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                <title>science faculty - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>विज्ञान संकाय ही नही, विद्यार्थियों के डॉक्टर बनने का सपना कैसे होगा साकार</title>
                                    <description><![CDATA[विज्ञान संकाय नहीं होने से स्कूल के नामांकन में भी अपेक्षित वृद्धि नहीं हो पाती है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/not-just-science-faculty--how-will-students--dream-of-becoming-doctors-come-true/article-75641"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/vigyan-sankay-hi-nahi-vidyarthiyon-ke-doctor-banane-ka-sapna-kese-hoga-sakar...pech-ki-bwadi,-bundi-news-22-04-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>पेच की बावड़ी । पेच की बावड़ी का राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय  बूंदी जिला मुख्यालय से करीब 35  किलोमीटर दूर ग्रामीण अंचल का विद्यालय हैं। यह विद्यालय उच्च माध्यमिक स्तर का आज से लगभग 30 वर्ष पूर्व क्रमोनत  किया गया था। यहां पर वर्तमान में 500 से अधिक गरीब,किसान ,मजदूर के बालक बालिकाएं अध्ययन करते हैं । लेकिन यहां पर केवल कला वर्ग के विषय संचालित है जिससे यहां के बालक बालिकाएं जो विज्ञान वर्ग पढ़ना चाहते हैं। उनका डॉक्टर, इंजीनियर बनने के सपने अधूरे ही रह जाते हैं क्योंकि इस विद्यालय में विज्ञान संकाय संचालित नहीं है। जबकि ग्राम पंचायत पेच की बावड़ी के अनेक गांव मा़ंडा योजना में चयनित हैं यदि पेच  की बावड़ी में विज्ञान  संकाय खुलता है तो आसपास के उच्च माध्यमिक स्तर के विद्यालय जैसे उमर ,बासनी, हुवालिया, पगारा, रोशन्दा, काछोला , टौकडा ,गुड्डागोकलपुरा ,थाना आदि के छात्र-छात्राएं लाभान्वित हो सकेंगे। इस स्कूल में विज्ञान संकाय संचालित करने के लिए समसा द्वारा लगभग एक करोड़ का भवन बनकर तैयार हो चुका है। जिसमें आधुनिक सुविधाओं से लेश तीन बड़ी प्रयोगशालाएं तथा तीन नए कक्षा कक्ष बनकर तैयार हो चुके हैं परंतु राज्य सरकार की अपेक्षा के कारण विज्ञान संकाय नहीं खुलने से इस नए भवन का उपयोग नहीं हो रहा है। विज्ञान संकाय नहीं होने से स्कूल के नामांकन में भी अपेक्षित वृद्धि नहीं हो पाती है।</p>
<p><strong>कृषि और जीव विज्ञान संकाय के लिय भूमि का भी आवंटन हो चुका</strong><br />स्थानीय स्कूल में कृषि संकाय एवं जीव विज्ञान संकाय के लिए आवश्यक भौतिक संसाधन भवन एवं मापदंड अनुसार दस बीघा का विद्यालय परिसर एवं 10 बीघा खेल मैदान एवं 10 बीघा भूमि कृषि संकाय हेतु आवंटित की जा चुकी है।</p>
<p><strong>एक करोड़ की लागत से विज्ञान प्रयोगशाला भवन बनकर तैयार </strong><br />यहां पर अध्यनरत अधिकतर छात्र-छात्राएं अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राएं अध्यनरत है और एक क्षेत्र मांडा  क्षेत्र में आता है। स्थानीय विद्यालय में सत्र  2022-23 के तहत अतिरिक्त विज्ञान संकाय के लिए लगभग एक करोड़ राशि का भवन बनकर तैयार हो चुका है।</p>
<p>राउमावि पेच की बावड़ी में विज्ञान के साथ साथ कृषि, मैथ्स आदि संकाय भी खुले तो विद्यार्थियों को काफी फायदा होगा । उनके द्वारा शिक्षा में नए आयाम स्थापित करेंगे ।<br /><strong>- कुलदीपक स्वर्णकार, छात्र</strong></p>
<p>स्थानीय विद्यालय में छात्र-छात्राओं की  विज्ञान संकाय खुलवाने की समस्या को लेकर मेने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को व्यक्तिगत रूप से मिलकर समस्या से अवगत कराया हैऔर उन्होंने आश्वस्त किया है कि आगामी सत्र से विज्ञान संकाय में बच्चों को प्रवेश देकर अध्ययन शुरू करवाया जाएगा।<br /><strong>- बाबूलाल मीना,समाजसेवी ,पेच की बावड़ी </strong></p>
<p>स्थानीय स्कूल में विज्ञान संकाय सहित अन्य प्रायोगिक विषय लेकर छात्र छात्राओं को स्थानीय स्तर पर प्रेक्टिकल करने को मिलेगा । जिससे छात्र छात्राएं अपने विषय में और अधिक जान पाएंगे।<br /><strong>-  रोहित सैन,छात्र</strong></p>
<p>स्थानीय स्कूल में विज्ञान संकाय खुलने से सक्षम लोगों के साथ साथ गरीब तबके के लोगों को भी अधिक लाभ होगा । उनके बच्चों ंको स्थानीय स्तर पर गुणवतापूर्ण शिक्षा मिलने लगेगी साथ ही उन्हें आर्थिक संबल मिलेगा।<br /><strong> -  लखन सैनी ,छात्र</strong></p>
<p>राउमावि में विज्ञान सहित अन्य संकाय भी खुले तो विशेषकर बालिकाओं को अध्ययन के लिय अधिक पैसा खर्च करके देवली ,बूंदी, कोटा नही जाना पड़ेगा । साथ ही बालिकाओं को आने जाने के लिए काफी समस्या से जूझना पड़ता है क्योंकि कस्बे में रोडवेज बसों का ठहराव नही होने की वजह से रोडवेज चालक बसों में सवारियां हाइवे पर ही उतारते एवं चढ़ाते है । कभी भी बालिकाओं के साथ दुर्घटना होने का अंदेशा बना रहता है।<br /><strong>- रागिनी टेलर,छात्र</strong></p>
<p>स्थानीय स्कूल में विज्ञान संकाय के साथ अन्य प्रायोगिक विषय भी खुलने चाहिए । जिससे छात्र छात्राओं के बाहर आने जाने के समय की बचत होगी एव साथ ही आर्थिक लाभ भी होगा।<br /><strong>- किंशु टेलर ,छात्र</strong></p>
<p>विज्ञान संकाय खुलवाने के लिए विद्यालय स्तर के प्रस्ताव शिक्षा विभाग को प्रेषित किए गए हैं। यदि विज्ञान संकाय शुरू करने के आदेश प्रसारित किए जाते हैं तो यहां के छात्र-छात्राओं को अन्यत्र अध्ययन के लिए नहीं जाना पड़ेगा तथा गरीब तबके के छात्र-छात्राएं एवं अभिभावक लाभान्वित हो सकेंगे।<br /><strong>- प्रधानाचार्य, शंकरलाल मीणा,राउमावि, पेच की बावड़ी</strong></p>
<p>कस्बे के राउमावि में ग्राम पंचायत क्षेत्र सहित आसपास की ग्राम पंचायत क्षेत्र के गांवों से भी छात्र छात्राओं को इसका लाभ मिलेगा एवं बच्चों को बाहर विज्ञान संकाय पढ़ाई के लिए नही जाना पड़ेगा।<br /><strong>- सीमा मीना,सरपंच ,ग्राम पंचायत पेच की बावड़ी </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Apr 2024 18:12:43 +0530</pubDate>
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                <title> विज्ञान संकाय में नागौर और सीकर संयुक्त रूप से टॉपर</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा जारी किए परीक्षा परिणाम में विज्ञान वर्ग में नागौर और सीकर जिले प्रदेशभर में टॉप पर रहे, जबकि वाणिज्य वर्ग में बूंदी जिला अव्वल रहा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/nagaur-and-sikar-joint-toppers-in-science-faculty/article-11018"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/bb.jpg" alt=""></a><br /><p> अजमेर। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा जारी किए परीक्षा परिणाम में विज्ञान वर्ग में नागौर और सीकर जिले प्रदेशभर में टॉप पर रहे, जबकि वाणिज्य वर्ग में बूंदी जिला अव्वल रहा। विज्ञान में नागौर और सीकर ने 98.30 प्रतिशत और वाणिज्य वर्ग में बूंदी जिले ने शत प्रतिशत परिणाम देकर लोहा मनवाया है। </p>
<p>विज्ञान वर्ग में दूसरा स्थान झुन्झुनूं ने 97.54 प्रतिशत के साथ प्राप्त किया। वहीं 97.31 अंक हासिल कर जालोर को तीसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा। वाणिज्य वर्ग में दूसरे स्थान पर डूंगरपुर 99.32 फीसदी एवं तीसरे स्थान पर झुन्झुनूं जिले ने 99.27 प्रतिशत के साथ प्राप्त किया। विज्ञान संकाय में सबसे नीचे के पायदान 30वें स्थान पर सिरोही 92.10 प्रतिशत एवं वाणिज्य में सबसे कम अंक बांसवाड़ा जिले को 94.30 प्रतिशत के साथ 33वां स्थान मिला। </p>
<p><strong>ये रहा जिलेवार परिणाम</strong></p>
<p>विज्ञान वर्ग में चौथे स्थान पर राजसमंद, पांचवें पर अलवर, छठे पर दौसा, सातवें पर जोधपुर, आठवें पर बारां, नवें पर भीलवाड़ा, दसवें स्थान पर जैसलमेर एवं ग्याहरवें पर कोटा और बीकानेर संयुक्त रूप से रहे। बारहवें स्थान पर करौली, तेहरवें पर बांसवाड़ा और डूंगरपुर संयुक्त रूप से एवं 14वें पर धौलपुर, पन्द्रहवें पर जयपुर, सोलहवें पर सवाई माधोपुर, सत्रहवें पर श्रीगंगानगर, बाड़मेर अठारहवें, हनुमानगढ़ उन्नीसवें, चुरू बीसवें, टोंक इक्कीसवें, झालावाड़ बाइसवें, भरतुपर तीइसवें, अजमेर चौबीसवें, बूंदी पच्चीसवें, उदयपुर छब्बीसवें, चित्तौड़गढ़ सत्ताइसवें, पाली अठाइसवें, और प्रतापगढ़ उनतीसवें एवं सिरोही तीसवें स्थान पर रहे। </p>
<p>वाणिज्य वर्ग में चौथे स्थान पर प्रतापगढ़, पांचवें पर दौसा, बाड़मेर छठे पर, सातवें पर हनुमानगढ़, आठवें पर अलवर, नवें पर नागौर, दसवें पर पाली, ग्यारहवें पर श्रीगंगानगर, बारहवें पर भीलवाड़ा, तेहरवें पर करौली, जयपुर चौदहवें, बीकानेर पन्द्रहवें, अजमेर सोलहवें, कोटा सत्रहवें, राजसमन्द अठाहरवें, सीकर उन्नीसवें, बीसवें पर धौलपुर, इक्कीसवें पर जालोर, जोधपुर बाइसवें, चित्तौड़गढ़, तेइसवें, झालावाड़ चौबीसवें, उदयपुर पच्चीसवें, सवाई माधोपुर छब्बीसवें, भरतपुर सताइसवें, बारां अठाइसवें, चुरु उन्नतीसवें और सिरोही ने तीसवां स्थान प्राप्त किया। जबकि टोंक 31वें, जैसलमेर 32वें और बांसवाड़ा 33वें स्थान पर रहे।  </p>
<p><strong>अर्से बाद शिक्षा मंत्री के बगैर ही निकाला परिणाम</strong></p>
<p>शिक्षा बोर्ड प्रशासन ने लम्बे अर्से बाद बुधवार को इस वर्ष के पहले दो परीक्षा परिणाम जारी किए, जिसमें शिक्षामंत्री के बगैर ही परिणाम घोषित किया गया। गत वर्षों से चली आ रही परिपाटी के तहत शिक्षा बोर्ड का पहला सालाना परीक्षा परिणाम शिक्षामंत्री द्वारा ही जारी किया जाता है। यह प्रदेश की सत्तारुढ़ कांग्रेस सरकार और पूर्ववर्ती भाजपा व उससे पूर्व की सरकारों में भी परिपाटी रही है। लेकिन यह लम्बे अर्से के बाद पहली बार ऐसा हुआ कि मौजूदा शिक्षामंत्री बी.डी.कल्ला को बुलाए बगैर ही परिणाम जारी हुआ। कल्ला का इस सरकार में शिक्षामंत्री रहते हुए यह पहला अवसर था, जब बोर्ड का परीक्षा परिणाम जारी हुए हैं। ऐसे में भी उनके बगैर परिणाम जारी होना दिनभर बोर्ड एवं राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना रहा। जबकि इनसे पूर्व शिक्षामंत्री रहे गोविन्द सिंह डोटासरा एवं भाजपा राज में शिक्षामंत्री वासुदेव देवनानी परिणाम जारी करते रहे। यह भी संयोग ही रहा कि बोर्ड के इतिहास में पहली बार फुल टाइम प्रशासक के रूप में नियुक्त आईएएस अधिकारी ने परिणाम जारी किया। इससे पूर्व भी प्रशासक रहे, लेकिन उनके पास बोर्ड प्रशासक का स्वतंत्र जिम्मा नहीं रहा।  </p>
<p><strong>विज्ञान में 9 और वाणिज्य में 6 विषयों में मिले 100 प्रतिशत अंक</strong></p>
<p>परीक्षा परिणाम में विज्ञान संकाय में 9 एवं वाणिज्य में 6 विषयों में पूरे में से पूरे अंक अर्जित किए हैं। जबकि अन्य विषयों में भी 99 एवं 98 अंक भी लाए हैं। परीक्षार्थियों ने विज्ञान में हिन्दी और अंग्रेजी अनिवार्य के साथ ही गणित, एग्रीकल्चर केमेस्ट्री, एग्रीकल्चर बायोलॉजी, फिजिक्स, केमेस्ट्री, बायोलॉजी, एग्रीकल्चर में सौ में से सौ अंक प्राप्त किए। आईटी एण्ड आईटीईएस में 99 एवं आॅटोमोबाइल, रिटेल एवं इलेक्ट्रिकल एण्ड इलेक्ट्रोन में 98 अंक भी प्राप्त किए। इसी तरह वाणिज्य वर्ग में भी हिन्दी अनिवार्य के साथ कम्प्यूटर साइंस, इकॉनोमिक्स, गणित, अकाउण्टेंसी, बिजनस स्टेडीज में पूरे में से पूरे अंक एवं अंग्रेजी अनिवार्य, इन्फो.प्रेक्टिस में 99 अंक मिले हैं। </p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Thu, 02 Jun 2022 13:00:27 +0530</pubDate>
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