<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/repo-rate/tag-2176" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Repo Rate - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/2176/rss</link>
                <description>Repo Rate RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने रेपो रेट में नहीं की कोई कमी: तेल की कीमतों और मिडिल ईस्ट तनाव ने बढ़ाई चिंता, शेयर बाजार हुए लाल</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने महंगाई और पश्चिम एशिया संकट के बीच रेपो दरों को 3.5% से 3.75% पर स्थिर रखने का निर्णय लिया है। जेरोम पॉवेल ने स्पष्ट किया कि मुद्रास्फीति अब भी लक्ष्य से ऊपर है। इस फैसले से बाजार की कटौती की उम्मीदें टूट गईं, जिससे अमेरिकी शेयर बाजार 1.5% तक लुढ़क गए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-federal-reserve-did-not-reduce-repo-rate-oil-prices/article-147000"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/repo-rate.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। पश्चिम एशिया संकट से उपजी वैश्विक अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में आये भारी उछाल के बीच अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने बाजार की उम्मीद के विपरीत रेपो दरों में कोई कटौती नहीं की है। फेड की दो दिन चली बैठक के बाद बुधवार को जारी बयान में कहा गया है कि अर्थव्यवस्था की वृद्धि मजबूत बनी हुई है, लेकिन हाल के महीनों में नये रोजगार की रफ्तार सुस्त रही है और मुद्रास्फीति बढ़ी हुई है। साथ ही पश्चिम एशिया के घटनाक्रम के अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर प्रभाव में भी अनिश्चितता है।</p>
<p>अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने बताया कि समिति ने दरों को 3.5 से 3.75 प्रतिशत के बीच स्थिर रखने का फैसला किया है। समिति के 12 में से 11 सदस्यों ने फैसले के पक्ष में वोट दिया जबकि स्टिफन माइरन एक-चौथाई प्रतिशत की कटौती के पक्ष में थे। बयान में कहा गया है कि फेड का लक्ष्य रोजगार को अधिकतम करना और महंगाई दर को दो प्रतिशत पर रखना है।</p>
<p>संवाददाताओं से बात करते हुए फेड के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल ने कहा कि इस समय बेरोजगारी दर दीर्घावधि औसत के आसपास है और मुद्रास्फीति उससे एक प्रतिशत ऊपर है। उन्होंने कहा मुद्रास्फीति में जितनी कमी का अनुमान था उतनी देखने को नहीं मिली है। अनिश्चितताओं के बावजूद फेड के भविष्य के अनुमानों में इस साल चौथाई प्रतिशत कटौती की संभावना जतायी गयी है। हालांकि, महंगाई का अनुमान पहले की तुलना में बढ़ा दिया गया है।</p>
<p>रेपो दरों को स्थिर रखने का अमेरिकी केंद्रीय बैंक का फैसला शेयर बाजारों को रास नहीं आया। बाजार दरों में कटौती की उम्मीद लगाये बैठा था। फेड के फैसले के बाद अमेरिकी शेयर बाजार लगभग डेढ़ प्रतिशत टूट गये।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/us-federal-reserve-did-not-reduce-repo-rate-oil-prices/article-147000</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/us-federal-reserve-did-not-reduce-repo-rate-oil-prices/article-147000</guid>
                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 11:14:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/repo-rate.png"                         length="1346034"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>RBI के नीतिगत दरें यथावत रखने के निर्णय से शेयर बाजार धड़ाम</title>
                                    <description><![CDATA[सेंसेक्स 48 अंक उतरकर 79,420.49 अंक पर खुला लेकिन थोड़ी देर बाद 79,422.15 अंक के उच्चतम स्तर पर पहुंचा, लेकिन आरबीआई की घोषणा के साथ हुई बिकवाली से 78,897.92 अंक के निचले स्तर तक लुढ़क गया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/stock-market-boomed-due-to-rbis-decision-to-keep-policy/article-87182"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/stock-market-1.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। रिजर्व बैंक के नीतिगत दरों को लगातार नौवीं बार यथावत रखने के निर्णय से निराश निवेशकों की बिकवाली से आज शेयर बाजार करीब आधी फीसदी लुढ़क गया। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति समिति की तीन दिवसीय बैठक के बाद चालू वित्त वर्ष की तीसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए कहा कि मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने मौद्रिक नीति को यथावत बनाए रखने का फैसला किया है। समिति के छह में से चार सदस्यों ने इस निर्णय का समर्थन किया है। इसके मद्देनजर रेपो दर के साथ ही सभी प्रमुख नीतिगत दरें यथावत हैं और उदार मौद्रिक नीति के रूख को वापस लेने का निर्णय लिया गया है।</p><p>इस बार ब्याज दर में कम से कम 0.25 प्रतिशत तक की कटौती किए जाने की उम्मीद लगाए कारोबारियों को रिजर्व बैंक का फैसला रास नहीं आया, जिससे आरबीआई गवर्नर का स्पीच शुरू होते ही बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 351.65 अंक अर्थात 0.44 प्रतिशत लुढ़ककर 79,116.36 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 112.75 प्रतिशत यानी 0.46 टूटकर 24,184.75 अंक पर आ गया।</p><p>शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 48 अंक उतरकर 79,420.49 अंक पर खुला लेकिन थोड़ी देर बाद 79,422.15 अंक के उच्चतम स्तर पर पहुंचा लेकिन आरबीआई की घोषणा के साथ हुई बिकवाली से 78,897.92 अंक के निचले स्तर तक लुढ़क गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/stock-market-boomed-due-to-rbis-decision-to-keep-policy/article-87182</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/stock-market-boomed-due-to-rbis-decision-to-keep-policy/article-87182</guid>
                <pubDate>Thu, 08 Aug 2024 12:20:11 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-10/stock-market-1.jpg"                         length="169700"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Monetry Policy Committee : रेपो रेट लगातार सातवीं बार 6.5 प्रतिशत पर यथावत</title>
                                    <description><![CDATA[मई 2022 से 250 आधार अंकों तक लगातार छह बार दर वृद्धि के बाद पिछले वर्ष अप्रैल में दर वृद्धि चक्र को रोक दिया गया था और यह अभी भी इसी स्तर पर है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/monetary-policy-committee-repo-rate-remains-unchanged-at-65-percent/article-74508"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/shaktikanta-das_rbi_governor.jpeg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक ने आर्थिक गतिविधियों में जारी तेजी का हवाला देते हुए एवं महंगाई पर कड़ी नजर रखते हुए लगातार सातवीं बार नीतिगत दर को यथावत रखने का फैसला किया है जिससे ब्याज दरों में कमी की उम्मीद लगाए आम लोगों को निराशा हाथ लगी है। </p>
<p>मई 2022 से 250 आधार अंकों तक लगातार छह बार दर वृद्धि के बाद पिछले वर्ष अप्रैल में दर वृद्धि चक्र को रोक दिया गया था और यह अभी भी इसी स्तर पर है। </p>
<p>आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को चालू वित्त वर्ष की  पहली द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए कहा कि मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने मौद्रिक नीति को यथावत बनाए रखने का फैसला किया है। इसके मद्देनजर रेपो दर के साथ ही सभी प्रमुख नीतिगत दरें यथावत हैं और समायोजन के रूख को वापस लेने का निर्णय लिया है। </p>
<p>समिति के इस निर्णय के बाद फिलहाल नीतिगत दरों में बढोतरी नहीं होगी। रेपो दर 6.5 प्रतिशत, स्टैंडर्ड जमा सुविधा दर (एसडीएफआर) 6.25 प्रतिशत, मार्जिनल स्टैंडिंग सुविधा दर (एमएसएफआर) 6.75 प्रतिशत, बैंक दर 6.75 प्रतिशत, फिक्स्ड रिजर्व रेपो दर 3.35 प्रतिशत, नकद आरक्षित अनुपात 4.50 प्रतिशत, वैधानिक तरलता अनुपात 18 प्रतिशत पर यथावत है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/monetary-policy-committee-repo-rate-remains-unchanged-at-65-percent/article-74508</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/monetary-policy-committee-repo-rate-remains-unchanged-at-65-percent/article-74508</guid>
                <pubDate>Fri, 05 Apr 2024 12:42:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-02/shaktikanta-das_rbi_governor.jpeg"                         length="44996"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>RBI Monetry Policy Committee Meeting: आम आदमी निराश, रेपो दर लगातार छठी बार 6.5 प्रतिशत पर यथावत</title>
                                    <description><![CDATA[मई 2022 से 250 आधार अंकों तक लगातार छह बार दर वृद्धि के बाद अप्रैल 2023 में दर वृद्धि चक्र को रोक दिया गया था और यह अभी भी इसी स्तर पर है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/rbi-monetary-policy-committee-meeting-common-man-disappointed-repo-rate/article-69495"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/shaktikanta-das_rbi_governor.jpeg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक(आरबीआई) ने आर्थिक गतिविधियों में जारी तेजी एवं महंगाई पर कड़ी नजर रखते हुए लगातार छठी बार नीतिगत दर को यथावत रखने का फैसला किया, जिससे ब्याज दरों में कमी की उम्मीद लगाए आम लोगों को निराशा हाथ लगी है क्योंकि फिलहाल उनके घर, कार और अन्य ऋणों पर ब्याज दरें कम नहीं होंगी।</p>
<p>मई 2022 से 250 आधार अंकों तक लगातार छह बार दर वृद्धि के बाद अप्रैल 2023 में दर वृद्धि चक्र को रोक दिया गया था और यह अभी भी इसी स्तर पर है।</p>
<p>आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने चालू वित्त वर्ष की अंतिम द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए कहा कि मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने मौद्रिक नीति को यथावत बनाए रखने का फैसला किया है। इसके मद्देनजर रेपो दर के साथ ही सभी प्रमुख नीतिगत दरें यथावत हैं और समायोजन के रुख को वापस लेने का निर्णय लिया गया है।</p>
<p>दास ने घोषणा करते हुए कहा कि फिलहाल नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं की जा रही है लेकिन दरों को यथावत बनाये रखने के बीच समिति ने समायोजन वाले रुख से पीछे हटने का निर्णय लिया गया है।</p>
<p>समिति के इस निर्णय के बाद फिलहाल नीतिगत दरों में बढोतरी नहीं होगी। रेपो दर 6.5 प्रतिशत, स्टैंडर्ड जमा सुविधा दर (एसडीएफआर) 6.25 प्रतिशत, मार्जिनल स्टैंडिंग सुविधा दर (एमएसएफआर) 6.75 प्रतिशत, बैंक दर 6.75 प्रतिशत, फिक्स्ड रिजर्व रेपो दर 3.35 प्रतिशत, नकद आरक्षित अनुपात 4.50 प्रतिशत, वैधानिक तरलता अनुपात 18 प्रतिशत पर यथावत है।</p>
<p>दास ने कहा कि वैश्विक आर्थिक गतिविधियों में शिथिलता के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था और वित्तीय क्षेत्र सशक्त और मजबूत बना हुआ। भू-राजनीतिक तनाव से आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो रही है और जिंसों खासकर कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव पड़ रहा है। एमपीसी ने यह सुनिश्चित करने के लिए समायोजन वापसी पर ध्यान केंद्रित रखने का भी निर्णय लिया कि विकास को समर्थन देते हुए मुद्रास्फीति लक्ष्य के अनुरूप हो। ये निर्णय विकास का समर्थन करते हुए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) मुद्रास्फीति के चार प्रतिशत के मध्यम अवधि के लक्ष्य को प्राप्त करने के उद्देश्य के अनुरूप हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/rbi-monetary-policy-committee-meeting-common-man-disappointed-repo-rate/article-69495</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/rbi-monetary-policy-committee-meeting-common-man-disappointed-repo-rate/article-69495</guid>
                <pubDate>Thu, 08 Feb 2024 12:50:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-02/shaktikanta-das_rbi_governor.jpeg"                         length="44996"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Monetary Policy Meeting: रिजर्व बैंक ने आधी फीसद बढ़ाया विकास अनुमान, दरें यथावत</title>
                                    <description><![CDATA[दास ने यह घोषणा करते हुये कहा कि फिलहाल नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं की जा रही है लेकिन नीतिगत दरों को यथावत बनाये रखने के बीच समिति ने समायोजन वाले रूख  से पीछे हटने का निर्णय लिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/monetary-policy-meeting-reserve-bank-increased-growth-forecast-rates-by/article-63672"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/shaktikant-das.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में देश के आर्थिक विकास के सभी अनुमानों को पीछे छोड़ते हुये 7.6 प्रतिशत की दर से बढऩे से उत्साहित भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने आज चालू वित्त वर्ष के विकास अनुमान में आधी फीसदी की बढोतरी करने के साथ ही खुदरा महंगाई बढऩे के जोखिम को ध्यान में रखते हुये नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं करने का निर्णय लिया, जिससे घर, वाहन आदि ऋण की किश्तों में कोई वृद्धि नहीं होगी। </p>
<p>रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की चालू वित्त वर्ष की पांचवीं द्विमासिक तीन दिवसीय बैठक में आज लिए गये निर्णयों की जानकारी देते हुये गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था बेहतर गति से आगे बढ़ रही है और वह सभी अनुमानों को पीछे छोड़ते हुये दूसरी तिमाही में 7.6 प्रतिशत की गति से आगे बढ़ा  है। इसके मद्देनजर चालू वित्त वर्ष में विकास अनुमान को पहले के 6.5 प्रतिशत से बढ़ाकर अब 7.0 प्रतिशत कर दिया गया है।  उन्होंने कहा के समिति ने सर्वसम्मति से रेपो दर को 6.5 प्रतिशत पर यथावत रखने का निर्णय लिया है। </p>
<p>दास ने यह घोषणा करते हुये कहा कि फिलहाल नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं की जा रही है लेकिन नीतिगत दरों को यथावत बनाये रखने के बीच समिति ने समायोजन वाले रूख  से पीछे हटने का निर्णय लिया है।</p>
<p>समिति के इस निर्णय के बाद फिलहाल नीतिगत दरों में बढोतरी नहीं होगी। रेपो दर 6.5 प्रतिशत, स्टैंडर्ड जमा सुविधा दर (एसडीएफआर) 6.25 प्रतिशत, मार्जिनल स्टैंडिंग सुविधा दर (एमएसएफआर) 6.75 प्रतिशत, बैंक दर 6.75 प्रतिशत, फिक्स्ड रिजर्व रेपो दर 3.35 प्रतिशत, नकद आरक्षित अनुपात 4.50 प्रतिशत, वैधानिक तरलता अनुपात 18 प्रतिशत पर यथावत है।</p>
<p>दास ने कहा कि वैश्विक आर्थिक गतिविधियों में आयी सुस्ती के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था और वित्तीय क्षेत्र सशक्त और मजबूत बना हुआ और यह महंगाई को काबू में करने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में विकास अनुमान को 7.0 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके आधार पर चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में विकास अनुमान को बढ़ाकर 6.5 प्रतिशत और चौथी तिमाही के अनुमान को 6.0 प्रतिशत कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में विकास दर के 6.7 प्रतिशत, दूसरी तिमाही में 6.5 प्रतिशत और तीसरी तिमाही में इसके 6.4 प्रतिशत पर रहने का अनुमान जताया गया है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक का पूरा ध्यान महंगाई को चार प्रतिशत के लक्षित दायरे में लाने का है। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में खुदरा महंगाई के अनुमान को 5.4 प्रतिशत पर यथावत रखा गया है। तीसरी तिमाही में 5.6 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 5.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह 5.2 प्रतिशत, दूसरी तिमाही में 4.0 प्रतिशत और तीसरी तिमाही 4.7 प्रतिशत रह सकती है।      </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/monetary-policy-meeting-reserve-bank-increased-growth-forecast-rates-by/article-63672</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/monetary-policy-meeting-reserve-bank-increased-growth-forecast-rates-by/article-63672</guid>
                <pubDate>Fri, 08 Dec 2023 11:16:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-12/shaktikant-das.png"                         length="224138"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>RBI Policy Rate की दरें यथावत, किस्तों में नहीं होगी कोई वृद्धि</title>
                                    <description><![CDATA[रेपो दर 6.5 प्रतिशत, स्टैंडर्ड जमा सुविधा दर (एसडीएफआर) 6.25 प्रतिशत, मार्जिनल स्टैंडिंग सुविधा दर (एमएसएफआर) 6.75 प्रतिशत, बैंक दर 6.75 प्रतिशत, फिक्स्ड रिजर्व रेपो दर 3.35 प्रतिशत, नकद आरक्षित अनुपात 4.50 प्रतिशत, वैधानिक तरलता अनुपात 18 प्रतिशत पर यथावत है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/rbi-policy-rate-remains-the-same-there-will-be-no/article-58872"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/rib.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। महंगाई को लक्षित दायर में रखने के लक्ष्य पर नजर टिकाये रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने आज विकास अनुमान को यथावत बनाये रखते हुये नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं करने का निर्णय लिया, जिससे आम लोगों के घर, कार और अन्य प्रकार के ऋणों की किस्तों में बढोतरी नहीं होगी।</p>
<p>समिति ने रेपो दर को 6.5 प्रतिशत पर यथावत रखने का निर्णय लिया है। चालू वित्त वर्ष में चौथी द्विमासिक तीन दिवसीय बैठक के बाद आज जारी बयान में यह घोषणा की गयी है। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने यह घोषणा करते हुये कहा कि फिलहाल नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं की जा रही है लेकिन नीतिगत दरों को यथावत बनाये रखने के बीच समिति ने समयोजन वाले रूख से पीछे हटने का निर्णय लिया है। </p>
<p>समिति के इस निर्णय के बाद फिलहाल नीतिगत दरों में बढोतरी नहीं होगी। रेपो दर 6.5 प्रतिशत, स्टैंडर्ड जमा सुविधा दर (एसडीएफआर) 6.25 प्रतिशत, मार्जिनल स्टैंडिंग सुविधा दर (एमएसएफआर) 6.75 प्रतिशत, बैंक दर 6.75 प्रतिशत, फिक्स्ड रिजर्व रेपो दर 3.35 प्रतिशत, नकद आरक्षित अनुपात 4.50 प्रतिशत, वैधानिक तरलता अनुपात 18 प्रतिशत पर यथावत है।</p>
<p>श्री दास ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था और वित्तीय क्षेत्र  वैश्विक आर्थिक गतिविधियों में आयी सुस्ती के बीच सशक्त और मजबूत बना हुआ और यह महंगाई को काबू में करने में सक्षम है।। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में विकास अनुमान को 6.5 प्रतिशत पर यथावत रखा गया है। इसके आधार पर चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 6.5 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में छह प्रतिशत और चौथी तिमाही में यह 5.9 प्रतिशत रह सकती है। अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह 6.6 प्रतिशत रह सकती है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक पूरा ध्यान महंगाई को चार प्रतिशत के लक्षित दायरे में लाने का है। सितंबर में सब्जियों और खाद्य पदार्थ की कीमतों के कारण महंगाई में तेजी आयी थी लेकिन अब उसमें नरमी आने की उम्मीद है। सब्जियों की कीमतों में नरमी के साथ ही रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में की गयी कटौती से भी महंगाई में नरमी आने की उम्मीद है।  उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में खुदरा महंगाई के अनुमान को 5.4 प्रतिशत पर यथावत रखा गया है। दूसरी तिमाही में  यह 6.4 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 5.6 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 5.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह 5.2 प्रतिशत रह सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/rbi-policy-rate-remains-the-same-there-will-be-no/article-58872</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/rbi-policy-rate-remains-the-same-there-will-be-no/article-58872</guid>
                <pubDate>Fri, 06 Oct 2023 14:24:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-10/rib.png"                         length="330491"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>RBI की मौद्रिक नीति समिति की बैठक : नीतिगत दरें यथावत, किस्तों में नहीं होगी वृद्धि</title>
                                    <description><![CDATA[महंगाई को लक्षित दायर में रखने के लक्ष्य पर नजर टिकाये रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने आज विकास अनुमान को यथावत बनाये रखने और महंगाई के अनुमान को बढ़ाते हुये नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं करने का निर्णय लिया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/rbi-monetry-policy-meeting-policy-rate-of-rbi-hindi-news/article-54207"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/630-400-size-की-कॉपी-(1)9.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। महंगाई को लक्षित दायर में रखने के लक्ष्य पर नजर टिकाये रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने आज विकास अनुमान को यथावत बनाये रखने और महंगाई के अनुमान को बढ़ाते हुये नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं करने का निर्णय लिया, जिससे आम लोगों के घर, कार और अन्य प्रकार के ऋणों की किस्तों में बढोतरी नहीं होगी। समिति ने रेपो दर को 6.5 प्रतिशत पर यथावत रखने का निर्णय लिया है।</p>
<p>चालू वित्त वर्ष में तीसरी द्विमासिक तीन दिवसीय बैठक के बाद आज जारी बयान में यह घोषणा की गयी है। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने यह घोषणा करते हुये कहा कि वैश्विक और घरेलू अर्थव्यवस्था का उल्लेख करते हुये कहा कि फिलहाल नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं की जा रही है लेकिन नीतिगत दरों को यथावत बनाये रखने के बीच समिति ने समयोजन वाले रूख से पीछे हटने का निर्णय लिया है। </p>
<p>समिति के इस निर्णय के बाद फिलहाल नीतिगत दरों में बढोतरी नहीं होगी। रेपो दर 6.5 प्रतिशत, स्टैंडर्ड जमा सुविधा दर (एसडीएफआर) 6.25 प्रतिशत, मार्जिनल स्टैंडिंग सुविधा दर (एमएसएफआर) 6.75 प्रतिशत, बैंक दर 6.75 प्रतिशत, फिक्स्ड रिजर्व रेपो दर 3.35 प्रतिशत, नकद आरक्षित अनुपात 4.50 प्रतिशत, वैधानिक तरलता अनुपात 18 प्रतिशत पर यथावत है।</p>
<p>दास ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था और वित्तीय क्षेत्र  वैश्विक आर्थिक गतिविधियों में आयी सुस्ती के बीच सशक्त और मजबूत बना हुआ और यह महंगाई को काबू में करने में सक्षम है।। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में विकास अनुमान को 6.5 प्रतिशत पर यथावत रखा गया है। इसके आधार पर चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह 8.1 प्रतिशत, दूसरी तिमाही में 6.5 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में छह प्रतिशत और चौथी तिमाही में यह 5.7 प्रतिशत रह सकती है। अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह 6.6 प्रतिशत रह सकती है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक पूरा ध्यान महंगाई को चार प्रतिशत के लक्षित दायरे में लाने का है। उन्होंने कहा कि टमाटर की कीमतों में उछाल के साथ ही अनाज और दालों की कीमतों में आयी तेजी से महंगाई बढ़ी है लेकिन अब सब्जियों की कीमतों में कमी आने का पूरी उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इसके मद्देनजर चालू वित्त वर्ष में खुदरा महंगाई के अनुमान को 5.1 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.4 प्रतिशत कर दिया गया है। दूसरी तिमाही में यह 6.2 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 5.7 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 5.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह 5.2 प्रतिशत रह सकती है।      </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/rbi-monetry-policy-meeting-policy-rate-of-rbi-hindi-news/article-54207</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/rbi-monetry-policy-meeting-policy-rate-of-rbi-hindi-news/article-54207</guid>
                <pubDate>Thu, 10 Aug 2023 11:34:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-08/630-400-size-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%89%E0%A4%AA%E0%A5%80-%281%299.png"                         length="343788"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महंगाई को नियंत्रित करने के लिए आरबीआई ने रेपो दर में की 0.5 प्रतिशत की वृद्धि</title>
                                    <description><![CDATA[आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की 3 दिवसीय बैठक के बाद गवर्नर शक्तिकांत दास ने बैठक में लिए गये निर्णय की जानकारी देते हुये कहा कि वैश्विक स्तर पर महंगाई में अप्रत्याशित बढ़ोतरी से भारत भी अछूता नहीं है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/rbi-tightens-its-back-to-rein-in-inflation-increases-repo/article-24945"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/ibi.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। आसमान छू रही महंगाई को नियंत्रित करने के लिए पूरी दुनिया के केंद्रीय बैंकों के ब्याज दर में बढ़ोतरी करने का अनुसरण करते हुए रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने भी उम्मीद के अनुरूप रेपो दर में 0.50 प्रतिशत की वृद्धि कर दी। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की 3 दिवसीय बैठक के बाद गवर्नर शक्तिकांत दास ने बैठक में लिए गये निर्णय की जानकारी देते हुये कहा कि वैश्विक स्तर पर महंगाई में अप्रत्याशित बढ़ोतरी से भारत भी अछूता नहीं है। बढ़ती महंगाई को नियंत्रित करने के साथ ही विकास को गति देने के लिए एमपीसी ने रेपो दर में 0.50 प्रतिशत वृद्धि करने का निर्णय लिया है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि इस बढ़ोतरी के बाद रेपो दर 5.40 प्रतिशत से 0.50 प्रतिशत बढ़कर 5.9 प्रतिशत पर, स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी दर (एसडीएफ) 5.15 प्रतिशत से 0.50 प्रतिशत बढ़कर 5.65 प्रतिशत तथा मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (एमएसएफ) 5.65 प्रतिशत से बढ़कर 6.15 प्रतिशत पर पहुंच गयी है। नीतिगत दरों में हुई बढ़ोतरी से खुदरा महंगाई को नियंत्रित करने में मदद मिलने की उम्मीद है, और महंगाई को मध्यावधि में छह प्रतिशत के लक्षित दायरे में लाया जा सकेगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/rbi-tightens-its-back-to-rein-in-inflation-increases-repo/article-24945</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/rbi-tightens-its-back-to-rein-in-inflation-increases-repo/article-24945</guid>
                <pubDate>Fri, 30 Sep 2022 13:09:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-09/ibi.jpg"                         length="42149"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी की बैठक, उच्चतम स्तर पर पहुंच सकती है रेपो रेट</title>
                                    <description><![CDATA[ रिजर्व समेत दुनिया के अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में वृद्धि के अनुरूप आरबीआई भी रेपो दर में वृद्धि कर सकता है। एमपीसी की सिफारिशों के आधार पर आरबीआई ने जून और अगस्त में रेपो दर में 0.50 फीसदी की वृद्धि की थी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/monetary-policy-committee-meeting-repo-rate-may-reach-the-highest/article-24627"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/p-133.jpg" alt=""></a><br /><p>दिल्ली। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की 3 दिवसीय मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी की बैठक शुरू हो रही है। उच्च महंगाई दर पर लगाम लगाने के लिए आरबीआई रेपो रेट में एकबार फिर से बढ़ोतरी कर सकता है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व समेत दुनिया के अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में वृद्धि के अनुरूप आरबीआई भी रेपो दर में वृद्धि कर सकता है। एमपीसी की सिफारिशों के आधार पर आरबीआई ने जून और अगस्त में रेपो दर में 0.50 फीसदी की वृद्धि की थी। इससे पहले मई में केंद्रीय बैंक ने अचानक हुई अपनी बैठक में ब्याज दर को 0.40 फीसदी बढ़ा दिया था। रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता वाली एमपीसी की बैठक 28 से 30 सितंबर को होगी। दरों पर निर्णय 30 सितंबर को घोषित किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/monetary-policy-committee-meeting-repo-rate-may-reach-the-highest/article-24627</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/monetary-policy-committee-meeting-repo-rate-may-reach-the-highest/article-24627</guid>
                <pubDate>Wed, 28 Sep 2022 11:25:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-09/p-133.jpg"                         length="39593"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आरतिया की बैठक में रेपो दर में 1.40 प्रतिशत की वृद्धि पर की चर्चा </title>
                                    <description><![CDATA[आरतिया के मुख्य सलाहकार कमल कन्दोई ने बताया कि आरबीआई द्वारा बढ़ती हुई महंगाई को रोकने के उद्देष्य से गत 3 माह में रेपो रेट में 1.40 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी, जिससे कोरोना की मार से धीरे-धीरे बाहर आ रहे व्यापार व उद्योग जगत को दोबारा परेशानी का सामना करना पड़ेगा और उन्होंने जो व्यापार व अन्य आवश्यकताओं के लिए लोन लिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/discussion-on-140-percent-increase-in-repo-rate-in-meeting-of-artia/article-18065"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/46546546520.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। अखिल ट्रेड एण्ड इण्डस्ट्री एसोसिएशन (आरतिया) ने बताया गया कि आरतिया की वित्त समिति की एक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें रिजर्व बैंक द्वारा गत 3 माह में रेपो दर में 1.40 प्रतिशत की वृद्धि पर चर्चा की गई तथा चर्चा की गई कि इससे प्रदेश के व्यापार व उद्योग जगत को भारी परेशानी होगी। आरतिया के मुख्य सलाहकार कमल कन्दोई ने बताया कि आरबीआई द्वारा बढ़ती हुई महंगाई को रोकने के उद्देष्य से गत 3 माह में रेपो रेट में 1.40 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी, जिससे कोरोना की मार से धीरे-धीरे बाहर आ रहे व्यापार व उद्योग जगत को दोबारा परेशानी का सामना करना पड़ेगा और उन्होंने जो व्यापार व अन्य आवश्यकताओं के लिए लोन लिया है। उसके ब्याज की राशि में भारी वृद्धि हो जाएगी, जिसका असर उसकी उत्पादन लागत पर पड़ेगा। इसके साथ ही उत्पाद की लागत बढ़ने से वैश्विक बाजार में उस उत्पाद की उपयोग में कमी आने की संभावना है। उन्होंने बताया कि आरबीआई द्वारा कोरोना महामारी को देखते हुए गत 2 वर्षो से दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया था, लेकिन आरबीआई द्वारा रेपो दरों में वृद्धि करने से व्यापार व उद्योग जगत पर आर्थिक संकट मंडराने लगा है, जो व्यवसायी बैंकों के माध्यम से लोन लेकर अपना व्यापार चला रहे थे। उन्हें भारी जटिलताओं का सामना करना पड़ेगा। इसके साथ ही आम आदमी पर भी महंगाई की मार पड़ेगी।</p>
<p>आरतिया के कार्यकारी अध्यक्ष बियानी ने बताया कि गत 3 माह में की गई वृद्धि से होम लोन, ऑटो लोन और व्यापारिक लोन सहित सभी तरह के लोन की दरों में वृद्धि हो गई, जिसका असर बाजार पर दिखने लगा था। इसके साथ ही दोबारा वृद्धि होने से इसका असर बड़ा होगा, जब लोन महंगे कर्ज के दर से मकानों की बिक्री प्रभावित होगी, जिसका असर सभी को आवास की केन्द्र सरकार की योजना पर विपरीत रूप से पड़ेगा, जिससे मकान निर्माण क्षेत्र से जुड़े व्यापारी, कर्मचारी एवं श्रमिकों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ेगा। आरबीआई द्वारा मुद्रास्फिती में सुधार के लिए रेपो रेट को बढ़ाया गया है, लेकिन वर्तमान में इसका विपरित असर पड़ रहा है तथा लोगों को प्रतिमाह ईएमआई व ब्याज के रूप ज्यादा रुपए देने पड़ रहे है। इस संदर्भ में आरबीआई गर्वनर को पत्र लिखकर उनसे महंगाई को रोकने के लिए अन्य कोई वैकल्पिक रास्ता निकालने का निवेदन किया गया है, जिससे व्यापार व उद्योग जगत के साथ-साथ आमजन को भी राहत मिल सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/business/discussion-on-140-percent-increase-in-repo-rate-in-meeting-of-artia/article-18065</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/business/discussion-on-140-percent-increase-in-repo-rate-in-meeting-of-artia/article-18065</guid>
                <pubDate>Sat, 06 Aug 2022 15:05:40 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-08/46546546520.jpg"                         length="204131"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रेपो दर में बढ़ोतरी से शेयर बाजार धराशाही</title>
                                    <description><![CDATA[ निफ्टी 391.50 अंक का गोता लगाकर 16,677.60 अंक पर रहा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/share-market-collapse-due-to-hike-in-repo-rate/article-9136"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/stock-market-1.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। रिजर्व बैंक (RBI) के महंगाई को नियंत्रित करने के उद्देश्य से आज अप्रत्याशित कदम उठाते हुए रेपो दर में 40 आधार अंक की बढ़ोतरी करने से घबराए निवेशकों की चौतरफा बिकवाली से शेयर बाजार में कोहराम मच गया, जिससे शेयर बाजार में तेजी से गिरावट हुई।<br /><br />बता दे कि आरबीआई ने बढ़ती महंगाई पर चिंता जताते हुये इसको काबू में करने के उद्देश्य से रेपो दर में बुधवार को तत्काल प्रभाव से 40 आधार अंक की बढोतरी करने का निर्णय लिया है। इससे कारोबार के अंतिम चरण में हुई चौतरफा बिकवाली से बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 1306.96 अंक लुढ़ककर करीब ढाई माह के निचले स्तर एवं 56 अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे 55,669.03 अंक पर आ गया। इससे पहले सेंसेक्स 14 मार्च को 56,486.02 अंक पर रहा था। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 391.50 अंक का गोता लगाकर 16,677.60 अंक पर रहा।<br /><br />साथ ही विश्व स्तर पर निवेशक वर्ष 2000 के बाद से अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर में सबसे बड़ी वृद्धि के लिए तैयार हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। इसका असर भी घरेलू शेयर बाजार पर रहा। ब्रिटेन का एफटीएसई 0.57, जर्मनी का डैक्स 0.23, जापान का निक्केई 0.11 और हांगकांग का हैंगसैंग 1.10 प्रतिशत टूट गया जबकि चीन के शंघाई कंपोजिट में 2.41 प्रतिशत की तेजी रही। इस दौरान बीएसई के सभी 19 समूहों में गिरावट रही। बेसिक मैटेरियल्स 2.53, सीडीजीएस 3.01, ऊर्जा 1.02, एफएमसीजी 1.67, वित्त 2.63, हेल्थकेयर 2.92, इंडस्ट्रियल्स 2.64, टेलीकॉम 2.73, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 3.88 और रियल्टी समूह के शेयर 3.31 प्रतिशत गिर गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/business/share-market-collapse-due-to-hike-in-repo-rate/article-9136</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/business/share-market-collapse-due-to-hike-in-repo-rate/article-9136</guid>
                <pubDate>Wed, 04 May 2022 18:57:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-05/stock-market-1.jpg"                         length="169700"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आरबीआई ने महंगाई को नियंत्रित करने के उद्देश्य से नीतिगत दरों को रखा यथावत </title>
                                    <description><![CDATA[रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने महंगाई को नियंत्रित करने और आर्थिक विकास दर को तेज बनाये रखने के उद्देश्य से रिवर्स रेपो दर में 0.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी को छोड़कर अन्य सभी प्रमुख नीतिगत दरों को यथावत रखा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/rbi-increased-in-repo-rate/article-7611"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/4654645645.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने महंगाई को नियंत्रित करने और आर्थिक विकास दर को तेज बनाये रखने के उद्देश्य से रिवर्स रेपो दर में 0.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी को छोड़कर अन्य सभी प्रमुख नीतिगत दरों को यथावत रखा। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने अपनी अध्यक्षता में केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति समीति (एमपीसी) की चालू वित्त वर्ष की समाप्त पहली द्विमासिक समीक्षा बैठक के बाद कहा कि यूरोप में युद्ध की शुरुआत के साथ हम नई और विशाल चुनौतियों का सामना कर रहे है। यूरोप में संघर्ष से वैश्विक अर्थव्यवस्था पटरी से उतर सकती है। ऐसे परिदृश्य में महंगाई को नियंत्रित करने और विकास दर में तेजी बनाए रखने के लिए एमपीसी ने सर्वसम्मति से रेपो दर को चार प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखने के लिए मतदान किया। तरलता सुनिश्चित करने के लिए रिवर्स रेपो दर में 0.4 प्रतिशत की वृद्धि करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा अन्य दरों को पूर्व के स्तर पर यथावत रखा गया है। आरबीआई ने प्रमुख मौद्रिक नीतिगत दर रेपो रेट को चार प्रतिशत, मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (एमएसएफ) 4.25 प्रतिशत और बैंक दर को 4.25 प्रतिशत पर यथावत रखा है।</p>
<p>गर्वनर ने कहा कि आरबीआई के लिए कोरोना महामारी के दौरान लंबे समय से आपूर्ति का बाधित होना चिंताजनक रहा है। इसने वित्तीय बाजारों को झकझोर कर रख दिया है। रिवर्स रेपो दर को 40 आधार अंक बढ़ाकर 3.75 फीसदी कर दिया गया है। आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष में खुदरा महंगाई अनुमान की मौद्रिक नीति समीक्षा के 4.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.7 प्रतिशत और विकास दर अनुमान 7.8 प्रतिशत से घटाकर 7.2 प्रतिशत कर दिया है।<br />दास ने कहा कि खाद्य तेल की कीमतें निकट अवधि में ऊंची रहने की संभावना है। कच्चे तेल में तेजी महंगाई के बढऩे का एक प्रमुख कारक रही है। आरबीआई ने वित्त वर्ष में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा महंगाई दर के 5.7 प्रतिशत पर रहने का अनुमान व्यक्त किया है। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/business/rbi-increased-in-repo-rate/article-7611</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/business/rbi-increased-in-repo-rate/article-7611</guid>
                <pubDate>Fri, 08 Apr 2022 14:46:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-04/4654645645.jpg"                         length="140940"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        