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                <title>phed - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>सरकारी विभागों पर बकाया है 135 करोड़ रुपए बिजली बिल</title>
                                    <description><![CDATA[बिजली विभाग ने बकाया के चलते बूंदी मेडिकल कॉलेज और हॉस्टल का बीते दिनों कनेक्शन काट दिया था।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/government-departments-owe-135-crore-in-electricity-bills/article-148418"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/12200-x-60-px)-(3)1.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। वित्तीय वर्ष समाप्त होने में अब मात्र तीन दिन शेष है। ऐसे में हर विभाग द्वारा उनके बकाया लक्ष्यों को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। नगर निगम से लेकर परिवहन विभाग तक और बिजली विभाग से लेकर राजस्व से संबंधित अन्य विभागों में इस दिशा में तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं। हालत यह है कि कोटा संभाग में जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (जेवीवीएनएल) के बिजली बिलों के भी करोड़ रुपए बकाया है।जानकारी के अनुसार कोटा संभाग में जेवीवीएनएल के बिजली बिलों का 245 करोड़ रुपए बकाया है। जिनमें से 135 करोड़ रुपए सरकारी विभागों पर है। अकेले नगरीय निकाय विभागों पर 80 करोड़ से ज्यादा की बिजली बिलों की राशि बकाया है।</p>
<p>संभागीय मुख्य अभियंता गजेंद्र सिंह बैरवा ने बताया कि उनके 5.85 लाख उपभोक्ता हैं। जिन पर करीब 245.61 करोड़ रुपए बिजली के बिल का बकाया है। इनमें से करीब आधे से ज्यादा 135.60 करोड़ रुपए सरकारी विभागों का है। जिसकी वसूली का प्रयास किया जा रहा है। कई विभाग आकस्मिक सेवा के है, इसलिए सप्लाई को रोक नहीं सकते हैं. इसके बावजूद भी वसूली अभियान चलाया हुआ है। सभी अधिशाषी और सहायक अभियंताओं को रिकवरी के लिए निर्देशित किया गया है.</p>
<p><strong>नगरीय निकायों पर 80.61 करोड़ बकाया</strong><br />बैरवा के अनुसार सरकारी विभागों में भी नगरीय निकायों पर 80.61 करोड़ रुपए की राशि बकाया है। इसमें रोड लाइटों के साथ-साथ सरकारी पार्क और सार्वजनिक स्थानों पर लगी लाइट शामिल है। बारां, बूंदी, झालावाड़ नगर परिषद के साथ कोटा नगर निगम व संभाग की सभी नगर पालिकाएं भी शामिल हैं। बिजली विभाग ने बकाया के चलते बूंदी मेडिकल कॉलेज और हॉस्टल का बीते दिनों कनेक्शन काट दिया था।</p>
<p><strong>केंद्र सरकार के कार्यालयों पर 39 करोड़ बकाया</strong></p>
<p>संभाग में दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा बकाया जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग का है। जलदाय विभाग का करीब 33 करोड़ रुपए बिजली का बिल बकाया है। केन्द्र सरकार के कार्यालयों पर भी करीब 39 करोड़ रुपए बकाया है। जिनमें रेलवे, पोस्ट ऑफिस, इनकम टैक्स, एफ सीआई और अन्य विभाग शामिल हैं.</p>
<p><strong>इनके भी हैं बिल बकाया</strong><br />कोटा संभाग के चारों जिलों में 80 से ज्यादा पुलिस थाने हैं. इनके अलावा उच्च अधिकारियों के ऑफिस भी है। जिन पर करीब 6 करोड़ रुपए के बिजली बिल बकाया हैं।<br />संभागीय मुख्य अभियंता बैरवा का कहना है कि अधिकतर विभागों से मार्च में ही भुगतान आता है। कुछ विभागों ने पैसा जमा कराया भी है और शेष विभागों के लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Mar 2026 15:02:21 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सातलखेड़ी में 30 हजार की आबादी बूंद-बूंद पानी को तरस रही, कभी 72 घंटे तक सप्लाई रहती है पूरी तरह ठप </title>
                                    <description><![CDATA[पीएचईडी विभाग की लापरवाही से हाहाकार। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-30-000-strong-population-of-satalkhedi-yearns-for-every-drop-of-water--with-the-supply-sometimes-completely-disrupted-for-72-hours/article-127980"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/copy-of-news-(5)9.png" alt=""></a><br /><p>सातलखेड़ी। कोटा जिले का सातलखेड़ी कस्बा इन दिनों भीषण जल संकट से जूझ रहा है। करीब 30 हजार की आबादी वाला यह कस्बा पीएचईडी विभाग की लापरवाही के कारण बूंद-बूंद पानी को तरस रहा है। स्थिति यह है कि यहां कभी 72 घंटे तक सप्लाई पूरी तरह ठप रहती है और कभी नलों से सिर्फ बूंदें टपककर रह जाती हैं। कस्बे की बड़ी आबादी रोजमर्रा के कामकाज के लिए पानी पर निर्भर है। लेकिन सप्लाई बाधित होने से महिलाएं और बच्चे दूर-दूर तक पानी के लिए भटकते नजर आ रहे हैं। त्योहार और गर्मी के मौसम में हालात और गंभीर हो गए हैं।</p>
<p><strong>जिम्मेदारों के सिर्फ आश्वासन</strong><br />स्थानीय लोगों का कहना है कि विभागीय अधिकारी हर बार सप्लाई दुरुस्त करने का आश्वासन देते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई सुधार नहीं होता। बैठकों में चर्चा होती है, लेकिन आमजन के घर तक पानी नहीं पहुंच पाता। पानी की किल्लत के चलते लोग गंदे स्रोतों से पानी भरने को मजबूर हैं, जिससे बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उन्हें सड़कों पर उतरकर आंदोलन करना पड़ेगा।</p>
<p><strong>क्या बोले लोग</strong><br />अजय वाडिया ने कहा कि हमारा देश विकसित भारत की ओर बढ़ रहा है, लेकिन गांव और कस्बे तो बुनियादी सुविधाओं से ही वंचित हैं। सातलखेड़ी खैराबाद पंचायत समिति का बड़ा कस्बा है और यहां मजदूर वर्ग की संख्या अधिक है। नल सप्लाई 3-4 दिन में सिर्फ 40 मिनट आती है, जिससे लोग परेशान हैं। कई बार ज्ञापन देने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है।</p>
<p>ललित सिसोदिया ने बताया कि कस्बे में नलों से कई दिनों तक पानी नहीं आता। लोग दूर-दूर से हेडपंप से पानी भरकर ला रहे हैं। अधिकारी सिर्फ आश्वासन देते हैं, समाधान कोई नहीं।</p>
<p><strong>विभाग की सफाई</strong><br />सातलखेड़ी में पानी की समस्या को दूर करने के प्रयास जारी हैं। कभी पंप खराब होने जैसी तकनीकी वजहों से सप्लाई बाधित होती है, लेकिन जल्द ही स्थिति सुधारी जाएगी।<br /><strong>- सोमेश मेहर, एक्शन, पीएचईडी विभाग। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Sep 2025 17:42:05 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>विभागों को 4 हजार करोड़ से अधिक की वित्तीय स्वीकृति] 80 विधानसभा क्षेत्रों में नॉन-पेचेबल व मिसिंग लिंक सड़कों पर खर्च होंगे 885 करोड़ रुपए</title>
                                    <description><![CDATA[जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को जल जीवन मिशन के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं के टेंडर प्रीमियम संबंधी कार्यों के लिए 1,405.95 करोड़ रुपए की सहमति प्रदान की गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/financial-approval-of-more-than-4-thousand-crores-to-departments/article-125956"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/(630-x-400-px)18.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों को वित्तीय स्वीकृतियां जारी करते हुए विकास कार्यों को गति देने का बड़ा कदम उठाया है। सूचना एवं प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग को ‘राजधारा 2.0’ की स्थापना के लिए 35 करोड़ रुपए तथा आईएचआरएमएस एवं आईएफएमएस के आईटी प्लेटफार्म व तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए 85 करोड़ की वित्तीय सहमति दी गई है। सार्वजनिक निर्माण विभाग को भी बड़े स्तर पर वित्तीय स्वीकृतियां मिली हैं। 80 विधानसभा क्षेत्रों में नॉन-पेचेबल व मिसिंग लिंक सड़कों से जुड़े 1,405 कार्यों के लिए 885.09 करोड़ रुपए तथा 112 विधानसभा क्षेत्रों में 2,214 कार्यों के लिए 1,360.46 करोड़ रुपए की स्वीकृति जारी की गई है।</p>
<p>जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को जल जीवन मिशन के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं के टेंडर प्रीमियम संबंधी कार्यों के लिए 1,405.95 करोड़ रुपए की सहमति प्रदान की गई है। इसके अलावा भरतपुर जिले में बाणगंगा, गंभीरी और रूपारेल नदियों से जुड़े फीडर सिस्टम, हेड रेगुलेटर व अन्य जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार एवं नवीनीकरण के लिए 1145.09 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है। वहीं, नगरीय विकास विभाग के कैडर रिव्यू के तहत अभियांत्रिकी संवर्ग में 228 और जयपुर विकास प्राधिकरण में विभिन्न संवर्गों में 440 नए पद सृजित किए गए हैं। इससे विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Sep 2025 17:56:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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                <title>डिजिटल इंडिया के दौर में घर-घर पानी के बिल बांट रहा जलदाय विभाग, एक की जगह दूसरे महीने में मिलता बिल </title>
                                    <description><![CDATA[समय पर नहीं मिलते ऑफलाइन बिल, भुगतनी पड़ती है पैनल्टी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/in-the-era-of-digital-india--the-water-department-is-distributing-water-bills-door-to-door/article-116353"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/rtroer22.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। देश की आजादी के 75 साल बाद भी जलदाय विभाग डिजिटलाइजेशन की दौड़ में पिछड़ रहा है। जबकि, प्राइवेट सेक्टर  पूरी तरह से डिजिटलाइज हो कर उपभोक्ताओं को जरूरत की हर सुविधाएं घर बैठे उपलब्ध करवाने से लेकर तकनीकी रूप से सशक्त करने तक का काम कर रहे है। जबकि, सरकारी विभाग अब भी पुराने ढर्रे पर चल रहे हैं। जिससे उपभोक्ता अनावश्यक परेशानियों से जूझने को मजबूर है। विशेषज्ञों का तर्क है, यदि जलदाय विभाग बिजली का बिल ऑनलाइन दे तो उपभोक्ताओं को कई परेशानियों से निजात मिल सकती है।</p>
<p><strong>एक की जगह दूसरे महीने में मिलता बिल</strong><br />छत्रपुरा निवासी मोहम्मद आमीन, हर्षवर्धन चौहान, पुरूषोत्तम नागर कहते हैं, बिजली की तरह पानी का बिल भी ऑनलाइन मिले तो समय पर जमा करवाना आसान हो जाता है। हालात यह है, जलदाय विभाग बिलिंग का काम संवेदक फर्म से कराता है। बिल डिलीवर के दौरान यदि मकान बंद है तो कर्मचारी पड़ौस के घर में ही बिल पटक जाते हैं, जिससे संबंधित उपभोक्ता को समय पर बिल नहीं मिलता और पैनल्टी के रूप में नुकसान झेलना पड़ता है। ऐसे में बिल ऑनलाइन बिल जनरेट किए जाने चाहिए ताकि बाहर होने पर भी उपभोक्ता को बिल मिल सके और समय पर जमा करवा सके। इससे सरकार को ही राजस्व के रूप में फायदा होगा। </p>
<p><strong>ऑनलाइन बिलिंग के फायदे </strong><br /><strong>कतारों में लगने की झंझट से निजात :</strong> उपभोक्ताओं को पानी का बिल ऑनलाइन मिलने लगे तो जमा करवाने के लिए ई-मित्र या कार्यालयों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी। वहीं, कतारों में लगने की झंझट से निजात मिलेगी। वहीं, समय की बचत हो सकेगी। <br /><strong>पैनल्टी से मिलेगी राहत :</strong> ऑफलाइन के कारण  उपभोक्ताओं को कई बार समय पर बिल नहीं मिल पाते। जिसका खामियाजा उन्हें पैनल्टी चुकाकर भुगतनी पड़ती है। जबकि, ऑनलाइन बिलिंग से उपभोक्ता समय पर भुगतान करने को प्रेरित होंगे। <br /><strong>सुरक्षा का भाव :</strong> ऑफलाइन बिलिंग के लिए नकदी का उपयोग करना पड़ता है। कई बार लूटपाट की आशंका से उपभोक्ताओं को असुरक्षा महसूस होती है।  जबकि, ऑनलाइन बिलिंग से इस तरह की आशंकाओं से बचा जा सकता है। </p>
<p><strong>ऑफलाइन बिलिंग के नुकसान</strong><br /><strong>समय की बर्बादी :</strong> ऑफलाइन बिलिंग के चलते कार्यालयों में लंबी कतारों में खड़े रहना पड़ता है, जिससे समय की बर्बादी होती है।<br /><strong>लेटलतीफी बढ़ना : </strong>कई इलाकों में जलदाय विभाग के कार्यालय घरों से काफी दूर होते हैं, जिसकी वजह से लोग  अक्सर जाने में आलस कर जाते हैं। इससे लेटलतीफी बढ़ती है और समय पर बिल जमा नहीं होने से पैनल्टी बढ़ती है। वहीं, कार्यालयों की तलाश करना और उन्हें ढूंढना मुश्किल हो सकता है।<br /><strong>विभाग को मैन पावर का नुकसान: ऑ</strong>फलाइन बिलिंग से  जलदाय विभाग को मैन पावर की कमी से जूझना पड़ता है। क्योंकि, विभाग के पास नियमित स्टाफ की कमी है और बिल डिलीवरी का काम संवेदक के कर्मचारियों द्वारा करवाया जा रहा है। यदि, बिलिंग आॅनलाइन कर दी जाए तो इन कर्मचारियों का उपयोग पाइप लाइन लीकेज, मीटर रीडिंग सहित अन्य कार्यों में विभाग कर सकता है।  </p>
<p>जलदाय विभाग डिजिटलाइजेशन की ओर कदम बढ़ा चुका है। आगामी दिनों में होने वाले टेंडरों में इसी को लेकर कुछ शर्तें जोड़ी जाएगी। जिसके माध्यम से संवेदकों को पाबंद किया जाएगा कि वह उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर पर बिल आने का मैसेज दिया जाए। हालांकि, ई-मित्र पर ऑनलाइन पानी का बिल जमा करवा सकते हैं। साथ ही फोन-पे, गुगल पे पर भी यह सुविधा है। <br /><strong>- श्याम माहेश्वरी, एक्सईएन जलदाय विभाग </strong></p>
<p><strong>उपभोक्ताओं का कहना है</strong><br />डिजिटलाइजेशन होने से लोगों को सुविधाएं मिली हैं। लेकिन, समाज का बड़ा तबका तकनीक से परिचित नहीं हैं। ऐसे में वह पारंपरिक तरीके से बिलों का भुगतान करना ज्यादा पसंद करते हैं। हालांकि नये लोग ऑनलाइन बिलिंग सिस्टम का उपयोग करने में ज्यादा रुचि रखते हैं।  इससे जहां समय की बचत होती है वहीं सुविधा भी मिलती है।  सरकार द्वारा लोगों को जागरूक किए जाने की आवश्यकता है। <br /><strong>- फिरोज खान, शिक्षक</strong></p>
<p>ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करना पसंद नहीं है। साइबर ठगी  का खतरा बना रहता है। ई-मित्र या कार्यालय जाकर बिल जमा करवाना हमारे लिए आसान है। सबूत के तौर पर रसीद भी मिल जाती है। <br /><strong>- सुरेंद्र पुरोहित, उपेंद्र कुमार, छावनी</strong></p>
<p>आज डिजिटलाइजेशन का दौर है। ऐसे में मोबाइल का रिचार्ज से लेकर बिजली बिल तक मोबाइल पर मिलता है। लेकिन, जलदाय विभाग आज भी घर-घर बिल बांटता है। ऐसे में बाहर रहने पर बिल के बारे में जानकारी नहीं मिल पाती। समय पर भुगतान नहीं होने पर पैनल्टी भुगतनी पड़ती है। पानी का बिल ऑनलाइन मोबाइल पर दिया जाना चाहिए।<br /><strong>- आशीष, राजेंद्र, अजय कुशवाहा, बोरखेड़ा</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />पानी का बिल ऑनलाइन दिए जाने का सुझाव सरकार को भेजा जाएगा। वहां से जो निर्देश प्राप्त होंगे, उसकी पालना की जाएगी। हालांकि, ऑनलाइन मोड पर पानी का बिल जमा करवाने की सुविधा है। उपभोक्ताओं को आॅफिसों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। वह ऑनलाइन ही बिल जमा करवा सकते हैं।<br /><strong>- प्रकाशवीर नाथानी, एक्सईएन जलदाय विभाग</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Jun 2025 17:25:58 +0530</pubDate>
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                <title>हर शहर की बनेगी रिपोर्ट, किस शहर में कितना पानी, फिर भी संकट</title>
                                    <description><![CDATA[जलदाय विभाग के अतिरिक्त सचिव संदीप शर्मा ने इस मामले में सभी डिवीजन ऑफिस से रिपोर्ट तैयार करने को कहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/a-report-will-be-made-for-every-city-how-much/article-94057"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/50-pariwar-teen-din-s-pani-k-liye-taras-rhe...kapren,-bundi-news-10-06-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश के शहरी इलाकों में गर्मियों के दौरान पानी के संकट को लेकर अब हर शहर की सप्लाई और पानी उपलब्धता के आधार पर एक रिपोर्ट तैयार की जाएगी ताकि उस शहर में पेयजल संकट की समस्या का स्थाई तौर पर समाधान किया जा सके।</p>
<p>जलदाय विभाग के अतिरिक्त सचिव संदीप शर्मा ने इस मामले में सभी डिवीजन ऑफिस से रिपोर्ट तैयार करने को कहा है। विभाग के अनुसार प्रदेश के बहुत से ऐसे शहर हैं, जिनमें पानी तो उपलब्ध रहता है, लेकिन वितरण प्रणाली व्यवस्थित तरीके से नहीं होने के कारण पेयजल संकट की स्थिति रहती है। ऐसे में क्यों नहीं उन शहरों की छोटी-छोटी समस्याओं को निस्तारित करते हुए पेयजल की सुचारू व्यवस्था की जा सके ताकि गर्मियों के दौरान लोगों को पीने के पानी के लिए परेशान नहीं होना पड़े।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 28 Oct 2024 17:24:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जल जीवन मिशन की 25 योजनाओं का काम बंद,  संवेदकों ने बकाया भुगतान नहीं होने का लगाया आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[जलदाय विभाग के प्रमुख शासन सचिव भास्कर ए सावंत ने अधिकारियों को निर्देश प्रदान किए हैं कि जहां भी काम बंद है, उसे तुरंत शुरू करवाया जाए साथ ही इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>जयपुर। प्रदेश में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़े जल जीवन मिशन मिशन का काम अभी भी बेपटरी चल रहा है।  मिशन के तहत 25 योजनाओं का काम मौके पर बंद हो गया है, काम बंद होने का मुख्य कारण संवेदकों को काफी समय से लंबित बिलों का भुगतान नहीं होना बताया जा रहा है। </p>
<p>इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जलदाय विभाग के प्रमुख शासन सचिव भास्कर ए सावंत ने अधिकारियों को निर्देश प्रदान किए हैं कि जहां भी काम बंद है, उसे तुरंत शुरू करवाया जाए साथ ही इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए। अगर ठेकेदार की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी एक्शन हो।</p>
<p>वहीं दूसरी ओर संवेदकों ने भी विभागीय प्रशासन को अवगत कराया है कि काफी समय से भुगतान नहीं होने के कारण परियोजना का काम नहीं कर पा रहे हैं, इसके लिए विभाग को कई बार अवगत कराया गया लेकिन फंड की उपलब्धता नहीं होने का हवाला देते हुए अधिकारी हमारी बात नहीं सुन रहे हैं। ऐसे में जब तक बकाया बिलों का भुगतान नहीं हो जाता तब तक मौके पर कार्य शुरू करना संभव नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/work-on-25-schemes-of-jal-jeevan-mission-stopped-contractors/article-93858</link>
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                <pubDate>Fri, 25 Oct 2024 16:08:22 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पानी के लिए अब नहीं उठना पड़ेगा सुबह 3.30 बजे, 5 बजे से होगी जलापूर्ति</title>
                                    <description><![CDATA[चारदीवारी क्षेत्र के लोगों को आज से मिलेगी बड़ी राहत: जलदाय विभाग ने जयपुर शहर के उपभोक्ताओं के लिए पेयजल सप्लाई का समय बदला]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/now-you-will-not-have-to-get-up-for-water/article-93679"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/water.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जलदाय विभाग ने जयपुर शहर के चारदीवारी क्षेत्र में रहने वाले उपभोक्ताओं को बड़ी राहत प्रदान की है। इसके तहत अब जयपुर शहर के चारदीवारी क्षेत्र में अब लोगों को पानी भरने के लिए सुबह 3.30 बजे नहीं उठना पड़ेगा। यहां बुधवार सुबह से होने वाली जलापूर्ति अब सुबह 5 बजे से नए समय के अनुसार प्रारम्भ होगी। जलदाय विभाग द्वारा चारदीवारी क्षेत्र की पेयजल आपूर्ति की समस्या के समाधान के लिए भूजल विभाग के कैंपस में नए पम्प हाउस का निर्माण किया है।</p>
<p><strong>कहां, कितने बजे होगी सप्लाई</strong><br />अतिरिक्त मुख्य अभियंता क्षेत्र जयपुर द्वितीय शुभांशु दीक्षित ने बताया कि 23 अक्टूबर से चौकड़ी पुरानी बस्ती, चौकड़ी तोपखाना क्षेत्र में सुबह 5 से 6.56 बजे तक, चौकड़ी तोपखाना हुजरी क्षेत्र में सुबह 7.15 से 8.49 बजे तक, चौकड़ी गंगापोल क्षेत्र में सुबह 9.15 से 10.25 बजे तक एवं चौकड़ी मोदीखाना क्षेत्र में सुबह 11 से दोपहर 12.10 बजे तक पेयजल आपूर्ति होगी।</p>
<p><strong>यहां दोपहर में होगी सप्लाई</strong><br />चौकड़ी रामचंद्र क्षेत्र में दोपहर 3 से 3.49 बजे तक, चौकड़ी घाट क्षेत्र में शाम 4.10 से 5.06 बजे तक, बास बदनपुरा, नरवरपुरी, सूरज कॉलोनी, दीवान कॉलोनी, पंजाबी कॉलोनी क्षेत्र में शाम 5.20 से 6.40 बजे तक, हीदा की मोरी, एचआर कॉलोनी, जियाउद्दीन कॉलोनी, शिकारियों की मोरी, सैयद कॉलोनी, फाजिल शाह कॉलोनी क्षेत्र में शाम 7 से रात 8.15 बजे तक पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। उन्होंने बताया कि सिंहद्वार ओएसएचआर में सुबह की सप्लाई अब सुबह 6.30 से 7.30 बजे तक होगी।ह्ण</p>
<p><strong>अमानीशाह पंप हाउस से इस तरह होगी आपूर्ति</strong><br />अमानीशाह पम्प हाउस से होने वाली पेयजल आपूर्ति के समय में भी परिवर्तन किया गया है। बुधवार से चौकड़ी पुरानी बस्ती, चौकड़ी तोपखाना क्षेत्र में सुबह 5 से 6.56 बजे तक एवं 9, 12, 16 सप्लाई जोन सीकर हाउस, हाजी कॉलोनी, खेतड़ी हाउस, माली कॉलोनी, नेहरू नगर, श्रीराम कॉलोनी खातीवाड़ा, बापू कॉलोनी संसार चन्द रोड, स्टेशन रोड बनीपार्क एवं नसिया क्षेत्र में सुबह 8.15 से 9.15 बजे पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Oct 2024 10:42:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कल से बदलेगा पेयजल सप्लाई का टाइम, अब सुबह 5 बजे से आपूर्ति</title>
                                    <description><![CDATA[विभाग ने चारदीवारी क्षेत्र की पेयजल आपूर्ति की समस्या के समाधान के लिए भू-जल विभाग के कैम्पस में नए पम्पहाऊस का निर्माण किया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/drinking-water-supply-time-will-change-from-tomorrow-now-supply/article-93609"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/water_connection.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जलदाय विभाग ने जयपुर शहर के चारदीवारी क्षेत्र में रहने वाले उपभोक्ताओं को बड़ी राहत प्रदान की है। चारदीवारी क्षेत्र में सुबह 3.30 बजे से होने वाली जलापूर्ति अब 23 अक्टूबर से सुबह 5 बजे से प्रारंभ होगी। विभाग ने चारदीवारी क्षेत्र की पेयजल आपूर्ति की समस्या के समाधान के लिए भू-जल विभाग के कैम्पस में नए पम्पहाऊस का निर्माण किया है। </p>
<p>रामनिवास बाग पम्पहाऊस से नए समय के अनुसार सप्लाई: एसीई जयपुर-द्वितीय शुभांशु दीक्षित ने बताया कि 23 अक्टूबर से चौकड़ी पुरानी बस्ती, चौकड़ी तोपखाना क्षेत्र में सुबह 5 बजे से 6.56 बजे तकए चौकड़ी तोपखाना हुजरी क्षेत्र में सुबह 7.15 बजे से 8.49 बजे तक, चौकड़ी गंगापोल क्षेत्र में सुबह 9.15 बजे से 10.25 तक एवं चौकड़ी मोदीखाना क्षेत्र में सुबह 11 बजे से दोपहर 12.10 बजे तक पेयजल आपूर्ति होगी।</p>
<p>चौकड़ी रामचंद्र क्षेत्र में दोपहर 3 बजे से 3.49 बजे तक, चौकड़ी घाट क्षेत्र में सांय 4.10 बजे से 5.06 बजे तक, बास बदनपुरा, नरवर पुरी, सूरज कॉलोनी, दीवान कॉलोनी, पंजाबी कॉलोनी क्षेत्र में सांय 5.20 बजे से 6.40 बजे तक, हीदा की मोरी, एचआर कॉलोनी, जियाउद्दीन कॉलोनी, शिकारियों की मोरी, सैयद कॉलोनी, फाजिल शाह कॉलोनी क्षेत्र में सांय 7 बजे से रात्रि 8.15 बजे तक पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। उन्होंने बताया कि सिंह द्वार ओएसएचआर में सुबह की सप्लाई अब सुबह 6.30 बजे से 7.30 बजे तक होगी।</p>
<p><strong>अमानीशाह पंप हाउस से होगी पेयजल आपूर्ति</strong><br />एसीई ने बताया कि अमानीशाह पम्पहाऊस से होने वाली पेयजल आपूर्ति के समय में भी परिवर्तन किया गया है। अब 23 अक्टूबर से अमानीशाह पम्पहाऊस से होने वाली पेयजल आपूर्ति के समय में संशोधन किया है। चौकड़ी पुरानी बस्ती, चौकड़ी तोपखाना क्षेत्र में सुबह 5 बजे से 6.56 बजे तक एवं 9, 12, 16 सप्लाई जोन सीकर हाउस, हाजी कॉलोनी, खेतडी हाउस, माली कॉलोनी, नेहरू नगर, श्रीराम कॉलोनी खातीवाड़ा, बापू कॉलोनी संसार चन्द रोड़, स्टेशन रोड, बनीपार्क एवं नसीया क्षेत्र में सुबह 8.15 बजे से 9.15 बजे पेयजल की आपूर्ति की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/drinking-water-supply-time-will-change-from-tomorrow-now-supply/article-93609</link>
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                <pubDate>Tue, 22 Oct 2024 09:45:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जलदाय विभाग का अवैध कनेक्शनों पर एक्शन, पानी की चोरी में भरतपुर और अजमेर रीजन अव्वल</title>
                                    <description><![CDATA[ अब तक 980 कनेक्शन नियमित किए गए हैं और 16,548 कनेक्शनों को हटा दिया गया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>जयपुर। प्रदेश में पानी की चोरी भरतपुर और अजमेर रीजन टॉप पर है। जलदाय विभाग की ओर से चलाए जा रहे अभियान के दौरान यह स्थिति सामने आई है। विभिन्न जिलों में अवैध पानी कनेक्शनों पर चल रही कार्रवाई के तहत 18,523 अवैध कनेक्शनों की पहचान की गई है। इनमें से अब तक 980 कनेक्शन नियमित किए गए हैं और 16,548 कनेक्शनों को हटा दिया गया है। इससे शेष 995 कनेक्शन अभी भी अवैध हैं, जिन पर कार्रवाई की जानी बाकी है।</p>
<p><strong>अजमेर में सबसे ज्यादा अवैध कनेक्शन<br /></strong>राज्य में सबसे अधिक अवैध कनेक्शन अजमेर क्षेत्र में पाए गए हैं, जहां कुल 3,796 कनेक्शनों की पहचान की गई है। इसमें से 3,340 कनेक्शन या तो नियमित किए गए या हटा दिए गए हैं, जबकि अभी भी 360 कनेक्शन अवैध बने हुए हैं। इसके अलावा, इस क्षेत्र में एक एफआईआर दर्ज की गई है और 1.2378 लाख रुपये की वसूली की गई है।</p>
<p><strong>भरतपुर में सबसे बड़ी वसूली<br /></strong>भरतपुर में 4,678 अवैध कनेक्शन पाए गए थे, जिनमें से 4,315 को हटाया गया है और पांच कनेक्शन अभी भी अवैध हैं। यहां कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई, लेकिन अब तक की सबसे अधिक 8.546 लाख रुपये की वसूली की गई है।</p>
<p><strong>जयपुर और जोधपुर में एफआईआर की संख्या<br /></strong>जयपुर और जोधपुर क्षेत्रों में कुल 12 एफआईआर दर्ज की गई हैं। जयपुर II क्षेत्र में सबसे अधिक छह एफआईआर दर्ज की गई हैं, जहां कुल 3,132 अवैध कनेक्शन पाए गए थे। वहीं, जोधपुर II क्षेत्र में पांच एफआईआर दर्ज की गई हैं, जहां 1,384 अवैध कनेक्शन मिले थे।</p>
<p><strong>कुल आंकड़े<br /></strong>राज्य भर में अब तक 18,523 अवैध कनेक्शनों में से 17,528 कनेक्शनों को या तो हटाया गया या नियमित किया गया है, जबकि 995 कनेक्शन अब भी अवैध हैं। कुल 12 एफआईआर दर्ज की गई हैं और अब तक 17.1148 लाख रुपये की वसूली की गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/water-supply-departments-action-on-illegal-connections-bharatpur-and-ajmer/article-93381</link>
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                <pubDate>Fri, 18 Oct 2024 18:46:41 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बंद होगा हर माह 15 हजार लीटर फ्री पानी, जलदाय विभाग ने भेजा प्रस्ताव</title>
                                    <description><![CDATA[गहलोत ने वर्ष 2019 में हर माह 15 हजार लीटर तक पानी का उपभोग करने वालों को फ्री की सौगात दी थी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/15-thousand-liters-of-free-water-will-be-stopped-every/article-92690"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/tap-water-bisalpur.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में पेयजल उपभोक्ताओं को हर माह 15 हजार लीटर तक पानी फ्री देने की योजना को मौजूदा भाजपा सरकार ने बदलने की तैयारी कर ली है। जलदाय विभाग ने इसका प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा है। इस पर उच्च स्तरीय मंथन के बाद फैसला होने की संभावना है।</p>
<p>हालांकि योजना का लाभ उन्हीं उपभोक्ताओं को मिल रहा है, जिनके पानी के मीटर चालू है। बंद मीटर वाले उपभोक्ताओं से पानी का चार्ज वसूला जा रहा है। गहलोत ने वर्ष 2019 में हर माह 15 हजार लीटर तक पानी का उपभोग करने वालों को फ्री की सौगात दी थी।</p>
<p><strong>पानी चार्ज की यूं वसूली</strong><br />विभाग के अनुसार 15 हजार लीटर तक मासिक जल उपभोग करने वाले उपभोक्ताओं को स्थायी शुल्क और मीटर सर्विस शुल्क के रूप में प्रतिमाह 49 रुपए 50 पैसे का बिल देना होता है। इन्हें 55 रुपए का वाटर चार्ज और 18 रुपए 15 पैसे का सीवरेज शुल्क नहीं देना होता। 15 हजार से 30 हजार लीटर तक 4.40 रुपए प्रति हजार लीटर और 30 हजार से ज्यादा उपभोग पर 5.50 रुपए प्रति हजार लीटर शुल्क देय है।</p>
<p><strong>छह साल से नहीं बढ़ी दरें</strong><br />प्रदेश में पानी की दरों में 2018 में बढ़ोतरी की गई थी। विभाग के 2015 के आदेश में प्रावधान किया हुआ है कि हर साल एक अप्रैल से पानी की दरों में दस प्रतिशत की बढ़ोतरी स्वत: ही हो जाएगी। हालांकि यह केवल पानी व सीवरेज चार्ज में वृद्धि है। इसके अलावा अन्य शुल्क में 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी के आसार होते है। ऐसे में पिछले छह साल से पानी दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ हैं। </p>
<p>जिन उपभोक्ताओं के पानी के मीटर चालू है, केवल उन्हीं को 15 हजार तक हर माह पानी फ्री है। दिनों-दिन योजनाओं में लागत बढ़ रही है, जबकि राजस्व का प्रतिशत बहुत कम है, इस पर विचार किया जा रहा है।<br />- संदीप शर्मा, सीई एवं अतिरिक्त सचिव पीएचईडी</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 10 Oct 2024 09:37:57 +0530</pubDate>
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                <title>पानी की आपूर्ति बाधित होने से लोग परेशान, पेयजल संकट गहराया</title>
                                    <description><![CDATA[लोगों का कहना है कि कॉलोनी में पेयजल संकट निराकरण के नाम पर जलदाय विभाग अधिकारी आश्वासन देकर जिम्मेदारी से पल्ला झाडक़र इतिश्री कर रहे हैं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/people-troubled-due-to-disrupted-water-supply-drinking-water-crisis/article-92485"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/tap-water-bisalpur.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। विवेकानंद मार्ग, लक्ष्मी नगर, निवारू रोड, झोटवाड़ा, जयपुर के टेल एंड में (मकान के अंतिम छोर पर) 20-25 दिनों से पेयजल संकट गहराया हुआ है। बीसलपुर बांध में पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता के बावजूद मकान के अंतिम छोर पर पानी नहीं आने से लोग परेशान हैं। कॉलोनीवासियों की ओर से जलदाय विभाग झोटवाड़ा (पीएचइडी) को लिखित व मौखिक शिकायत के बावजूद जलदाय विभाग के अधिकारियों द्वारा पेयजल आपूर्ति समस्या का कोई समाधान व कोई कार्रवाई नहीं होने से लोगों में आक्रोश है।</p>
<p>लोगों का कहना है कि कॉलोनी में पेयजल संकट निराकरण के नाम पर जलदाय विभाग अधिकारी आश्वासन देकर जिम्मेदारी से पल्ला झाडक़र इतिश्री कर रहे हैं जिससे समस्या ज्यों की त्यों बनीं हुई है। पेयजल संकट के चलते कॉलोनीवासी महंगे निजी पानी के टैंकर मंगवाने को मजबूर हैं।</p>
<p>कॉलोनीवासियों की मांग है कि जलदाय विभाग झोटवाड़ा के अधिशासी अभियंता व अधिकारी पेयजल संकट के प्रति उचित व सकारात्मक कार्रवाई करते हुए समस्या का समाधान करें ताकि मकान के अंतिम छोर पर पेयजल आपूर्ति बहाल हो सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 07 Oct 2024 12:14:53 +0530</pubDate>
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                <title>जलदाय विभाग ने दी फील्ड में पोस्टिंग, अभियंताओं का कार्यभार ग्रहण करने से इंकार</title>
                                    <description><![CDATA[ऐसे अधीक्षण अभियंताओं को फील्ड पोस्टिंग दे दी है, जिन्होंने कभी फील्ड में काम ही नहीं किया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/water-supply-department-refuses-to-take-charge-of-engineers-posted/article-91718"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/jal-bhawan-jaipur.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जलदाय विभाग में पदोन्नति के बाद पोस्टिंग का सिलसिला जारी है। विभाग ने एक दर्जन से अधिक ऐसे अधीक्षण अभियंताओं को फील्ड पोस्टिंग दे दी है, जिन्होंने कभी फील्ड में काम ही नहीं किया। ऐसे में उन्होंने कार्यभार ग्रहण करने से इनकार कर दिया है।</p>
<p>अब जलदाय मंत्री के स्तर पर इस प्रकरण को रिव्यू किया जाएगा कि उन्हें आखिर कहां पर पोस्टिंग दी जाए। विभाग ने हाल ही 15 से अधिक मुख्य अभियंता और अतिरिक्त मुख्य अभियंताओं के साथ ही अधीक्षण अभियंताओं को पोस्टिंग दी थी, इनमें से मुख्य अभियंता के पद पर अधिकतर ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है, जबकि एसई के पदों पर अभी कार्यभार ग्रहण नहीं हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Sep 2024 14:58:34 +0530</pubDate>
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