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                <title>connectivity - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>बरेली से नोएडा की पहली फ्लाइट 1 जुलाई से: दो साल बाद दिल्ली हवाई सेवा भी होगी बहाल, शेड्यूल जारी</title>
                                    <description><![CDATA[बरेली से ग्रेटर नोएडा (जेवर) के लिए 1 जुलाई और दिल्ली के लिए 2 जुलाई से हवाई सेवा शुरू होगी। इंडिगो एयरलाइंस नोएडा रूट पर सप्ताह में चार दिन और दिल्ली रूट पर तीन दिन उड़ानें संचालित करेगी। इससे यात्रियों को तेज, सुविधाजनक और बेहतर हवाई कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/the-first-flight-from-bareilly-to-noida-will-start-from/article-158483"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/noida.png" alt=""></a><br /><p>बरेली। बरेली से (जेवर) ग्रेटर नोएडा के लिये पहली जुलाई से हवाई सेवा शुरूआत होगी। इसके अलावा पिछले दो वर्षों से बंद चल रही बरेली- दिल्ली हवाई सेवा भी दो जुलाई से शुरू हो जाएगी। एक जुलाई से बरेली- नोएडा बीच इंडिगो एयर लाइंस उड़ान शुरू करेगा। जाएगी। हवाई सेवा जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक होगी। दो जुलाई से बरेली-दिल्ली बीच भी दोबारा हवाई सेवा शुरू हो जाएगी।</p>
<p>हवाई अड्डा निदेशक अवधेश अग्रवाल ने बताया कि बरेली-नोएडा बीच उड़ान सोमवार, बुधवार, शुक्रवार और रविवार में होगी। नोएडा से फ्लाइट सुबह 10:30 बजे उड़ान भरकर 11:20 बजे बरेली पहुंचेगी। बरेली से 12:05 बजे रवाना होगी। कुल 50 मिनट सफर होगा। उन्होंने बताया बरेली- दिल्ली बीच मंगलवार, बृहस्पतिवार और शनिवार में उड़ान रहेगी। दिल्ली से फ्लाइट दोपहर 1:35 बजे रवाना होकर 2:36 बजे बरेली एयरपोर्ट पहुंचेगी और यहां से अपराह्न तीन बजे उड़ान भरकर शाम 4:05 बजे दिल्ली पहुंचेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 16:31:58 +0530</pubDate>
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                <title>इलेक्ट्रिक स्कूटर अपनाने में आई तेजी, राजस्थान इलेक्ट्रिक भविष्य की ओर अग्रसर</title>
                                    <description><![CDATA[इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के प्रति बढ़ते विश्वास और मजबूत चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर से राजस्थान में मोबिलिटी बदल रही है। चौथी तिमाही (FY26) में एथर एनर्जी का बाजार अंश बढ़कर 14% हो गया है। जयपुर सहित टियर-2 और टियर-3 शहरों में कम लागत, आधुनिक सॉफ्टवेयर फीचर्स और एथर रिज़्टा जैसे पारिवारिक स्कूटरों की मांग तेजी से बढ़ी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/there-is-a-rise-in-the-adoption-of-electric-scooters/article-157613"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)49.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए भारत के सबसे अधिक संभावना वाले राज्यों में से एक के रूप में उभर रहा है। इलेक्ट्रिक वाहनों में ग्राहकों के बढ़ते विश्वास, मजबूत होते चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर और प्रीमियम इलेक्ट्रिक स्कूटरों की बढ़ती मांग के कारण राज्य में मोबिलिटी का क्षेत्र बदल रहा है। इस परिवर्तन का मुख्य लाभ एथर एनर्जी जैसी कंपनियों को मिल रहा है, जो राज्य के शहरी और उभरते हुए बाजारों में तेजी से वृद्धि कर रही हैं।</p>
<p>वित्तवर्ष 2026 की चौथी तिमाही में राजस्थान में एथर एनर्जी का बाजार अंश बढ़कर 14 प्रतिशत तक पहुँच गया। यह पिछले साल के मुकाबले लगभग दोगुना है और देश में हो रही औसत वृद्धि से काफी ज्यादा है। जयपुर कंपनी का सबसे बड़ा बाजार है, जो राज्य में होने वाली सेल में लगभग 30 प्रतिशत का योगदान देता है। जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर, कोटा और अजमेर जैसे शहरों में भी वृद्धि की दर तेज है। उद्योग के एक्सपर्ट्स के मुताबिक इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल अब कुछ मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह राजस्थान के टियर 2 और टियर 3 शहरों में भी बढ़ रहा है। </p>
<p>यह वृद्धि खासतौर से इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर ग्राहकों की बदलती धारणा के कारण हो रही है। ग्राहक अब इलेक्ट्रिक स्कूटरों को पेट्रोल स्कूटरों के विकल्प के रूप में नहीं देखते हैं, बल्कि वो इन्हें टेक्नोलॉजी के मामले में आधुनिक मोबिलिटी विकल्प मानते हैं, जो उन्हें ज्यादा सुविधा, सुरक्षा और लंबे समय में अधिक बचत प्रदान करता है। इलेक्ट्रिक स्कूटरों में कनेक्टेड डैशबोर्ड, नैविगेशन, एडवांस्ड सेफ्टी सिस्टम और सॉफ्टवेयर पर आधारित राईडिंग अनुभव मिलता है, जो आधुनिक ग्राहकों द्वारा इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदे जाने के महत्वपूर्ण कारण बन रहे हैं।</p>
<p>इलेक्ट्रिक स्कूटर ज्यादा आर्थिक लाभ भी प्रदान करते हैं। राजस्थान में पेट्रोल 113 रुपये प्रति लीटर के आसपास है, जिसके कारण रोज आवागमन करने वालों को केवल पेट्रोल पर ही रोज 3 रुपये प्रति किलोमीटर से अधिक खर्च करना पड़ता है। इसके उलट, घर पर इलेक्ट्रिक स्कूटर को चार्ज करने में केवल 0.20 रुपये से 0.25 रुपये प्रति किलोमीटर का खर्च आता है। यानी ग्राहक रोज के सफर में काफी मासिक बचत कर सकते हैं। इसके अलावा इलेक्ट्रिक स्कूटर के मेंटेनेंस का खर्च भी काफी कम है, इसलिए यह पेट्रोल स्कूटरों के मुकाबले ज्यादा वित्तीय बचत प्रदान करता है।</p>
<p>इलेक्ट्रिक स्कूटरों को अपनाने की एक बड़ी बाधा चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर थी, जिसमें लगातार सुधार हो रहा है। वर्तमान में एथर के पास राजस्थान के 32 शहरों में 189 स्थानों पर 208 चार्जिंग पॉईंट हैं। यह नेटवर्क जयपुर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर जैसे बड़े शहरों के साथ उन छोटे शहरों में भी फैला है, जहाँ इलेक्ट्रिक स्कूटरों का इस्तेमाल बढ़ रहा है। देश में कंपनी के पास 6,000 से अधिक फास्ट-चार्जिंग पॉईंट उपलब्ध हैं, जो लाईट इलेक्ट्रिक कंबाईंड चार्जिंग सिस्टम (एल.ई.सी.सी.एस) द्वारा चलाए जाते हैं। ये चार्जिंग पॉईंट लंबे सफय और दूसरे शहरों की यात्रा के दौरान चार्जिंग की फिक्र को दूर करते हैं। </p>
<p>जब परिवारों पर केंद्रित इलेक्ट्रिक स्कूटर आए, तो इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति दिलचस्पी और अधिक बढ़ गई। एथर रिज़्टा जैसे स्कूटर परिवारों को बहुत ज्यादा पसंद आए। यह स्कूटर आवागमन, स्कूल आने-जाने और घूमने के लिए जाने जैसे कई दैनिक कामों के लिए परफेक्ट है। इसमें कई प्रैक्टिकल फीचर दिए गए हैं, जिनमें बड़ी स्टोरेज क्षमता, विशाल सीट और बेहतर सुरक्षा सिस्टम शामिल हैं। यह मॉडल राजस्थान के टियर 2 और टियर 3 शहरों में काफी लोकप्रिय हुआ है क्योंकि यहाँ पर वाहन को परिवारों की जरूरतों के हिसाब से खरीदा जाता है।<br />राजस्थान के चुनौतीपूर्ण मौसम के कारण निर्माताओं ने वाहनों की ड्यूरेबिलिटी और बैटरी परफॉर्मेंस पर अधिक ध्यान देना शुरू किया। उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों को भारत के मौसम के अनुकूल बनाया। एडवांस्ड बैटरी थर्मल मैनेजमेंट सिस्टम, बैटरी रखने के मजबूत खाँचों और टेस्टिंग के कठोर प्रोटोकॉल्स का इस्तेमाल किया गया, ताकि भीषण गर्मी के मौसम में भी बैटरी भरोसेमंद परफॉर्मेंस दे सके।</p>
<p>इलेक्ट्रिक स्कूटर के इस्तेमाल को बढ़ावा देने में सरकारी सहयोग ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। केंद्र सरकार ने पीएम ई-ड्राईव जैसे अभियान चलाए, जिनके साथ राजस्थान के ई.वी इंसेंटिव प्रोग्राम ने इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने की अग्रिम लागत को कम किया और ग्राहकों के बीच इसकी जागरुकता बढ़ाई। उद्योग के हितधारकों का मानना है कि इस गति को बनाए रखने के लिए नीति निर्माताओं और प्राईवेट सेक्टर के बीच लगातार सहयोग जरूरी होगा क्योंकि छोटे शहरों एवं कस्बों में इलेक्ट्रिक स्कूटरों का इस्तेमाल बढ़ रहा है।</p>
<p>प्रमुख निर्माताओं के बीच बढ़ती प्रतियोगिता के साथ अब इलेक्ट्रिक स्कूटरों की मुख्य विशेषताएं हार्डवेयर के अलावा सॉफ्टवेयर तक बढ़ रही हैं। कंपनियाँ सॉफ्टवेयर क्षमताओं, कनेक्टेड टेक्नोलॉजी और ओवर-द-एयर अपडेट्स में भारी निवेश कर रही हैं, जिससे इलेक्ट्रिक स्कूटर में समय के साथ सुधार होता रहे। इसने इलेक्ट्रिक स्कूटर को आवागमन के साधन की बजाय एक स्मार्ट और कनेक्टेड मोबिलिटी प्लेटफॉर्म में बदल दिया है। </p>
<p>पेट्रोल की बढ़ती कीमत, बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर, सहयोगपूर्ण नीतियों और ग्राहकों की बढ़ती जागरुकता के साथ राजस्थान भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने में मुख्य भूमिका निभा रहा है। राजस्थान में एक बड़ा राष्ट्रीय ट्रेंड प्रदर्शित हो रहा है कि इलेक्ट्रिक वाहन व्यावहारिकता और टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन के साथ आवागमन के मुख्य साधन बनते जा रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 09:49:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>&quot;पीएम‑किसान&quot; के तहत देशभर के 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में पहुंचेंगे लगभग 18,880 करोड़ : शिवराज</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 जून को पश्चिम बंगाल से पीएम-किसान योजना की 23वीं किस्त जारी करेंगे। इसके तहत 9.44 करोड़ किसानों के खातों में राशि भेजी जाएगी। साथ ही, वे डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन, ग्रामीण सड़कों और मत्स्य बंदरगाह सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण करेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/under-pm-kisan-approximately-rs-18880-crore-will-reach-the-accounts/article-157383"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/shivraj-singh-chouhan.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आगामी 20 जून को पश्चिम बंगाल के हुगली ज़िले से कृषि, ग्रामीण विकास, मत्स्य पालन और रेलवे सहित विभिन्न क्षेत्रों की अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण, राष्ट्र को समर्पण एवं शिलान्यास करेंगे। इस दौरान वे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम‑किसान) की 23वीं किस्त जारी करने के साथ‑साथ प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना, डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत एग्रीटेक, राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन तथा प्रधानमंत्री धन‑धान्य कृषि योजना जैसी महत्वपूर्ण पहलों की शुरुआत करेंगे।</p>
<p>केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के मुख्य आतिथ्य में पश्चिम बंगाल में होने वाला यह राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम किसानों, ग्रामीण समुदाय और युवाओं के लिए एक ऐतिहासिक अवसर साबित होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार का संकल्प है कि पूर्वी भारत को कृषि, बुनियादी संरचना और औद्योगिक विकास का मजबूत केंद्र बनाया जाए और 20 जून का कार्यक्रम इसी विज़न को ज़मीन पर उतारने की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव है।</p>
<p>चौहान ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री श्री मोदी हुगली ज़िले के तारकेश्वर से "पीएम‑किसान" की 23वीं किस्त जारी करेंगे। इसके अंतर्गत देशभर के 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में लगभग 18,880 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की जाएगी, जिससे छोटे एवं सीमांत किसानों की आय सुरक्षा और मज़बूत होगी। उन्होंने बताया कि केवल पश्चिम बंगाल में ही 45.35 लाख से अधिक लाभार्थी किसानों को लगभग 907 करोड़ रु. की किश्त प्राप्त होगी। इसके साथ ही राज्य में पीएम‑किसान योजना के अंतर्गत अब तक वितरित कुल राशि 15,055 करोड़ रु. से अधिक हो जाएगी, जबकि 2019 में योजना की शुरुआत से लेकर पूरे देश में कुल वितरण 4.46 लाख करोड़ रु. से ऊपर पहुंच जाएगा।</p>
<p>कृषि मंत्री ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना का भी शुभारंभ करेंगे, जिनकी संयुक्त लागत लगभग 12,200 करोड़ रु. है। वित्त वर्ष 2026‑27 के दौरान इन योजनाओं के माध्यम से लगभग 1.10 करोड़ किसानों को 30 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि पर फसल बीमा सुरक्षा प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके तहत लगभग 28,140 करोड़ रु. मूल्य की फसलें बीमा संरक्षण के दायरे में आएंगी।</p>
<p>उन्होंने बताया कि डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के अंतर्गत प्रधानमंत्री मोदी एग्रीटेक प्लेटफॉर्म की शुरुआत करेंगे, जो उर्वरक वितरण, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण और न्यूनतम समर्थन मूल्य आधारित सरकारी खरीद जैसी सेवाओं के लिए एकीकृत डिजिटल मंच उपलब्ध कराएगा। इससे किसानों को समय पर सूचनाएं, पारदर्शी सेवाएं और बेहतर बाज़ार अवसर मिलेंगे। चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री, राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन का भी शुभारंभ करेंगे, जिसके तहत अनुमोदित कार्ययोजना के अनुसार वित्त वर्ष 2026‑27 में राज्य के 17,300 हेक्टेयर क्षेत्र में 346 प्राकृतिक कृषि क्लस्टर स्थापित किए जाएंगे। इन क्लस्टरों से 43,250 किसानों को जैव‑आधारित इनपुट, प्रशिक्षण और बाजार तक बेहतर पहुंच का लाभ मिलेगा, साथ ही जैव‑आधारित संसाधन केंद्रों और कृषि सखियों के माध्यम से प्राकृतिक खेती की दिशा में बड़े पैमाने पर परिवर्तन को प्रोत्साहन मिलेगा।</p>
<p>इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी धन‑धान्य कृषि योजना की भी शुरुआत करेंगे, जो पुरुलिया, दार्जिलिंग, अलीपुरद्वार और झारग्राम ज़िलों में लागू होगी। इस योजना का उद्देश्य कृषि उत्पादकता बढ़ाने, फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने, भंडारण एवं प्रसंस्करण जैसी फसलोत्तर अवसंरचना को सुदृढ़ करने तथा विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं के समन्वित क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है, जिससे किसानों और ग्रामीण युवाओं के लिए नए रोज़गार और उद्यमिता के अवसर पैदा होंगे।</p>
<p>ग्रामीण विकास से संबंधित पहलों की जानकारी देते हुए चौहान ने कहा कि मोदी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (तीन) के अंतर्गत 213 करोड़ रु. से अधिक लागत वाली 49 सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। 315 किलोमीटर से अधिक लंबाई वाली ये सड़कें राज्य के विभिन्न ग्रामीण इलाकों को कस्बों और शहरों से बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी, जिससे किसानों के कृषि उत्पाद समय पर बाजार तक पहुंच सकेंगे और ग्रामीण छात्रों तथा मरीजों की शिक्षा एवं स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंच भी आसान होगी।</p>
<p>मत्स्य पालन क्षेत्र में विकास को पर उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री दक्षिण 24 परगना ज़िले के फ्रेजरगंज में आधुनिकीकरण एवं विस्तार के बाद तैयार मत्स्य बंदरगाह और बीरभूम ज़िले में निर्मित आधुनिक मत्स्य बाज़ार का उद्घाटन करेंगे। इन परियोजनाओं से मत्स्य अवसंरचना मजबूत होगी, मछुआरों को बेहतर भंडारण एवं विपणन सुविधाएं मिलेंगी और निर्यात क्षमता में वृद्धि के साथ स्थानीय स्तर पर रोज़गार के नए अवसर तैयार होंगे।</p>
<p>पशुपालन एवं डेयरी क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण पहल के तहत प्रधानमंत्री नादिया ज़िले के हरिणघाटा में 6 करोड़ रु. से अधिक लागत से स्थापित रीजनल सीमन प्रोडक्शन लैबोरेटरी एवं बकरी सीमन बैंक का उद्घाटन करेंगे। राष्ट्रीय पशुधन मिशन के अंतर्गत स्थापित यह पूर्वी भारत की अपनी तरह की पहली सुविधा है, जो वैज्ञानिक पशु प्रजनन, आनुवंशिक सुधार और पशुधन उत्पादकता वृद्धि में निर्णायक भूमिका निभाएगी तथा बकरी पालन से जुड़े किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने में सहायक होगी।</p>
<p>चौहान ने कहा कि मत्स्य, पशुपालन और ग्रामीण बुनियादी ढांचे से जुड़ी ये सभी योजनाएं मिलकर पश्चिम बंगाल में समावेशी और टिकाऊ ग्रामीण विकास का मज़बूत आधार तैयार करेंगी। इनके माध्यम से आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था, बेहतर आजीविका अवसर और 'वोकल फॉर लोकल' की भावना को ठोस बल मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी पश्चिम बंगाल में लगभग 591 करोड़ रु. की लागत वाली महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी करेंगे। ये परियोजनाएं रेल ढांचा को सुदृढ़ करने, यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, सुरक्षा बढ़ाने और राज्य व पूर्वी भारत के संपर्क को और मज़बूत बनाने की दिशा में अहम योगदान देंगी। प्रधानमंत्री हावड़ा में 99 करोड़ रु. की लागत से बनने वाले 300 बिस्तरों वाले नए मंडलीय रेलवे अस्पताल का शिलान्यास करेंगे, जो आधुनिक स्वास्थ्य अवसंरचना, उन्नत जांच सुविधाओं, विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं और आपातकालीन उपचार से सुसज्जित होगा। यह अस्पताल न केवल रेलवे कर्मचारियों और उनके परिजनों, बल्कि आसपास के नागरिकों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएगा।</p>
<p>इसी तरह, पूर्व मेदिनीपुर ज़िले में हाउर और राधामोहनपुर के बीच 71 करोड़ रु. की लागत से बनने वाले रोड ओवर ब्रिज का शिलान्यास किया जाएगा, जो रेल और सड़क दोनों उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा बढ़ाने के साथ‑साथ निर्बाध यातायात सुनिश्चित करेगा। इसके अतिरिक्त, हावड़ा ज़िले में 421 करोड़ रु. की लागत से विकसित सांकराइल‑सांतरागाछी थर्ड लाइन प्रोजेक्ट को राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा, जिससे देश के सबसे व्यस्त रेल सेक्शनों में से एक पर रैकिंग में कमी, परिचालन क्षमता में वृद्धि और यात्री तथा मालगाड़ियों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित होगी। ये सभी रेल परियोजनाएं माल एवं यात्री परिवहन को तेज और सुरक्षित बनाने के साथ‑साथ औद्योगिक निवेश, पर्यटन और लॉजिस्टिक क्षेत्र के विकास को नयी गति देंगी। इससे पूर्वी भारत, विशेषकर पश्चिम बंगाल के लिए 'गति‑शक्ति' की भावना और मज़बूत होगी तथा रोजगार के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष अवसरों में वृद्धि होगी।त्र</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 18:10:40 +0530</pubDate>
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                <title>“मंगलम मेगा इंडस्ट्रियल पार्क” में विकास कार्यों ने पकड़ी रफ्तार, उद्योगों की शुरुआत भी हुई </title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के सीकर रोड (चोमू) में मंगलम मेगा इंडस्ट्रियल पार्क का निर्माण तेजी से जारी है। VKIA से मात्र 35 मिनट की दूरी पर स्थित इस पार्क में प्रशासनिक कार्यालय, मुख्य द्वार और 5-6 औद्योगिक इकाइयों का काम शुरू हो चुका है। यहाँ RIPS छूट, 33 KV GSS और 80 फीट चौड़ी सड़कें जैसी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/development-works-gained-momentum-in-%E2%80%9Cmangalam-mega-industrial-park%E2%80%9D-industries/article-156016"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/manglam.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। MIC और MIC-2 की शानदार सफलता के बाद मंगलम बिल्डर्स का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट “मंगलम मेगा इंडस्ट्रियल पार्क” तेजी से आकार ले रहा है। इटावा, सीकर रोड, चोमू (जयपुर) में विकसित हो रहा यह आधुनिक इंडस्ट्रियल पार्क उद्योगों के लिए एक नए केंद्र के रूप में उभर रहा है। VKIA से मात्र 35 मिनट की दूरी पर स्थित होने के कारण इसकी कनेक्टिविटी भी निवेशकों और उद्यमियों को आकर्षित कर रही है। प्रोजेक्ट के डीजीएम विजय सिंह ने बताया कि पार्क में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। प्रोजेक्ट का प्रशासनिक कार्यालय एवं मुख्य प्रवेश द्वार (Main Gate) पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 5 से 6 औद्योगिक इकाइयों का निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है। इससे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि पार्क में 33 केवी के समर्पित GSS का कार्य प्रगति पर है तथा ओवरहेड टैंक के माध्यम से जल आपूर्ति व्यवस्था विकसित की जा रही है। इसके अलावा 80 फीट चौड़ी डामर सड़कें, पूर्ण औद्योगिक स्वीकृति, RIPS के तहत स्टांप ड्यूटी में छूट, लोन एवं सब्सिडी सुविधाएं, गेटेड एंट्री के साथ 24×7 सुरक्षा, EV चार्जिंग स्टेशन, ट्रक पार्किंग, हरित पार्क, स्ट्रीट लाइट्स और भव्य प्रवेश द्वार जैसी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। मंगलम समूह के अनुसार, यह प्रोजेक्ट उद्योगों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकसित किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 17:54:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्ट्रैटेजिक रेल प्रोजेक्ट की तैयारी: होर्मुज जलडमरूमध्य के विकल्प के लिए तुर्की-सऊदी अरब में बड़ी रेल कनेक्टिविटी पर चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[तुर्की और सऊदी अरब होर्मुज जलडमरूमध्य के विकल्प के रूप में एक विशाल रेल मार्ग पर चर्चा कर रहे हैं, जिसका अंतिम लक्ष्य ओमान तक कनेक्टिविटी बढ़ाना है। ऐतिहासिक हिजाज़ रेलवे पर आधारित यह प्रोजेक्ट सीरिया और जॉर्डन से होकर गुजरेगा, जिससे क्षेत्रीय परिवहन और व्यापार को एक नया सुरक्षित मार्ग मिलेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/turkey-and-saudi-arabia-discuss-rail-route-as-an-alternative/article-155934"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/saudi-arab.png" alt=""></a><br /><p>इस्तांबुल। तुर्की और सऊदी अरब एक ऐसे रेल मार्ग को लेकर बातचीत कर रहे हैं, जिसे आगे चलकर ओमान तक बढ़ाने की योजना है और जो होर्मुज जलडमरूध्य के विकल्प के रूप में काम करेगी। तुर्की के परिवहन मंत्री अब्दुलकादिर उरालोग्लू ने बताया कि यह रेल मार्ग काफी हद तक हिजाज़ रेलवे के रास्ते पर आधारित है। उन्होंने कहा, "पहले चरण में तुर्की की सीमा से सीरिया के अलेप्पो तक रेल पटरी का निर्माण करना ज़रूरी है। वहाँ से दमिश्क तक का एक हिस्सा पहले से ही बना हुआ है... जॉर्डन और सऊदी अरब की सीमा वाले हिस्से पर कोई रेलवे नहीं है, हम अभी सऊदी अरब के साथ इसके रास्ते पर चर्चा कर रहे हैं कि यह रास्ता रियाद की ओर मुड़ेगा या इसे हिजाज़ तक लाया जाएगा। </p>
<p>हमारा अंतिम लक्ष्य ओमान तक रेल मार्ग बनाना है। वास्तव में, हम होर्मुज जलडमरूमध्य से बचे रहकर निकलने वाले रास्ते की बात कर रहे हैं।" गौरतलब है कि सऊदी अरब के हिजाज़ क्षेत्र में मक्का और मदीना के बीच पहले से ही एक तेज़ गति वाली रेल लाइन मौजूद है। उरालोग्लू ने मार्च में कहा था कि तुर्की ऐतिहासिक हिजाज़ रेलवे के उस हिस्से को फिर से चालू करने के लिए दमिश्क सीरिया के साथ बातचीत कर रहा था जो कभी इन देशों को आपस में जोड़ता था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 13:18:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>औद्योगिक कनेक्टिविटी को मिलेगी मजबूती: रीको और पीडब्ल्यूडी मिलकर करेंगे सड़कों का निर्माण</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में औद्योगिक कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए रीको और PWD मिलकर 50-50% वित्तीय साझेदारी से 38 एप्रोच सड़कों का विकास करेंगे। PWD ने ₹290.82 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी है, जिससे 16 जिलों के औद्योगिक क्षेत्रों की लगभग 205 किलोमीटर लंबी सड़कों का सुदृढ़ीकरण और चौड़ीकरण होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/industrial-connectivity-will-be-strengthened-rico-and-pwd-will-jointly/article-155896"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/ricco.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। रीको द्वारा राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों की बेहतर कनेक्टिविटी एवं आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। राज्य के कई रीको औद्योगिक क्षेत्र राज्य राजमार्गों से जुड़े हुए हैं, जहां उद्योगों के कच्चे माल और तैयार उत्पादों के सुगम परिवहन हेतु सड़कों का निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण आवश्यक है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए रीको एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा 38 सड़कों का विकास कोस्ट शेयरिंग मॉडल पर किया जायेगा। इसके अंतर्गत कुल व्यय का 50 प्रतिशत भाग रीको द्वारा वहन किया जायेगा। रीको के 38 औद्योगिक क्षेत्रों की एप्रोच सड़कों की पहचान की गई है, जो सार्वजनिक निर्माण विभाग से संबंधित हैं।</p>
<p>इन सड़कों की कुल लंबाई लगभग 205 किलोमीटर है, जिनके सुदृढ़ीकरण एवं चौड़ीकरण पर लगभग 290 करोड़ रुपये का व्यय होगा। ये सड़कें आबूरोड, अजमेर, बालोतरा, बांसवाड़ा, भरतपुर, भीलवाड़ा, चुरू, दौसा, जयपुर, जालौर, झालावाड़, कोटा, नीमराना, सवाई माधोपुर, श्रीगंगानगर और उदयपुर के औद्योगिक क्षेत्रों को लाभान्वित करेंगी। इन सड़कों के निर्माण, चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य सार्वजनिक निर्माण विभाग, राजस्थान सरकार के माध्यम से किया जायेगा, जिसमें रीको और पीडब्ल्यूडी की 50-50 प्रतिशत वित्तीय साझेदारी होगी। सार्वजानिक निर्माण विभाग (PWD) ने 205 किमी लंबी 38 सड़को के निर्माण के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति राशि रुपये 290.82 करोड़ दिनांक 06.05.2026 को जारी कर दी गयी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 18:32:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईंधन संकट का असर: जयपुर से 7 उड़ानें बंद, मुंबई-दिल्ली रूट सबसे ज्यादा प्रभावित</title>
                                    <description><![CDATA[वैश्विक ईंधन संकट के चलते एयरलाइंस कंपनियों ने जयपुर एयरपोर्ट से सात नियमित उड़ानें बंद कर दी हैं। इसमें मुंबई-नवी मुंबई की चार, दिल्ली की दो और बेंगलुरु की एक फ्लाइट शामिल है। उड़ानों में इस कटौती से यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है और हवाई किराया महंगा होने के आसार हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/impact-of-fuel-crisis-7-flights-closed-from-jaipur-mumbai-delhi/article-155581"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/airport-jaipur.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। वैश्विक स्तर पर उभर रहे ईंधन संकट का असर अब देश के विमानन क्षेत्र पर भी दिखाई देने लगा है। एयरलाइंस कंपनियों ने परिचालन लागत बढ़ने और ईंधन उपलब्धता से जुड़ी चुनौतियों के चलते कई उड़ानों में कटौती शुरू कर दी है। इसका प्रभाव जयपुर एयरपोर्ट पर भी पड़ा है, जहां आज से सात नियमित उड़ानों का संचालन बंद किया जा रहा है। सबसे अधिक असर मुंबई रूट पर देखने को मिलेगा। जयपुर से मुंबई और नवी मुंबई के लिए संचालित होने वाली चार उड़ानें बंद रहेंगी। इनमें सुबह 6 बजे की एयर इंडिया फ्लाइट, दोपहर 1:40 बजे की स्पाइसजेट फ्लाइट, दोपहर 3:55 बजे की इंडिगो की नवी मुंबई फ्लाइट तथा शाम 7:40 बजे की एयर इंडिया की मुंबई फ्लाइट शामिल हैं। इसके अलावा दिल्ली के लिए संचालित एयर इंडिया की दो उड़ानें भी प्रभावित होंगी। </p>
<p>दोपहर 1:40 बजे और शाम 5:10 बजे दिल्ली जाने वाली उड़ानों का संचालन बंद रहेगा। वहीं रात 10:55 बजे जयपुर से बेंगलुरु के लिए उड़ान भरने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस की सेवा भी स्थगित कर दी गई है। हवाई यात्रा पर बढ़ते दबाव के बीच इन उड़ानों के बंद होने से यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईंधन संकट की स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो आने वाले दिनों में अन्य रूटों पर भी उड़ानों में कटौती की जा सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 10:25:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान को मिलेगी 200 नई ट्रेनों की सौगात, रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर का होगा बड़ा विस्तार</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राजस्थान में 200 से अधिक नई ट्रेनों के संचालन की घोषणा की है। जालोर-दिल्ली नई रेल सेवा के शुभारंभ पर उन्होंने बताया कि प्रदेश में 20 नई पिट लाइनों का निर्माण और जयपुर के पास अत्याधुनिक मेगा कोचिंग टर्मिनल विकसित किया जा रहा है, जिससे रेलवे की क्षमता दोगुनी हो जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-will-get-the-gift-of-200-new-trains-there/article-155107"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/railway-minister-as.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में रेलवे विकास को नई रफ्तार देते हुए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि आने वाले समय में प्रदेश को 200 से अधिक नई ट्रेनों की सौगात मिलेगी। जालोर को पहली बार दिल्ली से जोड़ने वाली नई रेल सेवा के शुभारंभ के अवसर पर उन्होंने बताया कि उत्तर पश्चिम रेलवे में तेजी से आधुनिक रेल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है, जिससे नई ट्रेनों के संचालन की क्षमता बढ़ेगी। रेल मंत्री ने कहा कि राजस्थान में पिट लाइनों, कोचिंग टर्मिनलों, यार्ड आधुनिकीकरण, दोहरीकरण, ट्रैक स्पीड बढ़ाने और स्टेशन पुनर्विकास जैसे बड़े कार्य किए जा रहे हैं।</p>
<p>इन परियोजनाओं से ट्रेनों के रखरखाव, धुलाई और तकनीकी परीक्षण की क्षमता मजबूत होगी तथा रेल संचालन अधिक सुगम बनेगा। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी Amit Sudarshan के अनुसार वर्तमान में रेलवे के पास 22 पिट लाइनें हैं, जबकि मदार, उमरा, लालगढ़, श्रीगंगानगर, हिसार, सूरतगढ़, खातीपुरा, बाड़मेर और जैसलमेर सहित विभिन्न स्थानों पर 20 नई पिट लाइनों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। इसके अलावा जयपुर के निकट भट्टो की गली में मेगा कोचिंग टर्मिनल विकसित करने की योजना है, जहां वंदे भारत समेत अन्य ट्रेनों के अनुरक्षण के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।</p>
<p>रेलवे का मानना है कि इन परियोजनाओं से उत्तर पश्चिम रेलवे की रखरखाव क्षमता लगभग दोगुनी हो जाएगी, जिससे प्रदेश में नई रेल सेवाओं के संचालन का मार्ग प्रशस्त होगा। रेलवे के इस बड़े विस्तार से राजस्थान के सीमावर्ती, ग्रामीण और औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-will-get-the-gift-of-200-new-trains-there/article-155107</link>
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                <pubDate>Tue, 26 May 2026 18:03:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली में क्वाड देशों की बैठक जारी, जयशंकर ने कहा-हिन्द प्रशांत क्षेत्र के मुद्दों के समाधान के लिए विश्वसनीय और पारदर्शी साझेदारी जरूरी</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने नई दिल्ली में क्वाड देशों (अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया) के विदेश मंत्रियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि एक स्वतंत्र, खुला और सुरक्षित हिंद-प्रशांत क्षेत्र सुनिश्चित करना सभी की साझा जिम्मेदारी है। बैठक में समुद्री सुरक्षा, मजबूत आपूर्ति श्रृंखला और रणनीतिक विश्वास बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/meeting-of-quad-countries-continues-in-delhi-jaishankar-said/article-155007"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/s-jaishankar.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि स्वतंत्र और खुला हिंद-प्रशांत क्षेत्र सुनिश्चित करना क्वाड देशों की साझा जिम्मेदारी है और विश्वसनीय तथा पारदर्शी साझेदारियों के बल पर ही इसे बेहतर ढंग से किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर आपूर्ति शृंखला की सुदृढ़ता, संपर्क मार्गों के अवरोध बिंदु, विनिर्माण एवं संसाधन तथा महत्त्वपूर्ण अवसंरचना में कमी जैसे मुद्दों पर भी क्वाड देशों को ध्यान देना होगा।</p>
<p>जयशंकर ने मंगलवार को यहां भारत की मेजबानी में हो रही क्वाड देशों की बैठक में वहां के विदेश मंत्रियों, आस्ट्रेलिया की पेनी वोंग , जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी और अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो का स्वागत करते हुए यह बात कही। विदेश मंत्री ने अपनी प्रारंभिक टिप्पणी में कहा कि बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर विशेष फोकस रहेगा इसके अलावा वैश्विक स्तर पर आपूर्ति शृंखला की सुदृढ़ता, संपर्क मार्गों के अवरोध बिंदु, विनिर्माण एवं संसाधनों को बढाने तथा महत्त्वपूर्ण अवसंरचना में कमियों जैसे मुद्दों का समाधान भी महत्वपूर्ण है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र की अपनी विशिष्ट चिंताएँ भी हैं। इसके लिए रणनीतिक विश्वास को बढ़ाना, समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करना, आर्थिक विकल्पों को प्रोत्साहित करना तथा गहरे सहयोगात्मक दृष्टिकोण को विकसित करना आवश्यक होगा। उन्होंंने कहा कि यह कार्य विश्वसनीय तथा पारदर्शी साझेदारियों को बढ़ावा देकर सबसे बेहतर ढंग से किया जा सकता है। जयशंकर ने कहा कि बीते समय में हमारे अधिकारियों ने समुद्री सुरक्षा, महत्त्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों, आर्थिक सुदृढ़ता तथा मानवीय सहायता एवं आपदा राहत जैसे प्रमुख प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा,"हमने अनेक पहलों में उत्साहजनक प्रगति देखी है। समुद्री लोकतंत्रों, बहुलतावादी समाजों और बाज़ार आधारित अर्थव्यवस्थाओं के रूप में, एक स्वतंत्र और खुला हिंद-प्रशांत सुनिश्चित करने की साझा जिम्मेदारी हमारी है। यह क्षेत्र वैश्विक विकास और स्थिरता का प्रेरक बना रहना चाहिए। हमें विश्वास है कि आज हमारी विचार-विमर्श प्रक्रिया इस बात को रेखांकित करेगी और उपयोगी एवं फलदायी सिद्ध होगी।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 May 2026 13:23:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>यात्रिगण कृपया ध्यान दें! जयपुर–शारजाह फ्लाइट रद्द, अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले यात्रियों में नाराजगी</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर एयरपोर्ट पर रविवार को एयर इंडिया एक्सप्रेस की शारजाह जाने वाली उड़ान तकनीकी कारणों से रद्द कर दी गई। रात 1:45 बजे प्रस्थान करने वाली इस फ्लाइट के निरस्त होने से यात्रियों को भारी असुविधा हुई। कनेक्टिंग फ्लाइट्स और होटल बुकिंग प्रभावित होने के कारण अंतरराष्ट्रीय यात्रियों ने एयरपोर्ट पर जमकर नाराजगी जताई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/passengers-please-note-jaipur-sharjah-flight-canceled-anger-among-international-travelers/article-152527"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/delhi-airport.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। रविवार को एयर इंडिया एक्सप्रेस की जयपुर–शारजाह उड़ान संचालन कारणों के चलते रद्द कर दी गई, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। यह फ्लाइट जयपुर से रात 1:45 बजे शारजाह के लिए रवाना होने वाली थी, जबकि शारजाह से सुबह 10:05 बजे जयपुर पहुंचने का निर्धारित समय था। फ्लाइट रद्द होने की सूचना मिलने के बाद एयरपोर्ट पर पहुंचे यात्रियों को अचानक अपनी यात्रा योजनाओं में बदलाव करना पड़ा। कई यात्रियों को होटल बुकिंग, कनेक्टिंग फ्लाइट और अन्य जरूरी कार्यक्रमों पर असर पड़ने की शिकायत रही।</p>
<p>एयरलाइन की ओर से यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था और रिफंड की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। अचानक उड़ान रद्द होने से खासकर अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले यात्रियों में नाराजगी देखी गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 17:30:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीएम मोदी ने किया गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण :  देश के विकास को गति और शक्ति देगा ; औद्योगिक निवेश, कृषि विपणन, लॉजिस्टिक्स और क्षेत्रीय संतुलन में गेमचेंजर होगी साबित </title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हरदोई में ₹36,230 करोड़ की लागत वाले 594 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। मेरठ से प्रयागराज को जोड़ने वाला यह प्रोजेक्ट औद्योगिक विकास और रोजगार के लिए गेमचेंजर साबित होगा। 12 जिलों से गुजरने वाला यह एक्सप्रेसवे यूपी की अर्थव्यवस्था और कनेक्टिविटी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-will-inaugurate-the-594-km-long-ganga-expressway/article-152041"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/ganga.png" alt=""></a><br /><p>हरदोई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरदोई की मंच से रिमोट का बटन दबाकर 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे को देश को समर्पित कर दिया है। इस दौरान करीब एक लाख से ज्यादा लोग मौजूद थे। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा गंगा एक्सप्रेसवे देश के विकास को गति और शक्ति देगा जिससे देश को आर्थिक सहायता मिलेगी। इस प्रोजेक्ट को तैयार होने में लगभग 36,230 करोड़ की लागत आई है। गंगा एक्सप्रेसवे से मेरठ और प्रयागराज के बीच यात्रा का समय वर्तमान में करीब 10-12 घंटे का लगता था जो कि अब घटकर लगभग 6 घंटे होने की उम्मीद है. रिपोर्ट के अनुसार, गंगा एक्सप्रेसवे के लिए किसानों से करीब 18 हजार एकड़ जमीनें ली गई हैं।</p>
<p><img src="https://edata.ndtv.com/feeds/liveblog/11423430/639130628975315429.jpeg" alt="639130628975315429.jpeg"></img></p>
<p>मेरठ से प्रयागराज के बीच करीब 36,230 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी हरदोई के मल्लावां कस्बे में करेंगे।इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ,राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अलावा केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत तमाम गणमान्य मौजूद होंगे। प्रधानमंत्री इस मौके पर एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में करीब दो लाख लोगो की भीड़ जुटने की उम्मीद है। सुरक्षा व्यवस्था से लेकर गर्मी में आने वाले लोगो के लिए पेयजल, चिकित्सा से लेकर तमाम जरुरी प्रबंध किये गए है।</p>
<p><img src="https://edata.ndtv.com/feeds/liveblog/11423430/639130605610228378.jpg" alt="639130605610228378.jpg"></img></p>
<p>माना जा रहा है कि यह एक्सप्रेसवे प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों को जोड़ने वाली लाइफलाइन साबित होगा। इसके साथ ही यह औद्योगिक विकास, स्वरोजगार और रोजगार के नए अवसर पैदा कर कई जिलों के आर्थिक विकास में मील का पत्थर बनेगा। इस परियोजना की आधारशिला वर्ष 2021 में प्रधानमंत्री द्वारा शाहजहांपुर में रखी गई थी, जो अब 2026 में बनकर तैयार हो चुकी है। लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री करीब एक घंटा 40 मिनट तक हरदोई में रहेंगे।</p>
<p><img src="https://edata.ndtv.com/feeds/liveblog/11423430/639130620534835625.jpg" alt="639130620534835625.jpg"></img></p>
<p>निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री वाराणसी से सुबह 10:30 बजे लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां से एम-17 हेलीकॉप्टर के जरिए 11:15 बजे मल्लावां स्थित समारोह स्थल के पास बने हेलीपैड पर उतरेंगे। लोकार्पण कार्यक्रम के बाद पीएम मोदी यहां से 12:55 पर लखनऊ एयरपोर्ट के लिये प्रस्थान कर जायेंगे। गंगा एक्सप्रेस वे पर बने हेलीपैड पर आगमन के बाद प्रधानमंत्री गंगा एक्सप्रेसवे वाटिका में हरिशंकरी का पौधरोपण करेंगे। इसके बाद वह एक्सप्रेसवे का निरीक्षण करेंगे और जनसभा स्थल पर लगी प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। साथ ही निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों को सम्मानित भी करेंगे। इसके पश्चात प्रधानमंत्री मुख्य पंडाल में पहुंचकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ जनसभा को संबोधित करेंगे।</p>
<p><img src="https://edata.ndtv.com/feeds/liveblog/11423430/639130624452773573.jpg" alt="639130624452773573.jpg"></img></p>
<p>कार्यक्रम में करीब 2 लाख लोगों के शामिल होने की संभावना है। इसके लिए 144 हेक्टेयर क्षेत्र में व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। भीड़ प्रबंधन के लिए पार्किंग, आवागमन और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। सभा स्थल पर बने पंडाल में 13 कॉलम और 78 ब्लॉक तैयार किए गए हैं। गर्मी को देखते हुए पंडाल में कूलर और पंखों की व्यवस्था के साथ मंच पर एसी लगाए गए हैं। पेयजल के लिए 500 पानी के टैंकर और 200 मोबाइल शौचालय की व्यवस्था की गई है। निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए पावर हाउस से विशेष प्रबंध किए गए हैं। स्वास्थ्य सेवाओं के तहत मेडिकल कॉलेज के आईसीयू को सेफ हाउस के रूप में तैयार किया गया है, वहीं मौके पर भी मेडिकल टीम तैनात रहेगी।</p>
<p><img src="https://edata.ndtv.com/feeds/liveblog/11423430/639130628261117332.jpg" alt="639130628261117332.jpg"></img></p>
<p>जनसभा में आने वाले लोगों के लिए नाश्ता, भोजन और पानी की व्यवस्था की गई है। परिवहन के लिए उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की 2600 बसें लगाई गई हैं, जिनमें प्रति बस 45 यात्रियों को लाने-ले जाने की व्यवस्था होगी। यात्रियों को यात्रा के दौरान नाश्ता और सभा स्थल पर भोजन के लिए लंच पैकेट भी उपलब्ध कराए जाएंगे। मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबा हाईस्पीड कॉरिडोर है। यह परियोजना न केवल प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देगी, बल्कि औद्योगिक निवेश, कृषि विपणन, लॉजिस्टिक्स और क्षेत्रीय संतुलन के लिहाज से भी गेमचेंजर साबित होगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वांचल से सीधे जोड़ने वाला यह एक्सप्रेसवे राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ-साथ 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को भी मजबूती प्रदान करेगा।</p>
<p><img src="https://edata.ndtv.com/feeds/liveblog/11423430/639130632765754294.jpeg" alt="639130632765754294.jpeg"></img></p>
<p>गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जैसे 12 महत्वपूर्ण जिलों को जोड़ता है। इस हाई-स्पीड मार्ग के चालू होने से इन क्षेत्रों के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। जहां पहले लंबी दूरी तय करने में कई घंटे लगते थे, अब यह सफर तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगा। इसके साथ ही, माल परिवहन की लागत में कमी आने से उद्योगों और व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलेगी। गंगा एक्सप्रेसवे को पीपीपी मॉडल पर विकसित किया गया है, जो सार्वजनिक-निजी भागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है। इसे फिलहाल छह लेन में तैयार किया गया है, लेकिन भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इसे 8 लेन तक विस्तार योग्य बनाया गया है। 120 किमी प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड के साथ यह एक्सप्रेसवे तेज और सुगम यातायात सुनिश्चित करेगा। उच्च गुणवत्ता के निर्माण, चौड़े राइट ऑफ वे और मजबूत सेफ्टी फीचर्स इसे देश के सबसे आधुनिक एक्सप्रेसवे में शामिल करते हैं।</p>
<p><img src="https://edata.ndtv.com/feeds/liveblog/11423430/639130597382749566.jpg" alt="639130597382749566.jpg"></img></p>
<p>इस एक्सप्रेसवे की एक खास विशेषता शाहजहांपुर के पास बनाई गई लगभग 3.2 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप है, जहां आपात स्थिति में वायुसेना के विमान उतर सकते हैं। इसके अलावा, पूरे मार्ग पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस), सीसीटीवी निगरानी, इमरजेंसी कॉल बॉक्स, एम्बुलेंस और पेट्रोलिंग की व्यवस्था की गई है। वाहनों की गति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं, जिससे यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा। गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित किए जा रहे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर्स (आईएमएलसी) इस परियोजना की सबसे बड़ी ताकत हैं। इन क्लस्टर्स में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स, वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज, फूड प्रोसेसिंग और लॉजिस्टिक्स हब स्थापित किए जाएंगे। सरकार द्वारा दी जा रही कैपिटल सब्सिडी, एसजीएसटी रिइम्बर्समेंट, स्टाम्प ड्यूटी छूट, पावर इंसेंटिव और पीले टॉप-अप जैसी सुविधाएं निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं। इससे प्रदेश में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश आएगा और लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।</p>
<p><img src="https://www.rashtriyaprastavana.com/wp-content/uploads/2026/04/WhatsApp-Image-2026-04-28-at-2.27.22-PM-1-1024x576.jpeg" alt="हरदोई के मल्लावां में ऐतिहासिक पल: प्रधानमंत्री मोदी करेंगे गंगा एक्सप्रेसवे  का लोकार्पण - Rashtriya Prastavana"></img></p>
<p>गंगा एक्सप्रेसवे को प्रदेश के अन्य प्रमुख एक्सप्रेसवे (पूर्वांचल, आगरा-लखनऊ, बुंदेलखंड और गोरखपुर लिंक) से जोड़ा जा रहा है। इससे उत्तर प्रदेश में एक इंटरकनेक्टेड एक्सप्रेसवे नेटवर्क तैयार होगा, जो देश में सबसे बड़ा होगा। बेहतर कनेक्टिविटी से न केवल लोगों की आवाजाही आसान होगी, बल्कि माल ढुलाई तेज और सस्ती हो जाएगी, जिससे लॉजिस्टिक्स सेक्टर को नई गति मिलेगी। एक्सप्रेसवे के दोनों ओर कृषि आधारित उद्योग, मंडियां, कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउस विकसित किए जाएंगे। इससे किसानों को अपनी उपज के लिए बेहतर बाजार मिलेगा और उन्हें उचित मूल्य प्राप्त होगा। इसके साथ ही, पिछड़े क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे क्षेत्रीय असंतुलन कम होगा और समग्र विकास सुनिश्चित होगा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 12:49:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जम्मू-कश्मीर को बड़ी सौगात : शिवराज सिंह चौहान ने 3566 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं को दी मंजूरी, बोले-विकास के लिए &quot;दिल के द्वार भी खुले हैं और दिल्ली के द्वार भी</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जम्मू-कश्मीर के लिए ₹3566 करोड़ की सड़क परियोजनाओं का पत्र सीएम उमर अब्दुल्ला को सौंपा। साथ ही महिलाओं के लिए ₹4568 करोड़ की वित्तीय सहायता जारी की। केंद्र ने 'लखपति दीदी' और एकीकृत कृषि मॉडल के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और दूरदराज के क्षेत्रों को जोड़ने का संकल्प दोहराया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/a-big-gift-of-development-to-jammu-and-kashmir-shivraj/article-151971"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/shivraj.png" alt=""></a><br /><p>श्रीनगर। केंद्रीय ग्रामीण विकास और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को यहां प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 3566 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजनाओं का स्वीकृति पत्र मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को सौंपा। केंद्रीय मंत्री ने इस अवसर पर 'दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन' के तहत 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए 4568.23 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि भी जारी की। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।</p>
<p>शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार केवल सड़कें बनाने के लिए नहीं, बल्कि दिल से दिल जोड़ने के संकल्प के साथ आई है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए "दिल के द्वार भी खुले हैं और दिल्ली के द्वार भी।" उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के दोनों चरणों में जम्मू-कश्मीर को प्राथमिकता दी गई है। यह इस बात का सुबूत है कि केंद्र सरकार इस इलाके के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि एक ही साल में राज्य के लिए लगभग 8,000 करोड़ रुपये की सड़कों की स्वीकृति एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इसकी मदद से हर गांव और दूरदराज की आबादी को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा।</p>
<p>शिवराज सिंह चौहान ने महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि अब लक्ष्य केवल 'लखपति दीदी' बनाना नहीं, बल्कि उन्हें सशक्त उद्यमी बनाना है। कृषि के मुद्दे पर उन्होंने घोषणा की कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के वैज्ञानिकों की एक टीम जल्द ही जम्मू-कश्मीर आयेगी, जो यहां की जलवायु और मिट्टी का अध्ययन कर खेती को लाभकारी बनाने का विस्तृत रोडमैप तैयार करेगी। उन्होंने छोटे किसानों के लिए 'इंटीग्रेटेड फार्मिंग' (एकीकृत कृषि) को आय बढ़ाने का सबसे प्रभावी मॉडल बताया।</p>
<p>मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्रीय मंत्री का स्वागत करते हुए उन्हें जम्मू-कश्मीर का "सच्चा मित्र और हमदर्द" बताया। उन्होंने कहा, "एक ही फेज में 8,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की मंजूरी कोई मामूली बात नहीं है। राज्य सरकार इन कार्यों को तेजी से जमीन पर उतारेगी।"<br />मुख्यमंत्री ने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले इस राज्य में सड़क संपर्क जीवन बदलने वाला माध्यम है, जिससे स्कूल, अस्पताल और बाजारों तक लोगों की पहुंच आसान होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र के इस सहयोग से ग्रामीण अर्थव्यवस्था और बागवानी क्षेत्र में वास्तविक बदलाव आएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 15:42:55 +0530</pubDate>
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