वर्तमान में दिल्ली से देहरादून जाने के लिए मेरठ, मुजफ्फरनगर और रुड़की होते हुए दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे और राष्ट्रीय राजमार्ग -58 से सफर किया जाता है। सामान्य ट्रैफिक में इस सफर में साढ़े पांच से छह घंटे लग जाते हैं। नया एक्सप्रेस-वे शुरू होने के बाद देहरादून जाने वाला बड़ा ट्रैफिक दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे से शिफ्ट होकर सीधे नए एक्सप्रेस-वे पर जाएगा। इससे दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर व्यस्त समय का जाम कम होगा और दिल्ली-गाजियाबाद सेक्शन पर यातायात का प्रवाह बेहतर होगा।</p>
<p>इस परियोजना की एक महत्वपूर्ण बात यह है कि पंजाब और हरियाणा से देहरादून आने वाले वाहन अब ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे (ईपीई) पर आयेंगे और वहां से सीधे इस एक्सप्रेस-वे से जुड़ जाएंगे। अभी बड़ी संख्या में वाहन सिर्फ दिल्ली से होकर गुजरते हैं जबकि उनका गंतव्य दिल्ली नहीं होता। इस पूरी परियोजना को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने हाई-स्पीड ट्रैफिक रीडिस्ट्रिब्यूशन मॉडल के तौर पर विकसित किया है। डीपीआर के अनुसार, एक्सप्रेस-वे पर शुरुआती दौर में 20–30 हजार पैसेंजर कार यूनिट (पीसीयू) आने का अनुमान है। इससे बाहरी राज्यों का ट्रैफिक दिल्ली शहर से बाहर ही डायवर्ट हो जाएगा और दिल्ली के अंदर लोकल ट्रैफिक पर दबाव कम होगा। जिससे प्रदूषण और ईंधन खपत में भी गिरावट आयेगी।</p>
<p>जब यह एक्सप्रेसवे तैयार करने की योजना बनाई गई थी, उस समय एलिवेटेड वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर की बजाय पुराने सड़क मार्ग को ही चौड़ा करने का प्रस्ताव था। इसमें करीब 90 हजार पेड़ों को काटना पड़ रहा था। एनजीटी की आपत्ति के बाद एलिवेटेड रोड पर विचार किया गया, जिसे मूर्त रूप देने के लिए केवल 11 हजार पेड़ ही काटने पड़े। एलिवेटेड कॉरिडोर 575 पिलरों पर बनाया गया है। यह सहारनपुर के शिवालिक जंगल और देहरादून के राष्ट्रीय राजाजी टाइगर रिजर्व के ऊपर से गुजर रहा है। इस कॉरिडोर पर विशेष पीला प्रकाश देने वाली लाइटें लगाई गयीं हैं ताकि इन पर कीट पतंगे न आयें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 13:24:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पश्चिम एशिया संकट के बीच एयर इंडिया और इंडिगो का बड़ा फैसला: आज से शुरू होगी उड़ानें, यहां देखें पूरा शेड्यूल </title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और तनाव के बीच, 19 मार्च को एयर इंडिया और इंडिगो 74 उड़ानें संचालित कर रही हैं। दुबई हवाई अड्डा खुलने के बाद, जेद्दा, रियाद, मस्कट और शारजाह से भारतीयों की सुरक्षित वापसी और कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा रही है। युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में हवाई यातायात चुनौतियों के बावजूद यह बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-decision-of-air-india-and-indigo-amid-west-asia/article-147023"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/air-india-and-indigo.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। एयर इंडिया अपनी सहायक कंपनी एयर इंडिया एक्सप्रेस के साथ पश्चिम एशिया के लिए गुरुवार 19 मार्च को 48 और इंडिगो 26 उड़ानों का परिचालन करेगी। इनमें दुबई की उड़ानें भी शामिल हैं। दुबई में उड़ानें बंद रहने के बाद बुधवार अपराह्न चार बजे हवाई अड्डे को फिर से उड़ानों के लिए खोला गया है। </p>
<p>एयर इंडिया समूह ने बताया कि वह सऊदी अरब के जेद्दा से दिल्ली और मुंबई के लिए आज एक-एक नियमित उड़ानों का परिचालन करेगी जबकि रियाद से दिल्ली के लिए उसकी एक नियमित उड़ान उपलब्ध होगी। एयर इंडिया एक्सप्रेस जेद्दा से बेंगलुरु, हैदराबाद और कोझिकोड़ के लिए एक-एक नियमित उड़ानों का परिचालन करेगी। ओमान की राजधानी मस्कट से दिल्ली, कोझिकोड़ और मुंबई के लिए एयरलाइंस की एक-एक उड़ान होगी। </p>
<p>विशेष उड़ानों में एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस दिल्ली से दुबई के लिए एक-एक उड़ान चलायेगी। एयर इंडिया एक्सप्रेस की अबु धाबी से बेंगलुरु, दिल्ली, कोच्चि, कोझिकोड़ और मुंबई के लिए उड़ानों की योजना है। एयरलाइंस रस-अल-खैमा के लिए दिल्ली, कोच्चि, कोझिकोड़, लखनऊ और तिरुवनंतपुरम् से तथा शारजाह से मेंगलुरु और मुंबई के लिए विशेष उड़ानों का परिचालन करेगी। वह रियाद से कोझिकोड़ के बीच भी एक उड़ान का परिचालन कर रही है।</p>
<p>इंडिगो ने आज के लिए कुल 26 उड़ानों की योजना बनायी है। वह दुबई से मुंबई के बीच एक उड़ान का परिचालन करेगी। इसके अलावा अबु धाबी, मस्कट, जेद्दा और मदीना के लिए उसकी उड़ानें उपलब्ध होंगी। उल्लेखनीय है कि, ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी युद्ध के कारण पश्चिम एशिया में स्थिति काफी गंभीर है और हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित है। कई देशों के हवाई क्षेत्र अब भी पूरी तरह बंद हैं, जबकि कई अन्य हवाई अड्डों से सीमित संख्या में उड़ानों का परिचालन किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 14:31:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>हवाई यात्रियों के लिए खुशखबरी: 19 से 28 मार्च के बीच एयर इंडिया करेगा यूरोप, कनाडा के लिए 36 अतिरिक्त उड़ानों का परिचालन, यहां देखें पूरा शेड्यूल</title>
                                    <description><![CDATA[बढ़ती मांग को देखते हुए एयर इंडिया ने 19 से 28 मार्च के बीच 36 नई उड़ानों की घोषणा की है। दिल्ली और मुंबई से लंदन, फ्रैंकफर्ट, ज्यूरिख और टोरंटो के लिए 10,012 अतिरिक्त सीटें उपलब्ध होंगी। यात्री अब अधिक विकल्पों के साथ अपनी अंतरराष्ट्रीय यात्रा सुगम बना सकेंगे। टाटा समूह की यह पहल वैश्विक कनेक्टिविटी को नई मजबूती देगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/good-news-for-air-passengers-air-india-will-operate-36/article-146823"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/air-india.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। टाटा समूह की विमान सेवा कंपनी एयर इंडिया ने बढ़ी मांग को देखते हुए यूरोप और कनाडा के लिए 19 से 28 मार्च के बीच 36 अतिरिक्त उड़ानों (दोनों तरफ मिलाकर) के परिचालन की घोषणा की है। एयरलाइंस ने मंगलवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि ये उड़ानें दिल्ली से लंदन (हीथ्रो), फ्रैंकफर्ट, ज्यूरिख और टोरंटो के लिए तथा मुंबई से लंदन (हीथ्रो) के लिए होंगी। इन उड़ानों के माध्यम से 10,012 अतिरिक्त सीटें उपलब्ध होंगी। </p>
<p>एयर इंडिया ने बताया कि दिल्ली से लंदन के लिए चार अतिरिक्त उड़ानें 20, 22, 25 और 27 मार्च को और मुंबई से ब्रिटेन की राजधानी लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे के लिए एक मात्र उड़ान 21 मार्च को उपलब्ध होंगी। दिल्ली से जर्मनी के फ्रैंकफर्ट के लिए आठ अतिरिक्त उड़ानें 19, 20, 22, 23, 24, 25, 26 और 27 मार्च को रवाना होंगी। दिल्ली से स्विटजरलैंड के ज्यूरिख के लिए एक मात्र उड़ान 24 मार्च को उपलब्ध रहेगी। </p>
<p>दिल्ली से कनाडा के टोरंटो के लिए 19, 21, 24 और 26 मार्च को चार अतिरिक्त उड़ानों की योजना है। इससे पहले एयर इंडिया ने 10 से 18 मार्च के बीच नौ मार्गों पर 78 अतिरिक्त उड़ानों की घोषणा की थी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 15:18:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>अश्विनी वैष्णव का दावा: रेल पटरियों को उन्नत बनाने का 80 प्रतिशत काम पूरा, 50 प्रतिशत मार्ग सेमी हाईस्पीड के लिए तैयार</title>
                                    <description><![CDATA[रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि 50% रेल नेटवर्क अब सेमी-हाई स्पीड (130 किमी/घंटा) के लिए तैयार है। जापान की तर्ज पर AI और IoT आधारित निगरानी से समयबद्धता में सुधार किया जा रहा है। चेन्नई-बेंगलुरु जैसे नए हाई-स्पीड कॉरिडोर से यात्रा का समय घटेगा और भारतीय रेल का प्रदर्शन अब यूरोपीय देशों के समकक्ष पहुँच गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/ashwini-vaishnav-claims-80-percent-work-of-upgrading-railway-tracks/article-146421"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/rail-minister.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को बताया कि भारतीय रेल नेटवर्क के 50 प्रतिशत रेल-मार्गों को उन्नत कर सेमी-हाई स्पीट रेलगाड़ी चलाने लायक कर दिया गया है जिस पर रेलगाड़यिां 130 किलो मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सुरक्षित दौड़ सकती है। राज्य सभा में प्रश्न काल के दौरान अपने मंत्रालय से संबधित पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए वैष्णव ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में पिछले एक दशक में रेल पटरियों के अपग्रेडेशन (उन्नयन) का काम बहुत गंभीरता से किया जा रहा है। 80 प्रतिशत रेल लाइनों को अपग्रेड कर 110 किलो मीटर प्रति घंटे की रफ्तार के लिए मजबूत और सुरक्षित किया गया है तथा 50 प्रतिशत मार्ग 130 किमी प्रति घंटे की ट्रेनों के लिए उपयुक्त बनाए जा चुके हैं जो सेमी हाई-स्पीड की श्रेणी में आता है।</p>
<p>उन्होंने यात्री ट्रेनों के समय पर परिचालन के रिकार्ड के बारे में एक अनुपूरक प्रश्न के जवाब में कहा कि इस समय रेलवे की 24 डिवीजनों में गाड़ियों के समय पर चलने का रिकार्ड 90 प्रतिशत, 43 डिवीजनों में 80 प्रतिशत और आठ डिवीजनों में 95 प्रतिशत तक पहुंच गया है। मदुरै, रतलाम, हुबली, अजमेर जैसे कुछ डिवीजनों में समयानुसार परिचालन का स्तर 77 प्रतिशत है।</p>
<p>अश्विनी वैष्ण्व ने कहा, भारतीय रेल का यह प्रदर्शन जर्मनी, फ्रांस और अन्य यूरोपीय देशों के स्तर का है पर हमारी तुलना का आधार जापान होना चाहिए जहां समयबद्ध परिलाचन का एक अपना ही पैमाना है। उन्होंने कहा कि इसके लिए वहां कुछ विशिष्ट कार्य प्रणालियां हैं जिनमें से कुछ को भारतीय रेल में भी अपनाया जा रहा है।</p>
<p>रेल मंत्री ने कहा कि जापान में मरम्मत और रख रखाव की योजना 26 सप्ताह पहले से लागू की जाती है। भारत में भी पिछले दो-ढाई साल से इसकी शुरुआत की गयी है जिसके परिणाम बहुत अच्छे आ रहे हैं। इसके और व्यापक इस्तेमाल और इसमें महारथ हासिल कर लिये जाने के बाद  स्थिति में निश्चित रूप से बड़ा सुधार दिखेगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यात्री ट्रेनों के समय पर आने-जाने को सुनिश्चित करते के लिए भारतीय रेल का मुख्य रूप से प्रौद्योगिकी वाले औजार और समाधान समावेश जिसमें एआई आधारित निगरानी के अलावा रख रखाव पर जोर है। रेल अवसंरचना की निरंतर निगरानी के लिए इंटरनेट ऑफ दी थिंग्स और एआई का भी प्रयाग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सिंगल सेट ट्रेन ( जिसमें इंजन को ट्रेन से अलग नहीं करना पड़ता) से भी समयबद्धता सुधरी है। उन्होंने कहा कि भारतीय रेल हर रोज 25000 ट्रेनों का परिचालन करती है और इनकी समय सारिणी का प्रबंधन एक जटिल काम है। </p>
<p>ट्रेनों की समयबद्धता को लेकर यात्रियों को डैश-बोर्ड (इलेक्ट्रानिक सूचना पट्टिका) की सुविधा दिये जाने के विचार के संबंध में एक अन्य अनुपूरक प्रश्न के जवाब में वैष्णव ने कहा कि रेलवे के नेटवर्क के इष्टतम उपयोग के लिए रेलवे अपनी समय सारिणी पर आईआईटी बांबे और आईआईटी मद्रास के माध्यम से अनुसंधान करा रही है। आईआईटी मुंबई ने कुछ अच्छा काम किया है। रेलवे सूचना प्रणाली केंद्र (सीआरआईएस) भी नेटवर्क के इष्टतम प्रयोग को सुनिश्चित करने में आईटी टूल के विकास में लगा रहता है।</p>
<p>रेल मंत्री ने कहा कि जापान और दक्षिण कोरिया में यात्रियों के लिए रेल कॉरीडोर अलग कर दिए गये हैं और पुराने मार्गों को मालगाड़ी गलियारों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस बार के बजट में सात हाईस्पीड रेल गलियारों की घोषणा उसी दिशा में शुरुआत है। उन्होंने उदाहरण दिया कि चेन्नई- बेंगलूरू हाईस्पीड गलियारे के चालू हो जाने पर दोनों महानगरों की दूरी घट कर 73 मिनट की रह जाएगी।</p>
<p>एक अन्य प्रश्न के जवाब में रेल मंत्री ने कहा कि मुंबई-अहमदाबाद हाईस्पीड रेल कॉरीडॉर के निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। जापान के प्रधानमंत्री कार्यालय के एक दल ने हाल में कार्य का निरीक्षण करने के बाद प्रगति पर संतोष जताया है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की पिछली उद्धव ठाकरे सरकार ने इस परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण का काम नहीं किया जबकि गुजरात में समय से जमीन की व्यवस्था होने के चलते वहां के हिस्से में पहले से ही काम तेज चल रहा है। इस रेल-मार्ग पर देश में पहली बार समुद्र के अंदर रेल टनल बनाने का काम भी तेजी से चल रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 18:19:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>18 यात्रियों को लेकर 18 महीने बाद फिर चली भारत-बांग्लादेश के बीच मैत्री बस, दोनों देशों के बीच बहाल हुई मैत्री सेवा </title>
                                    <description><![CDATA[बांग्लादेश में नई सरकार के गठन के साथ ही अगरतला-ढाका-कोलकाता मैत्री बस सेवा 18 महीने बाद फिर शुरू। इस कदम से दोनों देशों के बीच पर्यटन, व्यापार और सांस्कृतिक संबंधों को मिलेगी मजबूती। यात्रियों का भव्य स्वागत। मैत्री बस सेवा आपसी विश्वास और आर्थिक सहयोग की दिशा में सकारात्मक कदम होगा साबित।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/friendship-bus-between-india-and-bangladesh-runs-again-after-18/article-144569"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/india-bangladesh-maitri-bus.png" alt=""></a><br /><p>ढ़ाका। हाल ही में बांग्लादेश में अल्ससंख्यक हिन्दुओं की हत्या के बाद भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में काफी खटास आ गई थी। लेकिन अब बांग्लादेश में नई सरकार का गठन हो चुका है और तारिक रहमान बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री बन गए है। इसी बीच खबर आ रही है करीब 18 महीनों के लंबे अंतराल के बाद अगरतला और कोलकाता को ढाका के रास्ते जोड़ने वाली ‘मैत्री’ अंतरराष्ट्रीय बस सेवा को फिर से शुरू किया गया है ताकि दोनों देशों के रिश्तें ​एक बार​ फिर अच्छे हो सके। जानकारी के अनुसार, सोमवार को कोलकाता से रवाना हुई पहली बस मंगलवार को अगरतला पहुंची तो अगरतला–अखौरा एकीकृत चेक पोस्ट पर त्रिपुरा के परिवहन एवं पर्यटन मंत्री सुषांत चौधरी और त्रिपुरा रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (टीआरटीसी) के अधिकारियों ने यात्रियों को फुल माला पहनाकर का जोरदार स्वागत किया गया। </p>
<p>इस मौके पर त्रिपुरा के परिवहन एवं पर्यटन मंत्री सुशांत चौधरी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, बस सेवा शुरू होने बाद अब एक बार फिर से दोनों देशों के बीच में सबकुछ पहले जैसा हो जाएगा, जिससे दोनों देशों के बीच पर्यटन, व्यापार और सांस्कृतिक को बढ़ावा मिलेगा। इससे भारत और बांग्लादेश के बीच में संबंध और भी मजबूत होंगे। इसके आगे सुशांत चौधरी ने बताया कि रेल लिंक के साथ सबरूम में पु​ल का बेहतर उपयोग होगा दोनों देश बंदरगाहों तक बड़ी आसानी से पहुंच सकेंगे, जिससे दोनों देशों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।</p>
<p>बता दें कि बांग्लादेश में नई सरकार बनने के बाद ये पहला बड़ा निर्णय है। बांग्लादेश का ये कदम न केवल दोनों देशों के संबंधों को मजूबत करेगा बल्कि उन हजारों लोगों को बड़ी राहत देगा जो कि व्यापार और पयर्टन के लिए सीमा पार कर जाते हैं। इसके आगे सुशांत चौधरी ने बताया कि ये 35 सीटों वाली ये बस सप्ताह में करीब 3 दिन चलेगी। उल्लेखनीय है कि कोविड-19 महामारी के दौरान इस सेवा को बंद कर दिया गया था, जिसके बाद साल 2022 में इस सेवा को दौबारा से शुरू किया गया था, लेकिन बांग्लादेश में हुई हिंसा के कारण इसे फिर से रद्द करना पड़ा था।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Feb 2026 18:35:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रूस-पाक में जमीनी ट्रेड, सैन्य अभ्यास और जेएफ-17 लड़ाकू विमानों के इंजन की डील</title>
                                    <description><![CDATA[रूस और पाकिस्तान तुर्की में हुई बैठक में सीधी हवाई और जमीनी कनेक्टिविटी बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। रूस द्वारा जेएफ-17 विमानों के लिए आरडी-93 इंजनों की आपूर्ति और संयुक्त सैन्य अभ्यासों ने भारत की सामरिक चिंताएं बढ़ा दी हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/russia-pak-ground-trade-military-exercises-and-deal-for-engines-of/article-143603"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/pakistan-and-russia.png" alt=""></a><br /><p>इस्लामाबाद। पाकिस्तान और रूस के बेहतर होते संबंधों ने हालिया समय में दुनिया के बड़े हिस्से, खासतौर से भारत का ध्यान खींचा है। दोनों देश बीते हफ्ते तुर्की में हुई एक बैठक में सीधे जमीनी और हवाई संपर्क बनाने पर सहमत हुए हैं। दोनों देशों में सहयोग सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं है। रूस से पाकिस्तान को जेएफ-17 लड़ाकू विमानों के इंजन सप्लाई लगातार चर्चा में रही है। चीन की मदद से बने पाकिस्तान के इस विमान में रूस का इंजन लगा है। रूस के पाकिस्तान को आरडी-93एमए इंजन सप्लाई करने ने भारत में इस बहस को जन्म दिया है कि क्या उसका पारंपरिक सहयोगी मॉस्को इस्लामाबाद की तरफ जा रहा है। ओआरएफ की रिपोर्ट बताती है कि यह नया नहीं है क्योंकि रूसी मिलिट्री एक्सपर्ट लंबे समय से भारत के अलावा पाकिस्तान को भी हथियार सप्लाई करने पर जोर दे रहे हैं। इसी सोच का असर हालिया संबंधों पर दिखता है। हालांकि रूस को पाकिस्तान पर अभी भी बहुत भरोसा नहीं है।</p>
<p><strong>एसयू-27 देने पर भी किया था विचार</strong></p>
<p>पाकिस्तान और रूस का रक्षा सहयोग 1990 के दशक में भी बढ़ा था, जब मॉस्को ने इस्लामाबाद को एसयू-27 देने का फैसला लिया था। हालांकि, बाद में भारत के एतराज पर यह डील रद्द कर दी गई। मिसाइलें, टैंक, स्टील्थ फ्रिगेट और आर्टिलरी गन खरीदने के पाकिस्तानी प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चले गए। हालिया वर्षों में दोनों में कई समझौते हो गए हैं। हालिया वर्षों में भारत ने रूस के मिलिट्री हार्डवेयर पर अपनी निर्भरता कम की है तो दूसरी ओर मॉस्को ने पाकिस्तान को डिफेंस सप्लाई की तरफ ध्यान दिया है। हालांकि, इसमें इस्लामाबाद की खरीदारी की सीमित क्षमता एक अड़चन है। वहीं पाकिस्तान की फॉरेन पॉलिसी की अनिश्चित्ता भी मॉस्को की हथियार डील पर चिंता को गहरा करती रही है।</p>
<p><strong>रूसी इंजन पर निर्भरता</strong></p>
<p>चीन और पाकिस्तान अपने जेट के लिए रूस में बने इंजनों पर निर्भर हैं। आरडी-93 रूसी मिग-29 फाइटर जेट में इस्तेमाल होने वाले आरडी-33 इंजन का एक्सपोर्ट वेरिएंट है। इन इंजन को चीन और पाकिस्तान के जेएफ-17 थंडर के लिए डिजाइन किया गया है। रूस ने 2007 से पाकिस्तान को आरडी-93 इंजन डिलीवर किए हैं। रूस-पाकिस्तान के बीच बातचीत का एक और पहलू जॉइंट मिलिट्री ड्रिल है, जो अब रेगुलर बन गई है। द्रुज्बा काउंटर-टेररिज्म एक्सरसाइज का लेटेस्ट एडिशन 15 से 27 सितंबर 2025 तक रूस के सदर्न मिलिट्री डिस्ट्रिक्ट में हुआ था। ये एक्सरसाइज सितंबर 2016 से दो सालों को छोड़कर रेगुलर तरीके से चल रही है। रूस और पाकिस्तान ने फ्रेमवर्क में नेवी एक्सरसाइज को शामिल किया है। मार्च 2025 में रूस और पाकिस्तान की नेवी ने नॉर्थ अरब सागर में अरेबियन मानसून जॉइंट एक्सरसाइज की थी। इसका मकसद इंटर ऑपरेबिलिटी को बढ़ाना और समुद्री सुरक्षा खतरों का मुकाबला करने के लिए जॉइंट कमिटमेंट दिखाना था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Feb 2026 11:33:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>BSNL ने नववर्ष पर दी यूजर्स को खुशखबरी, सभी सर्कलों में शुरू की वाई-फाई कॉलिंग सुविधा</title>
                                    <description><![CDATA[बीएसएनएल ने नव वर्ष पर पूरे देश में वीओ वाई-फाई सेवा शुरू की। बिना किसी ऐप के वाई-फाई नेटवर्क पर कॉल और मैसेज संभव होंगे, जिससे कमजोर सिग्नल क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/bsnl-gave-good-news-to-the-users-on-new-year/article-138026"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/bsnl.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) ने नव वर्ष पर पूरे देश में  वॉयस ओवर वाई-फाई (वीओ वाई-फाई) सेवा शुरू करने की घोषणा की है और इसके लिये किसी दूसरे ऐप के इस्तेमाल की जरूरत नहीं होगी। संचार मंत्रालय की गुरुवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, देश की अग्रणी दूरसंचार सेवा प्रदाता सरकारी कंपनी बीएसएनएल की यह वाई-फाई कॉलिंग सुविधा देश के प्रत्येक दूरसंचार सर्कल में सभी बीएसएनएल ग्राहकों के लिए उपलब्ध हो गयी है। बयान में कहा गया है कि चुनौतीपूर्ण वातावरण में भी यह लोगों को निर्बाध और उच्च गुणवत्ता वाली संपर्क सुविधा सुनिश्चित करती है।</p>
<p>वीओ वाई-फाई ग्राहकों को वाई-फाई नेटवर्क पर वॉयस कॉल और संदेश भेजने और प्राप्त करने की सुविधा देता है, जिससे घरों, कार्यालयों, बेसमेंट और दूरदराज के स्थानों जैसे कमजोर मोबाइल सिग्नल वाले क्षेत्रों में स्पष्ट और विश्वसनीय कनेक्टिविटी सुनिश्चित होती है।</p>
<p>वीओ वाई-फाई आईएमएस-आधारित एक सेवा है जो वाई-फाई और मोबाइल नेटवर्क के बीच निर्बाध हस्तांतरण का समर्थन करती है। इसमें कॉल ग्राहक के वर्तमान मोबाइल नंबर और फोन डायलर का उपयोग करके किए जाते हैं जिसके लिए तीसरे पक्ष के एप्लिकेशन की आवश्यकता नहीं होती है।</p>
<p>मंत्रालय का कहना है कि यह सेवा ग्रामीण और दूरदराज के उन क्षेत्रों में विशेष रूप से लाभप्रद है जहां मोबाइल कवरेज सीमित होती है बशर्ते बीएसएनएल भारत फाइबर या किसी अन्य ब्रॉडबैंड सेवा जैसी एक स्थिर वाई-फाई कनेक्टिविटी उपलब्ध हो। वीओ वाई-फाई अधिकांश आधुनिक स्मार्टफ़ोन पर समर्थित है। ग्राहकों को अपने हैंडसेट की सेटिंग्स में वाई-फाई कॉलिंग को सक्षम (इनेबल) करना होगा। इस सुविधा के संबंध में कंपनी ने हेल्पलाइन नंबर-18001503 की एक सुविधा भी प्रदान की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 01 Jan 2026 15:40:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>नए भारत का निर्माण:  इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में बड़ी सफलताओं का वर्ष 2025, रेल, सड़क, उड्डयन, समुद्र और डिजिटल क्षेत्र में हकीकत बने नागरिकों के सपने</title>
                                    <description><![CDATA[वर्ष 2025 भारत की विकास यात्रा का स्वर्णिम अध्याय सिद्ध हुआ। ₹11.21 लाख करोड़ के निवेश के साथ मिजोरम का रेल नेटवर्क से जुड़ना, दुनिया के सबसे ऊंचे 'चिनाब ब्रिज' और पहले वर्टिकल लिफ्ट 'पंबन ब्रिज' का उद्घाटन प्रमुख उपलब्धियां रहीं। कनेक्टिविटी में यह अभूतपूर्व विस्तार 'विकसित भारत' की नींव मजबूत कर रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/gadgets/building-a-new-india-2025-is-a-year-of-major/article-137487"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/india&#039;s-infrastructure-revolution.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। 2025 भारत की विकास यात्रा में एक अहम अध्याय है। इंफ्रास्ट्रक्चर के हर क्षेत्र में: रेल, सड़क, उड्डयन, समुद्र और डिजिटल, इस वर्ष भारत की विकास की महत्वाकांक्षाएं करोड़ों नागरिकों के लिए वास्तविकता में बदल गई। देश के सबसे दूरदराज के इलाकों से लेकर सबसे बड़े शहरी केंद्रों तक, कनेक्टिविटी बढ़ी, दूरियां घटीं, और लोगों की उम्मीदों को स्टील, कंक्रीट और ट्रैक का सहारा मिला। वित्त वर्ष 2025-26 में इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र के लिए सरकार का पूंजीगत निवेश बढ़कर 11.21 लाख करोड़ (लगभग 128.64 बिलियन अमेरिकी डॉलर) हो गया है, जो जीडीपी का 3.1 प्रतिशत है, जबकि अनुमान के मुताबिक 2047 तक भारत हर 12-18 महीनों में अपनी जीडीपी में 1 ट्रिलियन डॉलर जोड़ेगा। इंफ्रास्ट्रक्चर आर्थिक विकास का गुणक बन गया है, और साल 2025 वह वर्ष है, जब इस गुणक से साफ नतीजे नजर आने शुरू हुए।</p>
<p>मिजोरम पहली बार भारत के राष्ट्रीय रेलवे नेटवर्क से जुड़ा: मिजोरम के आखिरकार भारत के राष्ट्रीय रेलवे नेटवर्क से जुड़ने पर इतिहास रच गया, जो पूर्वोत्तर के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है और राज्य के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई। इस उपलब्धि के साथ, मिजोरम भारत के रेलवे मैप में शामिल हो गया, जिसमें 51 किलोमीटर लंबी बैराबी-सैरंग रेलवे लाइन है, यह प्रोजेक्ट 8,000 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बनाया गया है, जो आजाद भारत के इतिहास में पहली बार आइजोल को सीधे भारत के राष्ट्रीय रेलवे नेटवर्क से जोड़ता है। मिजोरम की आबादी के लिए एक सिंगल रेलवे लाइन से इमरजेंसी सेवाएं, सैन्य लॉजिस्टिक्स, आम नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच, शिक्षा और रोजगार के मौकों में बड़ा बदलाव आया है। इतना ही नहीं, पहली माल ढुलाई 14 सितंबर, 2025 को हुई, जब असम से 21 सीमेंट वैगन आइजोल भेजे गए। बांस, बागवानी, खास फसलों जैसे स्थानीय कृषि उत्पाद अब सड़क परिवहन के अधिक खर्च के बिना पूरे भारत के बाजारों तक पहुच सकते हैं।</p>
<p>सबसे कठिन इलाके पर जीत: दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल का उद्घाटन: उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक प्रोजेक्ट के अंतर्गत दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल, चिनाब ब्रिज के उद्घाटन के साथ भारत के अभियांत्रिकी भरोसे ने नई ऊंचाइयों को छुआ। इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने कश्मीर घाटी को पूरे देश से हर मौसम में रेल कनेक्टिविटी के जरिए जोड़ा, जिससे एक लंबे समय से चले आ रहे राष्ट्रीय लक्ष्य को वास्तविकता में बदला गया।</p>
<p><strong>तमिलनाडु में भारत के पहले वर्टिकल-लिफ्ट समुद्री पुल का उद्घाटन</strong></p>
<p>2025 में भारत की इंफ्रास्ट्रक्चर कहानी समुद्र तक भी पहुच गई। पीएम मोदी ने तमिलनाडु में नए पंबन पुल का उद्घाटन किया।<br />नया पंबन पुल भारत का पहला वर्टिकल लिफ्ट समुद्री पुल है और यह अपनी तकनीकी तरक्की और अनोखे डिजाइन के लिए दुनिया भर में मशहूर दूसरे पुलों जैसा ही है। इसमें अमेरिका का गोल्डन गेट ब्रिज, लंदन का टॉवर ब्रिज और डेनमार्क-स्वीडन का ओरेसंड ब्रिज शामिल हैं। <br />भारत के पहले डेडिकेटेड कंटेनर ट्रांसशिपमेंट पोर्ट का लॉन्च: पीएम ने 8,900 करोड़ रुपए के विझिंजम अंतर्राष्ट्रीय गहरे पानी के बहुउद्देशीय बंदरगाह का उद्घाटन किया। यह देश का पहला समर्पित कंटेनर ट्रांसशिपमेंट बंदरगाह है, जो विकसित भारत के एकीकृत विजन के अंतर्गत भारत के समुद्री क्षेत्र में हो रही बदलाव लाने वाली प्रगति को दिखाता है। </p>
<p>बिहार में पहली वंदे मेट्रो का लॉन्च: बिहार की पहली वंदे मेट्रो, जिसे नमो भारत रैपिड रेल के नाम से भी जाना जाता है, को जयनगर को पटना से जोड़ने के लिए लॉन्च किया गया, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बेहतर होगी। अपनी तरह की यह पहली, पूरी तरह से एयर-कंडीशन्ड और बिना रिजर्वेशन वाली ट्रेन मौजूदा ट्रेनों से लगभग आठ घंटे की तुलना में सिर्फ साढ़े पांच घंटे में पटना पहुचती है।</p>
<p>जेड-मोड़ टनल: जम्मू और कश्मीर में हर मौसम में कनेक्टिविटी सुनिश्चित: 2025 में, पीएम ने जम्मू और कश्मीर में रणनीतिक जेड-मोड़ टनल का उद्घाटन किया, जो एक महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना है, जो सोनमर्ग को पूरे साल कनेक्टिविटी सुनिश्चित करती है और लद्दाख क्षेत्र तक पहुंच को मजबूत करती है। श्रीनगर-लेह हाईवे पर हिमस्खलन वाले हिस्सों को बायपास करने के लिए बनाई गई यह टनल नागरिकों की आवाजाही, पर्यटन प्रवाह और इमरजेंसी पहुंच में काफी सुधार करती है, साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा लॉजिस्टिक्स के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक संपत्ति के तौर पर भी काम करती है। </p>
<p>पहली बार जम्मू से श्रीनगर तक रेल द्वारा सीधी कनेक्टिविटी: पीएम मोदी हाई-टेक वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का उद्घाटन ने किया और इससे पहली बार जम्मू से श्रीनगर तक रेल के जरिए सीधी कनेक्टिविटी संभव हुई है। </p>
<p>दिल्ली-मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस): दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर का आखिरी हिस्सा पूरी तरह से वाणिज्यिक कार्यान्वयन के लिए खुल गया है, जिससे दिल्ली के सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम तक 82.15 किलोमीटर का लिंक पूरा हो गया है। आरआरटीएस मेट्रोपॉलिटन कम्यूटिंग को नया रूप देता है। ये 180 किलोमीटर/ घंटे के कॉरिडोर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिए भारत के विजन को दिखाते हैं, जो शहरी मेट्रो और इंटरसिटी रेल के बीच कड़े अंतर से आगे बढ़कर अलग-अलग दूरी के लिए तैयार किए गए तेज आवागमन के स्पेक्ट्रम की ओर बढ़ रहा है।</p>
<p>नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन: नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के पहले चरण के उद्घाटन के साथ भारत की विमानन क्षमता में एक बड़ी छलांग लगी। इस मील के पत्थर से मुंबई के मौजूदा हवाई अड्डे पर बोझ कम हुआ और यात्री और कार्गो में तेजी की अगली लहर के लिए भारत की तैयारी मजबूत हुई। </p>
<p>नौसैना इंफ्रा के लिए बड़ा साल: 2025 नौसैनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भी एक ऐतिहासिक वर्ष था। अगस्त 2025 में, भारत ने 75% से अधिक स्वदेशी सामान के साथ दो स्टील्थ फ्रिगेट, आईएनएस हिमगिरि और आईएनएस उदयगिरि को शामिल किया।  <br />बेंगलुरु में येलो लाइन सेवा की शुरूआत: पीएम ने आर. वी. रोड मेट्रो स्टेशन पर येलो लाइन मेट्रो सेवाओं का उद्घाटन किया, जो बेंगलुरु के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट को इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी के टेक हब से जोड़ती है। </p>
<p>बिजली की आखिरी छोर तक पहुंच: मई 2025 में, छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के 17 दूरदराज के गांवों में आजादी के बाद पहली बार ग्रिड बिजली पहुंची, जिससे 540 परिवारों को लाभ मिला। </p>
<p>पहली बस की पहुंच: काटेझारी, गढ़चिरौली में गतिशीलता: 2025 में, महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में नक्सल प्रभावित आदिवासी गांव काटेझारी को आजादी के बाद पहली बार बस परिवहन की सुविधा मिली और गांव वालों ने बस के आने का जश्न मनाया। दिसंबर 2025 में, छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के कोंडापल्ली गांव में आजादी के बाद पहली बार एक मोबाइल टावर लगाया गया, यह इलाका लंबे समय से बाहरी दुनिया से कटा हुआ था।</p>
<p><strong>अब 160 से ज्यादा हवाई अड्डे</strong></p>
<p>भारत का आसमान पहले से कहीं अधिक व्यस्त हो गया है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू एविएशन बाजार बन गया है। हवाई अड्डों की संख्या 2014 में 74 से बढ़कर 2025 में 163 हो गई है। इस बीच, जब भारत 2047 में आजादी के सौ वर्ष मनाएगा, तो सरकार का विजन तब तक एयरपोर्ट की संख्या बढ़ाकर 350-400 करना है। </p>
<p><strong>99 प्रतिशत रेलवे का विद्युतीकरण</strong></p>
<p>भारतीय रेलवे अपने लगभग पूरे ब्रॉड-गेज नेटवर्क के विद्युतीकरण को पूरा करने के करीब है, जिसमें 99% से अधिक का विद्युतीकरण पहले ही हो चुका है और बाकी हिस्सों का काम भी जल्द ही पूरा होने की उम्मीद है। पिछले कुछ वर्ष में काम में बहुत तेजी रही है। </p>
<p><strong>तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क</strong></p>
<p>भारत का मेट्रो नेटवर्क 248 किलोमीटर (2014) से बढ़कर 1,013 किलोमीटर (2025) हो गया है। भारत अब गर्व से दुनिया के तीसरे सबसे बड़े मेट्रो नेटवर्क के रूप में खड़ा है, जो शहरी परिवहन विस्तार में इसकी तेज प्रगति को दिखाता है। </p>
<p><strong>सड़कें और राजमार्ग</strong></p>
<p>देश में एनएच नेटवर्क की लंबाई मार्च 2019 में 1,32,499 किलोमीटर से बढ़कर अभी 1,46,560 किलोमीटर हो गई। 4-लेन और उससे अधिक वाले एनएच नेटवर्क की लंबाई 2019 में 31,066 किलोमीटर से बढ़कर 43,512 किलोमीटर हो गई है, जो 1.4 गुना अधिक है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>गैजेट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Dec 2025 11:32:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title> 21वीं सदी के भारत में प्रगति को निर्धारित करेगा कनेक्टिविटी : मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वदेश निर्मित 5 जी टेस्ट बेड के राष्ट्र को समर्पित करते हये कहा कि 21वीं सदी के भारत में कनेक्टिविटी देश की प्रगति को निर्धारित करेगा और इस दशक के अंत तक देश में 6जी सेवायें भी शुरू की जायेगी, इसके लिए भी टास्क फोर्स काम करना शुरु कर चुकी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/connectivity-will-do-determine-of-progress-in-india--says-modi/article-9948"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/modi-copy2.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वदेश निर्मित 5 जी टेस्ट बेड के राष्ट्र को समर्पित करते हये कहा कि 21वीं सदी के भारत में कनेक्टिविटी देश की प्रगति को निर्धारित करेगा और इस दशक के अंत तक देश में 6जी सेवायें भी शुरू की जायेगी, इसके लिए भी टास्क फोर्स काम करना शुरु कर चुकी है। मोदी ने यहां दूरसंचार नियामक ट्राई के जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुये कहा कि ये सुखद संयोग है कि इस संस्था ने 25 साल पूरे किए है, तब देश आजादी के अमृतकाल में अगले 25 वर्षों के रोडमैप पर काम कर रहा है। नए लक्ष्य तय कर रहा है। थोड़ी देर पहले मुझे देश को अपना, स्वदेश निर्मित 5जी टेस्ट बेड राष्ट्र को समर्पित करने का अवसर मिला है। ये टेलिकॉम सेक्टर में क्रिटिकल और आधुनिक टेक्नॉलॉजी की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक अहम कदम है। मैं इस प्रोजेक्ट से जुड़े सभी साथियों को, आईआईटी को बधाई देता हूं। प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं, शोधकर्ताओं और कंपनियों को इस टेस्टिंग फैसिलिटी का उपयोग 5जी टेक्नॉलॉजी के निर्माण के लिए करने के वास्ते आमंत्रित करते हुये कहा कि हमारे स्टार्ट अप के लिए अपने प्रोडक्ट टेस्ट करने का ये बहुत बड़ा अवसर है। 5जी आई के रूप में जो देश का अपना 5 जी स्टैंडर्ड बनाया गया है, वो देश के लिए बहुत गर्व की बात है।</p>
<p>ये देश के गांवों में 5जी टेक्नॉलॉजी पहुंचाने और उस काम में बड़ी भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी के भारत में कनेक्टिविटी, देश की प्रगति की गति को निर्धारित करेगी। इसलिए हर स्तर पर कनेक्टिविटी को आधुनिक बनाना ही होगा। इसकी बुनियाद का काम करेंगे आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण, आधुनिक टेक्नोलॉजी का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल। 5जी टेक्नोलॉजी भी, देश की गवर्नेंस में, कारोबारी सुगमता इन अनेक विषयों में सकारात्मक बदलाव लाने वाली है। इससे खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स, हर सेक्टर में ग्रोथ को बल मिलेगा। इससे सुविधा भी बढ़ेगी और रोजगार के भी नए अवसर बनेंगे। अनुमान है कि आने वाले डेढ़ दशक में 5जी से भारत की अर्थव्यवस्था में 450 अरब डॉलर का योगदान होने वाला है। यानि ये सिर्फ इंटरनेट की गति ही नहीं, बल्कि प्रगति और रोजगार सृजन की गति को भी बढ़ाने वाला है। इसलिए, 5जी तेजी से शुरू किया जाये। इसके लिए सरकार और इंडस्ट्री, दोनों को पहल करने की जरूरत है। इस दशक के अंत तक हम 6जी सर्विस भी लांच कर पाएं। इसके लिए भी हमारी टास्क फोर्स काम करना शुरु कर चुकी है।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 May 2022 16:49:24 +0530</pubDate>
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