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                <title>वादे वही, नेता बदलते रहे...अंतिम पांच वार्डों की पड़ताल में भी समस्याओं का अंबार</title>
                                    <description><![CDATA[दैनिक नवज्योति की ऑडिट रिपोर्ट में सामने आई कहीं जर्जर सड़कें तो कहीं गंदे नाले, सामुदायिक भवन और सुलभ शौचालय का भी अभाव।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/same-old-promises--changing-leaders----a-mountain-of-problems-found-during-the-inspection-of-the-final-five-wards/article-164572"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/111200-x-600-px)-(5)3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम के नए सौ वार्डों की पड़ताल के अंतिम चरण में दैनिक नवज्योति की टीम मंगलवार को शेष पांच वार्डों में पहुंची और वहां की व्यवस्थाओं का जमीनी जायजा लिया। क्षेत्रवासियों से बातचीत में एक बार फिर मूलभूत सुविधाओं की कमी और विकास कार्यों को लेकर नाराजगी सामने आई। लोगों का कहना था कि चुनाव आते हैं तो विकास के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद समस्याएं जस की तस बनी रहती हैं। क्षेत्रवासियों ने तंज कसते हुए कहा, “नेता जी बदलते रहेंगे, लेकिन वादे वही रहेंगे।”</p>
<p>दैनिक नवज्योति की टीम ने सौ वार्डों में विकास और समस्याओं की पड़ताल के दौरान शहर के विभिन्न इलाकों की तस्वीर सामने लाई है। अंतिम पांच वार्डों में पहुंचने पर भी हालात बहुत अलग नजर नहीं आए। कहीं जर्जर सड़कें लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं तो कहीं नालों की सफाई नहीं होने से गंदगी और दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है। कई क्षेत्रों में सामुदायिक भवन और सार्वजनिक शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों से उन्हें उम्मीद रहती है कि वे क्षेत्र की छोटी-बड़ी समस्याओं का समाधान करवाएंगे। हालांकि कई इलाकों में वर्षों से चली आ रही समस्याएं आज भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं।</p>
<p><strong>वार्ड 99 में सुविधाओं का अभाव</strong><br />क्षेत्रवासियों ने बताया कि इलाके में आज भी सामुदायिक भवन और सुलभ शौचालय जैसी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। लोगों को सामाजिक एवं पारिवारिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए परेशानी उठानी पड़ती है। सार्वजनिक शौचालय नहीं होने से भी क्षेत्रवासियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। क्षेत्र में कई स्थानों पर नालियां भी नहीं बनी हुई हैं। इसके चलते घरों से निकलने वाले पानी की उचित निकासी नहीं हो पाती और लोगों को अपने स्तर पर व्यवस्था करनी पड़ती है। बारिश के दौरान यह समस्या और अधिक गंभीर हो जाती है। क्षेत्रवासियों ने बताया कि लंबे समय से इन सुविधाओं की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक अपेक्षित समाधान नहीं हो पाया है।</p>
<p><strong>बालाकुंड में विकास की रफ्तार बेहद धीमी</strong><br />वार्ड नंबर 96 के अंतर्गत आने वाले बालाकुंड क्षेत्र में विकास कार्यों की स्थिति को लेकर लोगों ने नाराजगी जताई। क्षेत्रवासियों का कहना है कि इलाके में विकास कार्य न के बराबर हुए हैं। नियमित सफाई व्यवस्था नहीं होने के कारण कई स्थानों पर गंदगी पसरी रहती है। लोगों ने बताया कि क्षेत्र की कई सड़कों की हालत खराब है और आवश्यक स्थानों पर सीसी रोड का निर्माण भी नहीं हुआ है। क्षतिग्रस्त सड़कों से प्रतिदिन आवागमन करने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। स्थानीय निवासियों के अनुसार वर्षों से घरों के सामने कचरा संग्रहण पॉइंट बने हुए हैं, लेकिन इनका स्थायी और उचित समाधान अब तक नहीं किया गया।</p>
<p><strong>वार्ड 97 में जर्जर सड़कों से परेशान लोग</strong><br />वार्ड नंबर 97 के अंतर्गत आने वाले जवाहर नगर क्षेत्र में भी जर्जर सड़कें लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं।बारिश के दिनों में हालात और भी खराब हो जाते हैं। टूटी सड़कों और गड्ढों में पानी भरने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन समस्या का पूर्ण समाधान नहीं हो पाया है।</p>
<p><strong>गंदे नाले और दुर्गंध ने बढ़ाई मुश्किलें</strong><br />वार्ड 97 में नालों की नियमित सफाई नहीं होने की शिकायत भी सामने आई। लोगों के अनुसार नालों में कचरा जमा होने से पानी की निकासी प्रभावित होती है और आसपास दुर्गंध फैलती रहती है। बारिश के दौरान कई बार नाले ओवरफ्लो होने लगते हैं, जिससे गंदा पानी सड़कों और आसपास के क्षेत्रों में फैल जाता है।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद सुदर्शन गौतम</strong><br />कार्यकाल से पहले क्षेत्र में नालों के ओवरफ्लो होने से गंदा पानी सड़कों और आसपास के इलाकों में भर जाता था। क्षेत्रवासियों को राहत दिलाई गई। करीब 10 करोड़ रुपए की लागत से क्षेत्र में सीसी सड़कों का निर्माण कराया गया। वर्तमान में भी विकास कार्य जारी हैं और पार्कों का निर्माण व विकास कराया जा रहा है। वार्ड में सामुदायिक भवन का निर्माण भी करवाया गया।</p>
<p><strong>पूर्व वार्ड पार्षद नवीन यादव</strong><br />क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या वर्षों से लंबित पट्टों की थी। लोगों को लंबे समय से पट्टे नहीं मिले थे, जिसके लिए प्रयास कर अनेक लोगों को पट्टे दिलवाए गए। वार्ड की गलियों में सीसी रोड और नालियों का निर्माण कराया गया। उन्होंने बताया कि क्षेत्रवासियों के राशन कार्ड भी बनवाए गए। हालांकि वार्ड में आज भी पार्क, सामुदायिक भवन और डिस्पेंसरी जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद कुलदीप प्रजापति</strong><br />कार्यकाल से पहले वार्ड में साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब थी, जिसमें सुधार के लिए विशेष प्रयास किए गए। क्षेत्र में सीवेज कार्य करवाने के साथ पार्कों का जीर्णोद्धार भी कराया गया। जहां आवश्यकता और संभावना थी, वहां रोड लाइटें लगवाई गईं। उन्होंने बताया कि वार्ड में सामुदायिक भवन और सुलभ कॉम्प्लेक्स जैसी सुविधाओं का अभी भी अभाव है।</p>
<p><strong>वार्डवासी करतार सिंह</strong><br />सड़कें क्षतिग्रस्त होकर लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। साफ-सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है और जगह-जगह बने कचरा पॉइंट क्षेत्र की सुंदरता को बिगाड़ने के साथ लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। उनका कहना है कि नियमित सफाई और सड़कों की मरम्मत के लिए जिम्मेदार विभाग को गंभीरता से कार्य करना चाहिए, ताकि क्षेत्रवासियों को मूलभूत सुविधाएं मिल सकें।</p>
<p><strong>वार्डवासी संतोष कुमार</strong><br />क्षेत्र में कई सड़कें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, लेकिन उनकी समय पर मरम्मत नहीं होने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वार्ड के नालों की नियमित और समयबद्ध सफाई भी नहीं होती। बारिश के दौरान यह समस्या और अधिक गंभीर हो जाती है तथा गंदा पानी जमा होने की आशंका बनी रहती है।</p>
<p><strong>वार्डवार नंबर व क्षेत्र</strong><br />-वार्ड नंबर 96 में संपूर्ण बालाकुंड एवं अग्रसेन नगर का क्षेत्र शामिल है।<br />-वार्ड नंबर 97 में दानबाड़ी, संपूर्ण जवाहर नगर, डिस्ट्रिक्ट सेंटर, तलवंडी सेक्टर-सी एवं तलवंडी एसएफएस कॉलोनी का क्षेत्र शामिल है।<br />-वार्ड नंबर 98 में गणेश तालाब, बसंत विहार सेक्टर-2 एवं 3 का संपूर्ण क्षेत्र तथा बसंत विहार का आंशिक क्षेत्र शामिल है।<br />-वार्ड नंबर 99 में महावीर नगर विस्तार योजना-6 एवं सेक्टर-5 का संपूर्ण क्षेत्र, अग्रसेन नगर, गुर्जर बस्ती एवं गणेश तालाब सेक्टर-1 सहित आसपास के क्षेत्र शामिल हैं।<br />-वार्ड नंबर 100 में तीन बत्ती चौराहा मुख्य मार्ग, बसंत विहार का आंशिक क्षेत्र, केशवपुरा मूर्तिधाम सहित आसपास के क्षेत्र शामिल हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 03 Sep 2026 15:26:00 +0530</pubDate>
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                <title>समस्याओं के बीच गुजर रही जिंदगी, चुनावी वादों पर फिर सवाल, वार्डवासी बोले- जब नेताओं ने नहीं सुनी तो किससे कहें अपनी बात</title>
                                    <description><![CDATA[घंटाघर-मकबरा जैसे कंजेस्टेड इलाकों में सफाई, टूटी सड़क और नालियों की परेशानी बनी रोजमर्रा की चुनौती।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/life-amidst-persistent-problems--questions-raised-again-regarding-election-promises--residents-ask%E2%80%94%22when-leaders-don-t-listen--to-whom-can-we-voice-our-grievances-%22/article-164122"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/6622-copy114.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में आगामी पार्षद चुनावों की तैयारियों के बीच जमीनी हकीकत जानने के लिए वार्ड नंबर 44 से 49 तक की ग्राउंड रिपोर्टिंग की गई। रिपोर्टिंग के दौरान सामने आया कि कई वार्ड क्षेत्र आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कहीं सफाई व्यवस्था बदहाल है तो कहीं क्षतिग्रस्त सड़कें लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं। टूटी नालियां, फैली गंदगी और अतिक्रमण की समस्या ने कई क्षेत्रों की तस्वीर बिगाड़ रखी है। लोगों का कहना है कि हर चुनाव में विकास के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव बीतने के बाद कई वादे कागजों और भाषणों तक ही सीमित रह जाते हैं।</p>
<p><strong>कंजेस्टेड इलाकों में रोज की जद्दोजहद</strong><br />ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान घंटाघर, मकबरा और टिपटा जैसे अत्यधिक कंजेस्टेड क्षेत्रों की स्थिति सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण नजर आई। यहां संकरी गलियों, बढ़ते यातायात और अव्यवस्थित व्यवस्थाओं के कारण आमजन को रोजमर्रा की जिंदगी में काफी संघर्ष करना पड़ता है। कई स्थानों पर सड़कें क्षतिग्रस्त हैं, नालियां टूटी हुई हैं और सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है। गंदगी के ढेर और नालियों से उठती बदबू लोगों की परेशानी को और बढ़ा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कंजेस्टेड इलाकों में सफाई और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। जाम और अतिक्रमण की समस्या के कारण पैदल निकलना भी कई बार मुश्किल हो जाता है। दुकानों के बाहर फैलता सामान और बढ़ते अतिक्रमण से रास्ते संकरे होते जा रहे हैं। इसका सीधा असर व्यापारियों के साथ-साथ राहगीरों और क्षेत्रवासियों पर पड़ रहा है।</p>
<p><strong>‘नेता जी के घर के बाहर की समस्या, फिर भी नहीं हुआ समाधान’</strong><br />चश्मे की बावड़ी क्षेत्र में वर्षों पुरानी नाले की समस्या आज भी लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है। वार्डवासियों का कहना है कि नाले की समस्या का स्थायी समाधान लंबे समय से नहीं हो पाया है। लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यह समस्या ऐसे स्थान पर है, जहां से जनप्रतिनिधि भी परिचित और उनका घर भी नाले पर बना हुआ हैं। एक वार्डवासी ने दो टूक कहा, “नाले की समस्या तो नेता जी के घर के बाहर की है। जब नेता जी ने ही ध्यान नहीं दिया तो हम आखिर किसके पास जाकर अपनी बात कहें।”</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद जमुना बाई</strong><br />वर्षों से बंद पड़ी टिपटा चौकी को शुरू करवाने के साथ ही पाटनपोल क्षेत्र में स्कूल भवन का निर्माण कराया गया। मंदिरों का जीर्णोद्धार भी करवाया गया। उन्होंने कहा कि वार्ड में साफ-सफाई की समस्या बनी रहती है, जिसके समाधान के लिए प्रशासन के साथ आमजन को भी जागरूक होकर जिम्मेदारी निभानी होगी।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद नसरीन मिर्ज़ा</strong><br />वार्ड की संकरी गलियों में कचरा संग्रहण एक बड़ी चुनौती था। इस समस्या के समाधान के लिए कई कचरा पॉइंट हटवाए गए और घर-घर से कचरा एकत्रित करने के लिए हाथगाड़ियों की व्यवस्था करवाई गई।इस व्यवस्था से गलियों में फैली गंदगी को कम करने में मदद मिली। नियमित सफाई और बेहतर कचरा प्रबंधन के लिए स्थानीय लोगों की भागीदारी भी जरूरी है।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद सोनू कुरेशी</strong><br />कार्यकाल में वार्ड में विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए कई सुविधाएं उपलब्ध करवाई गईं। आधुनिक सुविधाओं से युक्त सुलभ कॉम्प्लेक्स और सामुदायिक भवन का निर्माण कराया गया, वहीं कब्रिस्तान का भी विकास करवाया गया। वार्डवासियों को पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के लिए घर-घर तक पानी की पाइपलाइन डलवाई गई। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार कार्य किए गए।</p>
<p><strong>वार्डवासी अब्दुल रहीस</strong><br />क्षेत्र की बदहाल व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वार्ड में जगह-जगह गंदगी फैली रहती है और सड़कें व नालियां टूटी पड़ी हैं। कई बार जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को समस्याओं से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लोग इन समस्याओं से परेशान हैं और समाधान नहीं होने के कारण वार्डवासियों की परेशानी जस की तस बनी हुई है।</p>
<p><strong>वार्डवासी हसीना</strong><br />क्षेत्र में नाले की समस्या कई वर्षों से बनी हुई है। नाले का गंदा पानी कई बार घरों तक पहुंच जाता है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वार्ड में गंदगी भी आम समस्या बनी हुई है। उन्होंने जिम्मेदारों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब नेताओं के घरों के आसपास की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है, तो आम लोग आखिर अपनी शिकायत लेकर किसके पास जाएं।</p>
<p><strong>वार्डवार क्षेत्र का व्यवस्थित विवरण</strong><br />वार्ड नंबर 44: संपूर्ण थर्मल कॉलोनी, कुन्हाडी थाना, संत तुकाराम सामुदायिक भवन, अंबेडकर कॉलोनी, हनुमान गढ़ी, सरकारी स्कूल, धुआंखाल, देवनारायण सामुदायिक भवन, हटाई का चौक, काली टेक हनुमानजी का मंदिर, सुलभ शौचालय, मस्जिद गली, नागर फ्लोर मिल नारायण भवन, इम्मानुएल स्कूल तथा जैन मंदिर का क्षेत्र शामिल है।<br />वार्ड नंबर 45: इमली चौक, शूजाउद्दीन चौक, भिस्तियों की मस्जिद, पुरानी हरिजन बस्ती, कुरेशियों की मस्जिद, गुले-गुलजार, उमर कॉलोनी, मकबरा थाना, एहले हदीस मस्जिद, डॉक्टर जाकिर हुसैन सामुदायिक भवन, भाण्डों की मस्जिद, राज हवेली, मामा करीम चौक, जेदी स्टूडियो, रेमण्ड शोरूम, शनि मंदिर, हम्मलों का चौक, चश्मे की बावड़ी, कुरैशी जमातखाना, देवनारायण मंदिर, हुसैन चौक, बजाजखाना, बंबोला मंदिर, तेलियों की चौकड़ी, मोमिनों की बड़ी मस्जिद, जाकिर नई तथा रघु पान की गली आदि क्षेत्र शामिल हैं।<br />वार्ड नंबर 46: आईसीआईसीआई बैंक, मेन रोड पाटनपोल, मथुराधीश जी का मंदिर, भट्जी महाराज का चौक, छोटे मथुराधीश जी, राजकीय बालिका माध्यमिक विद्यालय टिपटा, काजीपाड़ा, भूरिया गणेशजी मंदिर, सराय का स्थान, मथुरेश भवन, लालबुर्ज, काली कंकाली मंदिर, नारायण बाल निकेतन, गंधीजी का पुल, लक्ष्मी होटल, चित्तौड़ा स्कूल का क्षेत्र शामिल है।<br />वार्ड नंबर 47: गढ़ पैलेस, पादमनाभ मंदिर, नीलकंठ मंदिर, अफीम गोदाम, पट्टा बुर्ज अखाड़ा, रेतवाली, कैथूनीपोल थाना तथा सत्यनारायण मंदिर का क्षेत्र शामिल है।<br />वार्ड नंबर 48: वफ्फ नगर, गोदावरी धाम, अधरशिला कच्ची बस्ती, अधरशिला कब्रिस्तान, चंबल गार्डन, गांधी उद्यान, नगर निगम गैराज, चंबल रेस्ट हाउस, बजरंग बस्ती, गोविंद धाम तथा किशोरपुरा के आंशिक क्षेत्र शामिल हैं।<br />वार्ड नंबर 49: भीतरीय कुंड एवं शिवपुरा का संपूर्ण क्षेत्र शामिल है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 13:04:49 +0530</pubDate>
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                <title>सुवास पंचायत में स्वच्छता व्यवस्था फेल, गांवों में गंदगी बनी मुसीबत</title>
                                    <description><![CDATA[ नालियों की सफाई और कचरा संग्रहण की व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग तेज।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/sanitation-system-fails-in-suvas-panchayat--filth-in-villages-becomes-a-major-issue/article-161428"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/111200-x-600-px)-(6)6.png" alt=""></a><br /><p>किशनगंज। केंद्र एवं  राज्य सरकार द्वारा संचालित स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत भले ही स्वच्छत को लेकर लगातार दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हों, लेकिन किशनगंज पंचायत समिति क्षेत्र की ग्राम पंचायत सुवास में जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। ग्राम ग्राम सुवास, नयागांव सहित पंचायत क्षेत्र के कई गांवों में नियमित सफाई व्यवस्था नहीं होने से जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में नालियां गंदगी से अटी पड़ी हैं, जिससे दुर्गंध फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है। स्वच्छता अभियान के तहत लाखों रुपए खर्च होने के बावजूद धरातल पर सफाई व्यवस्था प्रभावी दिखाई नहीं दे रही है।</p>
<p><strong>निर्देशों के बाद भी हालात जस के तस</strong><br />ग्रामीणों के अनुसार पंचायत समिति के अधिकारियों द्वारा समय-समय पर निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए जाते रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ है। इससे पंचायत क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आ रही है।</p>
<p><strong>मंत्री के निर्देशों की नहीं हो रही पालना</strong><br />स्वच्छता को लेकर दिए जा रहे उच्च अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के निर्देशों की प्रभावी पालना नहीं हो रही है। उन्होंने मांग की है कि गांवों में नियमित सफाई कर्मियों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, नालियों की समय पर सफाई कराई जाए और स्वच्छ भारत मिशन के नियमों का सख्ती से पालन करवाया जाए।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />सुवास गांव के मुख्य सड़क पर नालिया निर्माण नहीं होने से पानी सड़क पर बहता रहता है। गंदा पानी सड़कों पर बहता रहता है। कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं होती।<br /><strong>-लेखराज, ग्रामीण</strong></p>
<p>बरसात में हालात और खराब हो जाते हैं। घरों के सामने गंदगी और पानी भरने से मच्छर, मक्खी पैदा होने से बच्चो और बुजुर्गों के बीमार होने का डर बना रहता है।<br /><strong>-सुनील, ग्रामीण</strong></p>
<p>स्वच्छ भारत अभियान सिर्फ कागजों तक सीमित नजर आता है। गांव में नियमित सफाई हो और कचरा उठाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।<br /><strong>- गौरव, ग्रामीण</strong></p>
<p>गांव का निरीक्षण कर नाली निर्माण, कचरा संग्रहण, नियमित सफाई को लेकर ग्राम विकास अधिकारी को निर्देशित किया गया है।<br /><strong>- नवल किशोर मीणा,कार्यवाहक विकास अधिकारी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 15:11:28 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>जलकुंभी की चपेट में राणा प्रताप सागर बांध, फ्लोटर पंप और टरबाइनों पर बढ़ा खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[कम वर्षा, बरसाती नालों की सफाई में देरी और अपस्ट्रीम से बहकर आई जलकुंभी ने बढ़ाई चिंता।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/rana-pratap-sagar-dam-is-plagued-by-water-hyacinth--risks-to-floating-pumps-and-turbines-have-increased/article-161426"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/111200-x-600-px)-(3)16.png" alt=""></a><br /><p>रावतभाटा । प्रदेश के प्रमुख जल स्रोतों में शामिल राणा प्रताप सागर बांध इन दिनों जलकुंभी (वॉटर हाईसिन्थ) के बढ़ते प्रकोप से जूझ रहा है। कम वर्षा, बरसाती नालों की समय पर सफाई नहीं होने और अपस्ट्रीम क्षेत्रों से बहकर आई जलकुंभी के कारण बांध का बड़ा क्षेत्र इसकी चपेट में आ गया है। इससे बांध की जल गुणवत्ता, जलीय जीव-जंतुओं के साथ-साथ फ्लोटर पंप, टरबाइन और पेयजल आपूर्ति व्यवस्था पर भी खतरा बढ़ गया है।</p>
<p>विशेषज्ञों के अनुसार जलकुंभी पानी की सतह पर तेजी से फैलने वाला पौधा है, जो पानी में घुलित ऑक्सीजन की मात्रा को कम कर देता है। इसके कारण मछलियों सहित अन्य जलीय जीवों के जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। वर्तमान में मत्स्य प्रजनन काल होने के कारण इसका असर और गंभीर माना जा रहा है। समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया तो मत्स्य पालन से जुड़े लोगों की आजीविका भी प्रभावित हो सकती है।</p>
<p><strong>स्थानीय लोगों ने उठाई विशेष सफाई अभियान की मांग</strong><br />स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बरसात से पहले बरसाती नालों की नियमित सफाई और जलकुंभी हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाता तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो जलकुंभी की समस्या पर्यावरण, जलीय जैव विविधता और शहर की पेयजल व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।</p>
<p><strong>धीमे जल प्रवाह से बढ़ा फैलाव</strong><br />राणा प्रताप सागर बांध का वर्तमान जलस्तर 1139.34 फीट दर्ज किया गया है। 28 जुलाई 2026 तक राणा प्रताप सागर क्षेत्र में 235.20 मिमी, गांधी सागर में 199.00 मिमी, जवाहर सागर में 250.10 मिमी और कोटा बैराज क्षेत्र में 195.20 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अपेक्षाकृत कम वर्षा और जल प्रवाह की धीमी गति के कारण जलकुंभी को फैलने का अनुकूल वातावरण मिला है।</p>
<p>अपस्ट्रीम क्षेत्रों के बरसाती नालों से बहकर जलकुंभी बांध क्षेत्र में पहुंचती है। यदि मानसून से पहले इन नालों की प्रभावी सफाई कर दी जाए तो जलकुंभी की समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है। जलकुंभी के कारण फ्लोटर पंप और टरबाइनों की कार्यक्षमता प्रभावित होती है, जिससे इनके संचालन में बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं।<br /><strong>- आशीष जैन, अधिशासी अभियंता, राणा प्रताप सागर बांध</strong></p>
<p>जलकुंभी के कारण फ्लोटर पंपों के संचालन में परेशानी आती है। इससे पेयजल आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है। विभाग की ओर से आवश्यकता के अनुसार सफाई और निगरानी की जाती है, ताकि जलापूर्ति व्यवस्था सुचारू बनी रहे।<br /><strong>- पवन शर्मा, अधिशासी अभियंता,जलदाय विभाग</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 15:09:17 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>सड़क तो सुधरी नहीं, दीवार व व्यू कटर भी ढहे</title>
                                    <description><![CDATA[बरसात का पानी भरने से गड्ढ़े लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/road-remains-unrepaired--wall-and--view-cutters--collapse/article-159538"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/1200-x-600-px)36.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम की ओर से एक तरफ तो शहर में सभी बड़े बरसाती नालों को व्यू कटर से ढकने का काम किया जा रहा है। वहीं इंद्रा गांधी नगर में नाले की पुलिया पर बनाई दीवार व व्यू कटर कुछ समय में ही ढह गए।नगर निगम की ओर से शहर के सभी बड़े बरसाती नालों में ऊपर से डलने वाले कचरे को रोकने के लिए नालों पर व्यू कटर लगाए जा रहे हैं। इसकी शुरुआत औद्योगिक क्षेत्र से की गई थी। सबसे पहले एसएफएस चौराहे से प्रेम नगर के बीच इंद्रा गांधी नगर स्थित नाले की पुलिया पर चार दीवारी बनाई गई थी। उसके बाद पुलिया के दोनों तरफ फाइबर के व्यू कटर लगाए गए थे। ये व्यू कटर कुछ समय तक तो रहे। स्थानीय लोगों को भी अच्छा लगा। लेकिन कुछ समय पहले हवा के एक झौंके ने पुलिया की एक तरफ की दीवार और उस पर लगे व्यू कटर को ऐसा झटका दिया कि वह चंद सैकंड में ही धराशाही हो गए। उसके बाद दूसरी तरफ का व्यू कटर भी हटा दिया गया। जबकि दूसरी साइड की दीवार अभी अपनी जगह पर खड़ी है।</p>
<p><strong>सड़क की हालत बदहाल</strong><br />पुलिया की सड़क की हालत पहले भी बहुत खराब थी वह आज भी वैसे ही है। जबकि बरसात का पानी भरने से वहां गड्ढ़े लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं। कुछ समय पहले हुई बरसात का पानी अभी भी उन गड्ढ़ों में भरा हुआ है। ऐसे में वहां से गुजरने वाले वाहन चालकों व स्थानीय लोगों को अभी भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि सडणक के गड्ढ़े तो सुधरे नहीं। दीवार व व्यू कटर भी ऐसे लगाए तो अधिक दिन तक नहीं चल सके। जिससे करीब एक से डेढ़ लाख रुपए का नुकसान हुआ है।</p>
<p><strong>यहां भी लगाए व्यू कटर</strong><br />नगर निगम की ओर से डीसीएम चौराहा स्थित मेन रोड के नाले पर, कंसुआ और अब गुमानपुरा नहर के नाले पर व्यू कटर लगाए जा रहे हैं। वहीं सीएडी मेन रोड स्थित साजी देहड़ा नाले पर भी व्यू कटर लगाकर उसे ढका गया है।</p>
<p><strong>संवेदक को किया डीबार</strong><br />नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि इंद्रा गांधी नगर समेत कई जगह के नालों पर व्यू कटर लगाए जा रहे हैं। लेकिन जिस दिन इस नाले की पुलिया की दीवार व व्यू कटर ढहे उस दिन हवा काफी तेज थी और दीवार को बने अधिक समय भी नहीं हुआ था। इस कारण से वह ढह गई। व्यू कटर फाइबर का हल्का होने से दीवार के साथ ही ही गिर गया था। ऐसे में इस काम को करने वाले संवेदक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे डीबार कर दिया गया है। साथ ही मामले की जांच की जा रही है।<br /><strong>-कुलदीप प्रेमी अधिशासी अभियंता</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 14:53:11 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कीचड़ भरी सड़क, राहगीरों की राह में बनी रोड़ा</title>
                                    <description><![CDATA[भीषण गर्मी और उमस  में क्षेत्र में मच्छरों और मक्खियों का प्रकोप भी बढ़ रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/mud-filled-roads-become-a-major-obstacle-for-commuters/article-155978"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/1111200-x-600-px)-(4).png" alt=""></a><br /><p>पनवाड़ । पनवाड़ क्षेत्र की ग्राम पंचायत पखराना के मुख्य गांव में इन दिनों स्वच्छता और विकास के दावों की जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है, क्योंकि गांव के मुख्य आम रास्ते पर लंबे समय से नालियों की सुध नहीं लिए जाने के कारण हालात बदतर हो चुके हैं। नालियों में भारी मात्रा में कचरा और गंदगी फंसी होने से वे पूरी तरह चोक हो चुकी हैं, जिसके चलते गंदे पानी की निकासी पूरी तरह बंद है और यही दूषित पानी ओवरफ्लो होकर मुख्य सड़क पर बह रहा है, जिसका नतीजा यह है कि पूरी सड़क अब कीचड़ के दलदल में तब्दील हो चुकी है और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। </p>
<p>इस गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीण संजय गुर्जर, अभिषेक मेहता, नितेश मेहता, सोनू मेहता, मुकेश मेहता और भुवनेश मेहता ने बताया कि यह गांव का मुख्य आम रास्ता है जिससे होकर पूरे गांव की आवाजाही होती है और अभी दो दिन पूर्व हुई सामान्य बारिश के बाद से ही सड़क पर कीचड़ ही कीचड़ हो गया है जिससे ग्रामीणों का यहाँ से पैदल निकलना भी पूरी तरह दुश्वार हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए कहा कि अगर समय रहते इस समस्या की सुध नहीं ली गई और नालियों की साफ-सफाई नहीं कराई गई तो आगामी बरसात का मुख्य मौसम आने वाला है जिसमें यहाँ की स्थिति और भी ज्यादा भयानक होने वाली है। राहगीर इस कीचड़ में फिसलकर गिर रहे हैं जिससे कई लोग चोटिल भी हो चुके हैं और इसमें सबसे ज्यादा परेशानी छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है। </p>
<p>सड़क पर लगातार गंदे और दूषित पानी का भराव रहने से जहां एक तरफ राहगीरों को गुजरना पड़ रहा है । वहीं दूसरी तरफ भीषण गर्मी और उमस के इस मौसम में क्षेत्र में मच्छरों और मक्खियों का प्रकोप बढ़ने लगा है जिससे ग्रामीणों में अब मलेरिया, डेंगू जैसी संक्रामक और गंभीर बीमारियां फैलने का बड़ा खतरा सता रहा है। इस पूरे मामले में जब ग्राम पंचायत प्रशासन से जानकारी ली गई तो बताया कि सफाई ठेकेदार को हर महीने नियमित रूप से भुगतान किया जा रहा था,उसके बावजूद भी ग्राम पंचायत क्षेत्र में साफ-सफाई दुरुस्त नहीं की जा रही थी। सफाई व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों की तरफ से निरंतर आ रही शिकायतों को देखते हुए ग्राम पंचायत द्वारा पिछले लगभग 6 महीने से ठेकेदार का भुगतान रोक दिया गया है। ठेकेदार को ग्राम पंचायत द्वारा भुगतान देने के बावजूद वह सफाई कर्मचारियों को समय पर भुगतान नहीं कर रहा था और यदि भुगतान दिया भी जाता था तो वह अधूरा होता था, जिस कारण आर्थिक तंगी की वजह से सफाई कर्मचारी भी काम करने में असमर्थ थे और इसी खींचतान की वजह से गांव की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई।</p>
<p>ठेकेदार द्वारा पंचायत क्षेत्र में नियमित साफ-सफाई नहीं करने और घोर लापरवाही बरतने को लेकर विकास अधिकारी खानपुर को अवगत करा रखा है और उचित कार्रवाई की मांग की गई है। ग्रामीणों को इस समस्या से जल्द राहत दिलाने के प्रयास करेंगे।<br /><strong>- गोविंद मेहता प्रशासक ग्राम पंचायत पखराना</strong></p>
<p>वर्तमान में पखराना ग्राम पंचायत के विकास अधिकारी अवकाश पर चल रहे हैं। उनके ड्यूटी पर लौटते ही इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। समस्या का जल्द से जल्द स्थायी समाधान करवाया जाएगा।<br /><strong>- रविन्द्र शर्मा, विकास अधिकारी खानपुर </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 15:31:10 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का : दो दिन में साफ हुए जाम नाले और कचरे के ढेर</title>
                                    <description><![CDATA[दैनिक नवज्योति में खबर प्रकाशित होने के दो दिन बाद ही हरकत में आया प्रशासन।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-report--clogged-drains-and-piles-of-garbage-cleared-within-two-days/article-154771"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(5)31.png" alt=""></a><br /><p>सांगोद। नगर की बदहाल सफाई व्यवस्था को लेकर दैनिक नवज्योति में खबर प्रकाशित होने के दो दिन के भीतर नगर पालिका के स्वच्छता विभाग ने विभिन्न कॉलोनियों में जाम नालों, कचरे के ढेर और दुर्गंध फैला रहे मलबे की सफाई करवा दी, जिससे स्थानीय लोगों को राहत मिली है। जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले कॉलीनी वासियों ने नालों में जमा कचरे, गंदगी, सड़ांध और दुर्गंध की समस्या को लेकर नाराजगी जताई थी। विकास कार्यों के दौरान हुई खुदाई के कारण कई स्थानों पर नालों की स्थिति और अधिक खराब हो गई थी। स्थानीय लोगों का कहना था कि समय रहते सफाई नहीं होने पर आगामी बारिश के दौरान जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन सकते थे।</p>
<p><strong>बीमारी फैलने की बढ़ रही थी आशंका</strong><br />क्षेत्रवासियों के अनुसार भीषण गर्मी के चलते बच्चे शाम के समय कॉलोनियों में खेलने निकलते हैं, लेकिन गंदगी और ठहरे हुए पानी के कारण डेंगू मच्छरों तथा मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा था। इससे अभिभावकों में भी चिंता का माहौल था। खबर प्रकाशित होने के बाद नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी मनोज कुमार मालव ने सफाई कर्मचारियों को मौके पर भेजकर सफाई करवाने का आश्वासन दिया था, जिस पर कार्रवाई करते हुए स्वच्छता विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में सफाई अभियान चलाया।</p>
<p><strong>नियमित निगरानी और कचरा पात्र की मांग</strong><br />कॉलोनीवासियों ने सफाई कार्य होने पर संतोष जताते हुए कहा कि यदि पालिका द्वारा नियमित रूप से सफाई करवाई जाए तो ऐसी स्थिति उत्पन्न ही नहीं होगी। उन्होंने सुझाव दिया कि सफाई कर्मचारी सप्ताह में कम से कम एक बार प्रत्येक वार्ड, गली और मोहल्ले का निरीक्षण करें तथा समस्याओं का समय रहते समाधान करें। स्थानीय लोगों ने यह भी मांग की कि चिन्हित स्थानों पर पर्याप्त संख्या में कचरा पात्र लगाए जाएं। उनका कहना है कि मुख्य मार्गों की सफाई तो नियमित दिखाई देती है, लेकिन अंदरूनी पु गलियों और मोहल्लों में रहने वाले लोगों को अक्सर गंदगी और कचरे की समस्या का सामना करना पड़ता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 May 2026 14:35:01 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का  : छात्रावास व स्कूल क्षेत्र में चला सफाई अभियान</title>
                                    <description><![CDATA[दैनिक नवज्योति में खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आया प्रशासन।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-report--sanitation-drive-conducted-in-hostel-and-school-areas/article-153793"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(4)23.png" alt=""></a><br /><p>रावतभाटा । वनवासी परिषद छात्रावास और आदर्श विद्या मंदिर क्षेत्र में दूषित पानी व फैली गंदगी को लेकर दैनिक नवज्योति की ग्राउंड रिपोर्ट सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया। खबर प्रसारित होते ही नगर पालिका ने चारभुजा क्षेत्र, बप्पा रावल आश्रम छात्रावास और आदर्श विद्या मंदिर स्कूल मार्ग पर विशेष सफाई अभियान चलाकर नालियों और सड़कों की सफाई करवाई। अभियान के दौरान मुख्य सड़क और नालियों में जमा गंदगी हटाई गई तथा रुके हुए पानी की निकासी करवाई गई। लंबे समय से बनी समस्या के समाधान के लिए सफाई कर्मचारियों की टीम मौके पर पहुंची और क्षेत्र में व्यापक सफाई कार्य किया गया। विशेष सफाई अभियान में सेक्टर जमादार शिवचरण, चैनल अर्जुन कुमार और स्वच्छता मित्र मौजूद रहे। । गौरतलब है कि छात्रावास और विद्यालय परिसर में रहने वाले करीब 350 बच्चों को पिछले कई दिनों से दूषित पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा था। बच्चों में पेट दर्द, उल्टी, दस्त और डायरिया जैसी शिकायतें सामने आने के बाद प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए थे।</p>
<p><strong>यी जल निकासी व्यवस्था बेहद जरूरी</strong><br />संस्था प्रधान ने बताया कि पिछले करीब एक महीने से बच्चों को दूषित पानी की समस्या झेलनी पड़ रही थी। कई बार प्रशासन को अवगत कराने के बावजूद समाधान नहीं हुआ। अब सफाई अभियान शुरू होने से स्थायी समाधान की उम्मीद जगी है। छात्रावास प्रभारी ने कहा कि परिसर के आसपास लंबे समय से गंदगी और रुका हुआ पानी बड़ी समस्या बना हुआ था। सफाई से कुछ राहत जरूर मिलेगी, लेकिन स्वच्छ पेयजल और स्थायी जल निकासी व्यवस्था बेहद जरूरी है।</p>
<p><strong>नाली के बीचों-बीच स्थित बोरिंग बनी समस्या</strong><br />विद्यार्थी प्रमुख ने बताया कि छात्र काफी दिनों से परेशानी झेल रहे थे। अब सफाई कार्य शुरू होने से राहत महसूस हो रही है। उन्होंने मांग की कि भविष्य में ऐसी समस्या दोबारा नहीं होनी चाहिए। वहीं सफाई कर्मचारी ने बताया कि क्षेत्र में बनी बोरिंग नाली के बीचों-बीच स्थित है, ग्रामीण टोज़गार की नई गारंटी जिससे समस्या और बढ़ रही है। हालांकि सफाई से जुड़े अन्य कार्य पूरे कर दिए गए हैं।</p>
<p> पालिका द्वारा प्रतिदिन दो पारियों में सफाई कार्य कराया जाता है। शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाती है। हमारे ओर से आमजन से भी नालियों में कचरा नहीं डालने और स्वच्छता बनाए रखने की अपील की गई है।<br /><strong>- नरपत सिंह, सफाई निरीक्षक, नगर पालिका,रावतभाटा </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 14:22:42 +0530</pubDate>
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                <title>बपावरकलां में नालों पर अतिक्रमण से सफाई व्यवस्था ठप, गंदगी के कारण बीमारियों के फैलने का खतरा </title>
                                    <description><![CDATA[बरसात से पहले बढ़ी चिंता, पंचायत ने नोटिस जारी कर दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/sanitation-system-paralyzed-by-encroachments-on-drains-in-bapawarkala/article-152879"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(1)23.png" alt=""></a><br /><p>बपावरकलां। आदर्श ग्राम पंचायत बपावर कला में नालों और नालियों पर बढ़ते अतिक्रमण के कारण सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है। सफाई कर्मचारियों को नालों की सफाई में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे बरसात से पहले हालात बिगड़ने की आशंका बढ़ गई है। ग्राम में कई स्थानों पर लोगों एवं दुकानदारों द्वारा नालों पर पक्के अतिक्रमण कर दुकानों के शटर लगा दिए गए हैं। इसके चलते नालों की सफाई लगभग नामुमकिन हो गई है। सफाई कर्मियों को कई बार सफाई के लिए भेजा गया, लेकिन उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा और कुछ स्थानों से भगा भी दिया गया। स्थिति यह है कि नालों और नालियों का गंदा पानी सड़कों और सीसी रोड पर फैल रहा है, जिससे राहगीरों को परेशानी हो रही है। वहीं गंदगी के कारण डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों के फैलने का खतरा भी<br />मंडरा रहा है। इंदिरा कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों में गंदा पानी घरों में घुसने की आशंका जताई जा रही है।</p>
<p><strong>नालों में डाली निर्माण सामग्री</strong><br />ग्रामीणों ने बताया कि कई लोगों ने निर्माण सामग्री भी नालों में डालकर उन्हें अवरुद्ध कर दिया है, जिससे जल निकासी पूरी तरह बाधित हो रही है। ग्रामवासी मनीष गोचर ने प्रशासन, से तुरंत अतिक्रमण हटाकर नालों की सफाई कराने की मांग की है, वहीं मनोज सिंघल ने कहा कि गंदा पानी मकानों की नींव तक पहुंच रहा है, जिससे नुकसान का खतरा बढ़ गया है। वहीं ग्राम प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अतिक्रमण करने वालों को नोटिस जारी कर दिए हैं।</p>
<p>तय समय सीमा में अतिक्रमण नहीं हटाने पर जेसीबी से कार्रवाई कर अतिक्रमण हटाया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर पुलिस प्रशासन का सहयोग भी लिया जाएगा।<br /><strong>- घनश्याम सुमन, प्रतिनिधि, ग्राम पंचायत प्रशासन</strong></p>
<p>अतिक्रमण के कारण ही नालों की सफाई नहीं हो पा रही है। सभी संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं और जल्द ही पुलिस प्रशासन के सहयोग से अतिक्रमण हटाकर सफाई कार्य शुरू कराया जाएगा। <br /><strong>- मुरलीधर वैष्णव, ग्राम विकास अधिकारी, बपावरकलां</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 May 2026 15:32:25 +0530</pubDate>
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                <title>वार्ड चार में गंदगी से लोग परेशान : नालियों की सफाई नहीं, खाली प्लॉट में जमा गंदा पानी, मच्छरों का प्रकोप</title>
                                    <description><![CDATA[ न तो प्लॉट की सफाई करवाई  और न ही प्रशासन की ओर से कोई सख्त कार्रवाई ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/residents-of-ward-4-troubled-by-filth--uncleaned-drains--stagnant-dirty-water-in-vacant-plots--and-a-mosquito-menace/article-151178"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)-(1)29.png" alt=""></a><br /><p>बूंदी ।  बूंदी नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड नंबर 4 में इन दिनों गंदगी एवं मच्छरों के बढ़ते से प्रकोप से आमजन परेशान हैं। क्षेत्र की प्रमुख समस्या नालियों की समय पर सफाई नहीं होना है, जिसके कारण कचरा जमा हो गया है और गंदा पानी से सड़कों पर फैल रहा है। सफाई व्यवस्था सुचारू नहीं होने से स्थानीय निवासियों का जीवन प्रभावित हो रहा है। वार्ड के बीच स्थित एक खाली निजी प्लॉट में लंबे समय से नालियों का गंदा पानी जमा हो रहा है। स्थिर पानी के कारण सच्छरों का प्रजनन तेजी से बढ़ रहा है, जिससे क्षेत्र में बीमारियों का खतरा उत्पन्न हो गया है। वार्डवासियों का कहना है कि आए दिन लोग बीमार पड़ रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा।</p>
<p>नगर परिषद प्रशासन द्वारा संबंधित प्लॉट मालिक को कई बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। न तो प्लॉट की सफाई करवाई गई है और न ही प्रशासन की ओर से कोई सख्त कार्रवाई की गई है। इससे लोगों में नाराजगी व्याप्त है। स्थानीय नागरिकों ने नगर परिषद से नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने, जलभराव की समस्या का समाधान करने एवं संबंधित प्लॉट के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि वार्डवासियों को राहत मिल सके।</p>
<p><strong>समस्या का समाधान जल्द करवाया जाए</strong><br />वार्डवासियोंका कहना है कि वे कई बार प्रशासन को लिखित में शिकायत दे चुके हैं, लेकिन आश्वासन के अलावा धरातल पर कोई ठोस काम नहीं हो रहा। यदि जल्द ही सफाई व्यवस्था में सुधार नाहीं किया गया और प्लॉट से पानी की निकासी नहीं की गई, तो क्षेत्र की जनता आंदोलन करने को मजबूर होगी।<br /><strong>-हेमराज गुर्जर, वार्डवासी</strong></p>
<p>वार्ड की जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान हो रही है। नालियों में कचरा जमा होने से सफाई व्यवस्था ठप है। खाली प्लॉट में भरे गंदे पानी के कारण मच्छरों का आतंक है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। नगर परिषद प्रशासन को इस मामले में तुरंत संज्ञान लेकर प्लॉट मालिक के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए और वार्ड में विशेष सफाई अभियान चलाकर आमजन को राहत प्रदान करनी चाहिए।<br /><strong>-सुनीता बैरवा, वार्ड पार्षद</strong></p>
<p>आम जन का स्वास्थ्य हमारी सर्वोच्य प्राथमिकता है। वार्ड नंबर 4 में गंदगी और मच्छरों की समस्या संज्ञान में है। स्वास्थ्य शाखा को निर्देश दिए गए हैं कि वार्ड में तुरंत विशेष सफाई अभियान चलाकर कचरा हटाया जाएगा। जहाँ तक खाली प्लॉट में गंदे पानी के भराव का प्रश्न है, निजी संपत्ति होने के बावजूद जनहित में वहां एंटी-लार्वा ल जाएगी ताकि बीमारियाँ न फैले। दवाओं का छिड़काव और फॉगिंग करवाई ताकि बीमारियां न फैलें। <br /><strong>-सरोज अग्रवाल, नगर परिषद सभापति</strong></p>
<p>संबंधित प्लॉट मालिक को पूर्व में भी नोटिस दिए जा चुके हैं। प्रशासन अब और इंतजार नहीं करेगा, यदि मालिक द्वारा सफाई नहीं करवाई गई, तो नगर परिषद स्वयं संसाधनों से सफाई करवाकर उसका सारा व्यय और नियमानुसार भारी जुर्माना प्लॉट मालिक से वसूलेगी। साथ ही, सफाई निरीक्षकों को पाबंद किया गया है कि नालियों की सफाई में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए।<br /><strong>- आशा मीणा, नगर परिषद आयुक्त</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 14:25:44 +0530</pubDate>
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                <title>बांसी में एक पखवाड़े से सफाई व्यवस्था ठप : बिगड़े हालात, नालियां जाम, सड़कों पर फैल रही गंदगी</title>
                                    <description><![CDATA[बूंदी-देई मार्ग सहित मुख्य सड़कों पर कीचड़ और गंदा पानी जमा होने से आवागमन प्रभावित।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/sanitation-system-paralyzed-in-bansi-for-a-fortnight--conditions-deteriorate--drains-clogged--filth-spreading-on-roads/article-147205"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)42.png" alt=""></a><br /><p>भण्डेड़ा। भण्डेड़ा क्षेत्र के बांसी कस्बे में पिछले पखवाड़े से सफाई व्यवस्था बाधित होने के कारण हालात बिगड़ते जा रहे हैं। नालियों के अवरुद्ध होने और कचरा संग्रहण बंद रहने से सड़कों पर गंदगी फैल गई है। जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भण्डेड़ा क्षेत्र के बांसी कस्बे में करीब पंद्रह दिनों से घर-घर कचरा संग्रहण की गाड़ी बंद पड़ी है। जिससे कस्बे में कचरे के ढेर लग गए हैं। पूर्व में नियमित कचरा संग्रहण से पंचायत क्षेत्र में सफाई व्यवस्था संतोषजनक बनी हुई थी। लेकिन वर्तमान में स्थिति बिगड़ गई है। कचरा गाड़ी बंद होने के कारण बाजारों और मोहल्लों का कचरा नालियों में जमा हो रहा है, जिससे नालियां अवरुद्ध हो गई हैं। नालियों के जाम होने से गंदा पानी सड़कों पर फैल रहा है, जिससे राहगीरों और स्थानीय निवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p><strong>प्रमुख चौराहों और तिराहों पर हालात और गंभीर </strong><br />कस्बे के प्रमुख चौराहों और तिराहों पर स्थिति और अधिक गंभीर है। बूंदी-देई मार्ग सहित मुख्य सड़कों पर कीचड़ और गंदा पानी जमा होने से आवागमन प्रभावित हो रहा है। तेज गति से गुजरते वाहनों के कारण गंदे पानी के छींटे आसपास के मकानों तक पहुंच रहे हैं, जिससे लोगों का घरों के बाहर बैठना तक मुश्किल हो गया है। सड़कों पर फैले कीचड़ के कारण दोपहिया वाहन चालक फिसलकर चोटिल भी हो रहे हैं। बैंक चौराहे पर लगातार पानी भरे रहने से सड़क पर गड्ढा बन गया है, जिससे दिनभर आवागमन में बाधा बनी रहती है।</p>
<p><strong>ग्रामीणों ने जताई नाराजगी</strong><br />इस समस्या से नाराज एक दर्जन से अधिक ग्रामीण महिलाएं कीचड़ से भरी सड़क के पास एकत्रित होकर संबंधित विभाग के खिलाफ आक्रोश जताया। ग्रामीणों ने बताया कि कचरा गाड़ी बंद होने से लोग कस्बे से बाहर कचरा डालने को मजबूर हैं। जहां पशु उसे खा रहे हैं। वहीं कचरे के ढेर में आग लगाने से उठता धुआं आसपास के लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन गया है। ग्रामीण कन्हैयालाल रेगर, दुगार्लाल रैगर, प्रकाश, रामगणेश, राजेंद्र, तेजमल, गुलाबचंद, गिरिराज सहित फूतरी बाई, कैलाश बाई, जानकी बाई, अनिता और मोहनी बाई ने भी आक्रोश जताया।<br />बांसी की समस्या को लेकर संवेदक को पाबंद किया जाएगा। जहां पर दुरस्ती करण का कार्य होना है, वहां पर जल्द ही दुरस्ती करण करवा दिया जाएगा। <br /><strong>-बाबूलाल कारपेंटर, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत बांसी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 14:42:02 +0530</pubDate>
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                <title>सातलखेड़ी में खुले नाले बने हादसों की वजह, जानें पूरा मामला </title>
                                    <description><![CDATA[ बरसात  में नाले पानी से भर जाते हैं जिससे जोखिम और बढ़ जाता है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/open-drains-in-satalkhedi-become-a-cause-of-accidents/article-142476"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(1200-x-600-px)-(2)19.png" alt=""></a><br /><p>सातलखेड़ी। कस्बे में करीब एक वर्ष पूर्व बनाई गई सड़क अब आमजन के लिए सुविधा कम और परेशानी का कारण अधिक बनती जा रही है। सड़क निर्माण के दौरान पानी निकासी के लिए किनारे नालों का निर्माण तो किया गया। लेकिन उन पर आज तक ढक्कन नहीं लगाए गए। खुले नालों के कारण आए दिन हादसों की आशंका बनी रहती है, जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।</p>
<p>ग्रामीणों का कहना है कि नालों के खुले होने से राहगीरों, बच्चों एवं मवेशियों को हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है। बरसात के मौसम में नाले पानी से भर जाते हैं और दिखाई नहीं देते, जिससे जोखिम और बढ़ जाता है। इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभाग एवं प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। इसी लापरवाही का परिणाम शुक्रवार को उस समय सामने आया, जब एक सांड अचानक खुले नाले में गिर गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। </p>
<p><strong>सांड को निकाला सुरक्षित बाहर</strong><br />सूचना मिलते ही युवा शक्ति गौ सेवा समिति के कार्यकर्ता एवं ग्रामीण मौके पर पहुंचे और सांड को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। नाला गहरा होने और ढक्कन नहीं होने के कारण रेस्क्यू में काफी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन सामूहिक प्रयास से सांड को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।</p>
<p><strong> ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ नाराजगी</strong><br />घटना के बाद ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नालों पर ढक्कन लगाए जाते तो इस तरह की घटनाएं नहीं होतीं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही नालों को ढकने एवं सड़क किनारे सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए तो बड़ा हादसा हो सकता है।</p>
<p>सड़क पर कई स्थानों पर नाले खुले पड़े हैं, जिनमें मवेशी गिरते रहते हैं और उन्हें निकालने में काफी परेशानी होती है। प्रशासन से नालों को पूरी का तरह ढकने की मांग की है।<br /><strong>- अजय वाडिया, गौसेवक</strong></p>
<p>समस्या को गंभीरता से लेते हुए नालों पर ढक्कन लगवाने की कार्रवाई की जाएगी।<br /><strong>-आकांक्षा बैरवा,एईएन,पीडब्लूडी। </strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 16:33:56 +0530</pubDate>
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