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                <title>ब्रिटेन में अतिवाद के बढ़ते मामलों के खिलाफ ऋषि सुनक ने दी चेतावनी </title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री सुनक ने इस्लामी चरमपंथी समूहों पर शनिवार को जोरदार हमला करते हुए कहा कि उन्होंने कानूनों की बिल्कुल परवाह नहीं है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/rishi-sunak-warn-against-increasing-cases-of-extremism-in-britain/article-71673"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/6336-copy7.jpg" alt=""></a><br /><p>लंदन। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने कहा है कि हाल के महीनों में इंग्लैंड में इस्लमी चरमपंथियों की ओर से व्यवधान डालने और आपराधिक घटनाओं में अप्रत्याशित वृद्धि देखी गई है। जो विरोध प्रदर्शन के रूप में शुरू हुआ वह अब धमकियों और हिंसा में बदल गया है। यहूदी बच्चे स्कूल ड्रेस पहनने से डरते हैं कि कहीं उनकी पहचान उजागर न हो जए। प्रधानमंत्री सुनक ने इस्लामी चरमपंथी समूहों पर शनिवार को जोरदार हमला करते हुए कहा कि उन्होंने कानूनों की बिल्कुल परवाह नहीं है और वे हिंसात्मक तरीकों से अन्य धार्मिक समूहों को आतंकित करने में लगे हैं।  ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने देश में अतिवाद के बढ़ते मामलों के खिलाफ चेतावनी दी है कि लोगों को शांतिपूर्वक मार्च और विरोध करने का अधिकार है, लेकिन वे हिंसा और उग्रवाद की अपील नहीं कर सकते। सुनक ने कहा कि हाल के महीनों में चरमपंथियों की ओर से व्यवधान और आपराधिक घटनाओं में अप्रत्याशित वृद्धि देखी गई है। जो विरोध प्रदर्शन के रूप में शुरू हुआ, वह अब धमकियों और हिंसा में बदल गया है। यहूदी बच्चे स्कूल ड्रेस पहनने से डरते हैं कि कहीं उनकी पहचान उजागर न हो जाए।  एक आतंकवादी समूह हमास के कार्यों के लिए मुस्लिम महिलाओं के साथ सड़क पर दुर्व्यवहार किया जाता है। अब हमारा लोकतंत्र ही निशाने पर है। उन्होंने स्वीकार किया कि दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों से अप्रवासी यहां आए हैं। </p>
<p>एक धर्मनिष्ठ मुस्लिम और देशभक्त नागरिक हो सकते हैं या एक प्रतिबद्ध यहूदी हो सकते हैं। लेकिन दुनिया के सबसे सफल बहुजातीय, बहुआस्था वाले लोकतंत्र के निर्माण में हमारी महान उपलब्धि को जानबूझकर कमजोर किया जा रहा है। सुनक ने कहा कि हमास द्वारा इजरायल पर हमले के बाद से कई समूह विभाजनकारी, घृणित वैचारिक एजेंडे को बढ़ाने के लिए युद्ध का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। कई अवसरों पर ऐसे लोग विरोध प्रदर्शन का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। इस्लामिक चरमपंथी और धुर दक्षिणपंथी समूह एक जहर फैला रहे हैं। वह चरमपंथ है। लोगों को मार्च करने और विरोध जताने का अधिकार है, लेकिन वे हिंसक जिहाद की अपील नहीं कर सकते। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 Mar 2024 11:03:27 +0530</pubDate>
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                <title>ऋषि सुनक ने रवांडा निर्वासन नीति का किया समर्थन</title>
                                    <description><![CDATA[सहयोगी ने दिया इस्तीफा: इस नीति को लेकर बुधवार रात सुनक के सहयोगी राबर्ट जेनरिक ने आव्रजन मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/rishi-sunak-supports-rwanda-deportation-policy/article-63737"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/1117.png" alt=""></a><br /><p>लंदन। ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक अवैध प्रवासियों को रवांडा में बसाने की नीति को लेकर अपनी ही सत्तारूढ़ कंजरवेटिव पार्टी के निशाने पर है। वह अपना पद और राजनीतिक करियर बचाने की जंग लड़ रहे हैं। इस बीच गुरुवार को सुनक ने अवैध प्रवासियों को रवांडा भेजे जाने की नीति का पुरजोर समर्थन किया और इसे अब तक का सबसे आव्रजन रोधी कानून करार दिया।</p>
<p><strong>सहयोगी ने दिया इस्तीफा</strong></p>
<p>इस नीति को लेकर बुधवार रात सुनक के सहयोगी राबर्ट जेनरिक ने आव्रजन मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। अभी हाल ही में ब्रिटेन की सुप्रीम कोर्ट ने अवैध प्रवासियों को रवांडा में बसाने की योजना को गैरकानूनी करार दिया था। सुनक ने स्वयं को प्रवासियों की संतान करार दिया और बताया कि किस प्रकार उनके परिवार ने गर्वित ब्रिटिश नागरिक बनने के लिए कानूनी रास्ता अपनाया।</p>
<p><strong>सुनक को नई रवांडा नीति पर भरोसा</strong><br />उन्होंने कहा कि हम नियमों के अनुरूप खेलते हैं और अपनी बारी का इंतजार करते हैं। कुछ लोग यह सब खत्म कर सकते हैं। आपने केवल अपनी सीमाओं से नियंत्रण नहीं खोया बल्कि निष्पक्षता और विश्वसनीयता को कमजोर कर दिया है, जिस पर हमारा तंत्र आधारित है। सुनक ने कहा कि गत वर्ष उनके कार्यभार संभालने के बाद से अवैध अप्रवासियों के आने की घटनाओं में एक तिहाई की कमी आई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 Dec 2023 12:38:54 +0530</pubDate>
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                <title>भारतीय मूल के ऋषि सुनक बन सकते हैं ब्रिटेन के प्रधानमंत्री </title>
                                    <description><![CDATA[ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने अपनी कैबिनेट के मंत्रियों के इस्तीफों की झड़ी के बीच इस्तीफा दे दिया। वह नए प्रधानमंत्री के कार्यभार संभालने तक काम देखते रहेंगे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/rishi-sunak-may-become-prime-minister-of-britain/article-13879"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/46546546556.jpg" alt=""></a><br /><p>लंदन। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने अपनी कैबिनेट के मंत्रियों के इस्तीफों की झड़ी के बीच इस्तीफा दे दिया। वह नए प्रधानमंत्री के कार्यभार संभालने तक काम देखते रहेंगे। अब प्रधानमंत्री पद के लिए कई लोग सामने आए है, लेकिन भारतीय मूल के ऋषि सुनक का नाम सबसे आगे चल रहा है। <br />जॉनसन ने कहा कि उन्हें त्याग-पत्र देते हुए दुख हो रहा है। यह दुनिया का सबसे अच्छा पद था, लेकिन विराम तो लगते ही है। मैं अपनी पार्टी के सांसदों के अध्यक्ष सर ग्राहम ब्रेडी की इस बात से सहमत हूं कि नए नेता के चयन की प्रक्रिया अब शुरू कर दी जानी चाहिए। मैंने काम देखने के लिए (अस्थाई तौर पर) एक मंत्रिमंडल का गठन कर दिया है।</p>
<p><strong>ये हैं दावेदार</strong><br />पद के दावेदारों में ऋषि सुनक के अलावा वर्तमान वित्त मंत्री नदीम और पूर्व विदेश मंत्री जेरेमी हंट भी शामिल हैं। इनके अलावा लिज ट्रस और बेन वालेस तथा पूर्व रक्षा मंत्री पैनी मॉरडॉट भी अपनी दावेदारी कर सकते हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 Jul 2022 13:07:01 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title> 135 साल से अल्बर्ट हॉल में योग कर रहे हैं ऋषि और मुनि</title>
                                    <description><![CDATA[अल्बर्ट हॉल संग्रहालय में राजा-महाराजाओं के हथियार जैसे बंदूक, भाले, तीर-कमान सहित विभिन्न पुरा-वस्तुएं प्रदर्शित हैं, लेकिन इस बीच एक डिस्प्ले ऐसा भी है, जो पर्यटकों को स्वस्थ और सेहतमंद रहने का संदेश देता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rishi-and-muni-have-been-doing-yoga-in-albert-hall/article-12692"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/yoga1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong> जयपुर।</strong> वैसे तो अल्बर्ट हॉल संग्रहालय में राजा-महाराजाओं के हथियार जैसे बंदूक, भाले, तीर-कमान सहित विभिन्न पुरा-वस्तुएं प्रदर्शित हैं, लेकिन इस बीच एक डिस्प्ले ऐसा भी है, जो पर्यटकों को स्वस्थ और सेहतमंद रहने का संदेश देता है।</p>
<p><br /> हम बात कर रहे हैं संग्रहालय के प्रथम तल पर प्रदर्शित योग गैलेरी की। यहां 1887 से 19वीं शताब्दी में मिट्टी से बनी करीब 50 ऋषि-मुनियों के क्ले मॉडल को योग की विभिन्न मुद्राओं के रूप में प्रदर्शित किया हैं। जो करीब 135 साल पर्यटकों को योग करने का संदेश दे रही हैं। इनमें अर्द्ध धनुआसन, झूलासन, सहजासन, बुद्ध आसन, कुबरी आसन, मकरासन, अधोमुखवारिज, कमलासन, जानवासन, स्वस्तिकासन, शवासन सहित अन्य योग मुद्राओं में दिखाते हुए डिस्प्ले किया गया है। जानकारी के अनुसार योग मुद्राओं के ये क्ले मॉडल पश्चिम बंगाल के कृष्ण नगर में बनी थीं। जहां मृदा पात्र, खिलौनों के साथ ही मूर्ति बनाने की परम्परा आज भी प्रचलित है। यहां गैलेरी के प्रथम तल पर योग मुद्राओं में विभिन्न ऋषि-मुनियों के क्ले मॉडल्स प्रदर्शित हैं। जिन्हें संग्रहालय बनाने के बाद प्रदर्शित किया गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jun 2022 13:46:29 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कोंकण के जंगलों में पराशर ऋषि का आश्रम</title>
                                    <description><![CDATA[पारीक समाज बंधुओं ने वर्षों तक प्रयास कर पारीक समाज के प्रणेता महर्षि पराशर की तपोस्थली खोजने में सफलता प्राप्त की है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/ajmer-parashara-rishi-ashram-in-the-forest/article-10952"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/qq-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>कुचामनसिटी। पारीक समाज बंधुओं ने वर्षों तक प्रयास कर पारीक समाज के प्रणेता महर्षि पराशर की तपोस्थली खोजने में सफलता प्राप्त की है। टीम में शामिल ग्राम कल्याणपुरा निवासी सुरेशकुमार व्यास ने बताया कि विभिन्न धार्मिक ग्रंथों एवं पुराणों का अध्ययन करने पर जानकारी मिली कि कोंकण के घने जंगलों में पराशर ऋषि का आश्रम है। उनकी खोज में धार्मिक ग्रंथों सहित सेटेलाइट उपकरणों की भी मदद ली गई। करीब दो वर्षों की मेहनत के बाद उन्हें सफलता मिली है। उनकी खोजी टीम में सोहनलालजी पारीक (पालड़ी), राधेश्याम पाण्डिया, आरबी व्यास, आनंद पारीक (लाडनू) एवं सुरेशकुमार व्यास कल्याणपुरा शामिल थे। आखिर पन्नालगढ की तलहटी स्थित पहाड़ी में टीम को पराशर ऋषि की गुफा मिली। गुफा करीब 60 मीटर लंबी है। गुफा में धातुनूमा वस्तु से बनी महर्षि पराशर की मूर्ति मिली। मूर्ति के पीछे एक गहरा गड्ढा मिला। मालूम करने पर पता चला कि यह महर्षि पराशर की समाधि स्थली है।</p>
<p><strong>महर्षि द्वारा स्थापित किया गया शिवलिंग भी मिला</strong><br />थोड़ी दूर पर ही उन्हें महर्षि पराशर का आश्रम दिखाई दिया। दिखने में हजारों साल पुराने इस आश्रम में शिवलिंग स्थापित है। शिवलिंग महर्षि पराशर से स्वयं स्थापित किया था। पास ही एक बहुत पुरानी मूर्ति नजर आई। दिखने में विष्णु की मूर्ति है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jun 2022 13:01:33 +0530</pubDate>
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