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                <title>wildlife census - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>wildlife census RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अजमेर के जंगलों में 1–2 मई को वन्यजीव गणना, 85 से अधिक वाटर होल्स पर नजर</title>
                                    <description><![CDATA[अजमेर वन विभाग 1 और 2 मई को जिले के 85 से अधिक वॉटर होल्स पर वन्यजीव गणना आयोजित करेगा। यह गणना 24 घंटे चलेगी, जिसमें वन कर्मी पग-मार्क और प्रत्यक्ष दर्शन के आधार पर आंकड़े जुटाएंगे। पुष्कर, किशनगढ़ और नसीराबाद सहित सभी क्षेत्रों के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/wildlife-census-in-ajmer-forests-on-1-2-may-keeping-an/article-151553"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)-(3)29.png" alt=""></a><br /><p>अजमेर। वन विभाग की ओर से एक व 2 मई को जिले के जंगलों में वन्य जीव गणना की जाएगी। यह गणना वॉटर होल्स पद्धति से होगी। जिले के जंगलों के 85 से अधिक वाटर होल्स पर यह गणना होगी। वन कार्मिक वॉटर्स होल्स पर पानी पीने के लिए आने वाले जीवों को देखकर उनकी संख्या निर्धारित प्रपत्रों में दर्ज करेंगे। साथ भी उनके पग मार्ग, मल मूत्र को भी गणना का आधार बनाएंगे। उपवन संरक्षक पी बालामुरुगन ने बताया कि गणना 1 मई को सुबह 8:00 बजे शुरू होकर 2 मई को सुबह 8:00 बजे संपन्न होगी। अजमेर सहित ब्यावर, नसीराबाद, किशनगढ़, सरवाड़ व पुष्कर के जंगलों में वाटर होल्स पर होने वाली गणना के लिए टीमों का गठन किया गया है। प्रत्येक टीम के कार्मिकों को गणना का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। गणना के दिन अधिकारियों की टीम वॉटर होल्स का औचक निरीक्षण भी करेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 15:15:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>Wildlife Census : महिला कार्मिक और एनजीओ गर्ल्स भी पीछे नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[दैनिक नवज्योति ने जब इनसे बात की, तो एनजीओ की गर्ल्स का कहना था कि वाइल्ड लाइफ के क्षेत्र में काम करना हमारा पेशन है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/wildlife-census-women-personnel-and-ngo-girls-are-also-not/article-79102"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/t21rer-(3)36.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। वन विभाग की ओर से प्रदेश के टाइगर रिजर्वों और संरक्षित वन क्षेत्रों में वन्यजीव गणना शुरू हुई। गर्मी के मौसम में शहर का तापमान जहां तापमान करीब 44 डिग्री से ऊपर पहुंच गया। वहीं वन विभाग के कार्मिक इस भीषण गर्मी में वन्यजीव गणना के लिए जंगल में मुस्तैद दिखाई दिए। इस दौरान खास बात ये देखने को मिली कि इस गणना में वन विभाग की महिला कार्मिकों के साथ ही निजी एनजीओ की गर्ल्स ने भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। </p>
<p>दैनिक नवज्योति ने जब इनसे बात की, तो एनजीओ की गर्ल्स का कहना था कि वाइल्ड लाइफ के क्षेत्र में काम करना हमारा पेशन है। नाहरगढ़ अभयारण्य वन क्षेत्र में वन्यजीव गणना में हिस्सा ले रही होप एण्ड बियोन्ड की वॉलिंटियर पीएचडी स्कॉलर आध्या कालिया ने कहा कि पढ़ाई के साथ साथ वाइल्ड लाइफ के लिए कार्य करना मुझे अच्छा लगता है। इस दौरान धूप या गर्मी की परवाह नहीं करते। वहीं पीएचडी स्कॉलर ऐश्वर्या महाजन ने कहा कि वाइल्ड लाइफ के क्षेत्र में कार्य करना अच्छा लगता है। वन्यजीव गणना के लिए सुबह ही नाहरगढ़ अभयारण्य पहुंच गई थी। हमारा पेशन के आगे ये गर्मी भी फेल है।</p>
<p><strong>बघेरे सहित अन्य वन्यजीव दिखे </strong><br />वन्यजीव गणना के दौरान गुरुवार शाम को विभिन्न जोनों में बघेरे दिखाई दिए। इसके अतिरिक्त नीलगाय सहित अन्य वन्यजीव को भी गिना गया। वहीं नाहरगढ़ अभयारण्य में वन्यजीव गणना के दौरान इंडियन जैकोल, नीलगाय, सांभर, जरख, नेवले सहित अन्य वन्यजीवों की उपस्थिति दर्ज की गई। इसके अतिरिक्त जयपुर के जयसिंहपुरा खोर, गलता, मुहाना सहित अन्य वन क्षेत्रों में वन्यजीव गणना की गई। जहां विभिन्न वन्यजीव देखे गए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 May 2024 10:04:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>सियार और लोमड़ी का बढ़ा कुनबा, राज्य पक्षी गोडावन हुआ गायब</title>
                                    <description><![CDATA[कोटा वन मंडल में 16 मई से 17 मई के बीच हुई वन्यजीव गणना में इस बार कई चौकाने वाले तथ्य सामने आए। सियार, गीदड और लोमड़ी, लंगूरों का कुनबा तो बढ़ रहा है लेकिन राज्य पक्षी गोडावन वन से गायब हो गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-family-of-jackal-and-fox-increased--the-state-bird-godawan-disappeared/article-10335"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/wildlife-census--siyaar.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा वन मंडल में 16 मई से 17 मई के बीच हुई वन्यजीव गणना में इस बार कई चौकाने वाले तथ्य सामने आए। सियार ,गीदड और लोमड़ी, लंगूरों का कुनबा तो बढ़ रहा है लेकिन राज्य पक्षी गोडावन वन से गायब हो गया है। इस बार गणना में पेंथर भी नहीं दिखाई दिया। जबकि कई वन्य जीव भोजन पानी की तलाश में शहरी क्षेत्रों में अक्सर दिखाई दे रहे है लेकिन वन विभाग की दो दिवसीय गणना में यह नदारत दिखे। थर्मल प्लांट में आए दिन पेंथर और भालू का मूवमेंट तो होता रहता है। भालू ने दो बार कर्मचारियों को घायल भी कर चुका है, लेकिन इस बार की वन्यजीव गणना में वन विभाग के कर्मचारियों को वाटर हॉल पर ना तो भालू दिखा ना ही पेंथर । वहीं दूसरी ओर वन्य जीवों में सियार व गीदड़ और लोमड़ी का कुनबा बढ़ा है। कोटा वन मंडल में इस बार कुल 2462 वन्य जीव दिखाई दिए है। जिसमें से 798 नर, 1172 मादा, 319 बच्चे और 173 वन्य जीवों की पहचान नहीं हो सकी। <br /><br /><strong>राज्य पक्षी गोडावन नहीं मिलना चिंता का विषय</strong><br />एनिमल वेलपेयर सोयायटी के अध्यक्ष व वन्यजीव प्रतिपालक विठल सनाढ़य ने बताया कि वन विभाग की ओर से कराई गई दो दिवसीय वन्यजीव गणना में इस बार कई मांसाहारी, शाहकारी और पक्षी गायब मिले है। सबसे ज्यादा चिंता का विषय यह के राज्य पक्षी गोडावन इस बार कहीं दिखाई नहीं दिया। प्रदेश में गोडावन कम होती संख्या चिंता का विषय है। अंधाधूंध वनों की कटाई से वन्य जीवों के आवास कम हो रहे जिसके कारण कई पक्षियों की प्रजातियां लुफ्त होने के कगार पहुंच चुकी है। कोटा वन मंडल में गिद्ध, जंगली मुर्गा, शिकारी पक्षी इस बार नहीं दिखाई दिए। हालांकि मोर की 598 दिखाई दिए। जबकि एक दशक पहले तक कोटा बूंदी में हजारों की संख्या में मोर हुआ करते थे। लेकिन पंख के लालच में मोर अवैध शिकार हो रहा जिससे इनकी संख्या में कमी आई है। सारस की संख्या मात्र 6 रह गई है जबकि कोटा में चंबल नदी और खाद्यन की पर्याप्त सुविधा होने के बावजूद यहां वन्यजीवों की संख्या घट रही है। <br /><br /><strong>सियार गीदड़ की संख्या में हुआ इजाफा</strong><br />दो दिवसीय वन्य जीव गणना में वाटर हॉल में 110 नर सियार, 71 मादा सियार और 61 बच्चे दिखाई दिए। वहीं 83 अज्ञात जीव दिखाई दिए जिनकी पहचान नहीं हो सकी। वहीं इस बार लोमड़ी की संख्या में इजाफा हुआ है। 5 नर, 6 मादा और4 बच्चे 12 अज्ञात दिखाई दिए। वहीं 11 जरख दिखाई दिए जिसमें चार नर, दो मादा और पांच अज्ञात मिले। भेडिया भी चार ही दिखाई दिए। <br /><br /><strong>लंगूरों के कुनबे में हुई बढ़ोत्तरी</strong><br />इस बार 212 लंगूर दिखाई दिए। जिसमें 43 नर, 138 मादा, 31 बच्चे दिखाई दिए। वनों में भोजन की उपलब्धता नहीं होने से लंगूरों का झुंड अब शहरों की ओर पलायन कर चुका  है। अधिकांश लंगूरों ने शहरी क्षेत्र में आवास बना लेने से वनों में अब कम दिखाई देने लगे।<br /><br /><strong>सांभर हुए गायब, काले हरिण की बढी संख्या</strong><br />इस बार की गणना में 8 चीतल ही दिखाई दिए। जबकि मुंकदरा टायगर रिजर्व में बाघा को लाने की तैयारी की जा रही उनका प्रीबेस ही हमारे वनों में नहीं है। हालांकि काले हिरण 229 मिले है। जिसमें 87 नर,110 मादा, 25 बच्चे और 7 अज्ञात मिले। चौसिंगा की बात करे तो इस बार एक भी चौसिंगा नजर नहीं आया। वहीं रोजडे नील गाय 601 दिखाई दी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 May 2022 16:46:11 +0530</pubDate>
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