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                <title>Policy Rates - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Policy Rates RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>आरबीआई का निर्णय : नीतिगत दरों में 0.25 प्रतिशत की कटौती, लोन हो जाएंगे सस्ते </title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने लगभग पाँच वर्षों में पहली बार रेपो दर में 25 आधार अंकों की कटौती करने और मौद्रिक रुख को तटस्थ रखने का निर्णय लिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/rbis-major-decision-policy-rates-will-be-reduced-by-025/article-103469"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/rbi.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने लगभग पाँच वर्षों में पहली बार रेपो दर में 25 आधार अंकों की कटौती करने और मौद्रिक रुख को तटस्थ रखने का निर्णय लिया, जिससे होम लोन, कार लोन और अन्य लोन के सस्ते होने की उम्मीद जगी है। लगातार ग्यारहवीं बैठक में बेंचमार्क रेपो दर को 6.5 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखने के बाद केंद्रीय बैंक ने आर्थिक विकास की गति कम होने और मुद्रास्फीति के अपने 4 प्रतिशत लक्ष्य के करीब पहुँचने के संकेतों के बारे में बढ़ती चिंताओं के बीच दरों में कटौती की। रिजर्व बैंक ने लगभग पाँच वर्षों में पहली बार बेंचमार्क दरों में कटौती की। इससे पहले कोरोना के दौरान मई 2020 में रेपो दर में 40 आधार अंकों की कटौती करके इसे 4 प्रतिशत किया गया था।</p>
<p>रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति समिति की चालू वित्त वर्ष की मौद्रिक नीति की छठी और अंतिम तीन दिवसीय द्विमासिक बैठक में लिए गये निर्णयों की जानकारी देते हुये कहा कि मुद्रास्फीति लक्ष्य के अनुरूप है। समिति ने सर्वसम्मति से दरों में कटौती करने और रुख को बनाए रखने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि बढ़ती वैश्विक अनिश्चितता के बीच समिति ने सर्वसम्मति से बेंचमार्क नीति दरों में 25 आधार अंकों की कटौती करके इसे 6.50 प्रतिशत से 6.25 प्रतिशत करने का निर्णय लिया। </p>
<p>उन्होंने कहा कि अगले वित्त वर्ष के लिए वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि 6.7 प्रतिशत रहने की उम्मीद है, जिसमें पहली तिमाही 6.7 प्रतिशत, दूसरी तिमाही 7 प्रतिशत, तथा तीसरी और चौथी तिमाही 6.5 प्रतिशत रहेगी। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में खुदरा महंगाई के 4.4 प्रतिशत रहने की उम्मीद है जिसमें चौथी तिमाही में इसके 4.4 प्रतिशत रहने की संभावना है। अगले वित्त वर्ष में खुदरा महंगाई के 4.2 प्रतिशत पर रहने का अनुमान जताते हुये उन्होंने कहा कि खुदरा महंगाई पहली तिमाही में 4.5 प्रतिशत, दूसरी तिमाही में 4.0 प्रतिशत, तीसरी तिमाही 3.8 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 4.2 प्रतिशत रह सकती है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Feb 2025 12:17:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मौद्रिक नीति समिति बैठक: नीतिगत दरें लगातार 10वीं बार यथावत, महंगाई पर नजर </title>
                                    <description><![CDATA[रेपो दर के साथ ही सभी प्रमुख नीतिगत दरें यथावत हैं और मौद्रिक नीति के रूख को न्यूट्रल रखने का निर्णय लिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/monetary-policy-committee-sitting-keeps-policy-rates-unchanged-for-the/article-92639"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-06/rbi_shaktikanth_das.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक ने महंगाई पर कड़ी नजर रखते हुये लगातार 10वीं बार नीतिगत दरों को यथावत रखने का फैसला किया है जिससे ब्याज दरों में कमी की उम्मीद लगाये आम लोगों को निराशा हाथ लगी है। मई 2022 से 250 आधार अंकों तक लगातार 6 बार दर वृद्धि के बाद अप्रैल 2023 में दर वृद्धि चक्र को रोक दिया गया था और यह अभी भी इसी स्तर पर है। </p>
<p>आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति समिति की तीन दिवसीय बैठक के बाद चालू वित्त वर्ष की चौथी द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए कहा कि नवगठित मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने बहुमत से मौद्रिक नीति को यथावत बनाए रखने का फैसला किया है। समिति के छह में से पांच सदस्यों ने इस निर्णय का समर्थन किया है। इसके मद्देनजर रेपो दर के साथ ही सभी प्रमुख नीतिगत दरें यथावत हैं और मौद्रिक नीति के रूख को न्यूट्रल रखने का निर्णय लिया है।</p>
<p>समिति के इस निर्णय के बाद फिलहाल नीतिगत दरों में बढोतरी नहीं होगी। रेपो दर 6.5 प्रतिशत, स्टैंडर्ड जमा सुविधा दर (एसडीएफआर) 6.25 प्रतिशत, मार्जिनल स्टैंडिंग सुविधा दर (एमएसएफआर) 6.75 प्रतिशत, बैंक दर 6.75 प्रतिशत, फिक्स्ड रिजर्व रेपो दर 3.35 प्रतिशत, नकद आरक्षित अनुपात 4.50 प्रतिशत, वैधानिक तरलता अनुपात 18 प्रतिशत पर यथावत है।</p>
<p>भारतीय रिजर्व बैंक ने यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) को व्यापक रूप से अपनाने को प्रोत्साहित करने के लिए यूपीआई लाइट और यूपीआई 123 के उपयोगकर्ताओं के लिए भुगतान की सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया है। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद यह घोषणा की।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यूपीआई 123 को मार्च 2022 में लॉन्च किया गया था, जिसका उद्देश्य फीचर-फोन उपयोगकर्ताओं को यूपीआई का उपयोग करने में सक्षम बनाना था। यह सुविधा अब 12 भाषाओं में उपलब्ध है। वर्तमान में यूपीआई 123पे में प्रति-लेनदेन सीमा 5000 रुपये तक सीमित है। उपयोग के मामलों को व्यापक बनाने के लिए हितधारकों के परामर्श से प्रति-लेनदेन सीमा को बढ़ाकर 10,000 रुपये करने का निर्णय लिया गया है। एनपीसीआई को जल्द ही आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यूपीआई लाइट की वर्तमान में प्रति लेनदेन 500 रुपये की सीमा और यूपीआई लाइट वॉलेट के लिए 2000 रुपये की कुल सीमा लागू है, जिसमें ऑटो-रिप्लेनिशमेंट की सुविधा भी शामिल है। इस उत्पाद के उपयोग के दायरे को बढ़ाने के लिए अब यूपीआई लाइट वॉलेट की सीमा को बढ़ाकर 5,000 रुपये और प्रति लेनदेन सीमा को बढ़ाकर 1,000 रुपये करने का निर्णय लिया गया है। ऑफलाइन डिजिटल मोड में छोटे मूल्य के भुगतान की सुविधा के लिए रिजर्व बैंक द्वारा जारी रूपरेखा, जिसके तहत यूपीआई लाइट को सक्षम किया गया है, में उचित संशोधन किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Wed, 09 Oct 2024 13:00:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>RBI Monetry Policy Committee : नीतिगत दरें लगातार आठवीं बार यथावत, तीव्र विकास के बावजूद किश्ते नहीं होंगी कम</title>
                                    <description><![CDATA[ भारतीय रिजर्व बैंक ने आर्थिक गतिविधियों में जारी तेजी एवं आगे महंगाई बढ़ने के जोखिम का हवाला देते हुए आज लगातार आठवीं बार नीतिगत दरों को यथावत रखने का फैसला किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/rbi-monetary-policy-committee-policy-rates-remain-the-same-for/article-80740"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/skaktikant-dass.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक ने आर्थिक गतिविधियों में जारी तेजी एवं आगे महंगाई बढ़ने के जोखिम का हवाला देते हुए आज लगातार आठवीं बार नीतिगत दरों को यथावत रखने का फैसला किया है जिससे ब्याज दरों में कमी की उम्मीद लगाए आम लोगों को निराशा हाथ लगी है। </p>
<p>वित्त वर्ष 2023-24 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 8.2 प्रतिशत कर दर ये बढऩे के बाद लोगों को उम्मीद जगी थी कि इस बार रिजर्व बैंक ब्याज दरों में कुछ राहत देगा जिससे होम लोन, कार लोन और अन्य तरह के ऋणों पर ब्याज दरें कम हो सके। हालांकि रिजर्व बैंक के इस निर्णय से लोगों को निराशा हाथ लगी है। मई 2022 से 250 आधार अंकों तक लगातार छह बार की वृद्धि के बाद पिछले वर्ष अप्रैल में दर वृद्धि चक्र को रोक दिया गया और यह अभी भी इसी स्तर पर है।</p>
<p>आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को चालू वित्त वर्ष की दूसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए कहा कि मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने मौद्रिक नीति को यथावत बनाए रखने का फैसला किया है। समिति के छह में से चार सदस्यों ने इस निर्णय का समर्थन किया है। इसके मद्देनजर रेपो दर के साथ ही सभी प्रमुख नीतिगत दरें यथावत हैं और समायोजन के रूख को वापस लेने का निर्णय लिया है।</p>
<p>समिति के इस निर्णय के बाद फिलहाल नीतिगत दरों में बढोतरी नहीं होगी। रेपो दर 6.5 प्रतिशत, स्टैंडर्ड जमा सुविधा दर (एसडीएफआर) 6.25 प्रतिशत, मार्जिनल स्टैंडिंग सुविधा दर (एमएसएफआर) 6.75 प्रतिशत, बैंक दर 6.75 प्रतिशत, फिक्स्ड रिजर्व रेपो दर 3.35 प्रतिशत, नकद आरक्षित अनुपात 4.50 प्रतिशत, वैधानिक तरलता अनुपात 18 प्रतिशत पर यथावत है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Jun 2024 13:24:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>RBI ने ब्याज दरों में नहीं किया बदलाव, चालू वित्त वर्ष में 9.5 फीसदी GDP ग्रोथ का जताया अनुमान</title>
                                    <description><![CDATA[आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता में मौद्रिक नीति समिति की शुक्रवार को समाप्त 3 दिवसीय बैठक में सभी नीतिगत दरों को अपरिवर्तित रखने का निर्णय किया गया। रेपो दर को 4 प्रतिशत, रिवर्स रेपो दर को 3.35 प्रतिशत, मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी दर को 4.25 प्रतिशत और बैंक दर को 4.25 प्रतिशत पर स्थिर रखा गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/rbi-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%9C-%E0%A4%A6%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%A6%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%B5--%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%82-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A4-%E0%A4%B5%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B7-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-9-5-%E0%A4%AB%E0%A5%80%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A5%80-gdp-%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A5-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%9C%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%85%E0%A4%A8%E0%A5%81%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8/article-581"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-06/rbi_shaktikanth_das.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने लगातार छठी द्विमासिक बैठक में रेपो दर 4 प्रतिशत पर स्थिर रखने का फैसला किया है, साथ ही अन्य नीतिगत दरों में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की 3 दिवसीय बैठक के बाद आरबीआई गवर्नर शक्तिकांता दास ने बताया कि एमपीसी ने सर्वसम्मति से रेपो दर 4 प्रतिशत पर यथावत बनाए रखने का फैसला किया है। रेपो दर वह दर है जिस पर केंद्रीय बैंक वाणिज्यिक बैंकों को कर्ज देता है। मार्जिनल स्टैंडिंग फेसिलिटी दर तथा बैंक दर 4-4 प्रतिशत पर और रिवर्स रेपो दर 3.35 प्रतिशत पर पूर्ववत रहेंगे। कोविड-19 का संक्रमण ग्रामीण इलाकों में फैलने से चिंतित समिति ने चालू वित्त वर्ष के विकास अनुमान में 1 प्रतिशत की कटौती की है। दास ने कहा कि वित्त वर्ष 2021-22 में वास्तवकि जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) की विकास दर 9.5 प्रतिशत पर रहने का अनुमान है। इससे पहले अप्रैल में जारी बयान में विकास दर अनुमान 10.5 प्रतिशत रखा गया था। साथ ही पेट्रोल-डीजल, दालों और खाद्य तेलों की बढ़ती कीमतों के मद्देनजर महंगाई अनुमान बढ़ाया गया है। <br /> <br /> आरबीआई गवर्नर ने बताया कि समिति ने सर्वसम्मति से यह भी तय किया है कि केंद्रीय बैंक अपना रुख ब्याज दरों में कटौती के लिए अनुकूल बनाए रखेगा यानी जब भी जरूरत होगी वह रेपो दर में कटौती के लिए तैयार रहेगा। दास ने कहा कि एमपीसी की अप्रैल की बैठक के बाद से कोविड-19 की दूसरी लहर कई राज्यों में फैल चुकी है। संक्रमण छोटे शहरों और गांवों में भी फैल चुका है। वित्त वर्ष 2020-21 में जीडीपी में 7.3 प्रतिशत की गिरावट रही है। गांवों में संक्रमण फैलने और शहरी मांग कम होने से गिरावट का जोखिम है। दूसरी ओर, सामान्य मानसून का पूर्वानुमान, कारोबारियों के मौजूदा परिस्थितियों के हिसाब से खुद को ढालने और वैश्विक स्तर पर आर्थिक गतिविधियों में सुधार से घरेलू अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।<br /> <br /> उन्होंने कहा कि महामारी के परिप्रेक्ष्य में इस बात का सही-सही अनुमान लगाना कठिन है कि अर्थव्यवस्था कब गति पकड़ेगी और मजबूत होगी। इन अनिश्चितताओं के बीच रिजर्व बैंक दीर्घावधि विकास के सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव उपाय करेगा। महामारी से लड़ाई में वित्तीय तंत्र की मजबूती काफी महत्त्वपूर्ण है। आरबीआई वित्तीय क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए अनुकूल माहौल प्रदान करने के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Fri, 04 Jun 2021 12:35:56 +0530</pubDate>
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