<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/changed-weather-patterns/tag-21553" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>changed weather patterns - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/21553/rss</link>
                <description>changed weather patterns RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नौतपा बरपाएगा कहर : गर्मी रहेगी उफान पर, 25 मई से सूर्य उत्तरी गोलार्द्ध के होगा काफी करीब</title>
                                    <description><![CDATA[सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करने के साथ 25 मई से नौतपा शुरू। मान्यता है कि 9 दिनों तक सूर्य देव उग्र रूप में रहते हैं। सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते ही पृथ्वी का तापमान बढ़ जाता है और भीषण गर्मी का सामना करना पड़ता है। सूर्य रोहिणी नक्षत्र में 25 मई को 3.37 बजे प्रवेश।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/nautapa-will-wreak-havoc-heat-will-be-at-its-peak/article-153741"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/heat-temprature.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करने के साथ 25 मई से नौतपा शुरू हो जाएगा। मान्यता है कि 9 दिनों तक सूर्य देव उग्र रूप में रहते हैं। सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते ही पृथ्वी का तापमान बढ़ जाता है और भीषण गर्मी का सामना करना पड़ता है। सूर्य रोहिणी नक्षत्र में 25 मई को 3.37 बजे प्रवेश करेंगे। इसके बाद सूर्य रोहिणी नक्षत्र में 8 जून को 1.33 बजे तक अर्थात 15 दिन रहेंगे। ऐसे में सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश के प्रारंभ के नौ दिन तक नौतपा का प्रभाव रहेगा। आठ जून को ही सूर्य देव मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश कर जाएंगे और 15 जून को मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य रोहिणी नक्षत्र में 15 दिनों के लिए आता है तो उन पंद्रह दिनों के पहले नौ दिन सर्वाधिक गर्मी वाले होते हैं। इन्हीं शुरुआती नौ दिनों को नौतपा के नाम से जाना जाता है।  यदि नौतपा में बारिश हो जाए तो माना जाता है कि मानसून कमजोर रहेगा। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />ज्योतिष के अनुसार 25 मई से दो  जून तक नौतपा का प्रभाव अपने चरम पर रहेगा और तेज धूप व गर्मी का सामना करना पड़ेगा। नौतपा में जितना तापमान चढ़ेगा, आने वाले समय में उतनी ही अच्छी वर्षा होने की भी संभावना बढ़ जाती है।  <br />-डॉ. अनीष व्यास, ज्योतिषाचार्य </p>
<p>नौतपा में सूर्य उत्तरी गौलाद्र्ध्र के काफी नजदीक आ जाता है, इससे तापमान बढ़ जाता है। इस दौरान पृथ्वी पर सूर्य की किरणें सीधी पड़ती हैं, इससे गर्मी अपने चरम पर होती हैं। यदि नौतपा के दौरान बारिश हो जाए तो माना जाता है कि मानसून कमजोर रहेगा। <br />-डॉ. रानी सिंह, भूगोल शास्त्री  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/nautapa-will-wreak-havoc-heat-will-be-at-its-peak/article-153741</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/nautapa-will-wreak-havoc-heat-will-be-at-its-peak/article-153741</guid>
                <pubDate>Thu, 14 May 2026 10:30:11 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-06/heat-temprature.png"                         length="320419"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पिछले 80 वर्षों में समुद्री सतह पर अत्यधिक गर्मी की लहरें बढ़ी 3 गुना, गर्म लहरें पानी के नीचे के पारिस्थितिकी तंत्र को कर सकती है तबाह : अध्ययन</title>
                                    <description><![CDATA[रीडिंग विश्वविद्यालय में नेशनल सेंटर फॉर एटमॉस्फेरिक साइंस में अध्ययन के सह-लेखक जियांगबो फेंग ने कहा कि समुद्री गर्म लहरें पानी के नीचे के पारिस्थितिकी तंत्र को तबाह कर सकती हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/in-the-last-80-years-excessive-heat-waves-on-the/article-111115"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/257rtrer-(2)50.png" alt=""></a><br /><p>लंदन। वैज्ञानिकों की टीम द्वारा किये गये एक अध्ययन में यह तथ्य सामने आया है कि पिछले 80 वर्षों में वैश्विक तापमान वृद्धि के कारण दुनिया के महासागरों में अत्यधिक गर्मी का अनुभव करने वाले दिनों की संख्या 3 गुना बढ़ गई है। शोधकर्ताओं ने पाया कि 1940 के दशक में औसतन वैश्विक समुद्री सतह पर सालाना लगभग 15 दिन अत्यधिक गर्मी देखी जाती थी। इस सप्ताह जर्नल प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज में प्रकाशित एक नए अध्ययन के अनुसार आज यह आंकड़ा बढ़कर लगभग 50 दिन प्रति वर्ष हो गया है। समुद्री सतह पर अत्यधिक गर्मी की लहरों की घटनाओं में से लगभग आधी घटनाओं के लिए ग्लोबल वार्मिंग जिम्मेदार है - ऐसी अवधि जब समुद्र की सतह का तापमान लंबे समय तक सामान्य से काफी ऊपर रहता है।</p>
<p>मेडिटेरेनियन इंस्टीट्यूट फॉर एडवांस्ड स्टडीज, यूनिवर्सिटी ऑफ रीडिंग, इंटरनेशनल स्पेस साइंस इंस्टीट्यूट और यूनिवर्सिटी ऑफ द बेलिएरिक आइलैंड्स के वैज्ञानिकों की एक टीम द्वारा तैयार किए गए इस अध्ययन में यह भी पाया गया कि बढ़ते वैश्विक तापमान के कारण समुद्री सतह पर अत्यधिक गर्मी की घटनाएं लंबे समय तक बनी रहती हैं और अधिक तीव्र हो जाती हैं।</p>
<p>रीडिंग विश्वविद्यालय में नेशनल सेंटर फॉर एटमॉस्फेरिक साइंस में अध्ययन के सह-लेखक जियांगबो फेंग ने कहा कि समुद्री गर्म लहरें पानी के नीचे के पारिस्थितिकी तंत्र को तबाह कर सकती हैं। असामान्य रूप से गर्म पानी की लंबी अवधि प्रवाल भित्तियों को नष्ट कर सकती है, केल्प वनों को नष्ट कर सकती है और समुद्री घास के मैदानों को नुकसान पहुंचा सकती है। समुद्री गर्म लहरों का प्रभाव समुद्र से परे तक फैला हुआ है। शोधकर्ता ने चेतावनी दी है कि समुद्री गर्म लहरों में वृद्धि, बदले में हमारे वायुमंडल को कम स्थिर बना सकती है जिससे कुछ क्षेत्रों में अधिक लगातार और शक्तिशाली उष्णकटिबंधीय तूफान आ सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/in-the-last-80-years-excessive-heat-waves-on-the/article-111115</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/in-the-last-80-years-excessive-heat-waves-on-the/article-111115</guid>
                <pubDate>Thu, 17 Apr 2025 15:12:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-04/257rtrer-%282%2950.png"                         length="313529"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बदला मौसम का मिजाज: राजस्थान में जयपुर सहित कई स्थानों पर आंधी एवं हल्की वर्षा</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में मौसम में आये बदलाव के कारण आंधी एवं जयपुर, अलवर एवं अन्य कई स्थानों पर हल्की बरसात हुई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/changed-weather-patterns-thunderstorm-and-light-rain-at-many-places-including-jaipur-in-rajasthan/article-10308"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/toofen.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में मौसम में आये बदलाव के कारण आंधी एवं जयपुर, अलवर एवं अन्य कई स्थानों पर हल्की बरसात हुई। मौसम विभाग के अनुसार पिछले चौबीस घंटों में प्रदेश में अलवर में चार मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसी तरह चुरु में 0.4 मिलीमीटर बरसात हुई। इसके अलावा झुंझुनूं जिले में सूरजगढ़, उदयपुरवाटी एवं खेतड़ी एवं करौली के ङ्क्षहडौन तथा भरतपुर में भी हल्की बारिश हुई। <br /><br />मौसम आये इस बदलाव से अधिकतम तापमान में भी गिरावट आई जिससे तेज गर्मी से लोगों को थोड़ी राहत मिली। विभाग के अनुसार राज्य में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस जैसलमेर में दर्ज किया गया जो सामान्य से तीन डिग्री अधिक रहा। इसके अलावा गंगानगर में सामान्य से तीन डिग्री अधिकता के साथ 44.8, बाड़मेर में 44.2, चुरु में 43.4, बीकानेर में 43, अलवर में 41.8, जयपुर में 41.6, सीकर में 40, चित्तौडग़ढ़ एवं भीलवाड़ा में 39.8, जोधपुर में 39.2, अजमेर 39 और उदयपुर में 36 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रहा। उदयपुर ही एक ऐसा स्थान रहा जहां अधिकतम तापमान सामान्य से चार डिग्री कम रहा। </p>
<p>इसी तरह न्यूनतम तापमान में भी कई जगहों पर गिरावट आई और चुरु में 22.4 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा जो सामान्य से चार डिग्री कम रहा। हालांकि जयपुर सहित अन्य कई जगहों पर न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री अधिक रहा।  विभाग के अनुसार आगामी दो दिन में जयपुर, सीकर भीलवाड़ा सहित अन्य कुछ स्थानों पर आंधी आने एवं हल्की वर्षा होने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/changed-weather-patterns-thunderstorm-and-light-rain-at-many-places-including-jaipur-in-rajasthan/article-10308</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/changed-weather-patterns-thunderstorm-and-light-rain-at-many-places-including-jaipur-in-rajasthan/article-10308</guid>
                <pubDate>Mon, 23 May 2022 17:13:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-05/toofen.jpg"                         length="22705"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        