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                <title>Monsoon - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Monsoon RSS Feed</description>
                
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                <title>शेयर बाजार आउटलुक: वैश्विक कारकों और मानसून की प्रगति से तय होगी अगले सप्ताह शेयर बाजार की दिशा, इन कंपनियों में दिखेगा जोरदार उछाल</title>
                                    <description><![CDATA[पिछले सप्ताह सेंसेक्स 1,274 और निफ्टी 390 अंक चढ़कर मजबूत स्थिति में बंद हुए, जिसमें मिडकैप-स्मॉलकैप का प्रदर्शन शानदार रहा। आगामी सप्ताह में बाजार की दिशा घरेलू मानसून की प्रगति, आठ कोर उद्योगों के आंकड़ों और ईरान-अमेरिका शांति समझौते से जुड़े वैश्विक घटनाक्रमों पर निर्भर करेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/the-direction-of-the-stock-market-next-week-will-be/article-157632"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/share-market4.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। घरेलू शेयर बाजारों में पिछले सप्ताह रही गिरावट के बाद आने वाले हप्ता में निवेशकों की नजर वैश्विक कारकों के साथ घरेलू स्तर पर मानसून की प्रगति और आठ महत्वपूर्ण उद्योगों के आंकड़ों पर रहेगी। ईरान और अमेरिका के बीच हुए शांति समझौते को लागू करने में कितनी प्रगति होती है, विशेषकर होर्मुज जलडमरूमध्य को व्यापार के लिए खोलने की दिशा में, इसका असर सीधे शेयर बाजारों पर पड़ेगा। दूसरी तरफ, मानसून पिछले करीब एक सप्ताह से अटका हुआ है। इससे निवेशकों में चिंता हो सकती है। साथ ही, देश के आठ महत्वपूर्ण उद्योग क्षेत्रों के आंकड़े भी इसी सप्ताह जारी होने हैं। इन सभी कारकों का असर निवेश धारणा पर दिखेगा।</p>
<p>बीते सप्ताह पहले चार दिन बाजार में तेजी रही जबकि आखिरी दिन बिकवाली का जोर रहा। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सप्ताह के दौरान 1,274.95 अंक (1.69 प्रतिशत) चढ़कर शुक्रवार को 76,802.90 अंक पर रहा। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 390.20 अंक यानी 1.65 प्रतिशत की साप्ताहिक बढ़त में सप्ताहांत पर 24,013.10 अंक पर बंद हुआ। मझौली और छोटी कंपनियों में निवेशकों का विश्वास अधिक रहा। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक में 2.72 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक में 3.23 प्रतिशत की साप्ताहिक तेजी दर्ज की गयी।</p>
<p>सप्ताह के दौरान सेंसेक्स की 30 में से 25 कंपनियों के शेयर हरे निशान में रहे। टाटा समूह की रिटेल कंपनी ट्रेंट के शेयर में 16.32 प्रतिशत का जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया। इटरनल में 8.37 फीसदी, इंडिगो में 6.69, टाइटन में 5.64 और बीईएल में 5.07 फीसदी की साप्ताहिक तेजी रही। भारती एयरटेल का शेयर 4.72 प्रतिशत बजाज फाइनेंस का 4.64, बजाज फिनसर्व का 4.56, एलएंडटी का 3.94, एनटीपीसी का 3.33, आईटीसी का 2.89, पावरग्रिड का 2.67 और अल्ट्राटेक सीमेंट का शेयर 2.37 प्रतिशत चढ़ा।</p>
<p>एचसीएल टेक्नोलॉजीज का शेयर 1.86 प्रतिशत, भारतीय स्टेट बैंक का 1.78, सन फार्मा का 1.65, हिंदुस्तान यूनीलिवर का 1.31, रिलायंस इंडस्ट्रीज का 1.28, अडानी पोर्ट्स का 1.20, महिंद्रा एंड महिंद्रा का 1.03 और एचडीएफसी बैंक का 0.98 प्रतिशत की बढ़त में रहा। टाटा स्टील और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर भी ऊपर बंद हुए। इंफोसिस का शेयर सप्ताह के दौरान 5.79 फीसदी टूट गया। टीसीएस में 1.62 प्रतिशत, टेक महिंद्रा में 1.30 और कोटक महिंद्रा बैंक में 1.10 प्रतिशत की गिरावट रही। एशियन पेंट्स का शेयर भी लाल निशान में रहा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 12:58:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>समय से पहले आया मानसून : केरल में दी दस्तक, भारी बारिश और भीषण गर्मी से राहत मिलने के आसार</title>
                                    <description><![CDATA[दक्षिण-पश्चिम मानसून ने गुरुवार को केरल में प्रवेश कर लिया, जिससे तमिलनाडु समेत दक्षिण भारत में भारी बारिश और गर्मी से राहत की उम्मीद बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून कर्नाटक, तमिलनाडु, लक्षद्वीप और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों तक पहुंच चुका है। अगले 2-3 दिनों में गोवा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और पूर्वोत्तर राज्यों में भी इसके आगे बढ़ने की संभावना है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/monsoon-arrived-before-time-in-kerala-there-are-chances-of/article-156000"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/6622-copy1.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">चेन्नई। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने गुरुवार को केरल में दस्तक दी, जिससे तमिलनाडु के सीमावर्ती जिलों में भारी बारिश होने तथा भीषण गर्मी के प्रकोप से राहत मिलने के आसार हैं। मौसम विभाग ने इसकी औपचारिक घोषणा करते हुए बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व अरब सागर के शेष हिस्सों, मध्य-पश्चिम और मध्य-पूर्व अरब सागर के कुछ हिस्सों, पूरे लक्षद्वीप द्वीप समूह, केरल और माहे में आगे बढ़ गया है। इसके साथ ही मानसून आज कर्नाटक और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों, कोमोरिन क्षेत्र के शेष हिस्सों, बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्व और दक्षिण-पश्चिम, मध्य-पश्चिम, मध्य-पूर्व एवं उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों में भी आगे बढ़ चुका है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">विभाग के अनुसार, अगले दो-तीन दिनों के दौरान मध्य अरब सागर के कुछ और हिस्सों, पूरे गोवा, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों, कर्नाटक के कुछ और हिस्सों, तमिलनाडु के शेष हिस्सों, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, मध्य-पश्चिम, मध्य-पूर्व और उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों तथा पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां बिल्कुल अनुकूल हैं। विज्ञप्ति में कहा गया, आमतौर पर दक्षिण-पश्चिम मानसून एक जून को केरल में दस्तक देता है। इस बार मानसून अपनी सामान्य तिथि से 3 दिन की देरी से केरल पहुंचा है। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';"> </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';"> </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';"> </span></p>
<p class="MsoNormal"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 17:23:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>46 साल बाद दुर्लभ संयोग: गंगा दशहरा से शुरू हुआ नौतपा बारिश के कारण खंडित, मानसून को लेकर बढ़ी चिंताएं</title>
                                    <description><![CDATA[सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश के साथ 25 मई से शुरू हुआ नौतपा खंडित हो गया है। 46 साल बाद ऐसा दुर्लभ संयोग बना जब नौतपा की शुरुआत गंगा दशहरा से हुई। हालांकि, परंपरा के अनुसार नौतपा के दौरान बारिश होने से आगामी मानसून के कमजोर रहने की आशंका जताई जा रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/nautapa-fragmented-fear-of-weak-monsoon/article-155541"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/notpa.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करने के साथ ही 25 मई से शुरू हुआ नौतपा खण्डित हो गया। माना जाता है कि नौतपा के दौरान यदि बारिश हो जाती है तो आगामी मानूसन के कमजोर रहने की आशंका रहती है और अगर नौ दिनों में बारिश नहीं होती है तो मानसून अच्छा रहता है। खास बात है कि इस बार गंगा दशहरा से नौतपा शुरू हुआ है। यह मौका 46 साल बाद आया। इससे पहले 1980 में भी नौतपा की शुरूआत गंगा दशहरा से हुई थी। सूर्यदेव रोहिणी नक्षत्र में 8 जून को दोपहर 1.33 बजे तक रहेंगे। इसके बाद सूर्यदेव का मृगशिरा नक्षत्र में होगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 31 May 2026 13:32:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>क्या इस साल सामान्य से कमजोर रहेगा मानसून? देश के अधिकांश हिस्सों में नहीं होगी बारिश : आईएमडी की चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दूसरा दीर्घकालिक अनुमान जारी करते हुए देश में सामान्य से कम मानसून (90%) रहने की आशंका जताई है। उत्तर-पश्चिम, मध्य और दक्षिण भारत के कृषि क्षेत्रों में बारिश की रफ्तार सुस्त रहेगी, जिससे तापमान सामान्य से अधिक बना रह सकता है। हालांकि, उत्तर-पूर्वी भारत में बारिश सामान्य रहेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/will-the-monsoon-be-weaker-than-normal-this-year-there/article-155345"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/temperature1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। मौसम विज्ञान विभाग ने साल 2026 के दक्षिण-पश्चिम मानसून (जून से सितंबर) के लिए अपना दूसरा दीर्घकालिक अनुमान शुक्रवार को जारी कर दिया। इसके अनुसार देश के प्रमुख कई हिस्सों में इस साल मानसून की बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार देश में मानसून दीर्घावधि अनुमान के 90 प्रतिशत रह सकता है। यह स्थिति सामान्य से कम मानसून को दर्शाती है। विभाग के अनुसार इस प्रतिशत में चार प्रतिशत घट बढ़ हो सकता है।</p>
<p>मौसम विभाग ने यहां बताया कि उत्तर-पूर्वी भारत में मानसून की स्थिति सामान्य रहने का अनुमान है, जहां दीर्घावधि औसत की 94 से 106 प्रतिशत तक बारिश हो सकती है। जबकि उत्तर-पश्चिमी भारत में समग्र रूप से बारिश सामान्य से कम (दीर्घावधि औसत के 92 प्रतिशत से भी कम) रहने की आशंका है। इसके अलावा मध्य भारत में भी मानसून की रफ्तार सुस्त रह सकती है और यहां बारिश सामान्य से कम ( दीर्घावधि औसत के 94 प्रतिशत से कम) रहने का पूर्वानुमान है। दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के इस क्षेत्र में भी मानसून की स्थिति सामान्य से कम (दीर्घावधि औसत के 94 प्रतिशत से नीचे) रह सकती है।</p>
<p>मौसम विभाग के अनुसार देश का 'मानसून कोर जोन' जिसमें देश के अधिकांश वर्षा-आधारित कृषि क्षेत्र शामिल हैं, वहां इस साल मानसून सामान्य से कम दीर्घावधि औसत के 94 प्रतिशत रहने की सबसे अधिक संभावना है। मौसम विभाग ने यह दूसरा पूर्वानुमान जून से सितंबर के चार महीनों की अवधि को ध्यान में रखकर जारी किया है। पहला पूर्वानुमान 13 अप्रैल को जारी किया था। इसमें भी मौसम विभाग ने कहा था कि साल 2026 का मानसून सामान्य से कम या कमजोर रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार देश में तापमान सामान्य से अधिक बना रह सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 May 2026 11:52:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मानसून के फिर से जल्दी आने की उम्मीद : 26 मई के आसपास केरल में देगा दस्तक, मौसमी बारिश बेहद महत्वपूर्ण</title>
                                    <description><![CDATA[आईएमडी के अनुसार, इस साल मानसून 26 मई के आसपास केरल पहुंच सकता है, यानी तय समय (1 जून) से पहले। अगर ऐसा हुआ तो लगातार तीसरे साल मानसून जल्दी आएगा। हालांकि राहत के बीच चिंता भी है—देशभर में जून-सितंबर की बारिश सामान्य से कम, एलपीए का करीब 92% रहने का अनुमान है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/monsoon-is-expected-to-arrive-again-early-and-will-hit/article-154002"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/mansoon.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">नई दिल्ली। मौसम विभाग (आईएमडी) का पूर्वानुमान है कि मानसून इस साल फिर केरल में जल्दी पहुंचेगा और यह 26 मई के आसपास राज्य में प्रवेश करेगा। आमतौर पर एक जून के आसपास मानसून भारत के दक्षिणी छोर पर दस्तक देता है। अगर यह पूर्वानुमान सही साबित होता है तो यह लगातार तीसरी बार बार होगा, जब वह समय से पूर्व आएगा। पिछले साल मानसून 27 मई को और 2024 में 31 मई को केरल पहुंचा था। हालांकि मानसून के जल्दी आने के पूर्वानुमान से एक उम्मीद जगी है, लेकिन देश के बाकी हिस्सों के लिए मौसम का पूर्वानुमान मिला-जुला बना हुआ है। </span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जून-सितंबर की मौसमी बारिश बेहद महत्वपूर्ण </span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">भारत के लिए जून-सितंबर की मौसमी बारिश बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह वार्षिक वर्षा का 70 फीसदी से अधिक हिस्सा प्रदान करती है। यही बारिश देश में कृषि, पानी की उपलब्धता, जलाशयों के स्तर और समग्र अर्थव्यवस्था को आकार देती है। हालांकि इस वर्ष मौसम विभाग का मौसमी दृष्टिकोण सामान्य से कम बारिश का संकेत दे रहा है। मौसम विभाग ने लंबी अवधि के औसत (एलपीए) के लगभग 92 फीसदी बारिश का अनुमान लगाया है, जिसमें पांच फीसदी कम ज्यादा हो सकता है।<span>  </span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 May 2026 12:45:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ह्यूमिड हीटवेव सेहत के लिए बेहद खतरनाक, कुछ ही घंटों में हो सकता है हीटस्ट्रोक : अध्यन्न</title>
                                    <description><![CDATA[वैज्ञानिकों ने केरल के तटीय क्षेत्रों में ह्यूमिड हीटवेव (उमस भरी लू) को लेकर अलर्ट जारी किया है। अध्ययन के अनुसार, मानसून के दौरान बारिश रुकने पर गर्मी और नमी का जानलेवा मेल हीटस्ट्रोक का कारण बन सकता है। पसीना न सूखने से शरीर ठंडा नहीं हो पाता, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/humid-heatwave-is-very-dangerous-for-health-heatstroke-can-occur/article-150985"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/heatwave.png" alt=""></a><br /><p>तिरुवनंतपुरम। केरल के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए वैज्ञानिकों ने एक जरूरी चेतावनी जारी की है। एक नए अंतरराष्ट्रीय अध्ययन के मुताबिक, मानसून के दौरान जब बारिश रुकती है, तो उस समय पड़ने वाली उमस भरी गर्मी (ह्यूमिड हीटवेव) सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकती है। ब्रिटेन की 'यूनिवर्सिटी ऑफ रीडिंग' के वैज्ञानिकों के नेतृत्व में की गयी एक रिसर्च में बताया गया है कि तटीय क्षेत्रों में अब केवल बढ़ता तापमान ही बड़ी बात नहीं है, बल्कि गर्मी और नमी का जो मेल बन रहा है, वह शरीर के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।</p>
<p>आम तौर पर चलने वाली लू के मुकाबले यह उमस वाली गर्मी इसलिए ज्यादा घातक है क्योंकि हवा में नमी अधिक होने की वजह से शरीर का पसीना नहीं सूख पाता। जब पसीना नहीं सूखता, तो शरीर खुद को ठंडा नहीं कर पाता। ऐसे में तापमान बहुत ज्यादा न होने पर भी इंसान को कुछ ही घंटों में हीटस्ट्रोक हो सकता है या दिल पर दबाव बढ़ सकता है। अध्ययन के मुख्य लेखक डॉ. अक्षय देवरस ने बताया कि केरल के तटीय जिले अंदरूनी इलाकों के मुकाबले इस खतरे की चपेट में ज्यादा हैं। खासकर जब मानसून के दौरान बारिश का दौर थमता है, तब यह जोखिम और भी बढ़ जाता है।</p>
<p>इस खतरे को मापने के लिए वैज्ञानिकों ने 'वेट-बल्ब' तापमान का इस्तेमाल किया है। यह एक ऐसा पैमाना है जो बताता है कि गर्मी और नमी का स्तर कब इतना बढ़ गया है कि पसीना निकलना भी बेकार हो जाए और इंसान की जान जोखिम में पड़ जाए। शोधकर्ताओं का कहना है कि इस अध्ययन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि ऐसी उमस वाली गर्मी का पता करीब एक महीना पहले ही लगाया जा सकता है। अगर प्रशासन को इसकी जानकारी समय पर मिल जाए, तो वह बचाव के इंतजाम कर सकता है।</p>
<p>इस समय का उपयोग अस्पतालों में तैयारी करने, आम लोगों के लिए 'कूलिंग सेंटर' बनाने, स्कूलों के समय में बदलाव करने और बिजली की सप्लाई बेहतर करने के लिए किया जा सकता है। यह पूरी रिपोर्ट 1940 से 2023 तक के यानी पिछले 84 सालों के मौसम और बारिश के आंकड़ों को परखने के बाद तैयार की गई है। वैज्ञानिकों ने मानसून के आने और रुकने के सैकड़ों चरणों का बारीकी से विश्लेषण किया है। इस खास शोध में 'यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स', 'यूके मेट ऑफिस' और भारत के 'उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान' ने भी हाथ बटाया है। वैज्ञानिकों का मानना है कि भारत में लोग लू के बारे में तो जानते हैं, लेकिन इस उमस भरी गर्मी को गंभीरता से नहीं लेते। जबकि यह कहीं ज्यादा जानलेवा हो सकती है। इसलिए इसके प्रति लोगों को जागरूक करना और सही सरकारी नीतियां बनाना बहुत जरूरी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 13:33:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दिल्ली-एनसीआर में मौसम हुआ तूफानी: आईएमडी ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट, जनजीवन बाधित</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली-एनसीआर में धूल भरी आंधी और बारिश से तपती गर्मी से राहत मिली है, जिससे तापमान 19°C तक गिर गया। मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए शुक्रवार तक खराब मौसम की चेतावनी दी है। तेज हवाओं के कारण 16 उड़ानें डायवर्ट की गईं और बिजली आपूर्ति बाधित हुई। नागरिकों को सुरक्षित रहने की सलाह दी गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/weather-becomes-stormy-in-delhi-ncr-imd-issues-orange-alert-life/article-147018"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/delhi-ncr.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में गुरुवार को बादल छाए हुए हैं और तापमान लगभग 19 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। इससे पहले धूल भरी आंधी, गरज, बिजली और बारिश के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिली है। मौसम विज्ञान विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बारिश और तेज हवाओं ने दिल्ली-एनसीआर में जनजीवन को बाधित किया है और बिजली नेटवर्क को भी प्रभावित किया है।</p>
<p>शुक्रवार तक मौसम की ऐसी ही स्थिति बने रहने का अनुमान है। बुधवार शाम खराब मौसम के कारण इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से कम से कम 16 उड़ानों को अन्य शहरों की ओर मोड़ दिया गया। स्थानीय लोगों को घर में रहने और खिड़कियों, बिजली के खंभों और बिजली की तारों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 16:32:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रदेश में मानसून का दौर : जयपुर सहित कई जिलों में बदला मौसम, कहीं बारिश तो कहीं बूंदाबांदी </title>
                                    <description><![CDATA[ मानसून जाने के बाद फिर से गर्मी और उमस ने आमजन को परेशान कर दिया था लेकिन आज फिर से जयपुर सहित कई जिलों में मौसम बदल गया है ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-monsoon-phase-in-the-state-ends-in-many-districts/article-128322"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/rain.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में मानसून का दौर खत्म हुए करीब 4 दिन बीत चुके हैं। मानसून जाने के बाद फिर से गर्मी और उमस ने आमजन को परेशान कर दिया था लेकिन आज फिर से जयपुर सहित कई जिलों में मौसम बदल गया है और कहीं बारिश हुई तो कहीं बूंदाबांदी हो रही है। इससे तापमान में गिरावट आई है और गर्मी का असर भी कम हुआ है। बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के बाद अब अरब सागर में भी एक लो-प्रेशर सिस्टम बन गया। इन सिस्टम के प्रभाव से राजस्थान के कई हिस्सों में बारिश का दौर शुरू हो गया है। सोमवार को प्रतापगढ़, डूंगरपुर, जोधपुर, बूंदी, बांसवाड़ा समेत कई जिलों में 1 इंच तक पानी बरसा। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने मंगलवार को भी जयपुर, अलवर सहित 23 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। यह 3 अक्टूबर तक जारी रहेगा।</p>
<p>मौसम केन्द्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया- उत्तरी हरियाणा और उसके आसपास एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) बना हुआ है। इसके प्रभाव से राज्य के पूर्वी व उत्तरी-पूर्वी भागों में आगामी 2-3 दिन मेघगर्जन के साथ कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।</p>
<p>इसके अलावा अरब सागर में गुजरात के पास खंभात की खाड़ी और उसके आसपास के क्षेत्रों पर एक लो-प्रेशर सिस्टम बना है। इसके असर से दक्षिणी-पूर्वी भागों में आगामी 3-4 दिन मेघगर्जन के साथ कहीं-कहीं हल्की से मध्यम और भारी बारिश होने की संभावना है। उन्होंने बताया इन सभी सिस्टम के असर से 30 सितंबर से 3 अक्टूबर के दौरान कोटा, उदयपुर, भरतपुर, जयपुर, अजमेर और जोधपुर संभाग के कुछ भागों में बारिश हो सकती है</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Sep 2025 14:03:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Weather Update : राजस्थान में एक बार फिर मौसम में बदलाव, प्रदेश के 8 जिलों में हल्की बारिश का अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[रविवार को राजधानी जयपुर में दोपहर बाद अचानक कई इलाकों में जैसे मालवीय नगर, गांधीनगर व जेएलएन मार्ग आदि में बारिश हुई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/weather-update-rajasthan-once-again-changes-in-weather-light-rain/article-128199"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/cloud.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मानसून विदाई के बाद अब बंगाल की खाड़ी से बने वेलमार्क लो प्रेशर से प्रदेश में तीन अक्टूबर तक कई हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना है। प्रदेश में 28 सितम्बर से तीन अक्टूबर तक कोटा, उदयपुर, भरतपुर, जयपुर, अजमेर और जोधपुर संभाग के कुछ हिस्सों में मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश होने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है। जयपुर में रविवार को दोपहर बाद कुछ हिस्सों में हल्की बारिश भी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विदर्भ पर बने अवदाब कमजोर होकर वेलमार्क लो प्रेशर में तब्दील हो चुका है। इसके प्रभाव से राज्य के पूर्वी और दक्षिणी भागों में आगामी चार-पांच दिन मेघगर्जन के साथ बारिश होने और दक्षिणी भागों में कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। प्रदेश में 28 सितम्बर से तीन अक्टूबर के दौरान कोटा, उदयपुर, भरतपुर, जयपुर, अजमेर और जोधपुर संभाग के कुछ हिस्सों में मेघगर्जन के साथ बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। इस दौरान उदयपुर संभाग में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने कृषि क्षेत्र में सलाह जारी करते हुए कहा है कि खुले में रखी फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखकर भीगने से बचाएं। पिछले 24 घंटे में पूर्वी राजस्थान में कहीं कहीं हल्की से मध्यम बारिश तथा पश्चिमी राजस्थान में मौसम शुष्क रहा।</p>
<p>प्रदेश में सर्वाधिक बारिश झालावाड़ के अकलेरा में 16 एमएम दर्ज की गई। प्रदेश में सर्वाधिक तापमान बाड़मेर व बीकानेर में 39.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान सिरोही में 18.9 डिग्री दर्ज किया गया। रविवार को राजधानी जयपुर में दोपहर बाद अचानक कई इलाकों में जैसे मालवीय नगर, गांधीनगर व जेएलएन मार्ग आदि में बारिश हुई। मौसम विभाग ने सोमवार को कोटा, बारां, झालावाड़, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ और बांसवाड़ा में येलो अलर्ट, 30 सितम्बर को कोटा, बारां, झालावाड़, प्रतापगढ़ और बांसवाड़ा में येलो अलर्ट तथा एक अक्टूबर को झालावाड़, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, उदयपुर और सिरोही में येलो अलर्ट जारी किया है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Sep 2025 12:40:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>राजस्थान के दक्षिणी हिस्सों में मानसून का दौर जारी : पश्चिम में गर्मी का जोर, 9 जिलों में येलो अलर्ट जारी</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान के दक्षिणी हिस्सों में मानसून की बारिश का दौर जारी है। इधर, पश्चिमी राजस्थान के जिलों में वेस्टर्न विंड का प्रभाव बढ़ने से दिन और रात का टेम्प्रेचर बढ़ने लगा है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/monsoon-period-continues-in-the-southern-parts-of-rajasthan/article-127594"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/weather-cloud.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान के दक्षिणी हिस्सों में मानसून की बारिश का दौर जारी है। इधर, पश्चिमी राजस्थान के जिलों में वेस्टर्न विंड का प्रभाव बढ़ने से दिन और रात का टेम्प्रेचर बढ़ने लगा है। पश्चिमी राजस्थान के साथ अब उत्तरी राजस्थान के सीकर, झुंझुनूं, अलवर, जयपुर में भी मौसम ड्राय होने से तापमान बढ़ने लगा है। इन शहरों में अब दिन में गर्मी थोड़ी तेज होने लगी।</p>
<p>कल दिन में सबसे ज्यादा गर्मी श्रीगंगानगर जिले में रही। वहीं मौसम विभाग ने राज्य के 9 जिलों में आज और 8 जिलों में कल (मंगलवार) बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। 24 सितंबर से पूरे प्रदेश में मौसम ड्राय होने का अनुमान जताया है। मौसम विभाग केंद्र जयपुर से मिली जानकारी के अनुसार पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश भागों से मानसून विदा हो चुका है और आगामी 5-6 दिन मौसम शुष्क रहने की प्रबल संभावना है।</p>
<p>वहीं पूर्वी राजस्थान के उदयपुर, कोटा संभाग के कुछ भागों में मेघगर्जन के साथ हल्की-मध्यम बारिश की गतिविधियां आगामी 3-4 दिन जारी रहने और जयपुर, भरतपुर, अजमेर संभाग के अधिकांश भागों में मौसम मुख्यतः शुष्क रह सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/monsoon-period-continues-in-the-southern-parts-of-rajasthan/article-127594</link>
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                <pubDate>Mon, 22 Sep 2025 17:43:12 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>डेढ़ सप्ताह से सुस्त पड़ा मानसून फिर सक्रिय : 6 से ज्यादा जिलों में 4 इंच से ज्यादा पानी बरसा, 2 अक्टूबर तक प्रदेश में बारिश होने की संभावना </title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में पिछले डेढ़ सप्ताह से सुस्त पड़ा मानसून फिर एक्टिव हो गया है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/monsoon-has-been-sluggish-for-one-and-a-half-weeks/article-127319"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/weather.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में पिछले डेढ़ सप्ताह से सुस्त पड़ा मानसून फिर एक्टिव हो गया है। आज सुबह कोटा के कई इलाकों में हल्की बरसात हुई। वहीं, गुरुवार को 6 से ज्यादा जिलों में 4 इंच से ज्यादा तक पानी बरसा। सबसे ज्यादा बरसात उदयपुर के मावली में हुई। यहां 4 इंच से ज्यादा बारिश हुई। इधर राजधानी जयपुर में आज भी कई इलाकों में बादल छाए हुए हैं और बूंदाबांदी भी हुई है। </p>
<p>कोटा, उदयपुर और भरतपुर संभाग में अगले 2-3 दिन दोपहर बाद हल्की-मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम केन्द्र जयपुर ने अगले दो सप्ताह का पूर्वानुमान जारी करते हुए प्रदेश 25 सितंबर से 2 अक्टूबर तक प्रदेश में कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। केंद्र के अनुसार इस दौरान औसत से ज्यादा बारिश हो सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Sep 2025 15:03:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>15 सितम्बर से मानसून की प्रदेश से विदाई : सुबह-शाम ठंडक का होने लगा एहसास, तापमान 20 डिग्री से भी नीचे </title>
                                    <description><![CDATA[ राजस्थान में बारिश का दौर थमने के बाद अब अल सुबह और देर रात में ठंडक बढ़ने लगी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/from-september-15-the-monsoon-will-be-farewell-to-the/article-126738"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/rain.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में बारिश का दौर थमने के बाद अब अल सुबह और देर रात में ठंडक बढ़ने लगी है। उदयपुर, सिरोही, प्रतापगढ़, पाली समेत कई शहरों में रात का न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज हो रहा है। सबसे ज्यादा ठंडी रात इन दिनों सिरोही जिले में हो रही है। यहां तापमान 20 डिग्री से भी नीचे जा रहा है। मौसम विशेषज्ञों ने बताया- राज्य में अगले तीन-चार दिन ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान है।कुछ शहरों में दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है।</p>
<p> 17 सितंबर से राज्य में एक कमजोर सिस्टम के आने से दक्षिण और दक्षिण-पूर्वी जिलों में हल्की बारिश का दौर शुरू हो सकता है। पश्चिमी राजस्थान के कुछ भागों से मानसून के विदा होने के लिए परिस्थितियां 15 सितंबर से अनुकूल है। पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश भागों में आगामी एक सप्ताह मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है ।  पूर्वी राजस्थान के अधिकांश भागों में भी आगामी 2-3 दिन मौसम मुख्यतः शुष्क रहने व 16 सितंबर से दक्षिण-पूर्वी भागों में कहीं-कहीं मेघगर्जन के साथ हल्की-मध्यम बारिश होने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Sep 2025 14:04:03 +0530</pubDate>
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