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                <title>3 years - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>सावधान: मधुमक्खियों का छत्ता तोड़ा तो 3 साल की जेल</title>
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                        <![CDATA[शेरगढ़ सेंचुरी सहित जंगलों में मधुमक्खियों को नुकसान पहुंचाने पर होगी कार्रवाई।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/caution--breaking-a-beehive-could-lead-to-3-years-in-jail/article-149402"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/122200-x-60-px)-(1)14.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। जंगल में मधुमक्खियों का छत्ता तोड़ना अब महंगा पड़ सकता है। ऐसा करने वालों को सीधे जेल की हवा खानी पड़ सकती है, क्योंकि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मधुमक्खियां भी संरक्षित वन्यजीवों में शामिल हैं। वन विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि मधुमक्खियों के छत्ते को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें 3 साल तक की सजा का प्रावधान है। दरअसल, वन्यजीव विभाग ने शेरगढ़ सेंचुरी में तेजी से घट रही मधुमक्खियों की संख्या को बढ़ाने के लिए निगरानी तंत्र मजबूत किए हैं। सेंचुरी व जंगलों में मधुमक्खियों के छत्ते को तोड़ने व नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की वनकर्मियों को निर्देश जारी किए हैं।</p>
<p><strong>सेंचुरी व जंगल में मधुमक्खियों का छत्ता तोड़ना अपराध</strong><br />डीएफओ अनुराग भटनागर ने बताया कि जंगल, केवल शेर, बाघ, पैंथर, भालू या हिरण का ही घर नहीं है, बल्कि चींटी से लेकर मधुमक्खी तक हर जीव का प्राकृतिक आवास है और सभी को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम में संरक्षण प्राप्त है। इसके बावजूद कई लोग चोरी-छिपे जंगलों में जाकर मधुमक्खियों के छत्ते तोड़ देते हैं, जो कि गंभीर वन अपराध की श्रेणी में आता है। हालांकि, यह एक्ट केवल सेंचूरी व जंगलों में ही प्रभावी होगा।</p>
<p><strong>3 से 7 साल तक की सजा का प्रावधान</strong><br />उन्होंने बताया कि शेरगढ़ सेंचुरी सहित अन्य वन क्षेत्रों में यदि कोई व्यक्ति मधुमक्खियों का छत्ता तोड़ता है तो यह वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 का उल्लंघन की श्रेणी में आता है। इस पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की धारा 29 के तहत 3 साल तक की सजा का प्रावधान है। वहीं, वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को नुकसान पहुंचाने, वन्यजीवों को परेशान करने और छेड़छाड़ करने जैसी धाराओं में मामला दर्ज कर न्यायालय में चालान पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून में स्पष्ट प्रावधान है कि जंगल में रहने वाले किसी भी छोटे या बड़े जीव को नुकसान पहुंचाना वन्यजीव संरक्षण कानून का गंभीर उल्लंघन है।</p>
<p><strong>पर्यावरण व खाद्य श्रृंखला की महत्वपूर्ण कड़ी मधुमक्खी</strong><br />वैज्ञानिकों का मानना है कि मधुमक्खियां पर्यावरण और खाद्य श्रृंखला की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। यदि मधुमक्खियां नहीं रहेंगी तो परागण नहीं होगा, फसलें नहीं उगेंगी और धीरे-धीरे जीवन संकट में पड़ जाएगा। यदि मधुमक्खियां नहीं रहेंगी तो फसलों का उत्पादन प्रभावित होगा और पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ जाएगा। इसलिए मधुमक्खियों की रक्षा करना केवल कानून का पालन नहीं, बल्कि मानव जीवन की सुरक्षा भी है।</p>
<p><strong>एक छत्ते में 50 हजार मधुमक्खियां व उनके अंडे होते हैं</strong><br />उन्होंने बताया कि पहले के लोग मधुमक्खी का छत्ता टेक्निक से तोड़ते थे। वो केवल ऊपर ऊपर से शहद निकालते थे और रानी मक्खी को नहीं मारते थे। आजकल शहद निकालने के लिए लोग पूरे छत्ते को तोड़ देते है। एक छत्ते में 50 हजार मधुमक्खियां व उनके अंडे होते हैं। छत्ता तोड़ने से सभी मर जाते हैं। हम शेरगढ़ अभ्यारण के अलावा भैंसरोडगढ़ सेंचुरी, अभेडा बायोलॉजिकल पार्क व कोटा जू में भी मधुमक्खियों के बॉक्स लगाने के प्रयास कर रहे हैं।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />सेंचुरी के अंदर कोई भी मधुमक्खियों के छत्ते को तोड़ता है या उनके प्राकृतिक आवास को नुकसान पहुंचाता है तो उसके खिलाफ वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972 की धारा-29 के तहत कार्रवाई की जाएगी जिसमें तीन साल तक की सजा का प्रावधान है।<br /><strong>-अनुराग भटनागर, डीएफओ वन्यजीव विभाग कोटा</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 14:46:19 +0530</pubDate>
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                <title>तीन वर्षीय मासूम से छेड़छाड़ के मामले में आरोपी को 5 साल की कठोर सजा</title>
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                        <![CDATA[शहर की पोक्सो एक अदालत ने बुधवार को  3 साल की मासूम बालिका से छेड़छाड़ के आरोप में आरोपी को 5 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है । अदालत ने आरोपी पर 31000 का जुमार्ना भी लगाया है । ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/accused-sentenced-to-5-years-rigorous-imprisonment-for-molesting-three-year-old-girl/article-11631"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/5-saal-saja-kota-news-8.6.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । शहर की पोक्सो एक अदालत ने बुधवार को  3 साल की मासूम बालिका से छेड़छाड़ के आरोप में आरोपी को 5 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है । अदालत ने आरोपी पर 31000 का जुमार्ना भी लगाया है । <br /><br /> विशिष्ट लोक अभियोजक सुरेश कुमार वर्मा ने बताया कि 15 मई 2019 को पुलिस थाना उद्योग नगर में पीड़िता के परिजनों ने आरोपी प्रकाश भील पुत्र रतन लाल निवासी उम्मेदगंज थाना उद्योग नगर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी । जिसमें बताया गया कि 15 मई को उसकी साढ़े 3 साल की पुत्री दोपहर 2:30 बजे घर के बाहर खेल रही थी । उसकी मां और वह स्वयं घर के अंदर कमरे में बैठे हुए थे । उसी समय गांव का रहने वाला प्रकाश भील उसकी पुत्री को उठा कर पड़ोसी देवी संतरे के घर ले गया। जहां उसने मासूम बालिका के साथ छेड़छाड़ की । बालिका जोर - जोर से रोने लगी। बालिका की रोने की आवाज सुनकर उसकी मां दौड़कर पहुंची तथा वह स्वयं भी पहुंच गया ।  प्रकाश भील के चंगुल से बालिका को छुड़ाया और मुकदमा दर्ज कराया । मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ 363, 354 ए तथा 342 आईपीसी में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया । <br /><br />अनुसंधान के दौरान पुलिस ने आरोपी को दोषी मानते हुए न्यायालय में चालान पेश किया था । न्यायाधीश ने ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 10 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए । न्यायाधीश ने आरोपी प्रकाश भील को दोषी मानते हुए 5 साल के कठोर कारावास तथा 31000 रुपए के जुमार्ने से दंडित किया है ।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Wed, 08 Jun 2022 14:41:34 +0530</pubDate>
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                <title>किशोरी से छेड़छाड़ के मामले में आरोपी को 3 साल का कठोर कारावास </title>
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                        <![CDATA[शहर की एक  पोक्सो क्रम दो अदालत ने गुरुवार को आरोपी को छेड़छाड़ के मामले में दोषी करार देते हुए 3 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है । ]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/three-years-rigorous-imprisonment-for-the-accused-in-the-case-of-molestation-of-a-teenager/article-10494"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/judgment_new.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा ।  शहर की एक  पोक्सो क्रम दो अदालत ने गुरुवार को आरोपी को छेड़छाड़ के मामले में दोषी करार देते हुए 3 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है । अदालत ने आरोपी पर 10,000 का जुमार्ना भी लगाया है। <br /><br />विशिष्ट लोक अभियोजक विजय कुमार कच्छवाह ने बताया कि पीड़िता की मां ने 28 जून 2018 को इटावा पुलिस थाने में आरोपी आफात अंसारी निवासी गम्हरिया थाना रमन्ना जिला गढ़वा झारखंड के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें बताया कि 25 जून 2018 को उसका पति बाहर गांव मे मजदूरी करने गया था , वह गांव में ही मजदूरी करने गई थी । मजदूरी करने के बाद शाम 5:00 बजे घर लौटी तो उसकी 17 वर्षीय पुत्री घर पर नहीं मिली थी, पड़ोसियों से पता किया तथा नदी के रास्ते पर भी उसे जगह - जगह तलाश किया ,लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।  मामले में पुलिस ने धारा 363 ,366 आईपीसी में मुकदमा दर्ज किया और किशोरी की तलाश में जुट गई । <br /><br />अनुसंधान के दौरान पुलिस ने किशोरी को आरोपी के पास से दस्तयाब किया। किशोरी के मेडिकल रिपोर्ट और 164 के बयानों के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 376 और पोक्सो की धारा जोड़ दी तथा अनुसंधान के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और न्यायालय में चालान पेश कर दिया । ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में 11 गवाहों के बयान कराए गए । न्यायाधीश धीरेंद्र सिंह राजावत ने आरोपी को छेड़छाड़ के मामले में दोषी करार देते हुए 3 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है और रुपए 10,000 का जुमार्ना भी लगाया है ।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Thu, 26 May 2022 16:21:41 +0530</pubDate>
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                <title>कालीसिंध नदी पर बना पुल 3 साल से क्षतिग्रस्त </title>
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                        <![CDATA[गंगधार चौमहला मार्ग पर छोटी कालीसिंध नदी पर बना हाई लेवल पुल की सेफ्टी दीवारें क्षतिग्रस्त हो रही है। साथ ही पुल के ऊपर सीसी सड़क नीचे बैठ जाने से कंस्ट्रक्शन जॉइंट सस्पेंशन बहार निकल आए है ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/bridge-over-kalisindh-river-damaged-for-3-years/article-10313"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/kaali-sindh-river-bridge-chaumahla-jhalawar.jpg" alt=""></a><br /><p> चौमहला। गंगधार चौमहला मार्ग पर छोटी कालीसिंध नदी पर बना हाई लेवल पुल विभाग की अनदेखी के कारण अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है, यदि समय रहते इसकी सम्भाल नहीं की तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। क्षेत्र के वाशिन्दों जनप्रतिनिधियों ने कई बार अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन विभाग ने अभी तक हाइलेवल पुल की सूध नहीं ली।   गंगधार चौमहला मार्ग पर गंगधार के समीप छोटी काली सिंध नदी पर बने इस पुल की सेफ्टी दीवारें क्षतिग्रस्त हो रही है। साथ ही पुल के ऊपर सीसी सड़क नीचे बैठ जाने से कंस्ट्रक्शन जॉइंट सस्पेंशन बहार निकल आए है तथा ऊपर नीचे जगह होने से पुल के ऊपर टेपर बन गए, जिससे वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। गंगधार चौमहला के मार्ग पर छोटी कालीसिंध नदी पर उच्च स्तरीय पुल की एप्रोच सड़क की सेफ्टी दीवार 2019 में आई बाढ़ के बाद से क्षतिग्रस्त है, जो सेफ्टी दीवार थी, वह पूरी तरीके से टूट चुकी है। वहीं पूल के दूसरे हिस्से गंगधार की ओर बड़ी-बड़ी झाड़ियां व कांटेदार बबूल के पेड़ भी खड़े हैं। सेफ्टी दीवार से मिट्टी निकल रही है।    गौरतलब है कि अगस्त सितंबर 2019 में भयंकर रूप से बाढ़ आई थी, जिसमें कई छोटे-बड़े पुलों को काफी नुकसान हुआ था, इसी दौरान गंगधार कस्बे के समीप बने पुल की सेफ्टी वॉल का एक हिस्सा धंस गया था, उसके सहारे लगाए पत्थर गिर गए थे। इस सेफ्टी वॉल  से लगातार मिट्टी का बहाव हो रहा है और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इस मामले में आरएसआरडीसी पीडब्ल्यूडी सहित संबंधित विभागों व उपखंड अधिकारी से शिकायत की, लेकिन अभी तक इस समस्या का समाधान नहीं हुआ है।  पुल के ऊपर टेपर बन जाने से वाहन चालकों को आने-जाने में बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, यहां पर बड़े-बड़े गड्ढे होने के कारण वाहन चालकों को जान माल का खतरा बना रहता है। पुल के दोनों ओर बने फुटपाट के किनारे काफी मिट्टी जमा हो रही है तथा बरसात के पानी निकासी के लिए लगी जालियां मिट्टी में दब रही है। बरसात के दिनों में पुल के दोनों ओर हरी घास उग जाती है।<br /><br />सरकारी धरोहर है प्रोजेक्ट की अनदेखी की जा रही है, शीघ्र पुल की मरम्मत की जानी चाहिए। <br /><strong>- सलामत अली फौजदार चौमहला निवासी</strong><br /><br />पुल के ऊपर टेपर बन जाने से वाहन चालकों को परेशानी होती है, कई बार दो पहिया वाहन से महिलाए गिर चुकी है। एप्रोच क्षतिग्रस्त हो रही है तथा पुल के ऊपर दोनों तरफ झाड़ियां उग रही है , जिससे मोड़ अंधा हो रहा है।<br /><strong>- राजेश नीमा पूर्व सरपंच गंगधार</strong><br /><br />पुल पर गड्ढे हो रहे है साथ ही टेपर से चालक को परेशानी होती है, वाहनों को नुकसान भी हो रहा है।<br /><strong>- सैय्यद अली ट्रक आॅनर</strong> <br /><br />दोनों ओर से एप्रोच टूट चुकी है, पुल पर बड़े बड़े गड्ढे हो रहे है तथा पुल 6-6 इंच झूल चुका है कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। कई बार अधिकारियों को अवगत कराया, सीएलजी की बैठक में भी यह मुद्दा उठाया, लेकिन कोई अधिकारी ध्यान नही दे रहे है। <br /><strong>- दिलीप मोरी गंगधार निवासी</strong><br /><br />शीघ्र ही जिला मुख्यालय पर आरएसआरडीसी के अधिकारियों की बैठक लेकर समस्या का समाधान करवाया जावेगा। <br /><strong> - भारती दीक्षित, जिला कलक्टर झालावाड</strong></p>]]>
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                <pubDate>Mon, 23 May 2022 17:26:08 +0530</pubDate>
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                <title>भतीजी से छेड़छाड़ के मामले में चाचा को 3 साल का कठोर कारावास </title>
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                        <![CDATA[शहर की पोक्सो क्रम संख्या - 5 अदालत ने 3 साल पुराने भतीजी से छेड़छाड़ के मामले में  चाचा को दोषी मानते हुए गुरुवार को 3 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई । अदालत ने आरोपी चाचा पर 10000 का जुमार्ना भी लगाया । ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-uncle-gets-3-years-rigorous-imprisonment-for-molesting-niece/article-10043"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/46546546546514.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । शहर की पोक्सो क्रम संख्या - 5 अदालत ने 3 साल पुराने भतीजी से छेड़छाड़ के मामले में  चाचा को दोषी मानते हुए गुरुवार को 3 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई । अदालत ने आरोपी चाचा पर 10000 का जुमार्ना भी लगाया । <br />     <br /> विशिष्ट लोक अभियोजक सुरेश कुमार वर्मा ने बताया कि विज्ञान नगर  थाना क्षेत्र निवासी एक 15 वर्षीय पीड़िता ने विज्ञान नगर पुलिस थाने में अपने चाचा के खिलाफ छेड़छाड़ करने का 3 अगस्त 2019 को मुकदमा दर्ज कराया था।  पीड़िता ने रिपोर्ट में बताया कि वह अपने माता पिता के साथ रहती है 9 अप्रैल 2019 को शाम 5:00 बजे अपने दोस्त के घर से आई बहुत थकान के कारण सो गई , तभी चाचा उसके पास कमरे में आ गया और जबरन दुष्कर्म करने का प्रयास किया ।  पीड़िता किसी तरह उसके चंगुल से छूटकर भाग गई और उसने अपनी पूरी बात बुआ को बताई। इस मामले में बुआ ने चाचा से माफी मंगवा कर मामला शांत कर दिया ।  लेकिन 14 जुलाई को चाचा ने उसके साथ फिर घर में अकेले सोते समय उसके साथ छेड़छाड़ करने का प्रयास किया उसने शोर मचाया इस पर चाचा ने उसे धमकी दी कि अगर किसी को बताया तो  जान से मार देगा । उसका गला दबाने का प्रयास किया और भाग गया।  15 जुलाई को पीड़िता ने आपबीती अपने माता पिता को बताई इसके बाद से पीड़िता की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी चाचा के खिलाफ धारा 354 ,354ं में मुकदमा दर्ज कर जांच, शुरू कर दी। <br /><br />अनुसंधान के दौरान पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया तथा न्यायालय में चालान पेश किया था । <br />ट्रायल के दौरान न्यायालय में अभियोजन पक्ष की ओर से 10 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए । न्यायाधीश ने आरोपी चाचा को 15 वर्षीय भतीजी के साथ छेड़छाड़ के मामले में दोषी करार देते हुए 3 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है साथ ही 10000 के जुमार्ना का दंड दिया है ।</p>]]>
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                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 May 2022 15:06:22 +0530</pubDate>
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