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                <title>cyber crime - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>cyber crime RSS Feed</description>
                
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                <title>सावधान : शादी का ऑनलाइन कार्ड खोलते ही खाली हो सकता है बैंक खाता, साइबर क्राइम ब्रांच ने जारी की एडवाइजरी </title>
                                    <description><![CDATA[वर्तमान वेडिंग सीजन का फायदा उठाते हुए साइबर अपराधी अब लोगों की खुशियों में सेंध लगा रहे। जालसाज व्हाट्सएप पर डिजिटल निमंत्रण पत्र के नाम पर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे। साइबर क्राइम ब्रांच ने इस संबंध में एक विस्तृत एडवाइजरी जारी कर प्रदेशवासियों को सचेत रहने की सलाह दी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/be-careful-your-bank-account-may-become-empty-as-soon/article-151750"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/cybercrimee.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। वर्तमान वेडिंग सीजन का फायदा उठाते हुए साइबर अपराधी अब लोगों की खुशियों में सेंध लगा रहे हैं। जालसाज व्हाट्सएप पर डिजिटल निमंत्रण पत्र के नाम पर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। साइबर क्राइम ब्रांच ने इस संबंध में एक विस्तृत एडवाइजरी जारी कर प्रदेशवासियों को सचेत रहने की सलाह दी है। डीआईजी साइबर क्राइम शांतनु कुमार सिंह ने बताया कि साइबर ठग लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ करते हुए शादी के कार्ड के नाम पर लिंक और फाइल भेज रहे हैं। ये फाइल और लिंक मोबाइल फोन में पहुंचते ही न केवल निजी जानकारी चुरा लेते हैं, बल्कि बैंक खाते तक को खाली कर सकते हैं।</p>
<p><strong>ठगी के तीन खतरनाक तरीके</strong><br />एपीके फाइल फ्रॉड: अपराधी व्हाट्सएप पर मैरिज डॉट एपीके नाम की एक फाइल भेजते हैं। जैसे ही इसे डाउनलोड या इंस्टॉल करते हैं, फोन का पूरा कंट्रोल कैमरा, माइक, एसएमएस, हैकर के पास चला जाता है। इसके जरिए वे आपके बैंक ओटीपी चोरी कर लेते हैं।</p>
<p>फिशिंग लिंक फ्रॉड: इसमें फाइल के बजाय एक वेब लिंक भेजा जाता है। लिंक पर क्लिक करते ही एक पेज खुलता है जो आपसे मोबाइल नंबर या बैंक डिटेल्स मांगता है या फिर बैकग्राउंड में जासूसी सॉफ्टवेयर डाउनलोड कर देता है।</p>
<p> इमोशनल ब्लैकमेल-अर्जेंसी फ्रॉड: हैकर आपके किसी परिचित का अकाउंट हैक कर मैसेज भेजते हैं, भाई, शादी का कार्ड भेजा है, जल्दी देख कर बताओ वेन्यू सही है या नहीं, जानने वाले का नाम होने के कारण लोग बिना सोचे-समझे लिंक खोल देते हैं।</p>
<p>एक्सटेंशन चेक करें: यदि किसी फाइल के अंत में एपीके लिखा है तो वह कार्ड नहीं बल्कि एक वायरस (सॉफ्टवेयर) है। उसे भूलकर भी इंस्टॉल न करें।  </p>
<p>फोन करके पुष्टि करें: यदि किसी रिश्तेदार के नंबर से संदिग्ध कार्ड या लिंक आए, तो पहले उन्हें फोन करके पूछें कि क्या उन्होंने वाकई कुछ भेजा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 16:04:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सीएम फडणवीस को निशाना बनाने वाले एआई-जनरेटेड वीडियो मामले में युवक गिरफ्तार, अजीत पवार विमान दुर्घटना से जुड़ा है कनेक्शन</title>
                                    <description><![CDATA[मुंबई पुलिस ने जालना से एक युवक को गिरफ्तार किया है, जिसने AI-जनरेटेड वीडियो के जरिए मुख्यमंत्री फडणवीस की छवि बिगाड़ने और दिवंगत अजीत पवार के विमान हादसे पर भ्रम फैलाने का प्रयास किया। आरोपी उद्धव काप्से ने फर्जी वीडियो बनाकर करीब 1.5 लाख लोगों तक भ्रामक जानकारी पहुँचाई। फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/youth-arrested-in-case-of-ai-generated-video-targeting-cm-fadnavis/article-149546"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/arrested.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। मुंबई पुलिस की साइबर सेल ने जालना से एक युवक को गिरफ्तार किया है, जिस पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को बदनाम करने वाला और पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार से जुड़े विमान दुर्घटना के बारे में भ्रामक जानकारी फैलाने वाला एआई-जनरेटेड वीडियो बनाने एवं प्रसारित करने का आरोप है। अधिकारियों ने बुधवार को यहां बताया कि गिरफ्तारी के बाद आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जिसने उसे 10 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।</p>
<p>पुलिस ने बताया कि उद्धव भगवान काप्से नामक युवक ने आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया था, जिसे डिलीट किए जाने से पहले लगभग 1.5 लाख बार देखा गया था। जांचकर्ताओं ने पाया कि वीडियो में मुख्यमंत्री फडणवीस को निशाना बनाते हुए भ्रामक एवं मानहानिकारक सामग्री डाली गई थी, साथ ही विमान दुर्घटना से संबंधित तथ्यों को भी गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया था। आरोप है कि वीडियो में कई समाचार चैनलों के क्लिप को मिलाकर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों का उपयोग करके एक भ्रामक कहानी गढ़ी गई थी। इसमें कथित तौर पर विवादास्पद बयान शामिल हैं और यह सीधे मुख्यमंत्री को निशाना बनाता है।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि 28 जनवरी को उपमुख्यमंत्री अजीत पवार एक सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मुंबई से बारामती जा रहे थे तभी बारामती हवाई अड्डे के पास लैंडिंग के दौरान उनका विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दुर्घटना में पवार और छह अन्य लोगों की मौत हो गई। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो सामने आए, जिनसे संदेह एवं अटकलें लगने लगीं। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा दुर्घटना की जांच चल रही है। फरवरी में मुख्यमंत्री फडणवीस ने विधानसभा में कहा था कि अब तक के निष्कर्षों से किसी भी प्रकार की साजिश का संकेत नहीं मिला है लेकिन उन्होंने जांच पूरी होने तक इंतजार करने का आग्रह किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 15:25:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>तेलंगाना पुलिस की बड़ी कामयाबी : ऑनलाइन धोख़ाधड़ी के 17 मामलों में कई राज्यों से 19 आरोपी गिरफ़्तार, पूछताछ जारी</title>
                                    <description><![CDATA[साइबराबाद पुलिस ने देशव्यापी छापेमारी कर 17 साइबर अपराधों का पर्दाफाश किया। गिरफ्तार 19 आरोपियों में ट्रेडिंग और डिजिटल अरेस्ट के जालसाज शामिल हैं। पुलिस ने पीड़ितों को 4.35 करोड़ रुपये वापस दिलाने के अदालती आदेश भी प्राप्त किए। व्हाट्सएप निवेश समूहों से सावधान रहने की चेतावनी देते हुए हेल्पलाइन 1930 जारी की गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-success-of-telangana-police-19-accused-arrested-from-many/article-148857"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/arrestedd.png" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद। तेलंगाना के साइबराबाद की साइबर अपराध पुलिस ने 25 से 31 मार्च के बीच कई राज्यों में छापेमारी की और 17 साइबर अपराध के मामलों का खुलासा कर 19 अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की ओर से गुरुवार को जारी एक बयान के अनुसार, पकड़े गए मामलों में सबसे ज्यादा धोखाधड़ी 'ट्रेडिंग' से जुड़ी थी। ट्रेडिंग धोख़ाधड़ी के 11 मामलों में 12 गिरफ्तारियां की गईं। इसके अलावा डिजिटल अरेस्ट के दो मामलों में तीन, पार्ट-टाइम जॉब धोख़ाधड़ी के दो मामलों में दो और नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के दो मामलों में दो आरोपियों को पकड़ा गया है।</p>
<p>पुलिस को एक बड़ी सफलता यह भी मिली है कि उन्होंने 125 मामलों में अदालतों से 884 'रिफंड' आदेश प्राप्त किए हैं। इसके जरिए पीड़ितों को 4.35 करोड़ रुपये वापस दिलाने की प्रक्रिया आसान हुई है। इस सप्ताह के दौरान एक बड़े मामले में पुलिस ने उस ट्रेडिंग धोखाधड़ी का भंडाफोड़ किया, जिसमें एक पीड़ित से व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए 2.93 करोड़ रुपये की ठगी की गई थी। जालसाजों ने निवेश सलाहकार बनकर और मुनाफे के फर्जी स्क्रीनशॉट दिखाकर पीड़ित को झांसे में लिया और भारी मुनाफे के नाम पर कई बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवा लिए। इस मामले में तेलंगाना के रहने वाले दो आरोपियों शेखर और तिनेश कुमार प्रजापति को गिरफ्तार किया गया है। इन पर ठगी की रकम को इधर-उधर करने के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने का आरोप है।</p>
<p>पुलिस ने जनता को चेतावनी दी है कि वे भारी मुनाफे का वादा करने वाले ऑनलाइन निवेश समूहों पर भरोसा न करें और निवेश करने से पहले प्लेटफॉर्म की अच्छी तरह जांच कर लें। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 15:12:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>त्रिपुरा में मुख्यमंत्री माणिक साहा के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट मामले में तीन संदिग्ध गिरफ्तार, पूछताछ जारी, फेसबुक पर सीएम के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट की थी शेयर</title>
                                    <description><![CDATA[त्रिपुरा पुलिस ने मुख्यमंत्री माणिक साहा के खिलाफ सोशल मीडिया पर AI-जनित आपत्तिजनक और मानहानिकारक सामग्री पोस्ट करने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। सुबी रे त्रिपुरा, मोंगल कोलोई और दीपक पाल पर डिजिटल प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग और साइबर कानूनों के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस साजिश में शामिल अन्य नेटवर्क की जांच कर रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/in-tripura-three-suspects-arrested-in-case-of-objectionable-post/article-147410"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/tripura-cm-manik-saha.png" alt=""></a><br /><p>अगरतला। त्रिपुरा पुलिस ने दो अलग-अलग छापेमारी में सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा के खिलाफ आपत्तिजनक और मानहानिकारक सामग्री पोस्ट करने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि इन पोस्टों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का इस्तेमाल किया गया था।</p>
<p>पुलिस के अनुसार, सबरूम थाने की टीम ने दक्षिण त्रिपुरा के कालाछड़ा क्षेत्र से 32 वर्षीय सुबी रे त्रिपुरा को गिरफ्तार किया। उसे प्रारंभिक पूछताछ और कानूनी औपचारिकताओं के लिए हिरासत में लिया गया। इसके बाद मामले की केन्द्रीय जांच के तहत सुबी रे त्रिपुरा को आगे की कार्रवाई के लिए पश्चिम अगरतला थाने भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि इस मामले में अगरतला से दो अन्य आरोपियों को भी हिरासत में लिया गया है, जिनकी पहचान नंदन नगर निवासी मोंगल कोलोई और एयरपोर्ट क्षेत्र के दीपक कुमार पाल के रूप में हुई है।</p>
<p>प्रारंभिक जांच में पाया गया है कि आरोपियों ने फेसबुक पर मुख्यमंत्री को निशाना बनाते हुए आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट की थी। साक्ष्यों से यह भी संकेत मिला है कि इन सामग्रियों के निर्माण या संपादन में एआई टूल्स का संभावित उपयोग किया गया। पुलिस ने कहा कि संबंधित साइबर कानूनों, मानहानि और डिजिटल प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग से जुड़ी धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस सामग्री के निर्माण या प्रसार में अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 11:01:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>LPG गैस की कमी के दौरान बढ़ते साइबर फ्रॉड पर एडवाइजरी जारी</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान पुलिस ने खाड़ी संकट के बीच LPG फ्रॉड को लेकर एडवाइजरी जारी की है। जालसाज फर्जी वेबसाइट, KYC अपडेट और क्यूआर कोड के जरिए लोगों को निशाना बना रहे हैं। सुरक्षित रहने के लिए केवल आधिकारिक ऐप का उपयोग करें और कभी भी अपना OTP या बैंक विवरण साझा न करें। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें!]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/advisory-issued-on-increasing-cyber-fraud-during-lpg-gas-shortage/article-147081"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/rajasthan-police.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने आमजन को सतर्क करने के लिए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के कारण LPG गैस सिलेंडर की मांग बढ़ गई है, जिसका फायदा उठाकर साइबर अपराधी लोगों को ठग रहे हैं।</p>
<p><strong>साइबर अपराध के प्रमुख तरीके</strong></p>
<p><strong>फर्जी LPG बुकिंग वेबसाइट</strong><br />अपराधी Indane Gas, Bharat Gas, HP Gas जैसी असली कंपनियों के नाम से मिलती-जुलती नकली वेबसाइट बनाकर बैंक डिटेल चुरा लेते हैं।<br /><strong>फर्जी कस्टमर केयर कॉल</strong><br />खुद को गैस एजेंसी का कर्मचारी बताकर कॉल करते हैं और KYC अपडेट या कनेक्शन बंद होने का डर दिखाकर OTP/बैंक जानकारी मांगते हैं।<br /><strong>LPG सब्सिडी फ्रॉड</strong><br />SMS या WhatsApp पर लिंक भेजकर “सब्सिडी बंद होने” का झांसा दिया जाता है और आपकी निजी जानकारी चुरा ली जाती है।<br /><strong>फर्जी मोबाइल ऐप</strong><br />सोशल मीडिया या मैसेज के जरिए नकली ऐप डाउनलोड करवाकर फोन से डेटा और बैंक डिटेल चोरी की जाती है।<br /><strong> QR Code / UPI फ्रॉड</strong><br />“पेमेंट के लिए QR कोड स्कैन करें” कहकर पैसे आपके खाते से निकाल लिए जाते हैं।</p>
<p><strong> साइबर फ्रॉड से बचने के उपाय</strong></p>
<p>सिर्फ आधिकारिक प्लेटफॉर्म का उपयोग करें<br />गैस बुकिंग हमेशा कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट/ऐप या IVRS कॉल से करें।<br />फर्जी कॉल और मैसेज से सतर्क रहें<br />“कनेक्शन बंद हो जाएगा” या “KYC जरूरी है” जैसे संदेशों पर तुरंत विश्वास न करें।<br />स्क्रीन शेयरिंग ऐप से बचें<br />AnyDesk और TeamViewer जैसे ऐप डाउनलोड न करें।</p>
<p><strong>सुरक्षित पेमेंट करें</strong></p>
<p>भरोसेमंद ऐप जैसे Google Pay या PhonePe का ही उपयोग करें और QR स्कैन करते समय नाम जांचें।<br />OTP और निजी जानकारी साझा न करें<br />किसी भी व्यक्ति के साथ OTP, बैंक डिटेल या आधार नंबर शेयर न करें।</p>
<p><strong>शिकायत कहां करें?</strong></p>
<p>अगर आप साइबर फ्रॉड का शिकार होते हैं, तो तुरंत:<br />नजदीकी पुलिस स्टेशन / साइबर पुलिस स्टेशन में</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 18:15:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फर्जी ताइक्वांडो प्रमाणपत्र से शिक्षक भर्ती में घोटाले का खुलासा, 20 आरोपी गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान एसओजी ने शिक्षक भर्ती-2022 में फर्जी ताइक्वांडो प्रमाणपत्र के खेल का पर्दाफाश किया है। दुबई से बनी फर्जी ईमेल आईडी के जरिए प्रमाणपत्रों का फर्जी सत्यापन किया गया था। विमलेंदु कुमार झा सहित 19 अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया गया। जांच में दलालों द्वारा मोटी रकम लेकर जाली दस्तावेज देने का खुलासा हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/scam-in-teacher-recruitment-exposed-through-fake-taekwondo-certificate-20/article-146415"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/crime1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान पुलिस स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने तृतीय श्रेणी अध्यापक सीधी भर्ती परीक्षा-2022 में उत्कृष्ट खिलाड़ी कोटे के तहत फर्जी ताइक्वांडो प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी हासिल करने के प्रयास का बड़ा खुलासा किया है। इस मामले में 19 अभ्यर्थियों सहित कुल 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।<br />अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस विशाल बंसल ने बताया कि 12 मार्च 2026 को राजस्थान के 14 जिलों और हरियाणा में एक स्थान पर एक साथ रेड की गई। कार्रवाई के दौरान इस फर्जीवाड़े में शामिल 19 अभ्यर्थियों और एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया।</p>
<p><strong>जांच में सामने आया फर्जी ईमेल का खेल</strong></p>
<p>एसओजी की जांच टीम, जिसका नेतृत्व डीआईजी परिस अनिल देशमुख कर रहे थे, को एक संदिग्ध ईमेल का स्क्रीनशॉट मिला। इसमें 39 अभ्यर्थियों के ताइक्वांडो प्रमाणपत्रों का सत्यापन कर रिपोर्ट शिक्षा विभाग को भेजे जाने का दावा किया गया था। ईमेल की जांच के दौरान “Secretary” शब्द की स्पेलिंग गलत पाई गई, जिससे अधिकारियों को संदेह हुआ कि यह ईमेल फर्जी हो सकता है।</p>
<p><strong>दुबई से बनाई गई फर्जी ईमेल आईडी</strong></p>
<p>जांच में सामने आया कि यह ईमेल आईडी दुबई से बनाई गई थी और इसका इस्तेमाल विमलेंदु कुमार झा नामक व्यक्ति कर रहा था। जबकि Taekwondo Federation of India की आधिकारिक सूची में उसका नाम किसी पदाधिकारी या सदस्य के रूप में दर्ज नहीं था। इसके बाद एसओजी ने विमलेंदु कुमार झा को गिरफ्तार किया और उसकी निशानदेही पर उसके सहयोगी रवि शर्मा को भी पकड़ा। फर्जी ईमेल बनाने में इस्तेमाल मोबाइल नंबर की सिम भी बरामद की गई।</p>
<p><strong>ऐसे रचा गया पूरा षड्यंत्र</strong></p>
<p>जांच में सामने आया कि जब प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने चयनित अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र सत्यापन के लिए फेडरेशन को ईमेल भेजा, तब आरोपियों को इसकी जानकारी मिल गई। इसके बाद आरोपियों ने असली ईमेल आईडी से मिलती-जुलती एक फर्जी ईमेल आईडी बनाकर उसी के जरिए अभ्यर्थियों के फर्जी प्रमाणपत्रों का सकारात्मक सत्यापन भेज दिया।</p>
<p><strong>फर्जी ईमेल आईडी:</strong><br />secreatarytaekwondoindia@gmail.com<br />वास्तविक ईमेल आईडी:<br />secretarytaekwondoindia@gmail.com</p>
<p><strong>इन धाराओं में मामला दर्ज</strong></p>
<p>इस मामले में एसओजी थाने में आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471, 120-बी और आईटी एक्ट की धारा 66-डी के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच की जिम्मेदारी पुलिस उप अधीक्षक बाबूलाल मुरारिया को सौंपी गई है।</p>
<p><strong>कई जिलों में कार्रवाई</strong></p>
<p>एसओजी ने फलौदी, जोधपुर, जालोर, बीकानेर, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, भीलवाड़ा, जयपुर ग्रामीण, सीकर, झुंझुनूं, नागौर और बालोतरा सहित कई जिलों में पुलिस के सहयोग से आरोपियों को डिटेन कर जयपुर लाकर पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया।</p>
<p><strong>दलालों की भूमिका भी सामने आई</strong></p>
<p>प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि कई अभ्यर्थियों को फर्जी ताइक्वांडो प्रमाणपत्र दलालों ने मोटी रकम लेकर उपलब्ध कराए थे। इस मामले में कुछ दलालों की भूमिका भी सामने आई है, जिनकी जांच जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 17:15:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जयपुर दक्षिण पुलिस की साइबर अपराधियों पर बड़ी कार्रवाई: 57% शिकायतों का निस्तारण, 30 लाख के 121 मोबाइल बरामद</title>
                                    <description><![CDATA[डीसीपी राजर्षि राज के नेतृत्व में जयपुर पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। 4,249 शिकायतों का निस्तारण करते हुए ठगों के खातों में ₹8.54 करोड़ होल्ड कराए गए। अभियान के तहत ₹30 लाख के 121 मोबाइल बरामद कर पीड़ितों को लौटाए गए और 300 वांछित अपराधियों को नोटिस थमाए गए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-south-police-takes-major-action-against-cyber-criminals-disposes/article-145404"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/jaipur-crime-news.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर दक्षिण के पुलिस उपायुक्त राजर्षि राज (IPS) के निर्देशन में साइबर अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर बड़ी सफलता हासिल की गई है। 1 जनवरी 2026 से 28 फरवरी 2026 तक चलाए गए विशेष साइबर अभियान के दौरान वर्ष 2025 में दर्ज कुल 7483 साइबर शिकायतों में से 4249 शिकायतों (लगभग 57 प्रतिशत) का निस्तारण किया गया।</p>
<p><strong>121 मोबाइल फोन बरामद</strong></p>
<p>जयपुर दक्षिण के सभी थानों में चलाए गए अभियान के तहत जनवरी-फरवरी 2026 में CEIR पोर्टल और अन्य तकनीकी माध्यमों की सहायता से गुम हुए 121 मोबाइल फोन (करीब 30 लाख रुपये कीमत) ट्रेस कर बरामद किए गए और परिवादियों को सुपुर्द किए गए।</p>
<p><strong>ऑपरेशन वज्र प्रहार 2.0 में बड़ी सफलता</strong></p>
<p>पुलिस मुख्यालय द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन वज्र प्रहार 2.0” के तहत साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 1 जनवरी 2025 से 28 फरवरी 2026 तक कुल 8,54,66,571 रुपये साइबर अपराधियों के खातों में होल्ड करवाए गए। इसके अलावा साइबर धोखाधड़ी के मामलों में 27,56,889 रुपये की राशि रिकवर कर पीड़ितों के खातों में रिफंड भी करवाई गई।</p>
<p><strong>साइबर जागरूकता अभियान</strong></p>
<p>साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस द्वारा 15 स्कूल और कॉलेजों में अभियान चलाकर 5000 से अधिक लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।</p>
<p><strong>300 साइबर अपराधियों की तलाश</strong></p>
<p>समन्वय पोर्टल के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों में वांछित 300 साइबर अपराधियों की तलाश कर नोटिस तामील करवाए गए और संबंधित थानों को आगे की कार्रवाई के लिए भेजा गया।</p>
<p><strong>पुलिस टीम का गठन</strong></p>
<p>पुलिस उपायुक्त जयपुर दक्षिण राजर्षि राज ने बताया कि जयपुर पुलिस आयुक्त के निर्देश पर त्योहारी सीजन को देखते हुए इनामी अपराधियों, हार्डकोर अपराधियों और फरार हिस्ट्रीशीटरों पर कार्रवाई के लिए विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ललित शर्मा  के सुपरविजन में सहायक पुलिस आयुक्तों, थाना अधिकारियों और साइबर सेल जयपुर दक्षिण की संयुक्त टीमों ने कार्रवाई की।</p>
<p><strong>साइबर शिकायतों का विवरण (2025)</strong></p>
<p>अशोक नगर सर्किल: 696 शिकायतें, 437 निस्तारित<br />चाकसू सर्किल: 1520 शिकायतें, 725 निस्तारित<br />सोडाला सर्किल: 2141 शिकायतें, 1038 निस्तारित<br />मानसरोवर सर्किल: 3126 शिकायतें, 2049 निस्तारित<br />कुल मिलाकर 7483 शिकायतों में से 4249 शिकायतों का निस्तारण किया गया, जबकि शेष मामलों में जांच जारी है। पुलिस ने बताया कि गुम मोबाइल फोन और साइबर फ्रॉड से संबंधित लंबित मामलों में अनुसंधान लगातार जारी है और आने वाले समय में और भी रिकवरी की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Mar 2026 18:07:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जम्मू-कश्मीर में हवाला रैकेट का भंडाफोड़: 8,000 अकाउंट फ्रीज, साइबर अपराध की कड़ी में म्यूल अकाउंट की अहम भूमिका</title>
                                    <description><![CDATA[सुरक्षा एजेंसियों ने जम्मू-कश्मीर में 8,000 से अधिक 'म्यूल अकाउंट' फ्रीज कर बड़े डिजिटल हवाला नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी और देश विरोधी गतिविधियों की फंडिंग के लिए किया जा रहा था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/hawala-racket-busted-in-jammu-and-kashmir-8000-accounts-frozen/article-143321"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-600-px)-(2)7.png" alt=""></a><br /><p>जम्मू कश्मीर। जांचकर्ताओं के मुताबिक म्यूल अकाउंट साइबर अपराध की श्रृंखला का सबसे कमजोर, लेकिन बेहद जरूरी हिस्सा होते हैं। इनके बिना अपराधियों के लिए चोरी का पैसा क्रिप्टोकरेंसी जैसी डिजिटल संपत्तियों में बदलना मुश्किल हो जाता है। बढ़ते खतरे को देखते हुए केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य प्रवर्तन एजेंसियों को बैंकों के साथ मिलकर ऐसे खातों पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p>म्यूलर की तलाश तेज</p>
<p>एजेंसियां उन बिचौलियों की भी तलाश कर रही हैं, जिन्हें म्यूलर कहा जाता है। ये लोग वित्तीय धोखाधड़ी की इस श्रृंखला में अहम भूमिका निभाते हैं। अधिकारियों के अनुसार, जब 2017 में एनआईए ने क्षेत्र में अवैध फंडिंग पर सख्ती शुरू की, तो देश विरोधी नेटवर्क ने अपने तरीके बदल लिए। पारंपरिक तरीकों की जगह अब कथित तौर पर डिजिटल हवाला प्रणाली अपनाई गई है।</p>
<p>डिजिटल हवाला का नया तरीका</p>
<p>इस नए मॉडल में म्यूल अकाउंट धारकों और म्यूलरों को मिलने वाला कमीशन राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए हानिकारक गतिविधियों में लगाया जा सकता है। म्यूलर सीधे ठगी के शिकार लोगों से संपर्क नहीं करता और न ही फर्जी लिंक भेजता है, लेकिन वह ऐसे खातों की व्यवस्था करता है जिनसे ठग चोरी का पैसा जमा और ट्रांसफर करते हैं। जांच में सामने आया है कि एक ठग एक समय में 10 से 30 म्यूल खातों का इस्तेमाल कर सकता है। कई मामलों में शेल कंपनियों के नाम पर खाते खोले जाते हैं, जिनसे एक दिन में 40 लाख रुपये तक का लेनदेन हो जाता है, ताकि शक न हो।</p>
<p>खाताधारक भी जिम्मेदार</p>
<p>सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि भले ही म्यूल अकाउंट धारक सीधे ठगी नहीं करते, लेकिन वे मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल माने जाएंगे। कमीशन लेकर अपने खाते सौंपना अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क को मजबूत बनाता है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, पूरा ठगी तंत्र इन्हीं खातों पर निर्भर है। अगर पैसा पहुंचाने का जरिया ही न हो, तो ठगी शुरू में ही फेल हो जाएगी।</p>
<p>घाटी में वीपीएन पर रोक</p>
<p>अधिकारियों के मुताबिक क्षेत्रीय पुलिस पहले ही घाटी में वीपीएन के इस्तेमाल पर रोक लगा चुकी है, क्योंकि इसका उपयोग आतंकी और अलगाववादी तत्व पहचान छिपाने के लिए करते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/hawala-racket-busted-in-jammu-and-kashmir-8000-accounts-frozen/article-143321</link>
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                <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 11:17:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे सीबीआई की साइबर अपराध डैशबोर्ड का शुभारंभ, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स के उपयोग पर होगी चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[गृह मंत्री अमित शाह ने सीबीआई की नई साइबर अपराध शाखा और राष्ट्रीय साइबर डैशबोर्ड लॉन्च किया, साइबर धोखाधड़ी से निपटने की क्षमता मजबूत करने पर जोर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/union-home-minister-amit-shah-will-launch-cbis-cyber-crime/article-142618"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/amit-shah.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक नई साइबर अपराध शाखा का उद्घाटन और एक प्रमुख राष्ट्रीय साइबर अपराध डैशबोर्ड का शुभारंभ करने वाले हैं। गृह मंत्री भारत मंडपम में साइबर-सक्षम धोखाधड़ी से निपटना और इकोसिस्टम को खत्म करना विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में मुख्य भाषण देंगे। यहाँ वह सीबीआई अधिकारियों के लिए एक अलंकरण समारोह की अध्यक्षता करेंगे और नई सीबीआई साइबर अपराध शाखा का उद्घाटन करेंगे तथा भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) का एस4सी डैशबोर्ड का भी शुभारंभ करेंगे।</p>
<p>इस कार्यक्रम से पहले, गृह मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, साइबर अपराध आज दुनिया के लिए एक बड़ा खतरा है। हमारी सरकार नागरिकों को इससे सुरक्षित रखने के लिए संकल्पित है। आज, भारत की साइबर अपराध से लडऩे की क्षमता को मजबूत करने के लिए सीबीआई द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करूँगा।</p>
<p>गृह मंत्रालय के तहत आई सी के सहयोग से सीबीआई द्वारा आयोजित यह दो दिवसीय सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब भारत में तेजी से बढ़ते डिजिटल उपयोग के साथ-साथ नये जोखिम भी पैदा हुए हैं, जिनका अपराधी फायदा उठा रहे हैं। इसका उद्देश्य रोकथाम, जांच और समन्वय को मजबूत करके एक एकीकृत राष्ट्रीय रणनीति बनाना है।</p>
<p>इस कार्यक्रम में केंद्र और राज्य की एजेंसियों के वरिष्ठ कानून प्रवर्तन अधिकारी, दूरसंचार और वित्तीय क्षेत्रों के नियामक, सार्वजनिक और निजी बैंक, फिनटेक कंपनियां, दूरसंचार सेवा प्रदाता और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों सहित विभिन्न हितधारक भाग लेंगे। इसके प्राथमिक उद्देश्यों में साइबर धोखाधड़ी के प्रति एक साझा समझ बनाना, धोखाधड़ी इकोसिस्टम के महत्वपूर्ण स्तंभों (वित्तीय,दूरसंचार और मानव संसाधन) की जांच करना और अंतर-एजेंसी सहयोग को मजबूत करना शामिल है। सम्मेलन में जांच और पीड़ित सुरक्षा तंत्र को बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स के उपयोग पर भी चर्चा की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 16:25:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>भारत और नेपाल के बीच होने जा रहा बड़ा समझौता: ट्रांसनेशनल अपराधों से निपटने के लिए म्युचुअल लीगल असिस्टेंस करार तैयार, चुनाव से पहले होंगे हस्ताक्षर</title>
                                    <description><![CDATA[भारत-नेपाल के बीच एमएलए समझौता जल्द साइन होगा। यह ट्रांसनेशनल अपराधों से निपटने, जांच, सबूत साझा करने और कानूनी सहयोग को मजबूत करेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/a-big-agreement-is-going-to-be-signed-between-india/article-142401"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(2)7.png" alt=""></a><br /><p>काठमांडू। भारत और नेपाल के बीच कानूनी सहायता को लेकर एक बड़ा समझौता होने जा रहा है। करार तैयार हो चुका है अब दोनों देशों के अधिकारी समझौते पर साइन करने के लिए तारीख तय कर रहे हैं। इस कानून पर पिछले साल जुलाई में नई दिल्ली में गृह सचिव स्तर की बैठक के दौरान सहमति बनी थी। नेपाली मीडिया ने बताया है कि कई वर्षों की बातचीत के बाद इस समझौते पर दोनों देश पहुंचे हैं, जिससे पता चलता है कि ये समझौता कितना पेचीदा है। इस समझौते का नाम वी​वीक्यू है। इस समझौते के तहत दोनों पक्षों ने ट्रांसनेशनल अपराधों से निपटने और दोनों देशों की कानूनी संस्थाओं के बीच सूचना के आदान-प्रदान, जांच सबूतों को साझा करने, अभियोजन में सहयोग और आपराधिक जांच में कॉर्डिनेशन को आसान बनाने के लिए आपराधिक मामलों पर एमएलए पर साइन करने के साथ आगे बढ़ने पर सहमति जताई थी। यह समझौता दोनों पक्षों को ट्रांसनेशनल अपराधों की जांच करने के लिए एक कानूनी ढांचा प्रदान करता है। चूंकी दोनों देशों के नागरिक बगैर वीजा के एक देश से दूसरे देश की यात्रा करते हैं, इसलिए ये कानून काफी अहम माना जा रहा है।</p>
<p><strong>भारत नेपाल के बीच बड़ा कानूनी सहायता समझौता </strong></p>
<p>भारत और नेपाल के बीच प्रत्यर्पण संधि नहीं है, ऐसे में दोनों देशों के सुरक्षा अधिकारियों को लंबे समय से अपराधियों को एक-दूसरे को सौंपने में कानूनी और प्रशासनिक बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली में गृह सचिव स्तर की बैठक के दौरान बातचीत से जुड़े एक अधिकारी ने काठमांडू पोस्ट को कहा है कि एमएलए में एक ऐसा समझौता शामिल है जो आतंकवाद, तस्करी, साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी जैसे ट्रांसनेशनल अपराधों का मुकाबला करने के लिए तेज, व्यवस्थित सहयोग को सक्षम बनाता है। इस समझौते पर साइन होने के बाद अपराधियों का पता लगाने, सबूत जमा करने, अपराधियों की संपत्ति को जब्त करने और एक दूसरे की जांच एजेंसियों को संदिग्धों के बयान को दर्ज करने का अधिकार देगी। </p>
<p><strong>भारत यात्रा के दौरान साइन की चर्चा</strong></p>
<p>काठमांडू पोस्ट ने बताया है कि फिलहाल मामला इस पेंच पर फंसा हुआ है कि इस समझौते को मार्च में नेपाल में होने वाले चुनाव से पहले साइन कर लिया जाए या चुनाव के बाद। नेपाल विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा है कि हम इस पर चर्चा कर रहे हैं। इससे पहले विदेश मंत्री बालनंद शर्मा की फरवरी के पहले हफ्ते में भारत यात्रा के दौरान समझौते पर साइन करने की चर्चा हुई थी। लेकिन यात्रा स्थगित कर दी गई और अगर चुनाव से पहले समझौते पर साइन करने को लेकर सहमति बनती है, तो कानून मंत्री अनिल सिन्हा नेपाल सरकार की ओर से समझौते पर साइन कर सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 11:42:02 +0530</pubDate>
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                <title>ऑनलाइन धोखाधड़ी मामला: कंबोडिया में 36 भारतीय सहित 2,000 से अधिक विदेशी नागरिक गिरफ्तार, पूछताछ जारी</title>
                                    <description><![CDATA[कंबोडिया में ऑनलाइन धोखाधड़ी के खिलाफ कार्रवाई में 2,044 विदेशी गिरफ्तार हुए, जिनमें 36 भारतीय शामिल हैं। सरकार ने साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख दोहराया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/online-fraud-case-more-than-2000-foreign-nationals-including-36/article-141593"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/500-px)-(11).png" alt=""></a><br /><p>नोम पेन्ह। कंबोडिया में ऑनलाइन धोखाधड़ी के खिलाफ नवीनतम कार्रवाई के दौरान कुल 2,044 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया, जिसमें 36 भारतीय भी शामिल हैं। यह जानकारी कंबोडियाई गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने रविवार को दी।</p>
<p>शनिवार को दक्षिणपूर्वी स्वे रींग प्रांत के बावेत शहर में 22 इमारतों वाले एक कैसिनो पर छापेमारी के दौरान आठ अलग-अलग देशों के संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, गिरफ्तार हुए कुल 2,044 विदेशी नागरिकों में 1,792 चीनी, 177 वियतनामी, 179 म्यांमारी, 30 नेपाली, पांच ताइवानी, एक मलेशियाई, दो लाओसी, 36 भारतीय और एक मैक्सिकन नागरिक हैं। गृह मंत्रालय के प्रवक्ता टच सोखाक ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, यह वास्तव में दर्शाता है कि कंबोडियाई सरकार ऑनलाइन धोखाधड़ी में शामिल अपराधियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई में कभी ढील नहीं देगी।</p>
<p>उन्होंने कहा, कंबोडिया अपराधियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह नहीं बल्कि नरक है। दक्षिण पूर्वी एशियाई देश ने सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था एवं सामाजिक सुरक्षा को बनाए रखने और उसकी रक्षा करने के उद्देश्य से साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क के खिलाफ अभूतपूर्व राष्ट्रव्यापी कार्रवाई शुरू की है। </p>
<p>कंबोडिया में ऑनलाइन धोखाधड़ी से निपटने वाली तदर्थ समिति की पिछले सप्ताह की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले सात महीनों में देश में 23 देशों के कुल 5,106 ऑनलाइन धोखाधड़ी के संदिग्धों को गिरफ्तार किया जिनमें से 4,534 को उनके देशों में निर्वासित किया गया। यह छापेमारी राष्ट्रीय पुलिस के आयुक्त जनरल सार थेट के नेतृत्व में और उप आयुक्त चिव फाली और मेउंग सोथिया के समन्वय से की गई थी जिसमें 700 पुलिसकर्मी शामिल थे।</p>
<p>पिछले वर्ष सितंबर तक कंबोडियाई अधिकारियों ने 48 ऑनलाइन धोखाधड़ी गिरोहों का भंडाफोड़ किया और 168 लोगों को हिरासत में लिया जिन्हें अदालत में पेश किया गया। इसके अलावा लगभग 3,000 लोगों को उनके गृह देशों में वापस भेज दिया गया। इस वर्ष कथित ऑनलाइन धोखाधड़ी के सरगना चेन झी की गिरफ्तारी और चीन में प्रत्यर्पण के बाद संदिग्ध ऑनलाइन धोखाधड़ी मामलों में लगातार छापेमारी की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Feb 2026 16:25:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>साइबर अपराधों को लेकर राजस्थान उच्च न्यायालय का कड़ा रुख, कहा- देश में ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में लगातार वृद्धि, हजारों निर्दोष लोग अपनी मेहनत की कमाई खो रहे </title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान उच्च न्यायालय ने बढ़ते साइबर अपराधों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि पिछले कुछ वर्षों में देश में ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में लगातार वृद्धि हुई है, जिससे हजारों निर्दोष लोग अपनी मेहनत की कमाई खो रहे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-high-court-strict-on-cyber-crimes-bail-petitions-of/article-141481"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/cyber-security.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान उच्च न्यायालय ने बढ़ते साइबर अपराधों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि पिछले कुछ वर्षों में देश में ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में लगातार वृद्धि हुई है, जिससे हजारों निर्दोष लोग अपनी मेहनत की कमाई खो रहे हैं। न्यायमूर्ति अनूप कुमार ढंढ ने शनिवार को दो साइबर अपराधियों की जमानत याचिकाएं खारिज करते हुए कहा कि इंटरनेट के माध्यम से होने वाले इन अपराधों से आम नागरिकों को बचाने के लिए एक मजबूत और प्रभावी तंत्र तैयार किया जाना अब आवश्यक हो चुका है। ऑनलाइन बैंकिंग या किसी भी डिजिटल लेन-देन से पहले लोगों को जागरूक करना बेहद जरूरी है। इसके लिए प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, सोशल मीडिया, टेलीविजन और एफएम रेडियो के माध्यम से व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए, ताकि लोग डिजिटल धोखाधड़ी का शिकार होने से बच सकें।</p>
<p>उच्च न्यायालय ने साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को सरल और तेज करने पर भी जोर दिया। न्यायालय के अनुसार, शिकायत प्रणाली जटिल होने के कारण कई पीड़ति समय रहते मदद नहीं ले पाते, जिससे उनका पैसा वापस पाना कठिन हो जाता है। अदालत ने केंद्र और राज्य सरकारों के वित्त एवं गृह मंत्रालयों, राजस्थान के पुलिस महानिदेशक और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को निर्देश दिये हैं कि वे मिलकर ऐसा तंत्र विकसित करें, जिससे ग्राहकों की मेहनत की कमाई अनधिकृत लेन-देन से सुरक्षित रहे। साथ ही, न्यायालय ने ग्राहकों का डेटा बेचकर अपराधियों को फायदा पहुंचाने वाली सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिये। अदालत ने कहा कि साइबर अपराध केवल तकनीकी चुनौती नहीं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा का गंभीर मुद्दा बन चुके हैं। ऐसे में सभी हितधारकों को मिलकर कदम उठाने होंगे, ताकि आम जनता सुरक्षित डिजिटल माहौल में लेन-देन कर सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 31 Jan 2026 19:02:48 +0530</pubDate>
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