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                <title>destination - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>आईपीएल नीलामी विदेश में कराने की तैयारी : अबू धाबी मजबूत दावेदार; बीसीसीआई 15 नवंबर तक करेगा ऐलान</title>
                                    <description><![CDATA[आईपीएल नीलामी इस बार भारत के बजाय विदेश में आयोजित होने की संभावना है, संभावित स्थल अबू धाबी, ओमान और कतर हैं। नीलामी दिसंबर के मध्य में हो सकती है। फ्रेंचाइजियों ने संजू सैमसन को उच्च दर्जा दिया है। राजस्थान रॉयल्स के मालिक मनोज बदाले मुंबई पहुंचेंगे, जहां रिटेंशन और रिलीज निर्णय अंतिम रूप लेंगे।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/abu-dhabi-is-preparing-to-hold-ipl-auction-abroad-bcci/article-131293"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/ews-(2)1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। आईपीएल नीलामी स्थल को लेकर सोच में बदलाव होता दिख रहा है, जिसके अब विदेश में आयोजित होने की संभावना है। हालांकि, फ्रेंचाइजियों  को अभी तक आधिकारिक तौर पर शहर के बारे में सूचित नहीं किया गया है, लेकिन उन्हें इसके बारे में संकेत जरूर दिए गए हैं। हमेशा की तरह, संभावित स्थल खाड़ी क्षेत्र में कहीं माना जा रहा है। संयुक्त अरब अमीरात में अबू धाबी एक मजबूत संभावना है, लेकिन ओमान और कतर जैसे अन्य मध्य पूर्वी स्थानों पर भी विचार किया जा रहा है।  यह घटनाक्रम पहले की योजना से बिल्कुल अलग है, जब ऐसा लग रहा था कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) भारत में ही नीलामी आयोजित करने का इच्छुक है। हालांकि, अब एक आदर्श स्थान हासिल करने में चुनौतियाँ नजर आ रही हैं, क्योंकि निर्धारित समय देश में त्योहारों और शादियों के मौसम से टकरा रहा है।</p>
<p><strong>फ्रेंचाइजिया संजू सैमसन को दे रही है उच्च दर्जा : </strong></p>
<p>समय सीमा बमुश्किल दो हफ्ते दूर है, खिलाड़ियों के रिटेंशन और रिलीज को लेकर चर्चाए तेज हो रही हैं, और संजू सैमसन के संभावित व्यापार की चर्चा - जिसकी रिपोर्ट सबसे पहले क्रिकबज ने दी थी - मुख्य चर्चा का विषय बनकर उभर रही है।  कई फ्रेंचाइजिया भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज को लगातार उच्च दर्जा दे रही हैं, भले ही वह हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाए हैं - चाहे वह हालिया एशिया कप हो या ऑस्ट्रेलिया में चल रही सीरीज। हालांकि , फ्रेंचाइजी उन्हें एक आईपीएल खिलाड़ी के रूप में बहुत महत्व देती हैं।</p>
<p><strong>नीलामी दिसंबर के मध्य में होने की संभावना :</strong></p>
<p>जैसा कि पहले बताया गया था, नीलामी दिसंबर के मध्य में होने की संभावना है - कुछ दिन कम या ज्यादा - संभवत: महीने के दूसरे भाग में। बीसीसीआई द्वारा 15 नवंबर से पहले तारीख और स्थान की औपचारिक घोषणा करने की उम्मीद है, जो कि आईपीएल 19 से पहले फ्रेंचाइजियों के लिए अपने रिटेंशन और रिलीज की सूची जमा करने की अंतिम तिथि है।</p>
<p><strong>मनोज बदाले मुंबई पहुंचेंगे : </strong></p>
<p>उनके संभावित व्यापार पर नवीनतम जानकारी अगले कुछ दिनों में तय हो सकती है, जब राजस्थान रॉयल्स के मुख्य मालिक मनोज बदाले भारत में होंगे। यूके में स्थित बदाले मंगलवार को मुंबई पहुंच रहे हैं, और कुछ रिटेंशन निर्णयों को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है - जिनमें महेश थीक्षाना और वानिंदु हसरंगा से संबंधित निर्णय भी शामिल हैं, ये दोनों स्पिनर राहुल द्रविड़ के मुख्य कोच रहने के दौरान रिलीज लिस्ट में शामिल माने जा रहे थे। कुमार संगकारा के वापस आने के बाद, यह देखना बाकी है कि इन दोनों श्रीलंकाई स्पिनरों के बारे में कोई बदलाव होता है या नहीं। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Nov 2025 12:56:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>नाहरगढ़ और आमेर बनेंगे आइकॉनिक ट्यूरिस्ट डेस्टिनेशन : विकास कार्यों के लिए 23 करोड़ मंजूर, ट्यूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा  </title>
                                    <description><![CDATA[मंदिर के विकास के लिए एक करोड़ से अधिक की स्वीकृति दी गई है। यहां बारादरी निर्माण, फूड कोर्ट, पार्किंग सुधार, परिसर पेंटिंग और विद्युतीकरण कार्य करवाए जाएंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/nahargarh-and-amer-will-become-iconic-tourist-destination-development-work/article-128773"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/amer-palace.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार पर्यटन और धार्मिक स्थलों के विकास को लेकर तेजी से कदम बढ़ा रही है। वित्त विभाग ने पर्यटन विभाग को कुल 22 करोड़ 93 लाख 12 हजार रुपए की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। यह राशि प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं हेरिटेज स्थलों के जीर्णोद्धार, सौंदर्यकरण और विकास कार्यों पर खर्च की जाएगी। जयपुर में हेरिटेज ट्यूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए नाहरगढ़ और आमेर को आइकॉनिक ट्यूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा।</p>
<p>इसके लिए 4.37 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। वहीं रणथम्भौर स्थित त्रिनेत्र गणेश मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 2 करोड़ 6 लाख रुपए से विकास कार्य किए जाएंगे। यहां हम्मीर महल से मंदिर तक सुगम मार्ग, पेयजल व्यवस्था और सोलर पैनल जैसी जनसुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। राजसमंद जिले के प्रसिद्ध द्वारिकाधीश मंदिर के विकास के लिए एक करोड़ से अधिक की स्वीकृति दी गई है। यहां बारादरी निर्माण, फूड कोर्ट, पार्किंग सुधार, परिसर पेंटिंग और विद्युतीकरण कार्य करवाए जाएंगे।</p>
<p><strong>ये कार्य भी होंगे</strong><br />इसके अलावा प्रदेश के अन्य धार्मिक स्थलों पर भी जीर्णोद्धार और सौंदर्यकरण कार्य होंगे। इनमें रामदेवजी की जन्मस्थली रामदेरिया, भोमिया जी मंदिर, डोवा रामजी महाराज तीर्थ पाली, चामुंडा माताजी मंदिर सिरोही, नीमच माता मंदिर उदयपुर और हल्देश्वर महादेव बालोतरा समेत कई स्थल शामिल हैं।</p>
<p><strong> </strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Oct 2025 12:29:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जांघिलों की अठखेलियों से गुलजार होने लगा उदपुरिया</title>
                                    <description><![CDATA[ तालाब के बीचों-बीच पानी में ही 40-50 बबूल के पेड़ों पर पक्षी अपना घोंसला बनाते थे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/udpuriya-started-buzzing-with-the-mischievous-activities-of-janghilas/article-70543"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-02/1.png" alt=""></a><br /><p>दीगोद। भरतपुर केवलादेव पक्षी विहार की शान कहे जाने वाले जांघिलों पेटेंट स्टार्क का राज्य में अब दूसरा प्रजनन स्थल कोटा जिले का उदपुरिया पक्षी विहार बन गया है। इस वर्ष यहां बड़ी संख्या में ये पक्षी आए हैं। जहां उन्होंने अपने घोंसले बनाना शुरू कर दिया है। कोटा जिले से 30 किलोमीटर दूर दीगोद के उदपुरिया गांव का यह स्थान विगत 25 वर्षों से आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस स्थान पर प्रतिवर्ष अगस्त माह से फरवरी माह तक पेटेंट स्टार्क पक्षियों की कई प्रजातियां जिसमें ओपन बिल स्टार्क, ब्लैक नेक स्टार्क, परपल मोरेन आदि आती हैं। यह स्थान प्रवासी पक्षियों की प्रजनन स्थली भी है। जहां प्रतिवर्ष औसतन 300 घोंसले बनाकर लगभग 1000 से 1200 पक्षियों का जमावड़ा रहता है। इको डेवलपमेंट कमेटी उदपुरिया के माध्यम से इस पक्षी विहार को एक टूरिज्म के अंतर्गत पर्यटक स्थल बनाने की मांग पिछले कई वर्षों से सभी कमेटियों के प्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारियों से की जा रही है। कमेटी के 40 बीघा में फैला है पक्षी विहार तालाब स्थानीय निवासी श्याम जांगिड़ ने बताया कि यह रियासत कालीन तालाब 40 बीघा में फैला हुआ है। तालाब के बीचों-बीच पानी में ही 40-50 बबूल के पेड़ों पर पक्षी अपना घोंसला बनाते थे। लेकिन वर्ष 2018 में तालाब की मिट्टी खुदाई के दौरान पेड़ गिर गए। जिससे पक्षियों को आशियाना बनाने में काफी परेशानियां पैदा हो रही हैं। जिसके चलते पक्षियों की संख्या में पिछले तीन-चार वर्षों में कमी होने लगी है।</p>
<p><strong>स्पीकर बिरला ने 2014 में पूर्व सीएम को लिखा था पत्र</strong><br />वर्ष 2014 में कोटा बूंदी से सांसद रहे वर्तमान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया को पत्र लिखकर ग्राम उदपुरिया पक्षी विहार को पर्यटक स्थल विकसित करने की मांग कर चुके हैं। ऐसे में उम्मीद है कि अब वह लोकसभा अध्यक्ष भी हैं और वापस प्रदेश में बीजेपी सरकार आ चुकी है। ऐसे में इस मामले को अब वापस वह गंभीरता से लेते हुए इस पक्षी विहार को पर्यटक स्थल विकसित करने पर जोर देंगे। इसके साथ ही वर्ष 2016 में उपनिदेशक पर्यटन विभाग ने भी पत्र लिखकर इसको पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की बात कही थी। लेकिन समय के साथ-साथ सब कुछ कागजों और फाइलों में दबकर रह गया।ं पर्यटक स्थल घोषित होने के बाद यहां के युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। समिति के प्रयासों से विगत वर्षों में विदेशी पर्यटक भी यहां आए हैं। जांघिलों की अठखेलियां देखकर वह काफी मोहित होते हैं। पर्यटन विभाग द्वारा प्रकाशित होने वाले पर्यटक साहित्य में भी इसका नाम शामिल है। पूर्व में राज्य सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा भी इसका प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृति के लिए वर्ष 2009-10 में भिजवाया जा चुका है।<br /><strong>- डॉक्टर एलएन शर्मा, कमेटी अध्यक्ष व पूर्व सरपंच</strong></p>
<p><strong>पाल तैयार कर वॉच टावर बनाए जाने की दरकार</strong><br />कमेटी के अध्यक्ष डॉक्टर एलएन शर्मा ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि यहां पक्षियों को देखने के लिए वॉच टावर बनाया जाए। साथ ही पार्किंग स्थल एवं सुलभ शौचालय के निर्माण, तालाब को संरक्षित क्षेत्र घोषित करने, पंचायत प्रशासन द्वारा तालाब की पाल के चारों ओर से अतिक्रमण हटाकर घूमने के लिए पाल तैयार करने, स्टेट हाइवे 70 व कोटा-बारां रोड पर सड़क किनारे जांघिल पक्षी विहार की जानकारी देने वाले होर्डिंग्स और बोर्ड लगाने तथा इस स्थान को पर्यटन स्थल घोषित करने आदि मांगें भी उन्होंने रखी थीं। </p>
<p>इस वर्ष पक्षियों ने तालाब की पाल पर मौजूद बबूल के पेड़ों पर घोंसले बनाए हैं। जिससे ग्राम वासियों को उजड़े हुए पक्षी विहार को पुन: आबाद होने की उम्मीद जगी है। पूर्व में पूर्व पर्यटन मंत्री बीना काक ने भी यहां अवलोकन किया था।<br /><strong>- श्याम जांगिड़, ग्रामवासी, उदपुरिया</strong></p>
<p>दीगोद क्षेत्र का आकर्षण का केंद्र उदपुरिया तालाब अपने आप में विशेष स्थान रखता है। इसको पर्यटन विभाग में शामिल करने के लिए पूर्व में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी पत्र लिख चुके हैं। मैं भी इसको पर्यटन विभाग में शामिल करने के लिए पूर्ण प्रयास करूंगी और उच्च अधिकारियों को भी अवगत करवाऊंगी।<br /><strong>- कृष्णा शर्मा, प्रधान सुल्तानपुर </strong></p>
<p>उदपुरिया का तालाब जांघिल पक्षियों का बसेरा है। इसको पर्यटन विभाग में शामिल किया जाना चाहिए। लेकिन यह हमारे विभाग के अधीन नहीं आता। ऐसे में हम इसके लिए कुछ प्रयास नहीं कर सकते।<br /><strong>- देवेंद्रपाल, कार्यवाहक रेंजर, सुल्तानपुर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 Feb 2024 18:46:56 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>जयपुर में झालाना लेपर्ड रिज़र्व के बाद पर्यटकों को आमागढ़ के रूप में नया डेस्टिनेशन मिलने जा रहा है... मुख्यमंत्री ने किया वर्चुअल उद्घाटन </title>
                                    <description><![CDATA[यहां पर्यटकों को जलमहल पोईंट और रघुनाथगढ़ पोईंट से शहर का विहंगम नजारा देखने को मिलेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/after-jhalana-leopard-reserve-in-jaipur--tourists-are-going-to-get-a-new-destination-in-the-form-of-amagarh----cm-will-do-virtual-inauguration/article-10219"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/amagarh-new.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर में झालाना लेपर्ड रिज़र्व के बाद पर्यटकों को आमागढ़ के रूप में नया डेस्टिनेशन मिलने जा रहा है। शानदार पहाड़ियों से घिरा वन एरिया विभिन्न प्रजातियो के पक्षियों सहित लेपर्ड, जरख, सियार, नीलगाय आदि वन्यजीवों की पनाह स्थल है।</p>
<p><br />यहां पर्यटकों को जलमहल पोईंट और रघुनाथगढ़ पोईंट से शहर का विहंगम नजारा देखने को मिलेगा। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यहाँ क़रीब 19 लेपर्ड्ज़ का मूवमेंट है। इसके अतिरिक्त क़रीब 10 जरख की उपस्थिति देखी गई है। यहाँ लेपर्ड और जरख के पगमार्क की तरह वॉटर पोईंट बनाए गए हैं। क़रीब 16.36 वर्ग किलोमीटर में फैले वन एरिया चारों ओर से पहाड़ियों से घिरा हुआ है। कहा जाए तो झालाना लेपर्ड रिज़र्व के बाद पर्यटकों को आमागढ़ एक अच्छा पर्यटन स्थल के रूप में मिला है। यहाँ सफ़ारी के लिए क़रीब 14 किमी का ट्रैक बनाया गया है, जिसे एक दूसरे से जोड़ा गया है। रविवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आमागढ़ में लेपर्ड सफ़ारी का वर्चुअल उद्घाटन किया। इस दौरान वन मंत्री सुखराम विश्नोई भी मौजूद रहें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 May 2022 14:43:29 +0530</pubDate>
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