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                <title>Development Works - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>कोटा दक्षिण वार्ड 66 - सीवरेज के ऊंचे चैंबर दे रहे पीड़ा,आवागमन में दिक्कत, नालियों का ढकान बना परेशानी, पार्को में लगे कचरे के ढेर</title>
                                    <description><![CDATA[तंग गलियों में कुछ लोगों ने मनमर्जी से  सीसी के स्पीड ब्रेकर बना लिए जिससे परेशानी होती है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south--ward-66---high-manholes-causing-problems--difficulty-in-commuting--uncovered-drains-causing-inconvenience--piles-of-garbage-in-parks/article-131301"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/ews-(5).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के नगर निगम दक्षिण के वार्ड 66 में पार्षद द्वारा समय-समय पर विकास के कार्य करवाए गए, जिनमें सीसी रोड निर्माण, नालियों पर ढकान, रोड लाइटों की मरम्मत, पार्क का जीर्णोद्धार सहित विभिन्न कार्य करवाए गए। वार्डवासी दिनेश व दीपक कुमार ने बताया कि पिछले दिनों वार्ड में सीसी रोड खोदकर सीवरेज लाइन डाली गई, जिससे सीवरेज के चैंबर ऊंचे-नीचे होने के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। अभी वार्ड के कुछ पार्कों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है, जिसके चलते उनमें कचरे के ढेर लगे हुए हैं। वार्डवासी आनंद कुमार व राजेश कुमार ने बताया कि नालियों का ढकान होने के कारण पिछले दिनों हुई बारिश का पानी रोड पर ही भरा रहा, जिसके चलते आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। वार्डवासियों ने बताया कि पार्षद द्वारा समय-समय पर वार्ड का निरीक्षण किया जाता है। वार्ड में सफाई प्रतिदिन होती है और कचरा गाड़ी भी प्रतिदिन आती है।</p>
<p><strong>खाली प्लॉट बने परेशानी</strong><br />वार्ड के सेक्टर एक में घनी आबादी के बीच स्थित खाली प्लॉट आसपास रहने वाले निवासियों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। आसपास रहने वाले निवासियों ने बताया कि दो प्लॉट खाली पड़े होने के कारण बारिश के दिनों में इनमें से जलीय जानवर निकलकर रोड व घर की दहलीज तक आ जाते हैं, जिसके कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है।</p>
<p><strong>क्षतिग्रस्त हो रहे स्पीड ब्रेकर </strong><br />वार्ड के सेक्टर एक में तंग गलियों में कुछ लोगों द्वारा मनमर्जी से बनाए गए सीसी के स्पीड ब्रेकर राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। वहीं वार्ड की मेन रोड पर क्षतिग्रस्त स्पीड ब्रेकर लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं।</p>
<p><strong>पार्क बदहाली के शिकार</strong><br />वार्ड के कुछ पार्कों में अभी जीर्णोद्धार का कार्य चल रहा है, जिसके चलते पार्कों में फुटपाथ निर्माण सहित अन्य कार्य किए जा रहे हैं। इसके चलते पार्कों में जगह-जगह टूटे पेड़ों की डालियाँ पड़ी हैं, वहीं बिजली के पैनल बॉक्स खुले पड़े हुए हैं।</p>
<p><strong>वार्ड का क्षेत्र: </strong>महावीर नगर विस्तार सेक्टर 01 व 02 का क्षेत्र इत्यादि।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />वार्ड में कचरा गाड़ी आती है, पर घर के पास पड़े खाली प्लॉट हम लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं।<br /><strong>- बुद्धि प्रकाश, वार्डवासी</strong></p>
<p>वार्ड में सफाई प्रतिदिन होती है। रोड लाइटें खराब होने पर तुरंत ही सही करवाई जाती हैं। कचरा गाड़ी आती है, पर उसका समय निर्धारित नहीं होने के कारण कई बार उसमें कचरा डालने से वंचित रह जाते हैं।<br /><strong>- दुर्गेश बाई, वार्डवासी</strong></p>
<p>वार्ड के पुराना शॉपिंग सेंटर के आसपास पिछले दिनों सीसी रोड का निर्माण करवाया गया था, जिसमें कुछ जगहों पर रोड ऊंचा हो गया व कुछ नीचे रह गया। जिसके चलते अब हमारी दुकानों के सामने पिछले दिनों हुई बारिश का पानी भरा रहता है, जिससे ग्राहकों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। <br /><strong>- अर्जुन मेहरा, वार्डवासी</strong></p>
<p>निगम द्वारा पार्कों में लगे मजदूरों को हटा लिया गया है, जिसके चलते परेशानी आ रही है। वहीं पार्क में टूटी लाइटें भी सही करवा दी जाएंगी। शीला पाठक, पार्षद</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Nov 2025 15:52:51 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>RUIDP के पांचवें चरण का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा, 12 हजार 50 करोड़ की लागत से होंगे विकास कार्य</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में समावेशी विकास और आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए राजस्थान शहरी अवसंरचना विकास परियोजना (RUIDP) के पांचवें चरण का प्रस्ताव राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को भेज दिया है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/development-works-will-be-sent-to-the-central-government-at/article-126211"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/secretariat.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में समावेशी विकास और आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए राजस्थान शहरी अवसंरचना विकास परियोजना (RUIDP) के पांचवें चरण का प्रस्ताव राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को भेज दिया है। केन्द्रीय शहरी कार्य मंत्रालय और नीति आयोग इस प्रस्ताव का मूल्यांकन कर रहे हैं।</p>
<p>इस चरण में लगभग 12,050 करोड़ रुपए की लागत से पेयजल आपूर्ति, सीवरेज, ड्रेनेज, सेनिटेशन, वेस्ट डिस्पोजल और परिवहन सुधार जैसे कार्य किए जाएंगे। पेयजल आपूर्ति पर 5,246.17 करोड़, वेस्ट वॉटर मैनेजमेंट पर 6,662.26 करोड़, बाढ़ प्रबंधन पर 500.22 करोड़, हेरिटेज एवं पर्यटन कार्यों सहित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर पर 701.05 करोड़, कॉमन इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) पर 870 करोड़, ठोस कचरा प्रबंधन पर 650.19 करोड़ और परिवहन सुधार पर 2,021.75 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।</p>
<p>इस चरण में जयपुर, अजमेर, कोटा, हनुमानगढ़, पुष्कर, नाथद्वारा समेत 75 शहरों और सभी संभागीय मुख्यालयों में कार्य होंगे। 296 शहरों में वेस्ट वाटर मैनेजमेंट एवं ट्रीटेड वाटर के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। दहलावास ट्रीटमेंट प्लांट से ट्रीटेड वाटर का उपयोग किया जाएगा और हिंगौनिया गौशाला, जयपुर को 20 एमएलडी पानी उपलब्ध होगा।</p>
<p>साथ ही, 32 शहरों में ठोस कचरा प्रबंधन, 14 बड़े शहरों और 42 सैटेलाइट टाउंस में हेरिटेज व पर्यटन विकास, बाढ़ प्रबंधन तथा कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किए जाएंगे। प्रस्ताव में निजी औद्योगिक पार्कों को भी CETP की स्थापना में सहयोग देने की योजना शामिल है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Sep 2025 14:03:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इसलिए नहीं बना कोटा स्मार्ट सिटी</title>
                                    <description><![CDATA[स्थानीय लोग ही शहर को गंदा करने में जुटे हैं। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/this-is-why-kota-did-not-become-a-smart-city/article-119723"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/rt112roer-(1)25.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। <strong>1 केस - </strong>नगर निगम की ओर से हाइजनिक तरीके से कचरे के परिवहन के लिए आधुनिक कचरा ट्रांसफर स्टेशन का निर्माण कराया गया। सड़क पर कचरा नहीं डले इसके लिए आधुनिक व स्मार्ट डस्टबीन भी रखवाए। उसके बाद भी लोग कचरा पात्रों के बाहर ही कचरा डाल रहे हैं। इससे शहर में न तो सड़कों से कचरा कम हुआ और न ही शहर स्मार्ट बना। </p>
<p><strong>2 केस -</strong> तत्कालीन नगर विकास न्यास की ओर से शहर को ट्रैफिक सिग्नल फ्री बनाने के लिए करीब आधा दर्जन से अधिक अंडरपास, फ्लाई ओवर व चौराहों का विकास व सौन्दर्यीकरण कराया गया। चौराहों पर पैदल चलने वालों के लिए पाथ वे बनवाए गए। उसके बाद भी अधिकतर वाहन चालक रोंग साइड से और अस्त-व्यस्त वाहन निकाल रहे हैं। जिससे ट्रैफिक बदहाल हो रहा है। </p>
<p><strong>3 केस - </strong>चम्बल नदी के किनो बसे शहर में लोगों को 24 घंटे जलापूर्ति हो सके। इसके लिए वाटर प्लांट का निर्माण कराया गया। पानी की पाइप लाइन डलवाई गई। लेकिन हालत यह है कि उसके बाद भी शहर के अधिकतर इलाकों में सुबह-शाम या दिन में एक घंटे ही पानी आ रहा है। इसका कारण कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से पानी का कनेक् शन किया हुआ है। </p>
<p>ये तो उदाहरण मात्र हैं। ऐसे दर्जनों विकास कार्य हैं जो कोटा शहर को स्मार्ट बनाने के लिए केन्द्र सरकार के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत करवाए गए। पिछले 9 साल में कोटा शहर में करीब एक हजार करोड़ से अधिक के विकास कार्य करवाने के बाद भी शहर स्मार्ट नहीं बन सका। इसका कारण शहर के लोगों में सिविल सेंस की कमी है। शिक्षा नगरी व शिक्षा की छोटी काशी होने से यहां देशभर से आने वाले लोगों से तो शहर को साफ रखने की अपेक्षा की जाती है। लेकिन स्थानीय लोग ही शहर को गंदा करने में जुटे हैं। </p>
<p>कोटा से बाहर जयपुर जाने पर यहां के लोग ट्रैफिक नियमों की पालना करते हुए नजर आ जाएंगे। फिर चाहे वह दो पहिया वाहन चलाते समय हैलमेट का उपयोग हो या चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट लगाने का। देश से बाहर विदेश जाने पर कोटा के लोग ही सड़क पर न तो कचरा डालेंगे और न ही इधर-उधर थूकेंगे। जबकि कोटा के लोग अपने शहर में रहकर ही उन नियमों की न तो पालना कर रहे हैं और न ही शहर को स्मार्ट बनाने में अपना योगदान दे रहे हैं। </p>
<p><strong>2016 में शुरु हुआ था स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट: </strong>केन्द्र सरकार की ओर से वर्ष 2016 में स्मार्ट ुसिटी प्रोजेक्ट की शुरूआत की गई थी। उसमें रा’य के जयपुर, उदयपुर, अजमेर के साथ ही कोटा को भी शामिल किया गया था। करीब 9 साल  मार्च 2025 तक यह प्रोजेक्ट चला। इस प्रोजेक्ट के तहत केन्द्र और रा’य के 50-50 फीसदी अंशदान से शहर में करीब एक हजार करोड़ से अधिक के विकास कार्य करवाए गए। नगर निगम व नगर विकास न्यास समेर अन्य कायरकारी एजेंसियों के माध्यम से शहर को स्मार्ट बनाने के लिए हर क्षेत्र में विकास कार्य करवाए गए। </p>
<p><strong>शहर में हुए ये काम</strong><br />स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर में अंडरपास, फ्लाई ओवर व चौराहों का विकास व सौन्दर्यी करण तो कराया ही। साथ ही एमबीएस व जे.के. लोन अस्पताल  में नए ओपीड़ी ब्लॉक का निर्माण, नगर निगम के आधुनिक कचरा ट्रांसफर स्टेशन, मल्टी स्टोरी पार्किंग, वाटर प्लांट, खेल संकुल समेत हर क्षेत्र में विकास कार्य करवाए गए। जिसे शहर को स्मार्ट बनाया जा सके। लेकिन हालत यह है कि करीब एक हजार करोड़ से अधिक के कार्य करवाने के बाद भी शहर स्मार्ट सिटी में शामिल नहीं हो सका। </p>
<p><strong>यह है शहर की हालत</strong><br />शहर की हालत यह है कि लोगों में कहीं भी सिविल सेंस नजर नहीं आता। कचरा पात्र रखा होने के बाद भी अधिकतर लोग उसके बाहर ही कचरा डाल रहे है। घर-घर कचरा संग्रहण में लगे टिपर आने के बाद भी घर के बाहर ही कचरा डाल रहे है। आधुनिक शौचालय व घर-घर शौचालय होने के बाद भी सड़क किनारे ही लघुशंका करने लगते हैं। पान व गुटखा खाने के बाद सड़क पर या सार्वजनिक स्थानों व भवनों के कोनों व दीवारों पर थूकते हुए देखे जा सकते है। ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करना तो जैसे लोगों ने अपनी आदत ही बना ली है। सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करना, पशु पालने के बाद उन्हें सड़क पर छोड़ना, श्वानों का जमघट सड़क पर लगा होना और धार्मिक आस्था के नाम पर सड़क पर ही गायों को चारा डालना समेत कई ऐसी आदतें हैं जो लोगों में सिविल सेंस की कमी को दर्शाती हैं। </p>
<p><strong>इंदौर इसलिए है सफाई में नम्बर वन</strong><br />स्वच्छ भारत मिशन के तहत पिछले करीब 7 साल से हो रहे स्वच्छता सर्वेक्षण में मध्य प्रदेश का इंदौर शहर हर बार नम्बर एक के पायदान पर खड़ा हुआ है। इसका कारण वहां नगर निगम की ओर से सख्ती तो की ही जा रही है। साथ ही लोगों में भी सिविल सेंस है कि शहर को साफ रखना है। सड़क पर कचरा नहीं डालना है। यदि कोई गलती से डाल भी देता है तो उसे टोकने की आदत ने इंदौर को साफ बनाया हुआ है। शहर साफ होने से स्वत: ही स्मार्ट नजर आता है और उससे वहां रहने वालों की स्थिति का पता चलता है। </p>
<p><strong>विकास के साथ सिविल सेंस भी जरूरी</strong><br />स्मार्ट सिटी के तहत शहर में करोड़ों रुपए के विकास कार्य करवाए गए। लेकिन उसके बाद भी शहर की हालत वैसे ही है जैसी पहले थी। न तो शहर साफ हुआ और न ही ट्रैफिक व्यवस्था सुधरी। सरकार ने विकास कार्य करवा दिए। लेकिन जब तक लोग अपनी आदत नहीं सुधारेंगे और उनमें सिविल सेंस नहीं होगा तब तक शहर स्मार्ट नहीं बन सकता। <br /><strong>- महेश शर्मा, तलवंडी</strong></p>
<p><strong>आदतों में सुधार करना होगा</strong><br />सिर्फ सरकार और नगर निगम व नगर विकास न्यास के भरोसे शहर को स्मार्ट नहीं बनाया जा सकता। सरकार व सरकारी विभागों का काम विकास कार्य करवाना व उनका संरक्षण करना है। लेकिन लोगों को उन विकास कार्यों का उपयोग करना व उनकी सही देखभाल करना आना चाहिए। सरकारी सम्पति समझने के कारण लोग उनका दुरुपयोग करते हैं। जबकि वह लोगों के टैक्स से ही काम किया गया है। जब तक लोग अपनी आदत नहीं सुधारेंगे तब तक शहर स्मार्ट नहीं बन सकता। <br /><strong>-  रमेश खत्री, गुमानपुरा</strong></p>
<p><strong>शिक्षा के साथ व्यवहारिक समझ भी चाहिए</strong><br />शहर को स्मार्ट तो तभी बनाया जाएगा जब लोगों में मंत्रालय व मूत्रालय में अंतर करना आएगा। मंत्रालय लिखा होने पर तो लोग उसे मूत्रालय  समझकर वहां लघुशंका करने लगते है। गीला-सूखा कचरा तक अलग नहीं कर पाए हैं। डस्टबीन होने के बाद भी कचरा सड़क पर ही डाल रहे हैं। जब तक यह अंतर नहीं समझेंगे तब तक शहर को स्मार्ट नहीं बनाया जा सकता। शिक्षा के साथ व्यवहारिक ज्ञानव समझा भी चाहिए। <br /><strong>- मनीष गुप्ता, बल्लभबाड़ी</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />कोटा में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट 9 साल तक चला। वर्ष 2016 सगे मार्च 2025 तक के समय में शहर में करीब एक हजार करोड़ के विकास कार्य करवाए गए। स्मार्ट सिटी में जितने भी काम स्वीकृत हुए थे वे सभी पूरे हो गए हैं। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर में सभी क्षेत्रों में  विकास कार्य करवाए गए हैं। उनकी देखभाल व मरम्मत के लिए भी ओएंडएम किया हुआ है। विकास के साथ लोगों के सिविल सेंस से ही शहर स्मार्ट बन सकेगा।  <br /><strong>- मस्तराम मीणा, एक्सईएन स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 07 Jul 2025 15:29:41 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का-सांगोद विधानसभा क्षेत्र में 8.36 करोड़ के विकास कार्य स्वीकृत</title>
                                    <description><![CDATA[5.11 करोड़ रुपए की लागत से सीमलिया, निमोदा विलेज पोर्शन में सीसी सड़क एवं 6 किमी सड़क का होगा डामरीकरण। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---development-works-worth-rs-8-36-crore-approved-in-sangod-assembly-constituency/article-101939"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/257rtrer-(1)37.png" alt=""></a><br /><p>सीमलिया। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के प्रयासों से सांगोद विधानसभा क्षैत्र में विभिन्न विकास कार्यों के लिए 8.36 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए हैं। दैनिक नवज्योति ने 31 दिसंबर को नई सड़क तो दूर एक साल से गड्ढे तक नहीं भर पाई सरकार...शीर्षक से सीमलिया क्षेत्र की बदहाल हो उजागर किया था। जिस पर सरकार ने गंभीरता से लिया और 5.11 करोड़ रुपए की लागत से सीमलिया, निमोदा विलेज पोर्शन में सीसी सड़क एवं 6 किमी सड़क के डामरीकरण करने का निर्णय लिया। ग्राम सीमलिया में मुख्य बाजार पर सड़कें क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। व्यापारियों एवं ग्रामवासियों द्वारा लगातार सीमलिया मुख्य बाजार में सड़क निर्माण की मांग की जा रही थी। चुनाव में भी सड़क नहीं तो वोट नहीं के बोर्ड लगाए गए थे। राज्य सरकार 5.11 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत कराई है। जिसमें सीमलिया से दीगोद-निमोदा हरिजी-छीपड़दा तक विलेज पोर्शन में सीसी सड़क एवं 6 किमी क्षतिग्रस्त सड़क पर डामरीकरण किया जाएगा। जिससे आमजन के लिए आवागमन सुलभ हो सकेगा।</p>
<p><strong>कार्यकताओं ने जताया आभार:  </strong>सड़क की स्वीकृति पर सिमलिया क्षेत्र के भाजपा कार्यकत्तार्ओं और ग्राम वासियों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला का आभार व्यक्त करते मिठाई बाट कर खुशी व्यक्त की। इस मौके पर भाजपा मंडल अध्यक्ष मुकुल नागर युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष नरेंद्र कुमार शर्मा, गिरिराज तिवारी, गोविन्द प्रसाद नागर, चौथमल मीणा, हेमराज जैन, मनोज तिवारी, धर्मराज नागर, अरविंद शर्मा, राधे मीणा, रमेश जंगम,चंद्रप्रकाश मीणा, राजेन्द्र तिवारी, युगल किशोर मीणा,शिवप्रकाश मालव,खेमचंद काका, हेमराज मेघवाल,सतीश राठौड़,सूरजमल सुमन, कमलेश गोस्वामी आदि रहे।</p>
<p><strong>2.25 करोड़ रूपए की लागत से कोटसुआं-चन्द्रावला की पुलिया का होगा निर्माण कार्य</strong><br />चन्द्रावलां-कोटसुआं-निमोदा के ग्रामवासियों द्वारा पिछले काफी समय से चन्द्रावलां-कोटसुआं के मध्य क्षतिग्रस्त पुलिया के निर्माण की मांग की जा रही थी। पिछले दिनों बारिश के दौरान कृषि विपणन बोर्ड द्वारा बनाई गई पुलिया क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। जिससे आवागमन पूर्ण रूप से बन्द हो चुका था। चुनाव के दौरान क्षेत्र की जनता एवं कार्यकर्ताओं ने पुलिया निर्माण के कार्य को प्रमुखता से रखा था। नागर ने जनता से चुनाव में वादा किया था, कि चुनाव जीतने के 1 साल के अन्दर ही चन्द्रावलां-कोटसुआं के मध्य पुलिया का निर्माण होगा। ऊर्जा मंत्री नागर ने अपना वादा पूरा करते हुए कोटसुआं-चन्द्रावलां क्षेत्र की जनता को 2.25 करोड़ रुपए की लागत की सौगात देकर गांव को आपस में जोड़ने का काम किया है।</p>
<p><strong>1 करोड़ रुपए की लागत से कनवास में होगा बस स्टेण्ड का निर्माण कार्य</strong><br />कनवास की जनता की मांग पर बजट घोषणा 2024-25 में कनवास क्षेत्र की जनता के यात्रियों के लिए बजट घोषणा में बस स्टेण्ड स्वीकृत करवाया गया था। बजट घोषणा के बाद परिणामस्वरूप कनवास की जनता के लिये बस स्टेण्ड के निर्माण हेतु 1 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत कराते हुए मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों को अविलम्ब निर्माण कार्य चालू करवाने के निर्देश दिए हैं। दैनिक नवज्योति ने कई बार सड़क की मांग को लेकर प्रमुखता से खबर प्रकाशित की है और आम जन को हो रही परेशानियों को लेकर सरकार और संबंधित विभागों को खबर के द्वारा अवगत करवाया है वही खबर का असर हुआ कि इस सड़क के निर्माण को लेकर स्वीकृति मिली है और जल्द ही काम शुरू होगा ऐसा सरकार के प्रतिनिधियों ने आश्वस्त किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Jan 2025 15:56:22 +0530</pubDate>
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                <title>सड़क पर कीचड़, जनता भुगत रही खामियाजा</title>
                                    <description><![CDATA[ग्रामीनों ने चेतावनी दी है कि 8 दिन के अंदर पक्की सड़क का निर्माण कार्य नहीं हुआ तो पंचायत का घेराव करेंगे।  
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/mud-on-the-road--public-is-suffering-the-consequences/article-101402"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/5554-(2)40.png" alt=""></a><br /><p>गुड़ली। ग्राम पंचायत गुड़ली में वार्ड नंबर आठ-नौ में प्राचीन भोलेनाथ के मंदिर तक जाने का रास्ता 5 साल से क्षतिग्रस्त है। सड़क पर पानी भरने की वजह से महिलाएं,  बच्चे और बुजुर्ग को आवाजाही में परेशानी होती है। इस मार्ग पर रोजाना दो सौ परिवार यहां से गुजरते है। सड़क बदहाल होने का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ा रहा है। जिम्मेदार ग्राम पंचायत बेपरवाही कर रही है। 5 साल बाद भी शिव मंदिर के पास वार्ड आठ नौ में  इंटरलॉकिंग रोड रोड, सी सी रोड, नालियों का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। इस समस्या के लिए 5 साल में 50 से ज्यादा जगह पर ज्ञापन दे चुके हैं। उसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं किया गया है। पृथ्वीराज सुमन, रामलाल सुमन, धनराज ,मोहन लाल, राजू, मांगीलाल, रामभरोस आदि व्यक्तियों ने बताया कि हमारे घरों तक जाने का रास्ता 5 सालों से खराब है। सरपंच-सचिव को समस्या के द्वारा समस्या का समाधान करने की कोशिश नहीं की जा रही है इसकी स्वीकृति 2024 में पास हो चुकी थी। इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। हम जब भी समस्या का समाधान करने की पंचायत से गुहार लगाते हैं तो मिट्टी या गिट्टी डालकर इतिश्री कर दी जाती है। पक्का निर्माण कार्य नहीं किया जाता है। ग्रामीनों ने चेतावनी दी है कि 8 दिन के अंदर पक्की सड़क का निर्माण कार्य नहीं हुआ तो पंचायत का घेराव करेंगे।  ग्रामीणों का कहना है कि प्राचीन भोलेनाथ के मंदिर के चारों ओर कीचड़ गंदगी यह गुड़ली गांव के लिए बड़े शर्म की बात है। हम प्रशासन से अनुरोध करते हैं कि आने वाले शिवरात्रि तक यहां की गंदगी हट जानी चाहिए और रोड बन जाना चाहिए।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />यह  शिव मंदिर प्राचीन है 50 साल से पुराना मंदिर है। उसके बाद भी ग्राम पंचायत गुडली के द्वारा कीचड़ की  समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है।  यह बड़े शर्म की बात है <br /><strong>- मोहनलाल, ग्रामीण </strong></p>
<p>महिलाओं को पानी भरकर लाने में और बच्चों को स्कूल आने जाने में कीचड़ में होकर निकलने से बड़ी समस्या है। समाधान किया जाना चाहिए नहीं तो आंदोलन किया जाएगा।<br /><strong>- देवराज सुमन, ग्रामीण </strong></p>
<p>5 साल में एक छोटा सा कार्य नहीं किया। पंचायत में गांव  का विकास कैसे होगा। हमारे ग्राम पंचायत में सरपंच सेक्रेटरी की  लापरवाही के कारण 200 परिवार परेशान है।<br /><strong>- समंदर लाल सुमन, ग्रामीण</strong></p>
<p>वार्ड नंबर 8,9 में शिव मंदिर के सामने इंटरलॉकिंग कार्य के लिए 2024 में स्वीकृती पास होने के बाद भी पंचायत के द्वारा पंचायत के जिम्मेदार व्यक्तियों के द्वारा निर्माण नहीं किया गया है। इसके चलते हम 200 परिवार इसको भुगत रहे हैं।<br /><strong>- रामलाल सुमन, ग्रामीण</strong></p>
<p>ग्रामीणों की समस्या का समाधान करने की कोशिश करेंगे। <br /><strong>- सत्यनारायण भील,  सरपंच,ग्राम पंचायत गुडली</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jan 2025 15:42:15 +0530</pubDate>
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                <title>हाड़ौती के 6 कॉलेजों ने आयुक्तालय से मांगा 20 करोड़ रुपए का बजट</title>
                                    <description><![CDATA[आयुक्तालय ने कॉलेजों से तकमिना सहित मांगे थे विकास कार्यों के प्रस्ताव।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/6-colleges-of-hadoti-sought-a-budget-of-rs-20-crore-from-the-commissionerate/article-100608"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/257rtrer-(21)3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। हाड़ौती के 6 सरकारी महाविद्यालयों ने विकास कार्य करवाने के लिए कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय से करीब 20 करोड़ का बजट मांगा है। इसके लिए महाविद्यालयों ने पीडब्ल्यूडी से विकास कार्यों का एस्टीमेट बनवाकर प्रस्ताव भेजे हैं। आयुक्तालय से बजट स्वीकृत होने पर कॉलेजों की दशा सुधर सकेगी और काया कलप हो सकेगा। दरअसल, संभाग के कई सरकारी महाविद्यालय जीर्णशीर्ण अवस्था में हैं। यहां बजट के अभाव में विकास कार्यों नहीं हो पा रहे। विद्यार्थी व शिक्षकों को कई तरह की पेरशानियों से जूझना पड़ता है। ऐसे में आयुक्तालय द्वारा प्रस्ताव मांगे जाने पर हाड़ौती के इन 6 कॉलेजों ने अपने-अपने यहां प्रस्तावित कार्यों का तकमीना बनाकर प्रस्ताव भेजे हैं। </p>
<p><strong>बजट के अभाव में सुविधाओं को तरस रहे महाविद्यालय</strong><br />कोटा संभाग के चारों जिलों में करीब 48 सरकारी महाविद्यालय हैं। इनमें से कई महाविद्यालय ऐसे हैं जो बजट के अभाव में जीर्णशीर्ण अवस्था में है। कहीं छात्रों की संख्या के अनुपात में कक्षा-कक्षों की कमी है तो कहीं छतें टपकना, चार दीवारी न होना, दीवारों, छतें व फर्श में सीलन, कैम्पस में झाड़-झंकाड़ का जंगल सहित कई समस्याएं हैं। ऐसे में विद्यार्थियों व शिक्षकों को विभिन्न परेशानियों से जूझना पड़ता है। बजट नहीं होने से कॉलेज प्रशासन आवश्यक विकास कार्य नहीं करवा पा रहे। जिसकी वजह से शिक्षकों को अभिभावकों व क्षेत्रवासियों की नाराजगी झेलनी पड़ती है।</p>
<p><strong>कैम्पस में जंगल, बारिश में कट जाता सम्पर्क</strong><br />झालावाड़ जिले के राजकीय महाविद्यालय मनोहरथाना    के कार्यवाहक प्राचार्य ब्रजमोहन बलाई ने बताया कि कॉलेज कस्बे से करीब 2 किमी दूर है। परिसर में झाड़-झंकाड़ का जंगल हो रहा है। वहीं, चारदीवारी नहीं होने से कई तरह की आशंकाएं रहती हैं। ऐसे में महाविद्यालय की चार दीवारी के लिए 2.7 करोड़ और खेल मैदान के समतलीकरण के लिए 1 करोड़ का एस्टीमेट बनाकर प्रस्ताव आयुक्तालय को भेजा है। कैम्पस के पास नाले व खाळे हैं, जो बरसात में उफन जाते हैं। जिससे कस्बे का कॉलेज से सम्पर्क कट जाता है। ऐसे में विद्यार्थी कॉलेज नहीं पहुंच पाते। बजट मिलने पर कॉलेज की दशा सुधर सकेगी। </p>
<p><strong>3500 से ज्यादा विद्यार्थियों पर 15 क्लास रूम</strong><br />क्षेत्रिय सहायक निदेशक आयुक्तालय कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार राजकीय महाविद्यालय बारां में साइंस, आर्ट्स व कॉमर्स को मिलाकर कुल 3500 से ज्यादा विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। जिनके मुकाबले 15 कक्षा कक्ष हैं। जिसमें लैब भी शामिल है। जिसकी वजह से विद्यार्थियों को बैठने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में कॉलेज प्रशासन ने 10 नए क्लास रूम बनवाने के लिए 3 करोड़ 38 लाख रुपए का प्रस्ताव भेज बजट मांगा है। </p>
<p><strong>खतरे की जद में बारां गर्ल्स कॉलेज, भवन जर्जर</strong><br />जानकारी के अनुसार, बारां जिला का एकमात्र राजकीय गर्ल्स कॉलेज जर्जर अवस्था में है। यहां छात्राएं व शिक्षक खतरे की जद में हैं। कक्षा-कक्ष, बरामदे, दीवारें क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। कॉलेज प्रशासन ने दो मद में बजट मांगा है। बिल्डिंग मरम्मत के लिए 85.19  तथा छत मरम्मत के लिए 17.37 लाख रुपए के एस्टीमेट बनाकर बजट का प्रस्ताव भेजा है। बारिश में कक्षा-कक्षों की छतें टपकती है। जिसकी वजह से कमरों का प्लास्टर उखड़ गए हैं। सभी कमरों की दीवारे क्षतिग्रस्त है। वहीं, कई कमरे ऐसे हैं जिन्हें पीडब्ल्यूडी ने असुरक्षित घोषित कर दिए हैं। ऐसे में छात्राओं व शिक्षक खतरे की जद में रहते हैं। </p>
<p><strong>बरसों पुरानी जेल में चल रहा बूंदी गर्ल्स कॉलेज</strong><br />राजकीय कन्या महाविद्यालय बूंदी, जिले का सबसे बड़ा एकमात्र गर्ल्स कॉलेज है, जो बरसों पुराना जर्जर जेल भवन में संचालित हो रहा है। जिसमें तीन संकाय कला, विज्ञान और कॉमर्स संचालित हो रहा है। यहां तीनों संकाय की कुल 1100 से ज्यादा छात्राएं अध्ययनरत हैं। जिनके मुकाबले मात्र 7 कक्षा-कक्ष और 2 ही लैब हैं। ऐसे में छात्राओं को बिठाने के लिए क्लास रूम की तंगी है। जबकि, कॉलेज परिसर में पुराने जेल बैरक, जेलर आवास, ऑफिस खण्डर स्थिति में बने हुए हैं। जिन्हें ध्वस्त कर नए कक्षा-कक्ष बनाने की जरूरत है। ऐसे में कॉलेज प्राचार्य द्वारा 8 कक्षा-कक्ष और 4 लैब बनाने के लिए 5 करोड़ 14 लाख का पीडब्ल्यूडी से एस्टीमेट बनवाकर आयुक्तालय को प्रस्ताव भेज बजट मांगा है। </p>
<p><strong>अंता कॉलेज ने मांगा 7.50 करोड़ का बजट</strong><br />बारां जिले के राजकीय महाविद्यालय अंता ने 4 कक्षा-कक्ष, 4 लैब, पुस्कालय और केंटीन बनाने के लिए  एस्टीमेट में 7 करोड़ 50 लाख का प्रस्ताव बनाकर आयुक्तालय को भेजा है। इस कॉलेज में तीन संकाय आर्ट्स, साइंस व कॉमर्स संचालित है। वर्तमान में 12 कमरे हैं, जिसके मुकाबले विद्यार्थियों की संख्या 500 है। यहां साइंस व आर्ट्स में ड्राइंग के लिए लैब नहीं होने से विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यदि, आयुक्तालय बजट स्वीकृत करता है तो कॉलेज में विद्यार्थियों की सुविधाओं में विस्तार हो सकेगा।</p>
<p><strong>सांगोद कॉलेज में ये होने हैं काम</strong><br />हाड़ौती से आयुक्तालय को बजट प्रस्ताव भेजने वाले कॉलेजों में कोटा जिले का एकमात्र राजकीय महाविद्यालय सांगोद है। कॉलेज प्रशासन ने चार दीवारी निर्माण  के लिए 24.60 लाख, मुख्य गेट व पार्किंग के लिए 10 लाख तथा बिल्डिंग की रंगाई-पुताई व छत सहित अन्य कार्यों के लिए 20.60 लाख रुपए का एस्टीमेट बनाकर बजट की मांग की है। वर्तमान में कॉलेज में करीब 548 विद्यार्थियों का नामांकन है। </p>
<p>कोटा संभाग के 6 राजकीय महाविद्यालयों ने भवन विस्तार, कक्षा-कक्ष रिपेयर, बाउंड्रीवाल, खेल मैदान, एवं जीणशीर्ण भवनों की मरम्मत सहित अन्य कार्यों के लिए तकमिना सहित प्रस्ताव आयुक्तालय को भेज गए हैं। जिनका मैरे द्वारा छात्र संख्या, भवन की वर्तमान स्थिति और मांग का औचित्य का परिक्षण कर आयुक्तालय को अनुशंसा भेजी गई है। जहां से स्वीकृति प्राप्त होने पर निर्देशानुसार आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। <br /><strong>- प्रो. गीताराम शर्मा, क्षेत्रीय सहायक निदेशक आयुक्तालय कोटा संभाग </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Jan 2025 14:33:18 +0530</pubDate>
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                <title>दर्जनों विकास कार्यों के बाद भी शहर की सड़कें डूब रही अंधेरे में</title>
                                    <description><![CDATA[स्थानियों ने कई बार निगम तथा केडीए को बोल दिया है लेकिन हर बार रोड लाइट लगाने का आश्वासन देकर टाल देते हैं। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/even-after-dozens-of-development-works--the-roads-of-the-city-are-immersed-in-darkness/article-89356"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/1rtrer-(2)1.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत दर्जनों विकास कार्य होने के बाद भी कई सड़कें आज भी अंधेरे में डूबी हुई हैं। रात के समय सड़कों के अंधेरे में डूबे रहने से अपराध के साथ हादसा होने की संभावना भी बढ़ जाती है। हालांकि निगम और केडीए की ओर से सड़कों पर रोड लाइट लगाने का कार्य लगातार किया जा रहा है। बावजूद इसके कई इलाके ऐसे हैं जहां पर रोड लाइट तक नहीं है। डीसीएम रोड पर रहता है अंधेरा: शहर के सबसे प्रमुख मार्गों में से एक डीसीएम मार्ग पर रात के समय अंधेरां पसरा रहता है। इस सड़क पर रोड लाइट लगी तो हुई हैं लेकिन वो भी कभी कभार जलती हैं। जिस कारण एयरोड्राम सर्कल से डीसीएम चौराहे तक इस सड़क पर दर्जनों जगह अंधेरा रहता है। इसी तरह अनंतपुरा से डीसीएम चौराहे तक भी यही स्थिति है। यहां भी अनंतपुरा चौराहे से डीसीएम चौराहे तक केवल भामाशाह मंडी के गंट के यहां रोड लाइट लगी हुई है, इसके अलावा पूरे सड़क पर अंधेरा पसरा हुआ है। स्थानियों का कहना है कि इसके लिए कई बार निगम तथा केडीए को बोल दिया है लेकिन हर बार रोड लाइट लगाने का आश्वासन देकर टाल देते हैं। </p>
<p><strong>दाईं मुख्य नहर के आरपीएस कॉलोनी और डाढ़देवी मार्ग पर पसरा अंधेरा</strong><br />मुख्य सड़क को छोड़ दें तो शहर से निकल कर ग्रामीण इलाके में जाने वाली दाई मुख्य नहर पर भी दर्जनों स्थानों पर रोड लाइट बंद पड़ी हुई है। दाईं नहर के किनारे किशोरपुरा गेट से गुमानपुरा चौराहे तक बसी आरपीएस कॉलोनी के सामने सड़क पर दर्जनों रोड लाइट बंद पड़ी हैं। इसी तरह नहर किनारे थेकड़ा से उम्मेदगंज तक सड़क पर अंधेरा पसरा पड़ा है। ये सड़क कैथून तक जाती है जिस पर रोज सैंकड़ों वाहन गुजरते हैं वहीं सुनसान इलाका होने के चलते कभी भी वारदात हो सकती है।</p>
<p><strong>लोगों का कहना है</strong><br />सड़कों पर रोड लाइट की समस्या बहुत पुरानी है,अनंतपुरा फ्लाईओवर पर कई बार वारदात की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। बावजूद इसके अभी तक यहां की रोड लाइट ठीक नहीं हुई हैं।<br /><strong>- हरीराम गुर्जर, प्रेमनगर द्वितीय</strong></p>
<p>अनंतपुरा से डीसीएम चौराहे तक रोड लाइट ही नहीं है जो हैं वो जलती नहीं हैं। निगम केडीए को कई बार बोल चुके हैं लेकिन कोई समाधान नहीं होता है।<br /><strong>- नितिन वैष्णव, प्रेमनगर तृतीय</strong></p>
<p>नहर किनारे सैंकडों वाहनों का आना जाना होता है, यहां से ग्रामीण अपना माल लाते हैं। लेकिन कई बार अंधेरा होने के चलते अंदर बाजार में से होकर आना पड़ता है क्योंकि नहर किनारे वारदात का खतरा रहता है।<br /><strong>- धर्मेंद्र प्रजापति, कंसुआ</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />पूरे शहर की रोड लाइट को ठीक किया जा रहा है, जहां लाइट नहीं है वहां नई लगाई जा रही हैं। जिन भी इलाकों में लाइट की समस्या है उसे दिखाकर दूर कराएंगे।<br /><strong>- कुशल कोठारी, सचिव, केडीए</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Sep 2024 16:32:42 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सत्ता बदली लेकिन! नहीं बदले रावतभाटा के हालात </title>
                                    <description><![CDATA[ पानी व बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं तक से वंचित हैं लोग।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-government-changed-but-the-situation-of-rawatbhata-did-not-change/article-86194"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/75.png" alt=""></a><br /><p>रावतभाटा। वैसे तो रावतभाटा 1970 के दशक से ही अपने गौरवमयी इतिहास के लिए जाना जाता है, जहां राणा प्रताप सागर बांध, परमाणु ऊर्जा संयंत्र और वर्तमान में परमाणु फ्यूल परिसर की निर्माणाधीन इकाई चल रही है। संपूर्ण उपखंड क्षेत्र से जितनी राजस्व आय राजस्थान सरकार को इस उपखंड क्षेत्र से होती है, उतनी तो समस्त राजस्थान के अन्य किसी भी क्षेत्र से नहीं होती। लेकिन यह इस नगर का दुर्भाग्य ही है कि करोडों रुपए का राजस्व देने वाला यह नगर आज भी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए भी संघर्षरत है। जानकारी के अनुसार संपूर्ण उपखंड क्षेत्र में राणा प्रताप सागर बांध से अन्य जिलों को पानी मुहैया करवाया जा रहा है। लेकिन संपूर्ण उपखंड क्षेत्र में जल जीवन मिशन केवल नाम ही बनकर रह गया। धरातल पर कोई भी कार्य आज तक नहीं हुआ। यही स्थिति परमाणु ऊर्जा संयंत्र जैसे प्रमुख उपक्रम होते हुए भी बिजली को लेकर है जो उपक्रम समस्त राजस्थान प्रदेश तथा अन्य प्रदेशों को बिजली देता है वहीं पर बिजली को लेकर बुरे हालात हैं। जिसकी भी व्यवस्था ना तो विभाग द्वारा पूर्ण की गई ना ही राजनीतिक स्तर पर इस ओर ध्यान दिया गया। 1970 से लेकर करीब 54 साल हो जाने पर भी ना तो रावतभाटा उपखंड के क्षेत्र वासियों को समस्याओं से निजात मिली ना ही इन समस्याओं पर राजनीति स्तर पर कोई बड़ा निर्णय लिया गया। करीब 50 साल में पहली बार पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के विधायक रमेश विधूड़ी ने क्षेत्र में कई विकास कार्य किए। लेकिन सरकार बदलने के साथ ही उन अधूरे पड़े कामों पर ब्रेक लग गया। वर्तमान बीजेपी सरकार ने आठ माह बाद भी इनको पूरा करने के लिए गंभीरता नहीं दिखाई है। पुरानी सरकार में शुरू किए गए सारे विकास कार्य आज भी अधूरे पड़े हुए हैं। चाहे बलराम चौराहे से कोटा बेरियर की मुख्य सड़क हो, या फिर छोटे दुकानदारों के लिए कियोस्क बाजार की स्थापना, सब्जीमंडी की स्थापना, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट सभी काम आज भी अधूरे ही हैं।</p>
<p><strong>केवल घोषणाओं तक रहे गए विकास कार्य </strong><br />विकास कार्यों के लिए राजनीतिक स्तर पर कई घोषणाएं तो की गई, लेकिन धरातल पर काम कुछ भी नहीं हो रहा है। 3 साल पूर्व बना ट्रोमा सेंटर आज भी डॉक्टरों की कमी का दंश झेल रहा है। सरकारी खजाने की करोड रुपए खर्च करने के बावजूद भी वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में डॉक्टरों की कमी और मरीजों को निरंतर इलाज के लिए कोटा ही जाना पड़ता है। यही हाल क्षेत्र की सड़कों का भी है। समस्त क्षेत्र वन विभाग से लगी हुई सीमा के अंतर्गत आता है जहां पूर्व से लेकर वर्तमान सरकार ने कई बार सड़कों की एनओसी और निर्माण की घोषणा की। लेकिन धरातल पर आज भी पूर्व सरकार द्वारा भी घोषणाएं हुई और वर्तमान में भी केवल प्रस्ताव और घोषणाओं पर ही सड़कों का निर्माण चल रहा है। धरातल पर तो आम जनमानस के लिए केवल और केवल गड्ढे ही हिस्से में आते हैं राहत नहीं।</p>
<p><strong>हर वार्ड हर गली में समस्या</strong><br />शहर के हर वार्ड चाहे वह वार्ड नंबर 39 कुम्हार मोहल्ला हो, वार्ड नंबर 40 गणेश नगर क्षेत्र हो, वार्ड नंबर 16 सभी जगह मूल समस्या पानी भराव, सड़क नाली निर्माण सभी कार्य अधूरे हैं। जहां बरसात में पानी निकास की व्यवस्था नहीं है। डेंगू मलेरिया जैसी बीमारियों को प्रकोप शहर में बढ़ता जा रहा है। लेकिन प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। </p>
<p>वार्ड में निरंतर पानी भरा रहता है। पानी की लाइन तक संपूर्ण वार्ड में नहीं है। पानी भरा रहने से क्षेत्रवासी को आवाजाही में खासी परेशानी हो रही है।<br /><strong>-दीपक पाटीदार, निवासी, कुम्हार मोहल्ला</strong></p>
<p>गली में रहना भी दुश्वार है। गंदगी और बदबूदार पानी के कारण मच्छर पनपते हैं। जिससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारी को फैलने का खतरा रहता है।<br /><strong>-आरती शर्मा, नगरवासी</strong></p>
<p>बरसात के मौसम में तिरपाल तले सब्जी बेचने में कई प्रकार की समस्याएं होती हैं। सरकार द्वारा पक्के निर्माण कर कियोस्क दुकान दी जाए। जिससे हमें भी व्यापार करने में तकलीफ ना हो।<br /><strong>- सत्यनारायण, सब्जी विक्रेता</strong></p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />जल जीवन मिशन योजना रावतभाटा उपखंड से लेकर चित्तौड़ जिले तक करीब 1000 करोड़ की योजना है, जिसे पूरा होने में लगभग अभी 2 साल और लगेंगे। तीन चरणों और खंडों में यह कार्य पूरा होगा।<br /><strong>- विजय मेहरा, सहायक अभियंता, जल जीवन मिशन योजना</strong></p>
<p>पूर्व में ट्रोमा सेंटर तो बना दिया गया और वर्तमान में नई बिल्डिंग का कार्य भी जारी हो चुका। लेकिन ना तो नई बिल्डिंग का कार्य गति पकड़ रहा है ना ही डॉक्टरों की कमी को पूरा करने का प्रयास सरकार कर रही है। जिसका खामियाजा आम जनता भुगत रही है।<br /><strong>- अनिल जाटव, ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी </strong></p>
<p>हर अधूरे कार्य को गति देकर पूर्ण करवाया जाएगा।<br /><strong>- मधुकंवर हाड़ा, पालिकाध्यक्ष, रावतभाटा </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jul 2024 17:46:05 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>भीलवाडा में डीएमएफटी मद से 209 करोड के विकास कार्यो की स्वीकृति जारी</title>
                                    <description><![CDATA[जिला कलक्टर ने उपरोक्त कार्य गुणवत्ता सुनिश्चत करते हुये निर्धारित समयावधि में पूर्ण  किये जाने के लिए समस्त कार्यकारी एजेन्सियों को निर्देशित किया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bhilwara/approval-of-development-works-worth-rs-209-crore-under-dmft/article-57225"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/capture.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भीलवाडा।  राजस्थान में भीलवाड़ा के जिला कलक्टर एवं अध्यक्ष डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउण्डेशन ट्रस्ट आशीष मोदी ने डीएमएफटी मद से जिले में  209 करोड़ की लागत से 115 कार्यों की वित्तीय स्वीकृति जारी की है। </p>
<p style="text-align:justify;">डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउन्डेशन ट्रस्ट सदस्य सचिव एवं खनिज अभियंता  ने बताया कि 106 सडक निर्माण कार्यों हेतु 200 करोड, चिकित्सा विभाग  में 3 उपस्वास्थ्य केन्द्र निर्माण हेतु 132 लाख, पेयजल सुविधा विस्तार  हेतु 69 लाख रु. की लागत से 1 कार्य, जिले के समस्त दिव्यांगजनों को आवश्यक अंग उपकरण वितरण हेतु 345 लाख व नहरों एवं तालाबों के सुदढीकरण हेतु 344 लाख के 4 कार्य) की वित्तीय स्वीकृति जारी की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">यह कार्य  मुख्यतया ग्रामीण क्षेत्रों से संबंधित है जिससे जिले में अधिकाधिक आधारभूत  सुविधाओं का विस्तार हो सकेगा। वित्तीय स्वीकृत कार्यों को संबंधित  कार्यकारी एजेन्सियों के माध्यम से पूर्ण कराया जायेगा। जिला कलक्टर ने उपरोक्त कार्य गुणवत्ता सुनिश्चत करते हुये निर्धारित समयावधि में पूर्ण  किये जाने के लिए समस्त कार्यकारी एजेन्सियों को निर्देशित किया गया है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>भीलवाड़ा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 Sep 2023 18:23:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रक चालक ने तोड़ी एरोड्रॉम चौराहे की स्टोन रैलिंग</title>
                                    <description><![CDATA[छोटे-छोटे डिजाइनदार स्टोन की इस रैलिंग को गत दिनों तेज रफ्तार ट्रक चालक ने एक्सीडेंट कर तोड़ दिया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/truck-driver-broke-the-stone-railing-of-aerodrome-crossing/article-53203"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/truck-chalak-ne-todi-aerodrome-chaurahe-ki-stone-railing.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर विकास न्यास की ओर से शहर में करोड़ों रुपए के विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। जिसके तहत चौराहों का भी विकास व सौन्दर्यीकरण कराया गया है। एरोड्राम चौराहे पर बने  अंडरपास पर झालावाड़ की तरफ से नयापुरा जाने के लिए ऊपर सड़क बनी हुई है। चौराहे से नीचे उतरते समय ढलान पर स्टोन की रैलिंग लगाई गई थी। छोटे-छोटे डिजाइनदार स्टोन की इस रैलिंग को गत दिनों तेज रफ्तार ट्रक चालक ने एक्सीडेंट कर तोड़ दिया। जानकारी के अनुसार ट्रक तड़के 3.30 से 4 बजे के बीच झालावाड़ की तरफ से नयापुरा जा रहा था। उसी दौरान उसने रैलिंग पर टक्कर मारी जिससे ढलान की तरफ से रैलिंग का काफी हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। इसकी जानकारी मिलने पर न्यास की ओर से गुमानपुरा थाने में अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। हालत यह है हादसे में टूटी रैलिंग अभी भी मौके पर ही पड़ी है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 31 Jul 2023 16:31:09 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>नगर निगम दक्षिण के वार्ड 77 में हुए कई विकास कार्य</title>
                                    <description><![CDATA[पार्षद ने उनके क्षेत्र में छूटे हुए सीवरेज के कार्य पूरा करवा रही है। जिससे उनको बारिश के दिनों में काफी राहत मिलेगी। कुछ स्थानों पर जहां पूर्व में कुछ भी काम नहीं हुए थे, वहां भी अब काम हुए हैं। हां, वार्ड में कई स्थानों पर पीने के पानी का प्रेशर से नहीं आना एक समस्या बनी हुई है, जिससे लोगों को परेशान होना पड़ता है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/many-development-works-done-in-ward-77-of-south-municipal-corporation/article-33936"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-01/ward-77--jaha-pehle-nahi-hue-waha-bhi-ho-rahe-vikas-kaarya...kota-news..02.01.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम कोटा दक्षिण और उत्तर के जिन वार्डों में भाजपा के पार्षद हैं उनमें से कईयोें का कहना है कि निगम में बोर्ड कांग्रेस का होने के कारण उनके वार्ड में विकास कार्य रूके हुए हैं या बजट कम जारी किए गए है लेकिन कोटा नगर निगम दक्षिण का  वार्ड नम्बर 77 इसका एक अपवाद है। वार्ड पार्षद खुद स्वीकारती है कि भाजपा का होने के बावजूद भी उनके वार्ड में विकास कार्य हुए है। हां, ये अलग बात है कि इसका श्रेय वह पार्टी के ही किसी उच्च पद पर आसीन व्यक्ति को देती है। वार्ड पार्षद ने बताया कि राशन कार्ड काम बंद होने  के कारण उनके वार्डवासियों को परेशानी हो रही है। </p>
<p><strong>वार्ड में पांच हजार से अधिक मतदाता</strong><br />वार्ड संख्या 77 में राजपूत सेक्टर, कुम्हारों का मौहल्ला, रामजानकी मन्दिर, तेजाजी पार्क, केशवपुरा सेक्टर-4, केशवपुरा डिस्पेंसरी तथा भगतसिंह पुस्तकालय आदि इलाकें आते हैं। वार्ड में 5 हजार से अधिक मतदाता हैं। वार्ड के क्षेत्रों के कुछ नागरिकों का कहना है कि वर्तमान पार्षद के कार्यकाल में वार्ड में विकास कार्य बदस्तूर जारी है। इस क्षेत्र के अन्य वार्डों में आवारा पशुआें और श्वानों की जो समस्या मुंह चढ़कर बोल रही है वो इस वार्ड में ना के बराबर है, उसका कारण ये है कि निगम के संबंधित कर्मचारी समय-समय पर उनकी इस समस्या की ओर ध्यान देते आए है।  इस वार्ड के कुछ लोगों का कहना है कि वार्ड पार्षद ने उनकी कई समस्याओं को समाप्त किया है। </p>
<p>वार्ड में नाली पटान, नई नालियों का निर्माण, पट्टे, सड़कों की मरम्मत सहित कई कार्य करवाएं गए हैं। हां, वार्ड के कई स्थानों पर तय मापदन्डों के अनुसार स्पीड ब्रेकर नहीं बनाये गए हैं जिससे वाहन चालकों को परेशानियों को सामना करना पड़ता है। गाड़ियों के बम्पर टूटने का खतरा बना रहता है। ऊचे स्पीड बे्रकर होने के कारण वाहन चालकों का अचानक सन्तुलन बिगड़ सकता है और वे गिरकर चोटिल हो सकते हैं। वार्डवासियों का कहना है कि पार्षद ने उनके क्षेत्र में छूटे हुए सीवरेज के कार्य पूरा करवा रही है। जिससे उनको बारिश के दिनों में काफी राहत मिलेगी। कुछ स्थानों पर जहां पूर्व में कुछ भी काम नहीं हुए थे, वहां भी अब काम हुए हैं। हां, वार्ड में कई स्थानों पर पीने के पानी का प्रेशर से नहीं आना एक समस्या बनी हुई है, जिससे लोगों को परेशान होना पड़ता है। वहीं, कुछ लोग कहते है कि वार्ड में कई स्थानों पर रोड तो पहले ही बने हुए थे, पुरानी नालियों को ठीक करवाया गया है।  वार्ड पार्षद नन्दकंवर हाड़ा का कहना है कि वे हर समय क्षेत्र के लोगों की समस्याआें के समाधान के लिए प्रयासरत रहती है। वार्ड की एक सरकारी स्कूल में बारिश के दिनों में पानी भरने ही समस्या बनी रहती थी, उन्होंने वहां पर 200 से अधिक मिट्टी की ट्रॉलियां डलवाकर उस समस्या का समाधान करने का प्रयास किया है। स्कूल और डिस्पेंसरी के क्षेत्र में सीसी रोड का निर्माण करवा दिया है। वार्ड में लगभग सभी लोगों का पट्टे दिलवा दिए है जिनके शेष हैं उनको भी दिलवा दिए जाएंगे। </p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />वार्ड में 1 करोड़ रूपये के विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं। क्षेत्र में कार्य चल रहे हैं। सडकें नई भी बनवाई गई है और पुरानी की मरम्मत भी करवा दी गई है। मेरा भाजपा के होने का मेरे वार्ड के विकास कार्यों पर कोई फर्क नहीं पड़ा है। सभी लोगों के कार्य प्राथमिकता से करवाने का प्रयास करती हंू। वार्ड में सीसी रोड और नई नालियों का निर्माण करवाया गया हैं, अब भी हो रहे हैं। <br /><strong>-नन्दकंवर हाड़ा, वार्ड पार्षद। </strong></p>
<p>वार्ड पार्षद के अब तक काम से में पूरी तरह सन्तुष्ट हंू। उन्होंने वार्ड के कुछ इलाकों में सीवरेज का कार्य करवा दिया है। सफाई व्यवस्था पहले से बेहतर है। फिलहाल वार्ड में ऐसी कोई भी बड़ी समस्या नहीं है जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हो। आवारा पशु वार्ड में कम ही नजर आते हैं। लोगों को श्वानों की समस्या से भी काफी हद तक मुक्ति मिल गई है। <br /><strong>-बंटी पारेता, वार्डवासी। </strong></p>
<p>वर्तमान पार्षद पहले के सभी पार्षदों से ठीक हैं। उन्होंने क्षेत्र में काफी कार्य करवाएं हैं।  उनको कहते ही वो सारा काम करवा देती हैं। सफाई व्यवस्था पहले से सुधरी है। अब कुछ लोग हैं ऐसे जो अपनी आदतों से बाज नहीं आते वे कचरा पात्र होने के बाद भी सड़कों पर कचरा डाल जाते हैं। इसलिए थोड़ी बहुत गंदगी और कचरा नजर आता है। <br /><strong>-चतुर्भुज मालव, वार्डवासी। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Jan 2023 14:46:57 +0530</pubDate>
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                <title>गहलोत ने दी झोटवाड़ा क्षेत्र के बाशिंदों को 1294 करोड़ के 22 विकास कार्यों की सौगात</title>
                                    <description><![CDATA[समारोह स्थल की 41 बीघा भूमि पर स्टेडियम बनानी की घोषणा की। एक करोड़ एमएलए कोटे से मेजर ध्यानचंद स्टेडियम के निर्माण में देने की घोषणा की। एसटीपी प्लांट के आधुनिकीकरण के लिए पैसा देने की मांग की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/gehlot-gifted-22-development-works-worth-1294-crores-to-the/article-33062"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-12/122.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जयपुर के झोटवाड़ा क्षेत्र के  बाशिंदों को 1294 करोड़ की लागत के 22 विकास कार्यों की सौगात दी। कालवाड़ के कंवर के बास में आयोजित समारोह में विकास कार्यों की लोकार्पण और शिलान्यास पट्टी का अनावरण किया। कार्यक्रम में सरकार के कई मंत्री मौजूद रहे।</p>
<p>क्षेत्रीय विधायक एवं कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने स्वागत संबोधन में कहा कि  चार साल में कोटा के बाद विकास की गति झोटवाड़ा को मिली है। क्षेत्र को 1163 करोड़ की बीसलपुर की सौगात दी। गांव व शहरी क्षेत्र होने के कारण दोनों में मुख्यमंत्री के सहयोग से ऐतिहासिक काम हुआ है। जनता की मांग पर यह विशाल कार्यक्रम हुआ है। किसानों की मांग पर कस्टम हायर केंद्र शुरू किया है। समारोह स्थल की 41 बीघा भूमि पर स्टेडियम बनानी की घोषणा की। एक करोड़ एमएलए कोटे से मेजर ध्यानचंद स्टेडियम के निर्माण में देने की घोषणा की। एसटीपी प्लांट के आधुनिकीकरण के लिए पैसा देने की मांग की। कृषि मंडी की फाइल क्लियर हो और जमीन आवंटन की जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 22 Dec 2022 16:41:40 +0530</pubDate>
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