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                <title>disaster - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>disaster RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>त्रिपुरा में भीषण तूफान और बारिश का कहर : 1,534 घर क्षतिग्रस्त ; जनजीवन अस्त व्यस्त, बचाव और राहत कार्य जारी</title>
                                    <description><![CDATA[त्रिपुरा के आठ जिलों में भीषण तूफान और बारिश ने भारी तबाही मचाई है, जिससे 1,534 घर क्षतिग्रस्त हो गए। बिजली के खंभे और पेड़ गिरने से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। ऊनाकोटि जिला सबसे अधिक प्रभावित रहा। प्रशासन राहत कार्यों में जुटा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/severe-storm-and-rain-wreak-havoc-in-tripura-1534-houses/article-152065"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/tripura.png" alt=""></a><br /><p>अगरतला। त्रिपुरा में पिछले 24 घंटों के दौरान भारी बारिश और भीषण तूफान ने राज्य के सभी आठ जिलों में भारी तबाही मचाई है जिससे 1,534 घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इस प्राकृतिक आपदा में बिजली के कई पोल और पेड़ गिर गये हैं जिसके कारण सड़कों पर आवागमन प्रभावित हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, कुल प्रभावित घरों में से 76 पूरी तरह नष्ट हो गए, 195 को गंभीर नुकसान पहुँचा और 1,263 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अतिरिक्त, तूफान के कारण 129 बिजली के खंभे गिर गए और दो लोग घायल हुए हैं।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि पेड़ों के गिरने, तेज हवाओं और भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया और बुनियादी ढांचे को काफी नुकसान पहुँचा है। ऊनाकोटि जिला सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहाँ 518 घर क्षतिग्रस्त हुए। इनमें 26 घर पूरी तरह नष्ट हो गए, 33 को गंभीर नुकसान हुआ और 459 घर आंशिक रूप से प्रभावित हुए। उत्तर त्रिपुरा में 136, धलाई में 272, सिपाहीजाला में 250 और दक्षिण त्रिपुरा में 236 घरों के क्षतिग्रस्त होने की खबर है।</p>
<p>खोवाई जिले में 85 और पश्चिम त्रिपुरा में 37 घर प्रभावित हुए। गोमती जिले में हालांकि घरों को कोई नुकसान नहीं पहुँचा, लेकिन वहां पेड़ गिरने से दो लोग घायल हो गए। तेज हवाओं के कारण कई पेड़ उखड़ गए, जिससे कई रास्ते बंद हो गए। अधिकारियों ने कुछ मार्गों को साफ कर दिया है, जबकि अन्य क्षेत्रों में बहाली का कार्य जारी है। भारी बारिश के बावजूद, अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि सभी नदियाँ खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। धलाई जिले के कमालपुर उपमंडल में सर्वाधिक 159 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। प्रशासन सक्रिय रूप से नुकसान का आकलन कर रहा है और राहत एवं बहाली कार्यों में जुटा है। इस बीच, भारत मौसम विभाग ने त्रिपुरा के लिए और अधिक अनिश्चित मौसम की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने एक मई तक गरज के साथ बारिश, तेज हवाएं और मानसून से पहले की भारी बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 17:59:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>न्यूजीलैंड के उत्तरी द्वीप में भूस्खलन से चीनी नागरिक की मौत, बच्चों समेत कई लोग लापता</title>
                                    <description><![CDATA[न्यूजीलैंड के बे ऑफ़ प्लेंटी क्षेत्र में भारी बारिश से हुए भूस्खलन में एक चीनी नागरिक की मौत हुई, जबकि बच्चों समेत कई लोग लापता बताए जा रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/chinese-citizen-killed-in-landslide-in-new-zealands-north-island/article-140574"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(1)3.png" alt=""></a><br /><p>वेलिंगटन। न्यूजीलैंड में उत्तरी द्वीप के पश्चिमी बे ऑफ़ प्लेंटी में भूस्खलन में एक चीनी नागरिक की मौत हो गई है। न्यूजीलैंड में चीनी दूतावास ने शुक्रवार को यह जानकारी दी है। </p>
<p>न्यूजीलैंड के बे ऑफ़ प्लेंटी इलाके में माउंट माउंगानुई के बेस पर एक हॉलिडे पार्क में गुरुवार को हुए बड़े भूस्खलन के बाद बच्चों समेत कई लोग लापता हैं।</p>
<p>भारी बारिश और बाढ़ ने इस द्वीप के कुछ हिस्सों को तबाह कर दिया है, जिससे लोगों के घरों में बिजली बंद हो गयी और द्वीप के पूर्वी तट पर कुछ इलाके अलग-थलग पड़ गए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 23 Jan 2026 12:01:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>हिमाचल प्रदेश में भीषण हादसा, सिलेंडर ब्लास्ट के बाद घर में लगी आग में एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत, बचाव राहत कार्य जारी</title>
                                    <description><![CDATA[सिरमौर के तलंगाना गांव में सिलेंडर ब्लास्ट से लगी भीषण आग में एक ही परिवार के छह लोगों की झुलसकर मौत।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/horrific-accident-in-himachal-pradesh-6-people-of-the-same/article-139622"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/himachal-fire.png" alt=""></a><br /><p>सिरमौर। हिमाचल प्रदेश से बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां​ जिला सिरमौर के श्रीरेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाली धनडूरी पंचायत के तलंगाना गांव के एक परिवार में सिलेंडर ब्लास्ट होने से देर रात आग लग गई, आग इतनी भीषण थी परिवार के करीब 6 लोगों की झुलसकर मौके पर ही मौत हो गई। मरने वालों की पहचान विता देवी पत्नी लोकेंद्र सिंह, सारिका 9 साल, कृतिका 3 साल, तृप्ता देवी 44 साल तथा नरेश कुमार के रूप में हुई है।</p>
<p>स्थानिय लोगों के द्वारा सूचना देने के बाद एसडीएम संगहाड सुनील कुमार घटनास्थल पर रवाना हो चुके हैं। बता दें कि इस हादसे के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, सांसद सुरेश कश्यप, पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल तथा शांता कुमार ने इस हृदय विदारक हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए गहरी संवेदना प्रकट की और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। फिलहाल, आग पर काबू पाने की कोशिश की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 15 Jan 2026 13:24:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Jr NTR ने दिया 1 करोड़ का दान, कहा तेलुगु लोग इस आपदा से जल्द ही उबरेंगे</title>
                                    <description><![CDATA[यह पहली बार नहीं है जब एनटीआर जूनियर ने संकट के समय में कदम बढ़ाया है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/jr-ntr-donated-1-crore-said-telugu-people-will-soon/article-89498"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/ntr.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। मैन ऑफ मासेस एनटीआर जूनियर ने आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में बाढ़ राहत के लिए एक करोड़ का दान दिया है। मैन ऑफ मासेस एनटीआर जूनियर ने बाढ़ राहत प्रयासों का समर्थन करने के लिए आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के मुख्यमंत्री राहत कोष में 50-50 लाख रुपये का दान देकर एक बार फिर अपनी करुणा का परिचय दिया है। हाल ही में आई बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई है, जिससे हजारों लोग विस्थापित हुए हैं और दोनों राज्यों में घर नष्ट हो गए हैं।</p>
<p>एनटीआर जूनियर ने बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए अपनी चिंता व्यक्त करते हुए अपनी सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा कि भारी बारिश के कारण दो तेलुगु राज्यों में हाल ही में आई बाढ़ से मैं बहुत दुखी हूँ। मैं भगवान से प्रार्थना करता हूँ कि तेलुगु लोग इस आपदा से जल्द ही उबर जाएँ। अपनी ओर से, मैं बाढ़ आपदा से राहत के लिए दो तेलुगु राज्यों की सरकारों द्वारा किए गए उपायों में मदद करने के लिए आंध्र प्रदेश और तेलंगाना सरकारों के मुख्यमंत्री राहत कोष में 50-50 लाख रुपये का दान देने की घोषणा कर रहा हूँ।</p>
<p>यह पहली बार नहीं है जब एनटीआर जूनियर ने संकट के समय में कदम बढ़ाया है। उन्होंने लगातार योगदान दिया है और जब भी ज़रूरत पड़ी  है सहायता प्रदान की है, जिससे लोगों के कल्याण के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता को बल मिला है। उनका नवीनतम योगदान बाढ़ से प्रभावित लोगों को आवश्यक आपूर्ति और सहायता प्रदान करने में मदद करेगा।</p>
<p>एनटीआर जूनियर की ज़रूरतमंद लोगों की मदद करने के लिए निरंतर समर्पण की व्यापक रूप से प्रशंसा की गई है, जो आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के लोगों के साथ उनके मजबूत संबंध को उजागर करता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Sep 2024 16:42:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हिमाचल प्रदेश में स्थिति खराब, आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करे सरकार : प्रियंका</title>
                                    <description><![CDATA[वाड्रा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में स्थिति बहुत दर्दनाक है। राज्य के लोगों का बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। हमने कहा था कि सबको एकजुट होकर इस आपदा का सामना करना होगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/loss-of-the-peoples-to-disaster--says-priyanka/article-57028"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/priyanka-gandhi.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की स्थिति बहुत खराब है और प्रकृति ने वहां जो कहर बरपाया है, उसने लोगों की खुशहाली छीन ली है। इसलिए केंद्र सरकार को हिमाचल प्रदेश की आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करना चाहिए।</p>
<p>वाड्रा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में स्थिति बहुत खराब है। राज्य के लोगों का बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। हमने कहा था कि सबको एकजुट होकर इस आपदा का सामना करना होगा। अगर केंद्र सरकार इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित कर दे, तो इससे राज्य को काफी मदद मिलेगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 Sep 2023 15:38:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अतिवृष्टि की मार- सरकारी प्रक्रिया में उलझी मदद की उम्मीद</title>
                                    <description><![CDATA[कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार कोटा सम्भाग में 11 लाख 75 हजार 703 हैक्टेयर में खरीफ की बुवाई की गई थी। प्रारम्भिक सर्वे के मुताबिक अतिवृष्टि से करीब 1.95 लाख हैक्टेयर से ज्यादा में सोयाबीन, उड़द व मक्का की फसलों में खराबा माना गया था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/heavy-rain-hope-for-help-involved-in-government-process/article-21894"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/sarkari-prakriya-mei-uljhi-kota-news-6.9.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। सम्भाग भर में गत दिनों हुई भारी बारिश ने काफी तबाही मचाई थी। खेतों में लहलहाती फसलें तबाह हो गई। इसके बावजूद अभी तक पीड़ित किसानों को मुआवजा नहीं मिला है। मदद की उम्मीद अभी तक सरकारी प्रक्रिया में उलझी हुई है। इसके चलते किसानों को काफी परेशानी हो रही है। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार कोटा सम्भाग में 11 लाख 75 हजार 703 हैक्टेयर में खरीफ की बुवाई की गई थी। प्रारम्भिक सर्वे के मुताबिक अतिवृष्टि से करीब 1.95 लाख हैक्टेयर से ज्यादा में सोयाबीन, उड़द व मक्का की फसलों में खराबा माना गया था। इसके चलते अतिवृष्टि से सम्भाग में 1800 सौ करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान होने का अनुमान है।</p>
<p><strong>सर्वे हो चुका पूरा, रिपोर्ट का इंतजार</strong><br />कोटा जिले में लाडपुरा, सांगोद, रामगंजमंडी, इटावा, कनवास व दीगोद क्षेत्र में अतिवृष्टि के चलते फसलों को काफी नुकसान पहुंचा था। नुकसान का आकलन करने के लिए बीमा कम्पनी के प्रतिनिधि, कृषि पर्यवेक्षक व पटवारी की टीमें सर्वे करने में लग गई थी। इन टीमों ने अपने प्रारम्भिक सर्वे में सोयाबीन, उड़द व मक्का में नुकसान होने का अनुमान जताया था। अब सभी जगह पर सर्वे पूरा हो चुका है, लेकिन सर्वे रिपोर्ट अभी तक कृषि विभाग के अधिकारियों को नहीं मिली है। ऐसे में किसानों का मुआवजे का इंतजार लम्बा हो रहा है।<br /><br /></p>
<table style="border-collapse:collapse;width:90.3863%;height:183.333px;" border="1"><colgroup><col style="width:33.3691%;" /><col style="width:33.3691%;" /><col style="width:33.3691%;" /></colgroup>
<tbody>
<tr style="height:45.8333px;">
<td style="height:45.8333px;"><strong>फसल </strong></td>
<td style="height:45.8333px;"><strong>बुवाई  </strong></td>
<td style="height:45.8333px;"><strong>खराबा</strong></td>
</tr>
<tr style="height:45.8333px;">
<td style="height:45.8333px;">मक्का</td>
<td style="height:45.8333px;">4050</td>
<td style="height:45.8333px;">611.1</td>
</tr>
<tr style="height:45.8333px;">
<td style="height:45.8333px;">सोयाबीन</td>
<td style="height:45.8333px;">182689</td>
<td style="height:45.8333px;"> 45923</td>
</tr>
<tr style="height:45.8333px;">
<td style="height:45.8333px;">उड़द  </td>
<td style="height:45.8333px;">29095  </td>
<td style="height:45.8333px;">7707</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p> </p>
<p><strong>आधे किसान सुरक्षा चक्र से बाहर</strong><br />कोटा जिले में करीब 2 लाख 56 हजार हैक्टेयर में खरीफ फसल की बुवाई की गई थी। इनमें से करीब 1 लाख 14 हजार हैक्टेयर की फसल प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा के दायरे में है। यानि जिले के आधे किसान इस सुरक्षा चक्र के दायरे में नहीं आते हैं। अतिवृष्टि के बाद बीमा योजना वाले किसानों से 72 घंटे के अंदर नुकसान की जानकारी ऑनलाइन मांगी गई थी।  इसके बाद कृषि विभाग और बीमा कम्पनी की टीम सर्वे में जुट गई थी। सर्वे की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन अभी तक मुआवजे के सम्बंध में कोई घोषणा नहीं हो पाई है।</p>
<p><strong>मुआवजे की प्रक्रिया भी अलग-अलग</strong><br />प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के कारण जिले के किसान दो श्रेणियों में बंटे हुए हैं। ऐसे में अतिवृष्टि से फसलों में हुए नुकसान के मुआवजे की प्रक्रिया भी अलग-अलग है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के दायरे में आने वाली जमीन का सर्वे का बीमा कम्पनी के प्रतिनिधि व पटवारी के माध्यम से होता है। इसके बाद फसल खराबे की मुआवजा राशि केन्द्र सरकार द्वारा जारी की जाती है। वहीं बिना बीमा वाली फसल का सर्वे पटवारी व कृषि पर्यवेक्षक की टीम द्वारा किया जाता है। इसका मुआवजा राज्य सरकार द्वारा दिया जाता है। दोनों ही प्रक्रियाओं में फसल के नुकसान के स्तर पर मुआवजा राशि जारी की जाती है। सरकारी प्रक्रिया लम्बी होने के चलते किसान अभी तक मुआवजे की बाट जोह रहे हैं।</p>
<p>अतिवृष्टि के बाद फसलों में नुकसान का सर्वे शुरू करवा दिया था। प्रारम्भिक रिपोट में उड़द व सोयाबीन में नुकसान होना सामने आया था। फिलहाल नुकसान के सर्वे की फाइनल रिपोर्ट नहीं आई है। रिपोर्ट मिलने के बाद मुआवजे की प्रक्रिया शुरू होगी। सर्वे करने और रिपोर्ट तैयार होने में समय तो लगता है।<br /><strong>- खेमराज शर्मा, उपनिदेशक कृषि विभाग</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Sep 2022 15:17:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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                <title>बारिश बनी आफत: बूंदी में घर की दीवार ढही, पांच वर्षीय बालक की मौत, जयपुर में छितराई बारिश</title>
                                    <description><![CDATA[ राज्य में प्री-मानसून बारिश झूमकर बरसी। अजमेर, टोंक और चित्तौड़गढ़ में मेघ जमकर बरसे और ड्रेनेज सिस्टम के खराब होने से कई जगह जलभराव हो गया। बीते 24 घंटों के दौरान 12 जिलों में तीन इंच तक बारिश हुई]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/rain-became-a-disaster-the-wall-of-the-house-collapsed/article-12683"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/110.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर।</strong> राज्य में प्री-मानसून बारिश झूमकर बरसी। अजमेर, टोंक और चित्तौड़गढ़ में मेघ जमकर बरसे और ड्रेनेज सिस्टम के खराब होने से कई जगह जलभराव हो गया। बीते 24 घंटों के दौरान 12 जिलों में तीन इंच तक बारिश हुई। बूंदी के अरनेठा में बारिश से घर की दीवार ढह गई और मलबे में दबने से पांच वर्षीय बालक की मौत हो गई। अजमेर और सवाई माधोपुर में रात का न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे चला गया। बीसलपुर बांध में 309.21 आरएल मीटर पानी दर्ज हुआ। प्री-मानसून बरसात से दिन और रात के तापमान में गिरावट दर्ज हुई। पिछले 24 घंटों में  फुलेरा में 82.0, सांभरलेकर 70.0, श्रीमोधापुर 68.0,बारां 68.0, मकराना 76.0 एमएम बारिश दर्ज की गई। <br /><strong>अजमेर में 7 साल बाद जून में एक दिन में सर्वाधिक बारिश</strong> <br />अजमेर में सात साल बाद जून माह में एक दिन में सर्वाधिक 54.6 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश से अजमेर की सड़कों पर पानी भर गया। मौसम की इस पहली अच्छी बारिश ने शहर के ड्रेनेज सिस्टम की पोल खोल दी।<br /><strong>राजधानी में रुक-रुक कर चला बारिश का दौर</strong><br />जयपुर और आस-पास के उपनगरों में लगातार दूसरे दिन भी सुबह से ही रुक-रुक कर हल्की और छितराई बारिश का दौर चलता रहा। शहर के अनेक हिस्सों में सड़कों पर सीवर लाइन टूटने से गहरे गड्डढ़े हो गए। जयपुर में रात का न्यूनतम तापमान 22.5 और दिन का 31.0 डिग्री दर्ज हुआ।<br />अब कैसा रहेगा मौसम : मंगलवार को बीकानेर संभाग के श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ एवं आसपास के जिलों में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। बुधवार से राज्य में बारिश की गतिविधियों में कमी आएगी। पश्चिमी राजस्थान में 23 जून से मौसम मुख्यत: शुष्क रहने की सम्भावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jun 2022 11:57:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>वैश्विक आपदा में ऑनलाइन शिक्षा बनी वरदान-डॉ ध्रुव सनाढ़य</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर। पूर्व केंद्रीय मंत्री नागमणि कुशवाहा के निजी सहायक डॉ ध्रुव सनाढ़य ने बताया कि शिक्षा लोगों के जीवन का एक अभिन्न रहा है। 1950 के दशक की तुलना में आज शिक्षा व्यापक रूप से विविध है क्योंकि शिक्षण विधियों में प्रगति और अन्य प्रमुख आविष्कार हुए हैं जो अधिक स्पष्ट शिक्षण तकनीकों को लागू करते हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/online-education-became-a-boon-in-global-disaster-dr/article-11011"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/133222.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पूर्व केंद्रीय मंत्री नागमणि कुशवाहा के निजी सहायक डॉ ध्रुव सनाढ़य ने बताया कि शिक्षा लोगों के जीवन का एक अभिन्न रहा है। 1950 के दशक की तुलना में आज शिक्षा व्यापक रूप से विविध है क्योंकि शिक्षण विधियों में प्रगति और अन्य प्रमुख आविष्कार हुए हैं जो अधिक स्पष्ट शिक्षण तकनीकों को लागू करते हैं। विगत 2 सालों से पूरा विश्व कोरोना महामारी से जूझ रहा है ऐसी परिस्थिति में ऑनलाइन शिक्षा छात्रों के लिए वरदान साबित हुआ है</p>
<p><br />ऑनलाइन शिक्षा में छात्र घर या किसी अन्य जगह से पढ़ते हैं, जो उनके लिए सबसे सुविधाजनक है। वे ऑनलाइन शिक्षण सामग्री प्राप्त कर सकते हैं। ऑनलाइन शिक्षा में अध्ययन सामग्री टेक्स्ट, ऑडियो, नोट्स, वीडियो और इमेज हो सकती है। ऑनलाइन शिक्षा उन लोगों के लिए उपयुक्त है जो किसी न किसी कारण से पारंपरिक शिक्षा पद्धति को प्राप्त नहीं कर सकते हैं। वर्तमान में लगभग 6.1 मिलियन कॉलेज छात्र ऑनलाइन पाठ्यक्रमों में भाग ले रहे हैं, और यह संख्या लगभग 30 प्रतिशत सालाना बढ़ रही है। ऑनलाइन शिक्षा में आप विश्व के किसी भी टीचर से पढ़ सकते हैं। यह दूर दराज रहने वाले लोगो के लिए एक अच्छा ऑप्शन हैं। अब आपको अच्छी गाइडलाइन और मटेरियल की कमी महसूस नहीं होगी।</p>
<p><br />इंटरनेट पर सभी प्रकार की बुक्स और क्लासेज मौदूद है बस आपको इंटरनेट और मोबाईल या लेपटॉप की आवस्यकता होती हैं।डॉ ध्रुव सनाढ़य ने बताया के ऑनलाइन शिक्षा के निम्नलिखित फायदे है जो इसे पसरम्परिक शिक्षा से भिन्न बनाते है।</p>
<p><br /><strong>1. शिक्षक के साथ नियमित संपर्क</strong> <br />ऑनलइन शिक्षा में आप कही भी टीचर के साथ जुड़ सकते है और शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। पहाड़ी इलाको में बरसात के मौसम में भूस्खन से रास्ता बंद हो जाता हैं जिसके कारण स्टूडेंट स्कुल कॉलेज नहीं जा पते। ऑनलाइन के माध्यम से यह समस्या दूर हो गयी हैं।</p>
<p><br /><strong>2. बेहतर फ्लेक्सिबिलिटी</strong><br />ऑनलाइन शिक्षा आपको किसी भी समय शिक्षा का अवसर प्रदान करता हैं। स्टूडेंट के पास जितने टाइम समय मिले वह उसी समय वीडियो ऑडियो के माध्यम से शिक्षा प्राप्त कर सकता हैं। साथ ही वीडियो को सेव करके रख भी सकता हैं ताकि वह रिवीजन भी कर सके। ऑनलाइन शिक्षा में आपके पास कई विकल्प होते है शिक्षा प्राप्त करने के लिए।</p>
<p><br /><strong>3. प्रभावी शिक्षा</strong> <br />ऑनलाइन शिक्षण शिक्षकों को छात्रों को शिक्षा देने का एक प्रभावी तरीका प्रदान करता है। ऑनलाइन सीखने में वीडियो, पीडीएफ, पॉडकास्ट जैसे कई उपकरण हैं और शिक्षक इन सभी उपकरणों का उपयोग अपनी पाठ योजनाओं में कर सकते हैं। ऑनलाइन संसाधनों को शामिल करके पारंपरिक पाठ्यपुस्तकों का विस्तार किया जा सकता हैं।<br /><br /><strong>4. किसी भी समय पर शिक्षा</strong><br />ऑनलाइन शिक्षा में आपके पास समय की पांबदी नहीं रहती हैं आप जब चाहे ऑनलाइन पढ़ाई कर सकते हैं। आप कुछ भी सिख सकते है इंटरनेट में सभी जानकारी उपलब्ध होती हैं। जिसे आप पड़ना कहते हो। कई वेबसाइट है जो कोर्स उपलब्ध करते हैं। आप उसे ज्वाइन कर सकते हैं। ऑनलाइन शिक्षा के लिए कोई टाइम टेबल नहीं होता है। जबभी आपका मन करे उतने टाइम शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं।<br />।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jun 2022 17:19:50 +0530</pubDate>
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