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                <title>Washington news - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Washington news RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को झटका, प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट छोड़ेंगी पद</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट महीने के अंत में इस्तीफा देंगी। लेविट ने बताया कि वह अपने छोटे बच्चों और परिवार को समय देने के लिए यह पद छोड़ रही हैं। अब वह ट्रंप की प्रमुख बाहरी सलाहकार के रूप में कार्य करेंगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/shock-to-trump-press-secretary-caroline-levitt-will-step-down/article-162861"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/trump.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को घोषणा की कि व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट महीने के अंत में अपने पद से इस्तीफा देंगी। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लेविट को अपने ‘सबसे भरोसेमंद सहयोगियों’ में से एक बताया और कहा कि वह अपने छोटे बच्चों और परिवार के साथ समय बिताने के लिए पद छोड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि वह उनके फैसले को पूरी तरह समझते और उसका सम्मान करते हैं।</p>
<p>ट्रंप ने कहा कि लेविट अब उनकी प्रमुख बाहरी सलाहकारों में शामिल रहेंगी और रिपब्लिकन पार्टी में प्रभावशाली भूमिका निभाएंगी। लेविट ने पिछले वर्ष व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव का पद संभाला था और वह इस पद पर नियुक्त होने वाली सबसे कम उम्र की थीं। उनके स्थान पर किसे नियुक्त किया जाएगा, इसकी अभी घोषणा नहीं की गयी है। लेविट ने के पति निकोलस रिसियो है। उन्होंने मई में अपनी दूसरी संतान एक बेटी को जन्म दिया था। उनका दो वर्ष का एक बेटा भी है। वह पिछले महीने मातृत्व अवकाश के बाद काम पर लौटी थीं।</p>
<p>राष्ट्रपति की घोषणा के बाद लेविट ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव के रूप में काम करना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान और रोमांच रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे कठिन नौकरियों में से एक को निभाते हुए मां बनना और एक बच्चे को जन्म देना उनके जीवन का सबसे चुनौतीपूर्ण और संतोषजनक दौर रहा है। लेविट ने कहा कि बेटी के जन्म के बाद व्हाइट हाउस लौटने पर उन्हें महसूस हुआ कि वह अपने दो छोटे बच्चों की मां के रूप में उन्हें वह समय और ध्यान नहीं दे पाएंगी, जिसके वे हकदार हैं, जबकि प्रेस सचिव के पद के लिए लगातार समय, ऊर्जा और ध्यान की आवश्यकता होती है। इसी कारण उन्होंने व्हाइट हाउस छोड़ने और जीवन के एक नये अध्याय की शुरुआत करने का फैसला किया।</p>
<p>व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव बनने से पहले भी लेविट लंबे समय तक ट्रंप के साथ काम कर चुकी थीं। उनके पहले कार्यकाल में उन्होंने सहायक प्रेस सचिव और भाषण लेखिका के रूप में काम किया था। इसके बाद वह न्यूयॉर्क की रिपब्लिकन सांसद एलिस स्टेफनिक की संचार निदेशक बनीं और उनके शीर्ष सहयोगियों में शामिल रहीं। वर्ष 2022 में लेविट ने न्यू हैम्पशायर से अमेरिकी कांग्रेस का चुनाव लड़ा था। उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी के विवादित प्राथमिक चुनाव में जीत हासिल की, लेकिन बाद में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार क्रिस पप्पास से चुनाव हार गयीं। इसके बाद वह ट्रंप समर्थक धन जुटाने वाले संगठन 'मागा इंक' की प्रवक्ता बनीं और 2024 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान में ट्रंप की राष्ट्रीय प्रेस सचिव के रूप में काम किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Aug 2026 15:38:57 +0530</pubDate>
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                <title>ईरान पर अमेरिकी कार्रवाई को लेकर सीनेट में घमासान, ट्रंप की शक्तियां सीमित करने वाला प्रस्ताव 49-50 से गिरा</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी सीनेट में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की शक्तियों पर अंकुश लगाने का प्रस्ताव 49 के मुकाबले 50 वोटों से खारिज हो गया। रिपब्लिकन बहुमत ने राष्ट्रपति के त्वरित निर्णय लेने के अधिकार का समर्थन किया, जबकि डेमोक्रेटिक सांसदों ने युद्ध के फैसलों में संसद की संवैधानिक भूमिका पर जोर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/the-proposal-to-limit-trumps-powers-fell-by-49-50-in/article-161593"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/trumpp.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी सीनेट में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की शक्तियों को सीमित करने वाला महत्वपूर्ण प्रस्ताव बेहद करीबी अंतर से खारिज हो गया। मतदान में प्रस्ताव के पक्ष में 49 और विरोध में 50 वोट पड़े, जबकि एक रिपब्लिकन सीनेटर मतदान में शामिल नहीं हुए। प्रस्ताव का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि राष्ट्रपति ईरान के खिलाफ किसी भी नई सैन्य कार्रवाई से पहले अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी लें। </p>
<p>हालांकि, रिपब्लिकन बहुमत ने इसे यह कहते हुए खारिज कर दिया कि राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति से जुड़े मामलों में राष्ट्रपति को त्वरित निर्णय लेने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। दूसरी ओर, डेमोक्रेट सांसदों का तर्क है कि संविधान के अनुसार युद्ध जैसे फैसलों का अधिकार कांग्रेस के पास है। इस बीच ईरान ने हालिया अमेरिकी हमलों की कड़ी निंदा करते हुए नागरिकों की मौत का आरोप अमेरिका पर लगाया और चेतावनी दी कि इस कार्रवाई की कीमत चुकानी पड़ेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 18:32:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ट्रंप का बड़ा दावा: ईरान ने अमेरिकी मांगों पर जताई सहमति, पश्चिम एशिया में युद्ध खत्म होने की ओर</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि सैन्य संघर्ष समाप्त करने की वार्ता के दौरान ईरान ने अमेरिका की लगभग सभी प्रमुख मांगों पर सहमति जता दी है। जून 2026 में हुए एक अहम समझौते के तहत हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में नौवहन बहाल करने और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने की समय सीमा तय की गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/trumps-big-claim-that-iran-agreed-to-american-demands-towards/article-158749"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/trump-(2).png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि पश्चिम एशिया में युद्ध समाप्त करने को लेकर हुई वार्ता के दौरान ईरान ने अमेरिका के लगभग सभी प्रमुख मुद्दों पर सहमति जतायी थी। ट्रंप ने कहा, "हमने उन्हें सैन्य रूप से पूरी तरह पराजित कर दिया है। उनके पास कुछ मिसाइलें बची हैं, जिन्हें भी हम नष्ट कर सकते हैं। उन्होंने हमारी लगभग सभी प्रमुख मांगों पर सहमति दे दी है।"</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, 18 जून की रात ईरान और अमेरिका के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए, जिसमें 28 फरवरी से जारी सैन्य संघर्ष समाप्त करने का प्रावधान किया गया है। समझौते में अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने और ईरान द्वारा हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में नौवहन बहाल करने की समय सीमा भी निर्धारित की गयी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 14:30:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ट्रंप की ईरान को बड़ी चेतावनी : होर्मुज जलड़मरूमध्य नहीं खोला, तो कल की रात आखिरी</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य का रास्ता नहीं खुला, तो ईरान को एक रात में जमींदोज कर दिया जाएगा। ट्रंप ने ईरान को "दुष्ट" करार देते हुए ऊर्जा और सैन्य बुनियादी ढांचे पर निर्णायक हमले के संकेत दिए हैं। तनाव चरम पर है और युद्ध की आहट तेज हो गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/trumps-big-warning-to-iran-if-the-strait-of-hormuz/article-149366"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/trump.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बेहद कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए सोमवार को कहा कि अगर वह देश 'होर्मुज जलडमरूमध्य' का रास्ता नहीं खोलता है तो उसे एक रात में ही तबाह किया जा सकता है। उन्होंने यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में ईरान को "दुष्ट" करार देते हुए अपनी उस चेतावनी को फिर दोहराया जो उन्होंने पहले सोशल मीडिया पर दी थी। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर ईरान 'होर्मुज जलडमरूमध्य' को नहीं खोलता है, तो उसके ऊर्जा और परिवहन बुनियादी ढांचे को जमींदोज कर दिया जाएगा। राष्ट्रपति ने डरावने लहजे में कहा, "पूरे देश को एक ही रात में तबाह किया जा सकता है, और वह रात शायद कल रात हो सकती है।"</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चल रहे मौजूदा संघर्ष पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "हम अविश्वसनीय रूप से अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।" उल्लेखनीय है कि ट्रम्प पहले ही ईरान को कल रात की समय सीमा दे चुके हैं और इस संबोधन ने साफ कर दिया है कि अमेरिका अब ईरान के नागरिक और सैन्य ढांचे पर निर्णायक हमले के लिए पूरी तरह तैयार है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 11:25:08 +0530</pubDate>
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                <title>दुनिया के पास मात्र 70 दिन का गेहूं! </title>
                                    <description><![CDATA[भारत के गेहूं निर्यात पर बैन लगाने से पश्चिमी देश टेंशन में आए]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/washington-news--the-world-has-only-70-days-of-wheat/article-10292"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/genhu.jpg" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। यूरोप की रोटी की टोकरी कहे जाने वाले यूक्रेन पर रूस के हमले से खाद्यान सप्लाइ को लेकर हालात भयानक होते जा रहे हैं। इस महासंकट पर संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि दुनिया के पास मात्र 10 सप्ताह यानि 70 दिन का ही गेहूं शेष बचा है। यह साल 2008 के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है।</p>
<p><br />संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि दुनिया में खाद्यान का ऐसा संकट एक पीढ़ी में एक ही बार होता है। इस बीच अब दुनिया की निगाहे जापान में होने जा रहे क्वॉड देशों की बैठक पर टिक गई है जहां गेहूं संकट का मुद्दा प्रमुखता से उठ सकता है। भारत के गेहूं के निर्यात पर बैन से अमेरिका समेत यूरोपीय देश टेंशन में आ गए हैं। अमेरिका और यूरोपीय देशों के टेंशन की वजह भी है। गो इंटेलिजेंस की रिपोर्ट बताती है कि दुनिया में अब मात्र 10 सप्ताह तक ही गेहूं की सप्लाइ का स्टॉक बचा है। दरअसल, रूस और यूक्रेन दुनिया के एक चौथाई गेहूं की आपूर्ति करते हैं और पश्चिमी देशों को डर है कि पुतिन गेहूं को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। रूस में इस साल गेहूं की फसल शानदार हुई है और पुतिन इसे नियंत्रित कर सकते हैं। वहीं खराब मौसम की वजह से यूरोप और अमेरिका में गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है।<br /><br />गो इंटेलिजेंस की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सारा मेनकर ने चेतावनी दी कि खाद्यान की सप्लाइ कई असाधारण चुनौतियों से जूझ रही है। इसमें फर्टिलाइजर की कमी, जलवायु परिवर्तन और खाद्यान तेल तथा अनाज का रेकॉर्ड कम भंडार इसकी वजह है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से कहा कि बना तत्काल और आक्रामक वैश्विक प्रयास के हम इंसानों के लिए असाधारण मानवीय त्रासदी और आर्थिक नुकसान की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि ऐसा संकट एक पीढ़ी में केवल एक ही बार आता है और यह भूराजनीतिक दौर को नाटकीय तरीके से बदल सकता है। पश्चिमी देशों को डर सता रहा है कि रूसी राष्ट्रपति जानबूझकर वैश्विक खाद्यान सप्लाइ को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं और यूक्रेन के कृषि उपकरणों को नष्ट कर रहे हैं, उनके गेहूं को चुरा रहे हैं। इस बीच भारत के गेहूं निर्यात पर बैन लगाने से पश्चिमी देश टेंशन में आ गए हैं। बताया जा रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति क्वॉड की जापान में हो रही बैठक में गेहूं के निर्यात के मुद्दे को पीएम मोदी से उठा सकते हैं। अमेरिका ने कहा है कि क्वॉड बैठक में गेहूं संकट पर चर्चा होगी। बाइडन पीएम मोदी से गेहूं के निर्यात पर बैन हटाने के लिए गुहार लगा सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 May 2022 15:58:35 +0530</pubDate>
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