<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/useless/tag-21636" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>useless - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/21636/rss</link>
                <description>useless RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>गहलोत ने मुझे नाकारा-निकम्मा बताया लेकिन वे मेरे पितातुल्य : पायलट</title>
                                    <description><![CDATA[टोंक। पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान का जवाब देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत उनके पितातुल्य है और उनके कहे हुए का वे बुरा नहीं मानते।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/tonk/gehlot-called-me-useless--but-he-was-my-father-figure--pilot/article-13134"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/sachin-pilot2.jpg" alt=""></a><br /><p>टोंक। पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान का जवाब देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत उनके पितातुल्य है और उनके कहे हुए का वे बुरा नहीं मानते।अग्निपथ योजना को वापस लेने की मांग को लेकर जिला कांग्रेस द्वारा सोमवार को टोंक में सत्याग्रह कार्यक्रम के दौरान वे मीडिया से बात कर रहे थे। पायलट ने गहलोत द्वारा उन्हें नाकारा निकम्मा कहने सहित अन्य बयानों का जवाब देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अनुभवी और बुजुर्ग कांग्रेसी नेता हैं और उनके पितातुल्य भी है। इसलिए उनके द्वारा कहे गए बयानों पर वे बुरा नहीं मानते। पायलट ने कहा कि वे धैर्य रखते हैं और उनके धैर्य की प्रशंसा तो पिछले दिनों राहुल गांधी भी कर चुके हैं। राहुल गांधी के इस बयान को सकारात्मक रूप में लेते हुए किसी को इससे परेशान नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही सचिन पायलट ने केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत के जोधपुर से चुनाव जीतने को सियासी चूक बताते हुए कहा कि आगामी 2 सालों में दोबारा लोकसभा के चुनाव होंगे और इसके परिणाम नजर आएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>टोंक</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/tonk/gehlot-called-me-useless--but-he-was-my-father-figure--pilot/article-13134</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/tonk/gehlot-called-me-useless--but-he-was-my-father-figure--pilot/article-13134</guid>
                <pubDate>Tue, 28 Jun 2022 12:30:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-06/sachin-pilot2.jpg"                         length="24933"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान आवासन मंडल का मामला :  इधर तो मुट्ठी भर चणा, उधर घी घणा</title>
                                    <description><![CDATA[कोटा शहर में राजस्थान आवासन मंडल पहले लोगों को सस्ते मकान बनाकर उपलब्ध करवा  रहा था। लेकिन वर्तमान में कोटा में कई लोग ऐसे हैं जो आवासन मंडल के मकान लेना चाहते हैं। लेकिन मंडल के पास जमीन का  टोटा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-the-case-of-rajasthan-housing-board--here--a-handful-of-gram--on-the-other-hand-ghee/article-11089"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/rajasthan-awasan-mandal-kota.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । रोटी, कपड़ा और मकान हर व्यक्ति की जरूरत है। कोटा शहर में राजस्थान आवासन मंडल पहले लोगों को सस्ते मकान बनाकर उपलब्ध करवा  रहा था। लेकिन वर्तमान में कोटा में कई लोग ऐसे हैं जो आवासन मंडल के मकान लेना चाहते हैं। लेकिन मंडल के पास जमीन का  टोटा है। वहीं संभाग के अन्य जिलों में मंडल के पास मकानों की भरमार है लेकिन वहां खरीदार नहीं मिल रहे हैं। राजस्थान आवासन मंडल कोटा वृत्त के अधीन कोटा के अलावा संभाग के बारां व झालावाड़ जिले भी शामिल हैं। मंडल की हालत यह है कि कोटा में उसके पास जमीन ही नहीं है। जिससे वे न तो नई कॉलोनी विकसित कर पा रहे हैं और न ही लोगों को मकान बनाकर दे पा रहे हैं। जबकि कोटा में पिछले कई सालों से करीब 200 लोगों ने मकानों के लिए आवेदन किया हुआ है। जिनमें पूर्व मंत्री व पूर्व विधायक भी शामिल हैं।  लेकिन उन्हें अभी तक भी मकान नहीं मिल रहे हैं। उनके आवेदन अभी तक भी लम्बित हैं। जबकि संभाग के बारां व झालावाड़ जिलों में मंडल के पास मकानों की भरमार है। लेकिन वहां खरीदार नहीं मिल रहे हैं। गत दिनों जयपुर में आवासन मंडल के मकानों की एक ही दिन में रिकॉर्ड नीलामी हुई थी। लेकिन कोटा में पिछले कई सालों से रिकॉर्ड नीलमाी ही नहीं हुई है। <br /><br /><strong>संभाग में 1228 मकान बिक्री के लिए</strong><br />राजस्थान आवासन मंडल कोटा वृत्त में करीब 1228 मकान ऐसे हैं जिन्हें मंडल नीलामी के माध्यम से बेचना चाहता है। लेकिन उनके लिए खरीदार नहीं मिल रहे हैं। हांलाकि जितने भी मकान हैं उनमें से कोटा में मात्र 10 ही फ्लैट हैं शेष मकान बारां व झालावाड़ जिलों में हैं। <br /><br /><strong>यह है मंडल के मकानों की स्थिति</strong><br />राजस्थान आवासन मंडल कोटा वृत्त के अधीन कोटा में कुन्हाड़ी स्थित हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनी में  मात्र 10 ही फ्लैट बिक्री के लिए हैं। जबकि  सबसे अधिक 341 मकान बारां जिले के छबड़ा में है। बारां में 145,छीपाबड़ौद में 195 व मांगरोल में 239 मकान हैं। इसी तरह से झालावाड़ जिले के सुनेल में 4, अकलेरा में 29,चौमेला में 206,झालावाड़ में 10,झालरापाटन में 1, बूंदी जिले के नैनवा में 24 व कोटा जिले के रामगंजमंडी में 24 मकान हैं। <br /><br /><strong>25 से 50 फीसदी की छूट</strong><br />हाउसिंग बोर्ड के मकानों को बेचने के लिए बोर्ड ने उन पर करीब 25 से 50 फीसदी की छूट तक दे रखी है। सुनेल, नैनवा, रामगंजमंडी,कोटा व मांगरोल में 25 फीसदी की और झालावाड़, झालरापाटन को छोड़कर बाकी जगहों पर मंडल के मकानों केी बिक्री पर 50 फीसदी तक की छूट दी गई है। <br /><br /><strong>हर बुधवार को नीलामी</strong><br />आवासन मंडल द्वारा हर बुधवार को मकानों की आॅनलाइन नीलामी की जा रही है। लेकिन उसके बाद भी गिनती के ही मकान बिक रहे हैं। सूत्रों के अनुसार अधिकतर मकानों की या तो लोकेशन सही नहीं है और कई मकान देखरेख के अभाव में जर्जर हो रहे हैं। इस कारण से अधिकतर लोग उन मकानों को खरीदने में रूचि नहीं दिखा रहे हैं। कोटा में जमीनों की कीमत अधिक होने व लोकेशन भी सही होने से अधिकतर लोगों को पहली पसंद कोटा में मकान खरीदने की रहती है। <br /><br /><strong>इनका कहना है</strong><br />आवासन मंडल के पास कोटा में मकान बनाने के लिए जमीन ही नहीं है। मकानों के लिए पूर्व में कई आवेदन प्राप्त हुए थे वे अभी भी लम्बित हैं। जमीन मिले तो मकान बनाकर दें। जबकि संभाग के बारां व झालावाड़ जिलों में मकान तो खूब हैं। उन पर 25 से 50 फीसदी की छूट भी दे रखी है। हर बुधवार को मकानों की नीलामी भी आॅनलाइन की जा रही है। लेकिन उसमें भी गिनती के ही मकान बिक रहे हैं। कोटा वृत्त में 12 सौ से अधिक मकान बिक्री के लिए हैं। <br /><strong>- अनिल सक्सेना, उप आवासन आयुक्त, राजस्थान आवासन मंडल कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-the-case-of-rajasthan-housing-board--here--a-handful-of-gram--on-the-other-hand-ghee/article-11089</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-the-case-of-rajasthan-housing-board--here--a-handful-of-gram--on-the-other-hand-ghee/article-11089</guid>
                <pubDate>Thu, 02 Jun 2022 15:44:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-06/rajasthan-awasan-mandal-kota.jpg"                         length="57755"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तालाब में जलकुम्भी का अम्बार, सात करोड़ की मशीन बेकार</title>
                                    <description><![CDATA[शहर के बीचों बीच स्थित पर्यटक स्थल किशोर सागर तालाब में जल कुम्भी का अम्बार लगने से वहां दुर्गंध फेल रही है। जिससे वहां घूमने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/water-hyacinth-in-the-pond--seven-crore-machine-useless/article-10348"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/talab.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा ।  एक तरफ तो शहर को पर्यटन नगरी के रूप में विकसित किया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ तरफ शहर के बीचों बीच स्थित पर्यटक स्थल किशोर सागर तालाब में जल कुम्भी का अम्बार लगने से वहां दुर्गंध फेल रही है। जिससे वहां घूमने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। <br /><br />किशोर सागार तालाब में सत्येवर महादेव मंदिर  के पास से लेकर कोटड़ी चौराहे की तरफ मेन रोड की साइड में ही जलकुम्भी  की चादर सी बिछी हुई है। काफी दूर तक जलकुम्भी ही जल कुम्भी नजर आ रही है। जिससे एक तो देखने में तालाब की खूब सूरती खत्म हो रही है। वहीं दूसरी तरफ जलकुम्भी के कारण वहां दुर्गंध फेल रही है। जिससे तालाब के किनारे से मेन रोड पर होकर गुजरने वाले लोगों को ही नहीं सुबह-शाम तालाब की पाल पर घूमने आने वालों को भी दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है। जग मंदिर तक पूरे तालाब  में जल कुम्भी होने से उसकी दुर्दशा हो रही है। <br /><br />लोगों का कहना है कि शहर के बीच स्थित होने के बावजूद नगर विकास न्यास के अधिकारी इसकी साफ सफाई पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जबकि न्यास ने करीब 7 करोड़ रुपए की मशीन तालाब में जलकुम्भी साफ करने के लिए ही रखी हुई है। हालत यह है कि मशीन को चलते हुए ही नहीं देखा। लोगों का कहना है कि करोड़ों की मशीन का उपयोग नहीं हो रहा है तो उसे दिखावे के तौर पर रखी हुई है। साथ ही अभी तालाब में पानी कम है लेकिन जब पानी छोड़ेंगे तो वह स्वत: ही पानी के साथ बहकर चली जाती है। ऐसे में  मशीन का कोई उपयोग ही नहीं है। वहीं न्यास द्वारा इन दिनों तालाब में घोड़े लगाने के लिए पैडेस्टल बनाने व चार दीवारी हटाकर लोहे की रैलिंग लगाने का काम भी किया जा रहा है। ऐसे में जल कुम्भी के कारण वहां काम  करने वालों तक को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। <br /><br />इधर नगर विकास न्यास के अधिकारी का कहना है कि  जल कुम्भी साफ करने के लिए तालाब में मशीन लगी हुई है। उस मशीन से रोजाना जल कुम्भी साफ करवाई जा रही है। हर बार कई ट्रॉली जल कुम्भी निकल रही है। लेकिन फिर से वह पानी के ऊपर आ जाती है। अभी जो जल कुम्भी है उसे भी साफ करवा दिया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/water-hyacinth-in-the-pond--seven-crore-machine-useless/article-10348</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/water-hyacinth-in-the-pond--seven-crore-machine-useless/article-10348</guid>
                <pubDate>Tue, 24 May 2022 17:11:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-05/talab.jpg"                         length="70872"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        