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                <title>चारधाम यात्रा में फर्जी ट्रैवल एजेंटों का जाल! केदारनाथ जा रहे श्रद्धालु बने ठगी का शिकार, फर्जी एजेंट पर किराया और नकदी हड़पने का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[ऋषिकेश में केदारनाथ जा रहे छह श्रद्धालुओं से एक फर्जी ट्रैवल एजेंट ने ₹1,000 प्रति यात्री अवैध वसूली कर ली। आरोपी असली ड्राइवर की गैरमौजूदगी में गाड़ी पर बैठा और रैक से ₹8,000 चोरी कर लिए। स्थानीय व्यापारियों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले किया। परिवहन विभाग मामले की जांच कर रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/driver-becomes-agent-new-game-of-cheating-chardham-pilgrims-and/article-154147"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/chardham.png" alt=""></a><br /><p>ऋषिकेश। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के प्रवेश द्वार ऋषिकेश में तीर्थ यात्रियों के साथ ठगी और अवैध वसूली के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। रविवार को सामने आए एक नए मामले ने यात्रा व्यवस्थाओं और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। केदारनाथ जा रहे छह श्रद्धालुओं को एक कथित ट्रैवल एजेंट ने अपना शिकार बनाया और उनसे प्रति यात्री 1000 रुपये किराया वसूल लिया। बताया जा रहा है कि आरोपित युवक ने यात्रियों को एक मैक्स वाहन में बैठाया। इसी दौरान असली चालक कुछ दूरी पर अपना सामान लेने गया था। चालक का आरोप है कि उसकी गैरमौजूदगी में युवक जबरन ड्राइविंग सीट पर बैठ गया और खुद को वाहन चालक या उससे जुड़ा व्यक्ति बताकर यात्रियों का भरोसा जीत लिया। श्रद्धालु भी उसे अधिकृत चालक समझ बैठे और उसके झांसे में आ गए।</p>
<p>मामला यहीं नहीं रुका। मैक्स चालक ने आरोप लगाया कि कथित एजेंट ने वाहन में रखे पैसों के रैक से करीब 8 हजार रुपये भी निकाल लिए। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय व्यापार संघ और परिवहन संगठनों के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और आरोपित युवक की तलाश शुरू की। कुछ देर बाद चालक और व्यापारियों ने युवक को पकड़ लिया। परिवहन संगठनों ने इस घटना को ऋषिकेश में फैल रहे “फर्जी ट्रैवल एजेंट गिरोह” का हिस्सा बताते हुए नाराजगी जताई। उनका कहना है कि लगभग हर दूसरे दिन डग्गामार वाहन और फर्जी एजेंट तीर्थ यात्रियों को ठग रहे हैं, लेकिन पुलिस और परिवहन विभाग इन पर प्रभावी अंकुश लगाने में विफल साबित हो रहे हैं।</p>
<p>व्यापारियों और परिवहन संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि ऐसे मामलों पर जल्द सख्ती नहीं हुई तो इसका सीधा असर देवभूमि उत्तराखंड की छवि और चारधाम यात्रा की विश्वसनीयता पर पड़ेगा। इस मामले में एआरटीओ प्रवर्तन रश्मि पंत ने बताया कि आरोपित युवक ट्रैवल एजेंट का वैध लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर पाया है। पूछताछ में उसने किसी ट्रैवल एजेंसी के लिए काम करने की बात कही है। संबंधित एजेंसी संचालक से भी पूछताछ की जाएगी और यदि एजेंसी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 16:03:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>एजेंट रजिस्टर्ड हो जाएं तो सबकी होगी पौ बारह</title>
                                    <description><![CDATA[एजेंटों के पंजीकृत होने से फर्जी गतिविधियों से निजात मिल सकती है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-if-agents-get-registered--everyone-will-have-a-good-time/article-87092"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/4111u1rer-(14)1.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। परिवहन विभाग के कार्यालयों में आज भी एजेंटों का बोलबाला रहता है। परिवहन विभाग से संबंधित सारे काम आॅनलाइन हो जाने के बाद भी इन एजेंटों ने कार्यालयों के भीतर अपनी पेठ जमाई हुई है। परिवहन विभाग में आज भी छोटे से लेकर बड़े काम इन एजेंटों के बिना नहीं किए जा सकते हैं। एजेंटों द्वारा कार्यालय के बाहर ऐसा महौल बना दिया जाता है कि कोई आम इंसान इनके बिना अपना छोटा सा काम भी नहीं करा सकता है। ऐसे में अगर सरकार की ओर से इन एजेंटों को पंजीकृत कर दिया जाए तो विभाग, सरकार के साथ लोगों को भी काम करवाने में आसानी हो सकती है।</p>
<p>पंजीकृत होने पर जाली कामों से मिल सकती है मुक्ति<br />परिवहन विभाग के सभी कार्यालयों में जाली काम होने की शिकायतें मिलती रहती हैं। जिसमें फर्जी तरीके से लाइसेंस बनाने आरसी नवीनीकरण कराने और फिटनेस टेस्ट पास कराने के कई मामले सामने आते हैं। एजेंट इन कामों को अपने संपर्कों का फायदा उठाकर गलत तरीके से इन सब कार्यों को करा लेते हैं। जिससे फर्जी कामों को बढ़ावा मिलता ही है साथ ही विभाग को भी राजस्व का नुकसान होता है। एजेंटों के पंजीकृत होने से इस तरह के फर्जी गतिविधियों से निजात मिल सकती है।</p>
<p><strong>पंजीकरण के ये फायदे</strong><br />1. विभाग के अंदर एजेंटों की दखलंदाजी कम होगी।<br />2. फर्जी तरीके से होने वाले कामों पर रोक लगेगी।<br />3. एजेंटों को रजिस्टर्ड मेंटेन करने होंगे जिससे उनके कामों का रिकॉर्ड रहेगा।<br />4. गड़बड़ी सामने आने पर जांच में आसानी होगी।<br />5. परिवहन से संबंधित कार्य के दौरान उपलब्ध कराने वाले दस्तावेजों की जिम्मेदारी एजेंटों की होगी।</p>
<p><strong>पहले थे पंजीकृत, 1985 में हटी व्यवस्था</strong><br />परिवहन विभाग द्वारा साल 1985 तक सभी एजेंटों को पंजीकृत कर उन्हें लाइसेंस जारी करने की व्यवस्था थी। जिससे इन एजेंटों को हर कार्य के लिए रजिस्टर्ड मेंटेन करना होता था। जिसकी विभागीय जांच भी होती थी। लेकिन साल 1985 में एजेंट द्वारा दरा में फर्जी लाइसेंस बनाने का मामला सामने आने के बाद सरकार की ओर से सभी एजेंटों के लाइसेंस रद्द कर सभी प्रकार के कार्य विभाग के अधीन कर दिए थे। जिसके बाद से आज तक इन एजेंटों को पंजीकृत करने पर कोई विचार नहीं किया गया है। सरकार अगर बाहर बैठने वाले एजेंटों को पंजीकृत कर उन्हें रेगुलाइज कर देती है तो एजेंटों के लिए भी फायदेमंद होगा। एजेंट भी सही से काम कर पाएंगे, अभी भी लगभग सारे काम एजेंट करते हैं। विभाग के कर्मचारी उसे केवल वेरीफाई करते हैं। साथ ही विभाग के अंदर से बेकार बैठे रहने वाले लोगों की संख्या में भी कमी आएगी।</p>
<p><strong>पुखराज चौधरी, यातायात सलाहकार</strong><br />यातायात सलाहकारों पर फर्जी तरीके से काम करने का टैग लगा हुआ है। सरकार अगर हमें पंजीकृत कर लाइसेंस देती है तो उसमें सिक्योरिटी जमा होगी जो केवल सही तरीके से काम करने वाला व्यक्ति ही जमा करा सकेगा। अधिकार होने पर हम भी सही से काम कर पाएंगे।<br /><strong>- विजय प्रजापति, यातायात सलाहकार</strong></p>
<p>एजेंटों के पंजीकृत होने से पूरा काम कानूनी रूप से हो पाएगा। अभी विभाग में किसी काम के लिए जाने पर इधर उधर भटकना पड़ता है। जिस वजह से अंत में एजेंटों के पास ही जाना पड़ता है।<br /><strong>- इंद्र कुमार, रायपुरा</strong></p>
<p>परिवहन विभाग में खुद से काम कराने जाओ फिर भी यातायात सलाकारों की मदद लेनी ही पड़ती है। दूसरे विभागों के एजेंटों की तरह इन्हें भी पंजीकृत करने से लोग भी भरोसे के साथ इनसे काम करा सकते हैं।<br /><strong>- विष्णु योगी, कंसुआ</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />परिवहन विभाग के बाहर बैठने वालों को पंजीकृत करने या लाइसेंस देने का कार्य सरकार के स्तर का है। सरकार कानून बनाती है तो इसे लागू करांएगे। ऐसा होने पर विभाग से भी एजेंटों की दखलंदाजी खत्म हो जाएगी।<br /><strong>- दिनेश सिंह सागर, आरटीओ</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 07 Aug 2024 17:30:37 +0530</pubDate>
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                <title>ना 'पाक' हनीट्रैप में फंसा सेना का जवान: भारतीय सेना का जवान सैन्य सूचनाऐं लीक करने के आरोप में गिरफ्तार, महिला एजेंट से सोशल मिडिया के माध्यम से था सम्पर्क</title>
                                    <description><![CDATA[ उक्त महिला मित्र के चाहने पर अपनी स्वंय द्वारा उपयोग में ली जा रही एक सिम के मोबाईल नम्बर और वाटसएप हेतु ओटीपी भी शेयर किये गये ताकि उक्त भारतीय नम्बर में पाक महिला एजेन्ट अन्य छदम नाम से उपयोग कर अन्य लोगों तथा आर्मी के जवानों को अपना शिकार बना सकें।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--indian-army-jawan-arrested-for-leaking-military-information--used-to-transmit-information-from-female-agent-through-social-mediaa/article-10185"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/aa.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान खुफिया एजेंसी ने शनिवार को एक महिला को चैटिंग के जरिए सैन्य सूचनाएं भेजने वाले भारतीय जवान को गिरफ्तार किया है। महानिदेशक पुलिस (इन्टैलीजेन्स) उमेश मिश्रा ने बताया कि राजस्थान इन्टैलीजेंस द्वारा पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी की राजस्थान में की जाने वाली जासूसी गतिविधियों की सतत् निगरानी की जाती है। इसी निगरानी के दौरान जानकारी में आया कि भारतीय सेना की अति संवेदनशील रेजिमेंट जोधपुर में कार्यरत प्रदीप कुमार सोशल मिडिया के माध्यम से  पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (PIO) से निरन्तर सम्पर्क में है, इस पर सीआईडी इन्टैलीजेंस जयपुर द्वारा उक्त सैन्यकर्मी की गतिविधियों पर लगातार सतत निगरानी आरम्भ की गई। निगरानी के दौरान जानकारी में आया कि प्रदीप कुमार महिला एजेंट से सोशल मिडिया के माध्यम से निरन्तर सम्पर्क में है एवं सामरिक महत्व की सूचनाएं साझा कर रहा है। उक्त सैन्यकर्मी पर कार्यवाही करते हुए 18 मई को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।<br /><br />संयुक्त पूछताछ केन्द्र जयपुर पर सभी एजेन्सियों द्वारा पूछताछ करने पर 24 वर्षीय आरोपी द्वारा बताया गया कि वह मूलतः कृष्णानगर गली नम्बर 10, पुलिस थाना- गंगनहर जनपद, रूडकी, उतराखण्ड का रहने वाला है और 3 वर्ष पूर्व भारतीय सेना में भर्ती हुआ था। ट्रेनिंग के पश्चात आरोपी का पदस्थापन गनर के पद पर हुआ था। जिसके बाद से ही आरोपी का पदस्थापन अति संवेदनशील रेजिमेन्ट जोधपुर में हुआ था।<br /><br />लगभग 6-7 माह पूर्व आरोपी के मोबाईल फोन पर उक्त महिला का कॉल आया जिसके पश्चात दोनों वाट्सएप पर चैट, वॉइस कॉल एवं वीडियो कॉल द्वारा आपस में बाते करने लगे। छदम नाम की महिला ने अपने आप को ग्वालियर मध्यप्रदेश की रहने वाली एवं स्वयं को बंग्लौर में एमएनएस में पदस्थापित होना बताया। उक्त महिला एजेंट द्वारा आरोपी से दिल्ली आकर मिलने व शादी करने का झांसा देकर आर्मी से सम्बंधित गोपनीय दस्तावेजो के फोटोग्राफ्स मांगना शुरू किया, जिस पर आरोपी द्वारा हनीट्रैप में फंसकर अपने कार्यालय से सेना से सम्बंधित गोपनीय दस्तावेजात की फोटो चोरी छिपे अपने मोबाईल से खींचकर जरिये वाटसएप महिला एजेट को भेजे गये।<br /><br />आरोपी के फोन की वास्तविक जांच में उपरोक्त तथ्यों की पुष्टि होने पर आरोपी के विरूद्ध शासकीय गुप्त बात अधिनियम 1923 के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने पूछताछ में यह भी बताया है कि उक्त महिला मित्र के चाहने पर अपनी स्वंय द्वारा उपयोग में ली जा रही एक सिम के मोबाईल नम्बर और वाटसएप हेतु ओटीपी भी शेयर किये गये ताकि उक्त भारतीय नम्बर में पाक महिला एजेन्ट अन्य छदम नाम से उपयोग कर अन्य लोगों तथा आर्मी के जवानों को अपना शिकार बना सकें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>जोधपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 May 2022 16:51:11 +0530</pubDate>
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