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                <title>school education department - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>school education department RSS Feed</description>
                
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                <title>सुप्रीम कोर्ट ने पार्ट-टाइम शिक्षकों को वेतन समानता की मांग करने की अनुमति दी, जानें पूरा मामला</title>
                                    <description><![CDATA[उच्चतम न्यायालय ने पश्चिम बंगाल के पार्ट-टाइम शिक्षकों को बड़ी राहत देते हुए उन्हें राज्य शिक्षा सचिव के समक्ष वेतन समानता के लिए नया आवेदन देने की अनुमति दी है। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने सरकार को निर्देश दिया कि वे चार महीने के भीतर इस पर कानूनसम्मत निर्णय लें।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/supreme-court-allows-part-time-teachers-to-demand-pay-parity-know/article-138634"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/part-time-teacher.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल के कुछ अल्पकालिक (पार्ट-टाइम) शिक्षकों को यह अनुमति दी कि वे राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव के समक्ष नया प्रतिवेदन प्रस्तुत कर सकें, जिसमें वे गैर-सरकारी सहायता प्राप्त उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत पूर्ण-कालिक शिक्षकों के समान वेतन (वेतन समानता) की मांग कर सकें। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने निर्देश दिया कि यदि यह प्रतिवेदन दाखिल किया जाता है, तो उस पर कानून के अनुसार विचार किया जाए और चार महीने के भीतर कारणयुक्त आदेश पारित कर निर्णय लिया जाए।</p>
<p>अदालत में निर्णय का प्रभावी (ऑपरेटिव) हिस्सा पढ़ते हुए न्यायमूर्ति मेहता ने याचिकाकर्ताओं को यह छूट प्रदान की कि वे छह सप्ताह के भीतर सचिव के समक्ष प्रस्तुत हो सकते हैं और पूर्व में दिए गए उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुरूप अपनी शिकायतें, दावे और अधिकार रिकॉर्ड पर रख सकते हैं। न्यायालय ने आगे निर्देश दिया कि याचिकाकर्ताओं को प्रतिनिधि रूप में सुनवाई का अवसर दिया जाए और संबंधित स्कूलों से उनकी नियुक्ति से जुड़े रिकॉर्ड मंगवाकर जांच की जाए। यदि निर्णय प्रतिकूल होता है, तो याचिकाकर्ता कानून के तहत उपलब्ध उपचारों का सहारा लेने के लिए स्वतंत्र होंगे।</p>
<p>ऑपरेटिव निर्देश पढ़े जाने के बाद न्यायमूर्ति नाथ ने टिप्पणी की, यहां मत आओ! उचित मंच पर जाओ। यह मामला तब शुरू हुआ जब राज्य सरकार ने 28 जुलाई 2010 को एक आदेश पारित किया, जिसमें संविदा पर रखे गये अल्पकालिक शिक्षकों को 10 दिनों की आकस्मिक अवकाश और 10 दिनों की चिकित्सा अवकाश का लाभ दिया गया, बशर्ते वे नियमित पूर्णकालिक शिक्षकों की तरह प्रति सप्ताह समान संख्या में कक्षाएं लें।</p>
<p>भेदभावपूर्ण व्यवहार का आरोप लगाते हुए कुछ अल्पकालिक शिक्षकों ने कलकत्ता उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की, जिसमें नियमित शिक्षकों के साथ समानता की मांग की गई, जिसमें समान कार्य के लिए समान वेतन भी शामिल था। राज्य अधिकारियों ने पहले इस दावे को खारिज कर दिया था, इस आधार पर कि अल्पकालिक शिक्षक पूरी तरह संविदात्मक आधार पर नियुक्त किए गए थे और उनकी नियमितीकरण के लिए कोई नीति नहीं थी। बाद में उच्च न्यायालय के एकल पीठ ने याचिका को स्वीकार कर लिया और समान कार्य के लिए समान वेतन के सिद्धांत को लागू करते हुए 27 अप्रैल 2007 से पूर्णकालिक शिक्षकों के समान वेतन और लाभों का भुगतान करने का निर्देश दिया।</p>
<p>राज्य ने इसके बाद उस निर्णय को चुनौती दी, जिससे आगे की कार्यवाही हुई और अंतत: शीर्ष अदालत का वर्तमान आदेश आया, जिसमें याचिकाकर्ताओं को उचित प्राधिकरण के समक्ष नया प्रतिवेदन प्रस्तुत करने की स्वतंत्रता प्रदान की गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Jan 2026 18:28:49 +0530</pubDate>
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                <title>स्कूल शिक्षा विभाग के शासन सचिव ने ली समीक्षा बैठक</title>
                                    <description><![CDATA[शिक्षा सचिव ने बैठक में निर्देश दिए कि विभाग के तहत जिन प्रशिक्षण कार्यक्रमों की थीम और उद्देश्य एक जैसे है, उनको 'क्लब' किया जाए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/government-secretary-of-school-education-department-took-a-review-meeting/article-47416"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/whatsapp-image-2023-06-01-at-12.59.10.jpeg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। स्कूल शिक्षा विभाग के शासन सचिव नवीन जैन ने विभागीय अधिकारियों को शैक्षणिक सत्र के दौरान संचालित किए जाने वाले शिक्षण-प्रशिक्षण कार्यक्रमों को व्यवहारिक बनाने के निर्देश दिए हैं। शिक्षा संकुल में आज आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए  जैन ने कहा कि टीचर्स ट्रेनिंग कार्यक्रमों की संख्या, समयावधि और टाइमलाइन की समीक्षा कर ऐसा कैलेंडर तैयार करें, जिससे इनमें उपयोग में आने वाले दिनों की संख्या कम हो, और इस बचे हुए समय का सदुपयोग कक्षाओं में अध्ययन-अध्यापन को प्रभावी बनाने में किया जा सके।</p>
<p>शिक्षा सचिव ने बैठक में निर्देश दिए कि विभाग के तहत जिन प्रशिक्षण कार्यक्रमों की थीम और उद्देश्य एक जैसे है, उनको 'क्लब' किया जाए, वहीं कुछ प्रशिक्षण एवं अभियानों की गतिविधियां ऐसी है, जिनका संचालन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा राज्य के स्कूलों में ही किया जाता है, इनके बेहतर क्रियान्वयन से सभी स्कूलों के विद्यार्थियों को अधिक से अधिक लाभान्वित करने के लिए इन विभागों से समन्वय करे और साझा अभियान चलाएं। उन्होंने इसके लिए स्कूलों में समावेशी शिक्षा के तहत थैरेपीयूटिक सर्विस प्रोग्राम एवं नेशनल हेल्थ मिशन के राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएस) की गतिविधियों को ‘क्लब‘ करके स्कूलों में संयुक्त अभियान चलाने के लिए आरबीएस के कोऑर्डिनेटर और शिक्षा विभाग में इंक्लूसिव एजुकेशन के स्पेशल टीचर्स की संयुक्त बैठक दोनों विभागों के समन्वय से आयोजित करने की दिशा में कार्य करने को कहा। इसके अलावा स्कूलों में जीवन कौशल विकास के तहत मादक पदार्थों के निषेध के लिए शिक्षा विभाग की गतिविधियों को नेशनल मेंटल हैल्थ प्रोग्राम एवं नेशनल टोबाको कंट्रोल प्रोग्राम जैसे अभियानों से जोड़ने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग से ‘कोर्डिनेट‘ कर ठोस प्लान बनाने के भी निर्देश दिए।</p>
<p>जैन ने कहा कि जिन स्कूलों में किसी विषय के टीचर्स नहीं है, वहां प्राथमिकता के आधार पर 'स्मार्ट क्लासेज' का संचालन सुनिश्चित हो, इसके लिए स्मार्ट टीवी और हार्ड ड्राइव में टीचिंग लर्निंग मैटेरियल विद्यालयों को समय पर उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने आगामी अगस्त से दिसम्बर माह के बीच सभी स्कूलों में बालिकाओं को ‘गुड-टच‘ और ‘बैड-टच‘ का प्रशिक्षण देने के लिए इस विषय पर टीचर्स का ट्रेनिंग शेड्यूल बनाने के लिए विशेष तौर पर निर्देश दिए। इसके अलावा बालिका सुरक्षा के लिए ‘रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण‘ के लिए छात्राओं को दी जाने वाली ट्रेनिंग के बाद श्रेष्ठ बालिकाओं के बीच राज्य स्तर पर प्रतियोगिता आयोजित करने के भी निर्देश दिए।</p>
<p>बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग की विशिष्ट शासन सचिव चित्रा गुप्ता, राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद के आयुक्त एवं राज्य परियोजना निदेशक डॉ. मोहन लाल यादव के अलावा स्कूल शिक्षा परिषद, शिक्षा विभाग, साक्षरता एवं सतत शिक्षा तथा अन्य सम्बंधित अधिकारी मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 01 Jun 2023 13:22:27 +0530</pubDate>
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                <title>स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक: मुख्यमंत्री का महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों का विकास एवं शिक्षकों की भर्ती पर फोकस</title>
                                    <description><![CDATA[महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों का विकास एवं शिक्षकों की भर्ती हमारी प्राथमिकताः मुख्यमंत्री]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--school-education-department-review-meeting--chief-minister-gehlot-s-development-and-development-of-mahatma-gandhi-english-medium-schools-focus-on-recruitment-of-teachers/article-9982"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/ashok-gehlot1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों का ढांचागत विकास और शिक्षकों की भर्ती राज्य सरकार की प्राथमिकता है। राज्य सरकार प्रदेश में स्कूल शिक्षा को प्रभावी एवं उत्कृष्ट बनाने की दिशा में हर संभव प्रयास कर रही है। इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। वैश्वीकरण के दौर में प्रदेश के विद्यार्थियों को भी अंग्रेजी माध्यम में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए अब तक 749 महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय स्थापित किए गए हैं। वर्ष 2022-23 की बजट घोषणा के अंतर्गत भी राज्य के गांवों और शहरों में कुल 2 हजार महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं।</p>
<p><br />गहलोत मुख्यमंत्री निवास पर स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। प्रदेश के स्कूलों में विद्यार्थियों का नामांकन अब तक का उच्चतम 98.5 लाख से अधिक हो गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आगामी सत्र हेतु योजनाबद्ध तरीके से प्रवेशोत्सव आयोजित कर नामांकन को 1 करोड़ से अधिक पहुंचाया जाए। शिक्षा विभाग स्कूलों में रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करें।</p>
<p><br /><strong>अंग्रेजी माध्यम के शिक्षकों का कैडर</strong><br />बैठक में बताया गया कि राज्य के सभी जिलों में संचालित महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में पूर्व प्राथमिक कक्षाऐं संचालित की जा रही है एवं नए खोले जा रहे महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में 1000 पूर्व प्राथमिक बाल-वाटिकाऐं संचालित करने की स्वीकृति जारी कर दी गई है। गहलोत ने कहा कि इन विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम के शिक्षकों का कैडर बनाने और 10000 अंग्रेजी माध्यम के अध्यापकों की भर्ती की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूर्ण किया जाए, ताकि ग्रामीण इलाकों के विद्यार्थियों को महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों का पूरा लाभ मिल सके। अधिकारियों ने बताया कि महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए मजबूत मॉनिटरिंग तंत्र स्थापित किया जाएगा। इस कार्य के लिए  प्रारम्भिक/माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर में एवं 9 शैक्षिक संभागों में शीघ्र ही अलग से प्रकोष्ठ स्थापित किए जाएंगे।</p>
<p><br /><strong>3832 माध्यमिक विद्यालय उच्च माध्यमिक स्तर पर क्रमोन्नत</strong><br />बैठक में बताया गया कि कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच दूर दराज में गांव ढाणी तक बनाने के लिए बजट 2022-23 में की गई घोषणा के तुरंत बाद ही राज्य में बिना किसी भेदभाव के सभी 3832 माध्यमिक विद्यालयों को उच्च माध्यमिक स्तर पर क्रमोन्नत किया गया, जिनमें 397 बालिका माध्यमिक विद्यालय भी शामिल हैं तथा 115 बालिका प्राथमिक विद्यालयों को उच्च प्राथमिक स्तर पर क्रमोन्नत किया गया है।</p>
<p><br />खेलकूद को मिला प्रोत्साहन<br />बैठक में बताया गया कि खेलकूद को प्रोत्साहन देने की दिशा में राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इसके लिए 254 विद्यालयों में स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा को कक्षा 11वीं एवं 12वीं में वैकल्पिक विषय के रूप में संचालित करने की स्वीकृति इसी सत्र से प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री ने शारीरिक शिक्षकों के नवसृजित 5546 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया को जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में शिक्षा मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री की पहल पर प्रदेश के स्कूलों में रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया को काफी तेजी से पूरा किया जा रहा है। दिसम्बर, 2018 से अब तक विभाग में 64,706 पदों पर नियुक्तियां दी गई हैं और 24,966 पदोन्नतियां की गई हैं। इन नियुक्तियों के अलावा शिक्षा विभाग ने विभिन्न श्रेणी के शिक्षकों के 94,845 पदों पर भर्तियां प्रक्रियाधीन हैं। प्रारम्भिक शिक्षा के अन्तर्गत 15500 पदों हेतु जिला परिषदों द्वारा 25 मई, 2022 तक नियुक्ति प्रदान कर दी जाएगी।</p>
<p><strong>विद्यालयों में ढांचागत विकास के लिए 2468.76 करोड़ रूपये स्वीकृत</strong><br />अतिरिक्त मुख्य सचिव स्कूल शिक्षा पवन कुमार गोयल ने बताया कि विद्यालयों में ढांचागत विकास के लिए 2468.76 करोड़ रूपये स्वीकृत कर 7199 विभिन्न प्रकार के निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं जिनमें से 30 अप्रेल 2022 तक 6326 कार्य पूर्ण हो गए हैं तथा 778 कार्य प्रगतिरत हैं। इन कार्यों पर अब तक 1730.77 करोड़ रूपये का व्यय किया जा चुका है। प्रस्तावित नई भर्तियों की प्रगति की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में की गई बजट घोषणाओं को तत्परता के साथ पूरा किया जा रहा है। गोयल ने बताया कि शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स में राजस्थान को 1$ रैंकिंग हासिल हुई। फिट इंडिया मूवमेंट में सत्र 2020-21 में राजस्थान राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान पर रहा। इन्सपायर अवॉर्ड योजना में राजस्थान (सत्र 2020-21 एवं 2021-22 में) देश में पहले स्थान पर रहा। शहीदों के बलिदान को सम्मानित करने के उद्देश्य से कुल 297 विद्यालयों के नामकरण शहीदों के नाम से किये गए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 May 2022 14:38:38 +0530</pubDate>
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