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                <title>online applications - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>नारी निकेतन की बेटियों का घर बसाने को एमए पास, सात लाख इनकम वालों ने भी किया आवेदन</title>
                                    <description><![CDATA[मेरी पत्नी की तबीयत खराब रहती है दूसरी शादी करना चाहता हूं,जैसे विभिन्न तर्क आ रहे सामने।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/highly-educated-men-with-annual-incomes-of-%E2%82%B97-lakh-have-applied-to-marry-women-from-the-nari-niketan/article-156088"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/1111200-x-600-px)-(1)10.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। माता-पिता के आंचल और अपनों के साए से दूर, नांता स्थित नारी निकेतन को ही अपना आशियाना मान चुकीं दो बेटियों—रानी और गंगा—के जीवन में खुशियों की नई शुरूआत होने वाली है। कभी परिस्थितियों के चलते यहाँ पहुंची इन बेटियों के घर बसाने और उनके जीवन को नई दिशा देने के लिए विभाग ने पिछले दिनों आॅनलाइन आवेदन मांगे थे। इन बेटियों का हाथ थामने और इन्हें सम्मानजनक जीवन देने के लिए राजस्थान से 47 युवाओं ने इच्छा जताई है। हालांकि, इनमें से लगभग 23 आवेदनों में कुछ तकनीकी कमियाँ पाई गई हैं, जिन्हें सुधारने के लिए आवेदकों को सूचित कर करीब आठ दिन का समय दिया गया है।नारी निकेतन की अधीक्षक अंशुल मेंहदीरत्ता ने बताया कि इन बेटियों को अपनी जीवनसंगिनी बनाने के लिए समाज के हर वर्ग से आवेदन आ रहे हैं, जिनकी बारीकी से जांच की जा रही है।</p>
<p><strong>आवेदकों में उच्च शिक्षित और संपन्न युवा, ये रोचक तथ्य भी आ रहे सामने </strong><br />उच्च शिक्षा और अच्छी आय: इन बेटियों से विवाह के लिए समाज के संपन्न और पढ़े-लिखे युवाओं ने हाथ आगे बढ़ाए हैं। आवेदकों में एम.ए. डिग्री धारक उच्च शिक्षित युवाओं से लेकर 7 लाख सालाना आय वाले नौकरीपेशा भी शामिल हैं।समाज में बेटियों की कमी: जब आवेदकों से पूछा गया कि वे नारी निकेतन की इन लड़कियों से शादी क्यों करना चाहते हैं, तो कुछ युवाओं ने व्यावहारिक दर्द बयां किया। उनका कहना था कि उनके समाज में लड़कों के मुकाबले लड़कियों की संख्या काफी कम है, जिसके कारण विवाह के लिए लड़कियां बहुत मुश्किल से मिल रही हैं।</p>
<p><strong>बीमार पत्नी के लिए दूसरी शादी का अनोखा मामला</strong><br />जांच के दौरान एक बेहद अजीबोगरीब मामला भी सामने आया। एक आवेदक से जब विवाह की वजह पूछी गई, तो उसने बताया कि वह पहले से ही शादीशुदा है। उसका तर्क था कि उसकी पत्नी अक्सर बीमार रहती है, इसलिए वह उसकी देखभाल और घर के लिए दूसरी शादी करना चाहता है।विभाग को इसके अलावा भी कई तरह के रोचक और हैरान करने वाले कारण आवेदकों के फॉर्म में देखने को मिल रहे हैं।</p>
<p><strong>अब ये रहेगा प्रोसेस </strong><br />प्राप्त आवेदनकर्ता ओं की स्क्रूटनी होने के बाद उनका सबसे पहले इंटरव्यू होगा। उसके बाद होम स्टडी होगी, साथ ही उनका चरित्र सत्यापन सहित अन्य वेरिफिकेशन होंगे। इसके बाद इंटरव्यू में चयन होने के बाद अगले चरण की प्रक्रिया की जाएगी। इसके बाद लड़कियों की पसंद से शादी की जाएंगी।</p>
<p><strong>पिछले वर्ष भी हुई शादियां </strong><br /> गौरतलब है कि नारी निकेतन में वर्ष 2024 में तीन लड़कियां व 2025 में एक लड़की की शादी संपन्न हुई थी। देखा जाएं तो अब तक करीब चार लड़कियों की शादी धूमधाम से नारी निकेतन के द्वारा करवाई जा चुकी हैं।</p>
<p><strong>इनका कहना </strong><br />हमारा प्रयास इन बेटियों को एक सुरक्षित और खुशहाल भविष्य देना है। फिलहाल अधूरे आवेदनों को पूरा करवाया जा रहा है। इसके बाद होम स्टडी करवाकर मैरिज सब-कमेटी की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसके बाद इंटरव्यू और आगे की प्रक्रिया होगी।<br /><strong>- अंशुल मेहंदीरत्ता, अधीक्षक, नारी निकेतन (कोटा)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 14:24:48 +0530</pubDate>
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                <title>ऑनलाइन मिले आवेदनों में से महज 1267 व्यक्तियों को ही दिया ऋण </title>
                                    <description><![CDATA[कोरोनाकाल के दौरान बेरोजगार हुए लोगों को स्वयं का छोटा रोजगार शुरू करने के लिए इंदिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना की शुरुआत की गई, लेकिन योजना के तहत ऑनलाइन मिले आवेदनों में से जयपुर में महज 1267 व्यक्तियों को ही ऋण दिया जा सका।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-loan-give-of-1267-peoples-in-online-applications/article-10073"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/indira-gandhi-credit-card-yojana-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कोरोनाकाल के दौरान बेरोजगार हुए लोगों को स्वयं का छोटा रोजगार शुरू करने के लिए इंदिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना की शुरुआत की गई, लेकिन योजना के तहत ऑनलाइन मिले आवेदनों में से जयपुर में महज 1267 व्यक्तियों को ही ऋण दिया जा सका। लाभान्वित होने वाले लोगों की संख्या 3.63 फीसदी रही।अ मुख्यमंत्री ने 2021-22 के बजट में योजना की घोषणा की। इसके बाद जयपुर में 34,855 आवेदन ऑनलाइन पोर्टल से मिले। आवेदनों पर लोन स्वीकृत कराने की जिम्मेदारी निकायों की भी तय की गई, लेकिन उसके बाद भी इसका ग्राफ नहीं बढ़ सका है। इसका अन्य जिलों में भी प्रगति ना के बराबर रही है। इस योजना का रिक्शा वाला, मिस्त्री, मोची, रंग पेंट करने वाले, दर्जी, कुम्हार और बिजली के कार्य करने वालों को सीधा फायदा पहुंचाना था।</p>
<p>प्रत्येक वर्ष में अधिकतम 50 हजार तक का ऋण मिल सकता है। इस ऋण पर किसी भी प्रकार की गारंटी की आवश्यकता नहीं है। यह ऋण ब्याज मुक्त होगा। इस योजना के तहत ब्याज का शत प्रतिशत हिस्सा प्रदेश सरकार वहन करेगी। ऋण की राशि का पुनर्भुगतान चौथे से 15 महीने तक 12 समान मासिक किश्तों में किया जा सकेगा। यह ऋण उपलब्ध कराने के लिए किसी भी प्रकार की प्रक्रिया शुल्क नहीं ली जाएगी। इस योजना का लाभ केवल शहरी क्षेत्रों में रह रहे नागरिक ही प्राप्त कर सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 May 2022 10:41:54 +0530</pubDate>
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