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                <title>e-mitra - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>डीएनटी पहचान प्रमाण पत्र सहायता शिविरों की तिथि 15 फरवरी तक बढ़ी, 10,764 आवेदन प्राप्त हुए, 5000 से ज्यादा प्रमाण पत्र जारी, 1300 से ज्यादा आवेदन लौटाए गए</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर में डीएनटी समुदाय के पहचान प्रमाण पत्र सहायता शिविरों की अवधि 15 फरवरी तक बढ़ी। अधिक लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ने हेतु प्रदेशभर में शिविर जारी रहेंगे, सरकार कहती।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/date-of-dnt-identity-certificate-help-camps-extended-till-15th/article-141774"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(3)2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु (डीएनटी) समुदाय के लिए प्रदेश भर में संचालित पहचान प्रमाण पत्र सहायता शिविरों की अवधि बढ़ा दी गई है। अब ये शिविर 15 फरवरी तक आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों को लाभ मिल सके।</p>
<p>सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर 12 से 31 जनवरी तक डीएनटी समुदाय के लोगों को पहचान प्रमाण पत्र जारी करने के लिए शिविर लगाए गए थे। समुदाय के प्रतिनिधियों की मांग और पात्र व्यक्तियों को अधिकाधिक लाभान्वित करने के उद्देश्य से शिविरों की तिथि बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।</p>
<p>मंत्री गहलोत ने बताया कि शिविरों के आरंभ से अब तक ई-मित्र पोर्टल पर डीएनटी पहचान प्रमाण पत्र के लिए कुल 10,764 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 5,378 प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं, जबकि 1,301 आवेदन कमी पूर्ति या अन्य आक्षेपों के कारण लौटाए गए हैं। शेष आवेदन प्रक्रियाधीन हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के सुशासन में यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि घुमन्तु समुदाय के सभी व्यक्तियों को ऑनलाइन पहचान प्रमाण पत्र जारी कर राज्य की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाए। इसके लिए सभी जिलों के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों की पंचायत समितियों, नगरपालिकाओं, नगर परिषदों एवं नगर निगमों में 15 फरवरी तक सहायता शिविर आयोजित किए जाएंगे।</p>
<p>शिविरों में मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र और मूल निवास प्रमाण पत्र बनवाने की भी व्यवस्था की गई है। मंत्री ने अपील की कि समुदाय के अधिक से अधिक पात्र लोग शिविरों का लाभ उठाएं, ताकि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Feb 2026 16:22:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ई-मित्र प्लस मशीनें बनीं शो-पीस, देख-रेख के अभाव में ठप पड़ी हाइटेक सुविधा</title>
                                    <description><![CDATA[संचालन न होने के कारण अधिकांश मशीनें धूल फांक रही हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/e-mitra-plus-machines-have-become-showpieces--high-tech-facilities-stalled-due-to-lack-of-maintenance/article-129009"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/copy-of-news-(4)12.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के सरकारी कार्यालयों में लगी ई-मित्र प्लस मशीनें अब शो-पीस बनकर रह गई है। देखरेख के अभाव में अब मशीनें जाम व खराब हो रही है। प्रशासन की अनदेखी के चलते आमजन परेशान हो रहे है। आए दिन सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने के बावजूद भी काम नहीं हो पा रहे है। बता दें कि आमजन को आधुनिक तकनीक के माध्यम से एक ही स्थान पर करीब 400 प्रकार की सरकारी और निजी सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई ई-मित्र प्लस मशीनें अब शो-पीस बन चुकी हैं। बड़े दावों और उम्मीदों के साथ इन मशीनों की शुरूआत हुई थी ताकि लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़े और सुविधा एक क्लिक पर मिल सके। लेकिन हकीकत यह है कि इनकी ठीक से देखरेख और संचालन न होने के कारण आज अधिकांश मशीनें धूल फांक रही हैं। शुरूआत के कुछ महीनों तक इनसे सेवाएं दी गईं, पर उसके बाद लापरवाही और तकनीकी खामियों के चलते ये ठप हो गईं। न तो नियमित अपडेट मिले और न ही जिम्मेदार विभाग ने इनकी निगरानी की। नतीजतन, आमजन की सुविधा के लिए शुरू की गई यह पहल आज केवल सरकारी दफ्तरों में एक शो-पीस की तरह खड़ी है, जो सिस्टम की उदासीनता और तकनीकी योजनाओं की असफलता को दशार्ती है।</p>
<p><strong>लोगों को लगाने पड़ रहे हैं दफ्तरों के चक्कर</strong><br />सरकारी दफ्तरों में जनता की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कुछ सालों पहले ई-मित्र प्लस मशीनें लगाई गई थीं। उद्देश्य यह था कि आम आदमी को सरकारी सेवाओं के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और अधिकतर काम एक ही मशीन के माध्यम से आसानी से निपट सकें। यह सुविधा शुरू होते ही लोगों को उम्मीद जगी थी कि अब उन्हें लंबी कतारों और कर्मचारियों की मिन्नतों से छुटकारा मिलेगा। लेकिन अफसोस, शुरूआत के कुछ महीनों तक सुचारु रूप से चलने वाली यह सुविधा अब पूरी तरह से ठप हो गई है।</p>
<p><strong>ये सुविधा है ई-मित्र प्लस में</strong><br />ई-मित्र प्लम मशीन दिखने में एटीएम की तरह दिखाई देती इसमें एलईडी के साथ मॉनिटर डिवाइस, वेब कैमरा, डेरा असेप्टर, कार्ड रीडर, मिटलिक की बोर्ड, रसीद के लिए नार्मल प्रिंटर लेजर प्रिंटर आदि मोजूद है। </p>
<p><strong>नियमित मेंटेनेंस का अभाव</strong><br />सरकारी कार्यालयों के गलियारों में इन मशीनों की स्थिति अब बेहद दयनीय है। कई जगहों पर मशीनें धूल फांक रही हैं, तो कहीं इनके स्क्रीन खराब हो चुके हैं। देखरेख और नियमित मेंटेनेंस के अभाव में ये आधुनिक मशीनें अब शोपीस बनकर रह गई हैं। जिन उद्देश्यों के लिए इन्हें लगाया गया था, वे अब पूरी तरह अधूरे रह गए हैं। इन मशीनों पर करोड़ो खर्च करने के बजाय सरकार को शहर में लगे ठेका कर्मियों के मानदेय के बारे में सोचना चाहिए।<br /><strong>-दिलिप सिंगोर</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />नवज्योति टीम ने जब समस्या पर सम्बंधित अधिकारी से बात की तो उन्हें शहर में कितनी मशीनों लगी हुई है इसकी  सही संख्या तक नहीं बता सके। उन्होंने केवल इतना कहा कि शहर में कई स्थानों पर मशीनें लगी हैं, यदि समस्या आ रही है तो जांच कर समाधान किया जाएगा।<br /><strong>-महेन्दÑ पाल सिंह, एडिशनल डायरेक्टर डिओआईटी </strong></p>
<p><strong>नहीं मिल रहा सेवाओं का लाभ</strong><br />ई-मित्र प्लस मशीनों का मुख्य उद्देश्य लोगों को सरकारी सेवाएं जैसे—बिल जमा करना, प्रमाण पत्र लेना, सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करना और विभिन्न प्रकार की आवेदन सेवाएं उपलब्ध कराना था। इसके अलावा निजी क्षेत्र की कुछ सुविधाएं भी इससे जोड़ी गई थीं, ताकि आम नागरिक को किसी भी सेवा के लिए अलग-अलग दफ्तर न भटकना पड़े। लेकिन आज हालत यह है कि नागरिकों को फिर से उन्हीं दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, जिनसे छुटकारा दिलाने के लिए यह योजना लाई गई थी।<br /><strong>-राहुल शर्मा</strong></p>
<p><strong>योजना धराशायी</strong><br />मशीनें शुरू होते समय काफी उपयोगी साबित हो रही थीं। कई लोग छोटे-छोटे काम कुछ ही मिनटों में निपटा लेते थे। लेकिन जैसे-जैसे समय बीता, तकनीकी खराबी आई और उसकी मरम्मत नहीं हुई। न ही कर्मचारियों को इसके सही संचालन की जिम्मेदारी दी गई। परिणामस्वरूप यह योजना धराशायी हो गई।<br /><strong>-एड. बीटा स्वामी</strong></p>
<p><strong>जनता के विश्वास से खिलवाड़</strong><br /> इन मशीनों की नियमित सर्विसिंग और तकनीकी सुधार किया जाता, तो आज भी यह जनता के लिए बड़ी राहत बन सकती थीं। परंतु सरकारी लापरवाही और जिम्मेदार विभागों की अनदेखी ने इस सुविधा को पूरी तरह से बेकार कर दिया। आज के डिजिटल युग में जब सरकार "डिजिटल इंडिया" और "ई-गवर्नेंस" की बात करती है, तब ऐसी तकनीकी सुविधाओं का बंद हो जाना सवाल खड़े करता है। यह सिर्फ सरकारी धन की बबार्दी नहीं बल्कि जनता के विश्वास से भी खिलवाड़ है। सरकार को चाहिए कि इन मशीनों की फिर से मरम्मत कराकर इन्हें चालू किया जाए और संबंधित विभागों को जिम्मेदारी सौंपी जाए। <br /><strong>-शादाब खान</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Oct 2025 16:11:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>एजुकेशन कंसलटेंसी की आड़ में फर्जी डिग्रियां देने वाले तीन मास्टर माइंड पकड़े, ई-मित्र से 700 मार्कशीट बरामद</title>
                                    <description><![CDATA[पुलिस ने विकास मिश्रा निवासी पटना बिहार, सत्यनारायण शर्मा निवासी वाटिका सांगानेर और विकास अग्रवाल निवासी कोटपुतली बहरोड़ को गिरफ्तार किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/three-master-minds-giving-fake-degrees-under-the-guise-of/article-93323"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/630400-size-(4)15.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जिला जयपुर पूर्व टीम ने ई-मित्र एवं कोचिंग संस्थान की आड़ में बिना पढ़ाई के फर्जीवाड़ा कर देश के नामी विश्वविद्यालयों की डिग्रियां बांटने वाले रैकेट का खुलासा कर तीन मास्टर माइंड को गिरफ्तार किया है। टीम ने इनके कब्जे से करीब बीस विश्वविद्यालयों की सात सौ से ज्यादा डिग्री-मार्क्सशीट समेत अन्य संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए हैं।</p>
<p>खुलासा हुआ कि पूरा फर्जीवाड़ा विश्वविद्यालयों और दलालों की मिलीभगत से चल रहा था। ऐसे में यूनिवर्सिटी की भी जांच होगी। डीसीपी ईस्ट तेजस्वनी गौतम ने बताया कि विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों की फर्जी अंकतालिका, प्रमाण पत्र, डिग्री, माइग्रेशन ई-मित्र संचालकों के द्वारा बनाई और बेची जा रही हैं। इस संबंध में गठित टीम ने प्रताप नगर में दबिश देकर तीन जनों को पकड़ लिया।</p>
<p><strong>ऐसे बना रहे थे दस्तावेज</strong><br />देशभर की करीब 20 यूनिवर्सिटी और शिक्षण संस्थानों की संदिग्ध मार्कशीट, सर्टिफिकेट, डिग्री, माइग्रेशन सर्टिफिकेट सहित करीब 700 दस्तावेज बरामद हुए हैं। फर्जी डिग्री-मार्कशीट संदिग्ध यूनिवर्सिटी प्रशासन और दलालों बना रहे थे। ये दस्तोवज कुछ ई-मित्र सेंटरों पर बनाए जा रहे थे। डिग्री, मार्कशीट, सर्टिकिफेट लेने वाले युवकों से खानापूर्ती के लिए एजुकेशन कंसलटेंसी सेंटर पर फार्म भरवाया जाता था। समय पूरा होने पर परीक्षार्थी को बिना आए और परीक्षा दिए बिना ही डिग्री-मार्कशीट और सर्टिफिकेट छापकर थमा दिए जाते थे। </p>
<p><strong>यहां हुई कार्रवाई</strong><br />पुलिस ने बुधवार शाम करीब सात बजे प्रताप नगर के सेक्टर-8 में संचालित यूनिक एजुकेशन कंसल्टेंसी ऑफिस में दबिश दी। टीम ने विकास मिश्रा के पास से 18 यूनिवर्सिटी के दस्तावेज जब्त किए। उसकी निशानदेही पर सेक्टर-8 स्थित एसएसआईटी सेंटर नाम से संचालित सेंटर पर छापा मारकर सत्यनारायण और विकास अग्रवाल को डिटेन किया। यहां से पुलिस ने डिग्रियां, मार्कशीट, सर्टिफिकेट और किराएनामा सहित फर्जी स्टांप, चैक बुक, क्रेडिट-डेबिट कार्ड सहित अन्य सामान बरामद किया। बताया गया कि हर डिग्री का अलग दाम होता था। ई दस्तावेज के 25 हजार रुपए वसूले जाते थे। </p>
<p><strong>यह मिला सामान</strong><br />पुलिस ने विकास मिश्रा निवासी पटना बिहार, सत्यनारायण शर्मा निवासी वाटिका सांगानेर और विकास अग्रवाल निवासी कोटपुतली बहरोड़ को गिरफ्तार किया। इनके पास से 29 किराएनामा, 12 चैक बुक, 97 शपथ पत्र, 14 बैंक पास बुक, 13 डेबिट-क्रेडिट कार्ड, 9 नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ  ओपन स्कूलिंग के आईडी कार्ड, 7 मोबाइल, 1 पेटीएम मशीन, 2 डीवीआर, 1 पावर सप्लाई केस, 1 कैमरा, 1 राउटर, 1 सीपीयू, 1 मॉनिटर, 2 लैपटॉप, 2 पेन ड्राइव और 1 प्रिंटर जब्त किया जिन्हें जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा जाएगा।</p>
<p><strong>इन यूनिवर्सिटी के दस्तावेज बरामद</strong><br />मौके से सुरेश ज्ञान विहार यूनिवर्सिटी-एमसीए सेमेस्टर की 2 मार्कशीट, प्रताप यूनिवर्सिटी-1 सर्टिफिकेट और 1 लाईब्रेरी एवं इनफॉर्मेशन साइंस की मार्कशीट, यूनिवर्सिटी ऑफ  टेक्नॉलोजी-50 सर्टिफिकेट, वर्धमान महावीर ओपन यूनिवर्सिटी-आरएससीआईटी के 124 सर्टिफिकेटए  बिहार मुक्त, विद्यालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड पटना-6 मार्कशीट, स्वामी विवेकानंद सुभारती यूनिवर्सिटी-3 मार्कशीट, मोनाड यूनिवर्सिटी-मैकेनिकल इंजीनियरिंग के 4 डिप्लोमा, खुशाल दास यूनिवर्सिटी पीलीबंगा हनुमानगढ -2 मार्कशीट, आर्यभट्ट ज्ञान यूनिवर्सिटी पटना-6 मार्कशीट, वाईबीएन यूनिवर्सिटी रांची-6 मार्कशीट, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति पटना-3 मार्कशीट प्रवजन प्रमाण पत्र राजीव गांधी प्रौद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान-6 डिप्लोमा, माध्यमिक शिक्षा परिषद यूपी उत्तर प्रदेश-2 सर्टिफिकेट मार्कशीट, राष्ट्रीय मुक्तविद्यालयी शिक्षा संस्थान-8 माइग्रेशन और ट्रांसफर सर्टिफिकेट, चौधरी चरण सिंह विद्यालय मेरठ-1 बीएससी नर्सिंग की डिग्री, अर्नी यूनिवर्सिटी-1 कला में बीए की डिग्री, वर्धमान महावीर ओपन यूनिवर्सिटी कोटा आरएससीआईटी का सर्टिफिकेट, तेलंगाना माध्यमिक शिक्षा बोर्ड हैदराबाद-12वीं की मार्कशीट, मंगलम आईटी एजुकेशन-1 एमएस ऑफिस सर्टिफिकेट, मणिपाल अकेडमी ऑफ  हायर एजुकेशन-बीएमएलटी प्रथम सेमेस्टर-1 मार्कशीट सहित कई अन्य यूनिवर्सिटी के 26 दस्तावेज बरामद हुए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 18 Oct 2024 09:46:52 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>ई-मित्र संचालक को 5000 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा </title>
                                    <description><![CDATA[ एसीबी कोटा को परिवादी द्वारा शिकायत दी गई कि रजिस्ट्री करवाने की एवज में रिश्वत  मांग रहा है ।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/e-mitra-operator-caught-red-handed-taking-bribe-of-rs-5000/article-90076"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/pze14.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। एसीबी कोटा टीम ने चेचट तहसीलदार के लिए 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए चेचट के ई-मित्र संचालक  हरीश मंडोत को ट्रेप किया। आरोपी ई-मित्र  संचालक ने  परिवादी से 5 हजार रुपये रिश्वत राशि ली थी क आरोपी से पूछताछ  की जा रही  है।भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक  डॉ. रवि प्रकाश मेहरड़ा ने बताया कि एसीबी कोटा को परिवादी द्वारा शिकायत दी गई कि उसकी बहन के मकान की गिफ्ट डीड की रजिस्ट्री करवाने की एवज में चेचट तहसीलदार के लिए आरोपी हरीश मण्डोत  7 हजार रुपये रिश्वत  मांग रहा है । एसीबी  कोटा इकाई के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय स्वर्णकार के नेतृत्व में शिकायत का सत्यापन  किया और  ट्रेप  की कार्रवाई करते हुए चेचट तहसीलदार  के लिये परिवादी से 5 हजार रुपये रिश्वत राशि लेते चेचट के ई-मित्र संचालक  हरीश मण्डोत को रंगे हाथों गिरफ्तार किया । एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव के निर्देशन में आरोपी से पूछताछ तथा कार्रवाई  जारी है। एसीबी द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जाएगा।<span lang="en-us" style="font-size:11pt;line-height:115%;font-family:Calibri, 'sans-serif';" xml:lang="en-us">e-mitra operator caught red handed while taking bribe of rs. 5000</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Sep 2024 17:53:31 +0530</pubDate>
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                <title>पोस मशीन में हाथ की रेखाओं का नहीं हो रहा मिलान</title>
                                    <description><![CDATA[आधार कार्ड को अपडेट करवाने में हो रही मशक्कत।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/pos-machine-is-not-matching-the-lines-on-the-hand/article-82789"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/pos-machine-me-hath-ki-rekhao-ka-nhi-ho-rha-milan...kota-news-26-06-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। <strong>केस एक -</strong> छावनी निवासी सुरजीत के पांच साल के बेटे की राशन डीलर की दुकान पर पोस मशीन से केवाईसी नहीं हो पा रही है। कई बार प्रयास करने के बाद भी मशीन में हाथ की रेखाओं का मिलान नहीं हो पाया। वहां से आधार कार्ड अपडेट करवाने के लिए भेज दिया गया है। अब आधार कार्ड को अपडेट करवाने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है।</p>
<p><strong>केस दो - </strong>रायपुरा निवासी 70 वर्षीय मुन्नी बाई को पिछले कई सालों से राशन का गेहूं मिल रहा है। अब सरकार ने पोस मशीन से केवाईसी को अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए वह कई बार राशन की दुकान पर केवाईसी करवाने के लिए जा चुकी है, लेकिन उसके हाथ की अंगुलियां पोस मशीन में शो नहीं हो पा रही है। जिससे अब गेहूं मिलने पर संकट हो गया है।</p>
<p>जिले में काफी संख्या में बच्चों और बुजुर्गो को कुछ इस तरह की परेशानी उठानी पड़ रही है। राशन की दुकानों पर कई बार चक्कर लगाने के बावजूद उनकी केवाईसी नहीं हो रही है। जिससे अब मुफ्त के गेहूं मिलने पर परेशानी हो सकती है। राशन डीलरों के अनुसार कोटा जिले में खाद्य सुरक्षा सूची में शामिल करीब 30 फीसदी बालकों एवं बुजुर्गो को केवाईसी करवाने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। छोटे बालकों की रेखाएं पोस मशीन में आसानी से नहीं आती है, इससे भी केवाईसी नहीं हो पा रही है। कई बुजुर्गो के भी पोस मशीन में फिंगर नहीं आ रहे हैं, ऐसे में उनको भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यदि इनकी केवाईसी नहीं हुई तो आने वाले दिनों में उनके राशन पर तलवार लटक जाएगी। उल्लेखनीय है कि सरकार की ओर राशन कार्ड में दर्ज प्रति यूनिट के हिसाब से पांच किलो गेहूं मुफ्त वितरित किया जाता है।</p>
<p><strong>ग्रामीण क्षेत्रों में कम हैं संसाधन </strong><br />जिले में आधार कार्ड बनाने व अपडेट कराने के लिए लोगों को भटकना पड़ता है। यदि हर ग्राम पंचायत में आधार कार्ड बनाने की मशीन हो तो लोगों को भटकना नहीं पड़े। अभी खाद्य सुरक्षा सूची में शामिल जिन बालकों के आधार कार्ड अपडेट करवाने हैं, उनके परिजनों को बालकों को लेकर भटकना पड़ रहा है। ग्राम पंचायतों में आधार कार्ड बनाने की मशीन नहीं होने से ग्रामीण इलाके के लोगों को  शहर एवं दूर के ई-मित्र केन्द्र जहां पर आधार कार्ड बनाने की मशीन है वहां पर जाना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों में संसाधन कम होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p><strong>यह आ रही है परेशानी </strong><br />जिन बालकों के पांच वर्ष से कम उम्र में फोटो खींचकर आधार कार्ड बने हैं, उनकी राशन डीलर की पोस मशीन में केवाईसी नहीं हो रही है। राशन डीलरों का कहना है कि उनका आधार कार्ड फिंगर व आई स्क्रीन लगकर दोबारा आधार कार्ड अपडेट करवा के बाद ही केवाईसी होगी। बालकों के परिजनों को उनका आधार कार्ड अपडेट करवाना होगा। वहीं अधिक उम्र के बुजुर्गो की हाथ की अंगुलियों और अंगूठे की लकीरें उनका साथ छोड़ चुकी है। इस कारण उनकी भी पोस मशीनों में केवाईसी नहीं हो पा रही है। ऐसे में अब आधार कार्ड को अपडेट करवाने के लिए बुजुर्गो को आधार सेंटरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।   </p>
<p>जिले में पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों और अधिक उम्र के बुजुर्गो के फिंगर अपडेट नहीं होने से खाद्य सुरक्षा सूची के लिए पोस मशीन में केवाईसी नहीं हो पा रही है। इनका आधार कार्ड अपडेट होने के बाद ही पोस मशीन से केवाईसी हो पाएगी। अभी तक विभाग से यह आदेश भी नहीं आए हैं कि उनका राशन वितरण करना है या नहीं। <br /><strong>- गिर्राज प्रसाद, राशन डीलर  </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Jun 2024 15:30:07 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Pre-D.El.Ed Exam 2024 के आवेदन शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[आवेदन शुल्क यूपीआई, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और नेट बकिंग अथवा ई-मित्र के माध्यम से कर सकते हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/applications-for-pre-deled-exam-2024-started/article-77691"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/vmou-kota.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्री डीएलएड परीक्षा 2024 में प्रवेश के लिए आवेदन शुरू हो गए हैं। इस बार वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय इस परीक्षा का आयोजन पूरे राज्य में कर रहा है। वीएमओयू के कुलपति प्रोफेसर कैलाश सोढ़ाणी ने बताया कि पूरी तैयारी के साथ प्री डीएलएड परीक्षा में आवेदन करने तथा प्रवेश परीक्षा कराने की तिथियां घोषित की जा रही हैं। परीक्षा समन्वयक डॉ. रवि गुप्ता ने बताया कि प्रवेश प्रक्रिया के लिए आवेदन फॉर्म भरने की शुरूआत 11 मई से हो गई हैं। 31 मई तक आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तिथि रखी गई है और 30 जून को प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। </p>
<p><strong>यह होगी कवायद</strong><br />अभ्यर्थी अंतिम तारीख की अफरा तफरी से बचने के लिए समय रहते ही अपना आवेदन ऑनलाइन सबमिट करा दें, क्योंकि आवेदन प्रक्रिया के लिए बहुत कम समय बचा है। आवेदक का कक्षा 12वीं उतीर्ण होना अथवा वर्ष 2024 में कक्षा 12वीं की परीक्षा में सम्मिलित होना आवश्यक है। सह-समन्वयक संदीप हुड्डा ने बताया कि अभ्यर्थी पर 11 मई से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन शुल्क प्री डी. एल. एड. प्रवेश परीक्षा सामान्य अथवा संस्कृत के लिए 450 रुपए है। प्री डी. एल. एड. प्रवेश परीक्षा सामान्य तथा संस्कृत दोनों में आवेदन करने के लिए 500 रुपए हैं। आवेदन शुल्क यूपीआई, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और नेट बकिंग अथवा ई-मित्र के माध्यम से कर सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 May 2024 12:21:23 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>ई-मित्र संचालक एक लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने जयपुर जिले में फागी पंचायत समिति की ग्राम पंचायत लसाड़यिा में एक ई मित्र संचालक को गुरुवार को एक लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/e-mitra-operator-arrested-while-taking-bribe-of-one-lakh-rupees/article-77382"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/bribery.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर । राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने जयपुर जिले में फागी पंचायत समिति की ग्राम पंचायत लसाड़यिा में एक ई मित्र संचालक को गुरुवार को एक लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। ब्यूरो के महानिदेशक डा रवि प्रकाश मेहरड़ा ने बताया कि एसीबी की विशेष अनुसंधान इकाई (एसआईयू) जयपुर को परिवादी ने शिकायत की कि उसके पिता की मृत्यु होने पर श्रमिक डायरी के आधार पर श्रम विभाग से क्लेम पास कराने की एवज में आरोपी एवं ई मित्र संचालक विश्राम गुर्जर एक लाख रुपए की रिश्वत की मांग कर रहा था। </p>
<p>इस पर एसीबी की टीम ने शिकायत के सत्यापन के बाद आरोपी विश्राम गुर्जर को परिवादी से एक लाख 30 हजार रुपए भारतीय मुद्रा एवं 70 हजार रुपए डमी करेंसी की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। एसीबी के उपमहानिरीक्षक रणधीर सिंह के सुपरविजन में आरोपी से पूछताछ एवं कार्यवाही जारी है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 May 2024 16:41:18 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>करोड़ों की ई मित्र प्लस मशीनें ना इधर की ना उधर की</title>
                                    <description><![CDATA[ शहरी क्षेत्र में मशीनों के बारे में जागरुकता की कमी के चलते नागरिक इनका इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/e-mitra-plus-machines-worth-crores-are-neither-here-nor-there/article-68534"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/croro-ki-e-mitr-plus-mashine-na-idhr-ki-na-udhr-ki...kota-news-29-01-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। राज्य में नागरिकों को डिजिटल भारत की ओर प्रोत्साहित करने और सरकारी कार्यों को आसान बनाने के लिए सरकार द्वारा सरकारी कार्यालयों सहित कई विभागों में ई मित्र प्लस मशीनों को लगाया गया था ताकी आमजन सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने के बजाए अपने आप से सभी कार्यों को कर सकें। लेकिन करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी ये मशीनों सरकारी कार्यालयों में बस धूल खा रही हैं। </p>
<p><strong>मशीनों में यह काम होता है </strong><br />सरकारी कार्यालयों में स्थापित इन ई मित्र प्लस मशीनों में कई प्रकार के कार्य नागरिकों द्वारा स्वयं किए जा सकते हैं। मशीनों में कई प्रकार के आवश्यक दस्तावेज जैसे जाति प्रमाण पत्र, मूल निवासी प्रमाण पत्र, गिरदवारी रिपोर्ट, जमाबंदी, जन्म, मृत्यु व विवाह प्रमाण पत्र प्रिंट करने के साथ ही पानी-बिजली के बिल भरने की सुविधा उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त जनआधार में मोबाइल नम्बर अपडेट, सामाजिक सुरक्षा पेंशन का वार्षिक सत्यापन व जन सूचना संबंधी समस्त सूचनाएं की सुविधा भी ई-मित्र प्लस मशीन से प्राप्त की जा सकती हैं।</p>
<p><strong>सुविधाएं ई-मित्र प्लस में</strong><br />ई मित्र प्लस मशीन दिखने में एटीएम जैसी दिखाई देती है। इसमें 32 इंच एलईडी के साथ मॉनिटर डिवाइस, वेब कैमरा, कैश असेप्टर, कार्ड रीडर, मैटलिक की बोर्ड, रसीद के लिए नार्मल प्रिंटर, लेजर प्रिंटर आदि मौजूद हैं। सरकारी कार्यों के अलावा मशीन में मौजूद वेब कैमरे से आम नागरिक उच्चाधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बातचीत भी कर सकते हैं। </p>
<p><strong>मशीनों की लागत करोड़ों में</strong><br />वर्ष 2018 में सूचना व प्रौद्योगिक विभाग द्वारा करीब 372 करोड़ रुपए खर्च करके पूरे 33 जिलों में लगभग 14 हजार 891 ई मित्र प्लस मशीनें लगाई गई थी। जहां प्रत्येक मशीन की अनुमानित कीमत 2.5 लाख रुपए थी। कोटा जिले में भी विभाग द्वारा प्रत्येक सरकारी दफ्तर, ग्राम पंचायत, चिकित्सालय और स्वास्थ्य केंद्र में करीब 10 करोड़ की लागत से 398 ई मित्र प्लस मशीनें लगाई थी। लेकिन जिले के कई स्थानों पर ये मशीनें आज भी धूल खा रही हैं। ना ही इन्हें नागरिकों द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा है और ना ही ये मशीनें कार्यालयों के काम आ रही हैं। शहर के एमबीएस अस्पताल में 3, मेडिकल कॉलेज में 3, रामपुरा सैटेलाइट हॉस्पिटल में 1 समाज कल्याण विभाग में 1 सहित नगर निगम, नगर विकास न्यास, बस स्टैंडों, पंचायत समितियों और सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर 6 साल पहले ये मशीनें लगवाई गई थी। लेकिन इन सभी स्थानों पर ये मशीनें धूल खा रही हैं। वहीं दूसरी ओर जारुकता की कमी से नागरिक भी इन मशीनों में होने वाले कार्यों से अनजान हैं।</p>
<p><strong>गांव में चल रहीं मशीनें</strong><br />जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतर स्थानों पर जहां एक ओर ये मशीनें संचालित हैं और नागरिकों द्वारा काम में ली जा रही हैं वहीं दूसरी ओर शहरी क्षेत्र में ये मशीनें रखी हुई बस धूल खा रही हैं। शहरी क्षेत्र में मशीनों के बारे में जागरुकता की कमी के चलते नागरिक इनका इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />जिले की लगभग सभी ई मित्र प्लस मशीनें संचालित हैं, जिन विभागों और दफ्तरों में मशीनें लगी हुई हैं उनमें नोडल अधिकारी नियुक्त करने के लिए भी नोटिस दिया जा चुका है। जहां मशीनें बंद पड़ी हैं उन्हें नोटिस देकर चालु करवाएंगे।<br /><strong>- मुकेश विजय, सहायक निदेशक, सूचना प्रोद्योगिक विभाग</strong></p>
<p>मशीनों को चलाने के लिए कोशिश की जा रही है, एक मशीन खराब थी उसके लिए संबंधित कंपनी को पत्र लिखा गया है। मशीन के संचालन के लिए संचालक लगाने की प्रक्रिया की जा रही है।<br /><strong>- धर्मराज मीणा, अधीक्षक, महाराव भीम सिंह अस्पताल</strong></p>
<p>मशीनें सूचना प्रोद्यौगिक विभाग द्वारा संचालित की गई थी बाद में संचालन करने वाले कर्मचारी मशीनों को बंद करके चले गए तब से ये बंद हैं। इनके संचालन के लिए पत्र भी लिखे जा चुके हैं, आगे इन्हें चलाने की और कोशिश करेंगे।<br /><strong>- आरपी मीणा, अधीक्षक, नवीन चिकित्सालय</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jan 2024 17:58:43 +0530</pubDate>
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                <title>हलेड़ में ई-मित्र संचालक की दो भाईयों ने चाकू घोंप कर की हत्या </title>
                                    <description><![CDATA[शहर के समीपवर्ती हलेड़ गांव के बाहर एक होटल पर दो भाइयों ने रंजिशवश एक ई-मित्र संचालक की चाकू मारकर हत्या कर दी। सरेआम हुई हत्या की इस वारदात से गांव में दहशत फैल गई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bhilwara/e-mitra-operator-stabbed-to-death-by-two-brothers-in-haled/article-42598"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/bhp15.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भीलवाड़ा। शहर के समीपवर्ती हलेड़ गांव के बाहर एक होटल पर दो भाइयों ने रंजिशवश एक ई-मित्र संचालक की चाकू मारकर हत्या कर दी। सरेआम हुई हत्या की इस वारदात से गांव में दहशत फैल गई। वारदात की गंभीरता को देखते हुये जिला अस्पताल में उच्चाधिकारी व आस-पास के थानों से पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंच गया है। डीएसपी (सदर) रामचंद्र चौधरी ने बताया कि हलेड़ निवासी शंकर पुत्र अंबालाल जाट (35) घर पर ही ई-मित्र चलाता है, उसके पड़ौस में ही रहने वाले दो भाई राजू और राहूल जाट ट्रैक्टर चलाते हैं। कुछ दिन पहले शंकर का राजू व राहुल के बीच साइड को लेकर विवाद हो गया। बाद में इनके बीच बोलचाल भी हुई थी। मामला थाने तक पहुंचा तो दोनों पक्षों को शांतिभंग के आरोप में सदर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। इसे लेकर राहुल व राजू जाट, शंकर से रंजिश पाले हुये थे। डीएसपी चौधरी ने बताया कि बुधवार को शंकर जाट गांव के बाहर देवनारायण होटल पर बैठा चाय पी रहा था, तभी आरोपी दोनों भाई राहुल व राजू बाइक लेकर होटल पर पहुंचे और शंकर पर चाकू से वार किये। ये वार शंकर के गले और पेट में लगे। इसके चलते शंकर जाट गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे एमजी अस्पताल लाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उधर, सरेआम हुई  चाकूबाजी में शंकर की मौत की खबर से गांव में सनसनी फैल गई। युवक की हत्या की सूचना पर एएसपी (सहाड़ा) गोवर्धन लाल, डीएसपी (सिटी) नरेन्द्र दायमा,  डीएसपी सदर चौधरी, कोतवाल पुष्पा कासौटिया, भीमगंज थाना प्रभारी आशुतोष पांडया पुलिस जाब्ते के साथ एमजी अस्पताल पहुंचे। वहीं हलेड़ से भी कई लोग अस्पताल पहुंच गये, जिससे वहां भीड़ हो गई। डीएसपी रामचंद्र चौधरी ने बताया कि दोनों आरोपियों के बारे में अहम सुराग हाथ लगे हैं, जिन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जायेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>भीलवाड़ा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Apr 2023 11:07:25 +0530</pubDate>
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                <title>ई-मित्र पर छापा: फर्जी वोटर आईडी बनाने पर संचालक गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[पाटन। फर्जी वोटर आईडी कार्ड बनाकर उससे अन्य दस्तावेज बनवाने का मामला सामने आने पर शुक्रवार को पाटन तहसीलदार मुनेश कुमार और थानाधिकारी बृजेश सिंह तंवर के नेतृत्व में टीम ने कस्बे के एक ई-मित्र पर छापा मारा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sikar/e-mitra-operator-arrested-for-making-fake-voter-id/article-10656"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/patan-3.jpg" alt=""></a><br /><p>पाटन। फर्जी वोटर आईडी कार्ड बनाकर उससे अन्य दस्तावेज बनवाने का मामला सामने आने पर शुक्रवार को पाटन तहसीलदार मुनेश कुमार और थानाधिकारी बृजेश सिंह तंवर के नेतृत्व में टीम ने कस्बे के एक ई-मित्र पर छापा मारा। छापे में सूचना सही पाये जाने पर टीम ने ई मित्र संचालक के उपकरण जब्त कर उसे पुलिस को सुपुर्द किया है।</p>
<p>एसडीएम बृजेश गुप्ता ने बताया कि हसामपुर के दीपक कुमार पुत्र अशोक द्वारा जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आनलाइन आवेदन किया गया था। इस पर आवेदक दीपक कुमार से पुछताछ की तो सामने आया कि पाटन कस्बे में स्थित सरस्वती कटला मे ई-मित्र कियोस्क चलाने वाले फूलचंद पुत्र कैलाश चंद यादव निवासी बल्लूपुरा द्वारा फर्जी वोटर आईडी कार्ड बनाया गया है। जिसकी जांच सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के रविन्द्र कुमार और अशोक महरानियां द्वारा की गई।  पाटन तहसीलदार मुनेश कुमार सर्वा की रिपोर्ट पर पुलिस ने जालसाजी की धाराओ में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सीकर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 May 2022 13:22:57 +0530</pubDate>
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