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                <title>paris news - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>पेरिस में हिंदू संगठन के दौरे पर विवाद, महिला कर्मचारियों को अलग रखने के विरोध में बंद एफिल टावर फिर खुला</title>
                                    <description><![CDATA[पेरिस में बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था के दौरे के दौरान महिला कर्मचारियों को अलग रखने के विरोध में कर्मचारियों की हड़ताल के बाद एफिल टावर दोबारा खोल दिया गया है। एफिल टावर प्रबंधन ने इसे गलती माना, वहीं संस्था ने स्पष्ट किया कि किसी का प्रवेश नहीं रोका गया था और असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/controversy-over-visit-of-hindu-organization-in-paris-eiffel-tower/article-165047"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)-(6)1.png" alt=""></a><br /><p>पेरिस। फ्रांस की राजधानी पेरिस में हिंदू धार्मिक संगठन बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था के दौरे के दौरान महिला कर्मचारियों को कथित तौर पर अलग रखे जाने के विरोध में कर्मचारियों की हड़ताल के बाद सोमवार को बंद एफिल टावर मंगलवार को फिर खोल दिया गया। संस्था ने हालांकि कहा कि उसका दौरा एफिल टावर के प्रबंधन के साथ पहले से तय था और किसी भी व्यक्ति को प्रवेश से नहीं रोका गया था। संगठन ने इस घटना से किसी को हुई असुविधा या ठेस के लिए माफी भी मांगी।</p>
<p>संस्था ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा, “ हम उठायी गयी चिंताओं को समझते हैं और उन्हें बेहद गंभीरता से लेते हैं। हमारे प्रतिनिधिमंडल के आकार को देखते हुए, अन्य आगंतुकों को कम से कम असुविधा हो, इसके लिए एफिल टावर की टीम के साथ समन्वय कर सामान्य समय पर टावर खुलने के साथ ही दौरे का आयोजन किया गया था। ” बयान में कहा गया, “ हमारी जानकारी के अनुसार, किसी भी समय किसी व्यक्ति को एफिल टावर में प्रवेश करने से नहीं रोका गया। फिर भी, इस स्थिति से किसी को ठेस पहुंची या असुविधा हुई हो तो हम माफी मांगते हैं। ”</p>
<p>संस्था के करीब 100 पुरुष सदस्य इस ऐतिहासिक स्थल का दौरा कर रहे थे। एफिल टावर का संचालन करने वाली कंपनी एसईटीई ने कहा कि संगठन ने ऐसा दौरा करने का अनुरोध किया था, जिसमें ‘महिलाओं के साथ संपर्क’ सीमित रखा जाना था। एसईटीई ने इस व्यवस्था को स्वीकार करना गलती बताते हुए कहा, “ इन शर्तों को स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए था।” कर्मचारियों की हड़ताल के कारण एफिल टावर सोमवार को बंद कर दिया गया था। आगंतुकों को वहां एक संदेश के जरिए बताया गया कि संचालन संबंधी कारणों से टावर का खुलना स्थगित दिया गया है। कर्मचारियों ने जारी एक बयान में धार्मिक संगठन के दौरे के दौरान ‘पेशेवर निर्देशों के कारण महिला कर्मचारियों को उनके लिंग के आधार पर अलग रखने, उनके स्थान पर पुरुषों को तैनात करने और उन्हें अदृश्य बना देने’ की निंदा की।</p>
<p>संस्था ने रविवार को पेरिस के पास बुसी-सेंट-जॉर्ज में फ्रांस के पहले पारंपरिक हिंदू मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह का आयोजन किया था। इस कार्यक्रम को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया था। उन्होंने कहा था, “भारत और फ्रांस के संबंध नयी ऊंचाइयों पर पहुंच गये हैं।” </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 18:20:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>कृत्रिम सूर्यग्रहण के लिए हो जाएं तैयार, पृथ्वी से 60 हजार किमी ऊपर बनेगा इतिहास</title>
                                    <description><![CDATA[यूरोपीय स्पेस एजेंसी के अंतरिक्ष मिशन के लिए अंतिम तैयारियां शुरू हो गई हैं, जिसमें सैटेलाइट को भेजकर पृथ्वी से बहुत ऊपर कृत्रिम सूर्यग्रहण बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/get-ready-for-artificial-solar-eclipse-history-will-be-made/article-96438"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/257rtrer.png" alt=""></a><br /><p>पेरिस। अगला सूर्यग्रहण लगने में अभी महीनों का इंतजार है, लेकिन पृथ्वी से ऊपर वैज्ञानिक जल्द ही कृत्रिम सूर्यग्रहण बनाकर इतिहास रचने के लिए तैयार हैं। यूरोपीय स्पेस एजेंसी के अंतरिक्ष मिशन के लिए अंतिम तैयारियां शुरू हो गई हैं, जिसमें सैटेलाइट को भेजकर पृथ्वी से बहुत ऊपर कृत्रिम सूर्यग्रहण बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसमें अहम भूमिका निभा रहा है। प्रोबा-3 मिशन यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी का कक्षा में सटीक ढंग से उड़ान भरने का पहला प्रयास है। इसमें दो अंतरिक्ष यान ग्रह के चारों ओर ऐसी व्यवस्था में चक्कर लगाएंगे, जो एक मिलीमीटर से भी अधिक नहीं हटती है। सब कुछ ठीक रहा तो अंतरिक्ष यान 4 दिसम्बर को भारतीय समयानुसार शाम 4.08 बजे भारत के श्रीहरिकोटा में सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से उड़ान भरेगा। इसे इसरो के पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल  से लॉन्च किया जाएगा। इस मिशन का उद्येश्य दो सैटेलाइट की जोड़ी का उपयोग करते हुए सूर्य के कोरोना का अध्ययन करना है। कृत्रिम सूर्यग्रहण की स्थिति बनने पर वैज्ञानिकों के लिए सैटेलाइट की मदद से सूर्य के कोरोना के अध्ययन करने के लिए अच्छा अवसर होगा। प्रोबा-3 मिशन में दो उपग्रह शामिल हैं- ऑकल्टर सैटेलाइट और कोरोनाग्राफ सैटेलाइट।</p>
<p><strong>कैसे करेगा काम?</strong><br />ओएससी में 1.4 मीटर की ऑक्ल्टरिंग डिस्क है, जो सूरज की रोशनी को रोकने के लिए डिजाइन की गई है, जो 150 मीटर की दूरी पर लगभग 8 सेंटीमीटर चौड़ी छाया बनाती है। छाया के भीतर सीएससी स्थित है, जिसमें 5 सेंटीमीटर एपर्चर वाला एक टेलिस्कोप है। ये उपग्रह फॉर्मेशन फ्लाइंग तकनीकों का उपयोग करके मिलीमीटर सटीकता के साथ एक सटीक फॉर्मेशन बनाए रखेंगे।</p>
<p><strong>60,000 किमी ऊपर लगेगा सूर्यग्रहण</strong><br />अंतरिक्ष में उपग्रहों की यह स्थिति दीर्घवृत्ताकार कक्षा के सबसे बाहरी हिस्से पर होगी, जो पृथ्वी से लगभग 60 हजार किलोमीटर दूरी पर है। यहां गुरुत्वाकर्षण बन न्यूनतम है, जिसमें स्टेशन कीपिंग के लिए जरूरी प्रोपेलैंट में कमी आएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Dec 2024 12:17:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title> बादशाहत बरकरार: नडाल 14वीं बार बने फ्रेंच ओपन चैंपियन</title>
                                    <description><![CDATA[रेंच ओपन के निर्विवाद किंग और रौलां गैरो की लाल बजरी के बीच रोमांस बना हुआ  है। नडाल ने नॉर्वे के कैस्पर रुड को रविवार को एकतरफा अंदाज में 6-3,6-3, 6-0 से हराकर 14वीं बार फ्रेंच ओपन का खिताब जीत लिया और इसके साथ ही उन्होंने अपने ग्रैंड स्लेम खिताबों की संख्या 22 पहुंचा दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/nadal-retained-his-reign--became-french-open-champion-for-the-14th-time/article-11416"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/rafael-nadal1.jpg" alt=""></a><br /><p>पेरिस।  फ्रेंच ओपन के निर्विवाद किंग और रौलां गैरो की लाल बजरी के बीच रोमांस बना हुआ  है। नडाल ने नॉर्वे के कैस्पर रुड को रविवार को एकतरफा अंदाज में 6-3,6-3, 6-0 से हराकर 14वीं बार फ्रेंच ओपन का खिताब जीत लिया और इसके साथ ही उन्होंने अपने ग्रैंड स्लेम खिताबों की संख्या 22 पहुंचा दी।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>कब-कब जीता कौनसा खिताब </strong> </span><br />नडाल ने 2005, 2006, 2007, 2008, 2010, 2011, 2012, 2013, 2014, 2017, 2018, 2019, 2020, 2022 में कुल 14 बार फ्रेंच ओपन, 2009 और 2022 में आॅस्ट्रेलियन ओपन,  2008 और 2010 में विम्बलडन तथा 2010, 2013, 2017, 2019 में यूएस ओपन के खिताब जीते। वह फ्रेंच ओपन के फाइनल में जब भी पहुंचे, उन्होंने खिताब जीतकर ही दम लिया।  वह आज तक कभी फाइनल में नहीं हारे।  फिलिप चैटरियर कोर्ट पर पांचवीं सीड नडाल ने पहले दो सेट आसानी से 6-3, 6-3 से जीते और तीसरे सेट में उन्होंने आठवीं सीड रुड को एक भी गेम जीतने का मौका दिए बिना इसे 6-0 से निपटा दिया।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>टक्कर भी नहीं दे पाए रूड</strong></span><br />नॉर्वे के कैस्पर रुड  राफेल नडाल को ही अपना आदर्श मानते हैं। उन्होंने नडाल के साथ काफी ट्रेनिंग की है। इसके बाद भी 23 साल के रुड उन्हें टक्कर नहीं दे पाए। नडाल ने मुकाबले को 2 घंटे और 18 मिनट में ही लगातार सेटों में अपने नाम किया। दूसरे सेट में एक समय रुड 3-1 से आगे थे</p>
<p>लेकिन लगातार 5 गेम जीतकर नडाल ने सेट को अपने नाम किया। तीसरे सेट में रुड एक गेम भी नहीं जीत सके और उनका चैंपियन बनने का सपना टूट गया। राफेल नडाल ने 2005 में  यहां पहली बार खिताब जीता था। उसके बाद से वह 13 बार फ्रेंच ओपन के विजेता  चैंपियन बने। फ्रेंच ओपन क्ले कोर्ट पर खेला जाता है और इसी वजह से नडाल को क्ले कोर्ट के किंग के नाम से भी जाना जाता है।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>चैंपियन बनने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी </strong> </span><br />खताब सिर्फ मार्गरेट कोर्ट (24), सेरेना विलियम्स (23) और स्टेफी ग्रॉफ (22) के नाम है।  राफेल नडाल ने 30 मेजर फाइनल में 22वीं जीत दर्ज की।  फेडरर और जोकोविच ने समान 31 बार ग्रैंडस्लैम फाइनल में खेलते हुए समान 20-20 खिताब जीते हैं।  2022 नडाल के लिए सुनहरा साल रहा है।</p>
<p>इसी साल जनवरी में उन्होंने दानिल मेदवदेव को हराकर ऑस्ट्रेलियन ओपन खिताब जीता था। 36 साल के राफेल नडाल फ्रेंच ओपन का खिताब जीतने वाले सबसे उम्रदराज पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं। 50 साल पहले आंद्रे गिमेनो ने 34 साल की उम्र में खिताब अपने नाम किया था। अब नडाल ने उनका रिकॉर्ड तोड़ दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Jun 2022 11:47:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चार घंटे 12 मिनट चले मैराथॉन मुकाबले में नडाल ने जोकोविच को हराया</title>
                                    <description><![CDATA[पेरिस। फ्रांस की राजधानी पेरिस में चल रहे फ्रेंच ओपन में राफेल नडाल ने अपने धुर प्रतिद्वंदी नोवाक जोकोविच को क्वार्टरफाइनल में हराते हुए अपने 15वें सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। फिलिप चेट्रीर कोर्ट में बुधवार को चार घंटे 12 मिनट चले मुकाबले में नडाल ने जोकोविच को 6-2, 4-6, 6-2, 7-6 (4) से मात दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/paris-news--sports-news--nadal--beat--djokovic--marathon-match/article-10982"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/nadal.jpg" alt=""></a><br /><p>पेरिस। फ्रांस की राजधानी पेरिस में चल रहे फ्रेंच ओपन में राफेल नडाल ने अपने धुर प्रतिद्वंदी नोवाक जोकोविच को क्वार्टरफाइनल में हराते हुए अपने 15वें सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। फिलिप चेट्रीर कोर्ट में बुधवार को चार घंटे 12 मिनट चले मुकाबले में नडाल ने जोकोविच को 6-2, 4-6, 6-2, 7-6 (4) से मात दी। हार के बाद जोकोविच ने कहा, महत्वपूर्ण क्षणों में वह बेहतर खिलाड़ी साबित हुए। उन्होंने दिखाया कि वह एक चैम्पियन क्यों हैं। वहां मानसिक रूप से मजबूत रहना और मैच को इस तरह खत्म करना तारीफ के काबिल है। उन्हें और उनकी टीम को बधाई, कोई शक नहीं कि वह इसके हकदार हैं।<br /><br />मैं अभी कुछ जीता नहीं हूं: नडाल<br />नडाल ने कहा, ''यह रात मेरे लिये बहुत भावुक करने वाली रही है। मैं इस तरह के मुकाबलों के लिये ही अब तक टेनिस खेल रहा हूं। उन्होंने कहा, यह सिर्फ एक क्वार्टरफाइनल मैच है। मैं अभी कुछ जीता नहीं हूं। मैंने सिर्फ अपने आप को दो दिन बाद कोर्ट पर लौटने का मौका दिया है। रोलैंड गैरोस में एक और सेमीफाइनल खेलना मेरे लिये बहुत मायने रखता है।''<br /><br />सेमीफाइनल में नडाल का मुकाबला जेवेरेव से होगा जो स्पेन की युवा सनसनी कार्लोस एल्कराज़ को बेहद करीबी मुकाबले में हराकर इस पड़ाव पर पहुंचे हैं। कोर्ट फिलिप चेट्रीर में ही मंगलवार को हुए मुकाबले में जर्मनी के जेवेरेव ने एल्काराज़ को तीन घंटे 18 मिनट चले मुकाबले में 6-4, 6-4, 4-6, 7-6(7) से शिकस्त दी थी।<br /><br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jun 2022 15:22:14 +0530</pubDate>
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