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                <title>distribute - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>राशन के गेहूं में रेत, कंकर और मिट्टी मिलने पर हंगामा</title>
                                    <description><![CDATA[ रावतभाटा के पुराना बाजार स्थित राशन की दुकान का मामला।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/uproar-ensues-after-sand--pebbles--and-soil-found-in-ration-wheat/article-155283"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(4)50.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-size:14pt;line-height:115%;font-family:Mangal;">रावतभाटा। रावतभाटा में राशन वितरण व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। पुराना बाजार स्थित एक राशन डीलर की दुकान से वितरित किए गए गेहूं में रेत, मिट्टी और कंकर मिलने के बाद उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया है।जानकारी के अनुसार रावतभाटा के पुराना बाजार स्थित एक राशन डीलर की दुकान से वितरित किए गए गेहूं की गुणवत्ता को लेकर उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी देखने को मिली। लोगों का आरोप है कि राशन में गेहूं के साथ बड़ी मात्रा में रेत, मिट्टी और कंकर मिले हुए हैं, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:14pt;line-height:115%;font-family:Mangal;"><span> </span></span><span style="font-size:14pt;line-height:115%;font-family:Mangal;">स्थानीय महिला अनिता ने बताया कि राशन लेकर घर पहुंचने के बाद जब गेहूं को साफ करने के लिए बाहर निकाला गया तो उसमें भारी मात्रा में रेत और मिट्टी मिली। इसके बाद उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और राशन डीलर से शिकायत दर्ज कराई। लोगों ने कहा कि यदि ऐसा गेहूं देना है तो राशन देना ही बंद कर दिया जाए।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:14pt;line-height:115%;font-family:Mangal;">भाजपा नेत्री ने जताई नाराजगी</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:14pt;line-height:115%;font-family:Mangal;">इस मामले पर भाजपा की नगर मंडल उपाध्यक्ष जया भारती ने भी नाराजगी जताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं स्थानीय लोगों ने गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि मजदूरी छोड़कर घंटों लाइन में लगकर राशन लेने आते हैं, लेकिन बदले में खराब अनाज मिल रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:14pt;line-height:115%;font-family:Mangal;">वार्ड नंबर 13 के परिवारों ने भी की शिकायत</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:14pt;line-height:115%;font-family:Mangal;">मामला केवल एक परिवार तक सीमित नहीं रहा। वार्ड नंबर 13 के कई परिवारों ने भी खराब गुणवत्ता वाले गेहूं मिलने की शिकायत की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि राशन वितरण के दौरान गेहूं की ठीक से जांच तक नहीं करने दी जा रही।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:14pt;line-height:115%;font-family:Mangal;">राशन डीलर ने दी सफाई</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:14pt;line-height:115%;font-family:Mangal;">मामे दी हट्टी के नाम से दुकान संचालित कर रहे राशन डीलर लोकेश अरोड़ा ने सफाई देते हुए कहा कि पहले भी कुछ उपभोक्ताओं की शिकायत मिलने पर गेहूं बदलकर दिया गया है। डीलर का कहना है कि गेहूं सप्लाई में ही खराब गुणवत्ता का आया है और इसमें उनका कोई दोष नहीं है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जिन उपभोक्ताओं को शिकायत है, उनका गेहूं बदल दिया जाएगा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:14pt;line-height:115%;font-family:Mangal;">डीलर को निर्देशित किया गया है कि गेहूं की जांच के बाद ही वितरण किया जाए। साथ ही जहां-जहां शिकायतें मिली हैं, वहां उपभोक्ताओं का गेहूं बदलकर देने के निर्देश जारी किए गए हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:14pt;line-height:115%;font-family:Mangal;">- इरफान कुरैशी, रसद अधिकारी</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 May 2026 15:47:22 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का - कृषि पर्यवेक्षक व राजस्व अधिकारियों की उपस्थिति में ही बांटें खाद</title>
                                    <description><![CDATA[सर्द रात के बावजूद भारी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने रात्रि चौपाल में उपस्थित होकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news--distribute-fertilizer-only-in-the-presence-of-agricultural-supervisors-and-revenue-officials/article-132236"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/_4500-px)-(7)1.png" alt=""></a><br /><p>कोटा।  जिले में रबी सीजन की बुवाई का दौर तेज होते ही खाद की डिमांड बढ़ गई है। ऐसे में किसानों को खाद के संकट का सामना करना पड़ रहा है। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने जिले में खाद के संकट को गम्भीरता से लेते हुए अब  कृषि पर्यवेक्षक और राजस्व अधिकारियों की उपस्थिति में ही किसानों को खाद का वितरण करने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार रात को कनवास क्षेत्र के विभिन्न गांवों में रात्रि चौपाल की। सर्द रात के बावजूद भारी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने रात्रि चौपाल में उपस्थित होकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया। इस दौरान ग्रामीणों की शिकायत पर मंत्री नागर ने खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।</p>
<p><strong>खाद की कालाबाजारी की शिकायत</strong><br />रात्रि चौपाल के दौरान किसानों ने खाद न मिलने और विक्रेता द्वारा कालाबाजारी की शिकायत की। किसानों ने खाद विक्रेताओं द्वारा तय कीमत से अधिक वसूलने के भी आरोप लगाए। जिस पर ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने तुरंत कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक अतीश कुमार शर्मा से फोन पर वार्ता की। उन्होंने निर्देश दिए कि प्राइवेट और अन्य खाद विक्रेता के जितने भी स्टॉक हैं, उन्हें रोककर आने वाला खाद आगे से कृषि पर्यवेक्षक और राजस्व अधिकारियों की उपस्थिति में ही बांटा जाए। उन्होंने कहा कि अनावश्यक अटैचमेंट न देकर सिर्फ खाद की बिक्री हो। जिससे किसानों की समस्या का समाधान हो सकेगा। </p>
<p><strong>नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था मामला</strong><br />जिले में खाद के संकट को लेकर दैनिक नवज्योति में गत 3 नवंबर को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया गया था। इसमें बताया था कि जिले में पिछले कुछ दिनों से लगातार हुई बारिश के बाद खेतों में पर्याप्त नमी आने से रबी फसलों की बुवाई तेजी से शुरू हो गई है। मौसम पूरी तरह अनुकूल होते ही किसानों ने खाद और बीज की खरीदारी आरंभ कर दी है। इससे सहकारी समितियों और निजी विक्रेताओं के यहां खाद की मांग अचानक बढ़ गई है। मांग बढ़ने से कई स्थानों पर खाद की किल्लत जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। किसानों को सुबह से ही खाद लेने के लिए समितियों के बाहर लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है। किसानों को खाद लेने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। इस दौरान कई स्थानों पर खाद के लिए किसानों को कतारों में लगना पड़ रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Nov 2025 13:05:20 +0530</pubDate>
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                <title>अब स्टेपनी डीलर नहीं कर सकेगा राशन वितरण, गेहूं वितरण में फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम</title>
                                    <description><![CDATA[सरकार ने पोस मशीनों को अपडेट करने का निर्णय किया था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/now--substitute-dealers-will-not-be-able-to-distribute-rations--fraud-in-wheat-distribution-will-be-curbed/article-132065"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/111-(2)12.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने जिले में राशन वितरण व्यवस्था को और पारदर्शी बनाने के लिए नई तकनीक लागू करने का निर्णय लिया है। अब उचित मूल्य दुकानों (राशन डिपो) पर पॉइंट आॅफ सेल (पोस) मशीनें केवल संबंधित डीलर के अंगूठे से ही संचालित होंगी। इससे किसी भी अन्य व्यक्ति द्वारा फर्जी वितरण, हेराफेरी या मशीन के गलत इस्तेमाल की संभावना खत्म हो जाएगी। सरकार के पास पूरे प्रदेश में गेहूं वितरण में गड़बड़ी होने की शिकायत पहुंच रही थी। ऐसे में सरकार ने पोस मशीनों को अपडेट करने का निर्णय किया था। इसके लिए गत दिनों पोस मशीनों ने नया साफ्टवेयर अपलोड किया गया है। ऐसे में अधिकृत राशन डीलर के फिंगरप्रिंट से पोस मशीन का संचालन हो सकेगा। जिससे अब राशन डीलर की जगह स्टेशनी डीलन राशन का वितरण नहीं कर पाएगा। </p>
<p><strong>ऐसे काम करेगा नया सिस्टम</strong><br />विभागीय सूत्रों के अनुसार पहले पोस मशीनें किसी भी व्यक्ति के लॉगिन से खुल जाती थीं, जिससे कई बार अनियमितताएं सामने आती थीं। जैसे राशन का वितरण किसी सहायक या अन्य व्यक्ति द्वारा किया जाना, लाभार्थियों से अनाज की कटौती या फर्जी एंट्री करना। अब नई व्यवस्था में मशीन तभी एक्टिव होगी जब संबंधित डीलर स्वयं बायोमेट्रिक स्कैनर पर अंगूठा लगाएगा। एक बार लॉगिन के बाद भी मशीन कुछ समय बाद आॅटो लॉक हो जाएगी, ताकि कोई और व्यक्ति इसका उपयोग न कर सके। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यह प्रणाली राजस्थान राज्य खाद्य विभाग के सर्वर से सीधे जुड़ी होगी, जिससे हर लेन-देन का रिकॉर्ड रियल टाइम में अपडेट होगा। इससे राशन वितरण की व्यवस्था में कोई गड़बड़ी नहीं हो पाएगी।</p>
<p><strong>पायलट प्रोजेक्ट सफल, अब सभी जगह लागू</strong><br />रसद विभाग की ओर से गत दिनों कुछ जिलों में इस नई व्यवस्था का परीक्षण किया था। परीक्षण के दौरान पाया गया कि जहां पहले वितरण में औसतन 5-7 मिनट लगते थे, अब नई प्रणाली में यह प्रक्रिया अधिक सटीक और सुरक्षित हो गई है। वहीं राशन वितरण में गड़बड़ी की संभावना भी समाप्त हो गई। पायलट प्रोजेक्ट सफल होने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से इस व्यवस्था को पूरे प्रदेश में लागू कर दिया गया है। कोटा जिले की सभी राशन की दुकानों पर अपडेट पोस मशीनों से गेहूं का वितरण शुरू हो गया है। जिले में अधिकृत राशन डीलरों के माध्यम से ही लाभार्थियों को गेहूं का वितरण किया जा रहा है।</p>
<p><strong>संभावित लाभ</strong><br />- फर्जी वितरण पर रोक<br />- डीलर की जवाबदेही सुनिश्चित<br />- उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ेगा<br />- शिकायतों का त्वरित निस्तारण संभव</p>
<p>पहले कभी-कभी राशन डीलर द्वारा कहा जाता था कि नाम कट गया या राशन निकल गया। अब अगर डीलर खुद अंगूठा लगाएगा तो गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं रहेगी।<br /><strong>- पुष्पा देवी, राशन लाभार्थी</strong></p>
<p>अब तक डीलर या उसके कर्मचारी द्वारा की जा रही फर्जी एंट्री की शिकायतें आती थीं। नई प्रणाली में जब तक डीलर स्वयं उपस्थित नहीं होगा, मशीन नहीं खुलेगी। इससे जवाबदेही तय होगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।<br /><strong>- कुशाल बिलाला, जिला रसद अधिकारी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Nov 2025 14:54:37 +0530</pubDate>
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                <title>प्लास्टिक केरी बैग्स का उपयोग नहीं करने की दिलाई शपथ </title>
                                    <description><![CDATA[व्यापारिक संस्थानों एवं स्थानीय दुकानों पर भी कपड़े के बैग वितरित कर प्रतिबंधित प्लास्टिक की वस्तुओं का उपयोग नहीं करने की शपथ दिलवा रहे है।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/oath-taken-not-to-use-plastic-carry-bags%C2%A0/article-86444"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/6611-copy9.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा समाज के प्रत्येक वर्ग को प्रतिबंधित प्लास्टिक उपयोग नहीं करने एवं प्रतिबंधित प्लास्टिक कैरी बैग्स के स्थान पर कपड़े के बैग का उपयोग करने के प्रति जागरूक करने के लिए वृहद स्तर पर चलायी जा रही जन- जागरूकता मुहिम के तहत मंडल के अधिकारियों  द्वारा कार्यालय समय के अतिरिक्त स्थानीय निवासियों के घर पर उन्हें न केवल कपड़े के बैग वितरित कर रहे है, बल्कि प्रतिबंधित प्लास्टिक केरी बैग्स का उपयोग नहीं करने के लिए शपथ भी दिलवा रहे है। इसी मुहिम के तहत अब मंडल के अधिकारी घर- घर तो जा ही रहे है। साथ ही व्यापारिक संस्थानों एवं स्थानीय दुकानों पर भी कपड़े के बैग वितरित कर प्रतिबंधित प्लास्टिक की वस्तुओं का उपयोग नहीं करने की शपथ दिलवा रहे है।  </p>
<p>राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के सदस्य सचिव एन विजय ने कहा कि आमजन की अपेक्षित एवं सार्थक भागीदारी के साथ प्रतिबंधित प्लास्टिक मुक्त राज्य की साकार होती संकल्पना बेहद खुशी का विषय है। उन्होंने कहा कि मंडल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा कार्यालय कार्यों के अतिरिक्त कपड़े के बैग वितरित कर प्रतिबंधित प्लास्टिक की वस्तुएं उपयोग न करने के लिए शपथ दिलवाना कहीं न कहीं न केवल सम्बंधित नागरिक की पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी को तय करता है, बल्कि अपने आस- पास एवं परिवारजनों में भी इस सन्देश को पहुंचाने व जागरूक करने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने मंडल अधिकारीयों एवं कर्मचारियों द्वारा उक्त मुहीम के तहत किये जा रहे सार्थक प्रयासों की प्रंशसा करते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ी के एक स्वस्थ एवं स्वच्छ वातावरण तैयार करना एवं समाज के सभी वर्गों को इस मुहीम में शामिल करना पर्यावरण संरक्षण के प्रति अहम कदम है।  </p>
<p>इस मौके पर मौजूद राज्य मानव अधिकार आयोग के सदस्य अशोक कुमार गुप्ता ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के इस अनूठे प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि मंडल द्वारा किये जा रहे प्रयास पर्यावरण संरक्षण की ओर बढ़ते सार्थक कदम है, जिसके तहत प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी बनती है कि वह इस मुहिम का हिस्सा बनते हुए प्रतिबंधित प्लास्टिक की वस्तुओं का उपयोग न करें एवं पर्यावरण संरक्षण में अहम भूमिका अदा करे। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 31 Jul 2024 18:51:39 +0530</pubDate>
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                <title>पौधारोपण के नाम कागज हो रहे हरे,जमीन अब भी सूखी</title>
                                    <description><![CDATA[कोटा में इस साल वन क्षेत्र के बाहर करीब 13 लाख और वन क्षेत्र में 6 लाख 2 हजार पौधे लगाए जाने का लक्ष्य है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-paper-is-getting-green-in-the-name-of-plantation--the-land-is-still-dry/article-52362"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/podharopan-k-naam-kagaz-ho-rhe-hare,-zameen-ab-bhi-sukhi...kota-news-21-07-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा शहर में हर साल मानसून के सीजन में लाखों पौधे लगाए जा रहे हैं। इस साल भी करीब 20 लाख से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य है। उसके बाद भी शहर में उतनी हरियाली नहीं है जितनी होनी चाहिए। आखिर यह पौधे जाते किधर हैं। पिछले वर्ष  ही निगम के माध्यम से 13.50 लाख पौधे घर घर वितरित कराए गए थे।  इसके अलावा वन विभाग व अन्य संस्थाओं ने भी भारी मात्रा में पौधारोपण किया था। वर्ष 2021 में भी लगभग दस लाख के पौधे लगाए गए थे। तीन वर्ष का आकलन करें तो पचास लाख पौधे लोग लगा चुके हैं। फिर भी हरियाली जमीन पर कम और जेबों में ज्यादा नजर आ रही है।  </p>
<p>बरसात का सीजन शुरू होते ही हर तरफ पौधारोपण अभियान शुरू हो जाता है। नगर निगम हो या नगर विकास न्यास। वन विभाग हो या अन्य सरकारी विभाग। स्वयंसेवी संस्थाओं से लेकर सामाजिक संगठन तक पौधे लगाने में जुट जाते हैं। हर संगठन की ओर से पौधे लगाने का दावा किया जाता है। लेकिन वास्तव में अगर देखा जाए तो कुछ समय बाद उनमें से गिनती के ही पौधे नजर आते हैं। कई बार तो ऐसा देखा गया है कि जहां एक ही जगह पर बार-बार पौधे लगाए जा रहे हैं। उसके बाद भी वहां पौधे नजर नहीं आ रहे। इसका उदाहरण है नगर निगम का पुराना पशु मेला स्थल और नगर निगम कार्यालय के सामने डिवाइडर रोड। जहां निगम की ओर से पौधे लगाने के बाद उनकी सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड भी लगाए गए थे। लेकिन वर्तमान में वहां एक भी पौधे नहीं हैं। सभी पौधे सूख चुके हैं या नष्ट हो चुके हैं। </p>
<p><strong>पुराने कोटा में हरियाली, नए में नहीं</strong><br />कोटा  में पुराने शहर के नयापुरा से स्टेशन तक चारों तरफ हरियाली छायी हुई है। सड़क किनारे भी बड़े-बड़े पेड़ देखे जा सकते हैं। जबकि नए कोटा के दादाबाड़ी से लेकर अन्य इलाकों तक में पौधे लगाने के बाद भी पुराने व बड़े पेड़ नजर नहीं आ रहे हैं और न ही हरियाली दिख रही है। </p>
<p><strong>वन विभाग बांटेगा पौधे</strong><br />शहर में पौधारोपण के लिए वन विभाग द्वारा पौधों का वितरण किया जाता है। इस साल भी विभाग की नर्सरी में तैयार पौधे सरकारी विभागों, स्वयंसवी संस्थाओं व आमजन को दिए जाएंगे। जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री बजट घोषणा के तहत कोटा में इस साल वन क्षेत्र के बाहर करीब 13 लाख और वन क्षेत्र में 6 लाख 2 हजार पौधे लगाए जाने का लक्ष्य है। विभाग द्वारा उनकी शहर में चार नर्सरी समेत जिले की कुल 11 नर्सरियों में तैयार लाखों पौधे जिनमें छाया दार से लेकर फलदार व औषधीय पौधे शामिल हैं लोगों को लगाने के लिए दिए जाएंगे। </p>
<p><strong>निगम भी बांटेगा पौधे</strong><br />निगम द्वारा इस बार भी हजारों पौधे नि:शुल्क बांटे जाएंगे। नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण में नर्सरी से सभी तरह के पौधे बांटे जा रहे हैं। इसके अलावा नगर निगम कोटा दक्षिण में हर वार्ड में पार्कों से पौधे आमजन को बांटे जाएंगे। </p>
<p><strong>पौधे लगाएं तो देखभाल भी हो</strong><br />पर्यावरण प्रेमी श्याम नाहर ने बताया कि पौधे लगाने के बाद उनकी देखभाल भी उसी तरह होनी चाहिए। एक तो पौधे लगाने का सही तरीका हो और दूसरे कुछ समय तक उनकी बच्चे की तरफ देखभाल करने पर ही वे पनपते हैं। लोग पौधे लगा तो रहे हैं लेकिन उनकी देखभाल नहीं करने से अधिकतर पौधे सूखकर नष्ट हो रहे हैं। जिससे लाखों पौधे लगाने के बाद भी हरियाली नहीं दिख रही है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />नगर निगम हर साल पौधों का नि:शुल्क वितरण करता है। इस बार भी प्रदूषण नियंत्रण मंडल से मिले बजट से पौधे लगाने व वितरण का कार्य किया जाएगा। नर्सरी के अलावा कोटा दक्षिण के हर पार्क में पौधे बांटने की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही पौधों की सुरक्षा के लिए इस बार ट्रीगार्ड भी अधिक बनवाए जा रहे हैं। पौधे लगाने के बाद इस बार  उनकी देखभाल की जिम्मेदारी भी दी जाएगी। <br /><strong>- ए.क्यू कुरैशी, उद्यान प्रभारी नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>
<p>विभाग द्वारा पिछले साल एक लाख पौधे लगाए थे। इस बार इनकी संख्या बढ़ी है। मुख्यमंत्री बजट घोषणा के तहत वन क्षेत्र में 6 लाख 2 हजार के अलावा 13 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। जिसमें सरकारी विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं व आमजन के लिए अलग-अलग लक्ष्य तय किए हैं। अब तक वन क्षेत्र में 5 लाख और वन क्षेत्र के बाहर 3 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं। वन क्षेत्र के बाहर लगाए पौधों की मॉनिटरिंग नहीं होने से उनकी सर्वाइवर दर बता पाना मुश्किल है। जबकि वन क्षेत्र में बिना पानी की सुविधा के लिए 5 साल तक करीब 40 फीसदी पौधे सर्वाइव करना माना जाता है। इसके लिए विभाग के अधिकारी व कर्मचारी की जिम्मेदारी तय होती है। पौधे नहीं चलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई करने व पौधारोपण का खर्चा वसूलने तक का प्रावधान है। इस मामले में कई कर्मचारियों के खिलाफ जांच चल रही है।<br /><strong>- जयराम पांडे, डीएफओवन मंडल </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Jul 2023 15:45:11 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>शिक्षक कैसा होना चाहिए, प्रतियोगिता के विजेता पुरस्कृत </title>
                                    <description><![CDATA[ विजेता विद्यार्थियों को दैनिक नवज्योति की ओर से पुरस्कृत करते हुए स्मृति चिन्ह व सर्टिफिकेट प्रदान किए गए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/how-should-a-teacher-be--the-winner-of-the-competition-rewarded/article-26905"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-10/shikshak-kaisa-hona-chahiye-pratiyogita-ke-vijeta-puraslrit..kota-news-17.10.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शिक्षक दिवस के अवसर पर दैनिक नवज्योति ने बंधा धर्मपुरा रोड स्थित विद्यांजलि  एकेडमी स्कूल में ‘आपकी नजर में एक शिक्षक कैसा होना चाहिए’ इस विषय पर लेखन प्रतियोगिता आयोजित की थी। शनिवार को दैनिक नवज्योति की ओर से इस प्रतियोगिता में विजेता रहे विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। यह प्रतियोगिता इस विद्यालय के कक्षा छठीं से दसवीं तक के विद्यार्थियों के बीच आयोजित की गई थी। इसमें कुल छह विद्यार्थी विजेता रहे। विजेता विद्यार्थियों को दैनिक नवज्योति की ओर से पुरस्कृत करते हुए स्मृति चिन्ह व सर्टिफिकेट प्रदान किए गए। विद्यालय की वाइस प्रिंसिपल डॉ.प्रीनू शुक्ला ने दैनिक नवज्योति का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दैनिक नवज्योति बहुत अच्छा काम कर रहा है। आज की सिचुएशन में लेखन का काम बहुत कम है। हर चीज गूगल पर सर्च की जाती है। इससे बच्चों की क्रिएटिविटी खत्म होने लगी है। ऐसे में इस तरह की लेखन प्रतियोगिता को आयोजित करके बच्चों की क्रिएटिविटी और कल्पनाशीलता को विकसित करने का  दैनिक नवज्योति ने बहुत अच्छा प्रयास किया है।</p>
<p><strong>इन्हें मिले पुरस्कार </strong><br />प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार कक्षा दसवीं की छात्रा चित्रा राठौर को, द्वितीय पुरस्कार आठवीं कक्षा के हर्ष प्रजापति को, तृतीय पुरस्कार दसवीं कक्षा की दीक्षा जैन को प्रदान किया गया। सांत्वना पुरस्कार कक्षा आठवीं के पार्थ कछावा, सातवीं कक्षा की खनक महावर और नवीं कक्षा के आर्यन मालव को प्रदान किए गए।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Oct 2022 15:53:38 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>कपड़े के थैले बंटवाएं, आमजन को करें जागरूक: सिद्धार्थ सिहाग</title>
                                    <description><![CDATA[चूरू। जिला कलक्टर सिद्धार्थ सिहाग ने नगर निकाय अधिकारियों से कहा है कि वे अपने-अपने निकायों में साफ-सफाई, डोर टू डोर कचरा कलेक्शन और बरसाती पानी की निकासी के कार्यों पर विशेष ध्यान दें और यह सुनिश्चित करें कि आमजन को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/churu/distribute-cloth-bags-make-public-aware-siddharth-sihag/article-14279"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/siddharth-sihag.jpg" alt=""></a><br /><p>चूरू। जिला कलक्टर सिद्धार्थ सिहाग ने नगर निकाय अधिकारियों से कहा है कि वे अपने-अपने निकायों में साफ-सफाई, डोर टू डोर कचरा कलेक्शन और बरसाती पानी की निकासी के कार्यों पर विशेष ध्यान दें और यह सुनिश्चित करें कि आमजन को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। जिला कलक्टर मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इंदिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना से पात्र जरूरतमंदों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए और अग्रणी बैंक प्रबंधक से कहा कि सभी निकायों से आवेदन लेकर पात्र व्यक्तियों के ऋण स्वीकृत करवाएं। जिला कलक्टर ने कहा कि बारिश के दौरान सड़कों की स्थिति भी ठीक रहे, यह सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि घर-घर कपड़े के थैले बंटवाएं और लोगों को इस बात के लिए जागरूक करें कि वे सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करें। उन्होंने घरों के बाहर गीले व सूखे कचरे के लिए पृथक-पृथक डस्टबीन रखवाने के निर्देश दिए और जागरूकता कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों का सहयोग लें। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>चूरू</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 Jul 2022 14:22:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गर्भवती महिलाओं को बांटे पोषण किट</title>
                                    <description><![CDATA[लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल पर सुपोषित मां अभियान के दूसरे चरण का शुभारंभ मंगलवार को किया गया। इस दौरान गर्भवती महिलाओं को पोषण किट बांटे गए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/distribute-nutrition-kits-to-pregnant-women/article-9952"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/poshan-kit-kota.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल पर सुपोषित मां अभियान के दूसरे चरण का शुभारंभ मंगलवार को किया गया। इस दौरान गर्भवती महिलाओं को पोषण किट बांटे गए। बालाजी नगर स्थित यूआईटी आॅडिटोरियम में आयोजित समारोह में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने करीब 3000 महिलाओं को पोषण किट वितरित किए । <br /><br />लोकसभा अध्यक्ष की पहल पर पिछले कई दिन से चल रहे अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं और कुपोषित बालिकाओं के स्वास्थ्य की जांच की गई । जांच के बाद उन्हें पोषण किट देने के लिए चयनित किया गया। करीब 3000 महिलाओं का अभियान के दूसरे चरण में चयन किया गया जिन्हें पोषण किट वितरित किए गए । इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि मां अपने नहीं अपनों की चिंता करती है ।  ऐसी कुपोषित महिलाएं जो स्वयं अपने पोषण का ध्यान नहीं रख सकती उन्हें 9 महीने तक पोषण किट उपलब्ध कराए जाएंगे।  इधर महिलाओं को जैसे ही पोषण किट  मिले तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा । उन्होंने कहा कि उनसे ज्यादा उनके होने वाले बच्चों को इससे ज्यादा लाभ होगा । <br />कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पत्नी डॉ अमिता बिरला, विधायक चंद्रकांता मेघवाल,कल्पना देवी ,पूर्वउपमहापौर सुनीता व्यास के अलावा कई अन्य जनप्रतिनिधि व हंस फाउंडेशन के संस्थापक समेत कई लोग मौजूद थे।  गौरतलब है कि लोकसभा अध्यक्ष कोटा बूंदी संसदीय क्षेत्र के प्रवास पर हैं । इस दौरान उन्होंने इस अभियान की शुरूआत की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/distribute-nutrition-kits-to-pregnant-women/article-9952</link>
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                <pubDate>Tue, 17 May 2022 17:23:46 +0530</pubDate>
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