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                <title>sellers - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>एमेज़ॉन पर 1000 रुपये से कम मूल्य के प्रोडक्ट्स पर जीरो रेफरल फीस से जयपुर के सैलर्स को मिली रफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर अब एमेज़ॉन का प्रमुख लॉजिस्टिक्स केंद्र है, जहाँ 1.47 लाख सैलर्स सक्रिय हैं। कंपनी ने जीरो रेफरल फीस का दायरा बढ़ाकर 12.5 करोड़ प्रोडक्ट्स तक कर दिया है, जिससे राजस्थान के व्यापारियों को बड़ी बचत हो रही है। एआई-पॉवर्ड टूल्स और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से सैलर्स अपने व्यापार को वैश्विक पहचान दिला रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-sellers-get-a-boost-due-to-zero-referral-fee/article-151554"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)15.png" alt=""></a><br /><p> जयपुर। जयपुर राजस्थान में एमेज़ॉन के लिए मुख्य लॉजिस्टिक्स केंद्र के रूप में उभरा, जहाँ कंपनी 2 फुलफिलमेंट सेंटर चलाती है। राज्य से 1,47,000 सैलर एमेज़ॉन.इन पर बिक्री कर रहे हैं, जबकि नए सैलर के रजिस्ट्रेशन में 77 प्रतिशत सालाना की जबरदस्त वृद्धि दर्ज हो रही है। सैलर्स को सपोर्ट करने के लिए एमेज़ॉन ने अपने जीरो रेफरल फीस कवरेज को साल 2025 में 1.2 करोड़ प्रोडक्ट्स से बढ़ाकर 12.5 करोड़ से अधिक प्रोडक्ट्स तक कर दिया है।</p>
<p>रिवाइज़्ड फी स्ट्रक्चर के शुरुआती प्रभाव के बारे में एमेज़ॉन इंडिया के सीनियर मैनेजर, प्रोडक्ट मैनेजमेंट, समीर ललवानी ने कहा कि फीस रिवीज़न को राजस्थान के सैलर्स से बेहतरीन प्रतिक्रिया मिली है। कई सैलर्स अपनी लिस्टिंग का विस्तार कर रहे हैं और इस बचत का उपयोग अपना बिज़नेस बढ़ाने के लिए कर रहे हैं। पहले पड़े बी.आई.एस के छापे के बाद उठे कंप्लायंस के सवालों पर उन्होंने कहा कि एमेज़ॉन के सैलर्स को सभी लागू कानूनों और प्लेटफॉर्म की नीतियों का पालन करना होता है। अगर कोई प्रोडक्ट अनुपालन नहीं कर रहा है, तो उसकी सूचना मिलते ही उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है, और उसे हटा दिया जाता है। उन्होंने बताया कि एमेज़ॉन इंडिया एस.एम.ई फोरम के साथ भी काम करता है, ताकि वेबिनार एवं अन्य पहलों द्वारा सैलर्स के बीच कंप्लायंस की जागरूकता बढ़ाई जा सके। </p>
<p>इसके अलावा, समीर ने यह भी बताया,‘‘फीस रिवीज़न के दो हफ्तों में ही राजस्थान के सैलर्स ने जबरदस्त तेजी प्रदर्शित की है। जयपुर, उदयपुर और जोधपुर जैसे शहरों के सैलर्स अपनी प्रोडक्ट लिस्टिंग का विस्तार कर रहे हैं और इस बचत का उपयोग अपना बिज़नेस बढ़ाने के लिए कर रहे हैं। फीस में कमी करने के अलावा हम ऑनबोर्डिंग को सरल बनाकर तथा कम लागत संरचना और टूल्स की मदद से दीर्घकालिक सस्टेनेबल विकास संभव बनाना चाहते हैं। हमारे टूल्स सैलर्स को बिज़नेस के स्मार्ट निर्णय लेने में मदद करते हैं। हम उन्हें ए.आई पॉवर्ड जानकारी प्रदान करते हैं ताकि वो नए अवसरों को पहचान सकें। साथ ही, डिमांड जनरेशन प्रोग्राम द्वारा हम उन्हें अपने बिज़नेस का विस्तार करने में समर्थ बनाते हैं। हम राजस्थान के सैलर्स को एक मजबूत और प्रतिस्पर्धी बिज़नेस स्थापित करने में सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’</p>
<p>एमेज़ॉन.इन के सैलर और पोलस्टार ईटेल के मालिक, प्रतीक गुप्ता, ने कहा कि, ‘‘हम पिछले 5 सालों से एमेज़ॉन पर मेन्स कैज़्युअल, फॉर्मल और एथनिक वियर पेश करते हैं। हाल ही में रेफरल फीस हटा लिए जाने के फैसले तथा सैलर को लगातार दी जाने वाली सपोर्ट ने हमारे विकास में काफी मदद की, हमें ज्यादा ग्राहकों तक पहुँचाया, जिससे हम अपने पोर्टफोलियो का विस्तार करके ग्राहक अनुभव में सुधार ला सके। हम पिछले 2 सालों से लगातार 60 प्रतिशत सालाना की दर से विकास कर रहे हैं। अब हमें आशा है कि हम और बेहतर क्वालिटी, किफायती सलेक्शन, शानदार कैटालोग, तेज डिलीवरी और बेहतरीन ऑफरों के साथ ज्यादा तेजी से विकास कर सकेंगे। इससे हमें तेजी से विकास करने और सस्टेनेबल एवं प्रतिस्पर्धी बिज़नेस स्थापित करने में मदद मिलेगी।’’</p>
<p>एमेज़ॉन ऑनबोर्डिंग से लेकर विस्तार तक हर चरण को आसान बनाकर सैलर्स को अपनी बचत का उपयोग विकास के लिए करने में समर्थ बना रहा है। सैलर्स बेहतर मूल्य रखकर इस बचत का लाभ ग्राहकों को दे सकते हैं, जिससे मांग बढ़ेगी। ऑटोमेट प्राईसिंग जैसे टूल्स तथा डिमांड-जनरेशन लीवर, जैसे डील, कूपन और बाय 2 गेट 1 कन्वर्ज़न बढ़ाएंगे। साथ ही, सैलर असिस्टैंट जैसे टूल्स द्वारा बचत को फिर से विकास में लगाया जा सकता है और एमेज़ॉन के जेनएआई पॉवर्ड कोपायलट से प्राईसिंग, लिस्टिंग, एड, फुलफिलमेंट और कंप्लायंस का मार्गदर्शन हाथों-हाथ प्राप्त किया जा सकता है। एआई पॉवर्ड लिस्टिंग टूल बहुत तेजी से कंटेंट निर्माण संभव बनाते हैं। प्रोडक्ट अपॉर्च्युनिटी एक्सप्लोरर ग्राहकों की वास्तविक जानकारी के आधार पर उच्च क्षमता वाले प्रोडक्ट की पहचान करता है। एमेज़ॉन एड्स एडैप्टिव कैम्पेन और प्रीपेड वॉलेट्स से लेकर टीवी स्ट्रीमिंग तक आसान, एआई पॉवर्ड और स्केलेबल एडवरटाईज़िंग सॉल्यूशन पेश करता है, वहीं क्रिएटिव ऑटोमेशन सभी साईज़ के व्यवसायों को ग्राहकों तक पहुँचने, प्रभाव का आकलन करने तथा आत्मविश्वास के साथ विकास करने में समर्थ बनाता है।</p>
<p>इसके अलावा सैलर्स को प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए सैलर यूनिवर्सिटी, सैलर कनेक्ट और न्यू सैलर लर्निंग पाथ जैसे संरचनाबद्ध प्रोग्राम हैं, तथा मेगा सलेक्शन सैलर रिवार्ड प्रोग्राम जैसे अभियान सैलर्स को स्थानीय बाजारों से आगे बढ़कर पूरे भारत के ग्राहकों तक पहुँचने में मदद करते हैं। इन्फ्रास्ट्रक्चर में एमेज़ॉन के निवेश ने पूरे भारत के ग्राहकों तक तेज और विश्वसनीय डिलीवरी संभव बना दी है। पिछले सालों में एमेज़ॉन ने राजस्थान में एक मजबूत फुलफिलमेंट और डिलीवरी इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाने में निवेश किया है। आज एमेज़ॉन के पास राज्य में 2 फुलफिलमेंट सेंटर और 1 सॉर्टेशन सेंटर हैं। साथ ही, लगभग 106 एमेज़ॉन-ओन्ड और पार्टनर डिलीवरी स्टेशन तथा लगभग 474 हब डिलीवरी पार्टनर हैं (जिन्हें पहले ‘आई हैव स्पेस’ स्टोर कहते थे)। भारत में एमेज़ॉन.इन से जुड़ने वाले नए सैलर्स में 50 प्रतिशत की सालाना वृद्धि तथा राजस्थान में दर्ज हो रही तेजी के साथ एमेज़ॉन पर सैलर्स की संख्या लगातार बढ़ रही है। एमेज़ान सैलर्स को अपना सलेक्शन बढ़ाने, मूल्यों को प्रतिस्पर्धी बनाने और डिजिटल अर्थव्यवस्था में ज्यादा प्रभावी तरीके से विस्तार करने में समर्थ बना रहा है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 10:07:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title> असर खबर का - खटखड़ एवं नीम का खेड़ा क्षेत्र में उर्वरक विक्रेताओं के लाईसेंस निलंबित</title>
                                    <description><![CDATA[सात दिनों में स्पष्टीकरण देने के आदेश दिए गए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/-impact-of-the-news--fertilizer-sellers--licenses-suspended-in-khatkhad-and-neem-ka-kheda-area/article-122701"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1n1e1ws.png" alt=""></a><br /><p>नमाना रोड़। दैनिक नवज्योति ने 27 जुलाई और 4 अगस्त के अंक में प्रकाशित खबर को प्रमुखता से लेते हुए खबर का हुआ है। तीन उर्वरक डीलरो के लाइसेंस निलंबित किए और सभी डीलरो को उर्वरक विक्रय करने से पहले स्थानीय कृषि विभाग को दें तथा विभागीय अधिकारियों की निगरानी में ही विक्रय करें। जिले में उर्वरक निरीक्षकों द्वारा आदान विक्रेताओं के निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताओं के चलते दो प्रतिष्ठानों के उर्वरक लाइसेंस 14 दिनों के लिए निलंबित किए गए है, जबकि तीन विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।   संयुक्त निदेशक कृषि (विकास) कौशल कुमार सोमानी ने बताया कि मैसर्स अम्बिका एंटरप्राइजेज, खटखड़ एवं श्री बालाजी कृषि सेवा केंद्र, नीम का खेड़ा का एक अगस्त को निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में अम्बिका एंटरप्राइजेज में स्टॉक रजिस्टर एवं गोदाम में उपलब्ध उर्वरकों के स्टॉक में भिन्नता, विक्रय की सूचना अधिसूचित प्राधिकरण को प्रेषित नहीं करना, और स्टॉक एवं मूल्य सूची का प्रदर्शन न करना जैसी गम्भीर कमियां पाई गईं। ये सभी "उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985" के तहत स्पष्ट उल्लंघन हैं। इन्हीं खामियों के आधार पर अम्बिका एंटरप्राइजेज का उर्वरक लाइसेंस 14 दिवस के लिए निलंबित किया गया है।  इसी प्रकार, श्री बालाजी कृषि सेवा केंद्र, नीम का खेड़ा में भी स्टॉक अनियमितता, किसानों को बिल जारी न करना, प्वाइंट आॅफ सेल मशीन का संचालन बंद होना, विक्रय की सूचना नियमित रूप से न भेजना व स्टॉक,मूल्य सूची का प्रदर्शन न करना, जैसी गंभीर कमियाँ सामने आईं। इसे कालाबाजारी का प्रथम दृष्टया मामला मानते हुए फर्म का लाइसेंस भी 14 दिवस के लिए निलंबित किया गया है। उन्होंने बताया कि दोनों फर्मों को सात दिनों में स्पष्टीकरण देने के आदेश दिए गए हैं, अन्यथा लाइसेंस निरस्त करने की कार्यवाही होगी।</p>
<p><strong>मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार किसान करें यूरिया का प्रयोग</strong><br /> संयुक्त निदेशक ने बताया कि सभी आदान विक्रेताओं को सावचेत किया है कि उर्वरक की प्राप्ति की सूचना स्थानीय कृषि विभाग को दें तथा विभागीय अधिकारियों की निगरानी में ही विक्रय करें। किसानों को सलाह दी गई है कि वे उर्वरकों का उपयोग केवल विभागीय सिफारिशों अथवा मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार ही करें, ताकि उपज और मृदा स्वास्थ्य में सुधार हो सकें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 05 Aug 2025 15:25:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>अतिक्रमण के मकड़जाल में फंसा मंडी परिसर</title>
                                    <description><![CDATA[शहर के धानमंडी क्षेत्र स्थित थोक फल-सब्जी मंडी परिसर अतिक्रमण की चपेट में आ रहा है। मंडी परिसर के चारों तरफ फल-सब्जी विक्रेताओं ने अपना डेरा जमा रखा है। इससे फल-सब्जी से भरे वाहनों को आवागमन में काफी दिक्कत होती है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/mandi-complex-trapped-in-the-web-of-encroachment/article-10492"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/atikraman-ke-jaal-mei-mandi-parisar-kota-news-26.5.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । शहर के धानमंडी क्षेत्र स्थित थोक फल-सब्जी मंडी परिसर अतिक्रमण की चपेट में आ रहा है। मंडी परिसर के चारों तरफ फल-सब्जी विक्रेताओं ने अपना डेरा जमा रखा है। इससे फल-सब्जी से भरे वाहनों को आवागमन में काफी दिक्कत होती है। सुबह के समय तो यहां पर कई बार जाम तक लग जाता है। कृषि उपजमंडी समिति (फल-सब्जी) परिसर में फल-सब्जी का कारोबार होता है। धानमंडी क्षेत्र में स्थित यह परिसर चारों तरफ अतिक्रमण से घिरा हुआ है। मंडी परिसर के बाहर फल-सब्जी के ठेले लगे रहते हैं। जिससे यहां पर आवागमन बाधित होता रहता है। वहीं परिसर के बाहर सड़क पर सब्जी के विक्रेता अपना सामान फैला कर बैठे रहते हैं। इस कारण सुबह के समय तो ट्रक व अन्य वाहन तो आसानी से निकल ही नहीं पाते हैं। दुपहिया वाहन सवारों को भी निकलने के लिए यहां पर काफी मशक्कत करनी पड़ती है। <br /><br /><strong>हर दिन लड़ाई-झगडे की नौबत आ जाती है</strong><br />मंडी समिति के सुरक्षा गार्डों ने बताया कि सुबह के समय फल-सब्जी लेकर आने वाले ट्रक व अन्य लोडिंग वाहन अतिक्रमण के कारण मंडी के बाहर ही अटक जाते हैं। स्थानीन फल-सब्जी विक्रेता अपने ठेलों को सड़क पर बेतरतीब ढंग से खड़ा कर देते हैं। इससे बड़े वाहन नहीं निकल पाते हैं। जब विक्रेताओं को ठेले हटाने के लिए कहते हैं तो वह लड़ाई-झगड़ा करने पर उतारू हो जाते हैं। बड़े विवाद से बचने के लिए विक्रेताओं से समझाइश कर फल-सब्जी के वाहनों को मंडी परिसर में पहुंचाया जाता है। <br /><br /><strong>  शौचालय क्षतिग्रस्त</strong><br />फल-सब्जी मंडी परिसर में भी अव्यवस्था की स्थिति नजर आती है। परिसर में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे रहते हैं, जो हवा के कारण परिसर में फैल जाते हैं। इससे स्थानीय कारोबारियों को परेशानी होती है। परिसर में दो शौचालय है, जिसमें से एक क्षतिग्रस्त हो रहा है।<br /><br /><strong>जाम की समस्या हुई आम</strong><br />हाड़ौती के विभिन्न क्षेत्रों से सुबह के समय काफी मात्रा में ट्रकों व लोडिंग वाहनों में फल-सब्जी बिकने के लिए मंडी परिसर में आती है। इसी दौरान मंडी परिसर के बाहर स्थानीय फल-सब्जी के विक्रेता अपना डेरा जमा लेते हैं। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले फल-सब्जी से भरे वाहन आसानी से मंडी में प्रवेश नहीं कर पाते हैं। स्थानीय फल-सब्जी विक्रेता मंडी परिसर के सभी गेटों पर अतिक्रमण कर लेते हैं, जिससे फल-सब्जी से भरे बड़े वाहन बाहर ही फंस जाते हैं। इससे जाम लग जाता है। मंडी समिति के कर्मचारी मौके पर पहुंचकर बड़े वाहनों को मंडी परिसर में प्रवेश करवाते हैं। इस दौरान जाम लगने से अन्य वाहन सवारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।<br /><br />फल-सब्जी मंडी परिसर चारों तरफ से अतिक्रमण से घिरा हुआ है। परिसर के प्रवेश द्वारों पर फल-सब्जी के ठेले खड़े होने से रोजाना जाम लगा रहता है। इन ठेले वालों को हटाने के लिए नगर निगम को लिखा जा चुका है। कई बार ज्यादा देर तक जाम लगने पर पुलिस को मदद के लिए बुलाना पड़ता है। मंडी परिसर में रोजाना कचरे की सफाई करवाई जाती है।<br /><strong>-हेमलता मीणा, सचिव कृषि उपजमंडी समिति (फल-सब्जी)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 May 2022 15:09:50 +0530</pubDate>
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