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                <title>greenfield airport - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>greenfield airport RSS Feed</description>
                
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                <title>रनवे के काम में तेजी, लेकिन फेज दो में सिटी साइड का काम अब तक शुरू भी नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट : शिलान्यास के डेढ़ माह बाद भी शुरू नहीं हुआ फेज दो का निर्माण कार्य।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/runway-work-accelerates--but-phase-ii--city-side--construction-has-not-even-started-yet/article-152074"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)-(1)57.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का शिलान्यास हुए डेढ़ माह से अधिक हो गया लेकिन इसके फेज दो सिटी साइट का काम शुरू नहीं हो पाया है। निर्माण कम्पनी को 18 माह में यह काम पूरा करना है। दिसम्बर 2027 में इस एयरपोर्ट से उड़ान भरने का दावा किया जा रहा है।<br />शम्भूपुरा में 440.646 हैक्टेयर भूमि में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण किया जाना है। यह काम दो फेज में होना है। पहले फेज में रनवे साइट का और दूसरे में सिटी साइट यानि बिल्डिंग व पार्किंग का निर्माण किया जाना है। रनवे का काम नवम्बर 2025 में शुरू कर दिया गया है।<br />फेज एक में रनवे साइट पर बीच में आ रहे पावर ग्रिड के एक टावर को ही शिफ्ट किया जा सका है। एयरपोर्ट की भूमि से करीब 88 टावर शिफ्ट किए जाने हैं। इसकी प्रक्रिया चल रही है। जहां टावर शिफ्ट किए जाने हैं उस जगह की क्लीयरेंस मिल चुकी है। टावर शिफ्टिंग के लिए अधिग्रहित की गई जमीन का मुआवजा देने का काम भी केडीए की ओर से किया जा रहा है। कई लोगों को तो मुआवजा राशि के चैक शिविर के माध्यम से दिए भी जा चुके हैं।</p>
<p><strong>फेज दो का टेंडर हुआ फाइनल</strong><br />एयरपोर्ट अथोरिटी आॅफ इंडिया की ओर से 1507 करोड़ की लागत से एयरपोर्ट का निर्माण किया जाना है। इसके लिए फेज एक का काम तो करीब 283 करोड़ की लागत से चल रहा है। वहीं फेज दो का टेंडर तो लगभग फाइनल हो गया है। करीब 393 करोड़ से इस काम को दिल्ली की आहलूवालिया कांट्रक्ट प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी को करना है।</p>
<p><strong>मौके पर स्थापित हुई लैब</strong><br />एयरपोर्ट निर्माण के लिए उपयोग में होने वाली सामग्री की जांच के लिए निर्माण स्थल पर ही कम्पनी ने प्रयोगशाला स्थापित की है।अब निर्माण सामग्री की जांच के लिए हाल ही में करीब 800 करोड़ रुपए में थर्ड पार्टी क्वालिटी एश्योरेंस किया गया है। यह काम आरटीयू को दिया गया है। यहां की टीम को इस काम को 20 माह में पूरा करना है।</p>
<p><strong>पानी की लाइन का काम भी शुरू नहीं</strong><br />एयरपोर्ट तक पानी पहुंचाने का काम जलदाय विभाग को करना है। इसके लिए सकतपुरा स्थित मिनी अकेलगढ़ से एयरपोर्ट तक करीब 21 कि.मी. लम्बी पाइप लाइन बिछानी है। इसके लिए एएआई और जलदाय विभाग के बीच करीब 17.46 करोड़ रुपए का एमओयू हुआ है। करीब 6 माह पहले 30 अक्टूबर 2025 को एमओयू होने के बाद भी अभी तक इसका काम भी शुरू नहीं हो सका है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का शिलान्यास हो गया है। इसके पहले फेज में रनवे का काम तेजी से किया जा रहा है। इसके सबग्रेड का काम चल रहा है। बरसात के बाद इसके ऊपरी हिस्से का काम शुरू किया जाएगा। वहीं फेज दो का टेंडर तो हो गया है। निर्माण कम्पनी ने मौके पर अपना आॅफिस व लैब समेत अन्य सिस्टम स्थापित करना शुरू कर दिया है। सॉयल टेस्टिंग का काम किया जा रहा है। फेज दो का काम भी शीघ्र ही शुरू हो जाएगा। प्रयास है कि समय पर इस काम को पूरा किया जा सके।<br /><strong>- सुनील प्रसाद, जीएम प्रोजेक्ट, कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 14:59:29 +0530</pubDate>
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                <title>टेंडर का फेर, काम शुरु होने में हो रही देर </title>
                                    <description><![CDATA[ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का जुलाई में प्रस्तावित था निर्माण कार्य शुरु होना ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/due-to-the-issue-of-tenders--work-is-getting-delayed/article-119092"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/rtroer-(2)2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । शम्भूपुरा में बनने वाले ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण कार्य  जुलाई  में शुरु होना प्रस्तावित था। लेकिन अभी तक तो इसकी टेंडर प्रक्रिया ही पूरी नहीं हुई है। टेंडर के फेर में निर्माण कार्य शुरु होने में भी देरी हो रही है। करीब 1507 करोड़ की लागत से बनने वाले एयरपोर्ट के फेज एक में रनवे निर्माण का टेंडर  तो 6 फरवरी को ही जारी हो गया था। 467.67 करोड़ की लागत से होने वाले रनवे निर्माण के लिए निर्धारित अवधि तक आॅनलाइन टेंडर में 32 बड़ी कम्पनियों ने भाग लिया है। करीब एक महीना पहले 30 मई को रनवे साइट के टेंडर की तकनीकी बिड़ खोली जा चुकी है। लेकिन इतनी अधिक कम्पनियों के आने से एयरपोर्ट अथोरिटी आॅफ इंडिया के दिल्ली स्थित मुख्यालय में उन कम्पनियों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है। दस्तावेजों की जांच और संवेदक कम्पनियों द्वारा टेंडर से संबंधित जानकारियों को अपलोड करने में ही इतना अधिक समय लग रहा है कि इसकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद वित्तीय बिड़ खुलेगी। उसमें भी समय लगेगा। उसके बाद उसमें वित्तीय स्वीकृति ली जाएगी। जिसमें भी समय लगेगा। ऐसे में जुलाई में एयरपोर्ट का निर्माण कार्य शुरु हो पाना मुश्किल है। </p>
<p><strong>440.646 हैक्टेयर में होगा निर्माण</strong><br />ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट से संबंधित अधिकतर औपचारिकताएं पूरी कर ली गई है। जमीन के डायवर्जन से लेकर राशि जमा करवाने तक का काम किया जा चुका है। 440.646 हैक्टेयर में एयरपोर्ट का निर्माण किया जाना है। इसमें  रनवे(हवाई पट्टी) 32 सौ मीटर लम्बी व 45 मीटर चौड़ी होगी। एयरपोर्ट पर एक साथ 7 बड़े विमानों की पार्किंग की जा सकेगी। </p>
<p><strong>निर्माण साइट का भी होना है टेंडर</strong><br />एयरपोर्ट का निर्माण कार्य दो फेज में होना है। एक रनवे साइट का और दूसरा बिल्डिंग साइट का। हालत यह है कि अभी तक तो बिल्डिंग साइट का टेंडर ही जारी नहीं हुआ है। करीब 600 करोड़ से अधिक की लागत के इस टेंडर के जारी होने के बाद उसकी प्रक्रिया पूरी होने में भी कम से कम दो से ढाई महीने का समय लगना संभव है। सूत्रों के अनुसार बिल्डिंग साइट के टेंडर जारी करने में देरी होना इसके डिजाइन  बनाने में समय लगना बताया जा रहा है। </p>
<p><strong>मई में शुरु होकर दिसम्बर 27 में पूरा होना है काम</strong><br />एएआई द्वारा पूर्व में जारी शेड्यूल के अनुसार ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट का निर्माण कार्य इस साल मई में शुरु होना था।  इसके पूरा होने का समय दिसम्बर 2027 निर्धारित की गई है। लेकिन टेंडर में देरी होने पर बाद में निर्माण शुरु होने का समय जुलाई तक बढ़ा दिया था। जिस तरह से टेंडर प्रक्रिया चल रही है। उससे संभावना है कि जुलाई में भी काम शुरू होना मुश्किल है।  हालांकि सूत्रों के अनुसार एक बार काम शुरु होने के बाद उसे तीव्र गति से किया जाएगा। जिससे निर्माण कार्य समय पर ही पूरा किया जा सकेगा। </p>
<p>ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट के रनवे टेंडर की तकनीकी बिड़ खुलने के बाद उसमें भागीदार कम्पनियों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है। उसमें समय लगने से वित्तीय बिड़ नहीं खुली है। बिल्डिंग साइट का टेंडर अभी तक जारी नहीं हुआ है। वैसे एयरपोर्ट से संबंधित पूरे काम की मॉनिटरिंग एएआई मुख्यालय द्वारा की जा रही है। <br /><strong>-पारसराम मीणा, निदेशक कोटा एयरपोर्ट </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 01 Jul 2025 15:47:12 +0530</pubDate>
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                <title>ढाई साल में काम पूरा होते ही नियमित विमान सेवा का मिलेगा कोटा को लाभ</title>
                                    <description><![CDATA[जून में शुरु हो जाएगा कोटा के ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का काम]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-will-get-the-benefit-of-regular-flight-services-once-the-work-is-completed-in-two-and-a-half-years/article-111337"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/news-(2)22.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा के शम्भूपुरा में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण कार्य अगले महीने मई में शुरु हो जाएगा। इसके बाद इसका कार्य ढाई साल में पूरा होने पर यहां से नियमित विमान सेवाओं का लाभ कोटा ही नहीं देश वासियों को मिलने लगेगा। यह कहना है कोटा-बूंदी से सांसद और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का। अपने तीन दिवसीय संसदीय क्षेत्र के दौरे पर कोटा आए लोकसभा अध्यक्ष से नवज्योति ने शुक्रवार को कैम्प कार्यालय में एयरपोर्ट के संबंध में विशेष बातचीत की।  झालावाड़ में पंडित दीनदयाल उपाध्याय एयरपोर्ट बनकर तैयार होने व उसकी पहली उड़ान झालावाड़ से दिल्ली के लिए 12 अप्रैल को शुरु भी हो गई है। पृूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे व सांसद दुष्यंत सिंह ने झालावाड़ से दिल्ली  के लिए पहली उड़ान भी भरी। ऐसे में कोटा के  ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट के शुरु होने के बाद में जब लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से बात की तो इस उन्होंने यह जानकारी दी। </p>
<p><strong>- सवाल-कोटा में नए एयरपोर्ट का काम कब तक शुरु हो जाएगा।</strong><br />बिरला-एयरपोर्ट से संबंधित सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई है। टेंडर प्रक्रिया चल रही है। अगले महीने मई में इसका निर्माण कार्य शुरु हो जाएगा। <br /><strong>-   सवाल-एयरपोर्ट कब तक बनकर तैयार होने का अनुमान है।</strong><br />बिरला-कोटा का ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की नियमित उड़ानों को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है। इसका निर्माण कार्य शुरु होने के बाद करीब दो से ढाई साल का समय लगेगा। प्रयास है कि दिसम्बर 2027 तक नए एयरपोर्ट से नियमित विमान सेवा शुरु कर दी जाए। <br /><strong>-  सवाल-झालावाड़  जिले में एयरपोर्ट बनकर तैयार हो गया और विमान सेवा भी शुरु हो गई। लेकिन संभाग मुख्यालय होने से कोटा में अभी तक एयरपोर्ट नहीं बना।</strong><br />बिरला-झालावाड़ में एयरपोर्ट निर्माण का कार्य पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के पहले कार्यकाल में शुरु हो गया था। उसका काम चल भी रहा था। इसलिए वहां का एयरपोर्ट बनकर तैयार हो गया है। जबकि कोटा में अभी निर्माण कार्य शुरु होना है। काम शुरु होने के बाद उसे तैयार होने में समय तो लगेगा। झालावाड़ की तुलना में कोटा से अधिक विमान और अधिक स्थानों के लिए विमान शुरु होंगे।  राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की नियमित उड़ाने भी यहां शुुरू होंगी।  <br /><strong>-  सवाल-कोटा में हवाई सेवा शुरु होने से कितना लाभ होगा। </strong><br />बिरला-कोटा में एयरपोर्ट की मांग व आवश्यकता काफी समय से है। किसी भी शहर के विकास के लिए वहां हवाई अड्डे का होना बहुत जरूरी है। कोटा में सड़क व रेल कनेक्टिविटी तो बेहतर है। दिल्ी से मुम्बई सीधी रेल सेवा व एक्सप्रेस वे बनने से रोड कनेक्टिविेटी भी और बेहतर हो  जाएगी। यहां नियमित एयर कनेक्टिविटी नहीं थी। इसके लिए लम्बे समय से प्रयास किए जा रहे थे। प्रधानमंत्री ने भी कोटा में एयरपोर्ट की घोषणा की थी। इसके बनने से कोचिंग आने वाले बच्चों के परिजनों के अलावा उद्योग जगत से जुड़े लोगों को और कोटा से दिल्ली व अन्य स्थानों पर जाने वाले लोगों को भी इसका लाभ होगा। <br /><strong>-   सवाल-कोटा में एयरपोर्ट बनने में इतना समय क्यों लगा</strong><br />बिरला-कोटा में एयरपोर्ट के प्रयास तो लम्बे समय से किए जा रहे है। पिछली सरकार के समय में कई कामों में देरी की गई। अब केन्द्र व राज्य में डबल इंजन की सरकार बनी है। सरकार बनते ही जो भी बाधाएं थी उन्हें तुरंत दूर कराया। वन भूमि के डायवर्जन से लेकर राशि जमा करवाने तक का काम पूरा किया। डीपीआर तैयार कर टेंडर प्रक्रिया भी शुरु की गई। एयरपोर्ट का प्रोजेक्ट बड़ा है। इसलिए समय लगा लेकिन अब जल्दी ही कोटा वासियों को इसकी सौगात मिल जाएगा। </p>
<p><strong>यह है एयरपोर्ट की स्थिति</strong><br />ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट कोटा शहर से 15 कि.मी. और बूंदी से करीब 20 कि.मी. दूर शम्भूपृुरा में बननेगा। एयरपोर्ट का निर्माण 440.646 हैक्टेयर भूमि में किया जाना है। एयरपोर्ट निर्माण  पर करीब 1507 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसका निर्माण दो चरणों में होगा। पहले फेज में एयर साइड रनवे का और दूसरे फेज में बिल्डिंग साइड का निर्माण शुरु होगा। रनवे साइड का निर्माण 467.67 करोड़ की लागत से और बिल्डिंग साइड का निर्माण करीब 600 करोड़ की लागत से होना है।  एयरपोर्ट अथोरिटी आॅफ इंडिया के अधिकारियों के अनुसार ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का रनवे 32 सौ मीटर लम्बा व 45 मीटर चौड़ा होगा। जिससे यहां एक साथ 7 विमानों की पार्किंग की जा सकेगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 19 Apr 2025 18:33:20 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का -  ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के पहले फेज का एएआई ने जारी किया 467.67 करोड़ का टेंडर</title>
                                    <description><![CDATA[केन्द्रीय उड्डयन मंत्री नायडू ने लोकसभा अध्यक्ष बिरला को दी जानकारी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---aai-issued-a-tender-of-rs-467-67-crore-for-the-first-phase-of-greenfield-airport/article-103441"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/257rtrer-(2)13.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा के शम्भूपुरा में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट निर्माण का काम एक कदम और आगे बढ़ गया है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) ने गुरुवार को एयरपोर्ट के एयर साइड निर्माण का 467.67 करोड़ का टेंडर जारी कर दिया है। केंद्रीय उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने गुरुवार को दिन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के संसद भवन स्थित कार्यालय में उनसे मुलाकात की। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष बिरला को एयरपोर्ट को लेकर चल रही प्रक्रियाओं की जानकारी दी।  इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने उन्हें शीघ्र टेंडर जारी कराने को कहा। जिसके बाद शाम होते-होते एएआई ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी। शाम तक फेज एक में एयर साइड निर्माण का 467.67 करोड़ का टेंडर जारी कर दिया गया। इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष के ओएसडी राजीव दत्ता व एयरपोर्ट अथॉरिटी के शरद कुमार भी मौजूद रहे।  </p>
<p><strong>फेज दो का टेंडर भी जल्दी होगा :</strong></p>
<p>निर्माण के लिए फेज दो का भी टेंडर किया जाना है। कोटा हवाई अड्डे के निदेशक  तुलसीराम मीणा ने बताया कि फेज एक का टेंडर होने के बाद अब फेज दो सिटी साइड का टेंडर होना है। इसके भी 15 फरवरी तक होने की संभावना है। जिससे एक साथ दोनों निर्माण कार्य शुरु हो सकेंगे। यह करीब 600 करोड़ का टेंडर होगा। </p>
<p><strong>रनवे समेत अन्य महत्वपूर्ण कामों का होगा निर्माण : </strong></p>
<p>एएआई द्वारा जारी टेंडर के अनुसार पहले फेज में करीब 467.67 करोड़ की लागत से एयरपोर्ट का निर्माण कार्य होगा। इसमें  रनवे सहित एयर साइड से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे। टेंडर जमा करने की अंतिम तिथि 11 अप्रेल है। जबकि   17 अप्रेल को टेंडर घोषित होंगे। इसके अलावा अन्य एजेंसियों द्वारा भी सड़क और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर काम शुरू कर दिया है।</p>
<p><strong>जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य : </strong></p>
<p>उड्डयन मंत्री नायडू ने  लोकसभा अध्यक्ष बिरला को जानकारी दी कि अगले 3 महीने में टेंडर से संबंधित सभी प्रक्रियाएं पूरी कर निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।  दिसंबर 2027 तक एयरपोर्ट निर्माण पूरा कर लिया जाएगा और कोटा से विमान सेवा शुरू हो जाएगी। इसका लाभ कोटा-बूंदी क्षेत्र के लोगों के साथ-साथ पूरे हाड़ौती और पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों को मिलेगा।</p>
<p><strong>नवज्योति ने  उठाया था मुद्दा : </strong></p>
<p>गौरतलब है कि एयरपोर्ट निर्माण के टेंडर शीघ्र अपलोड होने का मामला दैनिक नव’योति ने प्रकाशित किया था। समाचार पत्र में4 फरवरी को पेज 3 पर ‘एयरपोर्ट निर्माण के दो चरणों में होने वाले टेंडर शीघ्र होंगे अपलोड शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें  पहले एयर साइड और उसके बाद फेज दो में सिटी साइड का टेंडर अपलोड करने की जानकारी दी थी।  जिसमें बताया था कि  एयरपोर्ट अथोरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारी दिन रात टेंडर डॉक्यूमेंट को अंतिम रूप देने में जुटे हुए थे। इस मामले में  लोकसभा अध्यक्ष ने उड्डयन मंत्री को टेंडर शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए। जिसके बाद एएआई ने गुरुवार को टेंडर जारी कर दिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Feb 2025 15:47:32 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट निर्माण के लिए 20 और 30 जनवरी को जारी होंगे टेंडर</title>
                                    <description><![CDATA[हाइवे से एयरपोर्ट तक की एप्रोच रोड होगी 28 फरवरी तक पूरी। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---tenders-will-be-issued-on-20-and-30-january-for-the-construction-of-greenfield-airport/article-100564"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/555434.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा के शम्भूपुरा में प्रस्तावित ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट  निर्माण के लिए इसी महीने 20 और 30 जनवरी को टेंडर जारी किए जाएंगे। जिससे उनके फाइनल होने पर मई में इसका निर्माण शुरु किया जा सकेगा। यह जानकारी भारत सरकार के सिविल एविएशन विभाग सचिव की अध्यक्षता में हुई साप्ताहिक समीक्षा बैठक में दी गई। ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट  निर्माण को गति देने के  लिए केन्द्र व रा’य सरकार के साथ ही एयरपोर्ट अथोरिटी ऑफ इंडिया व अन्य विभागों की हर शुक्रवार को साप्ताहिक समीक्षा बैठक की जा रही है। इस बार शुक्रवार को हुई बैठक में वीसी के माध्यम से कोटा से भी एएआई, केडीए, सिचाई और बूंदी के वन विभाग समेत अन्य विभागों के अधिकारी बैठक में जुड़े। कोटा हवाई अड्डे के निदेशक तुलसीराम मीणा ने बताया कि समीक्षा बैठक में सभी विभागों से फीडबैक लिया गया। जिसमें अभीतक के काम और आने वाले दिनों में किए जाने वाले कामों की जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट का निर्माण दो चरणों में होना है।एक ऑपरेशनल और दूसरा बिल्ड़िंग का। ऐसे में ऑपरेशनल पार्ट में रनवे का निर्माण किया जाना है। जिसका टेंडव जारी होने की तिथि पूर्व में कई बार बदली जा चुकी है। अभी तक वह 10 जनवरी तय थी। लेकिन कुछ संशोधन होने से अब उस टेंडर को जारी करने की तिथि 20 जनवरी तय की गई है। उस समय तक ऑपरेशनल पार्ट का टेंडर जारी हो जाएगा। उसके बाद बिल्डिंग निर्माण का टेंडर भी 10दिन बाद 30 जनवरी तक जारी कर दिया जाएगा। इस महीने दोनों टेंडर जारी होने के बाद उनके फाइनल स्टेज तक पहुंचने में ही दो से तीन माह का समय लगेगा। </p>
<p><strong>सम्पर्क सड़क निर्माण में चट्टानों के कारण हो रही देरी</strong><br />एयरपोर्ट निदेशक मीणा ने बताया कि बैठक मेंजानकारी दी गई कि हाइवे से एयरपोर्ट तक करीब 600मीटर की सम्पर्क सड़क का निर्माण कोटा विकास प्राधिकरण द्वारा किया जा रहा है। पूर्व में  इस सड़क का निर्माण 30 जनवरी तक पूरा होना था। लेकिन केडीए इंजीनियरों ने बताया कि जिस जगह पर सड़क बनाई जा रही है। वहां की चट्टाने काफी सख्त है। जिनकी मशीनों से खुदाई करने में समय लग रहा है। ऐसे में इस सड़क को पूरा होने में समय लगेगा। इंजीनियरों ने इस सड़क के 28 फरवरी तक पूरा होने की तिथि बताई है। इसके अलावा एयरपोर्ट से जुड़े अन्य बिन्दुओं पर भी चर्चा  हुई व जानकारी दी गई। जिसमें बताया कि डीपीआर को फाइनल स्टेज  पर पहुंचाने का काम अंतिम चरण में है।  समीक्षा बैठक में कोटा से एएआई के उप महाप्रबंधक व कोटा हवाई अड्डे के निदेशक तुलसीराम मीणा, केडीए के निदेशक अभियांत्रिक रविन्द्र माथुर, एक्सईएन, सिचाई विभाग के अधिकारी, वन विभाग बूंदी के अधिकारी समेत अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी वीसी से जुड़े। </p>
<p><strong>नवज्योति ने किया था प्रकाशित</strong><br />गौरतलब है कि दैनिक नव’योति ने 10 जनवरी कोपेज दो पर समाचार प्रकाशित किया था। ‘मई में निर्माण तो  इसी माह फाइनल करनी होगी टेंडर प्रक्रिया’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें जानकारी दी गई थी कि एयरपोर्ट का निर्माण कार्य इसी साल मई में शुरु किया जाना है। लेकिन यह तभी संभव होगा जब इनके निर्माण के दोनों चरणों के टेंडर इसी माह जारी होंगे। इसका कारण है कि टेंडर जारी होने के बाद उनके फाइनल होने व वित्त विभाग से स्वीकृति मिलने व कार्यादेश जारी होने के बाद काम शुरु होने में ढाई से तीन माह का समय लगेगा। सिविल एविएशन सचिव  की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई समीक्षा बैठक में निर्माण के टेंडर की तिथियों को फाइनल किया गया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Jan 2025 14:08:04 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>समय पर निर्माण कार्य शुरु करने के लिए इसी माह फाइनल करनी होगी टेंडर प्रक्रिया </title>
                                    <description><![CDATA[ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का दो चरणों में होगा निर्माण कार्य।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/if-the-construction-is-to-start-in-may--then-the-tender-process-will-have-to-be-finalized-this-month/article-100280"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/257rtrer-(3)8.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शम्भूपुरा में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण कार्य मई में शुरु होना है लेकिन उसके लिए अभी तक तो टेंडर ही फाइनल नहीं हुए है। दो चरणों में होने वाले निर्माण के लिए इसी माह टेंडर प्रक्रिया को पूरा करना है, तभी समय के अनुसार समय पर निर्माण कार्य शुरु हो सकेगा। शम्भूपुरा में  440.646 हैक्टेयर  भूमि पर एयरपोर्ट का निर्माण कार्य किया जाना है। जिसमें से 406 हैक्टेयर भूमि वन विभाग के अधिकार क्षेत्र की थी। जिसका कुछ समय पहले डायवर्जन हो चुका है।  वहीं 33 हैक्टेयर भूमि कोटा विकास प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र की है। ऐसे में डायवर्जन के बाद अब कुल भूमि 440.646 हैक्टेयर एयरपोर्ट अथोरिटी आॅफ  इंडिया के नाम दर्ज कर दी गई है। एएआई के नाम भूमि दर्ज होने केसाथ ही इसकी डीपीआर को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है। हालांकि इसका प्रारूप तैयार होने के बाद दिए गए सुझावों को शामिल करते हुए डीपीआर को सैद्धांतिक स्वीकृति भी दीजा चुकी है। शीघ्र ही डीपीआर को अंतिम स्वीकृति मिलने की संभावना है। वहीं एयरपोर्ट की भूमि पर दो चरणों में निर्माण कार्य किया जाना है। एक चरण में रनवे और दूसरे में बिल्डिंग एरिया का निर्माण किया जाना है। करीब 1507 करोड़ रुपए की डीपीआर से रनवे और बिल्ड़िंग का निर्माण किया जाना है। जिसके लिए पूर्व घोषित तिथि के अनुसार दिसम्बर में ही टेंडर प्रक्रिया पूरी करनी थी। लेकिन उसकी तिथि बार-बार बढ़ाई जा रही है। अब 10 जनवरी  के बाद टेंडर को फाइनल कर अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार इसी माह टेंडर फाइनल होंगे तभी टाइम लाइन के अनुसार मई में इसका निर्माण कार्य शुरु हो सकेगा। क्योंकि जनवरी में टेंडर फाइनल होने के बाद करीब डेढ़ माह तक टेंडर आमंत्रित करने का समय रहेगा। उसके बाद 15 दिन वित्त विभाग से स्वीकृति में लगेंगे। वहीं करीब एक माह का समय संवेदक फर्म को काम शुरु करने का दिया जाएगा। यह तभी संभव होगा जब जनवरी में टेंडर फाइनल होंगे। </p>
<p><strong>केन्द्र व राज्य के अधिकारियों के साथ किया निरीक्षण</strong><br />एयरपोर्ट निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया को फाइनल करने से पहले केन्द्र व रा’य सरकार के अधिकारियों की टीम ने गत दिनों कोटा में प्रस्तावित एयरपोर्ट भूमि का निरीक्षण किया था। इसमें एएआई के डिप्टी जीएम से लेकर कंसलटेंट, आर्किटेक्ट व एएआई के दिल्ली व रा’य के अधिकारियों की 5सदस्यीय टीम कोटा आई थी। टीम ने सिचाई विभाग, केडीए, वन विभाग, एएआई और जिला प्रशासन समेत अन्य सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों से इस संबंध में चर्चा की। दो दिन तक चली चर्चा व निरीक्षण के दौरान सभी विभागों में आपसी समंवय बनाकर  काम करने पर जोर दिया गया। दो दिन बाद टीम तो लौट गई। अब निर्माण के टेंडरों को अंतिम रूप दिया जाएगा।  </p>
<p><strong>काम पूरा होने में लगेगा ढाई साल का समय</strong><br />लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा दिल्ली में एयरपोर्ट अथोरिटी आॅफ इंडिया के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। जिसमें तय किया गया था कि एयरपोर्ट का काम मई 2025 में शुरु कर दिया जाएगा। जिसके पूरा होने में करीब ढाई साल का समय लगेगा। जिसके दिसम्बर 2027 तक पूरा होने की संभावना है। हालांकि निर्माण कार्य शुरु होने से पहले हाइवे से एयरपोर्ट भूमि तक एप्रोच रोड बनाने व बाहरी ड्रेनेज सिस्टम को बनाने समेत कई आवश्यक काम भी किए जाने है।  कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से सम्पर्क सड़क बनाने का काम तेजी से किया जा रहा है। करीब 600 मीटर की यह सड़क बननी है। </p>
<p><strong>32 सौ मीटर लम्बा व 45 मीटर चौड़ा होगा रनवे</strong><br />एएसआई अधिकारियों के अनुसार एयरपोर्ट का रनवे 32 सौ मीटर लम्बा और 45 मीटर चौड़ा बनाया जाएगा। जिससे एयरपोर्ट पर एक समय में7 विमानों की पार्किंग की जा सकेगी। वहीं बिल्डिंग निर्माण में सभी तरह की सुविधाओंका निर्माण किया जाना है। वहीं इसके साथ ही चार दीवारी भी बनाई जाएगी। उसका भी टेंडर किया जाना है। </p>
<p><strong>आज बैठक में होगी टेंडर प्रक्रिया पर चर्चा</strong><br />एएआई की ओर से ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट की दिन प्रति दिन की रिपोर्टिनग कीजा रही है। वहीं हर सप्ताह समीक्षा बैठक की जा रही है। जिसमें दिल्ली से लेकर रा’य सरकार और कोटा के अधिकारी भी वीसी के माध्यम से शामिल होते है। पहले यह बैठक शुक्रवार को होती थी। जिसे कुछ समय के लिए सोमवार को कर दिया था। लेकिन  वापस इसे शुक्रवार को कर दिया गया। शुक्रवार को होने वाली बैठक में रनवे व बिल्ड़िंग के होने वाले टेंडर प्रक्रिया पर चर्चा और उसकी तिथि फाइनल की जा सकती है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />एयरपोर्ट निर्माण के लिए दो चरणों में टेंडर होने है। एक रनवे का और दूसरा बिल्डिंग का। निर्माण के टेंडर फाइनल हुए या नहीं इसकी जानकारी नहीं है। शुक्रवार को वीसी से होने वाली समीक्षा बैठक में इसकी जानकारी मिल सकती है। वैसे अभी तक जो प्रक्रिया चल रही है वह टाइम लाइन केअनुसार है। इससे संभावना है कि एयरपोर्ट का निर्माण कार्य भी टाइमलाइन के अनुसार समय पर ही हो सकेगा। <br /><strong>- तुलसीराम मीणा, निदेशक कोटा हवाई अड्डा </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jan 2025 15:23:42 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>एयरपोर्ट डायरेक्टर की कोटा में नियुक्ति, निर्माण शुरू होने के तीन साल बाद तैयार होगा एयरपोर्ट  </title>
                                    <description><![CDATA[ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट की डीपीआर बनाने का काम मुख्यालय के स्तर पर किया जा रहा है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/airport-director-appointed-in-kota--airport-will-be-ready-three-years-after-construction-starts/article-91824"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/4427rtrer7.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा के शम्भूपुरा में प्रस्तावित ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट  के लिए कोटा  में  उप महाप्रबंधक स्तर के अधिकारी विमानपतन  निदेशक (एयरपोर्ट डायरेक्टर) की नियुक्ति कर दी गई है। वहीं डीपीआर बनाने का काम अंतिम चरण में है। जिसके अक्टूबर तक तैयार होने की संभावना है।  एयरपोर्ट का काम शुरू होने के बाद करीब 3 साल में इसके बनकर तैयार होने की संभावना है। कोटा से करीब 15 कि.मी. और बूंदी से 20 कि.मी. की दूरी पर शम्भूपुरा के पास ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण किया जाना है। जिसके लिए केन्द्र और राज्य सरकारों के स्तर पर प्रयासों को गति प्रदान की जा रही है। 440.646 हैक्टेयर भूमि  पर एयरपोर्ट  का निर्माण किया जाना है। जिसके लिए राज्य सरकार ने एयरपोर्ट अथोरिटी ऑफ इंडिया को नि:शुल्क जमीन उपलब्ध करवाई है। हालांकि इसमें से कोटा विकास प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र की जमीन 33.968 हैक्टेयर है। जबकि 406.678 हैक्टेयर भूमि वन विभाग की है।  वन विभाग की भूमि के डायवर्जन की सभी औपचारिकताएं तो पूरी कर दी गई है। केन्द्र सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से इसकी अनुमति मिल चुकी है और राज्य सरकार के स्तर पर डायवर्जन की राशि भी जमा करवा दी गई है। लेकिन अभी तक वन विभाग की भूमि एयरपोर्ट अथोरिटी ऑफ इंडिया को हैंडओवर नहीं की गई है। जिसकी प्रक्रिया चल रही है। जबकि केडीए की जमीन एयरपोर्ट अथोरिटी ऑफ इंडिया के नाम दर्ज कर हैंडओवर की जा चुकी है। </p>
<p><strong>डीपीआर अंतिम चरण में, डिजाइन तैयार</strong><br />ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट की डीपीआर बनाने का काम मुख्यालय के स्तर पर किया जा रहा है। पिछले काफी समय से चल रहे इस काम को अंतिम चरण में बताया जा रहा है। जिसमें डीएसआर रेट समेत कुछ जानकारियों को शामिल करते हुए फाइनल किया जाना है। डीपीआर के अक्टूबर में दूसरे व तीसरे सप्ताह तक तैयार होने की संभावना है। जबकि एयरपोर्ट का प्रस्तावित डिजाइन तैयार हो गया है। एयरपोर्ट के फ्रंट साइड का डिजाइन नवज्योति के पास है। जिसे सबसे पहले पाठकों के पास पहुंचाया जा रहा है। </p>
<p><strong>पावरग्रिड की लाइनें होनी हैं शिफ्ट</strong><br />एयरपोर्ट की प्रस्तावित जमीन व रनवे के स्थान पर पावरग्रिड के खम्बे व लाइनें है। जिन्हें शिफ्ट किया जाना है। इसके लिए रा’य सरकार के स्तर पर एमओयू तो किया जा चुका है। उन्हें शिफ्ट करने पर खर्च होने वाली राशि भी जमा करवाई जा चुकी है। लाइनें शिफ्ट होने का काम भी शीघ्र ही शुरू किया जाएगा। </p>
<p><strong>अब तक यह हो चुका काम</strong><br />ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट के लिए शम्भूपुरा में जमीन आवंटन की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। एएआई  के अधिकारियों की टीम पूर्व में जमीन को लोकेशन देख चुकी है। जमीन पर मृदा परीक्षण, ओएलएस सर्वेक्षण और टोपोनिकल सर्वे का काम भी किया जा चुका है। भूमि के डायवर्जन  व पावरग्रिड लाइनों की शिफ्टििंग से संबंधित राशि जमा करवाई जा चुकी है। केन्द्र व राज्य सरकार के स्तर पर कोटा एयरपोर्ट निर्माण को गम्भीरता से लिया जा  रहा है। प्रधानमंत्री से लेकर लोकसभा अध्यक्ष तक और मुख्यमंत्री से लेकर नागरिक उड्डयन मंत्रालय तक लगातार इसके लिए काम में जुटे हुए हैं। </p>
<p><strong>निर्माण शुरू होने के बाद तीन साल का समय</strong><br />कोटा का ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट काफी बड़ा बनेगा। डीपीआर तैयार होने के बाद इसके टेंडर की प्रक्रिया शुरु होगी। करीब एक हजार से 12 सौ करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस एयरपोर्ट निर्माण की टेंडर प्रक्रिया को पूरा होने में ही करीब डेढ़ से दो माह का समय लगेगा। उसके बाद जब एयरपोर्ट का निर्माण कार्य शुरू होगा। उसके बाद उसे पूरा करने में कम से कम तीन साल का समय लगने की संभावना है।  हालांकि किशनगढ़ में यहां से छोटा एयरपोर्ट वर्ष 2014 में बनना शुरू हुआ था उसे भी तैयार होने  में तीन साल का समय लगा था। जबकि यहां का एयरपोर्ट उससे बड़ा है। लेकिन पहले से नई तकनीक आने से बड़ा एयरपोर्ट भी तीन साल में तैयार होने की संभावना है।  <br /><strong>- तुलसीराम मीणा, विमानपतन निदेशक कोटा एयरपोर्ट </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Sep 2024 15:40:21 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>डायवर्जन की आपत्तियों को किया गया दूर </title>
                                    <description><![CDATA[कोटा में प्रस्तावित ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट निर्माण में आ रही एक और बाधा को बुधवार को दूर कर दिया गया। दिल्ली में आयोजित बैठक में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल पर डायवर्जन में आ रही आपत्तियों को दूर किया गया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/objections-to-diversion-have-been-removed/article-14384"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/q-.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा में प्रस्तावित ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट निर्माण में आ रही एक और बाधा को बुधवार को दूर कर दिया गया। दिल्ली में आयोजित बैठक में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल पर डायवर्जन में आ रही आपत्तियों को दूर किया गया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में दिल्ली में बैठक हुई जिसमें शंभूपुरा में वन भूमि के डायवर्जन को लेकर आ रही आपत्तियों पर चर्चा की गई । बैठक में चर्चा के बाद उन आपत्तियों को दूर किया गया ।<br /><br />बैठक में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने एयरपोर्ट निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए । वन भूमि का डायवर्जन  होने के बाद ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट का निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा। दिल्ली में आयोजित बैठक में वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ,एयरपोर्ट अथॉरिटी, वन विभाग और पावर ग्रिड व राज्य सरकार के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में चर्चा के बाद डायवर्जन के प्रस्ताव पर आ रही आपत्तियों को दूर किया गया । ऐसे में अब आपत्तियां दूर होने के बाद डायवर्जन की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी।<br /><br /> गौरतलब है कि कोटा के शंभूपुरा में प्रस्तावित ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट के लिए 1250 एकड़ भूमि निशुल्क दी गई है । भूमि का अधिकतर भाग वन विभाग का होने से उसका डायवर्जन नहीं हो पा रहा था । इस मामले में राज्य सरकार द्वारा केंद्र के पाले में गेंद डाली जा रही थी । इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल पर दिल्ली में बैठक आयोजित कर इस मामले का निस्तारण किया गया। गौरतलब है कि कोटा में काफी लंबे समय से एयरपोर्ट की मांग की जा रही है । एयरपोर्ट के लिए राज्य सरकार की ओर से शंभूपुरा में 1250 एकड़ भूमि आवंटित कर दी गई है लेकिन उसका निर्माण कार्य नहीं हो सका । कोटा के वर्तमान एयरपोर्ट पर अभी तक भी हवाई सेवा संचालित नहीं हो सकी है क्योंकि इसकी हवाई पट्टी केवल 4000 फीट की है । जबकि जेड श्रेणी के विमान उड़ाने के लिए 9000 फीट की हवाई पट्टी की आवश्यकता है। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि एयरपोर्ट निर्माण की जितनी भी बाधाएं हैं उन्हें शीघ्र ही दूर कर दिया जाएगा । साथ ही एयरपोर्ट अथॉरिटी ने भी डीपीआर बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 Jul 2022 17:13:13 +0530</pubDate>
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                <title>भूमि डायवर्जन ने रोकी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की राह </title>
                                    <description><![CDATA[कोटा में नए एयरपोर्ट की मांग लम्बे समय से की जा रही है। उसकी फाइल केद्र सरकार तक भी पहुंच गई है। लेकिन भूमि का डायवर्जन  नहीं होने से प्रस्तावित ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट की राह आगे नहीं बढ़ पा रही है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/land-diversion-blocked-the-way-for-greenfield-airport/article-10584"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/bhumi-dyversion-airport.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । कोटा में नए एयरपोर्ट की मांग लम्बे समय से की जा रही है। उसकी फाइल केद्र सरकार तक भी पहुंच गई है। लेकिन भूमि का डायवर्जन  नहीं होने से प्रस्तावित ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट की राह आगे नहीं बढ़ पा रही है। शैक्षणिक नगरी कोटा में जहां पूरे देशभर से विद्यार्थी मेडिकल व इंजीनियरिंग की कोचिंग के लिए  आ रहे हैं। वहीं अधिकतर लोगों को कोटा में हवाई सेवा शुरू नहीं होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कोटा से बाहर जाने के लिए भी लोगों को यहां से सीधी हवाई सेवा नहीं मिल पा रही है। कोटा वालों को पहले जयपुर, दिल्ली या मुम्बई जाना पड़ रहा है। वहां से अन्य शहरों के लिए हवाई सेवा की सुविधा मिल रही है। उसी तरह से बाहर से कोटा आने वालों को पहले जयपुर या दिल्ली जाना पड़ रहा है। वहां से रेल व सड़क मार्ग से कोटा आना पड़ रहा है। ऐसे में बाहर से कोटा आने और कोटा से बाहर जाने में समय अधिक लग रहा है। <br /><br />इस समस्या को देखते हुए कोटा में सीधी हवाई सेवा शुरू करने की मांग की जा रही है। उस मांग को देखते हुए कोटा के दोनों जनप्रतिनिधि  लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला व स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल अपने-अपने स्तर पर प्रयास भी कर रहे हैं। उसी का परिणाम है कि एयरपोर्ट की फाइल दिल्ली तक पहुंच गई है। संभागीय आयुक्त दीपक नंदी ने गत दिनों नगर विकास न्यास व एयरपोर्ट अथोरिटी आॅफ इंडिया के अधिकारियों की बैठक लेकर इस मामले का शीघ्र निस्तारण करवाने के निर्देश दिए थे। केन्द्र के पाले में मामला जाने से पहले फाइलों में ही इधर से उधर घूम रहा था। हालाकि एयरपोर्ट अथोरिटी आॅफ इंडिया की टीम दो बार कोटा में प्रस्तावित एयरपोर्ट की भूमि का तकनीकी सर्वेक्षण कर चुकी है। <br /><br /><strong>राज्य सरकार ने नि:शुल्क भूमि दी</strong><br />राज्य सरकार ने शम्भूपुरा के पास  ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट के लिए एयरपोर्ट अथोरिटी आॅफ इंडिया को करीब 500 हैक्टेयर(1250 एकड़) जमीन नि:शुल्क देने की स्वीकृति भी जारी कर दी है। उस भूमि में से नगर विकास न्यास की मात्र 33.4 हैक्टेयर भूमि है। जबकि शेष 466 हैक्टेयर भूमि वन विभाग की है। <br /><br /><strong>वन विभाग की भूमि का होना है डायवर्जन</strong><br />एयरपोर्ट के लिए सरकार ने जो जमीन दी है। उसमें से अधिक जमीन वन विभाग की है। उस जमीन का डायवर्जन होना है। डायवज़न का अधिकार केवल केन्द्र सरकार को है। वन विभाग की भूमि  का डायवर्जन करने का पत्र राज्य सरकार द्वारा दिसम्बर 2021 को भेजा जा चुका है। करीब 5 माह से यह मामला वहीं अटका हुआ है। नगर विकास न्यास के अधिकारियों का कहना है कि न्यास की भूमि तो बहुत कम है। अधिकतर भूमि वन विभाग की है। एयरपोर्ट अथोरिटी आॅफ इंडिया भी पूरी जमीन एक साथ ही लेना चाहती है। जबकि न्यास की भूमि उन्हें देने में कोई परेशानी नहीं है। वन विभाग की भूमि का डायवर्जन होने के बाद एक साथ ही पूरी भूमि एएआई को हैंडओवर की जाएग़ी। <br /><br /><strong>राज्य सरकार डायवर्जन शुल्क देने पर भी सहमत</strong><br />वन विभाग की भूमि का डायवर्जन होने पर उसका करीब 45 करोड़ रुपए शुल्क देना होगा। उस शुल्क को देने के लिए भी रा’य सरकार सहमत है। स्वायत्त  शासन मंत्री शांति धारीवाल ने गत दिनों कोटा प्रवास के दौरान एक कार्यक्रम में कहा था कि जब सरकार जमीन नि:शुल्क दे सकती है तो केन्द्र सरकार से वन विभाग की भूमि के  डायर्वजन की जितनी भी राशि की डिमांड आएगी उसे सरकार जमा करवाने को तैयार है। <br /><br /><strong>इनका कहना है</strong><br />ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट के लिए सरकार ने जमीन दे दी है। उसमें से वन विभाग की भूमि के डायवर्जन का मामला केन्द्र सरकार को भेजा हुआ है। करीब 5 माह हो गए हैं। वहां से डायवर्जन होने के बाद ही इस मामले में आगे प्रगति हो सकेगी। <br /><strong>- हरिमोहन मीना, जिला कलक्टर कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 May 2022 16:06:10 +0530</pubDate>
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