<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/operators/tag-21068" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>operators - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/21068/rss</link>
                <description>operators RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सरकार की नीतियों का विरोध : बस ऑपरेटरों का एक दिवसीय सांकेतिक चक्का जाम, बस संचालन में गंभीर आ रही दिक्कतें</title>
                                    <description><![CDATA[आर्थिक स्थिति पर असर पड़ रहा है। संघ ने स्पष्ट किया है कि यह चक्काजाम सांकेतिक होगा। यदि सरकार ने मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो भविष्य में आंदोलन को और तेज किया जा सकता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/one-day-symbolic-jam-by-bus-operators-to-protest-against/article-140666"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/bus.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जयपुर। राजस्थान सहित देशभर में बस ऑपरेटरों के विभिन्न संगठनों ने शुक्रवार रात 12 बजे से एक दिन का सांकेतिक चक्काजाम करने का आह्वान किया है। बस ऑपरेटर एसोसिएशन राजस्थान और बस ऑपरेटर सोसायटी के नेतृत्व में यह चक्काजाम केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों के विरोध में किया जाएगा। ऑपरेटरों का कहना है कि हाल के दिनों में परिवहन विभाग की ओर से लागू किए गए नियम व्यावहारिक नहीं हैं और इससे बस संचालन में गंभीर दिक्कतें आ रही हैं। चक्काजाम के दौरान नई बसों के निर्माण, टाइप अप्रुवल, बस बॉडी कोड, इमरजेंसी गेट, ओवरहेंग, रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया और लगेज कैरियर से जुड़े नियमों को लेकर विरोध दर्ज कराया जाएगा। बस ऑपरेटरों का आरोप है कि लगेज कैरियर को लेकर की जा रही सख्त कार्रवाई से अनावश्यक चालान और उत्पीड़न बढ़ गया है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर असर पड़ रहा है। संघ ने स्पष्ट किया है कि यह चक्काजाम सांकेतिक होगा। यदि सरकार ने मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो भविष्य में आंदोलन को और तेज किया जा सकता है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">सरकार ने चलया था अभियान</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">गौरतलब है कि जैसलमेर व शाहपुरा में हुई बस में आगजनी की घटना के बाद परिवहन विभाग ने प्रदेशभर में लगेज हटाने, बॉडी कोड के अनुसार चेसिस में किए गए बदलावों को सही कराने को लेकर अभियान चलाया था। इस दौरान रोडवेज की सभी बसों से लगेज केरियर हटा दिए गए, लेकिन निजी बस संचालक नही हटा रहे। इसको लेकर कार्रवाई की जा रही है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/one-day-symbolic-jam-by-bus-operators-to-protest-against/article-140666</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/one-day-symbolic-jam-by-bus-operators-to-protest-against/article-140666</guid>
                <pubDate>Sat, 24 Jan 2026 11:01:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/bus.png"                         length="51934"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अव्यवस्था के घड़े में बंद पड़ा बच्चों का ‘अमृत’</title>
                                    <description><![CDATA[मदर मिल्क बैंक के संचालन के लिए आॅपरेटर और आवश्यक स्टाफ जून माह में आना प्रस्तावित था। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/children-s--amrit--lying-closed-in-the-pot-of-chaos/article-86864"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/avyavastha-k-ghde-me-bnd-pda-bachho-ka-amrut...kota-news-05-08-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। जेके लोन अस्पताल में नवजात शिशुओं के लिए बनाए गए मदर मिल्क बैंक को अभी भी चालू नहीं हो सका है। बैंक के संचालन के लिए जरूरी स्टाफ और आॅपरेटर अभी भी उपलब्ध नहीं हो पाए हैं। जिसके चलते लाखों रुपए की लागत से तैयार यह बैंक किसी काम नहीं आ पा रहा है। साथ ही इसमें मौजूद उपकरण भी स्थापित होने के बाद से यूं ही पड़े हैं। ऐसे में नवजात शिशुओं को मां का दूध उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाए गए इस बैंक का लाभ मिलने में और लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।</p>
<p><strong>जून में आना था स्टाफ, अभी भी कागजी कारवाई में</strong><br />मदर मिल्क बैंक के संचालन के लिए आॅपरेटर और आवश्यक स्टाफ जून माह में आना प्रस्तावित था। लेकिन उससे पहले आचार संहिता लगने के कारण प्रक्रिया रुक गई और स्टाफ लगाने का कार्य धीमा पड़ गया। वहीं उसके बाद अस्पताल प्रशासन ने भी अपने स्तर पर स्टाफ को ट्रेनिंग देकर इसके संचालन की कोशिश करने की बात कही थी। जिसमें अभी कोई ट्रेनर नहीं होने से प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाइ है। बैंक के संचालन के लिए स्टाफ एनएचएम नेशनल हेल्थ मिशन जयपुर से आना था जिसकी प्रक्रिया अभी भी कागजी कारवाई में रुकी पड़ी है। </p>
<p><strong>2017 में बना 2021 में हुई चलाने की कोशिश</strong><br />नेशनल हेल्थ मिशन के तहत प्रदेश के 23 जिलों में मदर मिल्क बैंक की स्थापना की गई थी। वहीं नेशनल हेल्थ मिशन के तहत ही प्रदेश सरकार ने अपने स्तर पर कोटा, बीकानेर, झालावाड़ और जोधपुर में 2017 में मदर मिल्क बैंक की शुरूआत की थी। लेकिन उपकरण नहीं आने के चलते कोटा में इसका संचालन नहीं हो सका था। जिसके बाद इसे अस्पताल में ही अस्थाई रूप से साल 2021 में शुरू करने की कोशिश की गई थी। लेकिन कोरोना काल में अंतराष्ट्रीय प्रतिबंधों के चलते जरूरी उपकरण नहीं आ पाए थे और मामला तब से अटका हुआ था। इस पर जेके लोन पिडियाट्रिक मेडिसिन विभागाध्यक्ष अमृता मंयागर ने बताया कि मदर मिल्क बैंक का भवन 80 लाख रुपए की लागत से बनकर तैयार हुआ है। इसके लिए नेशनल हेल्थ मिशन जयपुर से कुछ संसाधन मंगवाए गए थे जो आ चुके हैं। लेकिन उपकरणों को चलाने के लिए जरूरी स्टाफ नहीं आ पाया है।</p>
<p><strong>500 से 700 बच्चों के लिए तीन माह तक उपलब्ध होगा दूध</strong><br />मदर मिल्क बैंक में एक समय में 500 से 700 नवजातों को दूध उपलब्ध करवाने का स्टोरेज रहेगा। साथ ही यहां पर जो मशीनरी स्थापित की गई और जो डीप फ्रीजर लग हैं, उनमें इस दूध को 3 महीने तक प्रिजर्व रखा जा सकता है। कई बार प्रसव के बाद नवजात की मां को सही से दूध नहीं आ पाता है ऐसे में नवजात को दूध उपलब्ध कराने के लिए इस बैंक को बनाया गया है। जहां जेके लोन अस्पताल में भर्ती शिशुओं को यह दूध प्राथमिकता पर उपलब्ध करवाया जाएगा। वहीं अतिरिक्त मदर मिल्क बचने पर उसे दूसरे अस्पतालों को उपलब्ध कराया जा सकेगा। अस्पताल प्रशासन के अनुसार यह सेवा पूरी तरह से निशुल्क रहेगी जिस पर किसी तरह का कोई शुल्क नहीं वसूला जाएगा।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />मदर मिल्क बैंक बनकर तैयार है उसके सभी उपकरण भी स्थापित कर दिए गए हैं। केवल स्टाफ और आॅपरेटर की आवश्यकता है। जिसके लिए एनएचएम जयपुर पत्र लिखा हुआ है, बैंक को इसी माह से शुरू करने का पूरा प्रयास कर रहे हैं।<br /><strong>- निर्मला शर्मा, अधीक्षक, जेके लोन अस्पताल</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/children-s--amrit--lying-closed-in-the-pot-of-chaos/article-86864</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/children-s--amrit--lying-closed-in-the-pot-of-chaos/article-86864</guid>
                <pubDate>Mon, 05 Aug 2024 17:47:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-08/avyavastha-k-ghde-me-bnd-pda-bachho-ka-amrut...kota-news-05-08-2024.jpg"                         length="451998"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बस ऑपरेटर्स की वार्ता विफल, 11 से चक्काजाम</title>
                                    <description><![CDATA[बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्यनारायण साहू ने बताया कि 21 सूत्री मांगों को लेकर शहीद स्मारक पर धरना दिया गया। इसके बाद परिवहन मुख्यालय में आयुक्त केएल स्वामी से वार्ता हुई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/talks-between-bus-operators-fail--jam-from-11/article-56422"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/news-(6).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन के बैनर तले मंगलवार को 21 सूत्री मांगों को लेकर शहीद स्मारक पर धरना दिया। प्रतिनिधि मंडल की परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव आनंद कुमार, परिवहन आयुक्त केएल स्वामी से सचिवालय में वार्ता हुई, जिसमें फिलहाल कोई सहमति नहीं बनी। यदि 10 सितंबर तक मांगे नहीं मानी गई तो 11 सितंबर को रात 12 बजे से बसों का चक्काजाम किया जाएगा। </p>
<p>बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्यनारायण साहू ने बताया कि 21 सूत्री मांगों को लेकर शहीद स्मारक पर धरना दिया गया। इसके बाद परिवहन मुख्यालय में आयुक्त केएल स्वामी से वार्ता हुई। इसके बाद देर शाम सचिवालय में प्रमुख सचिव परिवहन आनंद कुमार से वार्ता हुई, जिसमें फिलहाल कोई सहमति नहीं बनी। 11 से प्रदेशभर में संचालित करीब 30 हजार निजी बसों का चक्काजाम किया जाएगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/talks-between-bus-operators-fail--jam-from-11/article-56422</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/talks-between-bus-operators-fail--jam-from-11/article-56422</guid>
                <pubDate>Wed, 06 Sep 2023 10:10:35 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-09/news-%286%29.png"                         length="526473"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>निजी कॉलेज संचालकों की मनमानी: परीक्षार्थियों से अवैध वसूली</title>
                                    <description><![CDATA[वैर। बृज यूनिवर्सिटी भरतपुर के द्वारा स्नातक स्तर की परीक्षाएं 20 जून से प्रारंभ की गई है जिनके लिए तीन पारियों में परीक्षा संचालित है। प्रात: 8 बजे से 9.30 तक 11 बजे से 12.30 व 2 बजे से 3.30 तक , जिसमें कस्बा वैर स्थित निजी कॉलेजों में यूनिवर्सिटी द्वारा परीक्षा केंद्र आवंटित किये गए है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bharatpur/arbitrariness-of-private-college-operators-illegal-recovery-from-candidates/article-11880"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/weir-(-bharatpur).jpg" alt=""></a><br /><p><br />वैर। बृज यूनिवर्सिटी भरतपुर के द्वारा स्नातक स्तर की परीक्षाएं 20 जून से प्रारंभ की गई है जिनके लिए तीन पारियों में परीक्षा संचालित है। प्रात: 8 बजे से 9.30 तक 11 बजे से 12.30 व 2 बजे से 3.30 तक , जिसमें कस्बा वैर स्थित निजी कॉलेजों में यूनिवर्सिटी द्वारा परीक्षा केंद्र आवंटित किये गए है। आस पास के क्षेत्रों से परीक्षार्थी वैर स्थित निजी कॉलेजों में परीक्षा देने आते हैं। निजी कॉलेज संचालकों के द्वारा अतिरिक्त शुल्क के रूप में परीक्षार्थियों से 100 रुपए की अवैध वसूली का प्रकरण सामने आया है।वैर स्थित निजी कॉलेज संचालक परीक्षार्थियों से अवैध रूप से 100 रुपए लिए जा रहे हैं, परीक्षार्थियों को अतिरिक्त 100 रुपये दिये जाने के लिए बाध्य किया जा रहा है।</p>
<p>वहीं परीक्षार्थियों को परीक्षा से वंचित करने के लिये धमकी दी जाती है। उक्त समस्या को लेकर परीक्षार्थियों ने अपने परिजनों को अवगत कराया तो उन्होंने प्रकरण को लेकर कॉलेज व्यवस्थापकों से बात की तो उन्होंने अतिरिक्त शुल्क का हवाला देते हुए कहा कि हम परीक्षार्थियों को ठंडा पानी व स्वच्छ टॉयलेट की व्यवस्था करने में इस अतिरिक्त शुल्क का उपयोग करते हैं। जबकि इस अतिरिक्त शुल्क की किसी भी प्रकार की रसीद नहीं दी जाती है। इस तरह की अवैध तरीके की कॉलेज संचालकों द्वारा वसूली को लेकर परीक्षार्थियों व परिजनों ने कॉलेज संचालकों के प्रति आक्रोश प्रकट किया है। उनका कहना है कि सभी शुल्क परीक्षा से पहले ही जमा करा दिए गए हैं। परिजनों ने इस संबंध में उपखंड अधिकारी को अवगत कराया तो उन्होंने आश्वस्त कराया कि इस तरह की कोई समस्या है तो हम व्यवस्थापकों को बोल देंगे व परीक्षार्थियों को इस तरह की कोई समस्या नहीं आने दी जाएगी।  <br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>भरतपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bharatpur/arbitrariness-of-private-college-operators-illegal-recovery-from-candidates/article-11880</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bharatpur/arbitrariness-of-private-college-operators-illegal-recovery-from-candidates/article-11880</guid>
                <pubDate>Sat, 11 Jun 2022 12:27:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-06/weir-%28-bharatpur%29.jpg"                         length="71030"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>  पांच साल में हर तीसरी भर्ती का पेपर हुआ आउट </title>
                                    <description><![CDATA[अभ्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़: अभिभावक संघ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--every-third-recruitment-paper-out-in-five-years-constable-recruitment-paper-leak-case--demand-for-action-against-center-and-operators-as-soon-as-possible/article-9993"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/diwakar-public.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की रीत बढ़ती जा रही है। ऐसे मामलों में कभी राज्य सरकार भर्ती परीक्षा की जांच करवाती है तो कभी बिना जांच के ही नियुक्ति दे दी जाती है। राजस्थान में पिछले 4-5 सालों में यह देखा गया है कि हर तीसरी भर्ती का पेपर आउट हो रहा है। वहीं राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की भर्तियों में तो हर दूसरी भर्ती परीक्षा का पेपर आउट हुआ है।</p>
<p><br /><strong>अभ्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़: अभिभावक संघ</strong><br />पेपर लीक मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में मंगलवार को संयुक्त अभिभावक संघ ने भी राज्य सरकार पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि पुलिस भर्ती परीक्षा का पेपर लीक मामला एक सोची समझी साजिश है। अभ्यार्थियों के भविष्य की उम्मीदों से खिलवाड़ किया गया है। संघ के प्रदेश कोषाध्यक्ष सर्वेश मिश्रा ने कहा कि राज्य सरकार पेपर लीक मामले पर गंभीरता दिखाते हुए मामले की सीबीआई जांच करवाई जाए और आरोपी एएसआई रतनलाल को बर्खास्त कर सभी आरोपियों की समाप्ति जब्त करने की कार्रवाई करें। वहीं झोटवाड़ा के जिस निजी स्कूल से पेपर लीक हुआ उस स्कूल की मान्यता रद्द कर सख्त कार्रवाई की जाए। <br /><br /><strong>मोहन ने कर लिया मोबाइल बंद</strong><br />14 मई को द्वितीय पारी में प्रश्न पत्र प्राप्त कर खोलने वाले स्टाफ   की सूची केन्द्राधीक्षक से ली गई तो उसमें कमल वर्मा, रोशन कुमावत, सत्यनारायण और मोहन, एएसआई रतनलाल और टीसीएस से राकेश का नाम था। इसमें मोहन परीक्षा केन्द्र पर 15 मई को नहीं मिला। उसका मोबाइल भी बंद था। <br /><br /><strong>बेरोजगारों का प्रदर्शन</strong><br />कांस्टेबल पेपर लीक मामले में बेरोजगार युवक दिवाकर स्कूल पहुंचे और पेपर लीक करने वालों के खिलाफ प्रदर्शन किया। दिवाकर स्कूल की मान्यता रद्द करने और दोषियों के खिलाफ 10 साल की सजा की मांग की है। राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ अध्यक्ष उपेन यादव के नेतृत्व में रैली निकालकर बेरोजगार सेंटर के बाहर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन कर जल्द से जल्द सेंटर और संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। <br /><br /><strong>भाजपा के समय भी हुए पेपर आउट</strong> <br />कांस्टेबल भर्ती परीक्षा पेपर लीक प्रकरण पर सियासत शुरू हो गई है। भाजपा के इस मुद्दे पर सरकार को घेरने के बाद कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने भाजपा नेताओं पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा शासन में भी पेपर आउट हुए हैं। भाजपा तो खुद नकल करवाती आई है। इसलिए भाजपा को बयानबाजी का कोई अधिकार नहीं है। कांग्रेस सरकार ने तो नकल विरोधी कानून बनाकर सख्त कदम उठाया है। कानून का उल्लघंन करने पर कानून में कठोर कार्रवाई का प्रावधान है। <br /><br /><strong>नौजवानों के सपने टूटे</strong><br />पर्चे तभी लीक होते हैं जब सरकार वीक होती है। सरकार चिंतन में व्यस्त थी। वहीं दूसरी ओर नौजवानों के सपने टूट रहे थे। लाखों विद्यार्थियों के अरमानों पर पानी फिर गया। स्थितियां सरकार के नियंत्रण के बाहर है। खुद सीएम दोषी है। एसओजी की कार्रवाई में रीट के दौरान छोटी मछलियां पकड़ी गई। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन रहे डीपी जारौली ने भी तब स्वीकार किया है। प्रदेश में नकल, खनन, ड्रग, भू माफिया सक्रिय है। - <strong>सतीश पूनिया, प्रदेशाध्यक्ष, भाजपा।</strong><br /><br /><strong>सरकार की मंशा पर संदेह</strong><br />क के बाद एक धांधली सामने आने से सरकार की मंशा पर संदेह उपजता है। भर्ती परीक्षाओं के पेपर लगातार लीक हो रहे हैं। पुख्ता प्रबंध के बाद परीक्षा प्रक्रिया को संचालित करना चाहिए। दिखावे के लिए परीक्षा कराई जाती है और पर्चा लीक करा दिया जाता है। परीक्षा अटकी रहेगी। भर्ती होगी नहीं।- <strong>गजेन्द्र सिंह शेखावत, केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री।</strong><br /><br /><strong>पेपर लीक अब पंरपरा सी बन गई</strong><br />सरकार इतनी वीक है कि पेपर लीक अब पंरपरा सी बन गई है। इतने पेपर लीक हो चुके हैं। साफ है कि नकल माफिया की सरकार में जड़े गहरी हो चुकी है। परीक्षाएं निष्पक्षता से होना संभव ही नहीं लग रहा है। पेपर लीक बिना प्रशासनिक गठजोड़ के संभव नहीं है। लीक के तार ऊंचे ओहदों तक जुड़े हो सकते हैं। - <strong>राजेन्द्र राठौड़, उपनेता प्रतिपक्ष, विधानसभा।</strong><br /><br /><strong>सीबीआई जांच हो तो उतरेगा नकाब</strong><br />एक भी परीक्षा निष्पक्षता से इस सरकार में नहीं हुई है। बड़े लोगों की भागीदारी से इनकार नहीं किया जा सकता है। पेपर लीक की सीबीआई जांच हो तो चेहरों से नकाब उतर जाए। - <strong>वासुदेव देवनानी, पूर्व शिक्षा मंत्री व विधायक</strong><br /><br /><span style="background-color:#00ccff;color:#ff0000;"><strong>कभी होती जांच तो कभी बिना जांच के मिल रही नियुक्ति</strong> </span><br /><strong>प्रयोगशाला सहायक भर्ती-2018</strong><br />1200 पदों पर तीन फरवरी 2019 को परीक्षा हुई, लेकिन आरोप लगा कि परीक्षा में पेपर छापने और ओएमआर जांचने वाली कंपनी ने सैकड़ों ओएमआर शीट को भरकर फर्जी अभ्यर्थियों का चयन कर लिया।</p>
<p><br /><strong>कृषि पर्यवेक्षक भर्ती- 2018</strong><br />1832 पदों पर निकली भर्ती की परीक्षा 3 मार्च 2019 को हुई, लेकिन परीक्षा में पेपर छापने एवं ओएमआर जांचने वाली कंपनी पर फिर आरोप लगे। यहां भी बिना जांच किए नियुक्तियां दे दी गई।</p>
<p><br /><strong>एनटीटी भर्ती 2018</strong><br />पूर्व प्राथमिक शिक्षा अध्यापक के 1310 पदों पर 24 फरवरी 2019 को परीक्षा हुई। आरोप लगा कि अभ्यर्थियों ने अपनी डिग्री अन्य राज्यों से फर्जी तरीके यानी बेक डेट से हासिल की थी, लेकिन भर्ती के परिणाम को दो साल बीत चुके हैं। फर्जी डिग्री वालों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।</p>
<p><br /><strong>पैरामेडिकल कैडर की परीक्षाएं</strong> <br />पैरामेडिकल कैडर की लैब टेक्नीशियन, सहायक रेडियोग्राफर एवं ईसीजी की 1119, 1058 और 195 पदों पर आॅनलाइन आवेदन मांगकर बिना परीक्षा लिए शैक्षणिक योग्यता के आधार पर चयन किया गया। आरोप लगा कि अभ्यर्थियों ने निजी विश्वविद्यालयों से बैक डेट में डिग्रियां ली, लेकिन ऐसी डिग्रियों का सत्यापन नहीं कराया गया। <br /><br /><strong>जेईन भर्ती-2020</strong><br />जेईन के सिविल ब्रांच के करीब 533 पदों पर 6 दिसंबर 2020 को हुई परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक हुआ। 29 दिसंबर 2020 को बोर्ड ने परीक्षा को रद्द कर दिया। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने फिर से 12 सितम्बर 2021 को परीक्षा कराई, लेकिन पुन: पेपर लीक हुआ। 6 दिसम्बर 2020 को कराई परीक्षा का पेपर फिर आउट हुआ, लेकिन उसकी न तो जांच हुई और ना ही यह पता लगाया गया कि पेपर कहां से लीक हुआ।</p>
<p><br /><strong>पुस्तकालयाध्यक्ष भर्ती-2018</strong> <br />पुस्तकाल्याध्यक्ष के 700 पदों के लिए 29 दिसंबर 2019 को हुई परीक्षा का पेपर आउट होने पर इसे रदद् कर दिया गया। दोबारा से परीक्षा 19 सितंबर 2020 को हुई, लेकिन दूसरी बार भी पेपर आउट हुआ, जिसकी जांच एसओजी ने की।</p>
<p><br /><strong>पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती 2021</strong><br />आरपीएससी राजस्थान पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती 2021 की परीक्षा तीन चरणों में 13 से 15 सितंबर 2021 को कराई गई परीक्षा का पेपर आउट हुआ। यही नहीं डमी कैंडिडेट बैठकर परीक्षा कराने के कई मामले आए और 18 से ज्यादा आरोपी पकड़े भी गए।</p>
<p><br /><strong>आरएएस भर्ती 2018</strong><br />यह परीक्षा 2019 में हुई, जिसमें साक्षात्कार में अंक दिलवाने वाले आयोग के कनिष्ठ लेखाकार को एसीबी ने गिरफ्तार किया। इस प्रकरण में आयोग की सदस्या का नाम भी था। वहीं तत्कालीन शिक्षा मंत्री पर भी सवाल खड़े हुए थे, लेकिन राज्य सरकार द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।</p>
<p><br /><strong>राजस्थान रीट परीक्षा 2021</strong><br />रीट भर्ती परीक्षा प्रकरण के सम्बन्ध में वर्तमान में राजस्थान एसओजी द्वारा जांच जारी है। रीट लेवल 2 को सरकार ने रद्द कर दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--every-third-recruitment-paper-out-in-five-years-constable-recruitment-paper-leak-case--demand-for-action-against-center-and-operators-as-soon-as-possible/article-9993</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--every-third-recruitment-paper-out-in-five-years-constable-recruitment-paper-leak-case--demand-for-action-against-center-and-operators-as-soon-as-possible/article-9993</guid>
                <pubDate>Wed, 18 May 2022 16:06:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-05/diwakar-public.jpg"                         length="54697"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        