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                <title>traffic police - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>traffic police RSS Feed</description>
                
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                <title>जरा संभल कर...सड़कों पर दौड़ रहे ओवरलोड यमदूत</title>
                                    <description><![CDATA[वाहनों में क्षमता से ज्यादा भूसा भरकर ले जा रहे चालक।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/proceed-with-caution----overloaded-vehicles-on-the-roads-are-like-harbingers-of-death/article-158381"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/12200-x-600-px)-(1)8.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। ओवरलोड भूसे से भरे वाहनों से सड़क हादसे होने के बावजूद भी वाहन चालक ओवरलोडिंग से बाज नहीं आ रहे हैं। इसका खामियाजा सड़क से गुजरने वाले राहगीरों एवं अन्य वाहन चालकों को भुगतना पड़ रहा हैं। शहर के विभिन्न मार्गों पर इन दिनों काफी संख्या में ओवरलोड भूसे से भरे वाहन धड़ल्ले से दौड़ऩे लगे हैं। यह ओवरलोड वाहन रात के समय अधिक तेज चलते है। सड़कों को घेर कर चलते हुए समय हादसे को निमंत्रण देते रहते हैं। इनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से शहर के विभिन्न मार्गो पर इनका धड़ल्ले से संचालन हो रहा है। ऐसे में सड़क हादसों का खतरा बना हुआ है।</p>
<p><strong>अधिक कमाई की चाहत में नियम दरकिनार</strong><br />ग्रामीण क्षेत्रों में गर्मी के मौसम में किसानों ने अब भूसा बेचना शुरू कर दिया है। इस समय अधिकांश स्थानों पर भूसे का संकट बना हुआ है। इस कारण राजस्थान के किसान पंजाब, हरियाणा और मध्यप्रदेश से भूसा मंगवा रहे हैं। यह भूसा ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ ही ट्रकों और अन्य वाहनों में राजस्थान के कई शहरों में भेजा जा रहा है। मध्यप्रदेश से आने वाले भूसे से भरे कई ओवरलोड वाहन इन दिनों से कोटा से गुजर रहे हैं। कमाई के लालच में कई वाहन चालक नियम कायदों की धज्जियां उड़ा रहे है और क्षमता से अधिक भूसे का परिवहन कर रहे हैं। ऐसे में दुपहिया वाहन सहित अन्य वाहन चालकों को हादसों का खतरा बना हुआ है।</p>
<p><strong>ओवरलोड को ओवरटेक करना काफी खतरनाक</strong><br />सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आए दिन सरकार व प्रशासन की ओर से जागरूकता अभियान चलाया जाता है, लेकिन दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे भूसे से भरे ओवरलोड वाहनों पर किसी जिम्मेदार विभाग का ध्यान नहीं है। निर्धारित वजन से अधिक भूसा इन वाहनों में भरा रहता है। वाहनों में भूसा भरने के बाद हालत यह होती है कि दोनों तरफ और पीछे कई फिट बाहर तक उसका हिस्सा निकला रहता है। ऐसे में सड़क पर चलने वाले अन्य वाहन चालकों को सामने कुछ भी नजर नहीं आ पाता है। इसी दौरान ओवरलोड वाहन को ओवरटेक करने के दौरान कई बार सड़क दुर्घटना तक हो जाती है। इसके बावजूद ओवरलोड वाहनों का धड़ल्ले से संचालन हो रहा है।</p>
<p><strong>सुबह व रात के समय अधिक संचालन</strong><br />कोटा शहर में दिन के समय ओवरलोड वाहनों की एंट्री बंद हैं। इस कारण भूसे का परिवहन सुबह जल्दी और रात के समय अधिक होता है। इन दिनों से मध्यप्रदेश से भूसा लेकर आने वाले वाहन रायपुरा, देवली अरब और बोरखेड़ा मार्ग से रात के समय गुजरते हुए नजर आ रहे हैं। पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए वाहन चालक सुबह व रात को वाहन का संचालन करते हैं। इन वाहनों में पीछे व साइडों में तिरपाल लगाकर इतना भूसा भर दिया जाता है कि पीछे से आने वाला वाहन या उसके होर्न की आवाज तक सुनाई नहीं देती है। वहीं साइडों से निकल रहे भूसे से वाहन चालकों के टकराकर गिरने की आशंका रहती है।</p>
<p>रायपुरा चौराहे से देवली अरब रोड पर इन दिनों काफी संख्या में भूसे से भरे ओवरलोड वाहनों का संचालन हो रहा है। इन वाहनों के कारण कई बार जाम की स्थिति तक हो जाती है। वहीं पीछे चलने वाले वाहन चालकों को सामने कुछ नजर नहीं आता है। ऐसे में दुर्घटना का खतरा बना रहता है।<br /><strong>-सुरेश जांगिड, दुपहिया वाहन चालक</strong></p>
<p>इन दिनों भूसे से भरे ओवरलोड वाहन हमारी कॉलोनी के सामने से रोजाना निकल रहे हैं। कई वाहनों से भूसा उड़ता रहता है, जो हमारे मकानों तक में घुस जाता है। इससे सफाई में काफी परेशानी होती है। पुलिस को इनके संचालन पर रोक लगानी चाहिए।<br /><strong>-रोशनी देवी, निवासी रायपुरा</strong></p>
<p>ओवरलोड वाहनों के खिलाफ नियमित रूप से यातायात पुलिस द्वारा कार्रवाई की जाती है। इनके चालान भी बनाए जाते हैं। अब भूसे से भरे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए रायपुरा से देवली अरब रोड पर लगातार चैकिंग की जाएगी।<br /><strong>-पूरण सिंह, ट्रैफिक इंस्पेक्टर, कोटा</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 15:02:08 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>यातायात पुलिस हुई कैशलैस : ई-चालान एप में प्रायोगिक तौर पर कैश विकल्प किया डिसेबल </title>
                                    <description><![CDATA[यदि किसी उल्लंघनकर्ता के पास जुर्माना राशि के लिए पेमेंट का ऑनलाइन प्लेटफार्म नहीं है तब वह एमपरिवहन डीजी लॉकर अथवा परिवहन विभाग की ओर से जारी ऑनलाइन आरसी, लाइसेंस को डिजीटल रूप से जब्त कर पेंडिग चालान बनाया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/traffic-police-made-cash-option-in-cashless-e-challan-app/article-120518"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/45454.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ हो रही चालान की गतिविधि को यातायात पुलिस ने कैशलैस करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एडिशनल कमिश्नर ट्रैफिक योगेश दाधीच ने बताया कि यातायात पुलिस की ओर से यातायात नियमों के उल्लंघन करने पर ई-चालान डिवाइस द्वारा की जा रही चालान प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए और पुलिस की छवि को अधिक बेहतर बनाने के लिए ई-चालान ऐप में प्रायोगिक तौर पर कैश विकल्प को डिसेबल किया गया है। कोई भी वाहन चालक डेबिट, क्रेडिट कार्ड एवं यूपीआई के ही माध्यम से ही भुगतान कर सकेगा।</p>
<p>यदि किसी उल्लंघनकर्ता के पास जुर्माना राशि के लिए पेमेंट का ऑनलाइन प्लेटफार्म नहीं है तब वह एमपरिवहन डीजी लॉकर अथवा परिवहन विभाग की ओर से जारी ऑनलाइन आरसी, लाइसेंस को डिजीटल रूप से जब्त कर पेंडिग चालान बनाया जाएगा। इसका भुगतान यादगार भवन अजमेरी गेट चालान शाखा कमरा नंम्बर 30, 31 में नकद के साथ-साथ डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड एवं यूपीआई के माध्यम भुगतान किया जा सकता है। इसके अलावा उल्लंघनकर्ता पेंडिग चालान को ई-चालान की अधिकारिक वेबसाइट पर विजिट कर जुर्माना राशि जमा कर सकते हैं।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 15 Jul 2025 13:15:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>यातायात पुलिस ने कार्यक्रम कर लोगों को किया जागरूक</title>
                                    <description><![CDATA[यातायात नियमों के विरुद्ध वाहन चलाने वालों के खिलाफ नियम अनुसार कार्रवाई की गई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/traffic-police-made-people-aware-by-organizing-a-program/article-100085"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/5554-(2)11.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के दौरान यातायात जागरूकता कार्यक्रम पुलिस उपायुक्त यातायात जयपुर के निर्देशन में यातायात नियमों के प्रचार-प्रसार के लिए सड़क सुरक्षा जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान पुलिसकर्मियों ने शहर के विभिन्न चौराहों-तिराहों सांगानेर सर्किल, कुम्भा मार्ग, सांगानेर बाजार, तरूण छाया नगर, एसएल कट, वैशाली नगर, पीतल फैक्ट्री, गुर्जर की थड़ी, किसान धर्मकाटा और 200 फीट चौराहे पर वाहन चालकों को यातायात नियमों वाले पम्पलेट-पोस्टर बांटे गए।</p>
<p>पुलिस निरीक्षक यातायात (पश्चिम ) संजय पूनिया ने बताया कि शहर के सरकारी और निजी स्कूलों में विद्यार्थीयों को यातायात और सड़क-सुरक्षा की जानकारी दी गई। जीरोवन राज गर्ल्स बटालियन एनसीसी में 300 एनसीसी कैडेट को यातायात संकेतों, नाबालिग द्वारा वाहन नही चलाने और गुडसेमेरिटन बनने आदि यातायात नियमों के बारे में समझाया गया। यातायात नियमों के विरुद्ध वाहन चलाने वालों के खिलाफ नियम अनुसार कार्रवाई की गई। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jan 2025 10:14:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - यातायात सुधारने के लिए आखिर फिर मैदान में उतरी पुलिस </title>
                                    <description><![CDATA[यातायात पुलिस द्वारा कोटा शहर में 50 से अधिक स्कूल व कॉलेज में जाकर करीब दस हजार से अधिक विद्यार्थियों को यातायात के नियमों की जानकारी दी गई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---police-finally-entered-the-field-again-to-improve-traffic/article-69204"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-02/photo-(2)5.png" alt=""></a><br /><p>कोटा।  दैनिक नवज्योति में यातायात की अव्यवस्था को लेकर चलाए जा रहे सड़क सुरक्षा सप्ताह में फौरी कार्रवाई करने संबंधी समाचार  प्रकाशन के बाद यातायात पुलिस सतर्क मोड में आ गई। खबर प्रकाशन के बाद पुलिस ने बड़ी संख्या में शनिवार को कार्रवाई की गई।  राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2024 के तहत ट्रेफिक पुलिस ने 18 दिनों के अंदर नियमों की पालना नहीं करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सर्वाधिक ऑवर स्पीड के 2136 चालान बनाए गए तथा बिना हेलमेंट, ऑवर लोडिंग, नो पार्किंग, शराब पीकर वाहन चलाने व अन्य नियमों का उल्लंघन करने पर 4906  वाहन चालकों के चालान किए गए। ट्रेफिक  पुलिस उप अधीक्षक राजेश ढाका ने बताया कि पुलिस मुख्यालय जयपुर के निर्देश पर कोटा रेंज एवं कोटा सिटी एसपी शरद चौधरी के निर्देश पर 15 जनवरी से 14 फरवरी तक राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा 2024 का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान शनिवार तक 18 दिन में विभिन्न सोसायटीज, एंजेसीज व आमजन की सहभागित से यातायात जागरुक कार्यक्रम तथा प्रचार प्रसार किया है। </p>
<p><strong> 100 से अधिक स्थानों पर नुक्कड़ नाटक </strong><br />टीआई पूरण सिंह ने बताया कि सड़क सुरक्षा माह के दौरान शहर के लगभग 100 से अधिक चौराहों, स्थानों पर नुक्कड़ नाटक, एजूकेशन मोबाइल वैन द्वारा यातायात के नियमों के संबंध में वीडियों के जरिए यातायात के नियमों के प्रति आम जन में जागरुकता लाने का प्रयास किया गया। साथ ही रैलियां और दस हजार पंपलेट वितरण किए गए। यातायात पुलिस द्वारा कोटा शहर में 50 से अधिक स्कूल व कॉलेज में जाकर करीब दस हजार से अधिक विद्यार्थियों को यातायात के नियमों की जानकारी दी गई। </p>
<p><strong>4906 वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई </strong><br />टीआई ने बताया कि इस दौरान यातायात नियमों की जानकारी देने के लिए जागरुकता अभियान चलाने के बावजूद नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ 4906 कार्रवाई की गई। जिसमें सर्वाधिक ऑवर स्पीड के 2136 चालान किए गए। बिना हेलमेंट 251, ऑवर लोडिंग 814, नो पार्किंग 762, शराब पीकर 17 तथा अन्य प्रकार से ट्रेफिक नियम को तोड़ने पर  926 चालान किए गए। </p>
<p><strong>वाहन चालाते समय ट्रेफिक नियम की पालना करें </strong><br />टीआई पूरन सिंह ने आमजन से वाहन चलाते समय ट्रेफिक नियमों की पालना करने की अपील करते हुए कहा कि हेलमेट बोझ नहीं है, जान की सुरक्षा का कवच है। वाहन पर दो से अधिक सवारी नहीं बैठाए, चौपहिया वाहन चालक वाहन को चलाते समय सीट बैल्ट का उपयोग करें। शराब पीकर वाहन को ना चलाएं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 Feb 2024 16:12:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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                <title>लॉकडाउन में फुर्तीली तो अनलॉक में सुस्त पड़ रही ट्रैफिक पुलिस</title>
                                    <description><![CDATA[ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी चालानी कार्रवाई में कमी का कारण वाहन चालकों की जागरूकता बता रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/traffic-police-is-active-in-lockdown-but-becoming-sluggish-in-unlocking/article-64646"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/si-(2).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। यातायात नियमों की पालना करवाने में ट्रैफिक पुलिस ने जिस स्पीड से लॉकडाउन में फुर्ती दिखाई, उतनी ही रफ्तार से अनलॉक में सुस्त हो गई। वर्ष 2021 में 1.38 लाख से ज्यादा वाहन चालकों के चालान बनाकर सबक सिखाया। वहीं, अगले दो वर्षों में पुलिस ने कार्रवाई से हाथ खींच लिए। नतीजन, सड़कों पर बेलगाम दौड़ते वाहन चालकों के हौंसले बढ़े और नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई। दरअसल, पिछले तीन साल के तुलनात्मक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2021 के मुकाबले वर्ष 2022 व 23 में चालानों की संख्या अपेक्षाकृत कम हो गई। हालांकि, ट्रैफिक पुलिस चालान दर कम होने का कारण वाहन चालकों के प्रति सहानुभूति बता रही है, जबकि महकमे से जुड़े कर्मचारियों ने वास्तविकत कारण राजनेताओं का दबाव बताया। बरहाल, वर्ष 2021 की अपेक्षा 2022-23 में कुल चालान संख्या में  11 हजार से ज्यादा की कटौती देखने को मिली। </p>
<p><strong>तीन साल में 2.89 लाख बने चालान</strong><br />ट्रैफिक पुलिस ने नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए वर्ष 2021 से 17 दिसम्बर 2023 तक कुल 1 लाख 89 हजार 675 चालान बनाए। जिनसे करीब 6 करोड़ से ज्यादा का जुर्माना वसूला गया। यदि, तीनों सालों के तुलनात्मक आंकड़ों पर नजर डाले तो वर्ष 2021 में कुल 1 लाख 38 हजार 976 चालान काटे गए। जिनसे 3 करोड़ 18 लाख 46 हजार रुपए जुर्माना वसूला गया। जबकि, वर्ष 2022 में कुल 70 हजार 217 चालान किए गए। जिनसे 1 करोड़ 40 लाख 88 हजार 750 रुपए जुर्माना वसूला। इसी तरह 17 दिसम्बर 2023 तक 80 हजार 482 ही चालान हुए और 1 करोड़ 58 लाख 17 हजार जुर्माना किया गया। हालांकि, अभी साल खत्म होने में 11 दिन शेष हैं। ऐसे में आखिरी दिनों में चालान व जुर्माने की संख्या में इजाफा हो सकता है। </p>
<p>पुलिस की चुप्पी का कारण-राजनीतिक हस्तक्षेप<br />ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी चालानी कार्रवाई में कमी का कारण वाहन चालकों की जागरूकता बता रहे हैं। जबकि, महकमे के ही कर्मचारियों द्वारा राजनेताओं का हस्तक्षेप को प्रमुख वजह बताया जा रहा है। नाम न छापने की शर्त पर कर्मचारियों ने बताया कि कुछ माह पहले नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने से राजनेतिक दल के कार्यकर्ता नाराज हो गए थे। ऐसे में राजनेतिक दबाव बढ़ने पर चालानी कार्रवाई में ढील बरती गई। चौराहों पर अधिकतर लोग बिना हेलमेट व सीट बेल्ट बांधे गुजर रहे हैं। जिन्हें देखकर भी नजर अंदाज करना मजबूरी हो गई है। </p>
<p><strong>तीन साल में सबसे ज्यादा टूटे ट्रैफिक सिग्नल</strong><br />शहर में बेलगाम दौड़ते वाहन चालकों ने पिछले तीन साल में सबसे ज्यादा ट्रैफिक सिग्नल का उल्लंघन किया है। इस पर पुलिस ने कुल 93 हजार 711 चालान बनाए। इनमें सर्वाधिक चालान वर्ष 2021 में 52 हजार 720 बने हैं। हालांकि, अगले दो वर्षों में इनकी संख्या घट गई। वर्ष 2022 में 27 हजार 24 तथा वर्ष 2023 में 13 हजार 967 चालान ही बन सके। निष्कर्ष : वर्ष 2022 और 23 को मिलाकर कुल 40 हजार 991 सिग्नल तोड़ने के चालान बनाए गए।  जबकि, वर्ष 2021 में 52720 बने। इस तरह अकेले 2021 में 11 हजार 729 चालान अधिक बनाए गए थे। </p>
<p><strong>सीट बेल्ट के भी तेजी से घटे चालान</strong><br />ट्रैफिक पुलिस 45 तरह के यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर चालान काट जुर्माने की कार्रवाई करती है। ताकि, लोगों में जागरूकता बढ़े लेकिन जिम्मेदार ही आंखें मूंद ले तो नियमों का टूटना स्वभाविक है। वर्ष 2021 में सीट बेल्ट न बांधने पर 2 हजार 278 लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर चालान बनाए। जबकि, वर्ष 2022 और 23 में  चालान की संख्या आधे से भी कम रह गई। निष्कर्ष : वर्ष 2022 और 23 दोनों को मिलाकर मात्र 872 चालान ही बनाए गए। जबकि, यह संख्या 2021 में बनाए गए चालानों से 1406 कम है। शहर में हर दिन चार पहिया वाहन चालक बिना सीट बेल्ट बांधे परिवहन करते हैं। </p>
<p>पिछले डेढ़ साल से चालानी कार्रवाई में कमी होने का कारण तो तत्कालीन पदस्थापित अधिकारी ही बता सकते हैं। मुझे आए अभी तीन ही माह हुए हैं, ऐसे में 30 हजार से अधिक चालान बनाए जा चुके हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। हालांकि, वाहन चालक में भी जागरूकता बढ़ी है। अधिकतर बाइक सवार हेलमेट   व कार सवार सीट बेल्ट का उपयोग स्वत: ही करते हैं। ट्रैफिक पुलिस समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाकर शहरवासियों को अवेयर करती है। <br /><strong>- राजेश ढाका, पुलिस उपाधीक्षक, यातायात</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 Dec 2023 18:56:17 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>अनूठी सफलता: रोस्टर से शहर में वीआईपी और वीवीआईपी ड्यूटी में दक्ष हुए 1500 पुलिसकर्मी</title>
                                    <description><![CDATA[ यातायात पुलिस में करीब 968 कांस्टेबल, 341 हैड कांस्टेबल, 106 एएसआई और 11 एसआई मौजूद हैं। इन सभी की ड्यूटी पहले डीसीपी अपनी मनमर्जी से कहीं भी लगा देते थे और मनचाहे तरीके से हटा देते थे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/1500-policemen-became-proficient-in-vip-and-vvip-duties-in/article-64617"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/traffic-police.png" alt=""></a><br /><p>ब्यूरो/नवज्योति,जयपुर। जयपुर शहर में अब प्रधानमंत्री विजिट हो या राष्ट्रपति का दौरा या फिर मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह समेत कोई बड़ा आयोजन, सब आसानी से सफल हो जाता है और आमजन को ज्यादा जाम से होने वाली परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। यह सब संभव हो पा रहा है यातायात पुलिस में लागू हुए रोस्टर सिस्टम से। सख्ती से लागू हुए रोस्टर प्रणाली ने जयपुर यायातात के करीब 1500 पुलिसकर्मियों को वीआईपी और वीवीआईपी मूवमेंट को सफल निकालने में दक्षता हासिल कर ली है। पहले की तरह अब यातायात पुलिस में मनमानी या मलाई वाली ड्यूटी लेने की परम्परा भी खत्म हो चुकी है। वहीं ड्यूटी लगाने वालों की मनमानी और डराने वाली प्रवृत्ति पर भी अंकुश लगा है। यातायात पुलिस में सिफारिश करवाकर ड्यूटी लगवाने और सिफारिश करने वालों की संख्या में भी कमी आई है। <br /><br /><strong>ऐसे लागू हुआ रोस्टर सिस्टम</strong><br />यातायात पुलिस में करीब 968 कांस्टेबल, 341 हैड कांस्टेबल, 106 एएसआई और 11 एसआई मौजूद हैं। इन सभी की ड्यूटी पहले डीसीपी अपनी मनमर्जी से कहीं भी लगा देते थे और मनचाहे तरीके से हटा देते थे। एडिशनल कमिश्नर राहुल प्रकाश ने जून माह में सख्ती से यातायात पुलिसकर्मियों की ड्यूटी रोस्टर प्रणाली से लगाना शुरू कर दिया। नतीजा रहा कि हर पुलिसकर्मी हर जगह और इलाके में ड्यूटी करने में सक्षम हो गए। रोस्टर से हर माह ड्यूटी लगाई जाती है, एक बार ड्यूटी लगने के बाद ड्यूटी चेंज नहीं होती। यदि किसी को बड़ी परेशानी होती है तो उच्चस्तर पर दस्तावेजों को चैक कर ड्यूटी प्वॉइंट बदल दिए जाते हैं। <br /><br /><strong>आमजन से अपील</strong><br />यातायात नियमों का पालन करें। सीट बेल्ट लगाएं, हेलमेट पहने और तेज रफ्तार में वाहन नहीं चलाएं। भीड़-भाड़ वाली जगह पर लेन सिस्टम का पालन करें ताकि वाहन आपस में नहीं फंसे और जाम की स्थिति नहीं बने। </p>
<p><strong>महिलाओं के लिए खास व्यवस्था</strong><br />रोस्टर से ड्यूटी लगने के दौरान महिला पुलिसकर्मियों की ड्यूटी दूर स्थान पर आना बड़ी समस्या बन गई। ऐसे में महिला पुलिसकर्मियों की एक कमेटी बनाई और महिलाओं को उनके निवास स्थान के आस-पास प्वॉइंट पर ड्यूटी लगाना तय हुआ। इसके बाद यातायात में तैनात महिला पुलिसकर्मियों की ड्यूटी की समस्या भी दूर हो गई। <br /><br />जयपुर शहर में यातायात पुलिसकर्मियों की ड्यूटी रोस्टर प्रणाली से लगाई जा रही है। एक बार ड्यूटी लगने के बाद विशेष परिस्थितियों में ही बदली जाती है। रोस्टर से हर यातायात पुलिसकर्मी हर ड्यूटी करने में सक्षम हो गए हैं। <br />- राहुल प्रकाश, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त यातायात एवं प्रशासन</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 Dec 2023 12:04:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>असर खबर का - त्यौहारी सीजन को लेकर यातायात पुलिस आई हरकत में</title>
                                    <description><![CDATA[ त्योहारी सीजन को देखते हुए जल्द ही प्रमुख बाजारों के मुख्य गेटों पर मार्केटिंग कर जवान तैनात कर दिए जाएंगे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-news-traffic-police-came-into-action-regarding-festival-season-bundi-rajasthan-hindi-news/article-60946"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/asar-khabar-ka---tyohari-season-ko-lekr-yatayat-police-ayi-harkat-me...bundi-news-31-10-2023.jpeg" alt=""></a><br /><p>बून्दी। पिछले दिनों नवज्योति में त्योहारी सीजन में चरमराई यातायात व्यवस्था...शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद सोमवार को यातायात पुलिय हरकत में आई। आगामी त्योहारों के मध्येनजर यातायात पुलिस ने टीआई सुरजीत सिंह के नेतृत्व में शहर के प्रमुख बाजारों में पैदल मार्च कर सभी व्यापारियों व थोड़ी ठेला वालों से समान अपनी निर्धारित सीमा पर रखने के निर्देश दिए हैं। यातायात प्रभारी सुरजीत सिंह ने बताया कि दीपावली व करवा चौथ को देखते हुए सोमवार को जाब्ते के साथ शहर के कोटा रोड, इंदिरा मार्केट सहित प्रमुख बाजारों में पैदल मार्च कर व्यापारियों सहित फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले व्यापारियों से भी निर्धारित स्थान तक ही सामान फैलाने की समझाइश की गई है। उन्होंने बताया कि त्योहारी सीजन को देखते हुए जल्द ही प्रमुख बाजारों के मुख्य गेटों पर मार्केटिंग कर जवान तैनात कर दिए जाएंगे। इस दौरान इस दौरान हेड कांस्टेबल राजेंद्र सिंह, रमेश सिंह, त्रिलोक पालीवाल, कांस्टेबल संगत सिंह, किशोर चौधरी सहित होमगार्ड के जवान साथ रहे। हालांकि यातायात पुलिस की  फोरी  व औपचारिक कार्यवाही को लेकर आम जन और व्यापारी असंतुष्ट नजर आ रहे हैं। उनका मानना है कि फोरी कार्यवाही की जगह ठोस व स्थाई प्रयास होने चाहिए।</p>
<p>गौरतलब हैं कि दीपावली के अब मात्र 15 दिन शेष रहने से बाजारों में त्योहारी रौनक झलकने लगी हैं और खरीदारी के लिए आमजन की आमदरफ्त बाजारों में बढ.रही हैं। वहीं दीपावली के बाद देवउठनी के अबूझ सावे के कारण भी बाजारों में खरीददारों की तादाद सामान्य से ज्यादा हो रही हैं। लेकिन त्योहारी सीजन में अव्यस्थित यातायात व्यवस्था ने बाजारों की व्यवस्था को ही नहीं अपितु शहर की हालत को बिगाड़ रखा हैं। शहर के चौमुखा बाजार, चौगान गेट, इंद्रा मार्केट, कोटा रोड, सब्जी मंडी रोड ऐसे क्षेत्र हैं, जहां पर दिनभर लोगों की भारी आवाजाही बनी रहती है। इन इलाकों में नो पार्किंग जोन होने के बावजूद लोग दुपहिया वाहन खड़े कर ट्रेफिक व्यवस्था बिगाड़ रहे हैं। आॅटो स्टेंड होने के बावजूद आॅटो चालक बाजारों में यहां वहां अपने आॅटो खड़े कर देते हैं, जिसके चलते चारों तरफ जाम के हालात बने रहते है। वहीं कोटा रोड़ व सब्जी मंडी रोड पर चौपहिया वाहनों के अवैध पार्किग बाजारों में बड़ी समस्या बनी हुई।</p>
<p>शहर चौराहों, बाजारों में ट्रेफिक व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ी हुई है। यहां पर तो बाजारों में लोगों को पैदल निकलने तक में भारी समस्या का सामना करना पड़ता है। नगर परिषद ने बाजारों में जाम के हालात बना रखे हैं। नगर परिषद व पुलिस चाहे तो व्यवस्था सुधर सकती है।<br /><strong>- माधवप्रसाद विजयवर्गीय, समाजसेवी</strong></p>
<p>बूंदी में ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर किसी भी तरह का विजन नहीं है, पार्किंग के लिए जगह चिन्हित नहीं है। साथ ही कोटा रोड, इंदिरा मार्केट मार्केट दोनों ही अतिक्रमण के शिकार हैं। खाना पूर्ति करने के लिए कभी-कभी ट्रैफिक पुलिस वाले कोटा रोड पर आकर खड़ी चौपहिया वाहनों को व्यवस्थित करते हैं, इसमें भी सिर्फ खाना पूर्ति ही की जाती है। सबसे ज्यादा अतिक्रमण कोटा रोड पर दिखाई दे सकता है। <br /><strong>- शक्ति तोषनीवाल, युवा व्यापार व समाजसेवी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Oct 2023 12:12:07 +0530</pubDate>
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                <title>सड़कों पर बेखौफ दौड़ रहे घातक वाहन</title>
                                    <description><![CDATA[मोटर व्हीकल एक्ट की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही और जिम्मेदार आंखें मूंदे पड़े हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/deadly-vehicles-running-fearlessly-on-the-roads/article-52704"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/sadako-ko-bekhof-daud-rhe-ghatak-vahan...kota-news-25-07-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। सड़कों पर वाहन चालते वक्त सतर्क और चौकान्ना रहिएगा, क्योंकि शहर की सड़कों पर मौत के यमदूत दौड़ रहे हैं। व्यस्तम मार्गों पर छोटे-बड़े वाहनों में लोहे के नुकीले सरिये, एंगलें व धारधार चददरें ले जाई जा रही हैं। जिससे पीछे चलने वाले वाहन चालकों की जान खतरे में रहती है। हालात यह हैं कि चौराहों पर ट्रैक्टर- ट्रॉलियां, आॅटो, पिकअप, ई-रिक्शा लोडिंग वाहन ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग की आंखों के सामने बेखौफ दौड़ रहे हैं। मोटर व्हीकल एक्ट की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही और जिम्मेदार आंखें मूंदे पड़े हैं।   </p>
<p><strong>वाहनों से 4 फीट तक बाहर निकले सरिए </strong><br />शहर के व्यस्तम मार्गों से गुजर रहे वाहनों में लोहे की एंगले, सरिये व चद्दरें करीब 4 से 5 फीट तक बाहर निकले रहते हैं। ट्रैफिक के दौरान अचानक ब्रेक लगने से इन वाहनों के पीछे चलने वाले अन्य वाहन चालकों की जान खतरे में रहती है। हाल ही में घोड़ा सर्किल से गुजर रहे लोडिंग वाहन में इतने नुकीले सरिये थे कि पीछे वाले व्यक्ति के टच भी हो जाए तो हादसा तय था। जबकि, इस चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस के चार सिपाही तैनात रहते हैं। </p>
<p><strong>जरा सी चूक और मौत</strong><br />ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े व्यापारियों का कहना है, सीएडी सर्किल, गुमानपुरा चौराहा, घोड़ा चौराहा और एयरोड्रम सर्किल से प्रतिदिन बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियां, आॅटो, पिकअप, लोडिंग रिक्शा वाहनों में सरिया, एंगलें, पाइप, टीन चद्दरों का धड़ल्ले से परिवहन किया जा रहा है। </p>
<p><strong>सरियों पर लाल कपड़ा भी नहीं </strong><br />चौराहोें से शहर के अंदरुनी इलाकों में निर्माण सामग्री लेकर जा रहे वाहन चालक सरियों, एंगलें व टीन चद्दरों पर लाल कपड़ा तक नहीं बांधते। जबकि, नियमोें के अनुसार यह सामग्री वाहन की बॉडी से बाहर नहीं निकलनी चाहिए। चालकों को लाल रंग का कपड़ा लटका कर ले जाना होता है ताकि पीछे चल रहे वाहन चालक समझ सके कि आगे चल रहे वाहन से खतरा है। लेकिन, शहर में बिना लाल कपड़े बांधे खतरनाक सामग्री का परिवहन हो रहा है। </p>
<p><strong>यहां उड़ी नियमों की धज्जियां</strong><br />शहर में साइं बाबा मंदिर के सामने दोपहर को सीमेंट के बिजली के खंभे लेकर ट्रैक्टर-ट्रॉली गुजरी लेकिन न तो ट्रैफिक पुलिस ने रोका और न ही परिवहन विभाग ने कार्रवाई की। इसी तरह सकतपुरा रोड पर बिना लाल कपड़े बांधे सरियों से भरा मेटाडोर गुजरा। गुमानपुरा स्थित न्यू कॉलोनी में सरिया, एंगल, नयापुरा में टीन चद्दरें और बैराज की समानांतर पुलिया से तीन फीट वाहन से बाहर निकले सरियों से भरा मेटाडोर गुजरते रहे।</p>
<p><strong>ये है मोटर व्हीकल एक्ट</strong><br />मोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार लोडिंग किए जाने वाली सरिये सहित अन्य सामग्री वाहनों की लंबाई के बाहर नहीं निकलना चाहिए। लोहे के सरिया को वाहन में परिवहन करते समय बंधे होने चाहिए। वाहन में पीछे की ओर रेड सिग्नल के रूप में लाल कपड़ा व रिफ्लेक्टर बंधा होना चाहिए। ताकि, रात को भी पीछे चलने वाले वाहन चालकों को दिखाई दे। वहीं, सरियों के नुकीले मुंह को कपड़ों से बंधा होना चाहिए।</p>
<p><strong>लोकसेवक के खिलाफ भी हो सकती है कार्रवाई</strong><br />मोटर व्हीकल एक्ट के तहत लोहे के एंगलें, सरिये, पाइप, टीन चद्दरें वाहन की बॉडी से बाहर नहीं निकलना चाहिए। इन सामग्री पर लाल कपड़ा बंधा होना जरूरी है ताकि पीछे चल रहे वाहन चालक सावचेत हो सके। ऐसे लोडिंग वाहन से परिवहन हो रही सामग्री से कोई हादसा होता है तो वाहन चालक, वाहन स्वामी, सामग्री बेचने वाले दुकानदार और जिस व्यक्ति या संस्थान के लिए यह सामग्री जा रही है उन चारों के खिलाफ क्षतिपूर्ति के लिए मुकदमा किया जा सकता है। वाहन चालक व वाहन स्वामी के विरुद्ध धारा 336,427 सपठित धारा 34 के तहत कार्रवाई की जा सकती है।  वहीं, ऐसे वाहन जो मोटरयान की श्रेणी में नहीं आते उनके विरुद्ध 336, 427 में मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। वहीं, लोकसेवक अपने कानूनी दायित्व का पालन नहीं करता है तो उसके विरूद्ध भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। <br /><strong>- विवेक नंदवाना, वरिष्ठ एडवोकेट कोटा</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />मोटर व्हीकल एक्ट के तहत नियमानुसार ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। वाहनों से बाहर लटके सरियों, टीन चद्दरों व एंगलों से खतरा रहता है। चौराहों पर तैनात ट्रैफिक जवानों को नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।  <br /><strong>- कालूराम वर्मा, उप अधीक्षक, ट्रैफिक पुलिस </strong></p>
<p>परिवहन विभाग ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। चालान बनाकर पाबंद किया जाता है। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए स्टाफ को भी निर्देशित किया हुआ है। <br /><strong>- अरविंद सिंह, निरीक्षक, परिवहन विभाग </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Jul 2023 14:18:06 +0530</pubDate>
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                <title>हर तीसरे दिन बुझा एक परिवार का चिराग </title>
                                    <description><![CDATA[कोटा में पिछले तीन सालों में हुए हादसों में गत वर्ष 2022 में सबसे अधिक हादसे तो हुए ही उनमें मृतकों की संख्या भी तीन साल में सबसे अधिक रही है। ट्रैफिक पुलिस से प्राप्त आंकडों के अनुसार कोटा में वर्ष 2022 में कोटा में हुए हादसों में कुल 111 लोगों की मौत हुई है। इस हिसाब से हर महीने करीब 10 लोगों की मौत होना बहुत बड़ा आंकड़ा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/a-family-s-lamp-extinguished-every-third-day/article-34223"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-01/ast-vyast-trafic.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। उम्र दराज और बीमार व्यक्ति की मौत पर ही परिवारों में व्यक्ति के जाने का गम सताने लगता है। ऐसे में सड़क हादसों में जवान मौत होने पर उस परिवार के दु:ख का अंदाजा लगा पाना मुश्किल है। कोटा शहर में हादसों में परिवार के लोगों को खोने का गम रोजाना देखने को मिल रहा है। कोटा में पिछले साल हादसों में हर तीसरे दिन एक परिवार का चिराग बुझा है। कोटा शहर का विकास व विस्तार जिस तेजी से हो रहा है। उसी तेजी से यहां वाहनों की संख्या में भी बढ़ोतरी हो रही है। शहर में दो पहिया से अधिक चार पहिया वाहन हो रहे हैं। ऐसे में बेतरतीब तरीके से वाहन चलाना व यातायात नियमों की पालना नहीं करना और निर्धारित गति से अधिक तेज गति से वाहन चलान समेत कई कारण ऐसे हैं जिनके कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। दुर्घटना होने पर वाहन चालकों या वाहन पर सवार लोगों के घायल होने व कई लोगों की मौत तक होने से इनकार नहीं किया जा रहा है। कोटा में पिछले तीन सालों में हुए हादसों में गत वर्ष 2022 में सबसे अधिक हादसे तो हुए ही उनमें मृतकों की संख्या भी तीन साल में सबसे अधिक रही है। </p>
<p><strong>2022 में 111 मौत</strong><br />ट्रैफिक पुलिस से प्राप्त आंकडंों के अनुसार कोटा में वर्ष 2022 में कोटा में हुए हादसों में कुल 111 लोगों की मौत हुई है। इस हिसाब से हर महीने करीब 10 लोगों की मौत होना बहुत बड़ा आंकड़ा है। यदि दिन का अंंदाजा लगाया जाए तो हर तीसरे दिन एक परिवार का चिराग बुझा है। फिर उसमें चाहे किसी बुजुर्ग की मौत हुई हो या महिला की। युवा की हुई हो या बच्चे की। घर से सुरक्षित निकले लोगों में 111 लोग ऐसे रहे तो पूरे साल में अपने घर वापस सुरक्षित नहीं जाकर शव के रूप में ही पहुंचे। जिसने उन परिवारों पर दु:खों का पहाड़ टूट गया।  </p>
<p><strong>यह रही अन्य थाना क्षेत्रों की स्थिति</strong><br />ट्रैफिक पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार दादाबाड़ी थाना क्षेत्र में 15 हादसे, 18 घायल व  की मौत हुई है। गुमानपुरा में 33 हादसे, 33 घायल व  की मौत हुई। किशोरपुरा में 17 हादसों में 20 घायल हुए। जबकि यहां अच्छी बात रही कि हादसों में किसी की मौत नहीं हुई। जवाहर नगर में 15 हादसों में 14 लोग घायल हुए। भीमगंजमंडी में 13 हादसे, 10 घायल व 2 मौत, नयापुरा में 45 हादसे, 51  घायल व 18 मौत हुई। रेलवे कॉलोनी में 20 हादसे, 18 घायल व 4 की मौत, कैथूनीपोल में 11 हादसे, 11 घायल, मकबरा में 1 हादसा, 1 घायल, रामपुरा कोतवाली में 12 हादसे 15 घायल, महावीर नगर में 27 हादसे, 32 घायल व 1 मौत, अनंतपुरा में 37 हादसे, 33 घायल व 11 मौत, आर.के. पुरम् में 21 हादसे, 17 घायल व 6 लोगों की मौत हुई है। रानपुर में 6 हादसे, 2 घायल व 3 की मौत, विज्ञान नगर में 20 हादसे 35 घायल व 2 मौत और बोरखेड़ा थाना क्षेत्र में 26 सड़क दुर्घटनाएं हुई। जिनमें 24 घायल हुए व 9 लोगों की मौत हुई है। </p>
<p><strong>हादसे व घायल भी सबसे अधिक</strong><br />कोटा में वर्ष 2022 में सड़क हादसे और उन हादसों में घायल भी तीन सालों में सबसे अधिक हुए हैं। ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022 मं जनवरी से दिसम्बर तक कुल 444  सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं। उनमें घायलों की संख्या 432 रही है। यह तीन सालों में सबसे अधिक है। </p>
<p><strong>यह रही दो सालों की स्थिति</strong><br />कोटा में वर्ष 2020 व 2021 में भी हादसे हुए हैं। लेकिन उनकी संख्या 2022 की तुुलना में कम रही। जानकारी के अनुसार वर्ष 2020 में कुल 353 सड़क हादसे हुए। जिनमें 362 लोग घायल हुए और 60 लोगों की मौत हुई थी। जबकि वर्ष 2021 में 368 सड़क दुर्घटनाए हुई। उनमें 367 लोग घायल हुए तो 75 लोगों की मौत हुई है। </p>
<p><strong>सबसे अधिक हादसे कुन्हाड़ी व उद्योग नगर में</strong><br />कोटा शहर के 18 थाना क्षेत्रो में वर्ष 2022में कुल 444 सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं। जिनमें सबसे अधिक कुन्हाड़ी व उद्योग नगर थाना क्षेत्रों में हुई है। ट्रैफिक पुलिस से प्राप्त आंकडों के अनुसार  कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र में सबसे अधिक 68 सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं। जिनमें घायल भी सबसे अधिक 65 लोग हुए। मुतकों की संख्या भी इसी थाना क्षेत्र में सबसे अधिक 30 रही। इसी तरह से दूसरे नम्बर पर उद्योग नगर थाना क्षेत्र रहा। जहां साल में 48 सड़क दुर्घटनाएं हुई। जिनमें 33 लोग घायल व 19 लोगों की मौत हुई है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />अधिकतर हादसे तो लोगों की लापरवाही के कारण होते हैं। तेज गति से वाहन चलाने, जल्दी पहुचन के प्रयास में अनयंत्रित वाहन चलाना शराब पीकर वाहन चलाना व बिना हैलमेट के वाहन चलाने के कारण भी हादसे होते हैं।  गम्भीर हादसं में अधिकतर सिर में चोट लगने के काण ही मौत होती है। यातायात पुलिस का प्रयास है कि हादसे कम से कम हों। इस संबंध में वाहन चालकों को जागरुक व समझाइश की जाती है। यातायात नियमों की पालना नहीं करने वालों के खिलाफ सख्ती करते हुए चालान भी बनाए जाते हैं। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर हादसों में कमी लाने के लिए रोड इंजीनियरिंग में सुधार किया जा रहा है। साथ ही आवश्यक स्थानों पर स्पीड ब्रेकर व संकतक लगाए जा रहे हैं। <br /><strong>-कालूराम वर्मा, उप अधीक्षक, यातायात पुलिस कोटा शहर </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Jan 2023 15:12:47 +0530</pubDate>
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                <title>हादसों पर अंकुश लगाने के लिए यातायात पुलिस ने 6 नाइट हॉक की तैनात </title>
                                    <description><![CDATA[शहर में आए दिन तेज रफ्तार से हो रहे सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए यातायात पुलिस ने छह नाइट हॉक तैनात की है। अब यदि किसी ने शहर के मुख्य मार्गों पर तेज रफ्तार में वाहन चलाया, तो उसका चालान काटेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-traffic-police-deployed-6-night-hawks-to-curb-accidents/article-10935"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/465465465465.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शहर में आए दिन तेज रफ्तार से हो रहे सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए यातायात पुलिस ने छह नाइट हॉक तैनात की है। अब यदि किसी ने शहर के मुख्य मार्गों पर तेज रफ्तार में वाहन चलाया, तो उसका चालान काटेगा। यातायात पुलिस ने जयपुर के चारों जिलों के अलावा मुख्य मार्ग जेएलएन मार्ग, वीकेआई रोड, सीकर रोड पर नाइट हॉक तैनात की है। पुलिस मुख्यालय ने कुछ दिन पूर्व ही इन्हें शहर के अंदर तैनात करने के आदेश दिए थे। इनसे तेज रफ्तार वाहनों पर अंकुश लगेगा। प्रदेश में संभवत: यह पहली बार जयपुर में हो रहा है।</p>
<p><strong>नाइट हॉक ऐसे करता है काम</strong><br />जयपुर शहर में तैनात नाइट हॉक में लगी आूटो मैटिक ओवर स्पीड व्हीकल को कैच कर लेती है। इसमें लगा कैमरा रात और दिन काम करता है। इस डिवाइस को आॅटो मोड पर करके पुलिसकर्मी फ्री हो सकते हैं। ये अपने आप ओवर स्पीड में चल रहे वाहन को कैच कर लेता है। कैच करने पर इससे अटैच मोबाइल को यह उस गाड़ी का फोटो और नम्बर प्लेट ओवर स्पीड के साथ भेज देता है। इसकी जानकारी कुछ दूरी पर आगे खड़े अन्य पुलिसकर्मियों को जाती है। वे पुलिसकर्मी उस गाड़ी को रोककर उसका चालान काटते हैं।</p>
<p>ज यपुर शहर में तेज रफ्तार वाहन पर अंकुश लगाने के लिए नाइट हॉक तैनात की गई है। इससे वाहनों की रफ्तार पर लगाम लगेगी और हादसे भी कम होंगे। <br /><strong>- श्वेता धनखड़, पुलिस उपायुक्त यातायात</strong> <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jun 2022 11:54:01 +0530</pubDate>
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