<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/monsoon/tag-2121" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Monsoon - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/2121/rss</link>
                <description>Monsoon RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मानसून के फिर से जल्दी आने की उम्मीद : 26 मई के आसपास केरल में देगा दस्तक, मौसमी बारिश बेहद महत्वपूर्ण</title>
                                    <description><![CDATA[आईएमडी के अनुसार, इस साल मानसून 26 मई के आसपास केरल पहुंच सकता है, यानी तय समय (1 जून) से पहले। अगर ऐसा हुआ तो लगातार तीसरे साल मानसून जल्दी आएगा। हालांकि राहत के बीच चिंता भी है—देशभर में जून-सितंबर की बारिश सामान्य से कम, एलपीए का करीब 92% रहने का अनुमान है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/monsoon-is-expected-to-arrive-again-early-and-will-hit/article-154002"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/mansoon.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">नई दिल्ली। मौसम विभाग (आईएमडी) का पूर्वानुमान है कि मानसून इस साल फिर केरल में जल्दी पहुंचेगा और यह 26 मई के आसपास राज्य में प्रवेश करेगा। आमतौर पर एक जून के आसपास मानसून भारत के दक्षिणी छोर पर दस्तक देता है। अगर यह पूर्वानुमान सही साबित होता है तो यह लगातार तीसरी बार बार होगा, जब वह समय से पूर्व आएगा। पिछले साल मानसून 27 मई को और 2024 में 31 मई को केरल पहुंचा था। हालांकि मानसून के जल्दी आने के पूर्वानुमान से एक उम्मीद जगी है, लेकिन देश के बाकी हिस्सों के लिए मौसम का पूर्वानुमान मिला-जुला बना हुआ है। </span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जून-सितंबर की मौसमी बारिश बेहद महत्वपूर्ण </span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">भारत के लिए जून-सितंबर की मौसमी बारिश बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह वार्षिक वर्षा का 70 फीसदी से अधिक हिस्सा प्रदान करती है। यही बारिश देश में कृषि, पानी की उपलब्धता, जलाशयों के स्तर और समग्र अर्थव्यवस्था को आकार देती है। हालांकि इस वर्ष मौसम विभाग का मौसमी दृष्टिकोण सामान्य से कम बारिश का संकेत दे रहा है। मौसम विभाग ने लंबी अवधि के औसत (एलपीए) के लगभग 92 फीसदी बारिश का अनुमान लगाया है, जिसमें पांच फीसदी कम ज्यादा हो सकता है।<span>  </span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/monsoon-is-expected-to-arrive-again-early-and-will-hit/article-154002</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/monsoon-is-expected-to-arrive-again-early-and-will-hit/article-154002</guid>
                <pubDate>Sat, 16 May 2026 12:45:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/mansoon.png"                         length="1334031"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ह्यूमिड हीटवेव सेहत के लिए बेहद खतरनाक, कुछ ही घंटों में हो सकता है हीटस्ट्रोक : अध्यन्न</title>
                                    <description><![CDATA[वैज्ञानिकों ने केरल के तटीय क्षेत्रों में ह्यूमिड हीटवेव (उमस भरी लू) को लेकर अलर्ट जारी किया है। अध्ययन के अनुसार, मानसून के दौरान बारिश रुकने पर गर्मी और नमी का जानलेवा मेल हीटस्ट्रोक का कारण बन सकता है। पसीना न सूखने से शरीर ठंडा नहीं हो पाता, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/humid-heatwave-is-very-dangerous-for-health-heatstroke-can-occur/article-150985"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/heatwave.png" alt=""></a><br /><p>तिरुवनंतपुरम। केरल के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए वैज्ञानिकों ने एक जरूरी चेतावनी जारी की है। एक नए अंतरराष्ट्रीय अध्ययन के मुताबिक, मानसून के दौरान जब बारिश रुकती है, तो उस समय पड़ने वाली उमस भरी गर्मी (ह्यूमिड हीटवेव) सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकती है। ब्रिटेन की 'यूनिवर्सिटी ऑफ रीडिंग' के वैज्ञानिकों के नेतृत्व में की गयी एक रिसर्च में बताया गया है कि तटीय क्षेत्रों में अब केवल बढ़ता तापमान ही बड़ी बात नहीं है, बल्कि गर्मी और नमी का जो मेल बन रहा है, वह शरीर के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।</p>
<p>आम तौर पर चलने वाली लू के मुकाबले यह उमस वाली गर्मी इसलिए ज्यादा घातक है क्योंकि हवा में नमी अधिक होने की वजह से शरीर का पसीना नहीं सूख पाता। जब पसीना नहीं सूखता, तो शरीर खुद को ठंडा नहीं कर पाता। ऐसे में तापमान बहुत ज्यादा न होने पर भी इंसान को कुछ ही घंटों में हीटस्ट्रोक हो सकता है या दिल पर दबाव बढ़ सकता है। अध्ययन के मुख्य लेखक डॉ. अक्षय देवरस ने बताया कि केरल के तटीय जिले अंदरूनी इलाकों के मुकाबले इस खतरे की चपेट में ज्यादा हैं। खासकर जब मानसून के दौरान बारिश का दौर थमता है, तब यह जोखिम और भी बढ़ जाता है।</p>
<p>इस खतरे को मापने के लिए वैज्ञानिकों ने 'वेट-बल्ब' तापमान का इस्तेमाल किया है। यह एक ऐसा पैमाना है जो बताता है कि गर्मी और नमी का स्तर कब इतना बढ़ गया है कि पसीना निकलना भी बेकार हो जाए और इंसान की जान जोखिम में पड़ जाए। शोधकर्ताओं का कहना है कि इस अध्ययन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि ऐसी उमस वाली गर्मी का पता करीब एक महीना पहले ही लगाया जा सकता है। अगर प्रशासन को इसकी जानकारी समय पर मिल जाए, तो वह बचाव के इंतजाम कर सकता है।</p>
<p>इस समय का उपयोग अस्पतालों में तैयारी करने, आम लोगों के लिए 'कूलिंग सेंटर' बनाने, स्कूलों के समय में बदलाव करने और बिजली की सप्लाई बेहतर करने के लिए किया जा सकता है। यह पूरी रिपोर्ट 1940 से 2023 तक के यानी पिछले 84 सालों के मौसम और बारिश के आंकड़ों को परखने के बाद तैयार की गई है। वैज्ञानिकों ने मानसून के आने और रुकने के सैकड़ों चरणों का बारीकी से विश्लेषण किया है। इस खास शोध में 'यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स', 'यूके मेट ऑफिस' और भारत के 'उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान' ने भी हाथ बटाया है। वैज्ञानिकों का मानना है कि भारत में लोग लू के बारे में तो जानते हैं, लेकिन इस उमस भरी गर्मी को गंभीरता से नहीं लेते। जबकि यह कहीं ज्यादा जानलेवा हो सकती है। इसलिए इसके प्रति लोगों को जागरूक करना और सही सरकारी नीतियां बनाना बहुत जरूरी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/humid-heatwave-is-very-dangerous-for-health-heatstroke-can-occur/article-150985</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/humid-heatwave-is-very-dangerous-for-health-heatstroke-can-occur/article-150985</guid>
                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 13:33:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/heatwave.png"                         length="1228120"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली-एनसीआर में मौसम हुआ तूफानी: आईएमडी ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट, जनजीवन बाधित</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली-एनसीआर में धूल भरी आंधी और बारिश से तपती गर्मी से राहत मिली है, जिससे तापमान 19°C तक गिर गया। मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए शुक्रवार तक खराब मौसम की चेतावनी दी है। तेज हवाओं के कारण 16 उड़ानें डायवर्ट की गईं और बिजली आपूर्ति बाधित हुई। नागरिकों को सुरक्षित रहने की सलाह दी गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/weather-becomes-stormy-in-delhi-ncr-imd-issues-orange-alert-life/article-147018"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/delhi-ncr.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में गुरुवार को बादल छाए हुए हैं और तापमान लगभग 19 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। इससे पहले धूल भरी आंधी, गरज, बिजली और बारिश के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिली है। मौसम विज्ञान विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बारिश और तेज हवाओं ने दिल्ली-एनसीआर में जनजीवन को बाधित किया है और बिजली नेटवर्क को भी प्रभावित किया है।</p>
<p>शुक्रवार तक मौसम की ऐसी ही स्थिति बने रहने का अनुमान है। बुधवार शाम खराब मौसम के कारण इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से कम से कम 16 उड़ानों को अन्य शहरों की ओर मोड़ दिया गया। स्थानीय लोगों को घर में रहने और खिड़कियों, बिजली के खंभों और बिजली की तारों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/weather-becomes-stormy-in-delhi-ncr-imd-issues-orange-alert-life/article-147018</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/weather-becomes-stormy-in-delhi-ncr-imd-issues-orange-alert-life/article-147018</guid>
                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 16:32:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/delhi-ncr.png"                         length="1067458"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रदेश में मानसून का दौर : जयपुर सहित कई जिलों में बदला मौसम, कहीं बारिश तो कहीं बूंदाबांदी </title>
                                    <description><![CDATA[ मानसून जाने के बाद फिर से गर्मी और उमस ने आमजन को परेशान कर दिया था लेकिन आज फिर से जयपुर सहित कई जिलों में मौसम बदल गया है ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-monsoon-phase-in-the-state-ends-in-many-districts/article-128322"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/rain.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में मानसून का दौर खत्म हुए करीब 4 दिन बीत चुके हैं। मानसून जाने के बाद फिर से गर्मी और उमस ने आमजन को परेशान कर दिया था लेकिन आज फिर से जयपुर सहित कई जिलों में मौसम बदल गया है और कहीं बारिश हुई तो कहीं बूंदाबांदी हो रही है। इससे तापमान में गिरावट आई है और गर्मी का असर भी कम हुआ है। बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के बाद अब अरब सागर में भी एक लो-प्रेशर सिस्टम बन गया। इन सिस्टम के प्रभाव से राजस्थान के कई हिस्सों में बारिश का दौर शुरू हो गया है। सोमवार को प्रतापगढ़, डूंगरपुर, जोधपुर, बूंदी, बांसवाड़ा समेत कई जिलों में 1 इंच तक पानी बरसा। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने मंगलवार को भी जयपुर, अलवर सहित 23 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। यह 3 अक्टूबर तक जारी रहेगा।</p>
<p>मौसम केन्द्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया- उत्तरी हरियाणा और उसके आसपास एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) बना हुआ है। इसके प्रभाव से राज्य के पूर्वी व उत्तरी-पूर्वी भागों में आगामी 2-3 दिन मेघगर्जन के साथ कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।</p>
<p>इसके अलावा अरब सागर में गुजरात के पास खंभात की खाड़ी और उसके आसपास के क्षेत्रों पर एक लो-प्रेशर सिस्टम बना है। इसके असर से दक्षिणी-पूर्वी भागों में आगामी 3-4 दिन मेघगर्जन के साथ कहीं-कहीं हल्की से मध्यम और भारी बारिश होने की संभावना है। उन्होंने बताया इन सभी सिस्टम के असर से 30 सितंबर से 3 अक्टूबर के दौरान कोटा, उदयपुर, भरतपुर, जयपुर, अजमेर और जोधपुर संभाग के कुछ भागों में बारिश हो सकती है</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-monsoon-phase-in-the-state-ends-in-many-districts/article-128322</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-monsoon-phase-in-the-state-ends-in-many-districts/article-128322</guid>
                <pubDate>Tue, 30 Sep 2025 14:03:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-06/rain.png"                         length="285110"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Weather Update : राजस्थान में एक बार फिर मौसम में बदलाव, प्रदेश के 8 जिलों में हल्की बारिश का अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[रविवार को राजधानी जयपुर में दोपहर बाद अचानक कई इलाकों में जैसे मालवीय नगर, गांधीनगर व जेएलएन मार्ग आदि में बारिश हुई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/weather-update-rajasthan-once-again-changes-in-weather-light-rain/article-128199"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/cloud.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मानसून विदाई के बाद अब बंगाल की खाड़ी से बने वेलमार्क लो प्रेशर से प्रदेश में तीन अक्टूबर तक कई हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना है। प्रदेश में 28 सितम्बर से तीन अक्टूबर तक कोटा, उदयपुर, भरतपुर, जयपुर, अजमेर और जोधपुर संभाग के कुछ हिस्सों में मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश होने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है। जयपुर में रविवार को दोपहर बाद कुछ हिस्सों में हल्की बारिश भी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विदर्भ पर बने अवदाब कमजोर होकर वेलमार्क लो प्रेशर में तब्दील हो चुका है। इसके प्रभाव से राज्य के पूर्वी और दक्षिणी भागों में आगामी चार-पांच दिन मेघगर्जन के साथ बारिश होने और दक्षिणी भागों में कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। प्रदेश में 28 सितम्बर से तीन अक्टूबर के दौरान कोटा, उदयपुर, भरतपुर, जयपुर, अजमेर और जोधपुर संभाग के कुछ हिस्सों में मेघगर्जन के साथ बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। इस दौरान उदयपुर संभाग में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने कृषि क्षेत्र में सलाह जारी करते हुए कहा है कि खुले में रखी फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखकर भीगने से बचाएं। पिछले 24 घंटे में पूर्वी राजस्थान में कहीं कहीं हल्की से मध्यम बारिश तथा पश्चिमी राजस्थान में मौसम शुष्क रहा।</p>
<p>प्रदेश में सर्वाधिक बारिश झालावाड़ के अकलेरा में 16 एमएम दर्ज की गई। प्रदेश में सर्वाधिक तापमान बाड़मेर व बीकानेर में 39.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान सिरोही में 18.9 डिग्री दर्ज किया गया। रविवार को राजधानी जयपुर में दोपहर बाद अचानक कई इलाकों में जैसे मालवीय नगर, गांधीनगर व जेएलएन मार्ग आदि में बारिश हुई। मौसम विभाग ने सोमवार को कोटा, बारां, झालावाड़, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ और बांसवाड़ा में येलो अलर्ट, 30 सितम्बर को कोटा, बारां, झालावाड़, प्रतापगढ़ और बांसवाड़ा में येलो अलर्ट तथा एक अक्टूबर को झालावाड़, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, उदयपुर और सिरोही में येलो अलर्ट जारी किया है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/weather-update-rajasthan-once-again-changes-in-weather-light-rain/article-128199</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/weather-update-rajasthan-once-again-changes-in-weather-light-rain/article-128199</guid>
                <pubDate>Mon, 29 Sep 2025 12:40:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-05/cloud.png"                         length="284797"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान के दक्षिणी हिस्सों में मानसून का दौर जारी : पश्चिम में गर्मी का जोर, 9 जिलों में येलो अलर्ट जारी</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान के दक्षिणी हिस्सों में मानसून की बारिश का दौर जारी है। इधर, पश्चिमी राजस्थान के जिलों में वेस्टर्न विंड का प्रभाव बढ़ने से दिन और रात का टेम्प्रेचर बढ़ने लगा है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/monsoon-period-continues-in-the-southern-parts-of-rajasthan/article-127594"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/weather-cloud.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान के दक्षिणी हिस्सों में मानसून की बारिश का दौर जारी है। इधर, पश्चिमी राजस्थान के जिलों में वेस्टर्न विंड का प्रभाव बढ़ने से दिन और रात का टेम्प्रेचर बढ़ने लगा है। पश्चिमी राजस्थान के साथ अब उत्तरी राजस्थान के सीकर, झुंझुनूं, अलवर, जयपुर में भी मौसम ड्राय होने से तापमान बढ़ने लगा है। इन शहरों में अब दिन में गर्मी थोड़ी तेज होने लगी।</p>
<p>कल दिन में सबसे ज्यादा गर्मी श्रीगंगानगर जिले में रही। वहीं मौसम विभाग ने राज्य के 9 जिलों में आज और 8 जिलों में कल (मंगलवार) बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। 24 सितंबर से पूरे प्रदेश में मौसम ड्राय होने का अनुमान जताया है। मौसम विभाग केंद्र जयपुर से मिली जानकारी के अनुसार पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश भागों से मानसून विदा हो चुका है और आगामी 5-6 दिन मौसम शुष्क रहने की प्रबल संभावना है।</p>
<p>वहीं पूर्वी राजस्थान के उदयपुर, कोटा संभाग के कुछ भागों में मेघगर्जन के साथ हल्की-मध्यम बारिश की गतिविधियां आगामी 3-4 दिन जारी रहने और जयपुर, भरतपुर, अजमेर संभाग के अधिकांश भागों में मौसम मुख्यतः शुष्क रह सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/monsoon-period-continues-in-the-southern-parts-of-rajasthan/article-127594</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/monsoon-period-continues-in-the-southern-parts-of-rajasthan/article-127594</guid>
                <pubDate>Mon, 22 Sep 2025 17:43:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-02/weather-cloud.png"                         length="194978"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डेढ़ सप्ताह से सुस्त पड़ा मानसून फिर सक्रिय : 6 से ज्यादा जिलों में 4 इंच से ज्यादा पानी बरसा, 2 अक्टूबर तक प्रदेश में बारिश होने की संभावना </title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में पिछले डेढ़ सप्ताह से सुस्त पड़ा मानसून फिर एक्टिव हो गया है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/monsoon-has-been-sluggish-for-one-and-a-half-weeks/article-127319"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/weather.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में पिछले डेढ़ सप्ताह से सुस्त पड़ा मानसून फिर एक्टिव हो गया है। आज सुबह कोटा के कई इलाकों में हल्की बरसात हुई। वहीं, गुरुवार को 6 से ज्यादा जिलों में 4 इंच से ज्यादा तक पानी बरसा। सबसे ज्यादा बरसात उदयपुर के मावली में हुई। यहां 4 इंच से ज्यादा बारिश हुई। इधर राजधानी जयपुर में आज भी कई इलाकों में बादल छाए हुए हैं और बूंदाबांदी भी हुई है। </p>
<p>कोटा, उदयपुर और भरतपुर संभाग में अगले 2-3 दिन दोपहर बाद हल्की-मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम केन्द्र जयपुर ने अगले दो सप्ताह का पूर्वानुमान जारी करते हुए प्रदेश 25 सितंबर से 2 अक्टूबर तक प्रदेश में कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। केंद्र के अनुसार इस दौरान औसत से ज्यादा बारिश हो सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/monsoon-has-been-sluggish-for-one-and-a-half-weeks/article-127319</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/monsoon-has-been-sluggish-for-one-and-a-half-weeks/article-127319</guid>
                <pubDate>Fri, 19 Sep 2025 15:03:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-09/weather.png"                         length="183693"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>15 सितम्बर से मानसून की प्रदेश से विदाई : सुबह-शाम ठंडक का होने लगा एहसास, तापमान 20 डिग्री से भी नीचे </title>
                                    <description><![CDATA[ राजस्थान में बारिश का दौर थमने के बाद अब अल सुबह और देर रात में ठंडक बढ़ने लगी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/from-september-15-the-monsoon-will-be-farewell-to-the/article-126738"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/rain.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में बारिश का दौर थमने के बाद अब अल सुबह और देर रात में ठंडक बढ़ने लगी है। उदयपुर, सिरोही, प्रतापगढ़, पाली समेत कई शहरों में रात का न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज हो रहा है। सबसे ज्यादा ठंडी रात इन दिनों सिरोही जिले में हो रही है। यहां तापमान 20 डिग्री से भी नीचे जा रहा है। मौसम विशेषज्ञों ने बताया- राज्य में अगले तीन-चार दिन ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान है।कुछ शहरों में दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है।</p>
<p> 17 सितंबर से राज्य में एक कमजोर सिस्टम के आने से दक्षिण और दक्षिण-पूर्वी जिलों में हल्की बारिश का दौर शुरू हो सकता है। पश्चिमी राजस्थान के कुछ भागों से मानसून के विदा होने के लिए परिस्थितियां 15 सितंबर से अनुकूल है। पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश भागों में आगामी एक सप्ताह मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है ।  पूर्वी राजस्थान के अधिकांश भागों में भी आगामी 2-3 दिन मौसम मुख्यतः शुष्क रहने व 16 सितंबर से दक्षिण-पूर्वी भागों में कहीं-कहीं मेघगर्जन के साथ हल्की-मध्यम बारिश होने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/from-september-15-the-monsoon-will-be-farewell-to-the/article-126738</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/from-september-15-the-monsoon-will-be-farewell-to-the/article-126738</guid>
                <pubDate>Sat, 13 Sep 2025 14:04:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-06/rain.png"                         length="285110"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बारिश थमी, तापमान बढ़ने के साथ ही गर्मी का असर तेज : 17 सितंबर से फिर शुरू होगा बारिश का दौर </title>
                                    <description><![CDATA[मौसम विभाग के अनुसार राज्य के अधिकांश भागों में आगामी एक सप्ताह मौसम मुख्यतया शुष्क रहने व केवल छुटपुट स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-effect-of-heat-will-start-again-from-september-17/article-126520"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/cloud.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में मानसून का दौर कमजोर पड़ गया है। इसके असर से अधिकांश जिलों में तापमान फिर से बढ़ गया है और तीखी धूप के साथ गर्मी का असर तेज हो गया है। मौसम विभाग केन्द्र जयपुर ने प्रदेश में 17 सितम्बर से एक बार फिर बारिश का दौर शुरू होने की संभावना जताई है।</p>
<p>मौसम विभाग के अनुसार राज्य के अधिकांश भागों में आगामी एक सप्ताह मौसम मुख्यतया शुष्क रहने व केवल छुटपुट स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। दक्षिण-पूर्वी व पूर्वी राजस्थान के कुछ भागों में 17 सितंबर से फिर से मेघगर्जन के साथ बारिश होने की संभावना है। इधर राजधानी जयपुर में बुधवार को अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25.5 डिग्री दर्ज किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-effect-of-heat-will-start-again-from-september-17/article-126520</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-effect-of-heat-will-start-again-from-september-17/article-126520</guid>
                <pubDate>Thu, 11 Sep 2025 13:26:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-05/cloud.png"                         length="284797"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रदेश में मानसून की मेहरबानी : 353 बांध लबालब, कुल क्षमता का 83.59 प्रतिशत भरा</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश में इस बार मानसून ने बांधों को जमकर भरा है। लगातार हो रही बारिश के चलते अब तक राजस्थान के 353 बांध लबालब हो चुके हैं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/353-dams-of-monsoon-in-the-state-filled-8359-percent/article-125263"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(8)23.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में इस बार मानसून ने बांधों को जमकर भरा है। लगातार हो रही बारिश के चलते अब तक राजस्थान के 353 बांध लबालब हो चुके हैं। वहीं, पिछले 24 घंटों में सात और बांधों में पानी की आवक दर्ज हुई है। इस दौरान बांधों में करीब 60.89 एमक्यूएम पानी की आवक हुई।</p>
<p>जल संसाधन विभाग के अनुसार, प्रदेश के बांधों में कुल भराव क्षमता का 83.59 प्रतिशत पानी भर चुका है। वहीं, सूखे बांधों की संख्या घटकर केवल 121 रह गई है, जबकि 219 बांध आंशिक भरे हुए हैं। यह आंकड़ा साफ दर्शाता है कि प्रदेश में जल संकट काफी हद तक कम हुआ है।</p>
<p>अगर संभागवार स्थिति देखें तो जयपुर संभाग के बांधों में कुल भराव क्षमता का 81.51 प्रतिशत पानी है। भरतपुर संभाग अभी अपेक्षाकृत पीछे है, यहां केवल 56.79 प्रतिशत पानी भरा है। जोधपुर संभाग में 68.81 प्रतिशत, उदयपुर संभाग में 60.78 प्रतिशत और कोटा संभाग में सर्वाधिक 94.24 प्रतिशत पानी दर्ज किया गया है। वहीं, बांसवाड़ा संभाग भी करीब-करीब लबालब है, यहां 93.37 प्रतिशत पानी पहुंच चुका है।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की यह स्थिति प्रदेश के लिए राहत लेकर आई है। न सिर्फ सिंचाई और पेयजल की स्थिति बेहतर होगी, बल्कि भूमिगत जलस्तर में भी सुधार की उम्मीद है। ग्रामीण इलाकों में किसानों के चेहरे पर रौनक लौट आई है और खरीफ फसल के लिए पर्याप्त सिंचाई जल उपलब्ध होगा। पिछले वर्षों की तुलना में इस बार बांधों की स्थिति काफी बेहतर मानी जा रही है। लगातार हो रही वर्षा से जल भंडारण में हुई बढ़ोतरी प्रदेश की जल आवश्यकताओं को लंबे समय तक पूरा करने में सहायक सिद्ध होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/353-dams-of-monsoon-in-the-state-filled-8359-percent/article-125263</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/353-dams-of-monsoon-in-the-state-filled-8359-percent/article-125263</guid>
                <pubDate>Sat, 30 Aug 2025 15:27:42 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-08/1ne1ws-%288%2923.png"                         length="291683"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रदेश में मानसून सीजन का कोटा डेढ़ महीने पहले ही पूरा : 69 साल का रिकॉर्ड भी टूटा, औसतन 435.6 एमएम बारिश </title>
                                    <description><![CDATA[ इस मानसून सीजन में अकेले जुलाई के महीने में कुल 285 एमएम बारिश हुई है, जो पिछले 69 साल में जुलाई माह की सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-quota-of-the-monsoon-season-in-the-state-is/article-123803"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/rain2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में अगस्त के महीने में सुस्त रहे मानसून के बावजूद इस सीजन बारिश ने रिकॉर्ड बना दिया है। राजस्थान में इस मानसून सीजन की बारिश का कोटा डेढ़ माह पहले ही पूरा हो गया है। इस साल राज्य में 1 जून से अब तक 436.7 एमएम से ज्यादा बरसात हो चुकी है। यह एक मानसून सीजन यानी 1 जून से 30 सितंबर तक में होने वाली औसत बरसात 435.6 एमएम बारिश से ज्यादा है। अभी मानसून सीजन का करीब डेढ़ महीना बाकी है। मौसम विभाग केंद्र जयपुर ने भी अगस्त के आखिरी दो सप्ताह में भी अच्छी बारिश होने का अनुमान जताया है। ऐसे में बारिश का आंकड़ा और बढ़ने की प्रबल संभावना है। राजस्थान में इस मानसून सीजन में अकेले जुलाई के महीने में कुल 285 एमएम बारिश हुई है, जो पिछले 69 साल में जुलाई माह की सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड है। इससे पहले साल 1956 में सर्वाधिक 308 एमएम बारिश हुई थी।</p>
<p><strong>समय से पहले मानसून आना बड़ी वजह</strong><br />राजस्थान में इस सीजन मानसून की एंट्री एक हफ्ते पहले हुए थी। इसके बाद से अगस्त के पहले सप्ताह तक मानसून एक्टिव रहा। करीब डेढ़ माह तक प्रदेश में लगातार बारिश का दौर चला। जून-जुलाई में औसत से दोगुनी ज्यादा बरसात हुई। हालांकि अगस्त के पहले सप्ताह कमजोर हुए मानसून से बारिश की रफ्तार धीमी पड़ गई। दूसरे सप्ताह में मानसून ब्रेक देखने को मिला, लेकिन फिर भी अगस्त में 15 दिन में हुई करीब 27 एमएम बरसात के बाद बारिश का कोटा पूरा हो गया।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-quota-of-the-monsoon-season-in-the-state-is/article-123803</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-quota-of-the-monsoon-season-in-the-state-is/article-123803</guid>
                <pubDate>Sun, 17 Aug 2025 10:12:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-06/rain2.png"                         length="443166"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रदेश में मानसून के इस सीजन का कोटा डेढ़ महीने पहले ही हुआ पूरा, 69 साल का रिकॉर्ड टूटा</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश में अगस्त का महीने में सुस्त रहे मानसून के बावजूद इस सीजन बारिश ने रिकॉर्ड बना दिया है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-quota-of-this-season-of-monsoon-in-the-state/article-123746"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(1)40.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में अगस्त का महीने में सुस्त रहे मानसून के बावजूद इस सीजन बारिश ने रिकॉर्ड बना दिया है। राजस्थान में इस मानसून सीजन की बारिश का कोटा डेढ़ माह पहले पूरा हो गया है। राज्य में 1 जून से 14 अगस्त तक कुल 436.7 एम एम बरसात हुई। यह एक मानसून सीजन यानी 1 जून से 30 सितंबर तक में होने वाली औसत बरसात 435.6 एम एम बरसात से ज्यादा है। ऐसे में जुलाई में हुई बारिश ने 69 साल का रिकॉड भी तोड़ दिया है। वहीं अभी मानसून सीज़न का करीब डेढ़ महीना बाकी है और मौसम विभाग केंद्र जयपुर ने भी अगस्त के आखिरी दो सप्ताह में भी अच्छी बारिश होने का अनुमान जताया है। ऐसे में बारिश का आंकड़ा और बढ़ने की प्रबल संभावना है। गौरतलब है कि राजस्थान में इस मानसून सीजन में जुलाई के महीने में कुल 285 एम एम बारिश हुई है, जो पिछले 69 साल में जुलाई माह की सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड है। इससे पहले साल 1956 में जुलाई में सर्वाधिक 308 एम एम बारिश हुई थी।</p>
<p><strong>समय से पहले मानसून का आना रही बड़ी वजह</strong><br />राजस्थान में इस सीजन मानसून की एंट्री एक हफ्ते पहले हुए थी। इसके बाद से अगस्त के पहले सप्ताह तक मानसून एक्टिव रहा। करीब डेढ़ माह तक प्रदेश में लगातार बारिश का दौर चला। जून-जुलाई में औसत से दोगुनी ज्यादा बरसात हुई। हालांकि अगस्त के पहले सप्ताह कमजोर हुए मानसून से बारिश की रफ्तार धीमी पड़ गई। दूसरे सप्ताह में मानसून ब्रेक देखने को मिला, लेकिन फिर भी अगस्त में 14 दिन में हुई कुल 26.4 एम एम बरसात के बाद बारिश का कोटा पूरा हो गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-quota-of-this-season-of-monsoon-in-the-state/article-123746</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-quota-of-this-season-of-monsoon-in-the-state/article-123746</guid>
                <pubDate>Sat, 16 Aug 2025 14:31:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-08/1ne1ws-%281%2940.png"                         length="303384"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        